जनता को गुमराह करने आए थे राहुल! मोहन यादव ने स्कूल एजुकेशन का बजट बताकर कसा तंज

Rahul Gandhi came to mislead the public! Mohan Yadav took a dig at him by revealing the school education budget. भोपाल। इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश में सियासत गरमा गई है. उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की जीत को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया. सीएम मोहन यादव ने ABVP को जीत पर बधाई देते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ का जवाब बताया. वहीं उन्होंने मध्य प्रदेश में ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स और शिक्षा को लेकर भी आंकड़े सामने रखे. राहुल गांधी में सीरियसनेस की कमी मोहन यादव ने कहा कि, ”इंदौर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक ऐसा इवेंट किया जो असल में झूठ फैलाने की कोशिश थी. अपनी आदत के मुताबिक उन्होंने इस विषय को लेकर अपनी सीरियसनेस की कमी दिखाई. वे बिना तैयारी के आए और बच्चों और युवाओं से बात की, जबकि उनके साथ एक असली सवाल-जवाब का सेशन होना चाहिए था. कांग्रेस सिर्फ जनता को गुमराह करने के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है, यह बहुत निराशाजनक है.” मध्य प्रदेश ने ज़ीरो-ड्रॉपआउट रेट उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश ने ज़ीरो-ड्रॉपआउट रेट हासिल किया है, यह एक रिकॉर्ड है जिसे कांग्रेस और उसके साथियों को मानना चाहिए. कांग्रेस के राज में 2002-03 तक ड्रॉपआउट रेट 16% था. 1956 और 2002-03 के बीच ज़्यादातर समय कांग्रेस सत्ता में थी, फिर भी ड्रॉपआउट के आंकड़े उस विरासत को दिखाते हैं. उस समय स्कूल एजुकेशन का बजट लगभग 16% था. 2002-03 तक यह 2,000 करोड़ रुपए था, जबकि आज यह 38,658 करोड़ रुपए है. यह बच्चों और उनकी शिक्षा के मैनेजमेंट के प्रति हमारे गहरे कमिटमेंट को दिखाता है.” कांग्रेस ने छात्रों को कभी स्कूटी-लेपटॉप नहीं दिया मोहन यादव ने सवाल किया कि, ”कांग्रेस जवाब दे क्या उन्होंने अपने समय में कभी स्टूडेंट्स को यूनिफॉर्म दी? क्या उन्होंने कभी आने-जाने के लिए साइकिल दी? क्या उन्होंने कभी टॉप करने वाले स्टूडेंट्स को स्कूटर या लैपटॉप दिए? कांग्रेस ने स्टूडेंट्स और युवाओं को बढ़ावा देने या सपोर्ट करने के लिए कभी ऐसी कोई स्कीम लागू नहीं की.” उन्होंने कहा, ”जंतर मंतर पर युवाओं की आड़ में मायाजाल को फैलाने का काम करने का जवाब दिल्ली के युवाओं ने विद्यार्थी परिषद की जीत में दिया है. विजयवर्गीय बोले- राहुल गांधी फैला रहे ‘झूठ की गूंज’ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विश्राम भवन पर प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, ”राहुल गांधी ने इंदौर में ‘झूठ की गूंज’ फैलाने की कोशिश की है. इसके पहले दिल्ली और पंजाब भी गए थे. एक कहावत है ‘जहां जहां पैर पड़े संतन के वहां बंटा ढाल’. पंजाब में गए तो पंजाब में यूनिवर्सिटी के चुनाव में कांग्रेस का सफाया हो गया. फिर दिल्ली आए दिल्ली में झूठ की गूंज का बड़ा दावा किया था. 7 से 8 लाख रजिस्ट्रेशन हो गए और वहां पर उन्होंने बडी युवा शक्ति की सभा ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव के परिणाम आए हैं. सूपड़ा साफ हो गया, NSUI का एक भी सीट नही मिली है.” देश के युवाओं ने कांग्रेस को नकारा कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ”दिल्ली विश्वविद्यालय के चुनाव दिल्ली के नहीं होते बल्कि पूरे देश के विद्यार्थीयों के होते हैं. पूरे देश के छात्र वहां पढ़ते हैं. दिल्ली के चुनाव का परिणाम मूड ऑफ कंट्री है, मतलब देश के युवा शक्ति का मूड क्या है इस चुनाव परिणाम से साफ दिखाई देता है. इसलिए यह झूठ की गूंज के माध्यम से युवाओं को भड़काने का काम कांग्रेस पार्टी और वामपंथी कर रहे हैं. देश की युवा शक्ति ने उनको नकार दिया है और सिर्फ दिल्ली में नहीं मैं फिर इसको रिपीट कर रहा हूं. पंजाब में भी नकार, राजस्थान में नकार, राजस्थान की लोकल बॉडीज के चुनाव में नकार और इसलिए अब यह झूठ की गूंज ज्यादा चलने वाली नहीं है.” ’12 हजार क्षमता का था पंडाल, दावा लाख लोगों का’ कैलाश विजयवर्गीय ने लाखों की भीड़ के दावे और मंच की क्षमता पर Gen z को लेकर कहा, ”उस पंडाल का साइज आप पता लगाएंगे तो उस पंडाल में 12 हज़ार की संख्या आ सकती और उनका दावा था 1 लाख लोगों का. शहडोल, सतना सब दूर से आए तब जाकर इतनी भीड़ हुई.” उन्होंने कहा, ”मध्य प्रदेश की युवा शक्ति सिर्फ मोदी जी के साथ है. दिल्ली ने भी बता दिया है आने वाले समय में मध्य प्रदेश भी बताएगा.” recent visitors 18

