जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हुआ मौके पर ही आवेदनों का निराकरण

रिमझिम बारिश के बीच जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे आमजन मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा कार्यक्रम का किया शुभारंभ, जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं   जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हुआ मौके पर ही आवेदनों का निराकरण श्रमिक परिवारों को दी 11 करोड़ 41 लाख रूपए की सहायता राशि   महतारी वंदन योजना के लिए बहनों ने जताया अभार रायपुर जनदर्शन कार्यक्रम में लोगों का एक बार फिर आमजनों में उत्साह दिखा, रिमझिम बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। इस बार एक और बात को लेकर लोगों में उत्साह दिखा वह हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत की। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आने वाले लोगों को उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज भी वितरित किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 6 हजार 200 से अधिक श्रमिक परिवारों को 11 करोड़ 41 लाख रूपए की सहायता राशि के वितरण का शुभारंभ करते हुए प्रतीक स्वरूप 12 हितग्राहियों को सहायता राशि वितरित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी.दयानंद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंची महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर महतारी वंदन योजना शुरू करने के लिए उनका आभार जताया और कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने में यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। महिलाओं ने बताया कि बहनों की राखी इस बार शानदार रहेगी। भाईयों के लिए अच्छी मिठाईयां खरीदेंगे। मुख्यमंत्री ने 37वें राष्ट्रीय खेल में मिनी गोल्फ में कांस्य पदक जीतकर लौटी महासमुन्द निवासी चयन कुमारी और रायपुर की रंजीता खलको से भी मुलाकात की और उनकी हौसल अफजाई की। इन खिलाड़ियांे ने बताया कि 20 से 25 अगस्त तक इंटरनेशनल हुड बॉल में हिस्सा लेने दक्षिण कोरिया जा रही है। रायपुर जिले के ग्राम पंचायत परसुलीडीह के सरपंच के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने परसुलीडीह के स्कूल भवन में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों को जल्द से जल्द शेड निर्माण करने के निर्देश दिए। बलौदाबाजार जिले के डोंगरिया के किसानों ने मुख्यमंत्री को बताया कि केमिकल प्लांट से खरीफ और रबी की फसल खराब हो गई है। इस पर उन्होंने अधिकारियों को किसानों को जल्द राहत दिलाने कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने रायपुर शहर के चौरसिया कॉलोनी की 18 वर्षीय सना परवीन, ग्राम सेरीखेड़ी की निवासी कोमल लहरे, और धमतरी जिले के ग्राम कचना के निवासी ठगिया साहू को मोटराईज्ड ट्राई सायकल प्रदान किया। रक्षाबंधन के तोहफे में मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति मुख्यमंत्री से बिलासपुर की रिशी अग्रवाल और बेमेतरा जिले की सिद्धका गोस्वामी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप राखी के पूर्व मेरे लिए राखी लेकर आई है और आपने मेरे हाथों में राखी बांध दिया। छत्तीसगढ़ की सभी बहनों का स्नेह मुझ पर है। रक्षाबंधन का तोहफा मैं आपको अनुकंपा नियुक्ति के रूप में जल्द प्रेषित करूंगा। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति के आवेदनों पर अधिकारियों को जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जमीन का जल्द मिलेगा मुआवजा बालोद निवासी बोधन लाल ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि उनकी जमीन अंडा में सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी, लेकिन अब तक उन्हें भू-अर्जन की मुआवजा राशि नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री ने इस पर बालोद कलेक्टर को त्वरित कार्रवाई कर भू अर्जन की राशि दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही भू अर्जन से प्रभावित अन्य लोगों को भी शीघ्र राहत देने के निर्देश दिए। लक्ष्य के इलाज की होगी व्यवस्था रायपुर के फाफाडीह के रमण मंदिर वार्ड से आए रोशन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका बेटा 8 साल का लक्ष्य एस्ट्रॉफी ऑफ़ ब्लैडर बीमारी से पीड़ित है। इसके इलाज के लिए उन्हें अहमदाबाद इसके लिए नियमित रूप से जाना पड़ेगा, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बच्चे की बीमारी के संबंध में इलाज की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। लक्ष्य के पिता ने कहा कि मैं बच्चे का लंबे समय तक इलाज करते हुए परेशान हो गया था और हिम्मत हार चुका था अब मुख्यमंत्री के मिलने के बाद मुझे नई उम्मीद जगी है। खपरी गांव को मिलेगी जर्जर सड़कों से मुक्ति जनदर्शन कार्यक्रम में बालोद जिला के ग्राम पंचायत खपरी ब की सरपंच श्रीमती जनक बाई साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्राम ईरागुड़ा से पायला पहुंच मार्ग की स्थिति बहुत ही जर्जर हो गई है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में बहुत परेशानी हो रही है। उन्होंने गांव की अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनकर शीघ्र समस्याओं का समाधान करने की बात कही। साथ ही अन्य मांगों को भी पूरा करने का आश्वासन दिया। recent visitors 107

