हाईकोर्ट जज के संपर्क में थे घोटाले के दो आरोपी अफसर, छत्तीसगढ़ पीडीएस में ईडी का एससी में बड़ा खुलासा

रायपुर. छत्तीसगढ़ में एक हजार करोड़ रुपये के कथित नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला (पीडीएस) मामले में बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। इस मामले में शामिल दो अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज से संपर्क किया था। ईडी ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है। ईडी ने एससी को दिये अपने हलफनामे में दावा करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भूपेश सरकार के दो नौकरशाह अपने खिलाफ चल रहे मामले को कमजोर करने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश किये थे। हालांकि, एक अगस्त के हलफनामे में ईडी के संबंधित जज का नाम नहीं बताया गया है। ईडी ने दावा करते हुए कहा कि उनसे उनके भाई और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अजय सिंह के जरिए संपर्क किया गया था। ईडी ने इस संबंध में दावा करते हुए कहा कि इस मुकदमे की जांच को प्रभावित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। टुटेजा तत्कालीन एडवोकेट जनरल सतीश चंद्र वर्मा के माध्यम से न्यायाधीश के संपर्क में थे। यह 31 जुलाई और 11 अगस्त 2019 के व्हाट्सएप से मिले संदेशों से क्लीयर है। व्हाट्सएप संदेशों से पता चला है कि न्यायाधीश की बेटी और दामाद का बायोडाटा तत्कालीन एजी की ओर से कार्रवाई करने के लिए टुटेजा को भेजा गया था, जो न्यायाधीश और दोनों मुख्य आरोपी टुटेजा और शुक्ला के बीच कोर्डिनेट का काम कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट को ईडी ने दावा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के नागरिक जन आपूर्ति निगम घोटाले में आरोपी दो वरिष्ठ नौकरशाह अनिल कुमार टुटेजा और आलोक शुक्ला अक्टूबर 2019 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज के संपर्क में थे। उसी जज की अदालत से 16 अक्तूबर 2019 को आलोक शुक्ला को जमानत पर रिहाई का आदेश जारी हुआ था। इतना ही नहीं ईडी का दावा है कि तत्कालीन महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा दोनों दागियों और न्यायाधीश के बीच संपर्क बनाए हुए थे। 'नए सिरे से एक अलग स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए' ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि साल 2020 में कोरोना लॉकडाउन शुरू होने के ठीक पहले अनिल टुटेजा और डॉ.आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत अर्जी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में फाइल की गई थी। हाईकोर्ट  में इनकी जमानत अर्जी विचार करने के लिए रखा गया था जबकी बाकी सभी अन्य आपराधिक मामलों में जमानत आवेदन ट्रायल कोर्ट (जिला न्यायालय) में फाइल करनी होती है और अगर जिला न्यायालय से राहत नहीं मिलती है तब हाइकोर्ट में अर्जी लगानी पड़ती है। अनिल टुटेजा और डॉ. आलोक शुक्ला की जमानत अर्जी पर एक साथ साल 2020 में सुनवाई हुई थी। इतना ही नहीं ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में अनिल टुटेजा और डॉ. आलोक शुक्ला की जमानत रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। ईडी की याचिका में ये भी मांग की गई है कि नान घोटाले की जांच नए सिरे से एक अलग स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। जज के भाई के संपर्क में थे आरोपी सुप्रीम कोर्ट में ईडी ने अपने शपथ पत्र और दलील में कहा कि टुटेजा और शुक्ला आरोपी शुक्ला की अग्रिम जमानत के मामले के संबंध में न्यायाधीश के भाईके संपर्क में थे। क्योंकि न्यायाधीश की पीठ के समक्ष लंबित था।  