खाली खजाना, भारी वादे— कर्ज के सहारे चल रही मोहन सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया

Empty coffers, big promises—the debt-ridden Mohan government has taken a new loan of ₹1,800 crore. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की वित्तीय सेहत को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। मंगलवार को राज्य सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इस बार कर्ज लेने की प्रक्रिया पिछले साल के मुकाबले एक महीने पहले ही शुरू कर दी गई है। इसके पीछे की मुख्य वजह केंद्र से मिलने वाले टैक्स के हिस्से में हुई कटौती और आरबीआई के नए नियम हैं, जिसने सरकार को शुरुआती महीनों में ही बाजार से पैसा उठाने पर मजबूर कर दिया है। बजट से ज्यादा हुआ कर्जमध्य प्रदेश का चालू वित्त वर्ष (2026-27) का बजट करीब ₹4,38,317 करोड़ का है, लेकिन राज्य पर कुल सार्वजनिक कर्ज अब ₹5,20,000 करोड़ के पार निकल गया है। यानी सरकार की कुल कमाई और खर्च के बजट से भी करीब 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा का कर्ज प्रदेश पर लदा हुआ है। 2007 में जो कर्ज महज ₹52,731 करोड़ था, वह पिछले 20 सालों में 10 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। क्या है कर्ज बढ़ने की वजहकेंद्र की कटौती और लाडली बहना का बोझ राज्य की आर्थिक कमर टूटने के पीछे दो बड़े कारण हैं। एक तो केंद्र सरकार ने राज्यों की टैक्स हिस्सेदारी को 7.850% से घटाकर 7.347% कर दिया है। महज 0.5% की यह गिरावट मध्य प्रदेश को हर साल ₹8000 करोड़ का चपत लगाएगी। दूसरी ओर सरकार की लाडली बहना फ्लैगशिप योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को हर महीने ₹1500 दिए जाते हैं। इस अकेले मद में सरकार को हर महीने ₹1,836 करोड़ का नकद भुगतान करना पड़ रहा है। आखिर इतनी जल्दी कर्ज क्यों?सरकार ने इस बार अप्रैल में ही कर्ज लेना क्यों शुरू किया? इसके पीछे आरबीआई की एक नई नीति है। अब राज्यों की अनयूटिलाइज्ड लोन लिमिट अगले साल के लिए फॉरवर्ड नहीं होगी। अगर सरकार इस साल की ₹85,000 करोड़ की लिमिट का उपयोग नहीं करती, तो वह पैसा लैप्स हो जाता। इसलिए, विकास कार्यों और योजनाओं को जारी रखने के लिए सरकार ने शुरुआत में ही कर्ज उठाना बेहतर समझा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 102

IAS वर्मा के समर्थन में जंग छेड़ने का ऐलान, बोले… छेड़ा है तो छोड़ेंगे नहीं, परिणाम भुगतने ही होंगे

