भोपाल पहुंचा ओलंपिक चैंपियन DSP बेटा तो हुआ जोशीला स्वागत

भोपाल  ओलंपिक 2024 में कांस्य पदक विजेता और भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के सदस्य विवेक सागर का मध्यप्रदेश में भव्य स्वागत किया गया है। भोपाल एयरपोर्ट पर मध्यप्रदेश पुलिस और खेल विभाग ने उनका जोशीला स्वागत किया। खेल मंत्री विश्वास सारंग खुद सागर का वेलकम करने एयरपोर्ट पहुंचे। इस अवसर पर विवेक सागर ने कहा कि देश और प्रदेश का जो प्यार मिला उससे बेहद खुश हूं। मंत्री विश्वास सारंग मेरा वेलकम करने आए। मध्यप्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही हैं। आने वाले समय में हम और अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मीडिया से बात विवके सागर ने कहा कि जर्मनी वाला मैच मेरे लिए और सभी के लिए हार्ट ब्रेकिंग था, फिर हमनें कमबेक किया और कांस्य पदक पर फोकस करते हुए आगे बढ़े। हमें सफलता मिली। सागर ने मुख्यमंत्री के कास्य पदक जितने पर एक करोड़ रुपए की राशि देने की घोषणा करने पर कहा कि यह एक स्पोटर्स खिलाड़ी के लिए बहुत बड़ी बात है। जब आप अच्छा करते है और आपकी सरकार प्रोत्साहन के रूप में बढ़ावा देती है और मोटिवेशन देती है। सागर ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि हम अच्छा प्रदर्शन करें। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि विवेक और पूरी टीम ने हमारा गौरव बढ़ाया। मध्यप्रदेश पुलिस के डीआईजी एसएएफ मुख्यालय, डॉ. कल्याण चक्रवर्ती, 7वीं वाहिनी के कमांडेंट ने उनका स्वागत किया। मध्यप्रदेश पुलिस खेल विभाग के 50 खिलाड़ी डीएसपी विवेक सागर की अगवानी की। श्रीजेश को डेडिकेट किया मेडल विवेक भारतीय हॉकी टीम में मिड फील्डर के रूप में खेलते हैं। ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर उन्होंने कहा, 'यह हम सभी के लिए बहुत खुशी का पल था। हमने बहुत एंजॉय किया। यह श्रीजेश भाई का लास्ट टूर्नामेंट भी था, तो मेडल हमने उन्हीं को डेडिकेट किया है।' हार के मलाल पर विवेक ने कहा, 'एक खिलाड़ी हमेशा चाहता है कि वह अपने देश के लिए अच्छा करे। देश आगे बढ़े।' उन्होंने कहा कि जो भी खिलाड़ी हॉकी खेलते हैं, वह निरंतर प्रयास करते रहें। इससे कभी पीछे न हटें।' भारतीय टीम के प्रदर्शन में गोलकीपर पीआर श्रीजेश का अहम रोल रहा है। उन्होंने पहले ही ऐलान कर दिया था कि पेरिस ओलिंपिक उनका आखिरी टूर्नामेंट होगा। कल सुबह तिरंगा यात्रा में करेंगे शिरकत भोपाल के टीटी नगर में कार्यक्रम के बाद विवेक सागर आज रेस्ट करेंगे। वे सोमवार सुबह सुभाष नगर से अशोका गार्डन तक निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ शामिल होंगे। राज्य सरकार देगी एक करोड़ का इनाम भोपाल पुलिस हेडक्वार्टर में पोस्टेड विवेक सागर प्रसाद को मध्यप्रदेश सरकार 1 करोड़ रुपए का इनाम देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को विवेक से वीडियो कॉल पर बात कर उन्हें और टीम को बधाई दी थी। विवेक दूसरी बार ओलिंपिक में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इससे पहले वे टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भी ब्रॉन्ज जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। भारत ने लगातार दूसरे ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने का रिकॉर्ड 52 साल बाद बनाया है। जीत के बाद विवेक सागर ने सपोर्ट के लिए सभी को धन्यवाद दिया। recent visitors 91

तिरंगा यात्रा में विवेक सागर और ऐश्वर्य प्रताप सिंह सहित हजारों खिलाड़ी और स्कूली बच्चे यात्रा में होंगें शामिल

