महाकाल मंदिर के लड्डू की मांग राेज 30 क्विवंटल, प्रसाद पैकेट के लिये 5 करोड़ का टेंडर

उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भक्तों को 400 रुपये किलो का लड्डू प्रसाद 500 रुपये किलो में खरीदना पड़ रहा है। वजह काउंटरों पर अधिकांश समय सिर्फ 100 और 200 ग्राम के पैकेट ही उपलब्ध रहते हैं। इनकी कीमत क्रमश: 50 व 100 रुपये है। वजन के हिसाब से प्रसाद की कीमत देखें तो यह 500 रुपये किलो पड़ता है। भक्तों की संख्या बढ़ी तो गायब हो गए बड़े पैकेट     महाकालेश्वर मंदिर समिति महाकाल के लड्डू प्रसाद के रूप में शुद्ध देशी घी से निर्मित बेसन के लड्डू विक्रय करती है। मंदिर परिसर व महाकाल महालोक के काउंटरों से लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है।     समिति 100, 200, 500 ग्राम तथा एक किलो के पैकेट में प्रसाद का विक्रय करती है। इनकी कीमत क्रमश: 50,100,200 व 400 रुपये है। 100 व 200 ग्राम के छोटे पैकेट में प्रसाद 500 रुपये किलो पड़ता है।     500 ग्राम व 1 किलो के पैक में प्रसाद की कीमत 400 रुपये किलो आती है। जब लड्डू प्रसाद का दाम 400 रुपये किलो निर्धारित किया गया था। उस समय काउंटरों पर चारों पैक में प्रसाद उपलब्ध रहता था, लेकिन धीरे-धीरे समिति ने आधा किलो व एक किलो के पैकेट में प्रसाद का विक्रय बंद कर दिया।     दिखावे के लिए काउंटरों पर आधा किलो व एक किलो के पैकेट रखे जाने लगे। जैसे-जैसे भक्तों की संख्या बढ़ी मंदिर प्रशासन ने बड़े पैक में प्रसाद गायब ही कर दिया। इन दिनों काफी समय से बड़े पैक में प्रसाद उपलब्ध नहीं है। इसका कारण समय पर कच्चे माल की उपलब्धता नहीं होना बताया जा रहा है। मांग और पूर्ति में अंतर महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कमी को मांग और पूर्ति में अंतर को बताया जा रहा है। अब यह किल्लत कच्चे माल की कमी के कारण हो रही है या समय पर हलवाई लड्डू प्रसाद तैयार नहीं कर पा रहे हैं। बताया जाता है हाथ से लड्डू बनाने तथा पैकिंग करने में समय लगता है। बावजूद इसके मंदिर समिति आधुनिक प्लांट नहीं लगा रही है। मशीन से लड्डू बनाने की योजना खटाई में महाकाल मंदिर में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए अन्नक्षेत्र परिसर में अत्याधुनिक लड्डू प्रसाद इकाई का निर्माण किया जा रहा था। इसमें मशीन से लड्डू बनाने का अत्याधुनिक प्लांट भी स्थापित किया जाना था। आधुनिक यूनिट का आधार भाग तैयार भी हो गया था लेकिन अचानक मंदिर समिति ने यह प्लान कैंसिल कर दिया। लड्डू प्रसाद निर्माण का कभी टेंडर नहीं होता महाकाल मंदिर समिति सफाई, सुरक्षा, खाद्य सामग्री, कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग भर्ती का साल दो साल में टेंडर जारी करती है। जिस प्रकार मंदिर की यह सभी व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया के जरिए चलती है, उसी प्रकार लड्डू प्रसाद निर्माण का भी टेंडर होना चाहिए। पहली बार टेंडर प्रक्रिया के जरिए ही हलवाई को लड्डू बनाने का ठेका दिया गया था। उसके बाद से लड्डू प्रसाद निर्माण टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गया। बताया जाता है मंदिर समिति हर बार हलवाई का अनुबंध बढ़ा देती है। चार दिन पहले हुए प्रबंध समिति की बैठक में फैसिलिटी मैनेजमेंट का तो टेंडर जारी हुआ, लेकिन लड्डू प्रसाद निर्माण का टेंडर करने की बजाय फिर से अनुबंध बढ़ा दिया गया। समिति ने इसकी जानकारी भी मीडिया से साझा नहीं की है। उज्जैन के श्री महाकाल मंदिर की प्रबंध समिति ने लड्डू प्रसाद के पैकेट के लिये 5 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है। मंदिर के लड्‌डू प्रसाद की देशभर में मांग है। रोज करीब 30 क्विवंटल लड्डू प्रसाद का निर्माण मंदिर समिति करती है और पूरा प्रसाद दर्शनार्थी खरीदकर ले जाते हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने 8 मई को लड्डू पैकेट के लिए टेंडर निकाला है। जिसमें एक साल के लड्डू पैकेट सप्लाई के लिए 5 