Chirag Paswan Ujjain के Mahakaleshwar ज्योतिर्लिंग मंदिर में ‘भस्म आरती’ में हुए शामिल

 उज्जैन उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पूरे परिवार और सहयोगियों के साथ भस्म आरती में शामिल हुए. महाकाल के दरबार में दर्शन करने के बाद चिराग ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि श्री महाकाल ने उन्हें बहुत कुछ दिया है. उन्होंने कहा, 'एक समय ऐसा था जब शायद मुझसे सब कुछ छिन गया था, लेकिन बाबा का आशीर्वाद रहा कि आज मैं यहां तक पहुंचा हूं'. परिवार संग पहुंचे महाकाल मंदिर : चिराग पासवान इस दौरान अपने पूरे परिवार के साथ मंदिर पहुंचे. उन्होंने बताया कि उनके साथ उनकी मां, बहन, जीजा, भांजे-भांजियां, करीबी सहयोगी और रिश्तेदार भी उपस्थित थे. महाकाल के समक्ष शीश झुकाते हुए उन्होंने भगवान शिव को धन्यवाद दिया और उनका आशीर्वाद लिया. महाकाल के आशीर्वाद से संकल्प : भस्म आरती के बाद चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे एक विशेष संकल्प लेकर जा रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कहा,'प्रधानमंत्री जी ने देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए हम सभी प्रयासरत हैं. बाबा महाकाल के आशीर्वाद से हम इस संकल्प को साकार करेंगे'. महाकाल मंदिर में चिराग पासवान के भक्तिभाव में नजर आए. श्रद्धालुओं के साथ उन्होंने भी मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना की. महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए चिराग ने भगवान शिव का आभार जताया और देश की प्रगति के लिए उनका आशीर्वाद मांगा. recent visitors 45

शहनाज अख्तर ने किए बाबा महाकाल के दर्शन, दान किये 2 लाख 1 हजार रुपए

 उज्जैन  ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में प्रसिद्ध गायिका शहनाज अख्तर ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर प्रबंध समिति को दो लाख एक हजार रुपये की राशि भेंट की। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से गायिका का सम्मान किया गया। दर्शन के उपरांत मीडिया से चर्चा करते हुए शहनाज ने कहा कि वें और उनका परिवार बीते पांच सालों से लगातार भगवान महाकाल के दर्शन करने मंदिर आते हैं। इस दरबार ने उन्हें क्या कुछ नहीं दिया, आज वें जो भी हैं भगवान महाकाल की कृपा से हैं। शहनाज अख्तर का भगवान महाकाल पर गाया गया भजन ‘तकदीर मुझे ले चल महाकाल की बस्ती में’ काफी प्रसिद्ध हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किए महाकाल दर्शन इसी तरह, मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने नंदी मंडपम से भगवान महाकाल को शीश नवाया। मंदिर समिति की ओर से उप प्रशासक डिप्टी कलेक्टर सिम्मी यादव ने शाल व भगवान महाकाल की लड्डू प्रसादी भेंट कर सम्मानित किया। बता दें नीरज मंडलोई पूर्व में उज्जैन कलेक्टर रह चुके हैं। रविवार को वे लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक लेने उज्जैन आए थे। महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह निकलेगा रंगपंचमी पर 19 मार्च को श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह निकाला जाएगा। मंदिर के पुजारी, पुरोहित परिवार द्वारा आयोजन को लेकर भव्य तैयारी की जा रही है। बताया जाता है इस बार भी कार्यक्रम में लोक संस्कृति के रंग नजर आएंगे। सिंहपुरी, कार्तिकचौक व भागसीपुरा से भी गेर चल समारोह निकलेंगे। गेर शौर्य का प्रतीक है, इसमें ब्राह्मण समाजजन ध्वज, निशान के साथ शौर्य का प्रदर्शन करने हुए निकलते हैं। बैंड, बाजे, अखाड़े तथा धार्मिक पृष्ठभूमि पर बनाई गई विद्युत रोशनी से जगमग झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहती हैं। recent visitors 190

महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं के जनसैलाब में कमी, कड़ी सुरक्षा और खास इंतजाम, 4.52 लाख भक्त ही पहुंचे

उज्जैन महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा कम समय में दर्शन हो, इसलिए चाक-चौबंद व्यवस्थाए की गईं। प्रातः चलित भस्मार्ती में लगभग 20 हजार दर्शनार्थियों ने दर्शन किए। बुधवार रात 10 बजे तक भक्तों का आंकड़ा 4 लाख से अधिक हो गया था। देर रात तक दर्शनार्थियों के आने का सिलसिला जारी था। महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन हेतु पट गुरुवार 27 फरवरी की शयन आरती तक खुले रहेंगे।महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 4.52 लाख ही रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में 2.83 लाख कम है। दो सालों की बात करें तो हर बार महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या घटती जा रही है। रंगोली से अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया श्री महाकालेश्वर मंदिर में इंदौर के केशव शर्मा और ग्रुप द्वारा मंदिर प्रांगण के शिखर दर्शन पर रंगोली से श्री महाकालेश्वर भगवान अर्धनारीश्वर स्वरूप बनाया गया। इसका मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अवलोकन किया व उनके कार्य की सराहना की। गर्म मीठे दूध का भोग लगाया बुधवार शाम को बाबा महाकाल को होलकर व सिंधिया स्टेट की ओर से पूजन व सायं पंचामृत पूजन के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर को नित्य संध्या आरती के समय गर्म मीठे दूध का भोग लगाया गया। रात्रि में कोटितीर्थ कुंड के तट पर विराजित श्री कोटेश्वर महादेव का पूजन, सप्तधान्य अर्पण, पुष्प मुकुट श्रृंगार (सेहरा) के उपरांत आरती की गई। भीड़ की कमी के लिए ये दो बड़े तर्क माने जा रहे 1. उत्तरप्रदेश में आयोजित कुंभ में महाशिवरात्रि पर्व पर अंतिम स्नान पर्व के चलते भीड़ वहां के लिए भी डायवर्ट हुई, जिसका असर यहां रहा। 2. सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर ही रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन रखा, यहां भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु जाना बताए, इसके चलते भी उज्जैन कम श्रद्धालु पहुंचे। (जैसा कि मंदिर के आईटी सेल प्रभारी गिरीश तिवारी ने तर्क दिया।) वाहन पार्किंग भी कई जगह खाली ट्रैफिक पुलिस को हर बार 10 से ज्यादा पार्किंग स्थान पर इंतजाम करना होते हैं और वह भी कम पड़ जाते हैं। इस बार अधिकांश पार्किंग खाली रही। सिर्फ हरिफाटक व कर्कराज पार्किंग भरी लेकिन वे भी पूरी तरह से फुल नहीं हो पा रही थी। कर्कराज पार्किंग की क्षमता 800 से 900 वाहनों की है लेकिन यहां 500 से 600 वाहन के लगभग ही भरते रहे। ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि ये सही है कि कई पार्किंग खाली रही। ये दो कारण भी कम श्रद्धालु आने के 1. दर्शन के लिए नृसिंह घाट मार्ग से लंबे जिगजैग का सफर तय करना पड़ा है। करीब दो से ढाई किलोमीटर श्रद्धालु भीड़ में चलने से परेशान हो जाते हैं, खासकर महिलाएं व बच्चे। भीड़ कम हाेने के बावजूद भी बेवजह होल्डअप में लाेगाें काे लंबा चक्कर लगवाया। 2. वीआईपी से कई बार आपाधापी मची। आम लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। वे जद्दोजहद के बाद भगवान की झलक पाने पहुंचते हैं तो कर्मचारी धकेल देते हैं। वीआईपी के लिए गर्भगृह की देहरी से दर्शन महाशिवरात्रि पर गर्भगृह की देहरी से वीआईपी के दर्शन कराए जा रहे थे। आम जनता धक्के खा रही थी। वीआईपी के साथ 10-12 लोग गर्भगृह की देहरी के सामने खड़े हो रहे थे। इससे बैरिकेड्स से दर्शन करने वालों को दर्शन में परेशानी आ रही थी। इससे श्रद्धालुओं ने गुस्सा जाहिर किया। वीआईपी के अलावा पंडे-पुजारी भी खड़े हो रहे, इससे श्रद्धालुओं को महाकाल की एक झलक पाना मुश्किल रहा । शाम को एक वीआईपी करीब पांच मिनट तक गर्भगृह की देहरी पर भीड़ के साथ खड़े रहे। नंदी हॉल प्रभारी ने उन्हें हटाया। रात भर चलेगा महाभिषेक होगा पूजन अर्चन रात्रि 11 बजे से संपूर्ण रात्रि को श्री महाकालेश्वर का महाभिषेक व पूजन चलेगा। अभिषेक उपरांत भगवान को नवीन वस्त्र धारण कराए जाकर सप्तधान्य का मुखारविंद धारण कराया जाएगा। इसके बाद सप्तधान्य अर्पित किया जाएगा, जिसमें चावल, खडा मूंग, तिल, मसूर, गेहूं, जव, साल, खड़ा उडद सम्मिलित रहेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर का श्रृंगार कर पुष्प मुकुट (सेहरा) बांधा जाएगा। भगवान श्री महाकालेश्वर को चंद्र मुकुट, छत्र, त्रिपुंड व अन्य आभूषणों से श्रृंगारित किया जाएगा। भगवान पर न्योछावर नेग स्वरूप चांदी का सिक्का व बिल्वपत्र अर्पित की जाएगी। श्री महाकालेश्वर भगवान की सेहरा आरती की जाएगी व भगवान को विभिन्न मिष्ठान्न, फल, पञ्च मेवा आदि का भोग अर्पित किए जाएंगे। लगभग प्रात 6 बजे सेहरा आरती होगी। शिव धारण करेंगे सवा मन का पुष्प मुकुट श्री महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष में एक ही बार भगवान महाकाल को सवा मन का पुष्प मुकुट धारण कराया जाता है और साथ ही महाशिवरात्रि पर्व पर लगातार भगवान शिव के दर्शन दर्शनार्थियों के लिए 44 घंटे गर्भगृह के पट खुले रहते हैं। महाशिवरात्रि पर एक ऐसा अवसर आता है जिस पर श्री महाकालेश्वर भगवान के पट मंगल नहीं होते हैं। इस पर्व पर भगवान महाकाल सवा मन का फूलों से सजा मुकुट (सेहरा) धारण करते हैं। कल 12 बजे भस्मार्ती, 44 घंटे बाद बंद होंगे पट सेहरा दर्शन के उपरांत वर्ष में एक बार दिन में 12 बजे होने वाली भस्मार्ती होगी। भस्मार्ती के बाद भोग आरती होगी व शिवनवरात्रि का पारणा किया जाएगा। 27 फरवरी को सायं पूजन, सायं आरती व शयन आरती के बाद भगवान श्री महाकालेश्वर जी के पट मंगल होंगे। recent visitors 48

