मोदी सरकार के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा देश, राजस्थान-अजमेर में फ्लाइट स्कूल का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

अजमेर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज अजमेर जिले के किशनगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने अव्यान्ना एविएशन अकादमी के नवस्थापित फ्लाइट स्कूल के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। किशनगढ़ में फ्लाइट स्कूल की शुरुआत होना प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत की योजनाओं के तहत स्किल इंडिया एवं व्यावसायिक शिक्षा में देश के युवाओं को निपुण करने का ही उदाहरण है। समारोह में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि हमारे युवा प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन के तहत हुनर की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। नए-नए स्टार्ट अप चालू करके आत्मनिर्भर बन रहे हैं और देश की प्रगति में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने किशनगढ़ एयरपोर्ट पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में वृक्षारोपण भी किया। प्रधानमंत्री का यह अभियान 140 करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रहा है। recent visitors 98

सीएम साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा को शाल-श्रीफल प्रदान कर किया सम्मानित

राजनांदगांव सीएम विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के क्लब हाऊस सन सिटी में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से सौजन्य मुलाकात की. सीएम साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उन्हें शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया और स्मृति चिन्ह के रूप में बेलमेटल की नंदी की मूर्ति भेंट की. मुख्यमंत्री ने कहा कि पावन श्रावण मास चल रहा है, इस दौरान आपसे मुलाकात करने का मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ. मुलाकात के बाद सीएम साय ने विभिन्न मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की. सीएम साय ने कथावाचक प्रदीप मिश्रा से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज मैं पहले कवर्धा भोरमदेव शिव मंदिर दर्शन करने पहुंचा था. श्रद्धालु नर्मदा से पानी लेकर 2 दिन की पैदल यात्रा के बाद भोरमदेव में जल लेकर पहुंचते हैं और भोरमदेव के शिव मंदिर में जल चढ़ाते हैं. सीएम साय ने बताया कि उन्होंने भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और कावड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की. मैंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और बरसात से फसल अच्छी हो, इसके लिए भगवान शिव से मनोकामना की है. वक्फ बोर्ड में कानून के बदलाव को लेकर मुस्लिमों के विरोध पर सीएम साय का बयान इस दौरान मीडिया के वक्फ बोर्ड के कानून में बदलाव को लेकर मुस्लिम समुदाय के विवादित बयान को लेकर किये गए सवाल पर सीएम साय ने कहा कि पहले कानून आने का इंतजार करना चाहिए. इसके साथ ही जिस किसी व्यक्ति ने देश टुकड़े होने का बयान दिया है, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए. पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर किया पलटवार वहीं सीएम साय ने भूपेश बघेल के ‘गायों के लिए जनपद समिति और सर्वाधिक निर्यात’ वाले बयान का पलटवार करते हुए कहा- भूपेश बघेल के कार्यकाल में नरवा-गरवा-घुरवा-बाड़ी योजना चलाई गई थी और भूपेश बघेल के कार्यकाल में सबसे ज्यादा गाय मारी गई है. recent visitors 98

सरस्वती सायकिल योजना में किया वितरण, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छात्राओं को दी सायकिलें