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यह पैकेट प्रिंटेड होंगे जिसकी डिजाइन मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तय की जायेगी। पिछले साल ही बदली थी लड्डू पैकेट की डिजाइन गौरतलब है कि पहले प्रसाद के पैकेट पर महाकाल शिखर और ओम की तस्वीर होती था। हांलाकि, इस डिजाइन पर विवाद होने के बाद मंदिर समिति ने इसे बदलकर पैकेट पर फूल का फोटो लगाया था। इसे एक बार फिर बदल दिया गया है और नई डिजाइन के साथ पैकेट जारी किया गया है। बता दें कि प्रसाद के पैकेट की पुरानी डिजाइन पर कुछ साधु, संतों एवं धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि प्रसाद के पैकेट को फेंक दिया जाता है, ऐसे में धार्मिक प्रतीकों का अपमान होता है, इसलिए पैकेट की डिजाइन बदल दी जाए। इस पर इंदौर हाईकोर्ट ने मंदिर समिति को 3 महीने में मामले का समाधान करने का निर्देश दिया था। इसके बाद मंदिर समिति ने लड्डू प्रसाद के पैकेट की डिजाइन बदल दी  थी। हर दिन करीब 30 क्विंटल लड्डू बनते हैं सूत्रों के मुताबिक श्री महाकालेश्वर मंदिर की लड्डू निर्माण ईकाई में हर दिन करीब 30 क्विंटल लड्डू बनते हैं। और रोज ही इतने लड्डू की खपत हो जाती है। विशेष पर्व जैसे सावन सोमवार, महाशिवरात्रि व अन्य मौकों पर 50-65 क्विंटल लड्डू तैयार किए जाते हैं। इनकी भी एक दिन में खपत हो जाती है। लड्डूओं के 100 ग्राम, 200 ग्राम, 500 ग्राम और एक किलो के पैकेट तैयार किए जाते हैं। जिन्हें भक्त 50, 100, 200 और 400 रुपये में खरीदते हैं। साल 2024 में 53 करोड़ का प्रसाद बिका था श्री महाकालेश्वर मंदिर का  लड्डू प्रसाद देशभर में प्रसिद्ध है। प्रसाद की गुणवत्ता को देखते हुए एफसीसीसीआई से भी फाइव स्टार रेटिंग की गई है। लंबे समय तक प्रसाद की गुणवत्ता बरकरार रहती है। साल 2024 में जनवरी से 13 दिसंबर तक मंदिर को कुल आय 165 करोड़ रुपये से अधिक हुई थी, जिसमें लड्डू  प्रसादी से करीब  53 करोड़ 50 लाख रुपये की आय शामिल थी। recent visitors 34

नई दिल्ली ने मॉस्को से एस-400 की और खेप की डिलीवरी की मांग रखी, रूस निकट भविष्य में मंजूरी दे सकता है

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम ने अहम भूमिका निभाई। इसे देखते हुए भारत ने रूस से इस प्लेटफॉर्म की अतिरिक्त यूनिट्स की अपील की है। नई दिल्ली ने मॉस्को से एस-400 की और खेप की डिलीवरी की मांग रखी है। इस तरह वायु रक्षा क्षमताओं का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों से यह संकेत मिला कि रूस निकट भविष्य में इस अपील को मंजूरी दे सकता है। रूस में बना S-400 सिस्टम भारतीय सेना में पहले से ही तैनात है। हाल के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने में इसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रूस का S-400 एयर डिफेंस सिस्टम विश्व की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक है, जिसे विभिन्न हवाई खतरों जैसे विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम 600 किमी तक टारगेट को ट्रैक और 400 किमी की रेंज में उन्हें नष्ट कर सकता है। इसका अपडेटेड फेज्ड-ऐरे रडार एक साथ 100 से अधिक लक्ष्यों को ट्रैक करता है। S-400 चार प्रकार की मिसाइलें दाग सकता है, जो विभिन्न दूरी और ऊंचाई पर खतरों का मुकाबला करती हैं। भारत ने 2018 में रूस के साथ 5.43 बिलियन डॉलर में 5 S-400 यूनिट्स का सौदा किया, जिनमें से पहली 2021 में पंजाब में तैनात की गई। सीमा सुरक्षा के लिए S-400 सिस्टम कितना अहम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने भारत की वायु रक्षा में बेहद खास भूमिका निभाई। पाकिस्तान की ओर से दागी गई मिसाइलों व ड्रोनों को रोकने और विफल करने में इसकी सटीकता काम आई। एस-400 के चलते पाकिस्तानी जेट विमानों और मिसाइलों को मिशन रद्द करने या मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। ऐसी स्थिति में उसके हमले की योजनाओं को गंभीर झटका लगा। S-400 ने पश्चिमी सीमा से आने वाले हवाई खतरों को त्वरित और प्रभावी ढंग से नष्ट किया, जिससे भारत की रक्षा क्षमता मजबूत हुई। इस शानदार प्रदर्शन ने ही भारत को अतिरिक्त S-400 यूनिट्स के लिए रूस से अपील को प्रेरित किया। एस-400 की तैनाती ने न केवल भारत के रक्षा ढांचे को मजबूती दी, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी योगदान दिया। recent visitors 44