जैसे ही 16 अक्टूबर 2019 को दोनों आरोपियों को जमानत दी गई तो न्यायाधीश के भाई को मुख्य सचिव के पद से हटा दिया गया और 1 नवंबर 2019 को योजना आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। इसमें कहा गया है कि “आरोपी व्यक्ति अनुसूचित अपराध में अन्य मुख्य आरोपियों की भूमिका को कमजोर करने के लिए सह-अभियुक्त शिव शंकर भट्ट के मसौदा बयान को शेयर करने और संशोधित करने में शामिल थे। ताकि अनुसूचित अपराध में अन्य प्रमुख आरोपियों की भूमिका कमजोर साबित की जा सके। व्हाट्सएप चैट से हुआ बड़ा खुलासा ईडी का दावा है कि टुटेजा और शुक्ला के तत्कालीन महाधिवक्ता के साथ 4 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2019 के व्हाट्सएप चैट के विश्लेषण से जस्टिस चंदेल के भाई और तत्कालीन एडीजी आर्थिक अपराध शाखा-भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रायपुर की भूमिका का पता चलता है। उस समय वो ही अनुसूचित अपराध का बचाव करने के प्रभारी थे। दोनों आरोपियों को भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज मामले को कमजोर करने में इन्होंने ही अहम भूमिका निभाई थी। एजेंसी ने दावा किया कि घोटाले पर राज्य ईओडब्ल्यू की रिपोर्ट से कई पैराग्राफ टुटेजा और शुक्ला के कहने पर मुख्य आरोपी के हितों की रक्षा के लिए हटा दिए गए थे। बाद में वही संशोधित रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश की गई। ईडी ने कहा कि अभियुक्तों की संलिप्तता और उच्च पदस्थ संवैधानिक राज्य अधिकारियों की मिलीभगत से मुकदमे को पटरी से उतारने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने के ठोस प्रयास के संबंध में एक स्वतंत्र एजेंसी की ओर से जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। जानें क्या था मामला बीजेपी का आरोप है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में ये घोटाला हुआ था। राज्य में 13 हजार 301 दुकानों में राशन बांटने में गड़बड़ी उजागर हुई थी। केवल चावल में ही 600 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था। एक हजार करोड़ से ज्यादा का कुल घोटाला हुआ था। स्टॉक जांच नहीं करने के बदले में एक-एक राशन दुकान वाले से दस-दास लाख रुपये लिया गया था। घोटला पर एफआईआर दर्ज ईडी की रिपोर्ट पर कस्टम मिलिंग घोटला में एफआईआर दर्ज की गई है। कई राइस मिलर्स की ओर से नागरिक आपूर्ति निगम एवं एफसीआई में जो कस्टम मिलिंग का चावल जमा किया जाता है। उसमें व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। प्रति क्विंटल के हिसाब से अवैध राशि की वसूली की गई है। पद का दुरूपयोग करते हुए विभिन्न शासकीय अधिकारियों की ओर से राइसमिलर्स के साथ मिलीभगत कर लाभ प्राप्त कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई है। प्रीतिका पूजा को मनोज सोनी, प्रबंध संचालक मार्कफेड के मारफत रोशन चन्द्राकर की ओर से निर्देश था कि उन्हीं मिलर्स के बिल का भुगतान किया जाना है जिनकी वसूली की राशि रोशन चन्द्राकर को प्राप्त हुई है। किन मिलर्स को भुगतान किया जाना है, इसकी जानकारी संबंधित जिले के राईस मिलर्स एसोसिएशन के द्वारा मनोज सोनी के माध्यम से मिलती … Read more

डमरु वादन की मंगल ध्वनि से गुंजायमान हुई उज्जयिनी, 1500 डमरू वादकों ने बनाया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड

बाबा महाकाल की सवारी बनी आस्था, उत्साह और उमंग की त्रिवेणी डमरु वादन की मंगल ध्वनि से गुंजायमान हुई उज्जयिनी एक साथ 1500 डमरू वादकों ने बनाया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड भगवान महाकाल श्रावण के तीसरे सोमवार निकले नगर भ्रमण पर, भक्तों को दिए दर्शन उप मुख्यमंत्री देवड़ा और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री राजपूत बाबा महाकाल की सवारी में हुए शामिल उज्जैन बाबा महाकाल की तीसरी सवारी आस्था, उत्साह और उमंग के साथ निकाली गई। श्रावण माह के तीसरे सोमवार भगवान महाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर मनमहेश के रूप में व गरूड़ रथ पर शिव-तांडव स्वरूप में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले और अपनी प्रजा का हाल जाना। इस दौरान 1500 डमरू वादकों ने एक साथ डमरू बजाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाया।  