सेंट मार्टिन की भौगोलिक स्थिति ऐसी है, जहां दुनिया में कहीं से भी समुद्र मार्ग के द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है

ढाका बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी सरकार के पतन के पीछे अमेरिका का हाथ बताया है. हसीना ने आरोप लगाया है कि अमेरिका को सेंट मार्टिन द्वीप नहीं सौंपने के कारण उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा, जो उसे बंगाल की खाड़ी में अपना प्रभुत्व स्थापित करने में सक्षम बनाता. उन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों से कट्टरपंथियों के बहकावे में नहीं आने की अपील की है. बता दें कि शेख हसीना वर्तमान में भारत में हैं. हसीना ने कहा, 'मैंने इस्तीफा दे दिया, ताकि मुझे लाशों का ढेर नहीं देखना पड़े. वे छात्रों की लाशों पर सत्ता में आना चाहते थे, लेकिन मैंने इसकी अनुमति नहीं दी, मैंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. मैं सत्ता में बनी रह सकती थी यदि मैंने सेंट मार्टिन द्वीप की संप्रभुता अमेरिका के सामने समर्पित कर दी होती और उसे बंगाल की खाड़ी में अपना प्रभुत्व स्थापित करने की अनुमति दे दी होती. मैं अपने देश के लोगों से विनती करता हूं, कृपया कट्टरपंथियों के बहकावे में न आएं.' मैं जल्द ही वतन वापस लौटूंगी: शेख हसीना ईटी ने अपनी रिपोर्ट में शेख हसीना के हवाले से कहा, 'अगर मैं देश में रहती तो और अधिक जानें जातीं, और अधिक संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जाता. मैंने देश छोड़ने का अत्यंत कठिन निर्णय लिया. मैं आपकी नेता बनी क्योंकि आपने मुझे चुना, आप मेरी ताकत थे. यह समाचार पाकर मेरा दिल रो रहा है कि मेरी पार्टी आवामी लीग के कई नेता मारे गए, कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है और उनके घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की जा रही है. अल्लाह की रहमत से मैं जल्द ही वापस लौटूंगी. अवामी लीग चुनौतियों से लड़कर बार-बार खड़ी हुई है. मैं हमेशा बांग्लादेश के भविष्य के लिए प्रार्थना करूंगी, जिस राष्ट्र का सपना मेरे महान पिता ने देखा था और उसके लिए प्रयास किया. वह देश जिसके लिए मेरे पिता और परिवार ने अपनी जान दे दी.'  पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी सरकार के पतन के बाद पहली बार प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने देश में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा करने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है. अपने करीबी सहयोगियों के माध्यम से मीडिया को भिजवाए एक संदेश में हसीना ने आरोप लगाया है कि अमेरिका को सेंट मार्टिन द्वीप नहीं सौंपने के कारण उन्हें सत्ता से बेदखल होना पड़ा. उन्होंने कहा है, 'मैंने इस्तीफा दे दिया, ताकि मुझे लाशों का ढेर नहीं देखना पड़े. मैं सत्ता में बनी रह सकती थी यदि मैंने सेंट मार्टिन द्वीप की संप्रभुता अमेरिका के सामने समर्पित कर दी होती.' अब सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका सुदूर बंगाल की खाड़ी में स्थित एक छोटे से  द्वीप के पीछे क्यों पड़ा है और इसे हासिल करने से उसे क्या फायदा होने वाला है? दरअसल, सेंट मार्टिन द्वीप बंगाल की खाड़ी के उत्तरपूर्वी भाग में एक छोटा (केवल 3 वर्ग किमी क्षेत्रफल) आइलैंड है, जो कॉक्स बाजार-टेकनाफ प्रायद्वीप (Teknaf Peninsula) के सिरे से लगभग 9 किमी दक्षिण में है, और बांग्लादेश के सबसे दक्षिणी छोर का निर्माण करता है. हजारों साल पहले, यह द्वीप टेकनाफ प्रायद्वीप का ही विस्तारित हिस्सा हुआ करता था. टेकनाफ प्रायद्वीप का कुछ हिस्सा बाद में जलमग्न हो गया और इस प्रकार उसका सबसे दक्षिणी हिस्सा बांग्लादेश की मुख्य भूमि से अलग हो गया और एक द्वीप बन गया. इस द्वीप को सबसे पहले 18वीं शताब्दी में अरब के व्यापारियों ने बसाया था. उन्होंने इसका नाम 'जजीरा' रखा था.   