मुख्यमंत्री ने की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु विभाग के कार्यों की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। समुदाय के अनेक विद्यार्थियों ने लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इनका निवास है। इनकी पुरानी पृष्ठभूमि अथवा पूर्व धारणा के आधार पर इन जातियों के सभी लोगों को अपराधी ना माना जाए। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में भी जातिगत संबोधन से संबोधित ना किया जाए। अपराधियों की जानकारी में जातियों का उल्लेख नहीं किया जाएं। इस तरह की असम्मानजनक शब्दावली से बचा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विभाग की बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन द्वारा इन जातियों के ऐसे लोगों को अपराधों से विमुख करने के लिए प्रयास किया जाए जो विभिन्न कारणों से अपराधों से जुड़ जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा सांसी जाति के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग के कल्याण के कार्यों को प्रभावी रूप से संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न छात्रवृतियों की राशि शैक्षणिक सत्र के दौरान ही वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि आगामी शिक्षण सत्र में विभिन्न जिलों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति वितरण के कार्य तय समय में किया जाएगा। इस बारे में विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में मेस सुविधा संचालन की स्वीकृति दिए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में मेस संचालन शुरू होगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि दिल्ली छात्र गृह योजना में वर्तमान में स्वीकृत 50 सीट की वृद्धि कर 150 सीट किया जाना प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कन्या छात्रावास में बाउंड्री वॉल का निर्माण पूर्ण होने तक कांटेदार फेंसिंग की जाए। वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन में मध्यप्रदेश बन रहा है मॉडल राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रदेश की वक्फ समितियों का डिजिटलाइजेशन राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ समितियों के डिजिटलाइजेशन सहित अन्य कार्यों में मध्यप्रदेश मॉडल के रूप में कार्य कर रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार ने अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण, छात्रवृत्ति राशि के वितरण और अन्य योजनाओं की जानकारी दी। संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण श्री नीरज वशिष्ठ ने जानकारी दी कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय की 51 जातियां हैं। इन जातियों में 14 जातियां अनुसूचित जाति वर्ग, 10 जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग और 27 जातियां सामान्य वर्ग की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी जातियों को विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय की जाति का प्रमाण पत्र दिया जाता है और विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है। बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सौरभ सुमन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 40

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने जशप्योर ब्रांड के उत्पादों की सराहना की