मनीष सिसोदिया को जमानत मिली, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। इस मामले में सिसोदिया पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्हें 16 महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया। हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ यह जमानत दी है और मामले की आगे की सुनवाई जारी रहेगी। मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा,'जमानत के मामले में हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट सुरक्षित खेल रहे हैं। सजा के तौर पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि अदालतें समझें कि जमानत एक नियम है और जेल एक अपवाद है। भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जमानत की मांग करने वाली सिसौदिया की याचिकाओं का सीबीआई, ईडी ने विरोध किया केंद्रीय एजेंसियों की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने अदालत के समक्ष सिसौदिया की जमानत याचिका का विरोध किया और मामले में सिसौदिया और अन्य आरोपी व्यक्तियों पर उन दस्तावेजों का निरीक्षण करने में पांच महीने का समय लगाकर मुकदमे में देरी करने का आरोप लगाया, जो इससे संबंधित नहीं थे। परीक्षण। सिसौदिया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सिसौदिया को जमानत देने की दलील दी और केंद्रीय एजेंसियों के इस आरोप से इनकार किया कि मामलों की सुनवाई में देरी के लिए सिसौदिया जिम्मेदार थे। सिसौदिया ने सीबीआई, ईडी मामलों में जमानत देने से इनकार करने वाले दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत देने से इनकार करने के दिल्ली हाई कोर्ट के 21 मई के आदेश के खिलाफ सिसोदिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट ने 4 जून को सिसोदिया की जमानत याचिका का निपटारा कर दिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट के समक्ष अंतिम अभियोजन शिकायत और आरोप पत्र दायर होने के बाद अपनी जमानत याचिका को पुनर्जीवित करने की स्वतंत्रता दी। बाद में सिसौदिया ने अपनी जमानत याचिका को पुनर्जीवित करने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया।  सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में दोनों मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में दोनों मामलों में सिसौदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, हालांकि, अगर परिस्थितियों में बदलाव होता है या सुनवाई लंबी हो जाती है, तो उन्हें तीन महीने के बाद ट्रायल कोर्ट के समक्ष नई जमानत याचिका दायर करने की आजादी दी थी। सीबीआई ने पिछले साल फरवरी में आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने भी तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था। इन शर्तों पर मिली है जमानत मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं और उनके भागने की आशंका भी नहीं है. साथ ही ये भी कहा कि इस मामले में ज्यादातर सबूत भी जुटाए जा चुके हैं, इसलिए उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, गवाहों को प्रभावित करने या डराने के मामले में उनपर शर्तें लगाई जा सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को 10 लाख के मुचलके पर जमानत दी है. साथ ही दो बड़ी शर्तें भी लगाई हैं. पहली शर्त ये है कि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा. और दूसरी शर्त ये कि उन्हें हर सोमवार को थाने में जाकर हाजिरी लगानी होगी. CBI-ED की अपील खारिज फैसला सुनाए जाने के बाद सीबीआई और ईडी की तरफ से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल मामले की तरह ही शर्तें लगाने का अनुरोध किया था. एएसजी राजू ने कोर्ट से अपील की थी कि केजरीवाल की तरह ही सिसोदिया पर सचिवालय जाने पर रोक लगाई जाए. हालांकि, कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया. 