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहृवान पर ‘‘हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा दिनांक 12 अगस्त को राज्य स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा का सुभाष नगर खेल मैदान भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुभारंभ किया जावेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग करेंगें। इस भव्य तिरंगा यात्रा में लगभग 5000 खिलाड़ी और स्कूली बच्चों प्रतिभागिता करेंगें। तिरंगा यात्रा प्रातः 9 बजे से सुभाष चंद्र बोस मैदान से प्रारंभ होकर सुभाष नगर, अशोक विहार, परिहार चौराहा से होते हुये नेहरू चौराहा (न्यू अशोका गार्डन) पर समाप्त होगी। कार्यक्रम में पुलिस बैंड, साइकिल ग्रुप और स्केटर्स भी शामिल होंगें। ओलम्पियन विवेक सागर एवं ऐश्वर्य प्रताप सिंह होंगे विशिष्ट अतिथि राज्य स्तरीय भव्य तिरंगा यात्रा में विशिष्ट अतिथि के रूप में ओलम्पियन विवेक सागर एवं ऐश्वर्य प्रताप सिंह सहभागिता करेंगें। ओलम्पियन ऐश्वर्य और ओलम्पियन विवेक सागर प्रदेश के युवाओं के प्रेरणा स्रोत है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवार होंगे सम्मानित ‘‘हर घर तिरंगा अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भोपाल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवार जनों को तिरंगा यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व सम्मानित किया जावेगा। राष्ट्र भक्ति की भावना के साथ सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जावेगी। प्रदेश में 13 से 15 अगस्त तक होंगे ‘‘हर घर तिरंगा अभियान के कार्यक्रम – खेल मंत्री सारंग ‘‘हर घर तिरंगा अभियान को प्रदेश के कोने-कोने में ले जाने के लिए खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश के सभी खेल अधिकारियों चर्चा की। उन्होंने प्रदेश के सभी 313 ब्लॉकों में ‘‘हर घर तिरंगा अभियान को पहुंचाने के लिए निर्देश दिये। मंत्री सारंग ने बताया भोपाल में भी खेल और युवा कल्याण विभाग, म.प्र. द्वारा 02 कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। राज्य स्तरीय कार्यक्रम की शुरूआत दिनांक 12 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भव्य तिरंगा यात्रा का आयेाजन सुभाष नगर खेल मैदान पर किया जावेगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2024 को बडी झील पर तिरंगा लहराकर देश प्रेम की भावना को जागृत किया जावेगा। उन्होंने युवाओं और आम जन को इस अभियान से जोड़ने का आहृवान किया है।   recent visitors 74

बांग्लादेश राजनीतिक संकट का असर रेडिमेड इंडस्ट्री पर पड़ा, भारतीय परिधान निर्माताओं को बढ़ते ऑर्डर्स से बढ़ानी पड़ रही उत्पादन क्षमता

इंदौर  बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अशांति ने मध्य प्रदेश के कपड़ा उद्योग को एक नया अवसर प्रदान किया है। राज्य, जो बड़े और मध्यम आकार के कपड़ों की इकाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, अब तेजी से ऑर्डर प्राप्त कर रहा है। परिधान उद्योग में वृद्धि का संकेत प्रतिभा सिंटेक्स के एमडी श्रेयस्कर चौधरी ने कहा, 'व्यावसायिक दृष्टिकोण से, आशा की एक किरण है। हमने कपड़ों के ऑर्डर में वृद्धि देखी है। कई घरेलू खुदरा विक्रेता जो बांग्लादेश से रेडीमेड परिधान खरीद रहे थे, वे भारत से अधिक खरीदारी करने लगे हैं। कपड़ों के ब्रांड, खुदरा विक्रेताओं और संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में निर्यात में वृद्धि देखी गई है।' बांग्लादेश संकट: मप्र के लिए अवसर बांग्लादेश में उत्पन्न संकट ने भारतीय निर्माताओं के लिए एक नया अवसर प्रस्तुत किया है। कई कपड़ा ब्रांड और घरेलू खुदरा विक्रेता अब भारतीय निर्माताओं से परिधान खरीदने लगे हैं, जिससे स्थानीय उद्योगों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 20 प्रतिशत जाॅब वर्क बढ़ेगा इंदौर रेडिमेड वस्त्र व्यापारी संघ के अध्यक्ष आशीष निगम बताते है कि पहले जारा, एच एंड एम के ब्रांड इंदौर में भी जाॅब वर्क देते थे, लेकिन बाद में बांग्लादेश की यूनिटों से काम कराने लगे। बांग्लादेश की परिस्थियों को देखते हुए अब फिर से रेडिमेड इंडस्ट्री मेें 20 प्रतिशत ग्रोथ दिख सकती हैै। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों की यूनिटों को भी इसका फायदा होगा। पीथमपुर,इंदौर में भी कुछ बड़े ब्रांड के जाॅब वर्क होते हैै। रेडिमेड इंडस्ट्री अकुशल काॅरीगरों को सबसे ज्यादा रोजगार देती है। महिलाएं घर से जाॅब वर्क करती है। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रेडिमेड इंडस्ट्री से जुड़ी नीतियों में बदलाव कर सरकार रेडिमेड इंडस्ट्री को बढ़ावा दे सकती हैै। भारत की बढ़ती भूमिका फेडरेशन ऑफ एमपी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के संयुक्त अध्यक्ष, अखिलेश राठी ने कहा, "भारत और पश्चिमी दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला पर बांग्लादेश संकट का असर पड़ेगा, लेकिन इससे भारत में कई विनिर्माण इकाइयों के स्थानांतरित होने की संभावना है।' परिधान निर्माताओं का मानना है कि भारत परिधान क्षेत्र में एक विकल्प के रूप में उभरने के लिए अच्छी स्थिति में है। लेकिन भुगतान में देरी और बांग्लादेश में फंसे खेप को लेकर चिंता है। एमपी के निर्यातकों का कहना है कि बांग्लादेश के मुख्य बंदरगाह चटगांव बंदरगाह और देश के सबसे बड़े भूमि बंदरगाह बेनापोल पर भीड़भाड़ के कारण सूती धागे और कपड़े के कंटेनर लंबे समय से फंसे हुए हैं। एमपी से बांग्लादेश को प्रमुख निर्यात एमपी से बांग्लादेश को मुख्य रूप से सूती धागा, कपड़ा, और ऑयल मील का निर्यात किया जाता है। बांग्लादेश एमपी से सामान आयात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है, जिसमें इलेक्ट्रिक मशीनरी और प्लास्टिक फिल्म शीट भी शामिल हैं। 2023 और 2024 की पहली तिमाही में एमपी से बांग्लादेश को 1,237 करोड़ रुपये का माल निर्यात किया गया था। 2022-23 वित्तीय वर्ष में, एमपी से बांग्लादेश को 5,325 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। चुनौतियों का सामना सूती धागे के निर्यातक प्रणब भट्टाचार्य ने कहा, "चटगांव बंदरगाह पर मेरे आठ कंटेनर फंसे हुए हैं, और भुगतान को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कोई नया ऑर्डर नहीं मिल रहा है, और बैंकों से कोई सूचना नहीं मिल रही है। मैं ढाका में अपने कार्यालय से भागने में कामयाब रहा और एक सप्ताह बाद भारत लौट आया स्थिति गंभीर है और उद्योगों को अपने पैरों पर वापस आने के लिए समय की आवश्यकता होगी।' अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का भारत की ओर रुझान क्लोथिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीएमएआई) के मुख्य संरक्षक राहुल मेहता ने कहा, 'इस व्यवधान का भारत से सूती धागे के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, लेकिन परिधान क्षेत्र को इसका लाभ मिलेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय खरीदार भारत की ओर रुख कर रहे हैं। भारतीय निर्माताओं को बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विचार करना चाहिए।' recent visitors 66

मध्य प्रदेश में देर रात 47 आईएएस-आईपीएस के तबादले, नौ जिलों के कलेक्टर भी बदले, किसे कहां भेजा?

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर से राज्य के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आधी रात को जारी की गई इस तबादला सूची में 47 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें से 8 कलेक्टर और 7 पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। सरकार ने रात करीब 1:00 बजे यह सूची जारी की, जिसमें शहडोल, मंडला, राजगढ़, विदिशा, बालाघाट, डिंडोरी, अनूपनगर, और नीमच के कलेक्टरों को बदल दिया गया है। इसके अलावा, 18 आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति में भी बदलाव किए गए हैं। 7 जिलों के कलेक्टरों का तबादला इस फेरबदल के तहत मध्य प्रदेश के 7 जिलों के कलेक्टरों को बदल दिया गया है। इनमें विदिशा, शहडोल, मंडला, राजगढ़, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, और नीमच जिले शामिल हैं। इन जिलों में नए कलेक्टरों की नियुक्ति की गई है। विशेष रूप से, विदिशा कलेक्टर बुददेश कुमार को बीजा मंडल मंदिर-मस्जिद विवाद के बाद मंत्रालय में भेजा गया है।   21 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर मध्य प्रदेश में शनिवार देर रात 21 IPS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें 7 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी इधर-उधर किया गया है। जिन जिलों में नए SP की नियुक्ति हुई है, उनमें रायसेन, मुरैना, अनूपपुर, पांढुर्णा, मऊगंज, बालाघाट, और मंदसौर शामिल हैं।   