रायपुर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वावलंबन की भावना से ओतप्रोत "जशप्योर" ब्रांड के उत्पादों की सराहना की।  केंद्रीय मंत्री चौहान ने "जशप्योर" के उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 'जशप्योर' न केवल एक ब्रांड है, यह छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है। उल्लेखनीय है कि मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें जशपुर जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की गई जशप्योर ब्रांड की खाद्य पदार्थों से सुसज्जित विशेष परंपरागत टोकरी भेंट की।छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुके "जशप्योर" ब्रांड की यह टोकरी केवल उपहार नहीं थी, बल्कि आत्मनिर्भरता, परिश्रम और स्वदेशी कौशल का एक जीवंत प्रतीक थी। छींद कांसा की हस्तनिर्मित टोकरी में सजाए गए उत्पादों में डेकी, कुटा, जवां फूल चावल, टाऊ पास्ता, महुआ कुकीज, रागी, मखाना लड्डू, महुआ गोंद लड्डू, महुआ च्यवनप्राश, ग्रीन टी, शहद और हर्बल सिरप जैसे विविध उत्पाद शामिल थे।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक वस्तु की जानकारी बड़े उत्साह से ली। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि हमारे जनजातीय समुदाय का परिश्रम और गौरव झलकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को आत्मसात करते हुए, ऐसे लोकल ब्रांड्स को सशक्त बना रही है जो न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को भी जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की स्व सहायता समूहों की महिलाएं केवल उत्पाद नहीं बना रहीं, बल्कि आत्मनिर्भर  छत्तीसगढ़ की नींव गढ़ रही हैं। recent visitors 31

मध्यप्रदेश के 2 और महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर सर्किट किया जाएगा विकसित:CM यादव

प्रधानमंत्री मोदी को मंत्रि-परिषद ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए दी बधाई कम समय में तकनीकी श्रेष्ठता के साथ सेना द्वारा तीव्र गति से की गई कार्रवाई ने विश्व को भारत के बदलते दौर के नेतृत्व क्षमता से परिचित करवाया मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की साझी ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत पर गतिविधियां होंगी संचालित:CM यादव मध्यप्रदेश के 2 और महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर सर्किट किया जाएगा विकसित:CM यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को किया संबोधित भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पाकिस्तान के विरुद्ध संचालित ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बलों के सभी जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग करते हुए, कम समय में तीव्र गति से की गई कार्रवाई से विश्व, भारत के बदलते दौर के नेतृत्व की क्षमता से परिचित हुआ है, यह सभी भारतवासियों के लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में मंत्रीगण को प्रदेश में गेहूं उपार्जन की स्थिति, महाराष्ट्र के साथ नदी जोड़ो अभियान के लिए हुए एमओयू, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश द्वारा परस्पर समन्वय से आगामी दिनों में की जाने वाली सांस्कृतिक-धार्मिक व इतिहास केंद्रित गतिविधियों, प्रदेश में निवेश संवर्धन और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए बेंगलुरु और इंदौर में होने वाले आयोजनों तथा 20 मई को इंदौर में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक तथा विजन डॉक्यूमेंट@2047 पर चर्चा के संबंध में अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं उपार्जन में 5 मई तक प्रदेश के 3475 केंद्रों पर उपार्जन हुआ, इसमें 9 लाख किसानों की फसल का उपार्जन हुआ। प्रदेश में 77.74 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया, जिसमें से 74.42 लाख मीट्रिक टन भंडारण में आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसानों को अब तक 18 हजार 471 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। अब मात्र 400 करोड़ रुपए का भुगतान शेष है, जो शीघ्र कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ 10 मई को तापी बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के संबंध में हुए एम.