ब्रिटिश शासन के दौरान इस द्वीप का नाम चटगांव के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर के नाम पर सेंट मार्टिन द्वीप रखा गया. स्थानीय लोग इस द्वीप को बंगाली भाषा में 'नारिकेल जिंजिरा' कहते हैं, जिसका अंग्रेजी में मतलब है 'कोकोनट आइलैंड'. यह बांग्लादेश का एकमात्र कोरल आइलैंड (मूंगा द्वीप) है. अमेरिका 9 किलोमीटर लंबे और 1.2​ किलोमीटर चौड़े द्वीप पर इसलिए कब्जा चाहता है, ताकि वह यहां एयर बेस बना सके, जो उसे बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में अपना प्रभुत्व स्थापित करने में सक्षम बनाएगा. सेंट मार्टिन द्वीप जैव विविधता, पर्यावरण, मत्स्य पालन, पर्यटन सहित कई कारणों से महत्वपूर्ण है. जियो-पॉलिटिक्स में भी इस क्षेत्र का बहुत अधिक महत्व है. सेंट मार्टिन द्वीप का है रणनीतिक महत्व सेंट मार्टिन की भौगोलिक स्थिति ऐसी है, जहां दुनिया में कहीं से भी समुद्र मार्ग के द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है. अतः यह एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है. रणनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो सेंट मार्टिन द्वीप से बंगाल की खाड़ी और आसपास के पूरे समुद्री इलाके पर नजर रखी जा सकती है. इस दृष्टि से सेंट मार्टिन बांग्लादेश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. वहीं, दक्षिण एशिया यह सुनिश्चित करता है कि जियो-पॉलिटिक्स में शक्ति का संतुलन बना रहे. बंगाल की खाड़ी दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच एक पुल का काम कर रही है. परिणामस्वरूप, यह क्षेत्र व्यापार मार्गों के जरिए जियो-पॉलिटिक्स में देशों के साथ संबंध स्थापित करने के लिए बहुत सुविधाजनक है. अचानक युद्ध की स्थिति में इस क्षेत्र से संपर्क स्थापित करना आसान होगा. इसलिए शक्तिशाली देश सेंट मार्टिन द्वीप की ओर देख रहे हैं. इन्हीं व्यापारिक और रणनीतिक कारणों से चीन और अमेरिका यहां अपना दबदबा बनाना चाहते हैं. और चूंकि भारत खुद बंगाल की खाड़ी के पास स्थित देश है, इसलिए अपना हित सुरक्षित रखने में सेंट मार्टिन द्वीप का उसके लिए भी काफी रणनीतिक महत्व है. अमेरिका की दिलचस्पी का कारण यही है कि अगर वह इस द्वीप पर कब्जा कर लेता है, तो यहां से पूरे क्षेत्र को नियंत्रित कर सकता है, जिसमें चीन और भारत भी शामिल हैं. आसान भाषा में समझें तो चीन और भारत एशिया महाद्वीप के दो सबसे शक्तिशाली देश हैं. दोनों आर्थिक और व्यापारिक रूप से दुनिया में काफी महत्व रखते हैं, और आने वाले समय में इन देशों का प्रभाव और बढ़ने वाला है. अमेरिका खुद को दुनिया का पावर सेंटर बनाए रखने के लिए चीन और भारत दोनों को नियंत्रित करना चाहेगा. इस काम के लिए उसे इस रीजन में एक जगह चाहिए, जहां वह अपना सेटअप लगा सके. इसीलिए उसकी नजर बांग्लादेश के सेंट मार्टिन द्वीप पर है. जियो-पॉलिटिक्स के विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई पश्चिमी देश … Read more

