रानी अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती के मौके पर शुरू होगा नया अभियान 21 से 31 मई के बीच चलाया जाएगा

भोपाल  मध्यप्रदेश में बीजेपी नया अभियान शुरू करने जा रही है। यह नया अभियान रानी अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती के मौके पर शुरू होगा। नया अभियान 21 से 31 मई के बीच चलाया जाएगा। इसी कड़ी में 31 मई को अहिल्याबाई की 300 वीं जयंती प्रदेश भर में मनाई जाएगी। दरअसल बीजेपी के नेता रानी अहिल्याबाई के जीवन मूल्य और वीरता के साथ उनके दूरदर्शी शासन, सामाजिक सुधार, समावेशी शासन और मंदिरों के जीर्णोद्धार के जरिए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बारे में जनता के बीच जाकर चर्चा करेंगे। बीजेपी सरकार के सामाजिक सुधार, समावेशी विकास और ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को जनता के बीच बताएगी। 14 मई को भोपाल में बड़ा वर्कशॉप का आयोजन होगा। कार्यशाला बीजेपी प्रदेश कार्यालय में होगी। वर्कशॉप में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री के साथ ही विधायक, संसद, जिला अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस दौरान बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता अहिल्याबाई के जीवन मूल्य और वीरता के साथ उनके दूरदर्शी शासन, सामाजिक सुधार, समावेशी शासन और मंदिरों के जीर्णोद्धार के जरिए सांस्कृतिक पुनर्जागरण के बारे में जनता के बीच जाकर चर्चा करेंगे। अहिल्याबाई के साथ ही बीजेपी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सामाजिक सुधार, समावेशी विकास और 'विकास भी और विरासत भी' के संकल्प को जनता के बीच बताएगी। अभियान का उद्देश्य अहिल्या की विरासत- बीजेपी के इस अभियान का उद्देश्य महारानी अहिल्याबाई होल्कर के प्रेरणादाई जीवन को समाज के सामने लाना है। बीजेपी उनके सुशासन की विरासत का प्रचार करेगी। धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए किए गए कामों को समाज के बीच पहुंचाएगी। बीजेपी के समावेशी सुशासन का प्रचार- समावेशी एवं मूल्य आधारित शासन के प्रति बीजेपी की प्रतिबद्धता को बताएंगे। केन्द्र और मप्र की भाजपा सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के कामों को बताएंगे। पिछड़े, एससी, एसटी वर्ग के लोगों के कल्याण के साथ ही गृह एवं कुटीर उद्योग के प्रोत्साहन में भाजपा की उपलब्धियों को सामने लाया जाएगा। 14 को भोपाल में बड़ी वर्कशॉप बीजेपी ने अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती के अभियान का जो कैलेंडर बनाया है उसके तहत 14 मई को भोपाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में कार्यशाला होगी। इस वर्कशॉप में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री के साथ ही विधायक, जिला अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। अभियान में होने वाले कार्यक्रमों की टाइमलाइन     कार्यक्रम की प्लानिंग से जुड़ी बैठकें- 16 से 18 मई     प्रदेश वक्ताओं की कार्यशालाएं- 14 से 14 मई     अभियान का क्रियान्वयन– 21 से 31 मई अभियान के क्रियान्वयन के लिए समितियां बनेंगी इस अभियान के क्रियान्वयन के लिए प्रदेश और जिला स्तर पर समितियां बनेंगी। प्रदेश की समिति में एक प्रदेश पदाधिकारी संयोजक होगा। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सह संयोजक के साथ 3 सदस्य और रहेंगे। जिला स्तरीय समिति में एक संयोजक के साथ महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष और एक सदस्य के साथ कार्यक्रमों के प्रमुख शामिल रहेंगे। अभियान में ये कार्यक्रम होंगे     21 से 31 मई के बीच राजधानी भोपाल सहित सभी जिलों में कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।     