स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह रामकथा में हुये शामिल

भोपाल स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि भारतीय संस्कृति एक सूत्र में इस वजह से बंधी है क्योंकि भगवान राम प्रत्येक भारतीय के मन में बसे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की सुबह भगवान राम से शुरू होती है और रात्रि विश्राम से पहले भगवान राम पर ही समाप्त होती है। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह  भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित मानस भवन में तुलसी जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। राम कथा 13 अगस्त से 17 अगस्त तक प्रतिदिन शाम 6.30 बजे से पूज्य दीदी मंदाकिनी रामकिंकर जी के श्रीमुख से होगी। कार्यक्रम के बाद पूज्य दीदी ने रामकथा की। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि भोपाल का तुलसी मानस भवन अध्यात्म और सनातन का स्थाई पता है। भोपाल के नागरिक इसे चिरस्थायी बनाने के लिये पूरे श्रद्धाभाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को भगवान राम की महिमा और रामचरित मानस से अवगत कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम से हमारे बड़े से बड़े कार्य अच्छी तरह संपन्न हो जाते हैं। कार्यक्रम में स्कॉलर होम स्कूल की छात्रा वृंदा जेठा ने राम नाम की महिमा पर विचार व्यक्त किये। छात्र वृंदा ने कहा कि भगवान राम का चरित्र प्रत्येक भारतीय की ताकत है। मर्यादा पुरूषोत्तम राम एक पुत्र, एक भाई एवं अन्य रूपों में अपनी मर्यादा का परिचय देते हैं। वह प्रत्येक भारतीय के लिये अनुकरणीय है। बगैर राम नाम के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। तुलसी मानस संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंडित रामकिंकर उपाध्याय जी का यह जन्म शताब्दी वर्ष है। पूज्य दीदी मंदाकिनी रामकिकंर जी की श्रीराम कथा का यह रजत जयंती वर्ष है। तुलसी जयंती समारोह में 8 अगस्त को स्कूल के छात्रों की तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता, 11 अगस्त को महाविद्यालयीन छात्रों की प्रतियोगिता, 12 अगस्त को पुरस्कार वितरण एवं संस्मरण सुनाये गये। कार्यक्रम का संचालन कमलेश जेमिनी ने किया। कार्यक्रम में सचिव कैलाश जोशी, देवेन्द्र कुमार रावत, प्रभुदयाल मिश्र, विजय अग्रवाल एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित थे।   recent visitors 71

नेशनल मिनिरल ट्रस्ट की मीटिंग में निर्णय, छत्तीसगढ़ के कटघोरा में खुलेगी देश की पहली लीथियम खदान

– मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रतिनिधि के तौर पर बैठक में उपस्थित रहे श्री श्याम बिहारी जायसवाल – लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 से 2 हजार पीपीएम लीथियम कंटेन्ट की उपलब्धता रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की 6वीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग में शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में खनिजों का दोहन और उनके उपयोग के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण पर चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा क्षेत्र की भी चर्चा हुई। जिओलाजिकल सर्वे आफ इंडिया में कटघोरा के लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में लीथियम के बड़ा भंडार होने की पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रतिनिधि के रूप में बैठक में उपस्थित रहने वाले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा है कि कटघोरा में शीघ्र ही शुरू होने वाली लीथियम की खदान देश की पहली लीथियम खदान होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लीथियम एक अहम धातु है जिससे राज्य और देश विकास की नई दिशा की तरफ अग्रसर होंगे। उन्होंने कहा कि लीथियम खदान के शुरु हो जाने से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा और विकसित भारत, 2047 के योगदान में छत्तीसगढ़ के लीथियम भंडार का बड़ा योगदान होगा। गौरतलब है कि भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ सहित बिहार, गुजरात, झारखण्ड, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में स्थित 20 क्रिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन हेतु एमएसटीसी पोर्टल में एनआईटी जारी किया गया है। इन 20 ब्लॉक्स में से छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा क्षेत्र में लिथियम एंड आरईई ब्लॉक भी शामिल है। लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में जीएसआई द्वारा प्रारंभिक सर्वे में लगभग 10 पीपीएम से 2 हजार  पीपीएम लिथियम कन्टेन्ट पाया गया है। ब्लॉक में रेयर अर्थ एलिमेंट की भी उपस्थिति पाई गई है। क्रिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की आवश्यकता रिन्यूवेबल एनर्जी, रक्षा, कृषि, फार्मास्युटिकल, उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रानिक्स, दूरसंचार, परिवहन आदि में होती है। इस खनिज के मामलों में वर्तमान में देश आयात पर निर्भर है। recent visitors 76

