अमेरिका के टैरिफ शुल्क बढ़ाने के फैसले के बाद चीन ने भारत से नदीकियां बढ़ानी फिर की शुरू

नई दिल्ली जब से डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति चुनाव जीता है, तब से चीन का डर बढ़ता जा रहा है। चीन को सबसे ज्यादा डर कारोबार को लेकर है। माना जा रहा है कि जनवरी में राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद ट्रंप चीन पर लगने वाला टैरिफ शुल्क बढ़ा सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो पहले से ही धीमी आर्थिक गति की मार झेल रहे चीन के लिए यह बड़ा धक्का होगा। ट्रंप के इस कदम से बचने के लिए चीन ने हाल ही में एक और आर्थिक पैकेज का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य देश की अर्थव्यवस्था को गति देना था। लेकिन लगता है कि चीन के ये सारे आर्थिक पैकेज किसी काम के नहीं हैं। ट्रंप का दबाव कम करने के लिए चीन भारत की शरण में आ रहा है। इसके लिए वह भारत के साथ संबंध सुधारने पर लगा है। ढीले पड़ने लगे चीन के तेवर अमेरिका में आगामी ट्रंप प्रशासन का दबाव कम करने के लिए चीन अब भारत के साथ संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। यह बात अमेरिका-भारत सामरिक एवं साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कही। ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान चीन से माल पर 60 फीसदी टैरिफ शुल्क और हर दूसरे अमेरिकी आयात पर 20 फीसदी तक के टैरिफ शुल्क का प्रस्ताव रखा था। मुकेश अघी ने कहा, ‘इसलिए हम ट्रंप प्रशासन के आने का प्रारंभिक प्रभाव देख रहे हैं, जिसने चीन पर भारत के साथ व्यवहार को आसान बनाने का दबाव बनाया है। इसलिए सीमा पर गश्त पर सहमति बनी है। सीधी उड़ानों पर सहमति बनी है।’ और नरम होगा ड्रैगन चीन के तेवर आने वाले समय में और ढीले पड़ते नजर आएंगे। अघी ने कहा कि ट्रंप की जीत का भारत-चीन संबंधों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। आने वाले समय में चीन की ओर से कुछ और नरमी देखी जा सकती है। वहीं भारत की ओर से भी चीन के लोगों के लिए अधिक वीजा जारी होंगे। अमेरिका में चीन का कड़ा विरोध अघी ने कहा कि उन्होंने कहा कि अमेरिका में नया प्रशासन मैन्युफैक्चरिंग को चीन से दूर ले जाने और अमेरिका में ही रोजगार सृजन की योजना बना रहा है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में कांग्रेस की एक समिति ने सिफारिश की है कि चीन के साथ अपने व्यापार संबंधों को अमेरिका कड़ा करे। साथ ही करीब 25 साल पुराने उस फैसले को वापस लेने पर जोर दे जिसने चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि में मदद की थी और जिसे अब अमेरिका में कई लोग अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने वाला मानते हैं। इसलिए भारत के करीब आया चीन अमेरिका-चीन आर्थिक तथा सुरक्षा समीक्षा आयोग ने मंगलवार को कांग्रेस को भेजी अपनी नौ पन्नों की वार्षिक रिपोर्ट में पहली बार चीन के साथ स्थायी सामान्य व्यापार संबंधों को समाप्त करने का आह्वान किया। ट्रंप प्रशासन के तहत चीन के साथ व्यापार युद्ध के तेज होने के आसार हैं। वहीं चीन यह पहले ही भांप गया था कि अमेरिका में ट्रंप की सरकार बनने जा रही है। ऐसे में उसे लगने लगा था कि ट्रंप व्यापार में चीन का तवज्जो नहीं देंगे। ट्रंप के चुनाव जीतने के बाद चीन ने भारत के साथ संबंध बेहतर करने शुरू कर दिए। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच संबंध सुधरने के बाद चीन अपने व्यापार का बड़ा हिस्सा फिर से भारत के साथ बड़े स्तर पर शुरू कर सकता है। दोनों देशों के बीच व्यापार में आई कमी भारत और चीन के बीच व्यापार काफी बड़ा रहा है। लेकिन जून 2020 को गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद हालात बिगड़ गए थे। इसका व्यापारिक स्तर पर बड़ा प्रभाव पड़ा। दोनों देशों के बीच काफी दूरियां आ गई थीं। बढ़ गया भारत का व्यापार घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में चीन के साथ भारत का माल व्यापार घाटा 13 फीसदी बढ़ गया है। चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के संभावित बढ़ने से यह समस्या और बढ़ सकती है। चूंकि अमेरिका चीनी वस्तुओं पर उच्च टैरिफ लगाता है, इसलिए चीन अपने अतिरिक्त उत्पादन को बेचने के लिए भारत सहित वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर सकता है। इससे भारतीय बाजार में चीनी वस्तुओं की बाढ़ आ सकती है, जिससे व्यापार घाटा और बढ़ सकता है। recent visitors 74