He announced a war in support of IAS Verma. भोपाल। अजाक्स के प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध की गई कार्यवाही से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के संयुक्त सामाजिक संगठनों में सरकार के खिलाफ दिनोंदिन नाराजगी बढ़ती जा रही है। सभी जिलों से आवाज उठने की खबरें लगातार आ रही हैं। संगठनों का आरोप है कि यह कार्रवाई सरकार की संकुचित मानसिकता का परिणाम है। सरकार वंचित वर्ग के ईमानदार अधिकारियों को निशाना बना रही है। लोगों का कहना है कि संतोष वर्मा को बदनाम करने की साजिश आदिवासी समाज का अपमान है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ऑफिस तक निकला मार्च 13 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन किया गया। भोपाल में भी बड़ी संख्या में एससी-एसटी और ओबीसी के लोग सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। पदाधिकारियों का कहना है कि… “छेड़ा है तो छोड़ेंगे नहीं”। ईट का जवाब पत्थर से देंगे। एससी/एसटी/ओबीसी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी लोकेश मुजल्दा, महेंद्र लोदी और प्रियंका जाटव का कहना है कि यह कार्यवाही न केवल एक ईमानदार आदिवासी अधिकारी की गरिमा पर आघात है, बल्कि संविधान की मूल आत्मा- ‘समता, बंधुता और सामाजिक न्याय’ के विरुद्ध है। आईएएस वर्मा सच्चे लोकसेवक और समाजसुधारक 23 नवंबर को अजाक्स अधिवेशन में आईएएस संतोष वर्मा ने सामाजिक समरसता, जाति व्यवस्था खत्म करने, रोटी-बेटी संबंध बनाने, हिंदू एकता और संविधान सर्वोपरि रखने की बात की थी। 27 मिनट के इस भाषण में से समाज विरोधी तत्वों ने 7 सेकंड की तोड़-मरोड़कर कट वीडियो बनाई और उसे प्रसारित किया। जिसके बाद तथाकथित सामाजिक संघटनों ने इस वक्तव्य को अपनी असिमता से जोड़ा और विरोध जताने लगे। जिसके दबाव में सरकार ने आईएएस वर्मा को बिना वीडियो के मूल भाव को समझे नोटिस थमा दिया, जो गलत है। आरक्षित वर्ग के संगठनों ने कहा कि “यह कार्यवाही संविधान, न्याय और आदिवासी सम्मान पर सीधा हमला है।” सयुंक्त मोर्चा के अनुसार आईएएस वर्मा ने संबोधन में जातिवाद उन्मूलन, मानवता की सर्वोच्चता, संविधान की प्रधानता तथा यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पद पर पहुँचने के बावजूद सामाजिक भेदभाव स्वतः समाप्त नहीं होता है।मोर्चा का आरोप है कि कुछ षड़यंत्रकारियों ने आईएएस वर्मा का 7 सेकंड की वीडियो क्लिप प्रचारित किया, जिससे समाज में भ्रम और वैमनस्यता फैली। इसके लिए प्रचारित करने वाले ही जिम्मेदार हैं। वर्मा पर एकपक्षीय कार्यवाही से एससी-एसटी वर्ग में बड़ा आक्रोश सयुंक्त मोर्चा ने कहा कि इस प्रकार का दुष्प्रचार लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है। आईएएस वर्मा पर एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जाँच बैठा दी गई है। यह कार्यवाही समाज विशेष द्वारा फैलायी गई भ्रामक जानकारी के दबाव में की गई है। जो आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास है। यह कार्यवाही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 21, 38(2) एवं 46 की भावना के विपरीत है। यह अनुच्छेद समानता और वंचित वर्गों के संरक्षण की गारंटी देता है। जयस समेत अन्य संगठनों ने दी चेतावनी… 18 जनवरी को भोपाल में 5 लाख लोगों का जंगी प्रदर्शनअजाक्स, जयस समेत अन्य संगठनों ने ऐलान किया है कि 18 जनवरी 2026 को भोपाल में प्रदेश के सभी जिलों से 5 लाख से अधिक लोग जुटेंगे। इस जंगी आंदोलन में एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों और सामाजिक लोगों पर हो रहे दमनकारी जुल्म तथा वर्मा पर की गई कार्यवाही का विरोध जताएँगे। इसी दौरान सभी लोग संविधान की शपथ भी लेंगे। लोगों का कहना है कि अब किसी भी SC/ST/OBC अधिकारी पर अन्याय सहन नहीं करेंगे।” एससी/एसटी/ओबीसी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी लोकेश मुजल्दा, महेंद्र लोदी और प्रियंका जाटव ने चेतावनी दी है कि “आरक्षित वर्ग के अधिकारियों पर की जा रही प्रताड़ना तुरंत बंद करना होगी। नहीं तो मोहन सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे। आरक्षित वर्गों की लगातार हो रही उपेक्षा, मांगों पर तत्काल एक्शन ले सरकार Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 265

सीएम मोहन का पुलिस अधिकारीयों को सख्त निर्देश, पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से जल्द बाहर करें; कहा- इस काम में लापरवाही न हों

