मध्य प्रदेश में नई व्यवस्था हुई शुरू, सभी सरकारी कार्यालयों में अब आधार नंबर के आधार पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगी

भोपाल मध्य प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में अब आधार नंबर के आधार पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगेगी। ऐसा केंद्र सरकार के निर्णय के आधार पर किया जा रहा है। यह बायोमेट्रिक अटेंडेंस सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में भी सरकारी सेवकों के लिए लागू होगी। यह व्यवस्था प्रदेश मुख्यालय से लेकर नीचे तक सभी विभागों के प्रत्येक कार्यालय में लागू करने की योजना है। इससे सरकारी विभागों के कर्मचारियों के देर से कार्यालय आने और गायब हो जाने की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा। इस संबंध में राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अधिसूचना जारी की है। इसे आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली यानि आधार एनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम नाम दिया गया है। इस प्रणाली की स्थापना के लिए राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम तकनीकी मार्गदर्शन देगा। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि कार्यालय समय, देर से उपस्थिति आदि से संबंधित नियमों तथा विनियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है तथा यह सिर्फ उपस्थिति प्रणाली अटेंडेंस दर्ज करने का माध्यम होगी। शिवराज के कार्यकाल में नहीं मिली सफलता गौरतलब है कि पहले भी शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में बायोमेट्रिक फेस अटेंडेंस लागू करने की पहल की गई थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। अब एक बार फिर नए सिरे से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। खास बात यह है कि कर्मचारियों की ईएल और सीएल भी इसी प्रणाली के सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृति या खारिज की जाएगी। दिव्यांग कर्मचारियों की सुविधा के लिए इसमें अलग व्यवस्था होगी। कारपोरेट आफिस की तर्ज पर मंत्रालय के कर्मचारियों के स्मार्ट आइडी कार्ड बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्ड के स्कैन करने पर गेट ओपन होने से लेकर अन्य कार्य संभव हो सकेंगे। recent visitors 142

परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं के लिये नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस की योजना चालाई जा रही है

भोपाल प्रदेश में महिलाओं को आत्म सम्मान के साथ रोजगार के साधन दिलाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं के लिये नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस की योजना चालाई जा रही है। योजना के माध्यम से अब तक 6 लाख 53 हजार से अधिक महिलाओं को नि:शुल्क ड्रायविंग लाइसेंस जारी किये गये है। विभाग द्वारा 7 लाख 52 हजार 600 से अधिक लर्निंग लायसेंस जारी किये गये है। महिलाएँ सुरक्षित रूप से सार्वजनिक सेवा की बसों में यात्रा कर सके। इसके लिये बसों में हेल्प लाइन नंबर 1091 अंकित कराया गया है। महिलाओं को चालक-परिचालक का प्रशिक्षण परिवहन विभाग द्वारा महिलाओं को रोजगार दिलाये जाने के उद्देश्य से चालक-परिचालक का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। प्रदेश के 8 जिलों इंदौर, सागर, ग्वालियर, जबलपुर, झाबुआ, खंडवा, उज्जैन और धार में करीब 730 महिलाओं और युवतियों को हल्के मोटर यान (लाइट मोटर व्हीकल) चालन का प्रशिक्षण दिलाया गया है। इसके बाद उन्हें ड्रायविंग लायसेंस जारी किये गये है। सार्वजानिक बसों पैनिक बटन सुविधा निर्भया फंड की मदद से प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा सार्वजनिक वाहन में महिलाओं और युवतियों के सुरक्षित परिवहन के लिये पैनिक बटन सहित लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस प्रणाली मापदण्ड अनुसार लगाई जा रही है। अब तक लगभग 46 हजार 500 उपकरण वाहनों में लगाये जा चुके है। यह उपकरण महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। कमांड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर का निर्माण प्रदेश की राजधानी भोपाल में हो चुका है। परिवहन विभाग द्वारा फेसलेस सेवाओं के माध्यम से लायसेंस जारी किये जा रहे है। E-KYC द्वारा लर्नर लाइसेंस प्राप्त करने के लिये किसी भी महिला को परिवहन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होती है।   recent visitors 156