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आरंग में छात्रावास लोकार्पण के अवसर पर छात्राओं को सरस्वती सायकिल योजना के तहत सायकिल का वितरण किया। मुख्यमंत्री साय के पहुंचने पर छात्राओं ने सायकिल की घंटी बजाकर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को तिलक लगाकर मिठाई खिलाया।सरस्वती सायकिल योजना के तहत साइकिल पाने वाली आरंग की छात्राओं के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है। सीएम साय ने छात्रा विनिता लोधी से पूछा कि बड़े होकर पढ़-लिखकर क्या बनना चाहोगी, छात्रा ने तत्काल कहा कि पुलिस बनकर जनता की सेवा करूंगी। सीएम ने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला की 9 वीं कक्षा में अध्ययनरत बालिकाएं योगिता गडरिया, गायत्री निषाद, स्निग्धा निषाद, विनेश्वरी प्रजापति, निशा पाटले, इशा साहू देवकी साहू समेत कई छात्राओं को साइकिल दिया। छात्राएं बताती है कि एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था, लेकिन सायकिल मिलने से अब पैदल चलना नहीं पड़ेगा। बहुत कम समय में ही स्कूल और स्कूल से घर पहुंच जाएंगे। इस योजना का लाभ पाने वाली छात्राएं कहती है कि छत्तीसगढ़ सरकार की सरस्वती साइकिल योजना स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए काफी अच्छी योजनाएं है। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बहुत-बहुत धन्यवाद करते है। इस मौके पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास मंत्री रामविचार नेताम व विधायक खुशवंत साहेब, कमिश्नर महादेव कावरे, कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह भी उपस्थित थे।   सीएम की घोषणा… छत्तीसगढ़ में फिर शुरू होगी चरण पादुका और सरस्वती साइकिल योजना रमन सिंह सरकार की जिन योजनाओं को भूपेश बघेल की सरकार में बंद किया गया था उन्हें फिर से शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो पुरानी योजनाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की है। दरअसल, 2018 में कांग्रेस की सरकार बनी थी। उसके बाद भूपेश बघेल ने रमन सिंह के कार्यकाल की कई योजनाओं को बंद कर दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका वितरण योजना और सरस्वती सायकल योजना फिर से शुरू करने वाली है। गुरुवार को जगदलपुर में कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री यहां जिला स्तरीय महिला सम्मेलन में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान साय ने रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि 70 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में भेजी। चरण पादुका वितरण योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ में नवंबर 2005 में तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने की थी। इस योजना के तहत तेंदुपत्ता इकट्ठा करने वाले आदिवासियों को राज्य सरकार की तरफ से हर साल एक जोड़ी जूते दिए जाते हैं। पहले इस योजना में पुरुष शामिल थे। 2008 में इसमें महिलाओं को भी शामिल किया गया। पहले इस योजना के तहत जूते दिए जाते थे बाद में 2013 से जूते की जगह चप्पल मिलने लगी थी। सरस्वती साइकल योजना की शुरुआत 2011 में तत्कालीन रमन सिंह की सरकार ने किया था। इस योजना के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं क्लास की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। साइकिल देने का मकसद था कि स्कूल दूर होने पर भी छात्राएं अपनी पढ़ाई जारी रखें। सुविधाओं के आभाव में वह पढ़ाई नहीं बंद करें। recent visitors 93

हमारी सरकार में सनातनियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए, पिछली सरकार ने लाठी-डंडे बरसाए थे: मुख्यमंत्री साय

कवर्धा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के भोरमदेव में हेलीकॉप्टर से शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा की और भोरमदेव बाबा में पूजा-अर्चना की. इस मौके पर सीएम ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है. जिससे प्रदेश में सियासत गरमा गई है. मुख्यमंत्री साय ने अपने बयान में कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान कवर्धा में सनातनियों पर लाठी डंडा बरसाए थे. हमारी सरकार में सनातनियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए है. आप सभी लोगों के आशीर्वाद से हम लोग सरकार में आए हैं. आज भोरमदेव बाबा में पूजा अर्जना की छात्तीसगढ़वासियों के खुशहाली की कामना की है. सीएम साय के बयान पर कांग्रेस का पलटवार सीएम विष्णुदेव साय के इस बयान पर पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में भाजपा राजनीति करती है. जाति-धर्म के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं. डहरिया ने कहा कि कावड़ियों पर पुष्प वर्षा ठीक हैं लेकिन ऐसे बयान नहीं देना चाहिए. recent visitors 93

व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जाएंगे, मध्यप्रदेश में 13 अधिकारियों को 55 जिले मिले