नगरीय निकायों, महिला एनजीओ के जरिए कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे।     अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, सुधारों और सांस्कृतिक योगदान को दर्शाने वाली पुस्तिकाएं, पैम्फलेट्स, सहित अन्य सामग्री पब्लिक के बीच वितरित की जाएगी।     कार्यक्रमों में निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को आयोजन और कार्यक्रमों में बोलने के लिए सक्रिय और प्रत्यक्ष भूमिका दी जाएगी। शोभा यात्राओं में दिखेगी अहिल्याबाई की विरासत अहिल्याबाई की विरासत और भाजपा के सामाजिक सुधार और सुशासन के प्रति संकल्प को कार्यक्रमों में दिखाया जाएगा। उनके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक योगदान का उत्सव समारोह मनाते हुए भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएंगी। बुनकरों, मंदिरों के अर्चक के साथ विशेष संपर्क किया जाएगा। पत्रकारों और बुद्धिजीवियों के साथ बैठकें की जाएगी। महेश्वरी साड़ी की प्रदर्शनी और हथकरघा हाट भी लगेंगी अहिल्याबाई के जीवन और विरासत से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं पर आधारित नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा। स्वदेशी बुनाई परंपराओं के पुनर्जीवन और कला संस्कृति के प्रचार में अहिल्याबाई की विरासत को लोकप्रिय बनाने के लिए महेश्वरी साड़ी प्रदर्शनी और हथकरघा हाट के आयोजन किए जाएंगे। मंदिरों और घाटों पर सफाई अभियान चलाकर आरती और पूजा की जाएगी। इस दौरान अहिल्याबाई के जीवन से जुडे़ स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित करके वहां कार्यक्रम किए जाएंगे। अभियान में युवा और महिलाओं पर फोकस महिला- बीजेपी की महिला नेत्रियों के नेतृत्व में वॉकेथॉन और विशेष दौड के आयोजन होंगे। महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन आयोजित कर भाजपा की सरकार में महिला नेतृत्व को मिले प्रोत्साहन को बताया जाएगा। युवा- शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार और पारस्परिक संवाद सत्र आयोजित करके छात्रों को अहिल्याबाई होल्कर की विरासत और नेतृत्व, सामाजिक सुधार के साथ राष्ट्र निर्माण में उसकी प्रासंगिकता से रुबरू कराया जाएगा। प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन, भाषण जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को अहिल्याबाई की विरासत से परिचित कराया जाएगा। ज्ञान संचालित देशभक्ति पर बीजेपी के जोर पर प्रकाश डाला जाएगा। recent visitors 53

मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे

जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए 47 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक की योजना की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद में हाथी मित्र दल के गठन की मंजूरी मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने और जंगली हाथियों के प्रबंधन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 और वर्ष 2026-27 अर्थात आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये की योजना क्रमांक 9854 की सैद्धातिंक स्वीकृति दी गयी है। योजना अंतर्गत हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 एवं वर्ष 2024-25 में कुल राशि रूपये एक करोड़ 52 लाख 54 हजार