भोपाल में बढ़ा H1N1 और डेंगू का खतरा, 7 दिन में स्वाइन फ्लू के 36 नए मरीज, जानें लक्षण और बचाव
H1N1 and dengue threat rises in Bhopal; 36 new swine flu patients in 7 days; learn about symptoms and prevention मौसम के बदलते मिजाज के बीच राजधानी भोपाल में मौसमी बीमारियों का असर बढ़ता नजर आ रहा है। स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. पिछले सात दिनों में H1N1 के 36 नए मरीज सामने आए हैं. इसके साथ ही स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 57 पहुंच गई है. वहीं डेंगू के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं हेल्थ जोन। मौसम के बदलते मिजाज के बीच राजधानी भोपाल में मौसमी बीमारियों का असर बढ़ता नजर आ रहा है। स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. पिछले सात दिनों में H1N1 के 36 नए मरीज सामने आए हैं. इसके साथ ही स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 57 पहुंच गई है. वहीं डेंगू के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं और अब तक 72 मरीज सामने आ चुके हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों से सतर्क रहने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील कर रहा है. स्वाइन फ्लू के ये हैं प्रमुख लक्षण H1N1 समेत फ्लू में तेज बुखार या ठंड लगना, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है.अगर बुखार लगातार बना हुआ है, खांसी बढ़ रही है या सांस लेने में परेशानी हो रही है तो इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी. बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी फ्लू से गंभीर बीमारी का जोखिम छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कुछ दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों में अधिक हो सकता है. ऐसे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है. हाथों की सफाई और खांसी के दौरान बरतें सावधानी संक्रमण से बचाव के लिए हाथों को साबुन से नियमित रूप से साफ करना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और बीमार व्यक्ति के बेहद नजदीकी संपर्क से बचना उपयोगी सावधानियां हैं. फ्लू के लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना भी संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है.भोपाल में H1N1 और डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच फिलहाल घबराने के बजाय सावधानी बरतना जरूरी है. लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें recent visitors 5