तिलक वर्मा की बदौलत भारत का विजय ‘तिलक’, T20I में बने कई रिकॉर्ड

सेंचुरियन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने धमाल कर दिया है. टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मैच में 11 रनों से शानदार जीत दर्ज की. यह मुकाबला  सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 220 रनों का टारगेट दिया. तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में शतक जमाया. जवाब में अफ्रीकी टीम ने 7 विकेट गंवाकर 208 रन ही बना सकी और मैच गंवा दिया. इस तरह भारतीय टीम ने सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली है. अब आखिरी मुकाबला शुक्रवार (15 नवंबर) को जोहानिसबर्ग में खेला जाएगा. जानसेन ने 16 गेंदों पर जमाई फास्टेस्ट फिफ्टी अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने 17 गेंदों पर सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली. जानसेन 16 गेंदों पर सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफ्रीका के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. अफ्रीका के लिए सबसे तेज फिफ्टी क्विंटन डिकॉक ने 15 गेंदों पर जमाई थी. यह फिफ्टी वेस्टइंडीज के खिलाफ मार्च 2023 में सेंचुरियन में ही आई थी. मौजूदा मैच में हेनरिक क्लासेन ने 22 गेंदों पर 41 रन बनाए. भारतीय टीम की ओर से सभी ने दमदार गेंदबाजी की. अर्शदीप सिंह ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. जबकि हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 सफलता हासिल की. वरुण ने 4 ओवर में 54 और पंड्या ने 50 रन लुटाए. तिलक ने शतक जड़कर रच दिया इतिहास मैच में भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी. टीम ने मैच की दूसरी बॉल पर पहला विकेट गंवाया था. संजू सैमसन बगैर खाता खोले आउट हुए. इसके बाद अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने टीम को संभाला और 52 गेंदों पर 107 रनों की दमदार पार्टनरशिप कर टीम को मुश्किल से निकाला. अभिषेक ने 24 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. वो ठीक अगली बॉल पर 50 रन बनाकर केशव महाराज का शिकार बने. इसके बाद तिलक वर्मा ने 32 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. फिर तिलक ने गैर बदला और धांसू अंदाज में बैटिंग करते हुए अपने इंटरनेशनल करियर का पहला शतक भी जमा दिया. उन्होंने यह सेंचुरी 51 गेंदों पर जमाई. तिलक टी20 में शतक जड़ने वाले सबसे युवा प्लेयर बन गए हैं. 