भोपाल प्रदेश में पहली बार सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के छात्रावासों का निरीक्षण सचिव स्तर के अधिकारियों से कराएगी। इसके लिए 13 आइएएस अधिकारियों को 55 जिले आवंटित किए गए हैं। इन्हें प्रत्येक दो माह में कम से कम तीन दिन छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण करना होगा। इस दौरान सामने आने वाली कमियां और सुधार को लेकर रिपोर्ट संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संभाग के प्रभारी अधिकारी और संभागायुक्त को देंगे। इसके आधार पर व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे। छात्रावासों में सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं की बात बार-बार सामने आती है। इसको लेकर विधानसभा में भी भी प्रश्न उठते रहे हैं। छात्रावास व्यवस्था में सुधार की अनुशंसा करने के लिए सरकार ने पहले सभी संबंधित विभागों के मंत्रियों और अधिकारियों की समिति का गठन किया। अब छात्रावास की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए अधिकारियों को भेजने का निर्णय लिया है। ये अधिकारी आवंटित जिलों के छात्रावास/ आश्रमों का निरीक्षण करेंगे। इसमें जो कमियां दिखाई देंगी, उनमें सुधार को लेकर संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव को प्रतिवेदन देंगे।संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिवों भी प्रतिवेदन दिया जाएगा ताकि वे भी नियमित निगरानी कर सकें। किसे किस जिले की दी जिम्मेदारी अधिकारी अधिकारी का नाम                  आवंटित जिले पी नरहरि-                           इंदौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर डाॅ. नवनीत मोहन कोठारी-      धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी डाॅ. संजय गोयल                   उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम एम. सेलवेन्द्रन                   शाजापुर, देवास, आगर मालवा रघुराज एम आर                    भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ शिल्पा गुप्ता                           नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल लोकेश कुमार जाटव          जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी जान किंग्सली एआर          बालाघाट, सिवनी, मंडला, छिंदवाडा, पांढूर्णा श्रीमन शुक्ला                         अनूपपुर, उमरिया, शहडोल सिबि चक्रवती एम                सागर , दमोह, टीकमगढ, निवाडी, छतरपुर, पन्ना अनिल सुचारी                       रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, सीधी, सिंगरौली ओमप्रकाश श्रीवास्तव-       ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया ललित कुमार दाहिमा       भिंड, मुरैना, श्योपुर recent visitors 82

दुग्ध उत्पादक किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में मध्य प्रदेश सरकार, मंत्री लखन पटेल ने दी जानकारी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादक किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रही है। सरकार ने दुग्ध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर दूध पर 5 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव तैयार किया है। बता दें कि यह प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है। इस योजना से सहकारी दुग्ध समितियों से जुड़े उत्पादकों को विशेष रूप से फायदा मिलेगा। सरकार का यह कदम किसानों को प्रोत्साहित करने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। गायों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान इसके अलावा, मध्य प्रदेश सरकार इस साल को गौरक्षा वर्ष के रूप में मना रही है, जिससे राज्य में गायों की सुरक्षा और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत, सरकार का उद्देश्य न केवल दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है, बल्कि गायों की देखभाल भी करना है। पशुपालन मंत्री ने दिया बयान इसे लेकर पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि लोगों का गाय के प्रति भाव कम हो गया है। मंत्री के अनुसार, पालतू गायों को भी लोग सड़क पर छोड़ रहे हैं, जिससे सड़कों पर गायों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को गायों के महत्व और उनकी देखभाल के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। सरकारी कोशिशों के बावजूद भी लोगों का सहयोग कम होता जा रहा है, जिससे स्थिति बिगड़ रही है। इस समस्या का समाधान के लिए प्रदेश में 10 वन्य विहार बनाए जाएंगे, जो 300 से 500 एकड़ के होंगे, ताकि वे सड़क पर न रहें और उनकी उचित देखभाल हो सके। प्रतिदिन 10 लाख लीटर दुध संग्रहित होता है पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा के अनुसार किसानों को सहायता देने में प्रतिवर्ष लगभग दो सौ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में भेजा जाएगा। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध संग्रहित किया जाता है। यही दूध प्रदेश के छह सहकारी दुग्ध संघों में पहुंचता है, यहां से प्रोसेसिंग के बाद यह दूध आम जनता तक अलग—अलग माध्यमों से बिक्री के लिए भेजा जाता है। 15 प्रतिशत दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा लाभ हालांकि, सरकार की इस योजना से प्रदेश के लगभग 15 प्रतिशत दुग्ध उत्पादकों को ही लाभ मिल पाएगा। कारण, इतने ही किसान दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े हैं। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं। इसके कारण राज्य सरकार वर्तमान वर्ष को गोरक्षा वर्ष के रूप में मना रही है। इसी के चलते गोपालकों के लिए यह प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। ऐसे आया आइडिया जनवरी महीने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अहमदाबाद गए थे, वहां उन्होंने अमूल का दूध उत्पादन और मार्केटिंग का मॉडल देखा था। वहां से मुख्यमंत्री काफी प्रभावित हुए और मध्य प्रदेश में इसे लागू करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। मध्य प्रदेश सरकार जो मॉडल लागू करने जा रही है, वैसे मॉडल अन्य राज्यों में भी संचालित हो रहे हैं। राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र और असम में किसानों को पांच रुपये प्रति माह प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। recent visitors 135