IAS अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट IAS सचिन सिन्हा: प्रशासकीय सदस्य, राजस्व मंडल, मध्य प्रदेश, ग्वालियर। IAS संजीव कुमार झा: सदस्य, राजस्व मंडल, ग्वालियर। IAS उमाकांत उमराव: प्रमुख सचिव, श्रम विभाग। IAS सोनाली वायंगणकर: प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग। IAS संजीव सिंह: आयुक्त, भोपाल संभाग। IAS मदन विभीषण नागरगोजे: सदस्य, राजस्व मंडल, ग्वालियर। IAS अजय गुप्ता: संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, भोपाल। IAS तन्वी सुन्द्रियाल: संचालक, बजट, मध्य प्रदेश, भोपाल। IAS तरूण राठी: संचालक स्वास्थ्य सेवाएं और आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल का अतिरिक्त प्रभार। IAS दिनेश जैन: अपर सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग। IAS दीपक आर्य: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, भोपाल। IAS तरुण भटनागर: उपसचिव, पशुपालन एवं डेयरी विभाग। IAS केदार सिंह: कलेक्टर, जिला शहडोल। IAS सोमेश मिश्रा: कलेक्टर, जिला मंडला। IAS गिरीश कुमार मिश्रा: कलेक्टर, जिला राजगढ़। IAS विकास मिश्रा: उपसचिव, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग। IAS आशीष वशिष्ठ: प्रबंधक संचालक, मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, भोपाल। IAS डॉ. सलोनी सिडना: विकअ सह आयुक्त सह संचालक, भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं होम्योपैथी, भोपाल। IAS बुद्धेश कुमार वैद्य: उपसचिव, गृह विभाग। IAS रोशन कुमार सिंह: कलेक्टर, जिला विदिशा। IAS मृणाल मीणा: कलेक्टर, जिला बालाघाट। IAS हर्ष सिंह: कलेक्टर, जिला डिंडौरी। IAS हर्षल पंचोली: कलेक्टर, जिला अनूपपुर। IAS हिमांशु चंद्रा: कलेक्टर, जिला नीमच। IAS अंशुल गुप्ता: संचालक, जनसंपर्क, भोपाल। IAS अमन वैष्णव: आयुक्त, नगर पालिका निगम, ग्वालियर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार।   इन IPS अफसरों के भी हुए तबादले मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में 21 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। ये तबादले विभिन्न जिलों और पुलिस रेंजों में किए गए हैं, जिससे पुलिस बल में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। नीचे इस तबादला सूची के प्रमुख नाम और उनकी नई तैनाती की जानकारी दी गई है। IPS डी.सी. सागर (1992 बैच) नई तैनाती: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, शिकायत, पुलिस मुख्यालय, भोपाल IPS अनुराग शर्मा (2006 बैच) नई तैनाती: पुलिस महानिरीक्षक, शहडोल जोन, शहडोल IPS कृष्णावेनी देसावातु (2007 बैच) नई तैनाती: उप पुलिस महानिरीक्षक, विसबल (सेन्ट्रल रेंज) भोपाल IPS अमित सांघी नई तैनाती: उप पुलिस महानिरीक्षक, ग्वालियर रेंज, ग्वालियर IPS अतुल सिंह नई तैनाती: उप पुलिस महानिरीक्षक, विसबल, जबलपुर रेंज, जबलपुर IPS सिद्धार्थ बहुगुणा नई तैनाती: उप पुलिस महानिरीक्षक, खरगौन रेंज, खरगोन IPS शैलेंद्र सिंह नई तैनाती: सेनानी, 13वीं वाहिनी, विसबल, ग्वालियर IPS रघुवंश कुमार सिंह नई तैनाती: सेनानी, 5वीं वाहिनी, विसबल, मुरैना IPS रसना ठाकुर नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-मऊगंज IPS नागेंद्र सिंह नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला बालाघाट तथा अतिरिक्त प्रभार सेनानी, हॉकफोर्स, बालाघाट एवं सेनानी, 36वीं भारत रक्षित वाहिनी, विसबल, बालाघाट IPS अनिल सुजानिया नई तैनाती: सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल IPS समीर सौरभ नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-मुरैना IPS हंसराज सिंह नई तैनाती: पुलिस उपायुक्त जोन-3, नगरीय पुलिस जिला, इंदौर IPS जितेंद्र सिंह पंवार नई तैनाती: पुलिस उपायुक्त, जोन-4, नगरीय पुलिस जिला, भोपाल IPS राजेश कुमार त्रिपाठी नई तैनाती: पुलिस उपायुक्त, अपराध, नगरीय पुलिस जिला, इंदौर IPS वीरेंद्र जैन नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-श्योपुर IPS सुंदर सिंह कनेश नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-पांढुर्णा IPS पंकज कुमार पांडे नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-रायसेन IPS अंकित सोनी नई तैनाती: पुलिस उपायुक्त (आसूचना एवं सुरक्षा), नगरीय पुलिस जिला, इंदौर IPS मोती उर्र रहमान नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-अनूपपुर IPS अभिषेक आनंद नई तैनाती: पुलिस अधीक्षक, जिला-मंदसौर   किन जिलों के बदले कलेक्टर?     