26 फरवरी 2023 से जेल में थे बंद दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को पिछले साल 26 फरवरी को उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद 9 अक्टूबर को ईडी ने भी सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया. सिसोदिया पर आबकारी मंत्री रहते हुए मनमाने और एकतरफा फैसला लेने का आरोप है. शराब घोटाले के आरोपी अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे को सिसोदिया का करीबी माना जाता है. आरोप है कि तीनों ने सरकारी अफसरों की मदद से शराब कारोबारियों का पैसा इकट्ठा किया और दूसरी जगह डायवर्ट किया. सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, अर्जुन पांडे ने शराब कारोबारी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपये लिए थे. ये रकम विजय नायर की ओर से ली गई थी. विजय नायर कुछ साल तक आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज भी रहे हैं. इस मामले में 17 अगस्त 2022 को सीबीआई ने केस दर्ज किया. इसमें मनीष सिसोदिया, तीन पूर्व सरकारी अफसर, 9 कारोबारी और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया. घोटाले में पैसों की हेराफेरी के भी आरोप थे, इसलिए ईडी भी इसमें शामिल हो गई. केस दर्ज करने के बाद सीबीआई और ईडी ने छापे मारे और गिरफ्तारियां शुरू कीं. ईडी और सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि 2021-22 की आबकारी नीति की वजह से दिल्ली सरकार को कथित तौर पर 2,873 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा. क्या है दिल्ली का कथित शराब घोटाला? 17 नवंबर 2021 को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक्साइज पॉलिसी 2021-22 को लागू किया. नई पॉलिसी के तहत, शराब कारोबार से सरकार बाहर आ गई और पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गईं. दिल्ली सरकार का दावा था कि नई शराब नीति से माफिया राज खत्म होगा और सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी. हालांकि, ये नीति शुरू से ही विवादों में रही और जब बवाल ज्यादा बढ़ गया तो 28 जुलाई 2022 को सरकार ने इसे रद्द कर दिया. कथित शराब घोटाले का खुलासा 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार की रिपोर्ट से हुआ था. इस रिपोर्ट में उन्होंने मनीष सिसोदिया समेत आम आदमी पार्टी के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. दिल्ली के एलजी वीके … Read more

कांग्रेस के खटा खट घोटाले पर एक्शन 99 सांसदों की सदस्यता होगी रद्द? पार्टी के खिलाफ याचिका दाखिल

इलाहाबाद  लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनी सरकार बनने पर हर महीने साढ़े आठ हजार रूपये दिए जाने का वायदा अब कानून की कसौटी पर परखा जाएगा. इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. पैसे एकाउंट में खटाखट ट्रांसफर किए जाने वाले बयान को आधार बनाकर यह जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कांग्रेस पार्टी के सभी 99 सांसदों को अयोग्य घोषित करने, पार्टी का चुनाव चिन्ह जब्त करने व पार्टी का पंजीकरण निरस्त करने की मांग की गई है.सामाजिक कार्यकर्ता भारती सिंह ने अपने अधिवक्ता ओ पी सिंह व शाश्वत आनंद के मार्फत यह जनहित याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की है. जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में अगले हफ्ते सुनवाई होने की उम्मीद है. कांग्रेस ने किया जनप्रतिनिधि अधिनियम का उल्लंघन याचिका में कहा गया है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जनता को एक गारंटी कार्ड योजना बताई, जिसके तहत गरीब, पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यको को चुनाव बाद जुलाई माह से प्रतिमाह 8500 रूपये उनके बैंक खाते में जमा करने का वायदा किया था. यह रकम खाते में खटाखट ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई. लोकसभा चुनाव के बाद यह वायदा पूरी तरह से झूठा निकला. इस वायदे से कांग्रेस सहित सहयोगी दलों को वोट देने वाले को साढ़े आठ हजार रूपये प्रतिमाह दिए जाने की गारंटी दी गई थी. इस वायदा पत्र में वोट के बदले रूपए देने का लालच दिया गया. कांग्रेस पार्टी के इस वायदा पत्र पर अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी के हस्ताक्षर थे. इसके साथ ही पावती रसीद भी थी, जिससे लोगों को विश्वास हो गया कि वोट देने पर रूपए जरूर मिलेंगे. इसको लेकर चुनाव आयोग ने 2 मई को एडवाइजरी भी जारी की थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उस पर अमल नहीं किया. याची का कहना है कि कांग्रेस पार्टी का यह कृत्य जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 121(1)(ए)का खुला उल्लंघन है. इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता व भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है. पार्टी का चुनाव चिन्ह जब्त कर रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग याची का दावा है कि उसने इस मामले में कार्रवाई करने के लिए चुनाव आयोग को प्रत्यावेदन दिया, लेकिन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिस पर यह जनहित याचिका दायर की गई है. जनहित याचिका के जरिए अदालत से इस मामले में दखल दिए जाने की गुहार लगाई गई है. साथ ही कांग्रेस पार्टी के सभी 99 सांसदों को अयोग्य घोषित करने, पार्टी का चुनाव चिन्ह जब्त करने और रजिस्ट्रेशन रद्द करने की मांग की गई है. recent visitors 64

