आज BSE के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सभी शेयरों में तूफानी तेजी, बैंक निफ्टी 600 अंक चढ़ा

मुंबई पिछले दो दिनों की भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार में शानदार तेजी देखी जा रही है. मंगलवार को Sensex 944 चढ़कर 79,693.64 पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी की बात करें तो 278 अंक चढ़कर 24,334.10 पर कारोबार कर रहा है. वहीं बैंक निफ्टी 600 अंक चढ़कर 50,660 लेवल पर कारोबार कर रहा था. अमेरिकी शेयर बाजार रातों-रात 3 प्रतिशत तक गिरकर बंद हुए. इससे पहले, सोमवार को Sensex 2,222.55 अंक या 2.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,759.40 पर बंद हुआ था. Nifty 662.10 अंक या 2.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,055.60 पर बंद हुआ. यह Nifty के 23 जुलाई के 24,074.20 के निचले स्तर से काफी कम है. इन शेयरों में शानदार तेजी BSE के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो सभी शेयरों में तूफानी तेजी देखी जा रही है. Tata Motors में सबसे ज्‍यादा 4 प्रतिशत की तेजी देखी जा रही है. इसके बाद, LT, Maruti Suzuki, Adani Port और टाटा स्‍टील के शेयर 2 फीसदी से ज्‍यादा तेजी पर है. इसके अलावा, इंफोसिस और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में भी उछाल है. GE Shipping के शेयर 5.37 प्रतिशत, पतंजलि फूड के शेयर 4 प्रतिशत से ज्‍यादा, गोदरेज प्रॉपर्टीज में 4.68 प्रतिशत, Zomato के शेयरों में 4.61 प्रतिशत चढ़कर 268 रुपये पर कारोबार कर रहा है. वहीं DLF के शेयर आज 4 प्रतिशत चढ़कर 841 पर कारोबार कर रहे हैं. 50 शेयरों में अपर सर्किट NSE के 2,160 शेयरों में से 1,921 स्‍टॉक उछाल पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 194 शेयर गिरावट पर हैं. 34 शेयरों में 52 सप्‍ताह की तेजी देखी जा रही है, जबकि 7 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे हैं. इसके अलावा, 50 अपर सर्किट और 21 लोअर सर्किट पर कारोबार कर रहे हैं. IT सेक्‍टर में तेजी शेयर बाजार में आज आईटी सेक्‍टर में शानदार तेजी देखी जा रही है. यह 2 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहा है. वहीं रियल्‍टी सेक्‍टर में भी करीब 3 फीसदी की उछाल देखी जा रही है. इसके अलावा FMCG, Media, Metal और पीएसयू बैंक में भी 1 फीसदी से ज्‍यादा की बढ़ोतरी हुई है. जापान से लेकर अमेरिका तक कैसा मार्केट? जापान (NIKKEI 225) और दक्षिण कोरिया (COSPI) के स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर 11 प्रतिशत तक की उछाल आई, जबकि पिछले सत्र में भारी गिरावट आई थी, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार में अभी गिरावट जारी है. वहीं हांगकांग के शेयर बाजार में मामूली तेजी देखी गई है.   recent visitors 135

आनंद महिंद्रा काआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बड़ा बयान, डेवलप होने से 5 साल पहले बता देगा कैंसर

नईदिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन दिनों चर्चा में है। इसके इस्तेमाल और फीचर्स पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इससे होने वाले फायदे के बारे में बात करते हैं, तो कुछ लोग इसके नुकसान के बारे में चर्चा करते हैं। वहीं, भारतीय बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने AI के पूर्ण इस्तेमाल की बात की है। उन्होंने कहा है कि एआई को बड़े काम की टेक्नोलॉजी बताया है और कहा है कि यह फोटो बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कई ज्यादा उपयोगी हो सकता है। AI से डिटेक्ट करेगा ब्रेस्ट कैंसर हाल ही में अमेरिका की Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है। इसके रिसर्चर ने दावा किया है कि, AI ब्रेस्ट कैंसर को उसके डेवलप होने से लगभग पांच साल पहले ही डिटेक्ट कर सकता है। अब आनंद महिंद्रा ने साइंस न्यूज नाम के हैंडल पर की गई पोस्ट को रिपोस्ट किया है। उन्होंने इस पर लिखा है कि यह बहुत काम का साबित हो सकता है। कैंसर को डिटेक्ट करने का ये है तरीका कैंसर का पता लगाने के लिए फिलहाल Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT स्कैन और PET स्कैन हैं। अब रिसर्चर्स ने दावा किया है कि AI की मदद से एक्यूरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है। X प्लेटफॉर्म पर किया पोस्ट महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने X प्लेटफॉर्म (पूर्व नाम Twitter) पर अपनी इस राय को शेयर किया. उन्होंने अपने इस पोस्ट में साइंस न्यूज के पोस्ट को रिपोस्ट किया है. आनंत महिंद्रा का x पर पोस्ट हाल ही में अमेरिका बेस्ड Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है. यह AI मॉडल कैंसर डेवलप होने से करीब 5 साल पहले कैंसर को बता देगा. ये दावा रिसर्चर ने किया है. कैंसर पता लगाने का असली तरीका कैंसर का पता लगाने के लिए, जो ट्रेडिशनल तरीका है, वो Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन है. इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT और PET Scans हैं. वहीं, AI सिर्फ मेडिकल इमेज को एनालाइज करके ज्यादा बेहतर एक्युरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है, जो दावा रिसर्चर ने किया है. आनंद महिंद्रा ने AI की थी आलोचना आनंद महिंद्रा ने बीते साल एक पोस्ट करके एक फोटो भी पोस्ट की थी. यह फोटो उनकी हमशक्ल थी और उसे AI से बनाता था, जिसमें वे होली के रंग के साथ दिखाए गए थे. तब उन्होंने कहा था कि यह कई लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. यहां आनंद महिंद्रा को उस फॉर्म में दिखाया था, जिसे उन्होंने असली दुनिया में किया ही नहीं था. recent visitors 106

CM मोहन यादव बेंगलुरू इन्वेस्ट मीट में उद्योगपतियों को खनिज क्षेत्र में निवेश के लिये करेंगे प्रोत्साहित