नीमच कलेक्टर दिनेश जैन को पंचायत एवं ग्रामीण विकास का अपर सचिव बनाया गया है. वहीं, उनकी जगह हिमांशु चंद्रा अब नीमच के कलेक्टर होंगे. चंद्रा फिलहाल भोपाल में अपर कलेक्टर हैं.     शहडोल कलेक्टर तरुण भटनागर की जगह केदार सिंह नए कलेक्टर होंगे.     विकास मिश्रा की जगह अब हर्ष सिंह डिंडोरी के नए कलेक्टर होंगे.     गिरीश कुमार मिश्रा को बालाघाट से हटाकर राजगढ़ का कलेक्टर बना दिया गया है.     आशीष वशिष्ठ की जगह हर्षल पंचोली को अनूपपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है.     ⁠सलोनी सिडाना की जगह सोमेश मिश्रा मंडला के नए कलेक्टर होंगे.     बुद्धेश कुमार वैद्य की जगह रोशन कुमार सिंह विदिशा के नए कलेक्टर बनाये गए हैं.     बालाघाट के नए कलेक्टर मृणाल मीना होंगे. किन जिलों के एसपी बदले? देर रात हुए तबादलों में मुरैना, मंदसौर, बालाघाट, अनूपपुर, पांढुर्ना, मऊगंज और श्योपुर के एसपी भी बदले गए हैं. recent visitors 64

राजधानी में 33 हजार वाहनों से 14 अगस्त को निकलेगी 30 किमी लंबी तिरंगा यात्रा, सीएम होंगे शामिल

 भोपाल भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत 14 अगस्त को भारतवर्ष की विशाल तिरंगा यात्रा आयोजित करने जा रहे हैं। यह तिरंगा यात्रा ‘कर्मश्री’ संस्था के तत्वाधान में आयोजित की जाएगी जिसमें भोपाल सहित क्षेत्र के 65 से 70 हजार देशभक्त नागरिकों के शामिल होने की संभावना है। अखंड भारत स्मृति दिवस पर भारत की अखंडता के संकल्प के साथ रामेश्वर शर्मा द्वारा आयोजित इस यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सम्मिलित होंगे। यात्रा कोलार के मदर टेरेसा स्कूल से प्रारंभ होकर बैरागढ़ के दीनदयाल उपाध्याय मंडी भैंसाखेड़ी तक जाएगी। 30 किमी के इस रूट पर सैकड़ों मंचों के माध्यम से भोपाल की जनता द्वारा तिरंगा थामे राष्ट्रप्रेमियों का पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया जाएगा।  अब तक 33 हजार वाहनों का पंजियन हुआ भारत की विशाल तिरंगा यात्रा में शामिल होने के आयोजक संस्था कर्मश्री द्वारा वाहनों का पंजीयन किया गया है। संस्था अध्यक्ष विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि अब तक 33 हजार से अधिक दोपहिया वाहनों का यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन किया जा चुका है। पंजीयन अभी भी जारी है और प्रतिदिन पंजीयन कराने के लिए लोग आगे आ रहे हैं। एक दोपहिया पर दो लोग सवार होंगे इस तरह से दोपहिया वाहनों मे सवार लगभग 65 से 70 हजार लोगों के इस तिरंगा यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है।  500 स्वागत मंच सजेंगे, समाज का हर वर्ग करेगा स्वागत कर्मश्री की तिरंगा यात्रा मुख्यमंत्री मोहन यादव की मुख्य उपस्थिति में कोलार के मदर टेरेसा स्कूल से प्रस्थान कर बैरागढ़ तक जाएगी। 30 किलोमीटर के इस मार्ग में 500 से अधिक स्वागत मंच बनाए जा रहे हैं। इन स्वागत मंचों पर समाज का हर वर्ग यात्रा के स्वागत के लिए उपस्थित होगा। आम नागरिक, व्यापारी, नौकरीपेषा, युवा, बुजुर्ग, महिला, चिकित्सक, वकील, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और स्टॉफ, विभिन्न जनसंगठन, कर्मचारी संगठन, सामाजिक संगठन आदि तिरंगा यात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर मौजूद रहेंगे। फूलों के बजाए तिरंगा हाथों में लेकर स्वागत करें आयोजक संस्था द्वारा स्वागत करने वालें नागरिकों और संगठनों से अनूठी अपील की गई है। संस्था अध्यक्ष विधायक रामेष्वर शर्मा ने बताया कि सभी से अपील की गई है कि तिरंगा यात्रा का स्वागत फूलों से करने के बजाए हाथो में तिरंगा लेकर, तिरंगा लहराते हुए करें। इससे तिरंगा यात्रा के वाहन सवारों के साथ साथ पूरे यात्रा मार्ग में लाखों हाथों में तिरंगा लहराएगा। इससे तिरंगे की शान भी बढ़ेगी और नई पीढ़ी के मन में राष्ट्रभक्ति का सागर भी हिलोंरे मारेगा। तिरंगा यात्रा में महापुरुषों की जीवंत झांकियां भी निकलेंगी। शहीदों और क्रांतिकारियों के वेश में सजे युवा आकर्षण का केंद्र रहेंगे।  