घरेलु शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स में 1000 अंको की तेजी, निफ्टी भी हुआ मजबूत

मुंबई शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्‍स सप्‍ताह के अखिरी कारोबारी दिन 1000 अंक से ज्‍यादा चढ़कर 79,984.24 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी की बात करें तो 256.50 अंक उछलकर 24,373 पर पहुंच गया है. हालांकि निफ्टी आज 24,386.85 अंक पर खुला था, जबकि Sensex 79,984.24 पर खुला था. वहीं सेंसेक्‍स के टॉप 30 में से सभी शेयरों में उछाल आई है. Tech Mahindra के शेयरों में 2.6 फीसदी की तेजी आई है, जो 1500 के पार पहुंच गया है. इसके बाद टाटा मोटर्स के शेयर में 2.5 फीसदी की तेजी आई है. एचसीएल, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एनटीपीसी के शेयर भी 2 फीसदी चढ़े हैं. इसके अलावा, टॉप 30 में से सबसे कम तेजी हिंदुस्‍तान यूनिलीवर के शेयरों में आई है. बैंक निफ्टी (Bank Nifty) में 400 अंकों की तेजी आई है. इन 10 शेयर में शानदार तेजी डिफेंस सेक्‍टर का स्‍टॉक कोचिन शिपयार्ड के शेयर 5 फीसदी चढ़े हैं. अफ्फेल इंडिया के शेयर में 6 फीसदी की तेजी आई है. इसके बाद CAMS में 3.86 फीसदी की तेजी आई है. मिडकैप स्‍टॉक में OFSS के शेयर 4 फीसदी, एचपीसीएल के शेयर 3 फीसदी, एमपैसा के शेयर 3 फीसदी, Eicher Motors के शेयर 4 फीसदी, ONGC के शेयर 3.36 फीसदी और एबीबी इंडिया के शेयर 3.71 फीसदी चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में धुंआधार तेजी? कल रात में अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी आई है. नैसडेक इंडेक्‍स में 2.87 फीसदी की तेजी आई है, जबकि डाउ जोन में 1.71 फीसदी की तेजी देखी गई है. इसके अलावा, जापान के शेयर बाजार में 1.26 फीसदी की तेजी देखी गई. इन मार्केट में अच्‍छी तेजी के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी जा रही है. बता दें मंदी की आशंका और ईरान-इजरायल के वार के संकेत के कारण यूरोप से लेकर अमेरिका तक का मार्केट तेजी से गिरा था, लेकिन अब वहां पर थोड़ी स्थिरता आई है और निवेशकों का अभी ग्‍लोबल मार्केट पर भरोसा टिका हुआ है, जिस कारण अच्‍छी तेजी आई है. ग्‍लोबल मार्केट में तेजी देखते हुए भारतीय बाजार का भी सेंटिमेंट बदला है और आज शानदार तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा, एलआईसी और अन्‍य कंपनियों के तिमाही नतीजे का भी असर शेयर बाजार पर पड़ा है. निवेशकों को 4.4 लाख करोड़ का मुनाफा शेयर बाजार में शानदार तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप भी बढ़ा है. BSE मार्केट कैप शुरुआती कारोबार में 4.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 450.15 लाख करोड़ रुपये हो चुका है. इसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्‍यूवेशन में 4.4 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है.   recent visitors 98

रजत पदक जीतने पर नीरज चोपड़ा को जाने कितनी मिली प्राइज मनी?गोल्ड मेडल से चूकने पर नीरज का छलका दर्द

 पेरिस  पेरिस ओलंपिक 2024 में जैवलिन थ्रो का फाइनल बेहद रोमांचक रहा। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि सीजन के अपने बेस्ट थ्रो के साथ नीरज चोपड़ा को गुरुवार रात रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।नीरज चोपड़ा जो क्वालीफाइंग में 89.34 मीटर के शानदार प्रयास के साथ फाइनल में स्वर्ण के प्रबल दावेदार थे, लेकिन उन्हें भाग्य का साथ नहीं मिला।इस खास उपलब्धि और देश का मान बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज को बधाई और शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नीरज चोपड़ा उत्कृष्टता के साक्षात उदाहरण हैं। उन्होंने बार-बार अपनी प्रतिभा दिखाई है। भारत को खुशी है कि वह एक बार फिर ओलंपिक में सफल रहे हैं। रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। वह आने वाले अनगिनत एथलीट्स को अपने सपनों को पूरा करने और हमारे देश को गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।" पदक मुकाबले में नीरज ने 89.45 मीटर जैवलिन फेंका, लेकिन यह मौजूदा विश्व चैंपियन और डायमंड लीग फाइनल विजेता के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुआ क्योंकि पाकिस्तान के अरशद नदीम ने नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीतकर उन्हें पछाड़ दिया। पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 92.97 मीटर के थ्रो के साथ नया ओलंपिक रिकॉर्ड स्थापित किया। 