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मंत्री विजय शाह केस में SIT का गठन, टीम में इकलौती महिला IPS अधिकारी वाहिनी सिंह को शामिल किया

भोपाल  मध्य प्रदेश डीजीपी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री विजय शाह मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी एसआईटी में इकलौती महिला IPS अधिकारी वाहिनी सिंह को शामिल किया गया है। वाहिनी सिंह की गिनती मध्य प्रदेश में तेजतर्रार अधिकारी के रूप में होती है। अभी वह डिंडोरी जिले में एसपी हैं। कौन हैं आईपीएस अफसर वाहिनी सिंह वाहिनी सिंह 2014 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। 2013 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। पहले ही अटेम्पट में वाहिनी सिंह को 173वीं रैंक आई थी। एक इंटरव्यू के दौरान वाहिनी सिंह ने कहा था कि इसकी उम्मीद मुझे नहीं थी। वाहिनी ने ग्रेजुएशन बॉयोटेक में किया है। इसके बाद फायनेंस में एमबीए किया है। उनका जन्म 19 मार्च 1988 में हुआ था। बचपन में बनना चाहता था डॉक्टर आईपीएस वाहिनी सिंह ने कहा था कि ऐसा नहीं था कि मैं शुरू से ही आईएएस या आईपीएस बनना चाहती थी। बचपन में मैं डॉक्टर बनना चाहती थी, फिर पायलट बनने की भी चाहत हुई। साथ ही लगता था कि मैं अच्छे से पढ़ाई कर विदेश में जाकर नौकरी करूं। मेरे पिता राजस्थान स्टेट सर्विस के अधिकारी हैं। उनका सम्मान मैंने लोगों में देखा है। इसके बाद मेरे मन में यह जरूर था कि मैं एक दिन परीक्षा दूंगी। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद ही मैंने यूपीएससी देने का मन बनाया। इसके बाद दिल्ली जाकर तैयारी शुरू कर दी। चयन के बाद मिला पंजाब कैडर वहीं, आईपीएस बनने के बाद वाहिनी सिंह को पंजाब कैडर मिला था। उन्होंने कुछ दिनों तक पंजाब में काम भी किया। दिसंबर 2015 में शादी के नाम पर वाहिनी सिंह का कैडर ट्रांसफर हो गया। इसके बाद वह एमपी कैडर की आईपीएस अधिकारी बन गईं। वाहिनी सिंह ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि यह जॉब नाइन टू फाइव की नहीं है। हमेशा चुनौती भरा काम रहता है। पति भी हैं आईपीएस अफसर डिंडोरी एसपी वाहिनी सिंह की शादी मध्य प्रदेश में हुई है। उनके पति आईपीएस नागेंद्र सिंह हैं। नागेंद्र सिंह 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अभी वह बालाघाट के एसपी हैं। डिंडोरी और बालाघाट आसपास ही हैं। पति के कारण पड़ चुकी है डांट वहीं, आईपीएस वाहिनी सिंह को कुछ साल पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान से पति के कारण डांट पड़ चुकी है। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान सभी कलेक्टर्स और एसपी की मीटिंग ले रहे थे। उस समय वाहिनी सिंह निवाड़ी की एसपी थीं और उनके पति नागेंद्र सिंह भिंड एसपी थे। तब शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि आपके लाइफ पार्टनर आपके सरकारी काम में इंटरफियर करते हैं। नागेंद्र सिंह पर रेत माफिया से सांठगांठ के आरोप लगे थे। हालांकि फटकार की बात पर वाहिनी सिंह ने चुप्पी साथ ली थी। वाहिनी सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि मुझे हसबैंड से बहुत सपोर्ट मिलता है। डिंडोरी में एसपी रहते हुए उन्होंने एक अलग मिसाल पेश की है। वाहिनी सिंह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जागरूक भी करती हैं। साथ ही उन्हें मोटिवेट करती हैं। 8 दिन में सौंपना होगी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 28 मई तक जांच करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शाह को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर के बाद आपने क्या किया? जांच कहां पहुंची? पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कुछ और ठोस कदम उठाने चाहिए थे. इस बयान से बढ़ीं विजय शाह की मुश्किलें मंत्री विजय शाह की मुश्किलें 11 मई को उनके द्वारा दिए गए बयान से बढ़ी हैं. उन्होंने महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मंच से बयान दिया था. उन्होंने नाम लिए बिना कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बता दिया था. उन्होंने कहा था कि, उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा.'' हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान मंत्री का वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने 14 मई को 4 घंटे में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए. हालांकि मामले में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन हाईकोर्ट ने FIR को खाना पूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में कोर्ट ही पुलिस जांच की निगरानी करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दायर की है. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मामले को भी सुना जाएगा. विजय शाह मामले में कब क्या हुआ     11 मई को मंत्री विजय शाह, महू के रायकुंडा गांव पहुंचे और यहां एक कार्यक्रम में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया. बयान में मंत्री ने कर्नल सोफिया को अतंकियों की बहन बता दिया.     13 मई को मंत्री का विवादित बयान वाला वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमाता देख मंत्री विजय शाह ने बयान को लेकर माफी मांगी.     13 मई को वायरल वीडियो बीजेपी नेताओं तक पहुंचा. इसको लेकर पार्टी संगठन ने मंत्री विजय शाह को कड़ी फटकार लगाई. शाम 7 बजे मंत्री विजय शाह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे.     14 मई को कांग्रेस नेताओं ने इसको लेकर विरोध जताया. कांग्रेस ने बीजेपी से मंत्री पर मामला दर्ज कराने और बर्खास्त करने की मांग की.     14 मई को मंत्री विजय शाह के विवादित बयान को लेकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 4 घंटे में FIR दर्ज करने के आदेश दिए.     14 मई की रात करीबन सवा 11 बजे इंदौर के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया.     15 मई को मंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें फटकार मिली. उधर जबलपुर हाईकोर्ट ने दर्ज की गई एफआईआर पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे कमजोर और असंतोषजनक बताया. कोर्ट ने अपने आदेश को … Read more