CM’s strict instructions to police officers to expel Pakistani citizens from the state as soon as possible; said – there should be no negligence in this work भोपाल, सुशील दामले। पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के केंद्र सरकार के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार एक्शन में आ गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पाकिस्तानी वीजाधारक नागरिकों को पहचान कर कार्रवाई की जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा- लंबी अवधि के वीजा, राजनयिक वीजा और आधिकारिक वीजाधारकों के अतिरिक्त सभी पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से बाहर करने की कार्रवाई अभियान चलाकर करें। ऐसे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से बाहर करने में लापरवाही न की जाए। सीएम डॉ. यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए गृह मंत्रालय से जारी निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम के निर्देश-शिक्षण संस्थाओं पर नजर रखें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में शिक्षण संस्थाओं पर नजर रखी जाए। उन्होंने भोपाल में कुछ युवकों द्वारा स्कूल, कॉलेज की छात्राओं से दुर्व्यवहार और अपराध से संबंधित खबरों पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण परिसरों या इनके नजदीक कोई भी अवैधानिक गतिविधियां न हों इस पर लगातार नजर रखी जाए। आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। दोषियों को बिल्कुल न छोड़ें। जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को सुरक्षा दी जाए सीएम ने ये भी कहा कि मध्यप्रदेश में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को पहचान कर उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, किसी भी स्थिति में प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं हो। केंद्र सरकार ने दिए हैं ये निर्देश बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने 27 अप्रैल से सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की थी। उन्होंने निर्देश दिया कि 27 अप्रैल की समय सीमा के बाद कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत में न रहे। शाह ने निर्देश दिए कि सभी राज्य अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करके उन्हें समय सीमा के भीतर देश छोड़ने को कह दें। यदि कोई तय समय के बाद भी भारत में पाया जाता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। राज्यों को ये भी कहा गया है कि वे इस प्रक्रिया की निगरानी करें और रिपोर्ट केंद्र को भेजें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 70

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

All seats of Global Skill Park should be filled: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! Global Skill Park should मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहाँ की सभी सीटें भरना सुनिश्चित किया जाएं। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगारपरक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन व्यापक स्तर पर किया जाए। प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यमान औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। Global Skill Park should Read more: बुक्स और यूनिफॉर्म के लिए स्कूलों ने डर दिखाया तो प्रशासन का डंडा पड़ेगा, आपकी एक कॉल पर दौड़ी आएगी कलेक्टर की टीम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति के प्रति असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगारपरक कार्यक्रमों के लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित कर परिणाममूलक गतिविधियां संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन और जापानी भाषाओं में दक्ष व्यक्तियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन भी भाषाओं में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावना है, उनके प्रशिक्षण की प्रदेश में उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों को जोड़ते हुए युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। बैठक में कौशल विकास नीति, रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास के विलय, स्थानीय एवं परम्परागत पद्धतियों की पहचान के लिए आरंभ श्रुति कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 70

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 78

एप अटेंडेंस सिस्टम: एमपी के IAS अधिकारी हाजिरी लगाने तैयार नहीं: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ऑफिस में रुकना होगा