भोपाल मध्य प्रदेश में खनिज संपदा के 33 ब्लॉकों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो दिवसीय प्रवास पर बेंगलुरू जाने वाले है। जहां वे 8 अगस्त को इंटरेक्टिव सेशन में प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा पर उद्योगपतियों का ध्यान आकर्षित कर निवेश के लिये प्रोत्साहित करेंगे। गौर तलब है कि मिनरल ऑप्शन के लिये मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार भी मिल चुका है। मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की भरपूर संभावनाएं हैं, जिनमें एल्युमिनियम, लेटराइट, बॉक्साइट, मेटल, डायमंड, गोल्ड, लाइमस्टोन और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। राज्य में खनिज संपदा की नीलामी के लिए 33 ब्लॉकों की पहचान की गई है, जिनमें 17 कोल ब्लॉक और 20 प्रमुख खनिजों के ब्लॉक शामिल हैं। पिछले साल एक साथ 51 ब्लॉक का आक्शन हुआ था, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेंगलुरू में उद्योगपतियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन में भाग लेंगे, जहां वे मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की संभावनाओं की जानकारी देंगे और उद्योगपतियों को निवेश के लिए प्रेरित करेंगे। प्रदेश के 17 कोल ब्लॉक के ऑक्शन भी प्रक्रिया में है। प्रमुख खनिजों के 20 ब्लॉक भी ऑक्शन की प्रक्रिया में है।मध्यप्रदेश में खनिज संपदा में निवेश की बहुत ज्यादा संभावना बनी। लाइमस्टोन भंडार का 9 प्रतिशत राज्य में मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। थर्मल पावर प्लांट्स और कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स और उद्योगों के लिए निवेश की भरपूर संभावनाएं हैं। देश के कुल लाइमस्टोन भंडार का 9% मध्यप्रदेश में है। सीमेंट उद्योग के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श निवेश स्थान है। देश में उपलब्ध डायमंड भंडार का 90% मध्यप्रदेश में पाया जाता है। यह अकेले पन्ना और छतरपुर में है। डायमंड बिजनेस पार्क और और कंपोजिट लाइसेंस के लिए 5 ब्लॉक की पहचान की गई है। मध्यप्रदेश पायरोफ्लाइट के उत्पादन में भी अग्रणी राज्य है। देश के उत्पादन का 41% मध्यप्रदेश में देश में सर्वाधिक भंडार 14 मिलियन टन मध्यप्रदेश में है, जो छतरपुर, शिवपुरी और टीकमगढ़ में है। देश में सेरेमिक, पॉटरी, पोर्सलिन और टाइल्स उद्योगों के लिए सबसे लाभकारी निवेश स्थान है। समृद्ध खनिज संपदा पूरा मध्यप्रदेश खनिज संपदा से भरा पड़ा है। ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन और क्वार्ट्ज और फ्लैगस्टोन पाया जाता है। झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फास्फेट डोलोमाइट, लाइमस्टोन, मैंगनीज और ग्रेफाइट मिलता है। नीमच में लाइमस्टोन, बैतूल में कोल, ग्रेफाइट ग्रेनाइट, लेड और जिंक मिलता है। छिंदवाड़ा में कोल, मैंगनीज और डोलोमाइट मिलता है बालाघाट में कॉपर, मैंगनीज, डोलोमाइट, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, मंडला और डिंडोरी में डायमंड, डोलोमाइट और बॉक्साइट, सिंगरौली में कोल, गोल्ड, आयरन और शहडोल, अनूपपुर, उमरिया में कोल, कॉल बेड मीथेन, बॉक्साइट, सागर, छतरपुर और पन्ना में डायमंड, रॉक फॉस्फेट डायस्पोर, आयरन और ग्रेनाइट मिलता है। जबलपुर में डोलोमाइट, आयरन अयस्क, लाइमस्टोन, मैंगनीज, गोल्ड और मार्बल मिलता है। देश में कोयल का उत्पादन 3 लाख 61 हजार 411 मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 30 हजार 916 मेट्रिक टन कोल्ड रिजर्व है, जो देश का 8 प्रतिशत है। इसीप्रकार चूना पत्थर देश में 19028.5 मैट्रिक टन है और मध्यप्रदेश में 1692 मिट्रिक टन है, जो देश का 9% है। लौह अयस्क देश में 6209 और मध्यप्रदेश में 54.1 मीट्रिक टन है, जो देश का एक प्रतिशत है। इसी प्रकार तांबा देश में 163.9 मैट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 120.4 मीट्रिक टन है, जो देश का 73 प्रतिशत है। इसी प्रकार मैंगनीज अयस्क 75.0 मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 19.6 मिट्रिक टन है, जो देश का 26% है। बॉक्साइट 640.5 मीट्रिक टन है और मध्यप्रदेश में 18.6 मीट्रिक टन है, जो देश का तीन प्रतिशत है। रॉक फॉस्फेट देश में 30.9 मैट्रिक टन रिजर्व है और मध्यप्रदेश में 9.0 मीट्रिक टन है, जो 29% है। राष्ट्रीय रैंकिंग में भी आगे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश तांबा, मैग्नीज और हीरा उत्पादन में पहले स्थान पर है। इसी तरह रॉक फास्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। recent visitors 81

ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आबादी को 24 घंटे और किसानों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति करना राज्य शासन का संकल्प है। इस संकल्प की पूर्ति के लिये रिवेम्प्ट डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम स्कीम (आरडीएसएस) और एसएसटीडी योजना के अंतर्गत 33/11 केव्ही उपकेन्द्र, 33 केव्ही लाईन, 11 केव्ही लाईन के स्वीकृत विस्तार कार्य ग्वालियर एवं चंबल संभाग में समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। आरडीएसएस योजना के कामों का लाभ जनता को मिल सके, इसके लिये रणनीति बनाकर कार्य करें और योजना समय-सीमा में पूरी करें। उन्होंने कहा कि घोषित अवधि में गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। तोमर सोमवार को ट्रिपल आईटीएम के सभागार ग्वालियर में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के विद्युत अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बिजली अधिकारियों को सचेत किया कि मेंटेनेंस प्रभावी ढंग से किया जाए ताकि ट्रिपिंग कम से कम हो और फॉल्ट की गुंजाइश न रहे। उन्होंने ग्वालियर शहर में निर्माणाधीन 132 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र की समीक्षा की और आशा व्यक्त की कि इस उपकेन्द्र का काम जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा। उन्होंने उद्योगो को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये कहा। प्रधानमंत्री जनजातीय नागरिक महाअभियान (पीएम-जनमन) के प्रथम चरण के काम पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और द्वितीय चरण की प्रगति की समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाए तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को समुचित दण्ड दिया जाए। उन्होंने जनता से संवाद बनाए रखने के लिये ग्रामीण क्षेत्र में चौपाल लगाने और शहरी क्षेत्र में जन संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की “कुसुम” योजना से कृषि क्षेत्र के पम्प उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने की पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास केन्द्रों के लिये अतिरिक्त गाड़ी एवं कुशल कर्मचारियों की व्यवस्था की जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति के साथ-साथ पेईंग कंज्यूमर बढ़ाने तथा सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां (एटीएण्डसी लॉसेस) कम करने पर बल दिया। इस दौरान विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। इस अवसर पर ग्वालियर-चंबल संभाग की विद्युत वितरण व्यवस्था को लेकर 90 दिन की कार्ययोजना, पाँच वर्ष की कार्ययोजना और सकल वाणिज्यिक व तकनीकी हानियां एवं राजस्व वसूली के प्रयासों की समीक्षा की गई।   recent visitors 106