हर मन में देषभक्ति जगाना है, अखंड भारत बनाना है ःविधायक रामेश्वर इस विशाल तिरंगा यात्रा के आयोजक विधायक रामेश्वर शर्मा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि आजादी के 70 सालों के बाद आज देश को एक ऐसा प्रधानसेवक मिला है जिसके एक आह्वान पर पूरा देश एकजुट हो जाता है और वह जो आग्रह करते हैं उसे पूरा करने में जुट जाता है। उन्होने हर घर तिरंगा अभियान का आहवान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में देश को ऐसा जनसेवक मिला है जिससे देश की करोड़ों-करोड़ जनता का हर अरमान पूरा हो रहा है। देश में द्रुत गति से विकास हो रहा है, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, भारत मां का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ रहा है और देश के युवा, महिला, किसान, गरीब का सम्मान बढ़ रहा है। देश हर मोर्चे पर विश्व गगन पर छा रहा है। हर नागरिक खुश है, संतुष्ट है। बस एक टीस करोड़ों भारतीयों के मन में हैं और वह है भारत विभाजन की टीस। उन्होंने आगे कहा कि – जब देश विभाजित हुआ तो न केवल जमीन बटी, बल्कि भारत मां का आंचल भी बट गया था। भारती के कितने लाल काल के गाल में समा गए थे। वह दुःख कभी भूलने वाला नहीं है। उसी दुःख और पीड़ा की स्मृति 14 अगस्त बार-बार कराता है। हर 14 अगस्त को अखंड भारत का वह सपना हमारी स्मृतियों में कौंधता है जिसे हम अपने सीने में दबाएं हैं। और इंतजार कर रहे हैं कि एक दिन वह अवसर जरूर आएगा जब भगत सिंह और हेमू कालानी की जन्मभूमि पर तिरंगा लहराएगा। इसी संकल्प के साथ हम हर साल तिरंगा यात्रा निकालते हैं। यात्रा का उद्देष्य है कि हर नागरिक के मन में देषभक्ति जगाना है और एक अखंड भारत बनाने का संकल्प है ।  पुलिस बैंड के लिए पत्र लिखकर आग्रह किया  शर्मा ने बताया कि तिरंगा यात्रा राष्ट्रीय आयोजन है। इसमें 14 अगस्त को भोपाल का हर नागरिक प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होगा। ऐसी देषभक्तिपूर्ण यात्रा का स्वागत भोपाल का हर नागरिक, हर वर्ग करेगा। अतः इसमे पुलिस बैंड के शामिल होता है तो यह एक अच्छा कदम होगा। इसके लिए पुलिस महानिदेषक को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है।   recent visitors 96

5वीं पीढ़ी के स्वदेशी फाइटर जेट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी, 2026 में पहली उड़ान

नई दिल्ली LCA MK-2 यानी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क 2 को लेकर हाल ही में डीआरडीओ प्रमुख, भारतीय वायुसेना के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ, डीआरडीओ लेबोरेटरी, डिफेंस पीएसयू, CEMILAC, NFTC के अधिकारियों की मीटिंग हुई. यह एक उच्च स्तरीय रिव्यू मीटिंग थी. जिसमें एलसीए के डेवलपमेंट पर बातचीत की गई. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस मीटिंग में यह पता चला है कि अगले दो महीनों में LCA MK-2 का पहला प्रोटोटाइप बन जाएगा. साल 2025 से यानी अगले साल से इसका रोल आउट शुरू हो जाएगा. पूरी संभावना है कि 2026 में इस फाइटर जेट की पहली उड़ान पूरी होगी. यह एक मीडियम वेट फाइटर जेट  (MWF) होगा. यह फाइटर जेट वर्तमान LCA यानी तेजस से अपग्रेड होगा. इसमें बेहतर मैन्यूवरेबिलिटी, शानदार एवियोनिक सुईट्स, सेंसर और ज्यादा ताकतवर इंजन होगा. यह नई पीढ़ी का फाइटर जेट होगा. इसके वायुसेना में शामिल होने के बाद वायुसेना अपने SEPECAT Jaguar, मिराज 2000, मिकोयान MiG-29 एयरक्राफ्ट्स को हटा देगी.    