पत्नी, सास और भाई ने गला घोटकर की थी हत्या, राजस्थान-अजमेर के कैलाश बावरिया हत्याकांड का खुलासा

अजमेर. अजमेर जिले की पुलिस थाना पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई के निर्देश पर डाबला मोतीसर के कैलाश बावरिया हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि कैलाश बावरिया की हत्या उसकी पत्नी नाथी देवी, सास मीरा और भाई ने मिलकर की थी। मृतक कैलाश की पत्नी के और उसके भाई के नाजायज संबंध थे। इसको लेकर अक्सर इनके बीच झगड़ा होता था। मृतक की पत्नी, सास और कैलाश ने शराब का सेवन किया इसी दौरान मृतक की पत्नी और सास ने कैलाश का गला घोटकर हत्या कर दी। शव को नागोर जिले में दफना दिया। मृतक की पत्नी ने 26 जुलाई को थाने में सुल्तान ओम रावत और उसके बहनोई के खिलाफ कैलाश की हत्या करने और उसको धमकाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जांच अधिकारी सीओ ग्रामीण रामचंद्र चौधरी और सीआई राकेश यादव ने मामले की बारीकी से जांच की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच की, जिसके बाद सामने आया कि मृतक कैलाश की पत्नी और उसके भाई के बीच नाजायज संबंध होने के कारण अक्सर इनके बीच झगड़ा था इसी के चलते मृतक की पत्नी, सास और भाई ने मिलकर कैलाश की हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम अनुसंधान में जुटी है। recent visitors 147

सकारात्मक कार्य के द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने पर हुआ मंथन

भोपाल. अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 12 अगस्त के परिप्रेक्ष्य में सकारात्मक कार्य के द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने हेतु ‘इम्पैक्ट’ कार्यक्रम का आज ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस, भोपाल में आयोजन किया गया | कार्यक्रम मे सकारात्मक कार्य के द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने पर उपस्थित विद्वानों द्वारा मंथन किया गया | कार्यक्रम मे शुभ प्रेरणाएं देते हुए ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस सेवाकेन्द्र की प्रभारी एवं क्षेत्रीय संयोजिका प्रशासक एवं मीडिया प्रभाग बी.के. डॉ. रीना दीदी ने कहा कि युवा के अंदर वो शक्ति है जो वो असंभव को भी संभव कर सकते है | उन्होंने सभी उपस्थित युवाओं को राजयोग की अनुभूति कराकर परमात्मा से संबंध जोड़ने की विधि से परिचित कराया साथ साथ दीदी ने उपस्थित सैकड़ो की संख्या में युवाओं को विशेष टिप्स दिए : जीवन में रिलैक्स रहें स्वयं को रिचार्ज करें रियल बनकर रहें स्वयं रिजूवनेट करते रहें। ब्रह्माकुमारीज के वरिष्ठ राजयोगी बी के डॉ. रावेन्द्र भाई ने ब्रह्माकुमारीज युवा प्रभाग के प्रोजेक्ट  ‘इम्पैक्ट’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी | उन्होंने ‘इम्पैक्ट’ कार्यक्रम के बारे में निम्न जानकारियाँ दीं | कार्यक्रम का लक्ष्य /उद्देश्य : •    अच्छे विचारों को कर्म में लाना •    इरादों को कार्यान्वित करना •    सकारात्मक कार्यों के लिए अच्छा विकल्प चुनना •    युवा अपने जीवन को बदलने के लिए भीतर की शक्ति का उपयोग करें •    सकारात्मक कार्यों के अभ्यास से आत्मविश्वास में सुधार   विचारों को अमल में लाने के तरीके : •    एक नेक या पाजिटिव लक्ष्य या उद्देश्य •    सही इरादे, सही परिस्थितियाँ, आत्म नियंत्रण (भटकाव से बचने के लिए ) •    लक्ष्य की ओर पहला प्रयास करने की बहादुरी और साहस •    विफलता, जोखिम या बाधाओं के व्यक्तिगत डर पर काबू पाना   •    ईमानदारी के साथ अपने अंदर की आवाज को सुनना •    निरंतर आगे बढ़ते रहने का अपने आपसे दृढ़ निश्चय    इम्पैक्ट कार्यक्रम के फोकस क्षेत्र  : •    स्वयं •    समाज •    पर्यावरण •    स्वास्थ्य •    जीवन मूल्य              उद्योगपति, लाइफ कोच, मोटीवेशनल स्पीकर डॉ. राजीव अग्रवाल ने युवाओं के लिए अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि समस्याओं से घबराना नहीं है समस्याओं से सीख कर आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा की युवा अपनी शक्ति को पहचाने | वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार शरबानी बनर्जी जी ने कहा कि निर्णय लेने मे युवाओं को बहुत सावधानी बरतनी चाहिए | अभेद्य नामक संस्था के संस्थापक अमिताभ सोनी जी ने कहा कि युवाओ को अपने जीवन में सही मार्गदर्शन को अपनाने की जरूरत है। प्रदेश मीडिया सह प्रभारी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा, मध्यप्रदेश सुनील साहू जी, ने कहा कि यदि युवा अपने जीवन में आध्यात्मिक विचारों को लेकर चलता है तो जीवन में निश्चित है कि वह सफलता प्राप्त करेगा। –    सोहन दीक्षित जी, जर्नलिस्ट ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवाओं को अपने जीवन में की हुई गलतियों को न दोहराने का प्रयास करना चाहिए, सकारात्मक विचारों के साथ दिन की शुरुआत करनी चाहिए। – बी के नमिता जी,आई टी प्रोफेशनल ने कहा की आज कंपटीशन के दौर में युवा बहुत कुछ अचीव करना चाहते हैं हम चाहे जिस भी फील्ड में अपना जीवन बना रहे हैं लेकिन उस एक ही फील्ड में अपने आप को पूरी तरह से झोंक देना चाहिए तो सफलता अपने आप हमारी झोली में आएगी। डॉ. श्रीनाथ अग्रवाल जी ने उपस्थित युवाओं को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। ब्रह्माकुमारीज मंडीदीप सेवाकेंद्र प्रभारी बी के मंजू दीदी ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया | कार्यक्रम का अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत उद्घाटन किया गया | कार्यक्रम मे युवाओं को प्रेरणा एवं उमंग देने वाले जागो जागो हे युवा जागो करना है कुछ तुमको तो नीद, चैन को त्यागो गीत पर नृत्य की प्रस्तुति देकर कुमारी श्री एवं कुमारी आराधना ने उपस्थित युवाओं को ऊर्जानवित  कर दिया | कार्यक्रम मे शुभ प्रेरणाएं देते हुए ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस की प्रभारी एवं क्षेत्रीय संयोजिका प्रशासक एवं मीडिया प्रभाग बी.के. डॉ. रीना दीदी ने कहा कि युवा के अंदर वो शक्ति है जो वो असंभव को भी संभव कर सकते है | उन्होंने सभी उपस्थित युवाओं को राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति कराकर परमात्मा से संबंध जोड़ने की विधि से परिचित कराया |              इस अवसर पर उपस्थित सभी युवाओं का ब्रह्माकुमारीज विद्यालय के द्वारा अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस के बी.के. सतीश भाई ने किया | कार्यक्रम के अंत में बी.के डॉ.रीना दीदी ने सभी युवाओं को नाशमुक्त रहने की प्रतिज्ञा भी कराई | कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रह्माकुमारीज ब्लेसिंग हाउस के युवा प्रभाग के सदस्य बी.के. राहुल भाई ने किया | recent visitors 64