मध्य प्रदेश में बनेंगे आदर्श विधानसभा क्षेत्र, केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं से पात्रों को लाभांवित किया जाएगा

भोपाल मध्य प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों को सरकार आगामी चार वर्ष में आदर्श बनाएगी। स्कूल, बिजली, पानी, सड़क, नाली, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र समेत सभी सुविधाएं होंगी। केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं से पात्रों को लाभांवित किया जाएगा। रोजगार के लिए मेलों का आयोजन होगा तो खेलकूद की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ गोवंश के सरंक्षण और पर्यटन की गतिविधियों के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय ने विधायकों से विधानसभा क्षेत्र के विकास संबंधी दृष्टि पत्र मांगा है। इसे तैयार करने के लिए प्रारूप भी भेजा गया है। योजना में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। विधायकों से विकास संबंधित प्रस्ताव मांगे थे विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने विधायकों से 15-15 करोड़ रुपये के क्षेत्र में विकास से संबंधित प्रस्ताव मांगे थे। अधिकतर सदस्यों ने सड़क, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन आदि के प्रस्ताव दिए थे, जिन्हें विभिन्न योजनाओं में सम्मिलित कर काम स्वीकृत कराए गए। अब सरकार ने तय किया है कि विधानसभा क्षेत्रों को आदर्श बनाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दी जाने वाली राशि के साथ विधायक, सांसद निधि और कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी का उपयोग किया जाएगा। दृष्टि पत्र का प्रारूप भेजा जो राशि और लगानी होगी, वह सरकार अपने वित्तीय संसाधनों से लगाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी विधायकों को दृष्टि पत्र का प्रारूप भेजा है। इसमें बताया गया कि दृष्टि पत्र तैयार करते समय विधायक क्षेत्र की महत्वपूर्ण समस्याओं का आकलन करें। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, आंगनबाड़ी, कौशल विकास, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, यातायात, गोवंश संरक्षण, पर्यटन, रोजगार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कार्य प्रस्तावित करें। एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से कैसे रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं, इस पर विचार अवश्य किया जाए। साक्षरता की दर बढ़ाने, शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य में सुधार, कुपोषण में कमी लाने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी कार्ययोजना बनाई जाएगी। प्राथमिकता में रहेंगे हितग्राहीमूलक योजनाएं विधानसभा क्षेत्र के लिए बनने वाली कार्ययोजना में केंद्र और राज्य सरकार की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं को शामिल किया जाएगा। सभी पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ अपात्रों को चिह्नित करने का काम भी होगा। दृष्टि पत्र के माध्यम से जो लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे वे दो और चार वर्ष की अवधि के लिए होंगे। लक्ष्यपूर्ति के लिए जिम्मेदारी होगी तय दृष्टि पत्र के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे, उनकी पूर्ति के लिए जिम्मेदारी भी तय होगी। प्रगति की नियमित जिला और राज्य स्तर पर समीक्षा की व्यवस्था रहेगी। योजना के लिए आवंटित धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और लेखा-जोखा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध भी कराया जाएगा। ऐसा होगी राशि की व्यवस्था सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये के काम कराने के लिए राशि की व्यवस्था अलग-अलग मदों से करेगी। इसमें 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था विधायक निधि, सांसद निधि, जनभागीदारी, कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी और पुनर्घनत्वीकरण से की जाएगी। शेष 60 करोड़ रुपये सरकार अपने खजाने से देगी। प्रतिवर्ष 15-15 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। recent visitors 100

बेमेतरा में कार्यक्रम में शामिल हुए खाद्य मंत्री बघेल, छत्तीसगढ़ के विद्यार्थी खेल-कला और व्यावसायिक दक्ष बनें