92.97 मीटर के विशाल थ्रो ने नदीम को शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया और वह 88, 72, 79.40 मीटर और 84.87 मीटर के थ्रो के साथ उस स्थान पर बने रहे और फिर 91.79 मीटर के थ्रो के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। यह दूसरी बार था जब किसी ने ओलंपिक में दो बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया। वह ओलंपिक में व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के पहले स्वर्ण पदक विजेता बन गए हैं। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 88.54 मीटर दूर जैवलिन फेंक कर कांस्य पदक जीता। चोपड़ा ने फाइनल की शुरुआत अपने पहले प्रयास में फाउल से की, नदीम ने भी अपना पहला थ्रो फाउल किया, जबकि त्रिनिदाद के केशोर्न वाल्कोट ने 86.16 मीटर के थ्रो के साथ बढ़त बनाई। एंडरसन पीटर्स 84.70 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। पदक के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे नीरज का पहला प्रयास असफल रहा। ऐसे में दबाव में नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 89.45 मीटर जैवलिन (सीजन बेस्ट) फेंका। इसके बाद भारतीय एथलीट के अगले 4 प्रयास भी फाउल रहे। पेरिस ओलंपिक में जैवलिन थ्रो इवेंट इतनी चुनौतीपूर्ण थी कि टोक्यो में रजत पदक जीतने वाले जर्मनी के जूलियन वेबर को छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। नीरज से उम्मीदें इतनी ज्यादा थीं कि रजत पदक जीतना निराशाजनक रहा, लेकिन गुरुवार को नीरज कुछ नहीं कर सके क्योंकि नदीम ने सभी को मात दे दी। रजत पदक जीतने के साथ नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए इतिहास रच दिया, वे ओलंपिक में लगातार दो पदक जीतने वाले दूसरे पुरुष भारतीय और कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले पहलवान सुशील कुमार ने 2008 और 2012 के खेलों में कांस्य और रजत पदक जीता था। पीवी सिंधु लगातार दो पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय हैं। उन्होंने 2016 और 2020 में रजत पदक जीते थे। नीरज का रजत पदक पेरिस में भारत का पांचवां पदक था, जिसमें एक रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। पिछले कुछ वर्षों से भारतीय खिलाड़ी चोटों से जूझ रहे हैं और ऐसा लगता है कि इसका असर अभी भी है। नीरज चोपड़ा को क्या मिला? नीरज चोपड़ा को ओलंपिक या वर्ल्ड एथलेटिक्स की तरफ से सिल्वर मेडल जीतने पर कोई प्राइज मनी नहीं मिली है। इस ओलंपिक में वर्ल्ड एथलेटिक्स ने सिर्फ गोल्ड मेडलिस्ट के लिए ही प्राइज मनी का ऐलान किया है। 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले ओलंपिक से एथलेटिक्स के सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडलिस्ट को भी प्राइज मनी दी जाएगी। एथलेटिक्स के अलावा इस बार किसी अन्य इवेंट में विजेताओं को कोई प्राइज मनी नहीं मिली है। नीरज ने इससे पहले दस मुकाबलों में हमेशा नदीम को हराया था। गोल्ड हाथ से फिसलने के बाद नीरज का दर्द छलका है। नीरज ने कहा कि आज उनका दिन नहीं था। उन्होंने साथ ही एक बड़ी भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि भले ही मैं पेरिस में राष्ट्रगान नहीं बजवा पाया लेकिन कहीं और यह जरूर होगा। बता दें कि जिस देश का खिलाड़ी गोल्ड जीतता है, उसके यहां का राष्ट्रगान बजाया जाता है। 'जो कमियां हैं, उनको सुधारेंगे' 26 वर्षीय नीरज ने सिल्वर मिलने के बाद कहा, ''देश के लिए जब भी मेडल जीतते हैं तो उसकी खुशी होती है। अब गेम में इम्प्रूवमेंट का समय है। हम बैठेंगे, चर्चा करेंगे और सुधार करेंगे। जो कमियां हैं, उनको सुधारेंगे। अगर ओवरऑल देखें तो इंडिया की परफर्मेंस अच्छी रही है। टोक्यो के साथ गोल्ड, ब्रॉन्ज या सिल्वर की तुलना ना करें। जरूरी नहीं है कि हर बार हमारे मेडल बढ़ते जाएं। लेकिन आने वाले समय के लिए यह संकेत है कि हमारे मेडल और बढ़ेंगे।'' वहीं, नीरज से जब टोक्यो की तुलना में पेरिस के फाइनल में कड़ी टक्कर पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''कंपटीशन बहुत अच्छा था। हर एथलीट का अपना दिन होता है। आज अरशद का दिन था। लेकिन टोक्यो, बुडापेस्ट या एशियन गेम्स की बात करें तो अपना दिन था।'' 'मैं स्वीकार करता हूं कि…' उन्होंने आगे कहा, ''मैंने अपना बेस्ट दिया लेकिन कुछ चीजों पर ध्यान देने और उनपर काम करने की जरूरत है। थोड़ा इंजरी ठीक करके उस दिशा में काम करना होगा। खेल के समय जो फोकस इंजरी की तरफ रहता है, वो परफॉर्मेंस की तरफ हो, यह देखने होगा। थ्रो तो है और अच्छा है। एक बार निकलेगी जब सब तरीके से फिट हो जाएंगे और मेंटली बिलकुल तैयार होंगे। सबकी उम्मीद थी कि हमारा हमारा राष्ट्रगान बजे। उसपर खरा भी उतरे हैं। लेकिन मैं यह बात स्वीकार करता हूं कि आज शायद अपना दिन नहीं था। हमेशा अच्छा रहा है पर आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाया। भले ही पेरिस में राष्ट्रगान नहीं बजा मगर आगे फिर मौका मिलेगा और कहीं और ऐसा होगा।''     recent visitors 149

अब समय नहीं आ गया है कि, भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखायी थी ?

