हिज्बुल्लाह को मिला नया चीफ, नईम कासिम को सौंपी कमान

बेरुत इजरायल ने लेबनान में एक्टिव चरमपंथी संगठन हिज्बुल्लाह की कमर तोड़कर रख दी है. ऐसे में हसन नसरल्लाह के खात्मे के बाद एक बार फिर हिज्बुल्लाह को नया सरगना मिल गया है. हिज्बुल्लाह ने नईम कासिम (Naim Qassem) को संगठन का नया चीफ नियुक्त किया है. वह इससे पहले हिज्बुल्लाह का डिप्टी सेक्रेटरी जनरल था. 8 अक्तूबर को एक अज्ञात स्थान से पर्दे के सामने बोलते हुए कासिम ने कहा था कि हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष एक युद्ध है कि पहले कौन चिल्लाता है। उन्होंने वादा किया कि इस युद्ध में हिजबुल्लाह पहले नहीं चिल्लाएगा। उन्होंने दावा किया था कि इजरायल के दर्दनाक हमलों के बावजूद हिजबुल्लाह की क्षमताएं बरकरार हैं। इजरायल के युद्धविराम चाहते हैं नईम कासिम हालांकि, कासिम ने अपने इसी भाषण में युद्धविराम की बात भी कही थी। यह हिजबुल्लाह के किसी वरिष्ठ नेता द्वारा पहली बार युद्धविराम का आह्वान भी था, जिसमें पूर्व शर्त के रूप में गाजा में युद्धविराम की बात नहीं कही गई थी। इससे पहले हिजबुल्लाह के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं ने यही कहा था कि हिजबुल्लाह इजरायल पर हमले तभी रोकेगा, जब गाजा पट्टी में युद्धविराम लागू होगा। कासिम ने कहा था कि उनका समूह लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी के युद्धविराम के प्रयासों का समर्थन करता है। हाशेम सफीद्दीन के बाद नेता बनें नईम कासिम उनका 30 मिनट का टेलीविजन संबोधन, हिज़बुल्लाह के वरिष्ठ नेता हाशेम सफीद्दीन के इज़राइली हमले का निशाना बनने के कुछ ही दिनों बाद और हिजबुल्लाह के महासचिव सैय्यद हसन नसरल्लाह की हत्या के 11 दिन बाद आया। हिज़्बुल्लाह ने 23 अक्टूबर को सफीद्दीन की हत्या की पुष्टि की थी। कासिम को 1991 में सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के तत्कालीन महासचिव अब्बास अल-मुसावी ने उप प्रमुख नियुक्त किया था, जो अगले वर्ष एक इज़राइली हेलीकॉप्टर हमले में मारे गए थे। नईम कासिम हिजबुल्लाह में जाना-पहचाना नाम कासिम तब भी अपनी भूमिका में बने रहे, जब हसन नसरल्लाह हिजबुल्लाह के नेता बने। वह लंबे समय से हिजबुल्लाह के प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक रहे हैं, जिन्होंने पिछले साल इजरायल के साथ सीमा पार संघर्ष के दौरान विदेशी मीडिया को इंटरव्यू दिए। सितंबर में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच शत्रुता बढ़ने के बाद से 8 अक्टूबर को कासिम का टेलीविजन संबोधन उनका दूसरा संबोधन था। 27 सितंबर को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजरायली हवाई हमले में नसरल्लाह की हत्या के बाद टेलीविजन पर टिप्पणी करने वाले हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व के वे पहले सदस्य थे। हिजबुल्लाह का मुखर चेहरा हैं नईम कासिम 30 सितंबर को बोलते हुए, कासिम ने कहा कि हिजबुल्लाह अपने मारे गए महासचिव के उत्तराधिकारी को "जल्द से जल्द अवसर" पर चुनेगा और फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता में इजरायल से लड़ना जारी रखेगा। उन्होंने 19 मिनट के भाषण में कहा, "हम जो कर रहे हैं वह न्यूनतम है… हम जानते हैं कि लड़ाई लंबी हो सकती है।" हिजबुल्लाह के संस्थापक सदस्य हैं नईम कासिम 1953 में लेबनान की राजधानी बेरूत में जन्मे, कासिम की राजनीतिक सक्रियता लेबनानी शिया अमल आंदोलन से शुरू हुई। उन्होंने 1979 में ईरान की इस्लामी क्रांति के मद्देनजर समूह छोड़ दिया, जिसने कई युवा लेबनानी शिया कार्यकर्ताओं की राजनीतिक सोच को आकार दिया। कासिम ने उन बैठकों में हिस्सा लिया, जिसके कारण हिजबुल्लाह का गठन हुआ, जिसकी स्थापना 1982 में लेबनान पर इजरायली आक्रमण के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के समर्थन से की गई थी। सफेद पगड़ी पहनते हैं नईम कासिम वह 1992 में हिजबुल्लाह के संसदीय चुनाव अभियानों के जनरल कोऑर्डिनेटर रहे हैं, जब से समूह ने पहली बार चुनाव लड़ा था। 2005 में, उन्होंने हिजबुल्लाह का इतिहास लिखा, जिसे संगठन में एक दुर्लभ "अंदरूनी नजर" के रूप में देखा गया। कासिम, हसन नसरल्लाह और सफीदीन के विपरीत एक सफेद पगड़ी पहनते हैं, जिनकी काली पगड़ियां पैगंबर मुहम्मद के वंशज होने का संकेत देती हैं। recent visitors 152