UPSC ने DGP के चयन के लिए तीन IPS के नामों का किया चयन, अरुण देव सहित तीनों के नाम शामिल…

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब जल्द ही पूर्णकालिक डीजीपी (Director General of Police) की नियुक्ति होने वाली है। इसको लेकर आज यूपीएससी (UPSC) की सलेक्शन कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने भाग लिया।छत्तीसगढ़ के नए डीजीपी के लिए UPSC से 3 अधिकारियों के नाम काे क्लीयरेंस मिल गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार छत्तीसगढ़ के स्थायी डीजीपी बनने की रेस में IPS अरुण देव गौतम के अलावा, IPS पवन देव और IPS जीपी सिंह का नाम शामिल है। वर्तमान में DGP की जिम्मेदारी IPS अरुण देव गौतम के पास है। सरकार ने गौतम को डीजीपी पद की अस्थायी जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि IPS अरुण देव गौतम के लिए प्रदेश के नेताओं की लॉबी लगी हुई है। वहीं IPS पवन देव के लिए बिहार के राजनेता लॉबी कर रहे हैं। इसी तरह से IPS जीपी सिंह के लिए प्रदेश के राजनेताओं के अलावा दिल्ली के राजनेता और अफसर लॉबी कर रहे हैं। इन तीनों में से कोई एक छत्तीसगढ़ पुलिस का स्थायी मुखिया होगा। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अरुण देव का नाम सबसे टॉप पर है। UPSC से छत्तीसगढ़ वापस आ गई फाइल गृह विभाग के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, यूपीएससी से सीएम सचिवालय फाइल और लेटर आ चुका है। राज्य सरकार के जिम्मेदारों ने यूपीएससी से आए पत्र पर अंतिम निर्णय लेने की कवायद शुरू कर दी है।जून माह तक नए डीजीपी का नाम सार्वजनिक किया जाएगा। 4 फरवरी को IPS गौतम को मिली थी डीजीपी की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने 4 फरवरी को आईपीएस अरुण देव गौतम को डीजीपी की अस्थायी जिम्मेदारी दी थी। इस संबंध में गृह विभाग के विशेष सचिव ने निर्देश जारी किया था। जिस समय आईपीएस गौतम को डीजीपी बनाया गया था, उस समय उनके पास नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक की भी जिम्मेदारी थी। स्थायी DGP की रेस में शामिल IPS वर्तमान में यहां हैं पदस्थ     IPS अरुण देव गौतम: अस्थायी डीजीपी, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक     IPS पवन देव: चेयरमेन पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन     IPS जीपी सिंह: डीजी पीएचक्यू पहले मुख्यमंत्री सीधे करते थे डीजीपी की नियुक्ति छत्तीसगढ़ में पहले मुख्यमंत्री खुद ही डीजीपी की नियुक्ति करते थे। इस प्रक्रिया को लेकर कोई निर्धारित नियम नहीं था। 2011 में एएन उपध्याय की नियुक्ति के बाद तक यूपीएससी को नाम भेजने का नियम लागू नहीं हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा गाइडलाइन जारी की गई, जिसमें कहा गया था कि डीजीपी की नियुक्ति कम से कम दो साल के लिए की जानी चाहिए। साथ ही अगर नियुक्ति के बाद छह महीने से कम समय में रिटायरमेंट का समय बचा हो, तो भी उन्हें दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। छत्तीसगढ़ में इस गाइडलाइन का पालन करते हुए, अशोक जुनेजा को इसका लाभ मिला था। अब इस नियम के तहत छत्तीसगढ़ को जल्द ही अपना नया और पूर्णकालिक डीजीपी मिलेगा, जो राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूती से संभालेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन नामों का पैनल: यूपीएससी सलेक्शन कमेटी केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन नामों का पैनल तैयार कर भेजेगा। वहां से छत्तीसगढ़ सरकार को फिर पेनल आएगा। जिस पर मुख्यमंत्री को अधिकार होगा कि वह इन तीन नामों के पेनल में से किसी एक नाम पर वे टिक लाएंगे, हालांकि, पहले डीजीपी की नियुक्ति मुख्यमंत्री सीधे करते थे। और एएन उपध्याय की नियुक्ति होने तक यूपीएससी को नाम भेजने का कोई नियम नहीं बना था। मुख्यमंत्री उस समय सीधे डीजीपी अपाइंट करते थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इसके बाद गाइडलाइन आ गया, जिसके अब कम-से-कम दो साल के लिए डीजीपी की नियुक्ति होगी। अशोक जुनेजा को इसका लाभ : इसके साथ ही अगर उनकी नियुक्ति के बाद रिटायरमेंट में छह महीने भी टाईम बचा हो तो भी उन्हें दो साल का नियुक्ति के बाद अवसर दिया जाएगा। इसका लाभ छत्तीसगढ़ में अशोक जुनेजा को मिला है।छह महीने से छत्तीसगढ़ के डीजीपी के लिए मामला यूपीएससी में लटका था। वहीं इससे पहले डीपीसी हुई भी मगर जीपी सिंह की इंट्री के बाद एक बार फिर से कई तरह की जानकारियां राज्य सरकार से  यूपीएससी ने मंगवाई थी। ज्ञात हो कि डीजीपी सलेक्शन के लिए  सरकार ने दिसंबर 2024 में प्रस्ताव भेज दिया था। लेकिन अब यह समझा जाता है कि भारत सरकार को यूपीएससी जल्द अब पेनल बनाकर भेज सकती है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