22 साल के तिलक ने 56 गेंदों पर नाबाद 107 रनों की पारी खेली. अपनी पारी में उन्होंने 7 छक्के और 8 चौके जड़े. डेब्यू मैच खेल रहे रमनदीप सिंह 6 गेंदों पर 15 रन बनाकर रनआउट हुए. इसके बदौलत भारतीय टीम ने 6 विकेट पर 219 रन बनाए. अफ्रीका के लिए केशव महाराज और एंडिले सिमेलाने ने 2-2 विकेट लिए. वहीं अफ्रीका के लिए मार्को जानसेन ने 17 गेंदों पर सबसे ज्यादा 54 रनों की पारी खेली. जानसेन 16 गेंदों पर सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले अफ्रीका के दूसरे क्रिकेटर बन गए हैं. अफ्रीका के लिए सबसे तेज फिफ्टी क्विंटन डिकॉक ने 15 गेंदों पर जमाई थी. यह फिफ्टी वेस्टइंडीज के खिलाफ मार्च 2023 में सेंचुरियन में ही आई थी. मौजूदा मैच में हेनरिक क्लासेन ने 22 गेंदों पर 41 रन बनाए. भारतीय टीम की ओर से अर्शदीप सिंह ने 3 और वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए. जबकि हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल ने 1-1 सफलता हासिल की. वरुण ने 4 ओवर में 54 तो पंड्या ने 50 रन लुटवा दिए.  'प्लेयर ऑफ द मैच' तिलक ने अपनी इस पारी को लेकर कहा कि वह काफी समय से शतक का इंतजार कर रहे थे. उन्होंने कहा- इंजरी से वापसी करने के बाद यह यह शानदार अहसास है. उन्होंने विकेट डबल पेस वाला था और शुरुआत में चुनौतीपूर्ण था. हालांकि कुछ समय बाद यह ठीक हो गया.  भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल शतक बनाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी  यशस्वी जायसवाल – 21 वर्ष, 279 दिन, एश‍ियन गेम्स, 2023 में नेपाल के विरुद्ध तिलक वर्मा – 22 वर्ष, 2024 में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध शुभमन गिल – 23 वर्ष, 146 दिन, 2023 में अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के विरुद्ध सुरेश रैना – 23 वर्ष, 156 दिन, साउथ अफ्रीका के विरुद्ध वेस्टइंडीज में 2010 में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे तेज टी20आई अर्धशतक (गेंदों का सामना) 15 क्विंटन डी कॉक बनाम वेस्टइंडीज सेंचुरियन 2023 16 मार्को जानसेन बनाम भारत सेंचुरियन 2024 17 क्विंटन डी कॉक बनाम इंग्लैंड डरबन 2020 19 ट्रिस्टन स्टब्स बनाम इंग्लैंड ब्रिस्टल 2022 भारत के खिलाफ सबसे तेज टी20आई अर्धशतक (गेंदों का सामना) 16 मार्को जानसेन सेंचुरियन 2024 19 कैमरून ग्रीन हैदराबाद 2022 20 जॉनसन चार्ल्स लॉडरहिल 2016 20 दासुन शनाका पुणे 2023 द्विपक्षीय टी20आई सीरीज में भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट 10 वरुण चक्रवर्ती बनाम साउथ अफ्रीका 2024 (3*) 9 रव‍िचंद्रन अश्विन बनाम श्रीलंका 2016 (3 मैच) 9 रवि बिश्नोई बनाम ऑस्ट्रेलिया 2023 (5) recent visitors 129