रायपुर. खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिलें के नवागढ़ विकासखण्ड के शासकीय कोदूराम दलित महाविद्यालय के दीक्षारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। महाविद्यालय के नवप्रवेशित विद्यार्थियों कोे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी गई । इस दौरान खाद्य मंत्री ने परिसर में पौधारोपण भी किया। मंत्री श्री बघेल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का मुख्य उद्देश्य, प्रावधान, विशेषता और विभिन्न प्रकार के संकायों की जानकारी दी गई। शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों द्वारा चयन किये जाने वाले विषय जेनेरिक-इलेक्टिव का समूह तथा बैल्यू एडिशन कोर्स के समूह की व्याख्या किया। विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए एक समग्र और बहुविषयक दृष्टिकोण पर अधिक जोर देना है, ताकि विद्यार्थी विषयों के साथ-साथ खेल, कला और व्यावसायिक कौशल में दक्ष हो सकें। शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को क्रेडिट आधारित कोर्सेस, सतत् आंतरिक मूल्यांकन एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा से संबंधित प्रावधानों के बारे में समझाया गया है। विद्यार्थियों अथवा पालकों कीे शंकाओं का भी समाधान किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष श्रीमती मंजूलता रात्रे, नगर पार्षद श्री जाहिद बैग, शासकीय के.आर.डी. महाविद्याालय के प्राचार्य श्रीमती एम बंजारा और महाविद्यालय के परिवार के सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 144

वह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था, जम्मू कश्मीर की तरक्की और समृद्धि की शुरुआत थी: प्रधानमंत्री मोदी

जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के प्रभाव से हटने के 5 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि यह जम्मू कश्मीर की तरक्की और समृद्धि की शुरुआत थी। गौरतलब है कि 5 साल पहले आज ही के दिन यानी 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त कर दिया था। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को खत्म कर दिया गया था। साथ ही कश्मीर और लद्दाख को बांट कर केंद्र शासित प्रदेशों में तब्दील कर दिया गया था। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा, “आज हम संसद के अनुच्छेद 370 और 35 (ए) को निरस्त करने के फैसले के 5 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। यह हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण था। यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में प्रगति और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसका मतलब था कि भारत के संविधान को यहां सही अर्थों में लागू किया जा सकता है। संविधान निर्माताओं का भी यही सपना था। कश्मीर में भष्टाचार हुआ दूर, विकास के रास्ते खुले- मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस धारा 370 के प्रभाव से हटने के बाद लोगों की जिंदगी बदल गई है। उन्होंने कहा, “इसके बाद यहां की महिलाओं, युवाओं, पिछड़े, आदिवासी और समाज के हाशिए पर मौजूद लोगों को सुरक्षा, सम्मान और नए अवसर मिले। यह लोग अब तक विकास के लाभ से वंचित थे।” उन्होंने आगे कहा, “साथ ही इस कदम ने यह सुनिश्चित किया कि दशकों से जम्मू-कश्मीर में फैले भ्रष्टाचार को अब दूर कर दिया गया है। मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हमारी सरकार उनके लिए काम करती रहेगी और आने वाले समय में उनकी आकांक्षाओं को पूरा करेगी।” बीजेपी मना रही है जश्न, कांग्रेस ने बताया ‘काला दिन’ इस कदम के पांच साल पूरे होने की उपलब्धि पर बीजेपी की कश्मीर इकाई एकात्म रैली का आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर बीजेपी के नई नेता भाग लेंगे। वहीं कांग्रेस सहित विरोधी दलों ने इसे काला दिन कहा है। जम्मू कश्मीर कांग्रेस ने एक ट्वीट के जरिए कहा है कि 5 अगस्त जम्मू कश्मीर के लिए काला दिन है क्योंकि इस दिन बीजेपी ने उनसे राज्य का दर्जा छीन लिया था।   recent visitors 97

CM यादव इन्वेस्ट मीट में उद्योगपतियों को खनिज क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे

भोपाल प्राकृतिक खनिज संपदा के मामले में समृद्ध प्रदेश मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए लगातार कोशिशों में जुटे सीएम डा. मोहन यादव आगामी 8 अगस्त को बेंगुलरु के दौरे पर होंगे. मुख्यमंत्री बेंगलुरु में आयोजित एक इंटरैक्टिव सेशन में उद्यमियों से रूबरू होंगे और राज्य में निवेश के लिए उद्यमियों को आकर्षित करेंगे.  गौर तलब है कि मिनरल ऑप्शन के लिये मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला पुरस्कार भी मिल चुका है। मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की भरपूर संभावनाएं हैं, जिनमें एल्युमिनियम, लेटराइट, बॉक्साइट, मेटल, डायमंड, गोल्ड, लाइमस्टोन और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। राज्य में खनिज संपदा की नीलामी के लिए 33 ब्लॉकों की पहचान की गई है, जिनमें 17 कोल ब्लॉक और 20 प्रमुख खनिजों के ब्लॉक शामिल हैं। पिछले साल एक साथ 51 ब्लॉक का आक्शन हुआ था, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेंगलुरू में उद्योगपतियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन में भाग लेंगे, जहां वे मध्य प्रदेश में खनिज संपदा की संभावनाओं की जानकारी देंगे और उद्योगपतियों को निवेश के लिए प्रेरित करेंगे। प्रदेश के 17 कोल ब्लॉक के ऑक्शन भी प्रक्रिया में है। प्रमुख खनिजों के 20 ब्लॉक भी ऑक्शन की प्रक्रिया में है।मध्यप्रदेश में खनिज संपदा में निवेश की बहुत ज्यादा संभावना बनी। 8 अगस्त को बेंगलुरू इंनेस्टमेंट मीट के लिए बेंगलुरु जाएंगे सीएम रिपोर्ट के मुताबकि मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव आगामी 8 अगस्त को बेंगलुरु दौरे पर जाएंगे, जहां उद्यमियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन में मुख्यमंत्री प्रदेश में उपलब्ध खनिज संपदा पर उद्योगपतियों का ध्यान आकर्षित कर उन्हें राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे.    खनिज संपदा में निवेश की बहुत ज्यादा संभावना प्राकृतिक खनिज संपदा के मामले में समृद्ध मध्य प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है, यहां थर्मल पावर प्लांट्स और कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स और उद्योगों के लिए निवेश की भरपूर संभावनाएं हैं.सेरेमिक,पॉटरी,पोर्सलिन व टाइल्स उद्योगों के लिए एमपी बेहतरीन जगह है. सीमेंट उद्योग के लिए आदर्श निवेश स्थान है मध्य प्रदेश प्राकृतिक खनिज संपदा मामले में धनी मध्य प्रदेश में देश के कुल लाइमस्टोन भंडार का 9 फीसदी भंडार मौजूद है. यही नहीं, मध्य प्रदेश सीमेंट उद्योग के लिए एक आदर्श निवेश स्थान माना जाता है, जबकि देश में उपलब्ध डायमंड भंडार का 90% मध्य प्रदेश में पाया जाता है, जो पन्ना और छतरपुर जिले में है. लाइमस्टोन भंडार का 9 प्रतिशत राज्य में मध्यप्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। थर्मल पावर प्लांट्स और कोल गैसीफिकेशन प्लांट्स और उद्योगों के लिए निवेश की भरपूर संभावनाएं हैं। देश के कुल लाइमस्टोन भंडार का 9% मध्यप्रदेश में है। सीमेंट उद्योग के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श निवेश स्थान है। देश में उपलब्ध डायमंड भंडार का 90% मध्यप्रदेश में पाया जाता है। यह अकेले पन्ना और छतरपुर में है। डायमंड बिजनेस पार्क और और कंपोजिट लाइसेंस के लिए 5 ब्लॉक की पहचान की गई है। मध्यप्रदेश पायरोफ्लाइट के उत्पादन में भी अग्रणी राज्य है। देश के उत्पादन का 41% मध्यप्रदेश में देश में सर्वाधिक भंडार 14 मिलियन टन मध्यप्रदेश में है, जो छतरपुर, शिवपुरी और टीकमगढ़ में है। देश में सेरेमिक, पॉटरी, पोर्सलिन और टाइल्स उद्योगों के लिए सबसे लाभकारी निवेश स्थान है। समृद्ध खनिज संपदा पूरा मध्यप्रदेश खनिज संपदा से भरा पड़ा है। ग्वालियर और शिवपुरी में आयरन और क्वार्ट्ज और फ्लैगस्टोन पाया जाता है। झाबुआ और अलीराजपुर में रॉक फास्फेट डोलोमाइट, लाइमस्टोन, मैंगनीज और ग्रेफाइट मिलता है। नीमच में लाइमस्टोन, बैतूल में कोल, ग्रेफाइट ग्रेनाइट, लेड और जिंक मिलता है। छिंदवाड़ा में कोल, मैंगनीज और डोलोमाइट मिलता है बालाघाट में कॉपर, मैंगनीज, डोलोमाइट, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, मंडला और डिंडोरी में डायमंड, डोलोमाइट और बॉक्साइट, सिंगरौली में कोल, गोल्ड, आयरन और शहडोल, अनूपपुर, उमरिया में कोल, कॉल बेड मीथेन, बॉक्साइट, सागर, छतरपुर और पन्ना में डायमंड, रॉक फॉस्फेट डायस्पोर, आयरन और ग्रेनाइट मिलता है। जबलपुर में डोलोमाइट, आयरन अयस्क, लाइमस्टोन, मैंगनीज, गोल्ड और मार्बल मिलता है। देश में कोयल का उत्पादन 3 लाख 61 हजार 411 मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 30 हजार 916 मेट्रिक टन कोल्ड रिजर्व है, जो देश का 8 प्रतिशत है। इसीप्रकार चूना पत्थर देश में 19028.5 मैट्रिक टन है और मध्यप्रदेश में 1692 मिट्रिक टन है, जो देश का 9% है। लौह अयस्क देश में 6209 और मध्यप्रदेश में 54.1 मीट्रिक टन है, जो देश का एक प्रतिशत है। इसी प्रकार तांबा देश में 163.9 मैट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 120.4 मीट्रिक टन है, जो देश का 73 प्रतिशत है। इसी प्रकार मैंगनीज अयस्क 75.0 मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश में 19.6 मिट्रिक टन है, जो देश का 26% है। बॉक्साइट 640.5 मीट्रिक टन है और मध्यप्रदेश में 18.6 मीट्रिक टन है, जो देश का तीन प्रतिशत है। रॉक फॉस्फेट देश में 30.9 मैट्रिक टन रिजर्व है और मध्यप्रदेश में 9.0 मीट्रिक टन है, जो 29% है। राष्ट्रीय रैंकिंग में भी आगे राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश तांबा, मैग्नीज और हीरा उत्पादन में पहले स्थान पर है। इसी तरह रॉक फास्फेट में दूसरे, चूना पत्थर में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। recent visitors 92