मध्य प्रदेश को मिले 13 नए IPS अधिकारी, 5 को मिला होम कैडर, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल देश की कानून व्यवस्था में सबसे अहम माने जाने वाली इंडियन पुलिस सर्विस से मध्य प्रदेश को बड़ा तोहफा मिला है. भारतीय पुलिस सेवा के 2024 बैच से 13 अधिकारी मध्य प्रदेश से हैं, जिनमें से 5 को मध्य प्रदेश यानी होम कैडर ही दिया गया है. पूरे देश में 2024 बैच के कुल के 200 आईपीएस अधिकारियों को कैडर अलॉट किए गए हैं. मध्‍य प्रदेश के 13 तो वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के 5 नए आईपीएस अफसरों को कैडर अलॉट हुए हैं. मध्य प्रदेश के 13 IPS अधिकारी, 5 को मिला होम कैडर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार 11 अप्रैल को कैडर अलॉटमेंट का नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक आईपीएस रितु यादव, माधव अग्रवाल, काजल सिंह, अर्णव भंडारी और माही शर्मा को होम कैडर मध्य प्रदेश मिला है. वहीं, मध्य प्रदेश से चयनित अन्य आईपीएस अधिकारी अमित कुमार को बिहार, मनोज कुमार को दिल्ली, लेखराज मीणा को राजस्थान, राजीव अग्रवाल को उत्तर प्रदेश, दीपांशु को हरियाणा, समीक्षा सरवरी को हरियाणा, अंशुल चौधरी को दिल्ली और माधव गुप्ता को राजस्थान कैडर अलॉट हुआ है. गौरतलब है कि यह कैडर अलॉटमेंट राज्यों की विभिन्न तरह की जरूरतों, स्थितियों और आईपीएस अधिकारियों के होम कैडर आदि को देखकर किया गया है. वहीं पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ को अनुषा पिल्लै, यश केवट, प्रतीक बंसोड़, आदित्य कुमार और पूर्वा अग्रवाल नए आईपीएस के रूप में मिले हैं. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 IPS अफसरों का ट्रांसफर

नई दिल्ली दिल्ली में बजट खत्म होने के बाद बड़ा प्राशसनिक फेरबदल हुआ है। एलजी वीके सक्सेना ने पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में तैनात 28 आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद एक पत्र जारी कर ट्रांसफर का आदेश लागू कर दिया गया। ट्रांसफर के आदेश में लिखा है कि दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल,पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिश पर दिल्ली पुलिस में वर्तमान में तैनात निम्नलिखित आईपीएस/डैनिप्स अधिकारियों के स्थानांतरण/पदस्थापन का आदेश देते हैं,जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

एप अटेंडेंस सिस्टम: एमपी के IAS अधिकारी हाजिरी लगाने तैयार नहीं: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ऑफिस में रुकना होगा