MP के मंत्री लखन पटेल का वापस लिया गया प्रभार, क्या हैं इसके मायने; समझें

MP Minister Lakhan Patel stripped of his portfolio; understand the implications. मध्य प्रदेश के मंत्री लखन पटेल का प्रभार वापस ले लिया गया है। पशुपालन और डेयरी विकास विभाग अब मोहन यादव ने अपने पास रख लिया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व समीक्षा करेगा, और बदलाव की भोपाल ! मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में अचानक बदलाव किया गया है। देर रात राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन और डेयरी विकास विभाग का प्रभार वापस ले लिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात लखन पटेल का प्रभार वापस लिया गया और उसके तुरंत बाद गज नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया। अब पशुपालन और डेयरी विकास विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास रख लिया है। अब संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही मध्य प्रदेश कैबिनेट में बदलाव हो सकता है। क्या बोले लखन पटेल इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद लखन पटेल का बयान सामने आया है। पटेल ने कहा कि किसी मंत्री को विभाग सौंपना या उससे विभाग वापस लेना मुख्यमंत्री का अधिकार है। इस तरह अब मध्य प्रदेश कैबिनेट में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इस मामले के ठीक पहले मध्य प्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंटरव्यू में कहा था कि सरकार और पार्टी ने हर मंत्री के राजनीतिक प्रभाव, उसके कामकाज के क्षेत्र और विभागीय प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद उसकी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। हालांकि, इस मामले को भाजपा प्रशासनिक फैसला बता सकती है, लेकिन विभाग वापस लेने के समय से साफ हो गया है कि यह मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद लिए गए फैसले का नतीजा है। मंत्रिमंडल में कब होगा बदलाव बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से जब पूछा गया कि क्या एमपी कैबिनेट में बदलाव की संभावना है। इसका जवाब देते हुए खंडेलवाल ने किसी तरह के बदलाव से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब बदलाव जरूरी होंगे, सही समय पर किया जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल बदलाव की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व जब फैसला करेगा, तभी मंत्रिमंडल में बदलाव किए जाएंगे। इस मामले पर बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मंत्रियों की समीक्षा पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दिल्ली भी पहुंच चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि पटेल से विभाग वापस लेने वाले फैसले को कैबिनेट में बड़े फेरबदल के पहले बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मामले पर जब खंडेलवाल से पूछा गया कि क्या कोई मंत्री उम्मदी के मुताबिक काम नहीं कर रहा है. तो उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने साफ किया कि पार्टी संगठन के पास मंत्रियों के कामकाज की पूरी जानकारी है उन्होंने कहा कि पार्टी को मंत्रियों के कामकाज ओर उनके व्यवहार के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को जानकारी मिलती रहती है। recent visitors 33