App Attendance System: IAS officers of MP are not ready to mark attendance भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन में एप से अटेंडेंस का प्रयोग IAS अधिकारियों की बेरुखी के कारण अटक गया है। मंत्रालय में फेस अटेंडेंस सिस्टम को 1 जनवरी से लागू किया जाना था लेकिन ये 1 फरवरी से भी लागू नहीं हो पाया है। अधिकारियों के रजिस्ट्रेशन नहीं होने के चलते इसे फरवरी में भी लागू नहीं किया जा सका है। हालात ये हैं कि जिन प्रशासनिक अधिकारियों पर व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी है, वह ही नई व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। वल्लभ भवन में पदस्थ 50 से ज्यादा IAS में से सिर्फ 6 ही आधार बेस्ड फेस अटेंडेंस एप से हाजिरी लगा रहे हैं। आईएएस को भी करनी होगी 8 घंटे नौकरी प्रदेश में इनकम शो करने के बाद अब आईएएस अधिकारियों को काम पर आने-जाने का हिसाब भी देना होगा। आईएएस अधिकारियों को कर्मचारियों की तरह आठ घंटे की ड्यूटी पूरी करनी होगी और इसके लिए जियो टैगिंग बेस्ड एप पर हाजिरी लगानी होगी। मंत्रालय से शुरू किए जा रहे फेस अटेंडेंस एप के माध्यम से हाजिरी लगाने की प्रक्रिया में कर्मचारियों के साथ सभी अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। व्यवस्था को लागू करने वाले सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे बताते हैं कि हम केवल कर्मचारियों को इसमें शामिल नहीं कर रहे हैं, बल्कि प्रदेश में पहली बार आईएएस अधिकारियों को भी एप से हाजिरी लगानी होगी। देश में पहली बार ऐसा सबसे बड़ा प्रयोग प्रमुख सचिव दुबे बताते हैं कि इस तरह की अटेंडेंस प्रक्रिया देश का अपनी तरह का सबसे बड़ा प्रयोग है। अभी तक किसी राज्य ने आधार बेस्ड फेस रिकॉग्नाइजेशन से अटेंडेंस लगानी शुरू नहीं की है। यह बहुत सरल एप है, जो आधार से जुड़ा है। इसे लागू करने वालों से लेकर अटेंडेंस लगाने वालों तक को न तो कोई इक्यूपमेंट खरीदना है, न ही डाटा ही अलग से इकट्‌ठा किया जाना है। बिना बड़े बजट के खर्च किए मंत्रालय के सभी अधिकारियों–कर्मचारियों की उपस्थिति एप के माध्यम से दर्ज हो रही है। प्रदेश भर में लागू होगा एप बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम प्रदेश के मंत्रालय में इस तरह एप से अटेंडेंस लगाने का प्रयोग नए मुख्य सचिव अनुराग जैन के आने के बाद शुरू हुआ है। यह कहा जाता है कि प्रशासनिक मुखिया का विचार है कि सबसे पहले मंत्रालय में सभी अधिकारी-कर्मचारी एक व्यवस्था के तहत नियम से अपने ड्यूटी आवर्स पूरे करें, इसके बाद इस प्रयोग को पूरे प्रदेश में लागू किए जाने की योजना है। इसकी पुष्टि करते हुए सामान्य प्रशासन के प्रमुख सचिव संजय दुबे कहते हैं कि जब मंत्रालय में एप से अटेंडेंस हो सकती है तो बाकी कार्यालयों में क्यों नहीं? हम इसे सफलतापूर्वक यहां लागू करेंगे। इसके बाद कलेक्टर कार्यालयों में और प्रदेश के अन्य कार्यालयों में ले जाया जाएगा। इससे सरकारी कर्मचारियों की यह छवि सुधरेगी कि वे देर से दफ्तर आते हैं और जल्दी चले जाते हैं। जनता में छवि बेहतर होगी तो कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी। अधिकारी ही बन रहे व्यवस्था में रोड़ा प्रशासनिक मुखिया भले ही बेहतर सोच के साथ नई व्यवस्था को लागू कर रहे हों, लेकिन इसकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा प्रशासनिक अधिकारी ही बन रहे हैं। फरवरी के पहले सप्ताह तक 1266 कर्मचारी ऐसे थे, जो अटेंडेंस पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। वहीं, कुल रजिस्टर्ड डिवाइस 755 हैं यानी जिन्होंने अपने एंड्रॉयड डिवाइस में एप डाउनलोड कर लिया है। इनमें से आधे यानी करीब 350 प्रतिदिन इस एप से हाजिरी लगा रहे हैं, लेकिन मात्र 10 प्रतिशत अधिकारी ही इसका पालन कर रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि मंत्रालय में करीब 50 आईएएस पदस्थ हैं। इनमें से छह ही एप की मदद से हाजिरी लगा रहे हैं। हाजिरी लगाने वालों में व्यवस्था को लागू करने वाले विभाग सामान्य प्रशासन के उप सचिव अजय कटेसरिया, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी सहित उनके विभाग के आईएएस तन्वी सुंद्रियाल, राजीव मीणा, रोहित सिंह और लोकेश जाटव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पूरे मंत्रालय से इक्का-दुक्का आईएएस ही इस व्यवस्था का पालन कर रहे हैं। 1 से 3.30 तक लंच पर चले जाते हैं आईएएस नायक बताते हैं कि कर्मचारियों के बारे में कहा जाता है कि वह शाम को जल्दी घर चले जाते हैं, लेकिन आईएएस बैठे रहते हैं। हकीकत कौन नहीं जानता, सभी आईएएस एक बजे लंच पर घर चले जाते हैं। साढ़े तीन बजे ही आते हैं। कोई मंत्रालय में लंच टाइम में आईएएस से मिलकर दिखा दे। उनके पास घोड़ा है, गाड़ी है, ड्राइवर है। कर्मचारी दो-तीन बसें बदलकर आता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 192