एमपी के गुना और अशोक में पीपीपी मोड पर खुलेंगे मेडिकल कॉलेज, 75 प्रतिशत बेड पर होगा फ्री में इलाज, जानें ये क्या है

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार गुना और अशोक नगर जिलों में भी सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) से मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए इसी माह निजी भागीदार से प्रस्ताव मंगाए जाएंगे। पिछले माह कटनी, धार, मुरैना, खरगोन, पन्ना, सीधी, बालाघाट, टीकमगढ़, भिंड और बैतूल में पीपीपी से कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए थे, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। इसमें कॉलेज का संचालन करने वाले निजी भागीदार को जिला अस्पताल दिया जाएगा। वह अस्पताल का उन्नयन कर बिस्तरों की संख्या बढ़ाएगा। अपनी आय बढ़ाने के लिए 25 प्रतिशत बिस्तर प्राइवेट रख सकेगा। कॉलेज का निर्माण, संचालन और अस्पताल का संचालन वही करेगा। पहले नहीं आया था कोई निवेशक इसी वर्ष कैबिनेट में जिला अस्पतालों को निजी भागीदार को सौंपकर मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ था। सरकार ने अभी उन जिलों में पीपीपी से कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है जहां निजी या सरकारी कॉलेज नहीं हैं। सबसे पहले तीन जिलों में कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे गए पर कोई निवेशक नहीं आया था। जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे इसके बाद इन तीन को मिलाकर 10 जिलों में कॉलेज खोलने के लिए प्रस्ताव जुलाई में मांगे गए थे। अब गुना और अशोक नगर में भी कॉलेज खोलने का प्रस्ताव मंगाने के लिए जल्द ही निविदा जारी की जाएगी। इन जिलों के समीप के जिलों में अभी विदिशा, शिवपुरी, सागर और भोपाल में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। बता दें कि प्रदेश के अब 17 शासकीय मेडिकल कॉलेज हो गए हैं, जिनमें एमबीबीएस की 2425 सीटें हैं। इसी प्रकार निजी कॉलेज 13 हैं, जिनमें एमबीबीएस की 2450 सीटें हैँ। मध्य प्रदेश के 10 जिलों में पीपीपी मोड पर खुलेंगे मेडिकल कॉलेज मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश के कई जिलों को बड़ी सौगात देने वाली है। इसके अंतर्गत चुने गए 10 जिलों में जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं थे, वहां मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल का उपयोग करेगी। पीपीपी मॉडल द्वारा इन मेडिकल कॉलेजों को खोले जाने से लाखों लोगों को फायदा होगा। यह मॉडल एमपी में चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं को ग्रामीण लोगों के लिए आसान बनाएगी। यह उन तक पहुंच के साथ साथ व्यवस्थाओं को बढ़ाने और प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में एक जरूरी कदम होगा। मोहन यादव सरकार के द्वारा मध्य प्रदेश के इन 10 जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। इन जिलों में कटनी, सीधी, खरगोन, पन्ना से लेकर बैतूल, टीकमगढ़, बालाघाट, धार, भिंड और मुरैना के नाम शामिल हैं। इससे इन जिलों में रहने वाले लाखों लोगों को चिकित्सा जैसी मुलभुत सुविधा अच्छे स्तर पर मिल पाएगी। वहीं इनके खुलने से वहां रोजगार का सृजन भी होगा। पीपीपी मॉडल में सरकार किसी परियोजना या सेवा में निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है। इन मेडिकल कॉलेजों की विशेषताएं जिला अस्पताल सरकारी होगा, जबकि अन्य सुविधाएं पीपीपी मॉडल पर संचालित होंगी। इसके साथ ही इन मेडिकल कॉलेजों में 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। इसके अलावा इन अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों को निशुल्क में इलाज मिलेगा। इन मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 75 प्रतिशत बेड गरीबों के लिए आरक्षित होंगे जहां उनका फ्री में इलाज किया जाएगा। इसके अलावा बाकी के 25 फीसदी का उपयोग पीपीपी मॉडल से जुड़ी प्राईवेट एजेंसी उपयोग किया जाएगा। इन मेडिकल कॉलेजों की फीस मध्य प्रदेश फीस विनियामक कमेटी द्वारा निर्धारित की जाएगी। क्या बोले जानकार इसे लेकर नाम न बताने की शर्त पर एक जानकार का कहना है कि मोहन सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी। जिससे प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी पाएंगी। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में निवेश के नए आयामों को बढ़ावा मिलेगा। इसमें कुछ चुनौतियां भी होगी जिसके लिए यह सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा कि गरीब मरीजों को निजी एजेंसियों द्वारा भेदभाव का सामना न करना पड़े। recent visitors 140