रूपये व्यय की गयी है। निर्णय अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना में राशि 20 करोड़ रूपये और वर्ष 2026-27 में 25 करोड़ 59 लाख 15 हजार रूपये का प्रावधान किया गया। इस तरह आगामी 2 वर्षों सहित कुल 4 वर्षों (वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक) के लिए योजना का आकार राशि 47 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ऐसे संरक्षित क्षेत्र जहाँ हाथियों का आवागमन या उपस्थिति है उनमें एवं संरक्षित क्षेत्रों के बाहर जंगली हाथियों की सुरक्षा एवं अनुश्रवण, रहवास प्रबंधन तथा विकास के लिए योजना बनाई गयी है। जंगली हाथियों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, वन्यजीव मानव द्वंद को रोकने के लिए विभिन्न संरचनाएं बनाई जाएंगी। ई-आई सर्विलेंस की स्थापना और संचालन किया जाएगा। वन्य-प्राणियों के रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए कार्य किया जाएगा। योजना अंतर्गत प्रभावित क्षेत्रों में मानव-हाथी द्वंद से निपटने के लिए ग्रामीणों, वन विभाग और अन्य विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभिन्न प्रकार की फेसिंग कार्य किया जाएगा, जिसमें सोलर फेंसिंग भी शामिल है। मानव-हाथी द्वंद के लिए रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा और आवश्यक उपकरण क्रय किए जाएंगे। निगरानी और ट्रेकिंग कार्य के लिए पेट्रोलिंग वाहन और रेडियो कॉलर क्रय किए जाएंगे। साथ ही हाथी मित्र दल का गठन किया जाएगा।   recent visitors 27

Tata Motors का मुनाफा 8,470 करोड़ रहा, रेवेन्‍यू में मामूली बढ़ोतरी, 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का एलान

मुंबई ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motos Q4 Result) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 51.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही में 17,552 करोड़ रुपये था और इस तिमाही में घटकर 8,470 करोड़ रुपये पर आ गया है. जबकि कंपनी की आय मामूली बढ़ोतरी के साथ 1,18,927 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जबकि EBITDA 0.6% की हल्की बढ़त के साथ ₹16,644 करोड़ पर पहुंच गई. हालांकि, टाटा मोटर्स (Tata Motors) के राजस्व में बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन लागत में कटौती और कच्चे माल के दाम में गिरावट के बावजूद मुनाफा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान इस रिजल्ट के साथ ही कंपनी शेयरधारकों को 6 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है. यह लाभांश ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयरों पर दिया जाएगा और AGM में स्वीकृति के बाद 24 जून 2025 तक भुगतान किया जाएगा. कंपनी ने लग्जरी वाहन ब्रांड Jaguar Land Rover (JLR) ने SUV सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है. चौथी तिमाही (Q4 FY25) के वित्तीय परिणाम टाटा मोटर्स का Q4 FY25 में शुद्ध मुनाफा ₹8,470 करोड़ रहा. यह पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹17,552 करोड़ के मुकाबले 51.7% की गिरावट दर्शाता है. टाटा मोटर्स ने ₹1,000 करोड़ के नेट ऑटो कैश बैलेंस के साथ अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया है. Jaguar Land Rover (JLR): JLR के बिक्री वॉल्यूम में Q4 FY25 में 1.1% की वृद्धि हुई. SUV वाहनों की उत्तरी अमेरिका और यूरोप में अच्छी मांग रही. JLR का राजस्व 2.4% बढ़ा और कुल राजस्व ₹1.2 लाख करोड़ रहा. तिमाही में EBIT मार्जिन 10.7% रहा. पूरे वित्त वर्ष के लिए EBIT मार्जिन 8.5% रहा. नतीजों की घोषणा के बाद टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावट देखी गई. बीएसई (BSE) पर इसका शेयर 1.76% की गिरावट के साथ ₹707.90 पर बंद हुआ. पिछले 6 महीने में टाटा मोटर्स का शेयर करीब 10 फीसदी गिरा है, जबकि एक साल के अंदर शेयर में 26 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है. अभी भी शेयर अपने ऑल टाइम हाई से करीब 40 फीसदी नीचे है.  