भगवान महाकाल की सवारी निकलने के पूर्व महाकालेश्वर मंदिर के सभा मंडप में भगवान महाकाल का उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विधिवत पूजन-अर्चन किया और सवारी में शामिल हुए। इस अवसर पर सभा मंडप में विधायक सतीश मालवीय, विधायक महेश परमार, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। डमरू वादकों के साथ बाबा निकले शिव-तांडव स्वरूप में भ्रमण पर बाबा महाकाल की सवारी में डमरू वादन की मंगल ध्वनि के साथ भगवान शिव की स्तुति की गई। डमरू वादकों द्वारा एकसाथ लयबद्ध रूप में आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रावण माह का तीसरा सोमवार उज्जैन के लिए ऐतिहासिक रहा। महाकाल लोक के शक्तिपथ पर 1500 डमरू वादकों ने एक साथ एक समय समय में लयबद्ध डमरू वादन कर विश्व कीर्तिमान रचा। बाबा महाकाल के भक्तों ने हर्षोल्लास और उमंग से सवारी में भाग लिया और डमरू वादकों का स्वागत किया। निमाड़ अंचल के सुप्रसिद्ध काठी नृत्य की हुई अदभुत प्रस्तुति बाबा महाकाल की सवारी में निमाड़ अंचल के लोकनृत्य काठी की मनमोहक प्रस्तुति आकर्षण का केन्द्र रही। भगवान शंकर और माता गौरा से जुड़ी इस प्रस्तुति ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। लोक कलाकारों ने मोर पंख से सजी आकर्षक रंग-बिरंगी वेशभूषा में प्रमुख ढाक वाद्य यंत्र से आकर्षक प्रस्तुति दी। बाबा महाकाल की सवारी के साथ भजन मंडलियां भी उत्साह और उमंग के साथ शिव भजनों की मधुर प्रस्तुति देते हुए चली। रामघाट पर भगवान महाकाल का इन्द्र देव ने भी किया जलाभिषेक भगवान महाकालेश्वर की सवारी महाकाल मन्दिर से प्रस्थान कर जैसे ही रामघाट पर पहुंची, वैसे ही चहुंओर आस्था और श्रद्धा का जन-सैलाब उमड़ पड़ा। श्रावण में अपने सौंदर्य की छटा बिखेरते हुए स्वयं प्रकृति भगवान महाकाल का स्वागत करने के लिए आतुर दिखाई दी। पुजारियों के साथ भगवान का जलाभिषेक वर्षा कर इन्द्र देव ने भी किया। भगवान महाकालेश्वर का पूजन और जलाभिषेक पं. आशीष पुजारी द्वारा कराया गया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी रामघाट पर भगवान का पूजन किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद उमेशनाथ महाराज सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। “भोले शंभु-भोलेनाथ” और “अवंतिका नाथ की जय” के घोष से श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा भगवान महाकाल की पालकी जैसे ही महाकालेश्वर मन्दिर के मुख्य द्वार पर पहुंची, सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में सवार चंद्रमौलेश्वर को सलामी दी गई। सवारी मार्ग में जगह-जगह खड़े श्रद्धालुओं ने भोले शंभु-भोलेनाथ और अवंतिका नाथ की जय के घोष के साथ भगवान महाकालेश्वर पर पुष्पवर्षा की। सुगमता से हुए श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन महाकालेश्वर भगवान की सवारी में हजारों की संख्या में भक्त झांझ, मजीरे, ढोल और भगवान का प्रिय वाद्य डमरू बजाते हुए पालकी के साथ उत्साहपूर्वक आराधना करते हुए चले। श्रद्धालुओं ने सुगमतापूर्वक भगवान के दर्शन लाभ लिए। महाकालेश्वर भगवान की सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंची, जहॉ शिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद सवारी रामानुज कोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। बाबा महाकाल की सवारी की प्रमुख झलकियां     दत्त अखाडा पर माधव संगीत महाविद्यालय के दल ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।     श्रद्धालु आकर्षक स्वरूप धारण कर भगवान महाकाल की आराधना करते हुए चले।     सवारी मार्ग पर आकर्षक रंगोलियों से जगह-जगह बाबा महाकाल की सवारी का स्वागत किया गया।     प्रशासन एवं पुलिस के आला अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का सतत् निरीक्षण करते हुए सवारी का सफल संचालन सुनिश्चित किया।     2 चलित रथ के माध्यम से श्रृद्धालुओं ने भगवान महाकाल की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन किए।     महाकाल घाटी, रामघाट, दत्त अखाड़ा, गोपाल मन्दिर आदि प्रमुख स्थानों पर बड़ी एलईडी के माध्यम से भी श्रद्धालुओं ने सवारी का सजीव प्रसारण देखा।   recent visitors 178

प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने लगाए आरोप, राजस्थान-मिड डे मील में कांग्रेस राज में करोड़ों का घोटाला