नई दिल्ली बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन तो बहाना था. जिस तरह आरक्षण के खत्म होने के बाद भी लगातार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं उससे लगता है कि यह पूरा आंदोलन हिंदुओं के खिलाफ ही शुरू हुआ हो. हिंदुओं के घर जलाए जा रहे हैं, हिंदू महिलाओं को उनके घर से उठा लिया जा रहा है, हिंदुओं के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लूट हो रही है, मंदिरों को जलाया जा रहा है. जाहिर है कि भारत इन सब घटनाओं को लेकर चिंतित है. भारत सरकार लगातार बांग्लादेश के अधिकारियों के साथ संपर्क में है. पर जब वहां कोई कानून व्यवस्था ही नहीं है तो अधिकारी क्या सचाई बताएंगे. इस तरह के अधिकारियों से संपर्क मात्र से हिंदुओं के जान-माल की रक्षा नहीं की जा सकती है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी सरकार से कहा है कि वो बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कुछ करे. बाबा रामदेव जग्गी वासुदेव जैसे गुरुओं ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई है. क्या अब समय नहीं आ गया है कि भारत वैसी ही हिम्मत और तत्परता दिखाए जैसा 1971 में देश ने दिखाया था? भारत हिंदुओं की रक्षा के लिए क्या कर सकता है? बांग्लादेश की सेना हो या खालिदा जिया, सबको है भारत की जरूरत इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता कि शेख हसीना भारत के प्रति पूर्ण समर्पित थीं. चीन और अमेरिका के दबाव में भी उन्होंने कोई ऐसा काम नहीं किया जो भारत के हितों के विपरीत जाता. पूर्वोत्तर के आतंकवाद को पस्त करने में भी शेख हसीना ने मोदी सरकार की बहुत मदद की. पूर्वोत्तर के तमाम आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप, जो बांग्लादेश में चल रहे थे, उन्हें खत्म करने में उन्होंने मदद की. कई कुख्यात आतंकियों को भारत को बांग्लादेश ने सौंप कर आतंकवाद पर लगाम लगाने का काम किया. जाहिर है कि अभी कुछ साल अवामी लीग फिर से सत्ता में आने से रही. बीएनपी की खालिदा जिया शुरू से ही पाकिस्तान और अमेरिका समर्थक रही हैं. उनकी पूरी राजनीति भारत विरोध पर टिकी रही है. इसलिए ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए की वो भारत विरोधी रणनीति पर ही काम करेंगी. पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में कुछ भी असंभव नहीं है. अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ऐसा महसूस किया जा रहा था कि भारत के लिए परेशानी और बढ़ेगी. पर आज भारत अपने पड़ोसियों में सबसे ज्यादा निश्चिंत शायद अफगानिस्तान से ही है. इसी तरह से अगर भविष्य में खालिदा जिया अगर सत्ता में आती हैं तो उनकी भी मजबूरी होगी भारत से रिश्ते सुधारना. अगर सैन्य शासन कंटीन्यू होता है तो उसे भी भारतीय समर्थन की जरूरत होगी. इसलिए हिंदुओं को बचाने के लिए सबसे पहला प्रयास तो वर्तमान में बंग्लादेश में जो भी सत्ता में आए उससे बात करने की होनी चाहिए. अगर फिर भी हिंदुओं के खिलाफ हिंसा नहीं रुकती है तो दूसरे कदमों पर विचार करना चाहिए. भारत की बिजली और अन्य मदद पर निर्भर है बांग्लादेश भारत का बांग्लादेश में अरबों का निवेश है.दक्षिण एशिया में बांग्लादेश हमारा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. वर्ष 2022-23 के बीच दोनों देशों के बीच का कुल व्यापार 15.93 बिलियन अमेरिकी डालर रहा है. ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश कई प्रोजेक्ट्स पर संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं. बांग्लादेश वर्तमान में 1160 मेगावाट बिजली भारत से आयात कर रहा है. दोनों देशों के बीच भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन बेहद अहम है. भारत ने पिछले एक दशक में बांग्लादेश को सड़क, रेलवे, बंदरगाहों के निर्माण के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए हैं.बांग्लादेश भारत पर बिजली के लिए निर्भर है. भारत के हाथ खींचने से बांग्लादेश के कई प्रोजेक्ट्स रुक सकते हैं. बांग्लादेश पहले से ही चीन का कर्जदार है .