प्रजा का हाल जानने लाव लस्कर के साथ निकले बाबा महाकाल, शक्ति पथ पर 1500 लोगों ने एक साथ 10 मिनट तक डमरू बजाया

उज्जैन आज सावन का तीसरा सोमवार है। उज्जैन में महाकाल की सवारी निकाली जा रही है। सवारी में महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, तो हाथी पर मनमहेश के स्वरूप में विराजित हैं।इसके पहले वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। महाकाल लोक के पास शक्ति पथ पर 1500 लोगों ने एक साथ 10 मिनट तक डमरू बजाया। उज्जैन का नाम सबसे अधिक लोगों के डमरू बजाने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। गिनीज बुक से आए ऋषिनाथ ने इसका सर्टिफिकेट सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय और संतों को सौंपा। डेढ़ लाख लोग कर चुके दर्शन महाकाल मंदिर में सुबह 11 बजे तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। खंडवा के ओंकारेश्वर में भी रात से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। छिंदवाड़ा के पातालेश्वर मंदिर में तड़के 3 बजे भगवान शिव का तीर्थ जल से अभिषेक हुआ। भोपाल के भोजपुर, बड़ वाले महादेव और गुफा मंदिर में भी पूजा-अर्चना की जा रही है। भोजपुर में 7 क्विंटल फूलों से शिवलिंग को सजाया गया है। महाकाल की भस्म आरती के लिए रविवार-सोमवार की दरमियानी रात 2.30 बजे मंदिर के पट खोले गए। भस्म आरती के दौरान भांग, चंदन, सूखे मेवों और आभूषणों से बाबा महाकाल का राजा स्वरूप दिव्य श्रृंगार किया गया। भस्म आरती के 15 हजार से अधिक श्रद्धालु ने दर्शन किए। मंदिर में बाबा के दर्शन का सिलसिला रात 10.30 बजे तक चलेगा। मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि 3 लाख से ज्यादा भक्त आज महाकाल के दर्शन करने आ सकते हैं। तीन दिन से चल रही थी प्रैक्टिस इससे पहले, 488 लोगों द्वारा एक साथ डमरू बजाने का रिकॉर्ड फेडरेशन ऑफ न्यूयार्क के नाम 2021 में दर्ज किया गया था। महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि इसके लिए पिछले तीन दिन से दो सत्रों में प्रैक्टिस चल रही थी। आज 25-25 डमरू वादकों के अलग-अलग दल बनाए गए थे। यह दल शाम को सवारी के दौरान डमरू बजाते हुए साथ चलेगा। डमरू उत्सव में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हैं। इसके बाद शाम को सवारी में महाकाल मंदिर से शिप्रा तक चलेंगे। पालकी पूजन भी करेंगे। इनके साथ, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक सतीश मालवीय, कमिश्नर संजय गुप्ता, आई जी संतोष सिंह, नगर निगम कमिश्नर आशीष पाठक, महापौर मुकेश टटवाल, मंदिर के राम पुजारी, आशीष पुजारी ने भी डमरू बजाया। 5 एलईडी पर होगा डमरू वादन का लाइव टेलिकास्ट महाकाल लोक के पास शक्ति पथ पर 5 एलईडी लाइव टेलिकास्ट के लिए लगाई गई। वहीं, तीसरी सवारी में ट्रक पर 4 एलईडी लगाई गई हैं। recent visitors 176