जयपुर. विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने भाजपा विधायक ललित मीणा के सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस के राज में मिड डे मील में करोड़ों रुपयों का घोटाला हुआ है। बच्चों के मुंह से दूध और मिड डे मील छीना गया है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले हालांकि ईडी जांच कर रही है। जरूरत पड़ी तो हम भी जांच करवा सकते हैं। दिलावर बोले कि जांच करवाने पर जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कानून हमें अनुमति देगा तो हम भी जांच करेंगे और यदि उसमें सरकारी कर्मचारी शामिल हैं तो उन्हें निलंबित करेंगे। दिलावर ने कहा कि मिड डे मील में बहुत सारे घपले हुए हैं। कांग्रेस ने 9 महीने का मिड डे मील देकर फर्जी अंगूठे लगवाए। बच्चों के अंगूठे क्यों लगाए गए? इससे साफ है जाहिर है कि इसमें करोड़ों का घोटाला हुआ है। विधायक ललित मीणा ने सवाल किया था कि शाहबाद तहसील में कोविड के दौरान दूध का परिवहन किया गया और फर्जी अंगूठे लगाए गए। recent visitors 137

शेख हसीना की सुरक्षा में भारत ने तैनात किए गए थे राफेल, वायुसेना और सेना प्रमुख रख रहे थे नजर

नई दिल्ली बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर हिंसक आंदोलन के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया। इसके बाद वह देश छोड़कर भारत आ गईं। भारत की एजेंसियां उनकी सुरक्षा के लिए पहले से ही तैयार थीं। एयरफोर्स के जेट विमान से वह हिंडन एयरपोर्ट पहुंचीं। एएनआई के मुताबिक भारत के रडार पहले से ही विमान का इंतजार कर रहे थे। वहीं इस बात पर पैनी नजर बनाए थे कि विमान को कोई खतरा ना होने पाए। दोपहर करीब 3 बजे एक कम ऊंचाई पर उड़ता हुआ विमान दिखाई दिया। इस विमान को तुरंत भारत आने की अनुमति दे दी गई। सूत्रों के मुताबिक शेख हसीना को सुरक्षा उपलब्ध करवाने के लिए 101 स्क्वाड्रन के दो राफेल फाइटर विमान बिहार और झारखंड के ऊपर से उड़ान भर रहे थे। हसीना के विमान से भारत की एजेंसियों की नजर थी और सुरक्षा के लिए हर उपाय किए गए थे। भारत के टॉप सुरक्षा अधिकारी इस काम में लगाए गए थे। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी और जनरल उपेंद्र द्विवेदी स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। डिफेंस स्टाफ चीफ लेफ्टिनेंट जनरल जॉनससन फिलिप मैथ्यू, सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी और खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की गई। हसीना का विमान पहुंचने के बाद एनएसए अजीत डोभाल ने उनसे मुलाकात की। एक घंटे हसीना और डोभाल के बीच बैठक चली। इसके बाद एनएसए एयरबेस से चले गए और प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सुरक्षा समिति की बैठक में शामिल हुए। बता दें कि बांग्लादेश के सेना प्रमुख वकार उज जमान ने ऐलान कर दिया है कि सेना देश की जम्मेदारी संभालेगी और अंतरिम सरकार गठित की जाएगी। वहीं शेख हसीना ने राजनीति से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है। वह ब्रिटेन में निर्वासन पर रहने को तैयार हैं। हालांकि अनुमति मिलने तक भारत में ही ठहरी हुई हैं। NSA अजीत डोभाल ने किया हसीना का स्वागत जैसे ही हसीना का विमान शाम करीब 5:45 बजे हिंडन एयर बेस पर उतरा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उनका स्वागत किया, जिन्होंने उनके साथ एक घंटे की लंबी बैठक की और बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति और उनके भविष्य के कदम पर भी चर्चा की। इसके बाद एनएसए शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक की जानकारी देने के लिए एयरबेस से रवाना हो गए। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को पूरे दिन घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही थी। सुरक्षा की वजह से ही आईं हिंडन हिंडन देश के बड़े एयरबेस में शामिल है। यहां लड़ाकू विमान तैनात हैं। माना जा रहा है कि यहां की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की वजह से ही शेख हसीना को यहां लाया गया। दूसरी वजह दिल्ली में एयर ट्रैफिक का व्यस्त होना भी है। तीसरी वजह हिंडन का दिल्ली के नजदीक होना भी है। अगर शेख हसीना को दिल्ली जाना हो तो ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। यहां कई राष्ट्रध्यक्ष आ चुके हैं। शेख हसीना पहली बार आई हैं। वह भी प्रधानमंत्री पद छोड़ने के बाद।   recent visitors 118