कल राज्य स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा का खेल मैदान भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुभारंभ करेंगे

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहृवान पर ‘‘हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 12 अगस्त को राज्य स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा का सुभाष नगर खेल मैदान भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुभारंभ किया जावेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगें। इस भव्य तिरंगा यात्रा में लगभग 5000 खिलाड़ी और स्कूली बच्चों प्रतिभागिता करेंगें। तिरंगा यात्रा प्रातः 9 बजे से सुभाष चंद्र बोस मैदान से प्रारंभ होकर सुभाष नगर, अशोक विहार, परिहार चौराहा से होते हुये नेहरू चौराहा (न्यू अशोका गार्डन) पर समाप्त होगी। कार्यक्रम में पुलिस बैंड, साइकिल ग्रुप और स्केटर्स भी शामिल होंगें। ओलम्पियन श्री विवेक सागर एवं ऐश्वर्य प्रताप सिंह होंगे विशिष्ट अतिथि राज्य स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा में विशिष्ट अतिथि के रूप में ओलम्पियन श्री विवेक सागर एवं ऐश्वर्य प्रताप सिंह सहभागिता करेंगें। ओलम्पियन ऐश्वर्य और ओलम्पियन विवेक सागर प्रदेश के युवाओं के प्रेरणा स्रोत है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवार होंगे सम्मानित ‘‘हर घर तिरंगा अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भोपाल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवार जनों को तिरंगा यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व सम्मानित किया जावेगा। राष्ट्र भक्ति की भावना के साथ सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जावेगी। प्रदेश में 13 से 15 अगस्त तक होंगे ‘‘हर घर तिरंगा अभियान के कार्यक्रम – खेल मंत्री श्री सारंग ‘‘हर घर तिरंगा अभियान को प्रदेश के कोने-कोने में ले जाने के लिए खेल मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों में ‘‘हर घर तिरंगा अभियान को पहुंचाने के लिए निर्देश दिये। मंत्री श्री सारंग ने बताया भोपाल में भी खेल और युवा कल्याण विभाग, म.प्र. द्वारा 02 कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम की शुरूआत दिनांक 12 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भव्य तिरंगा यात्रा का आयेाजन सुभाष नगर खेल मैदान पर किया जावेगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2024 को बडी झील पर तिरंगा लहराकर देश प्रेम की भावना को जागृत किया जावेगा। उन्होंने युवाओं और आम जन को इस अभियान से जोड़ने का आहृवान किया है।   recent visitors 81