चीन का कर्जा इतना बढ़ चुका है कि चीन अब बिना कुछ लिए मदद नहीं करने वाला है. खालिदा जिया हों या सेना कोई भी नहीं चाहेगा कि कर्ज के लिए चीन की ऐसी शर्तों को मानें जो देश के स्वाभिमान के खिलाफ हैं. अलगाववादी आंदोलनों को दे सकते हैं हवा दक्षिण एशिया की राजनीति को समझने वाले जानते हैं कि किस तरह बांग्लादेश, म्यांमार और भारत के पूर्वी ईसाई बहुल हिस्सों को मिलाकर एक ईसाई देश बनाने की तैयारी चल रही है. बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने भी एक बार कहा था कि पश्चिमी देशों की योजना है कि ईस्ट तिमोर जैसा एक ईसाई देश बनाया जा सके, जो सीधे उनकी उंगली पर नाच सके. हसीना ने यह भी कहा था कि एक ह्वाइट मेन बांग्लादेश के एक द्वीप पर सैन्य अड्डा बनाने की अनुमति मांग रहा था. समझा जाता है कि उनका इशारा अमेरिका की ओर था. बांग्लादेश में तख्तापलट से भी समझा जा रहा है कि अमेरिकी एजेंसियों का हाथ है. भारत को खुलकर इस अलगाववादी आंदोलन को हवा देनी चाहिए. रही बात भारत के हिस्से की तो भारत आर्थिक और सामरिक दोनों तरीकों से इतना ताकतवर हो चुका है कोई भी यहां का स्टेट या समुदाय फटेहाल लोगों के साथ नहीं जाना चाहेगा. भारत को बांग्लादेश में काफी समय से चल रहे बंगभूमि आंदोलन को हवा देना होगा. इस अलगाववादी आंदोलन की कल्पना बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए बांग्लादेश में एक अलग बंगाली हिंदू देश बनाने की है. वंगा ऑर्मी एक अलगाववादी हिंदू संगठन है जिसका नेतृत्व कालिदास बैद्य करते हैं. 1971 में भारतीय सेना ने मुक्तिवाहिनी को ट्रेनिंग दी, जो बांग्लादेश को पाकिस्तान से अलग करने में काम आया. यूक्रेन में जिस तरह रूसी भाषियों की सुरक्षा हुई, उससे सीख ले सकते हैं काउंसिल आफ स्ट्रैटेजिक अफेयर्स से संबद्ध सामरिक विश्लेषक दिव्य कुमार सेतु अपने एक ऑर्टिकल में लिखते हैं कि बांग्लादेश में जिस तरह हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं उसकी भयावहता को देखते हुए भारत को हिंदू अल्पसंख्यकों की दूरगामी सुरक्षा सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम करना होगा. इसके लिए भारत चाहे तो रुस से सीख ले सकता है. यूक्रेन के डोनस्क और लुहांस्क में जिस तरह रूसी भाषियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाया गया है उसी तरह भारत के निकट बांग्लादेश में हिंदुओं की घनी आबादी वाले क्षेत्र स्थापित किए जाएं. अगर हम यह नहीं कर सके तो बांग्लादेश … Read more

मध्यप्रदेश और कर्नाटक का भाई-भाई का संबंध : Investment के लिए आमंत्रित हैं

गूगल क्लाउड ने MP में स्टार्टअप हब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दिया प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव तेजस विमान निर्माता Hindustan Aeronautics ने प्रदेश में रक्षा उद्योग स्थापना में दिखाई रूचि मध्यप्रदेश और कर्नाटक का भाई-भाई का संबंध : Investment के लिए आमंत्रित हैं 3200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त : 7 हजार रोजगार के अवसर होंगे सृजित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गूगल क्लाउड ने कुशल कार्यबल को बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश में स्टार्टअप हब और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। तेजस विमान के निर्माता हिन्दुस्तान ऐरोनाटिक्स लिमिटेड से मध्यप्रदेश में रक्षा संबंधी उद्योग स्थापना के संबंध में चर्चा हुई है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। इसी प्रकार एन वीडिया ने मध्यप्रदेश को 'भारत की इंटेलिजेंस राजधानी' के रूप में स्थापित करने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करने का सुझाव दिया है। बेंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश सत्र के अंतर्गत इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटिज इन मध्यप्रदेश के इंटरेक्टिव सत्र में प्रदेश में लगभग 3200 करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, इससे लगभग रोजगार के 7 हजार अवसर सृजित होंगे। यह दौरा निवेश की दृष्टि से सकारात्मक रहा। मध्यप्रदेश और कर्नाटक का भाई-भाई का संबंध है, दोनों राज्यों में एक सा वातावरण है। कर्नाटक