हिजबुल्ला के पीछे हाथ धोकर पड़ा इजरायल, एक और कमांडर को किया हलाक

बेरुत मीडिल ईस्ट में लगातार जंग के बीच दिन-ब-दिन हालात बदतर होते जा रहे हैं. इस बीच आईडीएफ ने दावा किया है कि उन्होंने हमास के उत्तरी गाजा यूएवी कमांडर महमूद अल-मबौह को मार गिराया है. उसने इजरायल के सुरक्षा बलों और लोगों पर ड्रोन हमले का निर्देश दिया था. आईडीएफ के मुताबिक उन्होंने जबालिया और राफा में ड्रोन हमले किए, जिसमें 50 से अधिक हमास आतंकवादी मारे गए. शरणार्थी शिविरों पर बमबारी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि गाजा के आठ ऐतिहासिक शरणार्थी शिविरों में से सबसे बड़े जबालिया के अल-फलूजा के पास इजरायली गोलीबारी में कम से कम 17 लोग मारे गए. स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा दक्षिण गाजा में पूर्वी खान यूनिस के बानी सुहैला शिविर में 10 अन्य लोग मारे गए. जबालिया को अब इजरायल बना रहा निशाना इससे पहले मंगलवार को एक इजरायली हवाई हमले में गाजा शहर के सबरा में तीन घर तबाह हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय नागरिक आपातकालीन सेवा ने कहा कि उन्होंने घटनास्थल से दो शव बरामद किए हैं, जबकि 12 अन्य लोगों की तलाश जारी है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे उस समय घरों में मौजूद थे. इजरायल की सेना बीते 10 दिनों से जबालिया को निशाना बना रही है ओर उत्तरी क्षेत्र में लौट रही है. मिडिल ईस्ट इजरायल इस समय कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इजराइल ने पूर्वी लेबनान में एयरस्ट्राइक तेज कर दिया है. मंगवार (15 अक्टूबर 2024) को बेका घाटी में कई हवाई हमले हुए, जिनमें बालबेक शहर के पास आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि ऊपरी गैलिली में सायरन बजने के बाद लेबनान से इजरायल में प्रवेश करने वाले दो ड्रोन की पहचान की गई है, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. recent visitors 90

इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “IDF सैनिक हिजबुल्लाह की संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं

यरूशलम इजरायल का कहना है कि वह मिलिट्री ऑपरेशन खत्म होने के बाद हिजबुल्लाह को दक्षिणी लेबनानी सीमा क्षेत्र पर दोबारा कब्जा नहीं करने देगा। इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि इजरायल ‘हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे वाले (दक्षिणी लेबनानी) गांवों की पूरी पहली पंक्ति’ को अपना ‘मिलिट्री टारेगट’ मानता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, गैलेंट ने कहा कि हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने इन गांवों में कई भूमिगत सुरंगों और हथियारों के गोदाम का निर्माण किया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा, “आईडीएफ सैनिक वर्तमान में इन (हिजबुल्लाह) संपत्तियों को जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह नष्ट कर रहे हैं।” उन्होंने चल रहे छापों को ‘शक्तिशाली और प्रभावी’ बताया। गैलेंट ने कहा कि आईडीएफ सैनिकों के वापस चले जाने के बाद भी हम हिजबुल्लाह आतंकवादियों को इन क्षेत्रों में वापस नहीं आने देंगे। इजरायल-लेबनान सीमा पर  भी लड़ाई जारी रही। इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने लेबनान में हिजबुल्लाह के लगभग 200 ठिकानों पर हमला किया, जिसमें रॉकेट लांचर, एंटी-टैंक मिसाइल पोजिशन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। सेना ने यह भी बताया कि हिजबुल्लाह लड़ाकों के साथ लड़ाई में 28 सैनिक घायल हुए हैं। आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान के 21 से अधिक गांवों के निवासियों से अवली नदी के उत्तर के इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। इजरायली सैन्य प्रवक्ता अविचाय एड्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अपनी सुरक्षा के लिए, आपको तुरंत अपने घर छोड़ देने चाहिए। बिना देरी किए खाली कर दें। हिजबुल्लाह के तत्व, सुविधाएं या हथियार क्षेत्र में हैं, जो आपकी जान को जोखिम में डाल रहे हैं।” वहीं हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायली ठिकानों पर हमले जारी हैं। इजरायली अधिकारियों के अनुसार, हिजबुल्लाह ने रविवार शाम तक उत्तरी इजरायल में कम से कम 90 रॉकेट दागे। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के बिन्यामीना में गोलानी ब्रिगेड के ट्रेनिंग बेस पर ड्रोन अटैक की जिम्मेदारी ली। यह हमला इजरायल में एक दुर्लभ घटना है, जिसके दौरान एक ड्रोन इजरायल की वायु रक्षा प्रणाली को भेद गया और भारी नुकसान पहुंचाया। हमलें में कम से कम चार इजरायली सैनिक मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए। इजरायल ने अक्टूबर की शुरुआत से लेबनान में ‘सीमित’ जमीनी अभियान शुरू किया, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले भी तेज कर दिए हैं, जो हिजबुल्लाह का गढ़ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने  बताया कि 8 अक्टूबर, 2023 से लेबनान पर इजरायली हवाई हमलों में मरने वालों की संख्या 2,306 तक पहुंच गई है, जबकि कुल 10,698 लोग घायल हुए हैं।     recent visitors 111

हिजुबल्ला ने इस्राइली नागरिकों से सेना के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी

बेरूत  लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को चेतावनी जारी की है। हिजुबल्ला ने इस्राइली नागरिकों से इस्राइली सेना के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। हिजबुल्ला ने आरोप लगाया है कि इस्राइली सेना उत्तरी सीमा पर रिहायशी इलाकों में अपने बेस बनाकर तैनात है। ऐसे में हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को रिहायशी इलाकों में कथित तौर पर मौजूद फौजी ठिकानों से दूर रहने को कहा है ताकि वे सुरक्षित रहें। हिजबुल्ला ने अरबी और हिब्रू भाषा में जारी किए बयान में कहा कि 'इस्राइली सेना घरों का इस्तेमाल कर रही है और उन्होंने हाइफा, टिबरिस और एक्रे जैसे बड़े शहरों के रिहायशी इलाकों में मिलिट्री बेस बनाए हुए हैं।' हिजबुल्ला द्वारा इस्राइल पर मिसाइलों और रॉकेट से हमले किए जा रहे हैं। इस्राइल ने भी जारी की लेबनान के लोगों के लिए चेतावनी वहीं इस्राइली सेना ने भी लेबनान के लोगों को चेतावनी जारी की है। इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला जारी रखते हुए लेबनानी नागरिकों को दक्षिणी क्षेत्र में अपने घरों की तरफ न लौटने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि इस्राइली सेना द्वारा लगातार बेरूत और उसके आसपास के इलाकों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। इस्राइली हमलों में अब तक लेबनान में 1200 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित जीवन जी रहे हैं। इस्राइली हमले में हिजबुल्ला के दो कमांडर्स ढेर इससे पहले शुक्रवार को इस्राइल ने हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला कर उसके दो कमांडर्स को ढेर कर दिया। जिन कमांडर्स को इस्राइल ने मारा, उनकी पहचान अहमद मुस्तफा और मोहम्मद अली हमदान के रूप में हुई है। हमदान हिजबुल्ला के एंटी टैंक का कमांडर था। इस्राइल ने लेबनान में अपने मिसाइल हमलों में बेरूत के दाहिया में हिजबुल्ला के कई हथियार डिपो भी तबाह कर दिए हैं। इस बीच नेतन्याहू ने लेबनान को चेतावनी देते हुए कहा है कि हिजबुल्ला को रोकें वरना गाजा जैसा हाल करेंगे।     recent visitors 91

हाइफ़ा पर हिज़्बुल्लाह का ‘सबसे बड़ा’ रॉकेट हमला, इजरायल की कमजोर नस बनी !

तेल अवीव हिज्बुल्लाह ने हाइफा की खाड़ी में ताबड़तोड़ करीब 100 रॉकेट दागे. कुछ को इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक लिया. लेकिन कुछ गिरे. जिससे दो लोगों की मौत हो गई. 8 जख्मी हो गए. किरयत श्मोना में 20 रॉकेट गिरे. मौत भी यहीं हुई है. ये एक कपल था, जो अपने कुत्ते के साथ घूम रहा था. इन्हें प्रोटेक्टिव बंकर में घुसने का मौका नहीं मिला. इसलिए रॉकेट से निकले शार्पेनल की वजह से मारे गए. हाइफा की खाड़ी के पास वाले इलाके में तीन लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं. इजरायली फोर्स ने कहा कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट खुले इलाके में गिरे हैं. कुछ को हमने रोक दिया. इजरायली पुलिस और बम स्क्वाड किरयत श्मोना में कई घरों की जांच की है. पुलिस ने लोगों को ऐसी जगहों पर जाने को मना किया है, जहां पर रॉकेट गिरे हों. क्योंकि उनमें जिंदा विस्फोटक होने की आशंका है. अगर वो फटे तो नुकसान हो सकता है. आइए जानते हैं हाइफा के बारे में… येरूसल और तेल-अवीव के बाद इजरायल का तीसरा सबसे बड़ा शहर हाइफा है. 2022 के मुताबिक यहां करीब तीन लाख लोग रहते हैं. यहां पर सबसे ज्यादा बहाई समुदाय के लोग रहते हैं. माउंट कारमेल के पठारी ढलानों पर बसे इस शहर का इतिहास 3000 साल पुराना है. कांस्य युग में स्थापित हुए इस शहर सबसे पहले डाई (Dye) बनाने का काम होता था. पूरी दुनिया में यह इसी काम के लिए प्रसिद्ध था. यहां कई साम्राज्य आए और गए. बेबिलोनियन, पर्सियन, इजरायलाइट्स आदि. 1948 की फिलिस्तीन जंग में जब हाइफा में युद्ध हुआ तो यहां की अरब आबादी शहर छोड़कर भाग गई थी. इसके बाद यह शहर इजरायल का हिस्सा बन गया. हाइफा एक बंदरगाह शहर है. खाड़ी का इलाका करीब 63.7 वर्ग किलोमीटर का है. इजरायली रक्षामंत्री ने दी ईरान को चेतावनी इजरायल के रक्षामंत्री योआव गैलेंट ने कहा है कि ईरान ने 1 अक्तूबर को बड़ा हमला किया था. लेकिन उसे जबाव में तगड़ा हमला मिलेगा. उसका हमला आक्रामक था लेकिन सटीक नहीं. हमारा हमला घातक और पिनप्वाइंट एक्यूरेट होगा. सबसे जरूरी बात कि ये हैरान कर देगा. उन्हें पता भी नहीं कि उनके साथ क्या होने वाला है. इस बीच द जेरुसलम पोस्ट ने रिपोर्ट किया है कि इजरायल ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमला नहीं करेगी. उसका फोकस मिलिट्री बेस और इंटेलिजेंस साइट्स होंगे.   recent visitors 92