कंपनी अपने इलेक्ट्रिक वाहनों के पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही लागत कटौती और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. JLR सेगमेंट में अधिक मुनाफा कमाने पर जोर रहेगा. क्‍या हैं सेक्‍टर की चुनौतियां चीन और दक्षिण कोरिया जैसे ग्‍लोबल लीडर्स के मुकाबले भारतीय शिपयार्ड उत्पादन क्षमता, डिजाइन, स्वचालन, कुशल श्रमशक्ति और वेंडर नेटवर्क के मामले में पीछे हैं. शिप रिपेयर का बढ़ता अवसर वैश्विक शिप रिपेयर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और भारत की रणनीतिक स्थिति इसे इस सेक्‍टर में प्रमुख खिलाड़ी बना सकती है. भारतीय शिपयार्ड भारतीय नौसेना के साथ-साथ अमेरिकी नौसेना की 5वीं और 7वीं फ्लीट को सेवाएं देने के लिए समझौते कर रहे हैं. उदाहरण के लिए, मझगांव डॉक और कोचीन शिपयार्ड ने US नेवी के साथ मास्टर शिप रिपेयर एग्रीमेंट (MSRA) पर हस्ताक्षर किए हैं. प्रमुख शिपयार्ड की संभावनाएं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) : पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण में अग्रणी और P75I व कलवरी के ऑर्डर से इसका ऑर्डर बुक बढ़ने की संभावना है. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) : छोटे जहाजों और फ्रिगेट्स के निर्माण में माहिर. NGC और P17B प्रोजेक्ट्स से इसे बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना है. कोचीन शिपयार्ड (CSL) : सबसे बड़ी क्षमता वाला शिपयार्ड, लेकिन निकट भविष्य में IAC-II के ऑर्डर की कमी के कारण इसके ऑर्डर बुक पर प्रभाव पड़ सकता है. हालांकि, शिप रिपेयर में इसे बढ़ने का मौका है. इन शेयरों (Defence Stocks) पर रखें नजर CMP : 2,905 रुपये रेटिंग : BUY टारगेट प्राइस : 3,433 रुपये Cochin Shipyards CMP : INR 1,521 रेटिंग : HOLD टारगेट प्राइस : 1,481 रुपये Garden Reach Ship. & Engineers CMP : 1,820 रुपये रेटिंग : BUY टारगेट प्राइस : 2,024 रुपये   recent visitors 43

इंदौर में पहली बार एक ही दिन डबल ट्रांसप्लांट, बेटे ने दिया लिवर, तो भतीजी ने किडनी देकर बचाई जान

उज्जैन  कहते हैं कि दुख में अगर कोई साथ देता है, तो वह परिवार ही है. जो कितनी भी विपरीत परिस्थिति में साथ खड़ी रहती है, कुछ ऐसा ही मामला उज्जैन के जगर परिवार से सामने आया है. विनोद जगर लिवर खराब होने से बीते 4 सालों से बीमार चल रहे थे, इतना ही नहीं लिवर के ट्रीटमेंट के दौरान उनकी एक किडनी भी खराब हो गई थी. लिवर और किडनी दोनों आर्गन खराब होने से विनोद जगर पर मानों दुखों का पहाड़ टूट गया, ऐसे में बेटे ने लिवर तो भतीजी ने किडनी देकर जान बचाई. इसके साथ ही यह मध्य प्रदेश का पहला डबल ऑर्गन ट्रांसप्लांट भी कहलाया. लिवर के साथ किडनी भी खराब दरअसल, 48 वर्षीय कॉन्ट्रेक्टर विनोद जगर बीते 4 सालों से लिवर खराब होने के कारण बीमार चल रहे थे. 