भारत को दूसरे टी20 में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी

गकेबरहा  संजू सैमसन अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखना चाहेंगे लेकिन भारत को अगर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रविवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में जीत दर्ज करके अपना विजय अभियान जारी रखना है तो उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। सैमसन ने डरबन में खेले गए पहले मैच में 50 गेंद पर 107 रन की शानदार पारी खेली थी जिससे भारत ने यह मैच 61 रन से जीता। भारत के अन्य बल्लेबाज हालांकि पर्याप्त योगदान नहीं दे पाए थे जो टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय होगा।  सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा कई मौके मिलने के बावजूद उनका फायदा नहीं उठा पाए जो टीम प्रबंधन के लिए बड़ी चिंता है। वह इस साल के शुरू में जिंबॉब्वे के खिलाफ शतक बनाने के बाद रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारत की अंतिम एकादश में बदलाव की संभावना नहीं है लेकिन टीम प्रबंधन अभिषेक के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव को देखकर निराश होगा। विशेषकर तब जबकि वह रोहित शर्मा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस छोटे प्रारूप में सलामी बल्लेबाज के अन्य विकल्पों की तलाश कर रहा है। तिलक वर्मा ने 18 गेंद पर 33 रन की तूफानी पारी खेली लेकिन उन्हें इस तरह की शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है। भारतीय मध्य क्रम में एक स्थान के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा है और अगर वर्मा को अपनी जगह पक्की करनी है तो उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव भी पहले मैच में अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाए जबकि ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे। भारतीय मध्यक्रम कागजों पर मजबूत नजर आता है लेकिन पहले मैच में वे साझेदारी निभाने के लिए संघर्ष करते हुए नजर आए। भारत ने 36 रन के अंदर छह विकेट गवाएं जिससे एक समय बेहद मजबूत स्थिति में होने के बावजूद वह आठ विकेट पर 202 रन तक ही पहुंच पाया। इससे भारत के मध्य और निचले क्रम की कमजोरी भी उजागर हुई। भारत को दूसरे मैच में इस क्षेत्र में सुधार करना होगा। भारत के गेंदबाजों ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया तथा दक्षिण अफ्रीका को पहले मैच में 17.5 ओवर में 141 रन पर आउट कर दिया। वरुण चक्रवर्ती ने तीन विकेट लेकर अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा जबकि उनके स्पिन जोड़ीदार रवि बिश्नोई ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और आवेश खान ने भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाई। जहां तक दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो वह इस साल जून में भारत के हाथों टी20 विश्व कप के फाइनल में मिली हार का बदला चुकता करने में असफल रहा। उसे अपने कई सीनियर खिलाड़ियों की कमी खल रही है। दक्षिण अफ्रीका को अगर भारत का विजय अभियान रोकना है तो उसके युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुरूप प्रदर्शन करना होगा। टीम इस प्रकार हैं: भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशक। आवेश खान, यश दयाल. दक्षिण अफ्रीका: एडेन मारक्रम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, गेराल्ड कोएत्जी, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसन, हेनरिक क्लासेन, पैट्रिक क्रुगर, केशव महाराज, डेविड मिलर, मिहलाली मपोंगवाना, नकाबा पीटर, रयान रिकेलटन, एंडिले सिमलेन, ट्रिस्टन स्टब्स। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 75

वित्‍त मंत्री मुहम्‍मद औरंगजेब ने कहा कि पड़ोसियों के साथ व्‍यापार नहीं करना बेतुका है