इजरायल ने एयर स्ट्राइक कर हिज्बुल्लाह की पूरी कमर तोड़ी, अब तक 11 टॉप कमांडर ढेर हो चुके

तेल अवीव इजरायल ने लगातार एयर स्ट्राइक कर हिज्बुल्लाह की पूरी कमर तोड़ दी है. हसन नसरल्लाह, हाशिम सफीद्दीन और फौद शुक्र सहित अब तक हिज्बुल्लाह के 11 टॉप कमांडर ढेर हो चुके हैं. इजरायल के इन हमलों ने हिज्बुल्लाह के दूसरे लड़ाकों का मनोबल भी तोड़कर रख दिया है. इस बीच अब लड़ाकों की उम्मीदें हिज्बुल्लाह के तीन टॉप कमांडर्स पर टिकी हुई हैं. ये टॉप कमांडर अभी कहां हैं और इनकी आगे की प्लानिंग क्या है, ये किसी को नहीं पता है. इन तीन कमांडर्स के नाम हैं. नईम कासिम, तलाल हामिह और अबु अली रिदा. नईम कासिम शेख नईम कासिम को 1991 में तब हिज्बुल्लाह के जनरल सेक्रेट्री अब्बास अल-मुसावी ने डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. बता दें कि अगले ही साल अल मुसावी के काफिले को 1992 में इजरायली अपाचे हेलिकॉप्टर ने निशाना बनाया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी. इसके बाद नसरल्लाह ने कमान संभाली, लेकिन नईम कासिम अपनी भूमिका में बने रहे. पिछले साल कासिम ने इजरायल के साथ तनाव पर विदेशी मीडिया को इंटरव्यू भी दिया था. तलाल हामिह तलाल हामिह को तलाल होस्नी हामिह, इस्मत मजरानी या अबू जाफर के नाम से भी जाना जाता है. वह हिज्बुल्लाह के बाहरी संचालन का इंचार्ज है, जिसे यूनिट 910 के नाम से भी जाना जाता है, जो दुनिया भर में गुप्त अभियानों की देखरेख करता है. तलाल हामिह को हिज्बुल्लाह की पहली पीढ़ी का हिस्सा माना जाता है, जो 1980 के दशक के मध्य में संगठन से जुड़े. तलाल उन कुछ लोगों में शामिल हैं, जिनका हसन नसरल्लाह से सीधा संपर्क था. अबु अली रिदा हिज्बुल्लाह के लड़ाके जिस तीसरे शख्स की तरफ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं, उसका नाम है अबु अली रिदा. अबु हिज्बुल्लाह की बदर डिवीजन का कमांडर है. इजरायल की सेना उसका पता लगाने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रही है, लेकिन उसका ठिकाना किसी को नहीं पता है. बताया जा रहा है कि हिज्बुल्लाह के टॉप कमांडर पर एक के बाद एक होते हमले को देखते हुये, वह किसी अज्ञात ठिकाने पर छिपा हुआ है. अमेरिका इन लड़ाकों को IDF ने किया ढेर > हसन नसरल्लाह: इजरायल ने सीक्रेट बंकर में छिपे हिज्बुल्लाह चीफ को एयरस्ट्राइक कर ढेर कर दिया था. > हाशिम सफीद्दीन: हसन नसरल्लाह के उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी हवाई हमलों में मार गिराया. > इसके अलावा इब्राहिम अकील (ऑपरेशन हेड), मोहम्मद कबीसी (मिसाइल और रॉकेट यूनिट हेड), फौद शुक्र (हिज्बुल्लाह का सर्वोच्च कमांडर), अली कराकी (साउथ फ्रंट कमांडर) को भी मार गिराया. > इजरायल ने हिज्बुल्लाह की दूसरी पंक्ति के नेताओं में विसम अल तवील (रादवां फोर्स कमांडर), अबू हसन समीर (रादवां फोर्स का ट्रेनिंग हेड), मोहम्मद हुसैन सरौर (एरियल कमांड कमांडर), सामी तालेब अब्दुल्लाह (नासेर यूनिट कमांडर) और मोहम्मद नासेर (अजीज यूनिट कमांडर) को हवाई हमले में ढेर कर दिया था.   recent visitors 81