जंग के मुहाने पर खड़ा इजरायल सुन्‍नी सऊदी अरब से करेगा दोस्‍ती, नेतन्‍याहू ने दे दिए बड़े संकेत

तेलअवीव  हमास के राजनीत‍िक प्रमुख इस्‍माइल हानिया की हत्‍या के बाद शिया देश ईरान और इजरायल में युद्ध जैसे हालात हैं। अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि ईरान अगले 3 दिनों में इजरायल पर भीषण हमला कर सकता है। इस हमले में लेबनान का हिज्‍बुल्‍ला और यमन के हूती व‍िद्रोही भी साथ दे सकते हैं। इन सबके बीच अमेरिका जॉर्डन, यूएई और सऊदी अरब जैसे सुन्‍नी मुस्लिम देशों से एक गठबंधन बना रहा है ताकि ईरान और उसके सहयोगी संगठनों के किसी भी हमले को विफल किया जा सके। हमास के 7 अक्‍टूबर के हमले से पहले इजरायल और सऊदी अरब के बीच रिश्‍तों को पहली बार सामान्‍य बनाने पर लगभग सहमति बन गई थी लेकिन अब यह खटाई में चली गई है। इजरायली मीडिया के मुताबिक अब नेतन्‍याहू ईरान तनाव को देखते हुए सऊदी अरब के साथ रिश्‍तों को सामान्‍य बनाने की प्रक्रिया को अमेरिका के चुनाव तक स्‍थगित करना चाहते हैं। इजरायल के एन 12 टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली प्रधानमंत्री चाहते हैं कि नवंबर में अमेरिका के चुनाव परिणाम आने तक सऊदी अरब के साथ रिश्‍ते को सामान्‍य करने की प्रक्रिया को स्‍थगित कर दिया जाए। नेतन्‍याहू को डर सता रहा है कि ईरान के साथ युद्ध छिड़ सकता है और अमेरिका की सीनेट में सऊदी डील को मंजूरी मिलेगी या नहीं, यह कहना मुश्किल है। वहीं द वॉशिंगटन इंस्‍टीट्यूट के कार्यकारी डायरेक्‍टर रॉबर्ट स्‍टालओफ का कहना है कि वह इस रिपोर्ट में भरोसा नहीं करते हैं। उन्‍होंने कहा कि नेतन्‍याहू और बाइडन के बीच मुर्गा लड़ाई चल रही है। बाइडन और नेतन्‍याहू में चल रही है टेंशन रॉबर्ट ने कहा कि बाइडन और नेतन्‍याहू दोनों पुराने खिलाड़ी हैं। बाइडन ने यह बात लीक होने दी कि सऊदी अरब के साथ डील को अब किनारे कर दिया गया है क्‍योंकि उन्‍हें पता है कि नेतन्‍याहू ऐसा चाहते हैं। बाइडन ने नेतन्‍याहू पर दबाव बनाने के लिए यह किया। वहीं अब नेतन्‍याहू ने खुद ही सऊदी डील को किनारे करके बाइडन को संदेश दे दिया है कि उन्‍हें दबाया नहीं जा सकता है। नेतन्‍याहू का मुख्‍य लक्ष्‍य सऊदी अरब के साथ इजरायल के सामान्‍य रिश्‍ते था और सत्‍ता में आने के बाद उन्‍होंने पूरी ताकत लगा दी थी। इससे पहले बाइडन और नेतन्‍याहू सऊदी अरब के साथ 3 हिस्‍सों वाले समझौते की ओर आगे बढ़ रहे थे जिसे हमास के हमले ने पटरी से उतार दिया। इसमें सऊदी अरब और अमेरिका के बीच सुरक्षा समझौता शामिल था। इसके अलावा इजरायल सऊदी अरब के बीच रिश्‍ते सामान्‍य बनाना और फलस्‍तीन देश के लिए रास्‍ता साफ करना था। बाइडन प्रशासन को यह भरोसा था कि गाजा में बंधक संकट को खत्‍म करने और सीजफायर डील से एक बार फिर से सऊदी अरब के साथ रिश्‍तों को सामान्‍य बनाने के डील को फिर से आगे बढ़ाया जा सकेगा। ईरान के खिलाफ गठजोड़ बना रहे थे बाइडन सऊदी अरब के साथ सुरक्षा समझौते को अमेरिका के सीनेट से मंजूरी मिलना जरूरी होगा लेकिन इसके लिए रिपब्लिकन पार्टी के सपोर्ट की जरूरत होगी। वहीं ऐसा माना जाता है कि एक सऊदी अमेरिकी सुरक्षा डील को डेमोक्रेट तब सपोर्ट नहीं करेंगे जब डोनाल्‍ड ट्रंप सत्‍ता में होंगे। वहीं इस डील को शिया देश ईरान के खिलाफ एक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे के लिए आधार माना जा रहा था। इसमें सऊदी अरब और इजरायल दोनों को ही शामिल किया जाना था। recent visitors 171