बीजेपी का अगला अध्यक्ष एक महिला हो सकती है, पहले कभी भी भाजपा की कमान किसी महिला के हाथ में नहीं रही

 नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। वहीं, अब तक नए अध्यक्ष के नाम पर मुहर नहीं लग सकी है। खबरें हैं कि इसे लेकर हाल ही में भाजपा की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। अटकलें हैं कि पार्टी की कमान OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग या किसी महिला नेता के हाथों में भी जा सकती है। फिलहाल इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।  सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के घर पर लंबी बैठक चली। कहा जा रहा है कि 5 घंटे लंबी मीटिंग के दौरान नए अध्यक्ष या कार्यकारी अध्यक्ष को लेकर मंथन किया गया। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, महासचिव बीएल संतोष, संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और संयुक्त सह सरकार्यवाह अरुण कुमार शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि अगले पार्टी अध्यक्ष पद के लिए संघ की तरफ से सहमति मिलना जरूरी है। अब जब पार्टी में पहले अहम पदों पर रह चुके दिग्गजों को केंद्र सरकार में शामिल किया जा चुका है, तो भाजपा और संघ के पदाधिकारी जमीनी राजनीति के बैकग्राउंड वाले नेता की तलाश कर रहे हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अटकलें हैं कि अगला अध्यक्ष महिला या ओबीसी भी हो सकता है। इससे पहले कभी भी भाजपा की कमान किसी महिला के हाथ में नहीं रही। क्या देवेंद्र फडणवीस बनेंगे अध्यक्ष भाजपा के अगले अध्यक्ष की दौड़ में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, फडणवीस या भाजपा की तरफ से इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनके नाम को लेकर अटकलें और तेज हो गईं थीं। recent visitors 109