महिला को निर्वस्त्र घुमाने पर सजा, राजस्थान-प्रतापगढ़ में पति समेत 17 आरोपियों को सात साल की कैद

प्रतापगढ़. प्रतापगढ़ जिले के धारियावाड़ में पिछले साल सितंबर में 20 साल की एक गर्भवती महिला को गांव में निर्वस्त्र घुमाने के मामले में अदालत ने पीड़िता के पति सहित 14 पुरुषों को सात साल की कैद की सजा सुनाते हुए कहा कि धारियावाड़ कांड मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ किए गए अपराध के समान ही एक 'जघन्य अपराध' था। गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले साल दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने और भीड़ द्वारा उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया था। विशेष लोक अभियोजक मनीष नागर ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकन्या सोनी ने धारियावाड़ कांड में दोषी पाई गई तीन महिलाओं को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। न्यायमूर्ति ने कहा कि 'हमारे देश में महिलाओं को लक्ष्मी की तरह पूजा जाता है। प्राचीन शास्त्रों में भी महिलाओं के सम्मान का उल्लेख है, लेकिन कलयुग में उनके खिलाफ हिंसा और अत्याचार जारी है।' उन्होंने कहा, 'यह आरोपी द्वारा महिला के खिलाफ किया गया एक गंभीर अपराध था। इसी तरह का जघन्य अपराध मणिपुर में भी हुआ था। ऐसे अपराध महिलाओं को भावनात्मक रूप से आहत करते हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है, तभी अपराध कम होंगे।' recent visitors 95