App Attendance System: IAS officers of MP are not ready to mark attendance भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन में एप से अटेंडेंस का प्रयोग IAS अधिकारियों की बेरुखी के कारण अटक गया है। मंत्रालय में फेस अटेंडेंस सिस्टम को 1 जनवरी से लागू किया जाना था लेकिन ये 1 फरवरी से भी लागू नहीं हो पाया है। अधिकारियों के रजिस्ट्रेशन नहीं होने के चलते इसे फरवरी में भी लागू नहीं किया जा सका है। हालात ये हैं कि जिन प्रशासनिक अधिकारियों पर व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी है, वह ही नई व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। वल्लभ भवन में पदस्थ 50 से ज्यादा IAS में से सिर्फ 6 ही आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस एप से हाजिरी लगा रहे हैं। आईएएस को भी करनी होगी 8 घंटे नौकरी प्रदेश में इनकम शो करने के बाद अब आईएएस अधिकारियों को काम पर आने-जाने का हिसाब भी देना होगा। आईएएस अधिकारियों को कर्मचारियों की तरह आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करनी होगी और इसके लिए जियो टैगिंग बेस्ड एप पर हाजिरी लगानी होगी। मंत्रालय से शुरू किए जा रहे फेस अटेंडेंस एप के माध्यम से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया में कर्मचारियों के साथ सभी अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। व्यवस्था को लागू करने वाले सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे बताते हैं कि हम केवल कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश में पहली बार आईएएस अधिकारियों को भी एप से हाजिरी लगानी होगी। देश में पहली बार ऐसा सबसे बड़ा प्रयोग प्रमुख सचिव दुबे बताते हैं कि इस तरह की अटेंडेंस प्रक्रिया देश का अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रयोग है। अभी तक किसी राज्य ने आधार बेस्ड फेस रिकॉग्नाइजेशन से अटेंडेंस लगानी शुरू नहीं की है। यह बहुत सरल एप है, जो आधार से जुड़ा है। इसे लागू करने वालों से लेकर अटेंडेंस लगाने वालों तक को न तो कोई इक्यूपमेंट खरीदना है, न ही डाटा ही अलग से इकट्‌ठा किया जाना है। बिना बड़े बजट के खर्च किए मंत्रालय के सभी अधिकारियों–कर्मचारियों की उपस्थिति एप के माध्यम से दर्ज हो रही है। प्रदेश भर में लागू होगा एप बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम प्रदेश के मंत्रालय में इस तरह एप से अटेंडेंस लगाने का प्रयोग नए मुख्य सचिव अनुराग जैन के आने के बाद शुरू हुआ है। यह कहा जाता है कि प्रशासनिक मुखिया का विचार है कि सबसे पहले मंत्रालय में सभी अधिकारी-कर्मचारी एक व्यवस्था के तहत नियम से अपने ड्यूटी आवर्स पूरे करें, इसके बाद इस प्रयोग को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने की योजना है। इसकी पुष्टि करते हुए सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव संजय दुबे कहते हैं कि जब मंत्रालय में एप से अटेंडेंस हो सकती है तो बाकी कार्यालयों में क्यों नहीं? हम इसे सफलतापूर्वक यहां लागू करेंगे। इसके बाद कलेक्टर कार्यालयों में और प्रदेश के अन्य कार्यालयों में ले जाया जाएगा। इससे सरकारी कर्मचारियों की यह छवि