भारतीय किसान संघ का आज भोपाल में वल्लभ भवन का घेराव करेंगे; बिजली-फसल रेट मुख्य मुद्दे

Bharatiya Kisan Sangh will surround Vallabh Bhawan in Bhopal today; electricity and crop rates are the main issues भोपाल में प्रदर्शन को लेकर भारतीय किसान संघ गांव-गांव जाकर बैठकें भी कर चुका है। भोपाल। बिजली और फसल के रेट जैसे कई मुद्दों पर हजारों किसान बुधवार को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। भारतीय किसान संघ के बैनर तले ये प्रदर्शन होगा। लिंक रोड नंबर-1 पर पहले धरना, फिर अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इधर, किसान संघ ने सख्त चेतावनी दी है कि बाहर से आने वाले किसानों को पुलिस नहीं रोकें। वर्ना, वे वहीं पर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। भारतीय किसान संघ ने मध्यप्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका है। लिंक रोड नंबर-1 स्थित भाकिसं कार्यालय के सामने सुबह 11 बजे बाद धरना शुरू होगा। दोपहर 3 बजे से रैली के रूप में किसान वल्लभ भवन पहुंचेंगे और घेराव करेंगे। संघ के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष सर्वज्ञ दीवान ने कहा, प्रदेश में किसान राजस्व विभाग के फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, नक्शा सुधार जैसे कार्यों में की जा रही लूट से परेशान हो गया है। निरंकुश अफसरशाही के खिलाफ प्रदेश का किसान खेतों से निकलकर राजधानी की सड़कों पर 5 फरवरी को अपने अधिकार के लिए अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन घेराव कार्यक्रम में शामिल होगा। ज्ञापन देने के बावजूद नहीं चेती सरकार भाकिसं के पदाधिकारियों का कहना है कि किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर तहसील व जिला स्तर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे, लेकिन आज तक किसानों की किसी भी समस्या पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया है। इसलिए किसान अपनी समस्याओं को सुनाने और निदान के लिए सरकार के दरवाजे पर आने के लिए मजबूर है। ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें फौती नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, बटांकन, ऑनलाइन रिकॉर्ड और नक्शा सुधारा जाए। हॉर्स पावर क्षमता वृद्धि वापस ली जाए। जले ट्रांसफॉर्मर और लाइनें समय सीमा में बदली जाए। डीएपी, यूरिया खाद सहकारिता के माध्यम से नगद वितरण समय पर किया जाए। सभी मंडियों में फ्लेट कांटों से तुलाई अनिवार्य हो। मंडी परिसर में ही भुगतान हो। नकली दूध बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। प्रदेश में गो-अभयारण्य खोले जाएं। प्रस्तावित और स्वीकृत नहरों के कार्य जल्द पूरा हो। सभी फसलों को एमएसपी से नीचे नहीं खरीदा जाए। किसानों के झूठे प्रकरण वापिस हों। पूसा बासमती धान को जीआई टैग दिलाया जाए। धान 3100 रुपए व गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा जाए। गांव-गांव में किसानों की हुई बैठकें अन्नदाता अधिकार रैली और वल्लभ भवन के घेराव में किसानों को शामिल करने के लिए किसान संघ के ग्राम समिति से लेकर प्रांत स्तर तक के पदाधिकारियों ने गांव-गांव बैठकें कीं। जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं की चर्चा कर भोपाल आने के लिए आमंत्रित किया गया। बढ़े हुए बिजली बिलों से किसान त्रस्त किसानों का कहना है कि बिजली विभाग के द्वारा कृषि विद्युत कनेक्शन में हॉर्स पावर भार वृद्धि करने के कारण किसानों को बढ़े हुए बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं। जिससे वे नाराज हैं। किसान बिजली कंपनियों द्वारा बिना जांच के भार वृद्धि करने के कारण आंदोलन के मूड में हैं और उसने सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 155