LCA MK-2 की स्पीड और रेंज होगी और बेहतर यह स्वदेशी मल्टीरोल सुपरसोनिक फाइटर जेट होगा. इसमें एक या दो क्रू बैठ सकेंगे. लंबाई 47.11 फीट होगी. विंगस्पैन 27.11 फीट और ऊंचाई 15.11 फीट होगी. अधिकतम टेकऑफ वजन 17,500 kg होगा. यह अपने साथ 6500 kg वजन के हथियार लेकर उड़ सकेगा. एलसीए मार्क-2 फाइटर जेट की सबसे बड़ी ताकत होगी उसकी गति. यह अधिकतम 2385 km/घंटा की स्पीड से उड़ेगा. यानी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फाइटर जेट्स की गति को टक्कर देगा. इसकी रेंज कुल 2500 km होगी.  कॉम्बैट रेंज 1500 km होगी. यह अधिकतम 56,758 फीट की ऊंचाई तक जा सकेगा.   13 तरह के हथियार या उनका मिश्रण लगा सकते हैं इसमें 13 हार्ड प्वाइंट्स होंगे यानी 13 अलग-अलग प्रकार के हथियार या फिर उनका मिश्रण लगाया जा सकता है. हवा से हवा में मार करने वाली MICA, ASRAAM, Meteor, Astra, NG-CCM, हवा से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस-NG ALCM, LRLACM, स्टॉर्म शैडो, क्रिस्टल मेज लगाने की योजना है. एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम 1/2/3 लगाया जाएगा. इसमें प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन यानी बम भी लगाए जाएंगे.इन प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन में शामिल हैं स्पाइस, HSLD-100/250/450/500, DRDO Glide Bombs, DRDO SAAW. लेजर गाइडेड बमों में सुदर्शन बम लगाया जाएगा. कई तरह के गाइडेड बम, आत्मघाती ड्रोन लगा सकेंगे इसके अलावा क्लस्टर म्यूनिशन, लॉयटरिंग म्यूनिशन कैट्स अल्फा और अनगाइडेड बम लगाए जा सकते हैं. LCA Mark 2 फाइटर जेट में जो एवियोनिक्स लगे हैं वो उसे दुश्मन का पता लगाने. हमलों से बचने में मदद करेंगे. इसमें LRDE Uttam AESA Radar, DARE Unified Electronic Warfare Suite (UEWS), DARE Dual Colour Missile Approach Warning System (DCMAWS) और DARE Targeting pod लगे होंगे.   recent visitors 133

MP देश में प्रधानमंत्री आदिवासी जनमन महाभियान में जनजातीय परिवारों के लिये पक्का आवास बनाने में सबसे आगे

देश में मप्र और मप्र में शिवपुरी आगे देश की पहली पीएम जनमन कॉलोनी शिवपुरी में वर्षों कच्चे मकानों में रहने वाले जनजातीय सहरिया परिवारों को मिली पक्के घर की खुशियां पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने हितग्राही सहरिया परिवारों को नए घर की दी बधाई भोपाल मध्यप्रदेश देश में प्रधानमंत्री आदिवासी जनमन महाभियान में विशेष रूप से पिछड़े जनजातीय परिवारों के लिये पक्का आवास बनाने में सबसे आगे है। मध्यप्रदेश में कुल 1 लाख 13 हजार 433 जनमन आवास स्वीकृत हुए थे। इनमें से 22 हजार 619 आवास बनाकर मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। उडीसा 1620 आवासों के साथ दूसरे, छत्तीसगढ़ 526 आवास बनाकर तीसरे और राजस्थान 87 आवास बनाकर चौथे स्थान पर है। प्रदेश में शिवपुरी में सबसे ज्यादा 4 हजार 443 आवास बने हैं। उमरिया 3 हजार 264 आवास बनाकर दूसरे और शहडोल 3 हजार 164 आवासों के साथ तीसरे, मंडला 2 हजार 112 आवासों के साथ चौथे और अनूपपुर 1 हजार 891 के साथ पांचवे स्थान पर है। इसके साथ ही देश की पहली प्रधानमंत्री जनमन कालोनी शिवपुरी में बनाकर मध्यप्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल शिवपुरी जनपद पंचायत की हातौद, कोटा और डबिया ग्राम पंचायतों में बनी देश की पहली पीएम जनमन कॉलोनी का निरीक्षण किया। उन्होने नए पीएम जनमन आवास के सहरिया जनजाति के हितग्राही परिवारों से चर्चा की और नया घर मिलने की बधाई दी। सहरिया परिवार की बहनों ने उन्हें राखी बांधी। पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से भी हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दी। पंचायत मंत्री ने कहा कि देश में सबसे पहला जनमन आवास बनाने वाला जिला शिवपुरी है और सबसे पहले जनमन कॉलोनी बनाने का रेकार्ड बनाने वाला जिला भी शिवपुरी है। इस उपलब्धि के लिए सभी अधिकारियों की टीम को उन्होने बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महाअभियान शुरू होने के 23 दिन के भीतर ही शिवपुरी में पहला