मुख्यमंत्री महाकाल स्टेडियम का 15 फरवरी को लोकार्पण करेंगे, नए पुल के बीच में 19 मीटर चौड़ी जगह बनाई गई

उज्जैन बाबा महाकाल के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 15 फरवरी से महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए एक और नया प्रवेश द्वार खुलने जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रुद्रसागर पर बनाए नए ब्रिज का लोकार्पण करेंगे. इसका निर्माण 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. इस ब्रिज के खुलने से श्रद्धालु शक्ति पथ से सीधे महाकाल मंदिर तक पहुंच सकेंगे, जिससे चारधाम मंदिर से आने वाले दर्शनार्थियों की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर कम हो जाएगी. रुद्रसागर पर बना 200 मीटर लंबा ब्रिज उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी ने मई 2022 में इस ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया था. यह ब्रिज 200 मीटर लंबा और 7 मीटर चौड़ा है, जबकि मध्य में 19 मीटर चौड़ी जगह छोड़ी गई है. पहले इस ब्रिज को 2023 के अंत तक पूरा करने की योजना थी, लेकिन निर्माण में करीब डेढ़ साल की देरी हुई. अब यह पूरी तरह तैयार है और जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा. ब्रिज से मिलेगा लाइट एंड साउंड शो का आनंद इस नए ब्रिज पर खड़े होकर भक्त जल्द ही शुरू होने वाले लेजर लाइट एंड साउंड शो का आनंद ले सकेंगे. 500 से अधिक श्रद्धालु एक साथ खड़े होकर भगवान शिव के प्राकट्य और उज्जयिनी की गौरवशाली गाथा को देख और सुन सकेंगे. वर्तमान में महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए छह रास्ते हैं. इस ब्रिज के खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं को सातवां मार्ग मिल जाएगा, जिससे भीड़ नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी. मुख्यमंत्री नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान पर 4 करोड़ 43 लाख रुपये से बनाए राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम, मोती नगर में चार करोड़ 33 लाख के श्रीकृष्ण आश्रय सभा मंडप और त्रिवेणी शनि मंदिर के समीप बनाए हाल का लोकार्पण भी करेंगे। महाशिवरात्रि पर ब्रिज रहेगा बंद लोकार्पण के बाद यह मार्ग भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा, हालांकि 27 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर इसे बंद रखा जाएगा. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के अनुसार महाशिवरात्रि पर भीड़ के कारण इस ब्रिज को बंद रखा जाएगा. लोकार्पण के बाद शुरू हो जाएगी आवाजाही इसके पहले मुख्यमंत्री सरपंचों से चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी में बुधवार को प्रशासनिक अमला लगा नजर आया। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोकार्पण के बाद पैदल पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। मंदिर पहुंचने का नौवां रास्ता तैयार श्रद्धालु, शक्ति पथ पर पिनाकी द्वार से आगे माधवगंज स्कूल के सामने रुद्रसागर पर बनाए पुल के रास्ते महाकाल महालोक में मानसरोवर भवन के सामने पहुंचकर महाकाल मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। पुल बनने से मंदिर पहुंच के लिए नौवां रास्ता तैयार हो गया है। पुल 200 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा है। पुल के मध्य 19 मीटर चौड़ी जगह है, जहां कुछ देर खड़े रहकर श्रद्धालु रुद्रसागर और आसपास की खूबसूरती निहार सकेंगे। यहीं से महाकाल मंदिर के शिखर के दर्शन भी कर सकेंगे। recent visitors 48

उज्जैन महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारी शुरू, 10 दिन तक मनमोहक रूपों में दर्शन देंगे बाबा