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा अतिवृष्टि प्रभावितों को मिलेगा मुआवजा, कुर्रई महाविद्यालय का बनेगा नवीन भवन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न हालातों का जायजा लेने के लिये आज जबलपुर से सिवनी होते हुए बालाघाट तक सड़क मार्ग से भ्रमण किया। उन्होंने वर्षा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों और पशुओं के लिये पर्याप्त सुरक्षात्मक बंदोबस्त करने के निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों और आम नागरिकों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति (मुआवजा) राशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री का सड़क मार्ग से यात्रा के दौरान गाँव-गाँव में सभी वर्गों के लोगों के साथ जन-प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मार्ग में आमजन से चर्चा की और संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि सिवनी-बालाघाट मार्ग जल्दी ही फोरलेन बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुर्रई महाविद्यालय के नवीन भवन निर्माण और नगरीय क्षेत्र बरघाट में डिवाइडर युक्त मॉडल रोड निर्मित किये जाने की सौगात जनता को दी। मुख्यमंत्री ने नागनदेवरी, लखनादौन, गनेशगंज, छपारा एवं बंडोल में बहनों से बंधवाई राखी मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सड़क मार्ग द्वारा जबलपुर से सिवनी- जबलपुर सीमा में स्थित ग्राम बंजारी पहुंचने पर विधायक बरघाट कमल मर्सकोले, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती डेहरिया एवं वरिष्ठ जिलाधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम बंजारी से सिवनी की ओर मार्ग में नागनदेवरी, लखनादौन, गनेशगंज, छपारा तथा बंडोल में बहनों से आत्मीय भेंट कर राखी बंधवाई। उन्होंने बहनों को रक्षाबंधन एवं कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी। भीमगढ़ बांध के बैक वाटर क्षेत्र का अवलोकन कर अधिकारियों को दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी जिले में छपारा तहसील स्थित बैनगंगा नदी के पुल पर वाहन रुकवाया एवं बैनगंगा नदी को प्रणाम कर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भीमगढ़ बांध के बैक वाटर का अवलोकन कर विगत 22 जुलाई को हुई अतिवर्षा से निर्मित बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्टर सुसंस्कृति जैन से अतिवर्षा के दौरान जल भराव क्षेत्र एवं प्रभावित गाँवों के संबंध में जानकारी लेकर आवश्यक प्रबंध करने को निर्देशित किया। सिवनी जिले की बहनों का स्नेह कभी नहीं भूलूंगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सड़क मार्ग से सिवनी जिला मुख्यालय पहुंचने पर नगरवासियों द्वारा अभिवादन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अगस्त माह बहनों के लिए उत्सव की तरह मना रही है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में सरकार द्वारा कईं महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को प्रदेश में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश की लाडली बहनों को प्रतिमाह मिलने वाली 1250 रूपये की राशि के अतिरिक्त 250 रूपये की राशि रक्षा बंधन के लिए उनके बैंक खाते में अंतरित की जा रही है। जिससे वे रक्षा बंधन का त्यौहार पूरे उत्साह से मना सकें। उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को ग्रामवार, वार्डवार, निकायवार तथा जिलेवार भव्य आयोजन किए जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे सिवनी जिले की बहनों के स्नेह को सदैव अपनी स्मृति में सजों कर रखेंगे। बरघाट में बनेगा डिवाईडरयुक्त मॉडल रोड मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सिवनी-बालाघाट सड़क मार्ग के गड्डों एवं सोल्डर की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने सिवनी-बालाघाट राज्य मार्ग को परीक्षण उपरांत फोरलेन बनाए जाने की घोषणा की। उन्होंने कुरई में महाविद्यालय का नवीन भवन बनाने एवं नगरीय क्षेत्र बरघाट में डिवाईडरयुक्त मॉडल रोड बनाने की घोषणा की।   recent visitors 110