इस्‍लामाबाद जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 को खत्‍म करने के बाद पाकिस्‍तान ने भारत संग व्‍यापार को रोक दिया था। पाकिस्‍तान के अंबानी कहे जाने वाले मियां मांशा से लेकर कई दिग्‍गज उद्योगपति तक भारत से व्‍यापार को फिर से शुरू करने की कई महीने से गुहार लगा रहे हैं। इसके बाद भी शहबाज सरकार अकड़ में इसे फिर से शुरू करने से बच रही है। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के हिस्‍सा लेने के बाद पाकिस्‍तान की अकड़ अब ढीली पड़ती दिख रही है। पाकिस्‍तान के वित्‍त मंत्री मुहम्‍मद औरंगजेब ने अमेरिका के वॉशिंगटन में रविवार को कहा कि पड़ोसियों के साथ व्‍यापार नहीं करना बेतुका है। उनसे क्षेत्रीय देशों खासकर भारत के साथ व्‍यापार बढ़ाने को लेकर सवाल पूछा गया था। रविवार को आए भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले 5 महीने में भारत का पाकिस्‍तान से आयात जहां शून्‍य हो गया है। वहीं भारत ने पाकिस्‍तान को 23 करोड़ 50 लाख डॉलर का सामान खासकर चीनी और दवाएं निर्यात किया है। इस तरह से व्‍यापार रोककर खुद पाकिस्‍तान को घाटा हो रहा है। अमेरिका में पाकिस्‍तानी दूतावास में औरंगजेब ने कहा कि भूराजनीतिक मुद्दे क्षेत्रीय व्‍यापार को प्रभावित कर रहे हैं लेकिन यह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर हैं। इसके बाद भी पाकिस्‍तान पहले से ही अपने पड़ोसियों के साथ बातचीत कर रहा है। उन्‍होंने सार्क का उदाहरण दिया। जयशंकर से मिले थे पाकिस्‍तानी व‍िदेश मंत्री औरंगजेब ने कहा, 'हमने हाल ही में एससीओ सम्‍मेलन में हिस्‍सा लिया है और हम ब्रिक्‍स गठबंधन में भी शामिल होना चाहते हैं। इसके पीछे हमारा उद्देश्‍य यह है कि व्‍यापार को बढ़ावा दिया जाए।' बता दें कि इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयंशकर ने भी हिस्‍सा लिया था। करीब 10 साल बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्‍तान यात्रा थी। इस दौरान पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने जयशंकर के साथ अनौपचारिक बातचीत की थी। इससे पहले पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साल 2023 में दुबई के चैनल अल अरबिया से बातचीत में कहा था कि वह पीएम मोदी से अपील करते हैं कि वह उनके साथ बैठें और कश्‍मीर जैसे ज्‍वलंत मुद्दे पर गंभीरता के साथ बातचीत करें। शहबाज ने कहा था कि यह हम पर है कि शांति के साथ जिएं और प्रगति करें। उन्‍होंने यह भी कहा कि यूएई भारत और पाकिस्‍तान के बीच बातचीत फिर से शुरू करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं भारत ने साफ कह दिया था कि बातचीत और आतंकवाद दोनों साथ- साथ नहीं चल सकते हैं। अब 2024 में पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था तबाही के दौर में है और उसे चीन से लेकर आईएमएफ तक से कर्ज मांगना पड़ रहा है। वहीं पाकिस्‍तानी उद्योग मांग कर रहे हैं कि सरकार भारत के साथ व्‍यापार को शुरू करे तभी हम पटरी पर वापस लौट पाएंगे। recent visitors 59