4 साल चले ट्रीटमेंट के बाद उनकी एक किडनी ने भी साथ छोड़ दिया. विनोद जगर को जब डॉक्टर ने किडनी खराब होने की जानकारी दी, तो वो टूट गए. ऐसे में उन्होंने कई डॉक्टरों को दिखाया. इसके बाद इंदौर और अमहदाबाद के डॉ से सलाह लेने पर परिजनों को आखिर में अंग ट्रांसप्लान्ट का ही रास्ता नजर आया. ऐसे में विनोद जगर के 24 वर्षीय बेटे यश जगर व 32 वर्षीय विवाहित भतीजी सीमा यादव ने किडनी और लिवर देकर अपने पिता व चाचा विनोद जगर की जान बताई. 2021 में बीमारी का चला पता जगर परिवार के दोनों बच्चों ने समाज में मिसाल पेश की. 6 मई को इंदौर के निजी अस्पताल में 16 घंटे चले इस ऑपेरशन में एक साथ दोनों ऑर्गन ट्रांसप्लान्ट किए गए. जिसे प्रदेश में पहला ऐसा ऑपेरशन माना जा रहा है, जिसमें पहली बार एक साथ दो ऑर्गन ट्रांसप्लान्ट किए गए हों. वहीं विनोद जगर के सबसे बड़े बेटे विनि जगर ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि "पिता की बीमारी का पता साल 2021 में चला था. डॉ के अनुसार 4 साल ट्रीटमेंट चलता रहा, लेकिन साल 2024 में डॉ ने किडनी खराब होना भी बताया. बेटे ने लिवर तो भतीजी ने दी किडनी विनि जगर ने कहा कि डॉक्टर ने बताया कि पिता कभी भी कोमा में जा सकते हैं. उनकी बॉडी बेसिक मूवमेंट करना बंद कर सकती है. परिवार ने ऑर्गन के लिए कई प्रयास किये, लेकिन असफलता मिली. ऐसे में परिवार के दो बच्चे विनोद जगह के लिए देवदूत बन खड़े हुए. बेटे यश और भतीजी सीमा ने चाचा को नई जिंदगी दी. विनी जगर ने यह भी बताया की परिवार में दादी, मां और हम तीन भाई हैं. सबके ब्लड ग्रुप देखे गए, मां और मेरा मैच नहीं हुआ. दादी की उम्र ज्यादा है, छोटा भाई 19 वर्ष का है, बीच वाला 24 वर्ष और फिर में. बीच वाले भाई यश का ब्लड ग्रुप मैच हुआ 0+, फिर उसने पिता को लिवर दिया. 16 घंटे चले ऑपरेशन में दो अंग ट्रांसप्लांट जैसे तैसे लिवर की समस्या से निजात मिला, तो किडनी की समस्या आ खड़ी हुई. ऐसे में बड़े भाई की बेटी सीमा यादव जो विवाहित है और उनके 2 बच्चे हैं. उन्होंने कहा कि चाचा को मेरी किडनी दे सकते हैं. इसके बाद 6 मई को ऑपेरशन सक्सेस रहा. दोनों भाई बहन को अस्पताल से 13 मई तक डिस्चार्ज मिल गया है. पिता विनोद एडमिट हैं और 15 दिन में डिस्चार्ज हो जाएंगे. ये ऑपेरशन सुबह 07 बजे से शुरू हुआ जो रात 11 बजे तक चलता रहा. विनी जगर के अनुसार डॉ अमित सिंह बरफा ने लिवर ट्रांसप्लांट किया और डॉ सनी मोदी ने किडनी. सीमा यादव जिसने किडनी डोनेट की, उन्हें डॉ के निर्देश हैं, वो कोई फिजिकल एक्टिविटी न करे. जबकि बेटे यश के लिए कहा गया एक वक्त के बाद लिवर रीजनरेट होगा. तब तक डॉ के गाइडेंस में रुटीन फॉलो करे. recent visitors 32

गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने की सराहना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बताया क्रांतिकारी कदम: मुख्यमंत्री साय गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य – मुख्यमंत्री  साय ‘अमृत सरोवर’ योजना से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार  और जलसंरक्षण की दिशा में मिलेंगे ठोस परिणाम: स्थानीय आजीविका से जोड़ने केंद्रीय मंत्री ने दिए निर्देश छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विकास का समग्र रोडमैप तय रायपुर   केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव श्री आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव श्री अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार श्री नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 64

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान सेना का कबूलनामा, बताया क्या- क्या हुआ नुकसान!

