कूनो में दीपावली तक गूंजेगी चीता शावकों की किलकारी, नेशनल पार्क से आई खुशखबरी

श्योपुर  श्योपुर कूनो नेशनल पार्क से एक रोमांचक खबर आ रही है। बाड़े में एक मादा चीता प्रेग्नेंट है! यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सोशल मीडिया पेज पर की गई है। पार्क से जल्द ही और अच्छी खबरें आ सकती हैं। कूनो में वर्तमान में 12 शावकों सहित 24 चीते हैं। दक्षिण अफ्रीका से लाए गए वीरा, जो लगभग 5 वर्ष का है और नर चीता पवन के साथ काफी समय बिता चुका है। चिता प्रोजेक्ट के निदेशक उत्तम शर्मा ने कहा कि वीरा के आने वाले दिनों में बच्चे पैदा करने की उम्मीद है। सीएम ने दी खुशखबरी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कूनो में आने वाली हैं खुशियां। देश के 'चीता स्टेट' मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में जल्द ही मादा चीता नए शावकों को जन्म देने वाली है। यह खबर 'चीता प्रोजेक्ट' की बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू किया गया ये प्रोजेक्ट पारिस्थितिक संतुलन को निरन्तर बेहतर बनाने वाला सिद्ध हो रहा है। शहर के करीब पहुंच गई थी वीरा बता दें कि मई में वीरा कूनो की सीमाओं से बाहर निकल गई थी। मुरैना के जौरा और पहाड़गढ़ होते हुए ग्वालियर के बागवाला गांव में पहुंच गई थी। यह पहली बार था जब वह किसी शहर के इतने करीब पहुंची थी। पार्क के बाहर उसने बकरियों के झुंड पर हमला किया, जिसमें एक चरवाहे के सामने तीन बकरियों को मार डाला। वन्यजीव अधिकारियों ने उसकी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी और उसे सफलतापूर्वक कूनो नेशनल पार्क में वापस ले आए। 6 बकरियों का किया था शिकार वीरा और एक अन्य चीता पवन, दोनों पार्क के बाहर घूमते देखे गए हैं। पवन को हाल ही में राजस्थान के करोली से वापस लाया गया था। इस साल की शुरुआत में अप्रैल में वीरा को मुरैना के जौरा, पहाड़गढ़ और कैलारस इलाकों में घूमने के बाद बचाया गया था। बाहर रहने के दौरान उसने एक नीलगाय का शिकार किया और लगभग छह बकरियों का शिकार किया। वीरा चीता गर्भवती बता दें, इस समय कूनो नेशनल पार्क में 12 वयस्क और 12 चीता शावक हैं। अगस्त महीने में प्रजनन के लिए मादा चीता वीरा के साथ बाड़े में एक नर चीता को रखा गया था। हालांकि उसका नाम स्पष्ट नहीं किया गया है। अब वीरा में गर्भ के पूरे लक्षण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। पार्क में अभी तक वीरा, निर्भा और धीरा तीन मादा चीता ऐसी हैं जो अब तक मां नहीं बनी हैं। आशा और ज्वाला बन चुकी हैं मां आशा और ज्वाला शावकों को जन्म दे चुकी हैं। ज्वाला ने तो जनवरी, 2024 में दूसरी बार शावकों को जन्म दिया था। डीएफओ थिरूकुराल आर का कहना है कि कूनो पार्क में एक मादा चीता जल्द ही मां बनने वाली है। गाइडलाइन के अनुसार हम मादा चीता का नाम स्पष्ट नहीं कर सकते। चीता प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी पर जवाब तलब नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथाेरिटी, भारत सरकार ने वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की शिकायत पर मप्र सरकार वन विभाग से चीता प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी पर जवाब तलब किया है। कूनो नेशनल पार्क में हुई चीतों की मौत और चीता प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी के विषय को लेकर वन्य जीव जंतु एवं पर्यावरण प्रेमियों ने 7 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट का घेराव कर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव व मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नाम ज्ञापन भी दिया गया था। वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट की शिकायत पर पांच बिंदुओं पर जांच शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में चीता प्रोजेक्ट के नियमों का उलंघन कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ और सिंह परियोजना के डायरेक्टर उत्तम शर्मा पर लगाया था। एमपी के लिए मील का पत्थर वन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वह अब सुरक्षित रूप से कूनो नेशनल पार्क में वापस आ गई है, जहां उसकी गर्भावस्था चीता आबादी के लिए नई आशा लेकर आई है। नए शावकों के आगमन की प्रत्याशा के साथ, यह खबर मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67

देश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में अब चीते खुलकर जिएंगे, दो-दो की संख्या में नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा

शिवपुरी देश में चीतों की धरती कूनो नेशनल पार्क में अब चीते खुलकर जिएंगे। उन्हें बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़े जाने की स्वीकृति चीता स्टीयरिंग (संचालन) कमेटी से मिल गई है। दो-दो की संख्या में चीतों को छोड़ा जाएगा। इसके बाद स्थिति को देखते हुए अन्य चीतों और शावकों को भी खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। चीतों को छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि चीते समीपस्थ राज्यों में भी स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे। इनके भोजन, सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित राज्य के वन मंडल की होगी। इस आशय का निर्णय पिछले दिनों कूनो नेशनल पार्क में मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के 22 वन मंडलाधिकारियों की कार्यशाला में लिया गया। 12 वयस्क और 12 चीता शावक बता दें, कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 12 वयस्क और 12 चीता शावक हैं। सभी को बड़े बाड़े में रखा गया है। भारत में पहली बार चीते 17 सितंबर, 2022 को लाए गए थे। 11 मार्च, 2023 को पहली बार चीता पवन व आशा को खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके कुछ ही दिन बाद चीता गौरव (एल्टन) और शौर्य (फ्रेडी) को छोड़ा गया था। राजस्थान और यूपी की सीमा तक पहुंच गए थे चीते कूनो से राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा नजदीक है। जब चीतों को खुले जंगल में छोड़ा गया था तब कुछ कूनो से बाहर निकलकर नजदीकी जिले मुरैना, शिवपुरी के अलावा उत्तर प्रदेश के झांसी-ललितपुर, राजस्थान के करौली व बारां तक पहुंच गए थे। बारिश के दौरान रेडियो कालर की बेल्ट की वजह से गर्दन में संक्रमण के बाद एक चीते की मौत हो गई तो सभी चीतों को कूनो लाकर बड़े बाड़े में रखा गया। यहां शावकों का जन्म भी हुआ। चीतों को वापस नहीं लाया जाएगा अब खुले जंगल में चीतों को दोबारा छोड़ने के निर्णय के साथ यह भी तय किया गया है कि उन्हें वापस नहीं लाया जाएगा। संबंधित वन मंडल उनकी निगरानी करेगा। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार चीता प्राकृतिक रहवास वाला प्राणी है इसलिए इनके स्वच्छंद विचरण में बाधा नहीं होनी चाहिए। इस बीच, कूनो में चीता सफारी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। वाहनों को तैयार किया जा रहा है। टूरिस्ट गाइडों की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। एक चीते को चाहिए होता है 100 वर्ग किमी का क्षेत्र वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार एक चीते के लिए करीब 100 वर्ग किमी क्षेत्र की जरूरत होती है। कूनो के जंगल का क्षेत्र करीब 1200 वर्ग किमी है। इसमें 748 वर्ग किमी मुख्य जोन में और 487 किमी बफर जोन में है। कूनो में शावकों सहित 24 चीते हैं इस लिहाज से कूनो के जंगल का क्षेत्र चीतों के लिए कम ही होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 140