मंडी में 9 सालों से चल रहा है देसी घी के पराठे का भंडारा, रोजाना बनते हैं 5 हजार पराठें

 मंडी भंडारा सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है। आपने ज्यादातर भंडारों में दाल-चावल, सब्जी-रोटी या फिर हलवा-खीर-पूरी आदि खाए होंगे, लेकिन मंडी जिले में सावन महीने के दौरान एक ऐसा भंडारा भी लगता है जिसमें दिन भर सिर्फ और सिर्फ देसी घी से बने पराठे ही खिलाए जाते हैं। यह भंडारा सजता है चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर नागचला स्थित हनुमान मंदिर के पास। आप यहां चाहे सुबह जाएं, दोपहर को या फिर शाम को, यहां आपको देसी घी में बने तरह-तरह के पराठे ही खाने को मिलेंगे। हम बात कर रहे हैं हिमाच के मंडी जिले में लगने वाले पराठों के लंगर की। इस लंगर में देसी घी से बने पराठें भक्तों को परोसे जाते हैं। सुबह से शाम तक यहां हजारों पराठें बनाए जात हैं। यह भंडारा सजता है चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर नागचला स्थित हनुमान मंदिर के पास लगता है। ये लंगर पिछले 9 सालों से चल रहा है। कौन करता है भंडारे का आयोजन बता दें कि पराठों का ये भंडारा हर साल सावन के महीने में लगता है। ये परंपरा पिछले 9 सालों से चल रही है। पराठों का ये लंगर सुबह शुरू होता है और शाम तक चलता है। पराठे के भंडारे की प्रथा को वर्ष 2016 में स्वयं बाबा शंभू भारती ने शुरू किया था। उसके बाद हर साल बाबा शंभू भारती के अनुयायी आपसी और जनसहयोग से सावन माह में इस भंडारे का करते आ रहे हैं। 2016 में बाबा शंभू भारती ने शुरू की थी पराठे के भंडारे की प्रथा बीते 9 वर्षों से पराठों के इस भंडारे का आयोजन बाबा शंभू भारती के अनुयायी आपसी और जनसहयोग से हर वर्ष सावन माह में करते आ रहे हैं। आयोजक रमेश भारती ने बताया कि पराठे के भंडारे की प्रथा को वर्ष 2016 में स्वयं बाबा शंभू भारती ने शुरू किया था। उनके स्वर्गवास के बाद अब उनके अनुयायी सभी के सहयोग से हर वर्ष इसे आयोजित कर रहे हैं। रोजाना डेढ़ से दो क्विंटल आटे और 25 से 30 किलो देसी घी के इस्तेमाल से 3 से 5 हजार पराठे बनाकर हर आने-जाने वाले को खिलाए जाते हैं। इस कार्य को करने के लिए बहुत से सेवादार पंजाब से आकर स्वेच्छा से यहां अपना योगदान देते हैं। 'लोगों के लिए मददगार साबित होता है ये भंडारा' स्थानीय निवासी चेतन गुप्ता ने बताया कि कुल्लू-मनाली की तरफ जब रास्ता बंद हो जाता है तो अधिकतर वाहनों को नागचला के पास ही रोक दिया जाता है। ऐसी स्थिति में यह भंडारा उन सभी लोगों के लिए मददगार साबित होता है जो रास्ते में फंसे होते हैं और भोजन की तलाश करते हैं। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में इस भंडारे में आकर पराठे का प्रसाद ग्रहण करते हैं। बता दें कि यह भंडारा सावन माह के दौरान पूरा 40 दिन चलता रहता है। यहां आने वाले हर व्यक्ति को भरपेठ पराठे खिलाए जाते हैं। रोजाना लगता है डेढ़ से दो क्विंटल आटा मंडी में लगने वाले इस लंगर में रोजाना डेढ़ से दो क्विंटल आटे का इस्तेमाल किया जाता है। पराठों को बनाने के लिए 25 से 30 किलो देसी घी का इस्तेमाल रोज होता है। रोजाना 3 से 5 हजार पराठें इस लंगर सेवा में बनाए जाते हैं। यहां हर आने-जाने वाले को पराठें खिलाए जाते हैं। इस कार्य को करने के लिए बहुत से सेवादार पंजाब से आकर स्वेच्छा से यहां अपना योगदान देते हैं। लोगों के लिए मददगार साबित होता है ये लंगर स्थानीय लोगों ने बताया कि कुल्लू-मनाली की तरफ जब रास्ता बंद हो जाता है तो अधिकतर वाहनों को नागचला के पास ही रोक दिया जाता है। ऐसी स्थिति में यह भंडारा उन सभी लोगों के लिए मददगार साबित होता है जो रास्ते में फंसे होते हैं। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में इस भंडारे में आकर पराठे का प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह भंडारा सावन माह के दौरान पूरा 40 दिन चलता रहता है। यहां आने वाले हर व्यक्ति को भरपेठ परांठे खिलाए जाते हैं।   recent visitors 95

दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना भारत में चलाई जा रही, स्वास्थ्य बजट के आवंटन में 164 % की बढ़ोतरी : जेपी नड्डा

 नई दिल्ली  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने लोगों के स्वास्थ्य को मोदी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए दावा किया है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना भारत में चलाई जा रही है और स्वास्थ्य बजट के आवंटन में भी 164 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार सिर्फ घोषणाएं ही नहीं करती, बल्कि उसे धरातल पर सफल बनाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम करती है। विपक्षी दलों के हंगामे के बीच लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार सक्रिय और प्रतिक्रियाशील रही है। वर्ष 2013-14 में स्वास्थ्य का जो बजट 33,278 करोड़ रुपए था, आज उस बजट को बढ़ाकर 90,958 करोड़ रुपए कर दिया गया गया है। स्वास्थ्य बजट के इस आवंटन में 164 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य के बजट में यह बढ़ोतरी लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल को प्राथमिकता देने और भारतीयों नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करने की मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नड्डा ने कहा कि एनडीए की पहली सरकार (अटल बिहारी वाजपेयी सरकार) से पहले देश में एक एम्स था, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 6 एम्स खोले गए। वर्तमान मोदी सरकार के कार्यकाल में 22 एम्स को मंजूरी दी गई, जिसमें से 18 ऑपरेशनल और 4 निर्माणाधीन हैं। अपने जवाब के दौरान विपक्षी दलों के हंगामे पर सदन में पलटवार करते हुए नड्डा ने कहा कि राजनीति करनी है तो करिए और सच्चाई सुननी है तो सुनिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधते हुए बीमारी से संबंधित आंकड़ों को केंद्र के साथ शेयर नहीं करने का आरोप लगाया। नड्डा ने सदन के माध्यम से देश को यह भी बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 12 करोड़ परिवार यानी 55 करोड़ से ज्यादा लोगों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही 1.73 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं। दुनिया के देश भारत के आयुष्मान भारत योजना का अध्ययन कर रहे हैं। सरकार ने आयुष्मान भारत, मुफ्त दवाइयों एवं जांच सुविधाओं सहित स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य सुविधाओं पर जोर देकर आउट ऑफ पॉकेट खर्च को 62 प्रतिशत से कम कर 47.1 प्रतिशत पर पहुंचाया है। उन्होंने कोविड के संकट काल के दौरान मोदी सरकार द्वारा चलाए गए दुनिया के सबसे बड़े और सफल टीकाकरण अभियान का भी जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की तुलना में मोदी सरकार द्वारा तेजी से कामकाज किए जाने का दावा किया। जेपी नड्डा के जवाब के बाद लोकसभा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। recent visitors 137