खाली खजाना, भारी वादे— कर्ज के सहारे चल रही मोहन सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया

Empty coffers, big promises—the debt-ridden Mohan government has taken a new loan of ₹1,800 crore. भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार की वित्तीय सेहत को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। मंगलवार को राज्य सरकार ने 1800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इस बार कर्ज लेने की प्रक्रिया पिछले साल के मुकाबले एक महीने पहले ही शुरू कर दी गई है। इसके पीछे की मुख्य वजह केंद्र से मिलने वाले टैक्स के हिस्से में हुई कटौती और आरबीआई के नए नियम हैं, जिसने सरकार को शुरुआती महीनों में ही बाजार से पैसा उठाने पर मजबूर कर दिया है। बजट से ज्यादा हुआ कर्जमध्य प्रदेश का चालू वित्त वर्ष (2026-27) का बजट करीब ₹4,38,317 करोड़ का है, लेकिन राज्य पर कुल सार्वजनिक कर्ज अब ₹5,20,000 करोड़ के पार निकल गया है। यानी सरकार की कुल कमाई और खर्च के बजट से भी करीब 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा का कर्ज प्रदेश पर लदा हुआ है। 2007 में जो कर्ज महज ₹52,731 करोड़ था, वह पिछले 20 सालों में 10 गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। क्या है कर्ज बढ़ने की वजहकेंद्र की कटौती और लाडली बहना का बोझ राज्य की आर्थिक कमर टूटने के पीछे दो बड़े कारण हैं। एक तो केंद्र सरकार ने राज्यों की टैक्स हिस्सेदारी को 7.850% से घटाकर 7.347% कर दिया है। महज 0.5% की यह गिरावट मध्य प्रदेश को हर साल ₹8000 करोड़ का चपत लगाएगी। दूसरी ओर सरकार की लाडली बहना फ्लैगशिप योजना के तहत 1.25 करोड़ महिलाओं को हर महीने ₹1500 दिए जाते हैं। इस अकेले मद में सरकार को हर महीने ₹1,836 करोड़ का नकद भुगतान करना पड़ रहा है। आखिर इतनी जल्दी कर्ज क्यों?सरकार ने इस बार अप्रैल में ही कर्ज लेना क्यों शुरू किया? इसके पीछे आरबीआई की एक नई नीति है। अब राज्यों की अनयूटिलाइज्ड लोन लिमिट अगले साल के लिए फॉरवर्ड नहीं होगी। अगर सरकार इस साल की ₹85,000 करोड़ की लिमिट का उपयोग नहीं करती, तो वह पैसा लैप्स हो जाता। इसलिए, विकास कार्यों और योजनाओं को जारी रखने के लिए सरकार ने शुरुआत में ही कर्ज उठाना बेहतर समझा। recent visitors 172

IAS वर्मा के समर्थन में जंग छेड़ने का ऐलान, बोले… छेड़ा है तो छोड़ेंगे नहीं, परिणाम भुगतने ही होंगे