पुणे टेस्ट में भारत की करारी हार, न्यूजीलैंड ने कब्जाई सीरीज

पुणे बेंगलुरु के बाद अब पुणे में भी भारतीय क्रिकेट टीम ने नाक कटवा दी है. पहले तेज पिच पर फ्लॉप हुए तो अब पुणे की स्पिन पिच पर फेल हो गए. न्यूजीलैंड की टीम ने इतिहास रचते हुए भारत को 113 रन से हरा दिया है. कीवियों ने इसी के साथ ही तीन मैचों की टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाते हुए 2-0 से अजेय बढ़त बना ली है. न्यूजीलैंड की टीम पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज जीतने में सफल हुई है. सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट मैच 1 नवंबर से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा. न्यूजीलैंड ने खत्म किया 69 साल का सूखा 1955 से न्यूजीलैंड की टीम भारत का दौरा कर रही है, लेकिन कभी भी उसने यहां कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती थी. हालांकि अब वक्त बदल गया है. न्यूजीलैंड की युवा टीम ने टॉम लैथम की कप्तानी में 69 साल का सूखा खत्म करते हुए इतिहास रच दिया है. 69 साल में पहली बार कीवी टीम ने भारत को भारत में ही टेस्ट सीरीज में धूल चटाई है. न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाते हुए 2-0 से अजेय बढ़त बना ली है. टॉस के सिक्के ने नहीं दिया भारत का साथ न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. यही से मैच पलट गया. इस मैदान पर अब तक टॉस जीतने वाली टीमें ही टेस्ट मैच में जीती थीं. अब फिर से एक बार ऐसा ही हुआ है. कीवी टीम ने पहली पारी में 259 रन बनाए. भारतीय टीम पहली पारी में 156 रन पर ढेर हो गई. न्यूजीलैंड को 103 रन की बढ़त हासिल हुई. उसने दूसरी पारी में 255 रन बनाकर अपनी बढ़त 358 रन की कर ली. इस तरह टीम इंडिया को जीत के लिए 359 रन का टारगेट मिला. रोहित शर्मा की टीम 245 पर सिमट गई. टीम इंडिया के शेर, पुणे में ढेर 359 रन के टारगेट के सामने भारतीय बल्लेबाज बेबस नजर आए. यशस्वी जायसवाल ने उतरते ही काउंटर अटैक जरूर किया, लेकिन लगातार विकेट गिरने के कारण टीम इंडिया संभल नहीं पाई. यशस्वी ने 65 गेंद पर 77 रन बनाए. रोहित शर्मा 8, शुभमन गिल 23, विराट कोहली 17 और सरफराज खान 9 रन बनाकर आउट हुए. ऋषभ पंत खाता नहीं खोल सके. वॉशिंगटन सुंदर ने 21 रन बनाकर थोड़ी देर तक लड़ाई लड़ी. रविचंद्रन अश्विन 18 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. रवींद्र जडेजा ने आखिरी में 42 रन बनाए, लेकिन ये टीम के लिए काफी नहीं थे. न्यूजीलैंड के लिए मिचेल सैंटनर ने सबसे ज्यादा 6 विकेट लिए. उन्होंने पहली पारी में 7 विकेट लिए थे. 12 साल बाद घर में सीरीज हारे 12 साल बाद घर में टीम इंडिया ने कोई टेस्ट सीरीज गंवाई है. आखिरी बार भारतीय सरजमीं पर इंग्लैंड ने टीम इंडिया के खिलाफ साल 2012 में खेली गई चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की थी. साल 2012 में खेली गई टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भारत के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के बल्ले पर अंकुश लगाए रखा था. उस टेस्ट सीरीज में ज्यादातर मौकों पर सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के फ्लॉप होने से भारतीय टीम को नुकसान झेलना पड़ा था. वहीं, इंग्लैंड की तरफ से तत्कालीन कप्तान एलिस्टेयर कुक और केविन पीटरसन रनों की बरसात कर रहे थे. एलिस्टेयर कुक और केविन पीटरसन ने उस सीरीज में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बेअसर साबित कर दिया था. recent visitors 74