ओ.यू. की मंत्रि-परिषद को बधाई दी। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि यह नदी जोड़ो अभियान का राज्य सरकार का तीसरा एम.ओ.यू. है। इस परियोजना से बुरहानपुर व खण्डवा जिले में भूजल में सुधार होगा। मध्यप्रदेश को 1 लाख 23 हजार हैक्टेयर और महाराष्ट्र को 2 लाख 37 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर अंतर्राज्यीय योजना के रूप में भारत सरकार से स्वीकृत कराने के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर सहमति बनी है। इसकी विशेषता यह होगी कि प्रदेश को परियोजना की मात्र 5 प्रतिशत राशि देनी होगी, शेष लागत केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ रहा है। दोनों राज्यों द्वारा बाजीराव पेशवा, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, अप्पाजी भोंसले इत्यादि के गौरवशाली अतीत की घटनाओं के इतिहास लेखन, दस्तावेज संकलन, डिजिटाइलिजेशन, मोढ़ी लिपि के संरक्षण, लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के धार्मिक-प्रशासनिक अवदानों के संरक्षण के लिए कार्य करने पर सहमति हुई है। मध्यप्रदेश में उज्जैन और ओंकारश्वर के ज्योतिर्लिंग तथा महाराष्ट्र के 3 ज्योतिर्लिंग का सर्किट विकसित करने पर भी सहमति हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शेगांव के गजानन ट्रस्ट द्वारा इच्छुक व्यक्तियों को सेवा का प्रशिक्षण देकर स्वयं सेवकों को सेवा और प्रबंधन के कार्य में लगाया जाता है। उनकी इस प्रणाली का लाभ महाकाल मंदिर प्रबंधन के लिए लेने पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि शुक्रवार 16 मई को इंदौर में रीजनल ग्रोथ कॉन्क्लेव मैन मेड टेक्निकल टेक्सटाइल एक्सपो का आयोजन होने जा रहा है। इसी प्रकार 14 मई को बैंगलोर में निवेश संवर्धन के संबंध में संवाद होगा।   recent visitors 33

केंद्र सरकार केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 630 करोड़ और सड़कों के निर्माण के लिए 1150 करोड़ रुपए दिए जाएंगे

भोपाल एमपी सरकार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पीएम आवास के लिए इस साल 4300 करोड़ रुपए देगी। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में गरीबों के लिए आवास बनाने का काम तेजी से हो सकेगा। इसके साथ ही एमपी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दो हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए 630 करोड़ और सड़कों के निर्माण के लिए 1150 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। पीएम ई-बस सेवा और मेट्रो के लिए 186 करोड़ रुपए इस साल मोहन यादव सरकार को मिलेंगे। केंद्र और राज्य सरकार के अंशदान से संचालित योजनाओं के साथ अलग-अलग विभागों को केंद्र सरकार द्वारा इस साल मोहन सरकार को 44255 करोड़ रुपए देने वाली है। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के संयुक्त क्रियान्वयन के लिए कुल 68519.05 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का फैसला किया गया है। इसमें 44255.33 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी जबकि 24263.71 करोड़ रुपए राज्य सरकार के अंश के रूप में शामिल होंगे। जो राशि एमपी को देने के लिए तय की गई है। उसमें स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क के साथ अन्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं पर फोकस किया है। इस राशि से प्रदेश के तेज विकास ढांचे को मजबूती देने का काम किया जा सकेगा।     