आवास बन गया था और 29 दिनों में छिंदवाड़ा में दूसरा आवास बना| उन्होंने हितग्राही सहरिया परिवारों से आग्रह किया कि पक्का घर मिलने के साथ ही बच्चों की पढ़ाई पर और ज्यादा ध्यान दें। पढ़ाई और बचपन पर बच्चों का अधिकार है। इस अधिकार से उन्हे दूर नहीं करें। मिलकर सामाजिक कुरीतियों से लड़े और उनका त्याग करें। नशे की प्रवृत्ति को कभी भी पनपने नहीं दें। उन्होंने कहा की आवास के साथ बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य की सुविधा एक साथ मिलना भी सहरिया परिवारों के लिए सबसे बड़ी सहूलियत हैं। इमरत हातौद गांव का रहने वाला है, ने अपने पिता कनई और माता हसमत, अपनी धर्मपत्नी और चार साल की बेटी महक के साथ नये घर में रह रहा है। महक आंगनवाड़ी में जाती है। बचपन से झोपड़ी में रहने वाला इमरत अब पक्का घर पाकर बेहद खुश है और प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहता है कि इस जन्म में पक्का घर मिल गया यही हमारे लिए बड़ी बात है। तीस वर्षीय सिया एक महीने से अपने नए घर में रह रही हैं। हातौद गांव दो मजरों में बंटा है। एक मजरे में 210 और दूसरे में करीब 220 लोग रहते हैं। सिया खेतिहर मजदूर है। धान के खेतों में मजदूरी करके 300 रोजाना कमा लेती है। उनके दो बच्चे अमित और परमवीर हैं। अमित कक्षा दो में है और परमवीर आंगनवाड़ी में जाता है। नए मकान की सबसे ज्यादा खुशी बच्चों को है। वे बताती हैं कि जनवरी से ही मकान बनना शुरू हो गए थे। पहले 50 हज़ार मिले। इसके बाद दूसरी और तीसरी बार में 75 हज़ार मिले। घरों में कोई कमी नहीं है। पानी, बाथरूम, लाइट सब सुविधा के साथ साफ सुथरा भी हैं। हम बरसों तक झोपड़ी में रहे। कभी भी सोचा नहीं था कि पक्के मकान में हम रह पाएंगे। कच्चे घरों में पूरी बरसात पानी टपकता रहता था। हमें विश्वास है कि आगे का जीवन हमारा बहुत अच्छा रहेगा। वे कहती हैं कि यदि घरों के ऊपर सोलर लाइट लग जाए तो बिजली का खर्चा भी बच जाएगा। सीमा सहरिया अपने पांच बच्चों के साथ घर में रहते हुए बहुत खुश है। वे कहती हैं कि हमें हमेशा के लिए कच्चे घर से छुट्टी मिली। कच्चे घर में हमेशा टूट-फूट होती रहती थी। आधा समय घर ठीक करने में ही चला जाता था। मजदूरी पर भी घर की चिंता सताती रहती थी। अब प्रधानमंत्री ने सबकी चिंता ही दूर कर दी। इसी गांव के 67 वर्षीय धनवंती आदिवासी कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका खुद का पक्का मकान होगा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी के कारण हमारे सभी भाई बंधुओं को पक्के घर मिल गये हैं। ग्राम पंचायत हातौद में जनमन कालोनी का नाम शहीद तिल्खा मांझी आदिवासी कॉलोनी रखा गया है। यहां 18 सहरिया परिवारों के 75 लोग रह रहे हैं। डबिया ग्राम पंचायत में जनमन कालोनी का नाम श्रीराम बिहार कोलोनी है। यहां 28 सहरिया परिवारों के 99 लोग रह रहे हैं जबकि कोटा ग्राम पंचायत देश की तीसरी जनमत कॉलोनी है। इसका नाम जौहर कॉलोनी रखा गया है। यहां 18 सहरिया परिवारों के 90 लोग रह रहे हैं। पीएम जनमन में एक लाख से अधिक आवासों में पहली किश्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगल क्लिक से दी थी। कॉलोनी के साथ-साथ रोड, पानी, बिजली, सामुदायिक भवन, चौपाल की सुविधाएँ भी दी जा रही हैं। बड़ी संख्या में आवास बनाने वाली पंचायतों पर फोकस कर कॉलोनी के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना को अमल में लाते हुए-हतौद, कोटा, डबिया के अलावा कांकर,चंदनपुरा, बूरड़ा, भैंसरावन और पिछोर में जनमन कॉलोनी बन रही है। जनमन कॉलोनी में रहने वाले सभी परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओ का लाभ भी मिल रहा है।  उपलब्धियां देश में सबसे पहले पीएम जनमन आवास शिवपुरी ब्लॉक की कलोथरा पंचायत के भागचंद्र आदिवासी को मिला था। देश में सबसे पहले 500 पीएम जनमन आवास भी शिवपुरी ब्लॉक में पूरे हुये और अब देश की पहली पीएम जनमन कॉलोनी भी शिवपुरी ब्लॉक ने पूरी कर ली है। सहरिया हितग्राहियो के बेहद आकर्षक एवं गुणवत्तापूर्ण आवास बन गये हैं। सहरिया परिवार अति पिछड़ी … Read more