सुधरेगी कि वे देर से दफ्तर आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। जनता में छवि बेहतर होगी तो कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। अधिकारी ही बन रहे व्यवस्था में रोड़ा प्रशासनिक मुखिया भले ही बेहतर सोच के साथ नई व्यवस्था को लागू कर रहे हों, लेकिन इसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा प्रशासनिक अधिकारी ही बन रहे हैं। फरवरी के पहले सप्ताह तक 1266 कर्मचारी ऐसे थे, जो अटेंडेंस पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। वहीं, कुल रजिस्टर्ड डिवाइस 755 हैं यानी जिन्होंने अपने एंड्रॉयड डिवाइस में एप डाउनलोड कर लिया है। इनमें से आधे यानी करीब 350 प्रतिदिन इस एप से हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन मात्र 10 प्रतिशत अधिकारी ही इसका पालन कर रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि मंत्रालय में करीब 50 आईएएस पदस्थ हैं। इनमें से छह ही एप की मदद से हाजिरी लगा रहे हैं। हाजिरी लगाने वालों में व्यवस्था को लागू करने वाले विभाग सामान्य प्रशासन के उप सचिव अजय कटेसरिया, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी सहित उनके विभाग के आईएएस तन्वी सुंद्रियाल, राजीव मीणा, रोहित सिंह और लोकेश जाटव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूरे मंत्रालय से इक्का-दुक्का आईएएस ही इस व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। 1 से 3.30 तक लंच पर चले जाते हैं आईएएस नायक बताते हैं कि कर्मचारियों के बारे में कहा जाता है कि वह शाम को जल्दी घर चले जाते हैं, लेकिन आईएएस बैठे रहते हैं। हकीकत कौन नहीं जानता, सभी आईएएस एक बजे लंच पर घर चले जाते हैं। साढ़े तीन बजे ही आते हैं। कोई मंत्रालय में लंच टाइम में आईएएस से मिलकर दिखा दे। उनके पास घोड़ा है, गाड़ी है, ड्राइवर है। कर्मचारी दो-तीन बसें बदलकर आता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 135

IAS सुबोध सिंह मुख्यमंत्री सचिवालय में बने प्रमुख सचिव: पहले स्टील मिनिस्ट्री में एडिशनल सेक्रेटरी और वित्तीय सलाहकार थे

IAS Subodh Singh became Principal Secretary in Chief Minister’s Secretariat: Earlier he was Additional Secretary and Financial Advisor in Steel Ministry रायपुर । सेंट्रल डेपुटेशन से छत्तीसगढ़ लौटे IAS सुबोध सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रमुख सचिव बनाया गया है। राज्य सरकार ने इसका आदेश जारी कर दिया है। सिंह पिछले 5 सालों से डेपुटेशन पर दिल्ली में काम कर रहे थे। NEET परीक्षा विवाद के बाद NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के DG पद से हटाए गए थे। इसके बाद सुबोध सिंह दिल्ली में स्टील मिनिस्ट्री में एडिशनल सेक्रेटरी और वित्तीय सलाहकार के तौर पर इस समय काम कर रहे थे। वे 19 दिसंबर शाम ही रायपुर पहुंच गए थे और मुख्य सचिव से मिलकर ज्वॉइनिंग दे दी थी। केन्द्र सरकार के DoPT यानी डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने सुबोध सिंह की छत्तीसगढ़ वापसी को लेकर 17 दिसंबर को ही आदेश जारी किया था। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67