16 साल का इंतजार खत्म… प्रदेश को मिला नया टाइगर रिजर्व, रातापानी को 8वां वाइल्ड लाइफ सेंचुरी टाइगर बनाने की मिली मंजूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक और राष्ट्रीय उद्यान बढ़ने जा रहा है। मध्य प्रदेश के इस आठवें टाइगर रिजर्व को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। अब जल्द ही राजधानी भोपाल से सटे रातापानी और सिंघौरी अभयारण्य को मिलाकर नया टाइगर रिजर्व अस्तित्व में आएगा। केवल औपचारिकताएं शेष हैं। जल्‍द ही की जा सकती है घोषणा समझा जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही रातापानी को नया टाइगर रिजर्व बनाने की घोषणा कर सकती है। रातापानी टाइगर रिजर्व के लिए केंद्र सरकार 60 प्रतिशत बजट उपलब्ध कराएगी और 40 प्रतिशत राज्य का अंश होगा। टाइगर रिजर्व के लिए अभयारण्य की सीमा के अंदर स्थित 823.065 वर्ग किमी वन क्षेत्र को रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित किया जाएगा।     बता दें कि मध्‍य प्रदेश में आठवें टाइगर रिजर्व को बनाने का प्रस्ताव वर्ष 2008 से लंबित चल रहा है।     केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव भी रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से आग्रह कर चुके हैं।     जानकारों के अनुसार रातापानी अभयारण्य के टाइगर रिजर्व बनने से मध्‍य प्रदेश में पर्यटन बढ़ेगा।     यहां से सटे क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। भोपाल तक फ्लाइट कनेक्टिविटी होने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार संभावनाएं बढ़ेगी।     इसके नुकसान भी होंगे, जैसे कि अभयारण्य क्षेत्र में लघु वनोपज का संग्रहण नहीं किया जा सकेगा।     इस अभयारण्य में वर्ष 2022 की गणना के अनुसार कुल तीन हजार 123 वन्यप्राणी हैं। इनमें 56 बाघ, 70 तेंदुए, आठ भेडिया, 321 चिंकारा, 1433 नीलगाय, 568 सांभर और 667 चीतल हैं। रातापानी मध्य प्रदेश का 8वां वाइल्ड लाइफ सेंचुरी टाइगर रिजर्व बनेगा रातापानी टाइगर रिजर्व के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता वाली राज्य वन्य प्राणी बोर्ड से मंजूरी मिल गई है. अब ये प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को टाइगर रिजर्व बनने के बाद मध्य प्रदेश में 8 टाइगर रिजर्व हो जाएंगे. बता दें कि रातापानी को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव 16 साल लंबित था. रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से भोपाल को मिलेगी नई पहचान अधिकारियों के मुताबिक, नया टाइगर रिजर्व बनने से भोपाल को एक नई पहचान मिलेगी. भोपाल और औबेदुल्लागंज को आर्थिक रूप से फायदा होगा, क्योंकि यहां टूरिस्ट की संख्या बढ़ जाएगी. इसके अलावा रातापानी रिजर्व के लिए केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 फीसदी अलग से बजट देगी. रातापानी सेंचुरी के टाइगर रिजर्व बनने से भोपालवासियों को मिलेंगे ये फायदे 1. रातापानी सेंचुरी बनने से भोपाल की सांस्कृतिक धरोहर से दुनिया रूबरू होगा. 2. रातापानी टाइगर रिजर्व बनने से भोपाल की अंतरराष्ट्रीय नक्शे पर पहचान बनेगी. 3. भोपाल की अर्थव्यवस्था बढ़ेगी. 4. भोपाल के युवाओं और रहवासियों को रोजगार के अवसर मिलेंगे. 5. होटल, रिसोर्ट और होम स्टे से लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा. यहां जानें मध्य प्रदेश में स्थित टाइगर रिजर्व के बारे में मध्य प्रदेश में अब तक 7 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी टाइगर रिजर्व है, जो कान्हा टाइगर रिजर्व (मंडला), पेंच टाइगर रिजर्व (छिंदवाड़ा, सिवनी), पन्ना टाइगर रिजर्व (पन्ना), सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (नर्मदापुरम), संजय दुबरी टाइगर रिजर्व (सीधी), बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (उमरिया), रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (सागर, नरसिंहपुर, दमोह) है. वहीं रातापानी टाइगर रिजर्व भोपाल बनने के बाद प्रदेश में 8 टाइगर रिजर्व हो जएंगे.   recent visitors 169