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में 17 फरवरी से महाशिवरात्रि महोत्सव की भव्य शुरुआत होगी. ये आयोजन पूरे 10 दिन तक चलेगा. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएंगे. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और इन्हें सुविधाएं देने के लिए महाकालेश्वर मंदिर समिति ने दर्शन व्यवस्था को और सरल-सुविधाजनक बनाने की रणनीति बनाई है. मंदिर समिति का कहना है कि भक्तों को आसानी से भगवान महाकाल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो सके, इसकी तैयारियां की जा रही हैं. श्रद्धालुओं की कहां और कैसे एंट्री व एग्जिट महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने इस बार दो प्रमुख बदलाव किए हैं. सभी प्रवेश द्वारों जैसे त्रिवेणी संग्रहालय, नीलकंठ द्वार और अवंतिका द्वार पर संकेतक लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को सटीक मार्गदर्शन मिल सके. इसके अलावा टनल (सुरंग मार्ग) का पूर्ण क्षमता से उपयोग किया जाएगा, जिससे दर्शन प्रक्रिया में गति आएगी. सामान्य श्रद्धालु चारधाम पार्किंग से प्रवेश करेंगे और शक्ति पथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार, महाकाल लोक, मानसरोवर भवन, फेसिलिटी सेंटर-1 और टनल मार्ग से होते हुए गणेश मंडपम् पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे. दर्शन के बाद श्रद्धालु आपातकालीन निर्गम द्वार से होते हुए हरसिद्धि मंदिर के पास से चारधाम मंदिर लौट सकेंगे. वीआईपी और मीडिया प्रवेश की ऐसी रहेगी व्यवस्था वीआईपी, वीवीआईपी और मीडिया के लिए नीलकंठ द्वार से प्रवेश की व्यवस्था की गई है. इनके वाहन विशेष पार्किंग क्षेत्र में रखे जाएंगे, जहां से वे महाकाल लोक, कंट्रोल रूम, शंख द्वार, निर्माल्य द्वार होते हुए सभा मंडपम् पहुंचेंगे. दर्शन के बाद इसी मार्ग से वापसी होगी. अवंतिका द्वार (गेट नंबर 1) से बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को निःशुल्क दर्शन की सुविधा मिलेगी. महाकाल लोक और हरसिद्धि मंदिर तिराहे पर प्रसाद वितरण केंद्र इसके अलावा महाकाल लोक और हरसिद्धि मंदिर तिराहे पर प्रसाद वितरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे. नीलकंठ द्वार पर आपातकालीन एंबुलेंस तैनात रहेंगी. इसके साथ ही भील समाज धर्मशाला, कलोता समाज धर्मशाला, हरिफाटक ब्रिज के नीचे हाट बाजार और मेघदूत पार्किंग स्थल पर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं को बस के माध्यम से मंदिर तक पहुंचाया जाएगा. दर्शन मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर अस्थायी पूछताछ केंद्र स्थापित किए जाएंगे. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से निरीक्षण किया जाएगा. भीड़ बढ़ने पर दो अलग दर्शन मार्ग तैयार श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर दो अलग दर्शन मार्ग खोले जाएंगे. पहला फेसिलिटी सेंटर-1 से मंदिर परिसर के निर्गम रैंप और नवीन टनल तक और दूसरा, फेसिलिटी सेंटर-1 से सीधे कार्तिकेय मंडपम् तक. महाकाल मंदिर सहायक प्रशासक मूलचंद्र जूनवाल ने बताया "मंदिर समिति और प्रशासन पूरी तरह से तैयार है. श्रद्धालुओं इस पावन पर्व पर भगवान महाकाल के दर्शन का लाभ बिना किसी कठिनाई के हो सकें, इस प्रकार की व्यवस्था बनाई गई है." recent visitors 61

महाकाल मंदिर में लड्डू प्रसाद की कमी के कारण भक्तों को परेशानी, कच्चे माल की कमी के कारण प्रसाद का उत्पादन प्रभावित