He announced a war in support of IAS Verma. भोपाल। अजाक्स के प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विरुद्ध की गई कार्यवाही से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के संयुक्त सामाजिक संगठनों में सरकार के खिलाफ दिनोंदिन नाराजगी बढ़ती जा रही है। सभी जिलों से आवाज उठने की खबरें लगातार आ रही हैं। संगठनों का आरोप है कि यह कार्रवाई सरकार की संकुचित मानसिकता का परिणाम है। सरकार वंचित वर्ग के ईमानदार अधिकारियों को निशाना बना रही है। लोगों का कहना है कि संतोष वर्मा को बदनाम करने की साजिश आदिवासी समाज का अपमान है, जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ऑफिस तक निकला मार्च 13 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन किया गया। भोपाल में भी बड़ी संख्या में एससी-एसटी और ओबीसी के लोग सड़कों पर उतरे और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपना विरोध दर्ज कराया। पदाधिकारियों का कहना है कि… “छेड़ा है तो छोड़ेंगे नहीं”। ईट का जवाब पत्थर से देंगे। एससी/एसटी/ओबीसी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी लोकेश मुजल्दा, महेंद्र लोदी और प्रियंका जाटव का कहना है कि यह कार्यवाही न केवल एक ईमानदार आदिवासी अधिकारी की गरिमा पर आघात है, बल्कि संविधान की मूल आत्मा- ‘समता, बंधुता और सामाजिक न्याय’ के विरुद्ध है। आईएएस वर्मा सच्चे लोकसेवक और समाजसुधारक 23 नवंबर को अजाक्स अधिवेशन में आईएएस संतोष वर्मा ने सामाजिक समरसता, जाति व्यवस्था खत्म करने, रोटी-बेटी संबंध बनाने, हिंदू एकता और संविधान सर्वोपरि रखने की बात की थी। 27 मिनट के इस भाषण में से समाज विरोधी तत्वों ने 7 सेकंड की तोड़-मरोड़कर कट वीडियो बनाई और उसे प्रसारित किया। जिसके बाद तथाकथित सामाजिक संघटनों ने इस वक्तव्य को अपनी असिमता से जोड़ा और विरोध जताने लगे। जिसके दबाव में सरकार ने आईएएस वर्मा को बिना वीडियो के मूल भाव को समझे नोटिस थमा दिया, जो गलत है। आरक्षित वर्ग के संगठनों ने कहा कि “यह कार्यवाही संविधान, न्याय और आदिवासी सम्मान पर सीधा हमला है।” सयुंक्त मोर्चा के अनुसार आईएएस वर्मा ने संबोधन में जातिवाद उन्मूलन, मानवता की सर्वोच्चता, संविधान की प्रधानता तथा यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पद पर पहुँचने के बावजूद सामाजिक भेदभाव स्वतः समाप्त नहीं होता है।मोर्चा का आरोप है कि कुछ षड़यंत्रकारियों ने आईएएस वर्मा का 7 सेकंड की वीडियो क्लिप प्रचारित किया, जिससे समाज में भ्रम और वैमनस्यता फैली। इसके लिए प्रचारित करने वाले ही जिम्मेदार हैं। वर्मा पर एकपक्षीय कार्यवाही से एससी-एसटी वर्ग में बड़ा आक्रोश सयुंक्त मोर्चा ने कहा कि इस प्रकार का दुष्प्रचार लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए घातक है। आईएएस वर्मा पर एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जाँच बैठा दी गई है। यह कार्यवाही समाज विशेष द्वारा फैलायी गई भ्रामक जानकारी के दबाव में की गई है। जो आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास है। यह कार्यवाही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(4), 16(4), 21, 38(2) एवं 46 की भावना के विपरीत है। यह अनुच्छेद समानता और वंचित वर्गों के संरक्षण की गारंटी देता है। जयस समेत अन्य संगठनों ने दी चेतावनी… 18 जनवरी को भोपाल में 5 लाख लोगों का जंगी प्रदर्शनअजाक्स, जयस समेत अन्य संगठनों ने ऐलान किया है कि 18 जनवरी 2026 को भोपाल में प्रदेश के सभी जिलों से 5 लाख से अधिक लोग जुटेंगे। इस जंगी आंदोलन में एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों और सामाजिक लोगों पर हो रहे दमनकारी जुल्म तथा वर्मा पर की गई कार्यवाही का विरोध जताएँगे। इसी दौरान सभी लोग संविधान की शपथ भी लेंगे। लोगों का कहना है कि अब किसी भी SC/ST/OBC अधिकारी पर अन्याय सहन नहीं करेंगे।” एससी/एसटी/ओबीसी संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश के मुख्य पदाधिकारी लोकेश मुजल्दा, महेंद्र लोदी और प्रियंका जाटव ने चेतावनी दी है कि “आरक्षित वर्ग के अधिकारियों पर की जा रही प्रताड़ना तुरंत बंद करना होगी। नहीं तो मोहन सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे। आरक्षित वर्गों की लगातार हो रही उपेक्षा, मांगों पर तत्काल एक्शन ले सरकार recent visitors 284