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा में फर्स्टऑवर अर्थात गोल्डन ऑवर बहुत महत्वपूर्ण होता

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा में फर्स्टऑवर अर्थात गोल्डन ऑवर बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में त्वरित और सटीक मेडिकल सहायता से कई लोगों को जीवन दान मिल सकता है। इसलिए दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बेसिक लाइफ़ सपोर्ट की जागरूकता आवश्यक है। स्वास्थ्य कर्मियों को भी आपातकालीन चिकित्सा के नवीनतम प्रोटोकॉल्स से अपडेट करें। राज्यपाल पटेल इमरजेंसी मेडिसिन के 20वें राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रभावी बनाने और चिकित्सा नवाचारों के लिए एम्स और आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कॉन्फ्रेंस में विद्वानों और विशेषज्ञों के मंथन से आपातकालीन चिकित्सा की बेहतरी के लिए जो समाधान और सुझाव रूपी अमृत निकला है, उसे समाज को ज्यादा से ज्यादा बांटने का प्रयास करें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश के लिए हेल्थकेयर विशेष रूप से इमरजेंसी हेल्थकेयर एक चुनौती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इमरजेंसी हेल्थ केयर की चुनौतियों के समाधान का व्यापक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। एडवांस लाइफ़ सपोर्ट, बेसिक लाइफ़ सपोर्ट, एम्बुलेंस आदि सेवाओं को बेहतर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार भी आपातकालीन चिकित्सा सेवा के नये केंद्रों की स्थापना और अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा की दिशा में कार्य कर रही है। साइक्लोथॉन जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम राज्यपाल पटेल ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को जागरूक बनाने साइक्लोथॉन प्रभावी माध्यम है। उन्होंने एम्स भोपाल की इस पहल की सराहना की। राज्यपाल पटेल ने आशा व्यक्त की कि साइक्लोथॉन का आयोजन आपातकालीन चिकित्सा के प्रति समाज में सकारात्मकता के प्रसार में सफल होगी। साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन के क्षेत्र में एम इंडिया-2024 भी मील का पत्थर साबित होगा। सांसद भोपाल आलोक शर्मा ने बेसिक लाइफ सपोर्टपर आधारित आयोजन और जीवन रक्षा की जन-जागरूकता के प्रयासों के लिए एम्स भोपाल को बधाई दी। कार्यक्रम में राज्यपाल पटेल का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनन्दन किया गया। कार्यपालक निदेशक डॉ. अजय सिंह ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. मोहम्मद युनुस ने कॉन्फ्रेंस और साइक्लोथॉन की रूप-रेखा की जानकारी दी। अध्यक्ष एम्स भोपाल डॉ. सुनील मलिक ने कॉन्फ्रेंस के विषय पर अपने विचार रखे। डॉ. भूपेश्वरी पटेल ने आभार व्यक्त किया। समारोह में प्रो. रजनीश जोशी, विद्वान चिकित्सक, साइक्लोथॉन प्रतिभागी उपस्थित रहे।   recent visitors 81

12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजन

भोपाल  रक्षाबंधन पर्व से पहले राज्य सरकार अलग-अलग महिलाओं के वर्ग का सम्मेलन कर रही है। इसी क्रम में 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर से सम्मेलन में आने वाली करीब तीन हजार महिला जनप्रतिनिधियों के संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन का नाम दिया गया है। सम्मेलन में ये होंगी शामिल सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जाएगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जाएगी। इसमें महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। महिलाओं को दिए जाएंगे उपहार आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। कार्यक्रम स्थल पर भाई के नाम बहन की पाती संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिह्न और उपहार दिए जाएंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिए नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम पर रखी गई है। सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंसध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। recent visitors 68