में व्यापार, व्यवसाय और उद्योग संचालकों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए और स्थान मिले, इसी उद्देश्य से इन्वेस्ट मध्यप्रदेश कार्यक्रम कर्नाटक में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरू में हुए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के इंटरेक्टिव सत्र के बाद पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश और कर्नाटक के संबंध समय के साथ अधिक समृद्ध व प्रगाढ़ होंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरू में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के सकारात्मक परिणाम, 28 अगस्त को ग्वालियर में होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में दिखेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश आमंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने अलग-अलग राज्यों में जाकर वहाँ के उद्यमियों और उद्योगपतियों से चर्चा की योजना बनाई थी। इस दिशा में ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं। आशा है कर्नाटक के साथ बने संबंध समय के साथ अधिक समृद्ध व प्रगाढ़ होंगे। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश में कर्नाटक सहित अन्य राज्यों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने की भागीदारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आईटी कंपनियों की ख्यातिनाम संस्था नैसकॉम और स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर के प्रतिनिधियों तथा इन्फोसिस, काग्निज़ेंट, टीसीएस, हैपियस माइन्स और सैप इत्यादि के साथ प्रदेश में आईटी के विकास और उनके भविष्य की योजनाओं के संबंध में चर्चा हुई, जिसके सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में कर्नाटक सहित आसपास के राज्यों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की। लैप इंडिया, रिलायंस कंज्यूमर, डीएचएल ग्लोबल, टेक महिंद्रा, माइक्रोसॉफ्ट, केनेस टेक्नोलॉजी, किर्लोस्कर सिस्टम्स सहित 30 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन-टू-वन मीटिंग की गई। ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड सहित कई देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इन्वेस्ट मध्यप्रदेश में ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, इटली और फ्रांस के महावाणिज्यकों के साथ-साथ ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त और फिनलैंड, पोलैंड, कंबोडिया, मोरक्को, पेरू, ट्यूनीशिया, नामीबिया, स्पेन के मानद वाणिज्यिक दूत शामिल हुए। इसके साथ ही कार्यक्रम में नैसकॉम, कनफ़ेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज, आइएसा, एक्लिना, टाई, सीआईएमआई, कसिआ, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन, एपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदेश में निवेश के लिए प्रस्तुतिकरण, राउंट टेबल मीटिंग के साथ अनुभवों का हुआ आदान-प्रदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश के लिए वातावरण बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम में राज्य शासन की ओर से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, साइंस एवं टेक्नोलॉजी, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश में विद्यमान संभावनाओं, सुविधाओं और प्रोत्साहन व सहयोग नीतियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा आईटी सेक्टर में इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर एसोसिएशन, टाई ग्लोबल, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया और एसोसिएशन ऑफ जियो स्पेशियल इंडस्ट्रीज के साथ एम.ओ.यू. संपादित किए गए। इन्वेस्ट मध्यप्रदेश के अंतर्गत स्पेस टेक्नोलॉजी सेक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, आईटी-आईटीईएस व ईएसडीएम सेक्टर तथा एपेरल इंडस्ट्री के साथ राउंड टेबल बैठकें की गईं। कार्यक्रम में मनिपाल ग्रुप के मोहनदास पाई, लैप इंडिया के चीफ ऑपरेशन ऑफीसर शिव वेंकटरामानी और इन्फ़ोबीन्स के एमडी सिद्धार्थ सेठी ने अपने अनुभव साझा किए।   recent visitors 70