2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनेगा भारत : IMF

नई दिल्ली इस हफ्ते भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर कई उत्साह बढ़ाने वाले अनुमान आए हैं. इन आंकड़ों से ये साफ नजर आ रहा है कि दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत ना केवल सबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बना रहेगा, बल्कि काफी बड़े अंतर से भारत ये मुकाम हासिल करेगा. सबसे पहले बात करते हैं IMF के अनुमान की जिसमें कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल 7 परसेंट की ग्रोथ दर्ज करेगी. 2025 में भारतीय इकोनॉमी की चाल कुछ सुस्त होकर साढ़े 6 परसेंट पर आ सकती है. IMF की बड़ी रिपोर्ट IMF ने कहा है कि कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था फिर से अपने पुराने रूप में लौटने लगी है. इसके साथ ही, महंगाई को भी काफी हद तक काबू करने की बात इसमें कही गई है. हालांकि, कुछ देशों में अभी भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है. इसके बाद S&P Global Market Intelligence की रिपोर्ट की बात करें तो इसमें कहा गया है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 2024-25 में 6.8 फीसदी और 2025-26 में 6.6 परसेंट रह सकती है. इसमें कहा गया है कि कमजोर सरकारी निवेश के बावजूद, भारत की घरेलू मांग, बेहतर मानसून और सरकारी सामाजिक खर्च इकोनॉमी की रफ्तार को बढ़ा रहे हैं. इसके साथ ही, महंगाई में गिरावट और सरकारी नीतियों का समर्थन भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करेगा. वहीं RBI के डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पाटरा ने 2024-25 में भारतीय जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 परसेंट रहने का अनुमान जताया है. भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के कारण इसके बाद 2025-26 में इसके 7 फीसदी पर आने का अनुमान है, उनका मानना है कि भारत का समय आ गया है और देश अपनी युवा आबादी के चलते तेजी से विकास करेगा. भारत पहले से ही दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक ये तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है. इसके पहले आए दूसरी दिग्गज एजेंसियों के भारत की ग्रोथ को लेकर जारी किए गए अनुमानों की बात करें तो वर्ल्ड बैंक ने कृषि उत्पादन, सरकारी खर्च और निजी निवेश में बढ़ोतरी के असर से 2024 के लिए 6.9 फीसदी विकास दर का अनुमान लगाया है. वहीं महंगाई में गिरावट और सरकारी सुधारों से अर्थव्यवस्था को हो रहे फायदों के चलते ADB ने 6.8 परसेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है, जबकि गोल्डमैन सैश ने 2024 के लिए 7 परसेंट और ICRA ने 6.9 परसेंट ग्रोथ रेट का अनुमान लगाया है. हालांकि, कोविड-19 के बाद अर्थव्यवस्था में उछाल देखने को मिला है. लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताओं और कमजोर बाहरी मांग के असर से इकोनॉमी अभी भी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. इसके बावजूद, भारत की घरेलू मांग, स्थिर तेल की कीमतें और सरकारी निवेश अगले कुछ साल में अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद करेंगे.   recent visitors 83

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारत ए टीम का ऐलान, इस खिलाड़ी की लंबे समय बाद टीम में वापसी

नई दिल्ली इशान किशन की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है और उन्हें आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रुतुराज गायकवाड़ की अगुवाई में 15 सदस्यीय इंडिया ए टीम में शामिल किया गया। रणजी ट्रॉफी में मुंबई के खिलाफ शानदार शतक लगाने वाले महाराष्ट्र के गायकवाड़ को इंडिया ए टीम का कप्तान बनाया गया है। इंडिया ए की टीम मैके और मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो प्रथम श्रेणी मैच खेलेगी और फिर पर्थ में सीनियर इंडिया टीम के खिलाफ तीन दिवसीय ‘इंट्रा-स्क्वाड’ मैच में हिस्सा लेगी। गायकवाड़ के अलावा टीम में अभिमन्यु ईश्वरन और साई सुदर्शन जैसे अन्य सलामी बल्लेबाज भी शामिल हैं क्योंकि भारत को आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए अपने टेस्ट टीम में एक रिजर्व सलामी बल्लेबाज की आवश्यकता होगी। किशन को इस साल की शुरुआत में बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंधों से हटा दिया गया था। इस प्रकार है कार्यक्रम भारतीय ए टीम और ऑस्ट्रेलिया ए टीम के बीच दो मैचों की सीरीज खेली जाएगी। सीरीज का पहला मुकाबला 31 अक्टूबर से शुरू होगा, जबकि दूसरा मुकाबला 7 नवंबर से शुरू होगा। पहला मुकाबला मैके के ग्रेट बैरियर रीफ एरिना में खेला जाएगा। इसी तरह दूसरा मुकाबला मेलबर्न के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए इंडिया ए टीम रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), अभिमन्यु ईश्वरन (उप कप्तान), साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, देवदत्त पडिक्कल, रिकी भुई, बाबा इंद्रजीत, ईशान किशन (विकेट कीपर), अभिषेक पोरेल (विकेट कीपर), मुकेश कुमार, खलील अहमद, यश दयाल, नवदीप सैनी, मानव सुथार, तनुश कोटियन। recent visitors 121