इजरायल ने हिजबुल्लाह के मिसाइल प्रोजेक्ट चीफ महमूद यूसुफ अनीसी को बनाया निशाना

तेल अवीव इजरायल का लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ हवाई और जमीनी कार्रवाई जारी है. इजरायली रक्षा बलों ने हिज्बुल्लाह की मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट के चीफ एक्सपर्ट महमूद यूसुफ अनीसी को मार गिराने का दावा किया है. इजरायली सेना ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बेरूत में यह ऑपरेशन चलाया था. आईडीएफ के मुताबिक महमूद यूसुफ अनीसी के पास मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव था. वह हिज्बुल्लाह के वेपन प्रोडक्शन चेन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति था. इजरायली सेना ने एक बयान में कहा, 'महमूद यूसुफ अनीसी ने 15 वर्षों से अधिक समय तक हिज्जबुल्लाह के लिए रणनीतिक हथियारों के विकास पर सक्रिय रूप से काम किया. वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हिज्जबुल्लाह के प्रमुख विशेषज्ञों में से एक बन गया और अपने अनुभव का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए हथियार निर्माण में करने लगा.' इस बीच खबर है कि इजरायल ने हसन नसरल्लाह का उत्तराधिकारी माने जा रहे हाशिम सफीद्दीन को भी निशाना बनाया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने बेरूत में एक हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी हाशिम सफीद्दीन  को निशाना बनाया, जिसे ईरान समर्थित मिलिशिया समूह का अगला चीफ माना जा रहा है. हालांकि, आईडीएफ या हिज्बुल्लाह की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.  रिपोर्ट के मुताबिक संभवतः सफीद्दीन एक बंकर में हिज्बुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहा था, तभी गुरुवार आधी रात को इजरायल ने बेरूत पर भीषण हवाई हमले किए. इजरायल द्वारा नसरल्लाह को मारने के बाद से यह क्षेत्र में सबसे भारी बमबारी में से एक थी. समाचार आउटलेट एक्सियोस ने लेबनानी मीडिया के हवाले से कहा, ताजा इजरायली हमला नसरल्लाह की हत्या से कहीं बड़ा था. हताहतों की संख्या अभी तक ज्ञात नहीं है. हाशिम सफीद्दीन हिज्बुल्लाह के राजनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और समूह की जिहाद परिषद का सदस्य है. जिहाद परिषद ही हिज्बुल्लाह के सैन्य अभियानों का प्रबंधन करता है. अमेरिका ने सफीद्दीन को 2017 में आतंकवादी घोषित किया था. हसन नसरल्लाह के ममेरे भाई हाशिम सफीद्दीन को आमतौर पर हिज्बुल्लाह में 'नंबर दो' माना जाता है, और उसके ईरानी शासन के साथ भी घनिष्ठ संबंध हैं.   recent visitors 75