पाक थिंक टैंक ने कहा भारत की आक्रामकता बढ़ेगी, गौरी, शाहीन हवा में हो जाएंगी राख

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के थिंकटैंक इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज में भारत की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं को लेकर चिंता जताई है। इसमें कहा गया है कि ये क्षेत्रीय स्थिरता और पाकिस्तान की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण खतरा पैदा करती हैं। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर भारत की ओर से एस-400 की तैनाती चिंता की बात है। इसमें कहा गया है कि एस-400 पाकिस्तान के 600 किमी अंदर तक की वस्तुओं को पता लगाने की क्षमता रखता है। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ओर से लंबी दूरी वाले उन्नत रडार का डेवलपमेंट स्थिति को पाकिस्तान के लिए और भी गंभीर बना रहा है। यह पाकिस्तान की गौरी और शाहीन मिसाइलों का पता लगा सकते हैं। रिपोर्ट में एस-400 को लेकर चिंता जताते हुए कहा गया, 'हाल ही में, भारतीय वायु सेना ने रूसी एस-400 सतह से हवा में मार करने वाली रक्षा प्रणाली का परीक्षण करने के लिए एक सैन्य अभ्यास किया, जिसमें दुश्मन के 80 फीसदी लड़ाकू विमानों को मार गिराया गया और बाकी को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया गया।' पाकिस्तान के लिए क्या है टेंशन की बात रिपोर्ट में कहा गया कि रूस का एस-400 एक उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) है। साथ ही चिंता जताई गई कि भारत इसी तरह का स्वदेशी मिसाइल डिफेंस सिस्टम बना रहा है। रिपोर्ट में हालांकि इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी मिसाइल रक्षा प्रणाली अचूक नहीं है, लेकिन ऐसी प्रणाली का होना सुरक्षा की भावना पैदा करता है, जिससे भारत अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। इससे परमाणु संघर्ष का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी गई है। पाकिस्तान क्या करे? रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि भारत हमला करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों का भी निर्माण कर रहा है, जो पारंपरिक और परमाणु दोनों हथियारों को ले जाने में सक्षम होंगी। इससे भारत की सटीक हमला करने की क्षमताओं में वृद्धि होगी और पाकिस्तान को अपनी सुरक्षा करना मुश्किल हो जाएगा। भारत की बढ़ती ताकत से मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान को अपनी टेक्नोलॉजी में विविधता लाने, मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने के लिए उन्नत तकनीक विकसित करने की बात कही गई है। recent visitors 131