दुग्ध उत्पादक किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी मिलेगा आर्थिक लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सावन का महीना भाई-बहनों के प्रेम को प्रगाढ़ करने का पर्व: मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासन द्वारा गेहॅू के लिए दी जा रही बोनस राशि में धान भी होगा शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुग्ध उत्पादक किसानों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को भी मिलेगा आर्थिक लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री बालाघाट में आभार सह उपहार कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ.  मोहन यादव ने कहा है कि भारत त्यौहारों की संस्कृति वाला देश है। यहाँ हर एक त्यौहार मनाने के पीछे कोई न कोई मूल भावना होती है। इन त्यौहारों में परस्पर भाईचारा, प्रेम और रिश्तों को निभाने वाले संस्कार समाहित होते हैं। वर्ष के 12 महीनों में एक मास श्रावण ही ऐसा है जिसका इंतजार सभी को रहता है। इस समय बादलों के घुमड़ने के साथ ही पेड़ों पर झूलों की बहारे नजर आने लगती है। ऐसे में रक्षाबंधन का त्यौहार आता है। आज मैं अपनी लाड़ली बहनों के बीच रक्षाबंधन का उत्सव मनाकर धन्य हो गया हॅू। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण के पवित्र सोमवार को बालाघाट के इतवारी गंज जैविक कृषि मंडी में आयोजित लाड़ली बहनों के लिये समर्पित आभार सह उपहार कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति यह सिखाती है कि जीवन में स्नेह का पहला हक माता-पिता का होता है। इनके बाद यह हक बहनों को मिला है जो अपने भाई से प्रेम करती है। मुझे 1 अगस्त से प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर अपनी बहनों का अपार स्नेह प्राप्त हो रहा है। भारी बारिश के बीच जबलपुर से बालाघाट मार्ग में आते समय जिस उत्सुकता से बहनों ने मेरा इंतजार किया है। वह इसी स्नेह का प्रतीक है। मेरी बहनें रक्षाबंधन का त्यौहार धूमधाम से मना सके इसके लिये 10 अगस्त को लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपये और रक्षाबंधन के शगुन/उपहार रूप में पर 250 रुपये की राशि सिंगल क्लिक से बहनों के खाते में अंतरित की जायेगी। रक्षाबंधन पर जब बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर राखी बांधेगी तो उनका यह आशीर्वाद मुझे अपने आप ही मिल जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि हमारी बहनें मिलने वाली राशि का सदुपयोग और प्रबंधन करना बखूबी जानती है। बालाघाट जिले की बहनों को 10 अगस्त को 08 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। हमारी सरकार द्वारा जून 2023 से अगस्त 2024 तक हर माह 3 लाख 56 हजार बहनों को 500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना में अब गैस सिलेण्डर 450 रुपये में देने का कार्य भी सरकार कर रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में स्व सहायता समूहों, एमएसएमई के माध्यम से उद्योगो से जोड़ने की दिशा में सरकार ने पहल की है। गेहूं की तरह धान के लिए भी मिलेगी बोनस की राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट जिले के चिन्नौर चावल को जीआई टैगिंग का दर्जा प्राप्त हुआ है। अब किसानों को गेहूं की तरह ही धान के लिए भी बोनस की राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही पशु पालकों की आर्थिक स्थिति एवं उनकी आमदनी को बेहतर बनाने के लिए बोनस दिया जाएगा। तेंदुपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन देने के लिए उन्हें मिलने वाली प्रति बोरा की राशि भी बढ़ाई जायेगी। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजातियों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए लगभग 7 हजार 300 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान बजट में किया गया है। जनजातीय समुदाय की बैगा बसाहटों में 19 सड़को के निर्माण कार्य भी प्रारंभ किये जाएंगे। साथ ही जल जीवन मिशन अंतर्गत नल-जल योजना का भी लाभ दिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के बालाघाट की धरती को प्रकृति का आशीर्वाद मिला है। यह जिला अपनी खनिज संपदा के लिए देश-विदेश में पहचाना जाता है। अपने गर्भ में मैंगनीज एवं तांबा जैसी बहुमूल्य धातु समाई हुई है। जिले में लगभग 80 प्रतिशत मैंगनीज के भंडार मौजूद है। अगली बार मलाजखंड जाकर यहां तांबा खनन के कार्य को देखूंगा। मुख्यमंत्री करेंगे सिवनी में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वे बालाघाट आने पर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किये जा रहे है। उन्होंने बताया है कि सिवनी में शीघ्र ही नये मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल के अंतर्गत प्रारंभ किये जायेंगे। इसके अलावा सिवनी से बालाघाट सड़क मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए सर्वे कार्य भी कराया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने बहनों का मुंह मीठा किया, बहनों ने बांधी राखी श्रावण के पवित्र सोमवार को बालाघाट की बहनों ने मुख्यमंत्री भाई डॉ. यादव की कलाई पर राखी बांधी। राखी बंधवाते हुए भाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरी तरह भाव विभोर हुए। उन्होंने बहनों के आगे अपने दोनों हाथ बढ़ाकर राखी बंधवाई और अपने हाथों से उपहार भी प्रदान किये। वहीं उन्होंने बहनों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर मुंह मीठा भी कराया। श्रावण का उत्सवी माहौल इतवारीगंज स्थित जैविक मंडी में आयोजित हुआ। लखपति दीदियों ने भी सीएम भैया को बांधी राखी बालाघाट की लखपति दीदियों ने भी बालाघाट में हुए कार्यक्रम में राखी बांधी तो सीएम भैय्या ने अपने हाथों से मुंह मीठा कराया। जन-प्रतिनिधि बहनों, जैन समाज, लखपति दीदियों का समूह, प्रस्फुटन समिति, सखी समूह और रोटरी क्लब की बहनों के साथ ही बैगा जनजाति की बहनों ने भी अपने हाथों से बनाई राखी बांधी।   recent visitors 110

पेपर्स लेकर आइए, सहारा का पैसा देने को तैयार, लोकसभा में बोलीं निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि सहारा समूह के जिन निवेशकों के पास काग़ज़ात पूरे हैं उन्हें पैसे वापस करने में कोई बाधा नहीं है। सीतारमण ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि सरकार तो हाथ जोड़कर खड़ी है कि आइए सारे कागजात लाइए और अपने पैसे ले जाइए। लेकिन कोई आ नहीं रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आप बाहर जाकर यह न कहें कि सरकार पैसा नहीं दे रही है। सरकार तो पूरी तरह से तैयार है। इस मामले की शीर्ष न्यायालय निगरानी कर रही है। 138 करोड़ रुपये जारी किए गएः वित्त मंत्री वित्त मंत्री ने कहा कि 138.07 करोड़ रुपये क्लेम किए गए थे जो जारी कर दिए गए हैं. 25781 करोड़ पूरा वितरित नहीं किया जाना है.  उन्होंने बताया कि सहारा इंडिया की 18 संपत्तियां अटैच की गई हैं. कोऑपरेटिव मिनिस्ट्री बनाए जाने के बाद क्लेम देने के लिए फंड की मांग की. इसमें 1.21 करोड़ क्लेम आए. 374 करोड़  रुपये क्लेम के रिलीज कर दिए गए हैं. जस्टिस सुभाष रेड्डी कमेटी इस मामले की निगरानी कर रही है.  पर्ल एग्रो कोऑपरेटिव में 1.25 करोड़ क्लेम आए. इनमें रिफंड्स 1021 करोड़ रुपये के क्लेम दे दिए गए हैं. जस्टिस लोढ़ा इसकी निगरानी कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि जो भी लोग हैं वो ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर क्लेम करें. तीन जजों की कमेटी देखेगी और क्लेम जारी किए जाएंगे. सुप्रीम कोर्ट के तीन रिटायर्ड जज इसकी निगरानी कर रहे हैं. सीकर सांसद ने उठाए थे सवाल राजस्थान के सीकर से सांसद अमरा राम ने सदन में सवाल किया था कि सहारा और पीएचसीएल में अब तक कितने निवेश हुए थे और कितना पैसा रिफंड किया गया है. उन्होंने पूछा था कि 15 हजार करोड़ से ज्यादा जमा होने के बाद भी 138 करोड़ ही क्यों लौटाए गए.  