सीएम मोहन का पुलिस अधिकारीयों को सख्त निर्देश, पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से जल्द बाहर करें; कहा- इस काम में लापरवाही न हों

CM’s strict instructions to police officers to expel Pakistani citizens from the state as soon as possible; said – there should be no negligence in this work भोपाल, सुशील दामले। पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के केंद्र सरकार के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार एक्शन में आ गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पाकिस्तानी वीजाधारक नागरिकों को पहचान कर कार्रवाई की जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा- लंबी अवधि के वीजा, राजनयिक वीजा और आधिकारिक वीजाधारकों के अतिरिक्त सभी पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से बाहर करने की कार्रवाई अभियान चलाकर करें। ऐसे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को प्रदेश से बाहर करने में लापरवाही न की जाए। सीएम डॉ. यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए गृह मंत्रालय से जारी निर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम के निर्देश-शिक्षण संस्थाओं पर नजर रखें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में शिक्षण संस्थाओं पर नजर रखी जाए। उन्होंने भोपाल में कुछ युवकों द्वारा स्कूल, कॉलेज की छात्राओं से दुर्व्यवहार और अपराध से संबंधित खबरों पर चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण परिसरों या इनके नजदीक कोई भी अवैधानिक गतिविधियां न हों इस पर लगातार नजर रखी जाए। आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। दोषियों को बिल्कुल न छोड़ें। जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को सुरक्षा दी जाए सीएम ने ये भी कहा कि मध्यप्रदेश में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को पहचान कर उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, किसी भी स्थिति में प्रदेश में शांति और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं हो। केंद्र सरकार ने दिए हैं ये निर्देश बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने 27 अप्रैल से सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने का फैसला लिया है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की थी। उन्होंने निर्देश दिया कि 27 अप्रैल की समय सीमा के बाद कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत में न रहे। शाह ने निर्देश दिए कि सभी राज्य अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करके उन्हें समय सीमा के भीतर देश छोड़ने को कह दें। यदि कोई तय समय के बाद भी भारत में पाया जाता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। राज्यों को ये भी कहा गया है कि वे इस प्रक्रिया की निगरानी करें और रिपोर्ट केंद्र को भेजें। recent visitors 90

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

All seats of Global Skill Park should be filled: Chief Minister Dr. Yadav भोपाल ! Global Skill Park should मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहाँ की सभी सीटें भरना सुनिश्चित किया जाएं। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगारपरक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन व्यापक स्तर पर किया जाए। प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यमान औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। Global Skill Park should Read more: बुक्स और यूनिफॉर्म के लिए स्कूलों ने डर दिखाया तो प्रशासन का डंडा पड़ेगा, आपकी एक कॉल पर दौड़ी आएगी कलेक्टर की टीम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति के प्रति असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगारपरक कार्यक्रमों के लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित कर परिणाममूलक गतिविधियां संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन और जापानी भाषाओं में दक्ष व्यक्तियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन भी भाषाओं में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावना है, उनके प्रशिक्षण की प्रदेश में उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों को जोड़ते हुए युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। बैठक में कौशल विकास नीति, रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास के विलय, स्थानीय एवं परम्परागत पद्धतियों की पहचान के लिए आरंभ श्रुति कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। recent visitors 89

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश recent visitors 100