नई दिल्ली अपने देश में जश्न मनाने के बाद अब पाकिस्तान ने कुबूल कर लिया है कि भारत की जवाबी कार्रवाई में उसके 11 सैनिक मारे गए है और 78 कर्मी घायल हो गए. इसके अलावा गोलाबारी में 40 नागरिक भी घायल हुए हैं. साथ ही पाकिस्तान ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय मिसाइल हमलों में पाकिस्तानी एयरफोर्स को भी भारी नुकसान हुआ है. वहीं, भारतीय सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई के बाद दी जानकारी में स्पष्ट कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी और उसके बाद जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 40 जवान और अधिकारी मारे गए हैं. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को भारत के साथ हाल ही में हुए टकराव के दौरान हुए सैन्य और नागरिक हताहतों का आधिकारिक ब्यौरा जारी किया है. इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, 6 और 7 मई को भारतीय कार्रवाई के जवाब में 'ऑपरेशन बुनयान-उन-मार्सस' के दौरान देश की रक्षा करते हुए 11 सैनिक मारे गए तथा 78 कर्मी घायल हो गए. मारे गए 6 सैन्यकर्मी और एयरफोर्स के 5 अधिकारी ISPR ने बताया कि भारतीय हमलों में मरने वाले छह सैन्यकर्मी नायक अब्दुल रहमान, नायक वकार खालिद, लांस नायक दिलावर खान, इकरामुल्लाह, सिपाही अदील अकबर और सिपाही निसार शामिल हैं. ISPR ने ये भी स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों में पाकिस्तानी वायुसेना को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें एयरफोर्स के पांच अधिकारी मारे गए हैं. स्क्वाड्रन लीडर उस्मान यूसुफ, मुख्य तकनीशियन औरंगजेब, वरिष्ठ तकनीशियन नजीब, वरिष्ठ तकनीशियन मुबाशिर और कॉर्पोरल तकनीशियन फारूक शामिल हैं. पाकिस्तानी आर्मी के अनुसार, सैन्य हताहतों के अलावा LoC के पार भारतीय सेना की अकारण गोलाबारी में भारी नागरिक हताहत हुए. आईएसपीआर के बयान के अनुसार, सात महिलाओं और 15 बच्चों सहित 40 नागरिकों की जान चली गई, जबकि 121 अन्य – जिनमें 27 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं – घायल हो गए. भारत द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की नींव हिला दी है। इस हमले में भारत ने कई रणनीतिक पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया। सबसे खास बात यह रही कि पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने खुद सार्वजनिक रूप से भारत के हमले और उससे हुए भारी नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने नया मोड़ तब लिया जब भारत ने सीमापार आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम दिया। इस सैन्य अभियान ने पाकिस्तान के भीतर आतंक के अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान जहां पहले मीडिया प्रोपेगेंडा के ज़रिए सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहा था, वहीं अब खुद पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने सामने आकर भारत के हमले में हुए गंभीर नुकसान को स्वीकार कर लिया है। भारत की इस निर्णायक कार्रवाई ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य संरचना को झकझोर दिया, बल्कि यह एक बड़ा कूटनीतिक और सामरिक संदेश भी बनकर उभरा है। इस अभियान का उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों और भारत विरोधी गतिविधियों के केंद्रों को नष्ट करना था। भारत ने स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई।भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत कई पाकिस्तानी एयरबेस पर निशाना साधा, जिनमें प्रमुख थे:     रावलपिंडी का नूरखान एयरबेस      शोरकोट एयरबेस     सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ के ठिकाने इशाक डार ने कबूल की तबाही पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार  ने प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि भारत ने नूरखान एयरबेस पर हमला किया। उन्होंने शोरकोट, सुक्कुर और मुजफ्फरगढ़ जैसे ठिकानों पर हमला किया। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई थी जिसमें पाकिस्तान का नुकसान हुआ।भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं । इस बयान से पाकिस्तान की अंदरूनी स्थिति और भारत की सैन्य ताकत की पुष्टि होती है। पाकिस्तानी सेना ने भी मानी हार पाकिस्तानी सेना ने भी यह स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका कम से कम एक लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि उन्होंने यह बताने से परहेज किया कि यह कौन सा विमान था। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भारत का कोई भी पायलट उनके कब्जे में नहीं है इससे यह साबित होता है कि भारत की कार्रवाई पूरी तरह एकतरफा और सफल रही। भारत की सख्त चेतावनी: अब सीजफायर हुआ तो… भारत के  DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद सीजफायर की पहल की थी, लेकिन फिर उसे तोड़ते हुए आतंकी घुसपैठ कराई। अब अगर सीजफायर का उल्लंघन किया गया, तो भारत और बड़ा जवाब देगा। DGMO ने यह भी जानकारी दी कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत 100 से अधिक आतंकवादियों को मारा गया। इसके अलावा, सीमा पर हुई जवाबी गोलीबारी में पाकिस्तानी सेना के  35-40 सैनिकों के मारे जाने की भी पुष्टि की गई है।  मारे गए आंतकियों में  शामिल हैं:      यूसुफ अजहर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा आतंकी और मसूद अजहर का रिश्तेदार      अब्दुल मलिक रऊफ  पाकिस्तान में सक्रिय ISI समर्थित आतंकी      मुदस्सिर अहमद जम्मू-कश्मीर में कई हमलों का मास्टरमाइंड  क्यों अहम ‘ऑपरेशन सिंदूर’?      यह कार्रवाई सीमापार आतंकवाद और आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने की एक स्पष्ट नीति का हिस्सा है।      भारत ने कूटनीतिक स्तर पर यह संदेश दिया कि अब हर हमले का ठोस जवाब दिया जाएगा।      यह ऑपरेशन 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के समान ही प्रभावशाली माना जा रहा है।  ऑपरेशन सिंदूर का  असर      पाकिस्तान के कम से कम 4 एयरबेस पूरी तरह ध्वस्त      आतंकवादियों के प्रमुख शिविर नष्ट       भारतीय सैन्य शक्ति का सफल प्रदर्शन       पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी       पाकिस्तान के नेताओं द्वारा खुलकर सच स्वीकारना   recent visitors 49

भोपाल में 2 बजे के बाद आधा घंटा हल्की बारिश हुई, प्रदेश में एक साथ कई सिस्टम एक्टिव, मई महीने में लगातार आंधी-बारिश का दौर

भोपाल मध्य प्रदेश में एक साथ एक्टिव कई सिस्टम की वजह से मई महीने में लगातार आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। भोपाल में 2 बजे के बाद करीब आधा घंटा हल्की बारिश हुई। अगले कुछ घंटे में बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, धार, पांढुर्णा, अलीराजपुर, देवास, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, डिंडोरी, अनूपपुर और सागर में मौसम बदला रहेगा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 7 संभाग के 38 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट है। रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों में मौसम साफ रहेगा और तेज गर्मी पढ़ेगी। आज इन जिलों में बदला रहेगा मौसम मंगलवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में मौसम बदला रहेगा। यहां 30 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। खजुराहो का पर 41 डिग्री पार प्रदेश में सोमवार को दिन का तापमान फिर से 41 डिग्री के पार पहुंच गया है। सबसे गर्म खजुराहो रहा। जहां तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सतना में 40.7 डिग्री, रीवा में 40.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.4 डिग्री, इंदौर में 36.7 डिग्री, ग्वालियर में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 37.8 डिग्री और जबलपुर में 38.3 डिग्री रहा। इकलौता हिल स्टेशन में तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, भोपाल में पूरे दिन धूप खिली रही, लेकिन शाम को मौसम बदल गया। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, रात में कई जिलों में बारिश हो सकती है। 16 मई तक बदला रहेगा प्रदेश का मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 16 मई तक प्रदेश में आंधी, बारिश का अलर्ट है। जिन जिलों में सिस्टम की एक्टिविटी नहीं रहेगी, वहां गर्मी बढ़ जाएगी। उत्तरी हिस्से यानी, ग्वालियर-चंबल में आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में कुछ सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में मौसम बदला है। 16 मई तक हल्की बारिश गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद गर्मी का असर बढ़ सकता है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा प्रदेश का मौसम 13 मई: भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड,मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 14 मई: भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, भिंड,दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, सिवनी, मंडला, बालाघाट, अशोकनगर, गुना, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बुरहानपुर,, खंडवा, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़ में आंधी चलने के साथ बारिश हो सकती है। 15 मई: इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में तेज आंधी का अलर्ट है। यहां बारिश भी हो सकती है। 16 मई: भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़,शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना में आंधी, बारिश का अलर्ट है। recent visitors 37