भगवान श्रीकृष्ण का 5251वां जन्मदिन इस वर्ष दो अलग अलग तिथियों में मनाया जाएगा

मथुरा  कान्हा की नगरी मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण का 5251वां जन्मदिन इस बार दो अलग अलग तिथियों में मनाया जाएगा हालांकि पूरे देश में इस साल जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनायी जायेगी। दो दिन जन्माष्टमी मनाने के कारण मथुरा आनेवाले उन तीर्थयात्रियों को इस बार कुछ मन्दिरों का दधिकाना यानी नन्दोत्सव देखने को नही मिलेगा जहां जन्माष्टमी 27 अगस्त को मनाई जाएगी तथा जो जन्माष्टमी के लिए केवल दो दिन की तीर्थयात्रा पर आएंगे। हालांकि तीन दिन की यात्रा पर आने वाले कृष्ण भक्तों कोजन्माष्टमी पर विभिन्न मंदिरों में होने वाले कार्यक्रमों का पूरा आनन्द मिलेगा। भारत में अलग अलग तिथियों में जन्माष्टमी मनाने का कारण बताते हुए मशहूर ज्योतिषाचार्य अजय तैलंग ने बताया कि जिन मंदिरों में उदयात तिथि से गणना की जाती है उनमें जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी लेकिन जिनमें रोहिणी नक्षत्र से गणना की जाती है उनमें 27 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। गोकुल में जन्माष्टमी दधिकाना के रूप में मनाई जाती है जिसमें एक प्रकार से हल्दी मिश्रित दही से होली की तरह मस्ती में इस त्योहारो मनाया जाता है। राजा ठाकुर मन्दिर के प्रबंधक भीखू जी महराज के अनुसार इस बार यह पर्व 27 अगस्त को पूर्वान्ह 9 बजे से 12 बजे तक गोकुल की चैक पर मनाया जाएगा। गोवर्धन के प्रमुख दानघाटी मन्दिर के सेवायत आचार्य मथुरा प्रसाद कौशिक ने बताया कि मन्दिर में जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन तीर्थयात्री दानघाटी मन्दिर में गिर्राज जी महराज का अभिषेक कर गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं। नन्दबाबा मन्दिर के सेवायत सुशील गोस्वामी ने बताया कि नन्दबाबा मन्दिर में जन्माष्टमी रक्षाबंधन के बाद आठवें दिन मनाई जाती है। ऐसा इसलिये किया जाता है कि रक्षाबंधन के बाद ठाकुर की बधाई गायन का एक क्रम निर्धारित है ।तिथि के घटने बढ़ने से बधाई गायन में अन्तर आ जाएगा इसलिए ही नन्दबाबा मन्दिर में रक्षाबंधन के बाद आठवें दिन जन्माष्टमी मनाई जाती है। बांकेबिहारी मन्दिर के सेवायत आचार्य ज्ञानेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में जन्माष्टमी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। रात लगभग 12 बजे ठाकुर का महाअभिषेक होगा मगर इसके दर्शन भक्तों को नही होंगे। लगभग दो बजे मंगला आरती होगी तथा 5 बजे मन्दिर के पट बन्द हो जाएंगे।इस मन्दिर में मंगला आरती वर्ष में केवल एक ही बार होती है इसलिए हर तीर्थयात्री मंगला आरती के दर्शन करने को लालायित रहता है। ब्रज में कहावत है कि ’’जो करे मंगला कभी न रहे कंगला’’ अर्थात जो मंगला के दर्शन करता है उसे कभी धन की कमी नही होती तथा वह निरोगी भी रहता है। वृन्दावन के सप्त देवालयों में राधारमण मन्दिर एवं राधा दामोदर मन्दिर में जन्माष्टमी दिन में मनाई जाएगी। इस बार इन दोनो मन्दिरों में यह पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा । राधारमण मन्दिर के सेवायत आचार्य दिनेश चन्द्र गोस्वामी ने बताया कि गोपाल भट्ट गोस्वामी ने दिन में जन्माष्टमी मनाने की परंपरा डाली थी। राधा दामोदर मन्दिर के सेवायत आचार्य कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया कि शाह जी मन्दिर में यद्यपि सप्त देवालयों की श्रेणी में नही आता किंतु इस मन्दिर में भी जन्माष्टमी दिन में ही मनाई जाती है। उन्होंने बताया कि गोकुलानन्द मन्दिर, एवं मदनमोहन मन्दिर में 27 अगस्त को तथा गोपीनाथ मन्दिर , रंग जी मन्दिर एवं राधाश्यामसुन्दर मन्दिर, में जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी। इसी श्रंखला में रंगजी मन्दिर में 27 अगस्त को लटठे के मेले का आयोजन होगा।महाबन के नन्दभवन चैरासी खंभा मन्दिर के कन्हैयालाल के अनुसार इस मन्दिर में जन्माष्टमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मन्दिरों,मे तथा प्राचीन केशवदेव मन्दिर एवं इस्कान मन्दिर में जन्माटमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी।श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस बार की जन्माष्टमी विशेष प्रकार से मनाई जाएगी जब कि भारत विख्यात द्वारकाधीश मन्दिर के जनसंपर्क एवं विधि विशेषज्ञ राकेश तिवारी ने बताया कि मन्दिर इस बार की जन्माष्टमी में आध्यात्मिकता का माॅडल होगा। विदेशों में भी जन्माष्टमी वहां बसे भारतीय मूल के लोग तथा इस्काॅन के अनुयायी धूमधाम से मनाते हैं। लंदन स्कूल आफ एकनामिक्स में अध्ययन कर रही भारतीय मूल की खुशी ने बताया लंदन के इस्कान में भीं भी इस वर्ष 26 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी जबकि कनाडा में कार्य कर रहे भारतीय मूल के अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि कनाडा में यह त्योहार 25 अगस्त को मनाया जाएगा। नन्दबाबा मन्दिर के सेवायत सुशील गोस्वामी ने बताया कि नन्दबाबा मन्दिर में जन्माष्टमी रक्षाबंधन के बाद आठवें दिन मनाई जाती है। बांकेबिहारी मन्दिर के सेवायत आचार्य ज्ञानेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में जन्माष्टमी 27 अगस्त को मनाई जाएगी। रात लगभग 12 बजे ठाकुर का महाअभिषेक होगा मगर इसके दर्शन भक्तों को नही होंगे। लगभग दो बजे मंगला आरती होगी और 5 बजे मन्दिर के पट बन्द हो जाएंगे।इस मन्दिर में मंगला आरती वर्ष में केवल एक ही बार होती है। वृन्दावन के सप्त देवालयों में राधारमण मन्दिर एवं राधा दामोदर मन्दिर में जन्माष्टमी दिन में मनाई जाएगी। इस बार इन दोनों मन्दिरों में यह पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा । श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मन्दिरों में और प्राचीन केशवदेव मन्दिर एवं इस्कान मन्दिर में जन्माटमी 26 अगस्त को मनाई जाएगी।श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस बार की जन्माष्टमी विशेष प्रकार से मनाई जाएगी जब कि भारत विख्यात द्वारकाधीश मन्दिर के जनसंपर्क एवं विधि विशेषज्ञ राकेश तिवारी ने बताया कि मन्दिर इस बार की जन्माष्टमी में आध्यात्मिकता का माॅडल होगा। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि 26 और 27 अगस्त को जन्माष्टमी का उत्सव होने से भीड़ दो दिन में बंट जाएगी। इसके अलावा पूर्व के वर्षों में एक ही दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भीड़ को नियंत्रित करना और उसी दिन वृंदावन में बांकेबिहारी मंदिर पर मंगला आरती के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण होता था। अधिकारी एक से दूसरे स्थान पर भागते रहते थे। इसके अलावा फोर्स भी दो भागों में बांटनी होती थी। इस बार यह राहत है। 26 को श्रीकृष्ण जन्मभूमि में सकुशल कार्यक्रम संपन्न कराने के बाद अगले दिन बांकेबिहारी मंदिर में पर्याप्त मात्रा में फोर्स के साथ कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराया जा सकता है। हालांकि चुनौती इस बात की होगी कि दो दिन तक कम भीड़ मथुरा-वृंदावन में रहेगी। … Read more