इस पर पंकज चौधरी ने सेबी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 17 हजार के करीब लोगों ने ही आवेदन किया. इसमें 138 करोड़ रुपये दे दिया गया है.  उन्होंने कहा कि सरकार ने कोर्ट में जाकर खुद लोगों से क्लेम करने की अपील की है. वहीं, मध्य प्रदेश के सतना से बीजेपी सांसद गणेश सिंह ने कहा कि सहारा और पीसीएल में निवेश करने वालों की संख्या लाखों में है. सभी लोगों को अभी पैसा नहीं मिला. कुछ लोगों के पास तो कागजात भी नहीं है. पोर्टल में यह तभी मान्य होगा जब पेपर हो. एजेंट्स के माध्यम से जिन लोगों ने निवेश किया है, क्या सरकार उनके लिए कोई मैकेनिज्म डेवलप करेगी. इसपर वित्त मंत्री ने कहा कि निर्णय जजों की कमेटी ही करेगी, हम इस सुझाव को उनके साथ शेयर कर सकते हैं. पर्ल कंपनी की 50 हजार करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी कुर्क करके निवेशकों के पैसे वापस करने को लेकर भी सवाल हुआ. इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि 1017 करोड़ पर्ल एग्रो से रिकवर किए गए हैं. लिटिगेशन की वजह से कई प्रॉपर्टी का ऑक्शन नहीं किया जा सकता. एम्बी वैली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पेपर होने के आधार पर ही हम ऑक्शन नहीं कर सकते. प्रॉपर्टी को ऑक्शन करके देना होगा, निश्चित रूप से देंगे. जो पैसा हमारे हाथ में है, उसी को लेने वाले आएं पहले. हम भी चाहते हैं आपकी चिंता में शामिल होंगे. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के अमरा राम ने पूछा था कि सहारा ग्रुप में निवेश करने वाले कितने लोगों को पैसा वापस किया और कितना किया? इसका शुरू में जवाब वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दिया। पंकज चौधरी ने सेबी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 17 हजार के करीब लोगों ने ही आवेदन किया। इसमें 138 करोड़ रुपये दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अदालत में जाकर खुद लोगों से क्लेम करने की अपील की है। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर अमरा राम ने फिर से सवाल पूछ लिया। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “अदालत में जाइए। अदालत में पूछिए हम भी इंतजार में खड़े हैं। सुप्रीम कोर्ट हमें सुपरवाइज कर रहा है। हमारे ऊपर हाथ उठाने का कोई फायदा नहीं है।” उन्होंने कहा , “यह अदालत के जरिए होने वाला है। हम सरकार के स्तर पर निर्णय नहीं कर सकते हैं। कोई सदस्य गलत फहमी न फैलाए। कोई सदस्य बाहर जाकर यह न बोले कि सरकार पैसे नहीं दे रही है। सरकार हाथ जोड़कर बुला रही है कि लोग कागजात के साथ आएं। हम पैसा देने के लिए तैयार हैं। आप भी ले आइए, हम दें देंगे। वित्त राज्य मंत्री ने कहा- सरकार की मंशा सही सांसद अमरा राम के सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप को आदेश दिया था कि 3.7 करोड़ निवेशकों की करीब 26 हजार करोड़ रुपये की रकम 15 फीसदी ब्याज के साथ वापस की जाए। बाद ने सेबी ने सहारा इंडिया का अकाउंट खोला जिसमें से 15775 करोड़ रुपये वसूले गए। इसके बाद निवेशकों की रकम वापस करने के लिए कोर्ट की तरफ से एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने विज्ञापन दिया जिसमें कहा गया था कि निवेशक आएं और अपनी रकम ले जाएं। इसके लिए निवेशकों के आवेदन मंगाए गए थे। पंकज चौकरी ने कहा कि इसके तहत सिर्फ 17526 निवेशकों ने आवेदन किया जिन्हें 138 करोड़ रुपये वापस कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा निवेशकों की रकम वापस देने की है। बाद में नहीं आए आवेदन वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि बार-बार विज्ञापन देने के बाद भी निवेशकों के अपनी रकम वापस लेने के लिए आवेदन नहीं आए। बाद में सेबी राय मांगने के लिए सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट में सेबी ने कहा कि 15775 करोड़ रुपये में से जो रकम निवेशकों को वापस नहीं हुई है, वह सहारा ग्रुप की को-ऑपरेटिव कंपनी में ट्रांसफर कर दी जाए। इस रकम में से कोर्ट ने 5 हजार करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर करने की अनुमति दी थी।     recent visitors 124