IPS अधिकारियों को भाया ज्योतिष का शौक, भविष्य को जानने की इच्छा ही मनुष्य को कर्म की ओर प्रेरित करती है: ऋषि कुमार शुक्ला

भोपाल मध्य प्रदेश के कई पुलिस अधिकारियों में इन दिनों ज्योतिष के अध्ययन का शौक लगा है। सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर ऋषि कुमार शुक्ला हों या डीजी पुलिस रहे एसएस लाल। डायरेक्टर स्पोर्ट्स के पद से सेवानिवृत्त हुए आईपीएस अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव को भी ज्योतिष खूब पसंद है। सितंबर में एडीजी (अजाक) के पद से सेवानिवृत्त हुए राजेश गुप्ता का भी बचपन से ज्योतिष का शौक पुलिस सेवा में आने के बाद भी कम होने की जगह बढ़ता ही गया। ऋषि कुमार शुक्ला तो ज्योतिष में शोध को बढ़ाने में लगे हैं। उनका कहना है, ज्योतिष भविष्य बताने के नाम पर डराने और उपाय बताने का विषय नहीं है। एसएस लाल ने ज्योतिष पर पुस्तकें भी लिखी हैं। कई आईएएस अधिकारियों को भी इसी तरह का शौक रहा है। इनमें डीएस माथुर, जेएस माथुर का नाम शामिल हैं। ऋषि कुमार शुक्ला बोले- ज्योतिष में कई भ्रांतियां फैली ऋषि कुमार शुक्ला बताते हैं, ‘काल को समझने का प्रयास, तो समस्त मानवीय तलाशों में सबसे ऊपर रहा है। भविष्य को जानने की इच्छा ही मनुष्य को कर्म की ओर प्रेरित करती है। भविष्य को कैसे सुधारा जाए, इसमें पूरा विज्ञान लगा है।’ उनके मुताबिक, ‘ज्योतिष में आज कई भ्रांतियां फैली हैं। किसे क्या समस्या हो सकती है, उसके उपाय क्या होंगे? यह सब ज्योतिष में चल रहा है। इन भ्रांतियों को कैसे दूर करें। कैसे शोध कर सही दिशा में पहुंचें।’ ‘ज्योतिष की सही विवेचना हो। यही प्रयास हमारा है। इसके लिए हमने एक संस्था भी बनाई है। मेरे परिवार में पीढ़ियों से ज्योतिष और आयुर्वेद को माना जाता रहा है। मेरी भी रुचि शुरू से ही रही। लगभग 25 वर्ष पहले खोजबीन की तो जिज्ञासा और बढ़ गई।’ ज्योतिष के प्रति जिज्ञासा के साथ बढ़ी सीखने की ललक ज्योतिष में रुचि को लेकर सेवानिवृत्त डीजीपी एसएस लाल बताते हैं, ‘कुछ जिज्ञासा होती है बचपन से। कोई संगति मिल जाती है तो उसमें आगे बढ़ जाते हैं। आईआईटी कानपुर में जब इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, तो वह कुछ विद्यार्थी हाथ देखकर भविष्य बताते थे। हमें भी जिज्ञासा हुई।’ ‘सेवा में आने पर मैं भिंड में एएसपी था। वहां, हिंदी के प्राध्यापक डॉ. एसएस शर्मा ने मेरे विवाह और ट्रांसफर को लेकर जो संभावना जताई, वह सही निकली। इसके बाद मैंने उनसे सीखना प्रारंभ किया। राकेश साहनी के साथ बिजली विभाग में काम किया। वह भी इस विषय को लेकर जिज्ञासु थे। मैंने भी ज्योतिष शास्त्र को लेकर दो पुस्तकें भी लिखी हैं।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 76