योजनाओं में केंद्र से मिलेगी इतनी राशि स्वास्थ्य सेक्टर के लिए… उप स्वास्थ्य केंद्र 668.17 करोड़ नए नर्सिंग काॅलेज निर्माण 37.50 करोड़ जिला स्तरीय अमला 87.72 करोड़ एमबीबीएस सीट्स वृद्धि 90 करोड़ आयुष्मान भारत 765.96 करोड़ नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना 250 करोड़ आवास के लिए… पीएम आवास योजना अर्बन एएचपी 150 करोड़ पीएम आवास योजना अर्बन बीएलसी 600 करोड़ हाउसिंग फॉर ऑल 250.86 करोड़ पीएम जनमन आवास ग्रामीण 660 करोड़ पीएम आवास ग्रामीण 2640 करोड़ सड़क निर्माण के लिए पीएम ग्राम सड़क 810 करोड़ पीएम जनमन सड़क 633.60 करोड़ केंद्रीय सड़क निधि 1150 करोड़ अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं… पुलिस बल आधुनिकीकरण 15 करोड़ वन्य जीव पर्यावास का समन्वित विकास 86.91 करोड़ राष्ट्रीय वनीकरण ग्रीन इंडिया 48.27 करोड़ राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य में वन्य प्राणियों का रहवास कार्यक्रम 15.22 करोड़ परंपरागत कृषि विकास योजना 29.95 करोड़ पीएम ई बस सेवा 65.99 करोड़ मेट्रो रेल 120 करोड़ शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0 120 करोड़ न्यायालय भवन निर्माण 180 करोड़ केन बेतवा लिंक परियोजना 630 करोड़ बांध तथा अन्य कार्य 290 करोड़ जल जीवन मिशन 8561.22 करोड़ पीएम कौशल विकास योजना 86.56 करोड़ आंगनबाड़ी सेवाएं 3263.59 करोड़ ओबीसी को 11वीं, 12वीं, कालेज स्कॉलरशिप 200.20 करोड़ एससी स्टूडेंट्स को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 461 करोड़ मनरेगा 3220 करोड़ recent visitors 37

PoK खाली करे पाकिस्तान, तभी होगी द्विपक्षीय वार्ता; तीसरा कोई दखल ना दे; भारत की खरी-खरी

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान को पीओके को खाली करना होगा. जम्मू-कश्मीर मामले में कोई तीसरा पक्ष दखल न दे. विदेश मंत्रालय रणधीर जायसवाल ने कहा, 'सभी मामले द्विपक्षीय तरीके से हल होंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमारा लंबे समय से राष्ट्रीय रुख रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय रूप से हल करना होगा। इस नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। लंबित मामला पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है।’ भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद सीमावर्ती इलाकों में जनजीवन अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुख के साथ बैठक करके पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद से हालात पर चर्चा की. उधर विदेश मंत्री जयशंकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पीएम आवास पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही साफ कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है और ये तब तक चलता रहेगा जब तक आतंकियों का खात्मा नहीं हो जाता. प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में बसे आतंकियों पर हुए हमलों के लिए सेना की तारीफ की. उन्होंने साफ कर दिया कि सीजफायर अस्थाई है, यानी ऑपरेशन सिंदूर को सिर्फ रोका गया है, ये ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है. पीएम मोदी ने इसके साथ ही कहा कि ये सीजफायर तब तक ही टिक सकता है जब तक पाकिस्तान अपनी हद में रहे. प्रधानमंत्री ने साफ किया कि पाकिस्तान में बने आतंकियों के ठिकाने और उसकी फ़ौज के ठिकाने भारत की मिसाइलों के निशाने पर हमेशा रहेंगे. अगर उसने दोबारा आतंकी संगठनों की मदद से या सेना के जरिये भारत पर किसी भी तरह के हमले की कोशिश की, तो फिर सेना इसका माकूल जवाब देगी. इस बीच बीजेपी आज से देशभर में तिरंगा यात्रा निकालने वाली है. यह यात्रा 10 दिन यानी 23 मई तक चलेगी, जिसका नेता वरिष्ठ नेता और मंत्री करेंगे. इस यात्रा का मकसद सभी लोगों को ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धियों के बारे में बताना है. उधर एयर इंडिया और इंडिगो ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर ताजा हलचल को देखते हुए आज जम्मू, अमृतसर, चंडीगढ़, लेह, श्रीनगर और राजकोट से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं. भारतीय हथियारों की ताकत ने पाक को गोलीबारी रोकने के लिए मजबूर किया, विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में बोले