इसरो के एसएसएलवी-डी3 की श्रीहरिकोटा से लॉन्चिंग के लिए उल्टी गिनती आज से शुरू

श्रीहरिकोटा आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित होने वाले एसएसएलवी-डी3 के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती आज बुधवार को शुरू होगी।इसरो के सूत्रों ने बताया कि प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती कल यानी बुधवार को से शुरू होगी। कुल 175.5 किलोग्राम वजनी इस पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (ईओएस-08) का प्रक्षेपण लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) का उपयोग करके किया जाएगा। यह एसएसएलवी-डी3 तीसर और अंतिम विकासात्मक प्रक्षेपण है और इस चरण में यह माइक्रोसैटेलाइट को लेकर स्वतंत्रता दिवस पर सुबह 09.17 बजे शार रेंज से उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा, "इस मिशन ने एसएसएलवी विकास परियोजना को पूरा किया है और भारतीय उद्योग तथा एनएसआईएल द्वारा परिचालन मिशनों को सक्षम बनाया है।" उन्होंने कहा कि ईओएस-08 इसरो का नवीनतम पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। ईओएस-08 मिशन के प्राथमिक उद्देश्यों में माइक्रोसैटेलाइट को डिजाइन और विकसित करना, माइक्रोसैटेलाइट बस के साथ संगत पेलोड उपकरण बनाना और भविष्य के परिचालन उपग्रहों के लिए आवश्यक नई तकनीकों को शामिल करना आदि हैं। प्रक्षेपण के तुरंत बाद अंतरिक्ष यान मिशन विन्यास 37.4 डिग्री के झुकाव के साथ 475 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निम्न कक्षा (एलईओ) में संचालित होगा। एसएसएलवी तीन चरणों वाला प्रक्षेपण यान है, जिसे तीन ठोस प्रणोदन चरणों और एक टर्मिनल चरण के रूप में तरल प्रणोदन आधारित वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल (वीटीएम) के साथ निर्मित किया गया है। एसएसएलवी का व्यास दो मीटर और लंबाई 34 मीटर है और यह 120 टन वजन उठा सकता है। एसएसएलवी एसडीएससी/एसएचएआर से 500 किमी की प्लेनर कक्षा में 500 किलोग्राम के उपग्रह को ले जाने में सक्षम है। एसएसएलवी की प्रमुख विशेषताएं कम लागत, कम टर्न-अराउंड समय, कई उपग्रहों को समायोजित करने में लचीलापन, मांग पर प्रक्षेपण व्यवहार्यता तथा न्यूनतम प्रक्षेपण बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं को पूरा करना है। recent visitors 90