प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल नेकार्रवाई रोकने और मध्यस्थता के दावों पर कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 10 मई 2025 को 15:35 बजे शुरू होने वाली फोन कॉल पर समझौते की विशिष्ट तारीख, समय और शब्दावली पर काम किया गया. इस कॉल के लिए विदेश मंत्रालय को पाकिस्तानी उच्चायोग से 12:37 बजे अनुरोध प्राप्त हुआ. तकनीकी कारणों से पाकिस्तानी पक्ष को भारतीय पक्ष से हॉटलाइन कनेक्ट करने में शुरुआती कठिनाइयाँ हुईं. उसके बाद 15:35 बजे भारतीय डीजीएमओ की उपलब्धता के आधार पर समय तय किया गया. आप निश्चित रूप से इस बात की सराहना करेंगे कि 10 तारीख की सुबह, हमने प्रमुख पाकिस्तानी वायु सेना ठिकानों पर एक अत्यंत प्रभावी हमला किया था. यही कारण था कि वे अब गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए तैयार थे. मैं स्पष्ट कर दूँ. यह भारतीय हथियारों की ताकत थी जिसने पाकिस्तान को अपनी गोलीबारी रोकने के लिए मजबूर किया. कश्‍मीर पर किसी का दखल मंजूर नहीं, ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय ने किया साफ विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारा लम्बे अरसे से यही राष्ट्रीय पक्ष रहा है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय तरीके से ही हल करना है. इस नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जैसा कि आप जानते हैं, लंबित मामला केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्ज़ा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है. कश्‍मीर के मसले पर किसी तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर डीआईए के डीजी ने 70 देशों की डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी को दी जानकारी लेफ्टिनेंट जनरल डी.एस. राणा, महानिदेशक डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी (DG DIA) ने 70 देशों के विदेशी सेवा अधिकारियों को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह अभियान भारत-पाक संबंधों में नए मानदंड स्थापित करता है और भारत की सैन्य श्रेष्ठता व राष्ट्रीय संकल्प को दर्शाता है. ऑपरेशन की योजना लक्ष्यों की पुष्टि के बाद बनाई गई थी, जिसमें मल्‍टी डायमेंशनल कार्रवाई की गई. स्वदेशी ताकत और तकनीकी क्षमता, जैसे स्पेस, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भारत की बढ़त को दर्शाया गया. साथ ही दुश्मन की दुष्प्रचार मुहिम और भारत की समग्र राष्ट्रीय रणनीति भी साझा की गई. ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया ने माना भारत का लोहा, डिफेंस एक्‍सपोर्ट 34 गुना बढ़ा भारत के डिफेंस एक्‍सपोर्ट में शानदार बढ़ोतरी हुई है. साल 2013-14 में ₹686 करोड़ से बढ़कर यह साल 2024-25 में ₹23,622 करोड़ पहुंच गया है. इसमें कुल 34 गुना उछाल आया है. इस वर्ष निजी क्षेत्र का योगदान ₹15,233 करोड़ और DPSUs का ₹8,389 करोड़ रहा. DPSU का एक्‍सपोर्ट 42.85% बढ़ा है. बताया गया कि एक्‍सपोर्ट अप्रूवल में 16.92% और एक्‍सपोर्ट की संख्या में 17.4% बढ़ोतरी हुई है. भारत अब 100 से अधिक देशों, जैसे अमेरिका, फ्रांस, और आर्मेनिया को रक्षा उत्पाद एक्‍सपोर्ट करता है. सरकार का लक्ष्य 2029 तक ₹50,000 करोड़ डिफेंस एक्‍सपोर्ट करना है, जो भारत की वैश्विक रक्षा उत्पादन में मजबूत स्थिति को दर्शाता है. ट्रंप, कश्‍मीर, पाकिस्‍तान… ऑपरेशन सिंदूर पर शशि थरूर ने सीएनएन न्‍यूज18 से की बात, क्‍या बोले? कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने CNN News18 से ऑपरेशन सिंदूर पर बातचीत में कहा कि भारत कभी भी पाकिस्तान के साथ मध्यस्थता नहीं चाहता और यह भारत की नीति के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच कोई समानता नहीं हो सकती. भारत आतंकवाद का शिकार है जबकि पाकिस्तान उसका जनक है। उन्होंने ट्रंप की भाषा पर आपत्ति जताई, जिसमें मध्यस्थता की बात और दोनों देशों को समान स्तर पर रखने की कोशिश की गई. थरूर … Read more