 उज्जैन ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में पिछले कुछ दिनों से लड्डू प्रसाद का टोटा बना हुआ है। दिन में कई बार काउंटरों पर प्रसाद उपलब्ध नहीं रहता है। चिंतामन स्थित यूनिट से गाड़ी आने के बाद व्यवस्था सुचारु हो पाती है। बताया जाता है कि कच्चे माल की आपूर्ति नहीं होने से समय पर लड्डू प्रसाद बन नहीं पा रहा है। अब 12 फरवरी को नए टेंडर होने के बाद सप्लाय व्यवस्था सामान्य होगी। महाकाल मंदिर में परिसर तथा महाकाल महालोक के काउंटरों से लड्डू प्रसाद विक्रय किया जाता है। देशभर से महाकाल दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थी बड़े ही श्रद्धाभाव से लड्डू प्रसाद खरीदकर अपने साथ घर ले जाते हैं। महाकाल का लड्डू प्रसाद इतना शुद्ध व स्वादिष्ट है कि देशभर में इसकी बड़ी मांग है। काउंटरों पर किल्लत शुरू हालांकि समय-समय पर मंदिर प्रशासन की खामियों के कारण मांग के अनुरूप पूर्ति नहीं हो पाती है। बीते कुछ दिनों से कच्चे माल की कमी के कारण समय पर पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। इसका असर काउंटरों पर किल्लत के रूप में नजर आता है। काउंटर बंद नहीं करना पड़े इसलिए चिंतामन यूनिट से थोड़ा थोड़ा प्रसाद बनाकर आपूर्ति की जा रही है। टेंडर की ओर ध्यान नहीं दिया बता दें कि मंदिर में बीते एक वर्ष में लगातार प्रशासक बदले जाते रहे। प्रभारी प्रशासक बनकर आए अधिकारियों ने टेंडर की ओर ध्यान नहीं दिया। स्टोर विभाग व लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई प्रभारी के बीच में भी तालमेल की कमी टेंडर प्रक्रिया में देरी का कारण मानी जा रही है। काफी मशक्कत के बाद मंगलवार को टेंडर होंगे। इसके बाद जिस फर्म को ठेका मिलेगा वह सप्लाय की शुरुआत करेगा। इसके बाद पर्याप्त मात्रा में प्रसाद बनेगा। अगर यही स्थित रही तो इस बार महाशिवरात्रि पर प्रसाद की कमी सामने आने वाली है। 40 से 50 क्विंटल लड्डू रोज बनता है यूनिट में चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद युनिट में प्रतिदिन 40 से 50 क्विंटल लड्डू प्रसाद रोज बनाया जाता है। काउंटरों से इतना प्रसाद बिक जाता है। लेकिन इन दिनों कच्चामाल उपलब्ध नहीं होने से पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। टेंडर के बाद व्यवस्था ठीक होगी     समय पर पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध नहीं होने से पूर्ण क्षमता के साथ लड्डू प्रसाद नहीं बन पा रहा है। 12 फरवरी को टेंडर होने के बाद व्यवस्था ठीक हो जाएगी। महाशिवरात्रि पर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रहेगी। महापर्व पर भक्तों को पर्याप्त मात्रा में लड्डू प्रसाद मिलेगा। – अशोक लांडगे, प्रभारी लड्डू प्रसाद यूनिट प्रभारी   recent visitors 56

17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया

उज्जैन उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि के अवसर पर पूजन व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। 17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। यह क्रम नौ दिन रहेगा। महाशिवरात्रि पर्व के दिन रात्रि में महानिशा काल में रात्रि पर्यंत विविध प्रकार से भगवान महाकाल की पूजा होगी। 27 फरवरी को तड़के 4 बजे भगवान को सप्तधान मुखारविंद धारण करवाकर उनके शीश पर सवा मन फल व फूलों से बना मुकुट धारण करवाया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से सेहरा उतारने के बाद वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी। वहीं भस्म आरती के बाद दोपहर में ही भगवान को भोग अर्पित कर आरती होगी। इसी दिन मंदिर के पुजारी-पुरोहितों को मंदिर समिति द्वारा पारणा करवाया जाएगा। कोटितीर्थ कुंड व रुद्रयंत्र की सफाई कार्य शुरू होगा महाशिवरात्रि की तैयारियों के तहत कोटितीर्थ कुंड की विशेष सफाई की जाएगी। कुंड से पानी निकालकर काई हटाई जाएगी और नया जल भरा जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में स्थित चांदी के रुद्र यंत्र, जलाधारी और दरवाजों की सफाई व पॉलिश की जाएगी। शिखर की रंगाई-पुताई के साथ स्वर्ण शिखरों को भी चमकाया जाएगा। पर्व से पूर्व संपूर्ण मंदिर परिसर की विशेष सफाई की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की प्रवेश तथा निर्गम व्यवस्था, भस्मार्ती में श्रद्धालुओं के प्रवेश संबंधी व्यवस्था, पुजारी/पुरोहित/साधु-संतों/मीडिया कर्मियों की प्रवेश व्यवस्था, श्री महाकालेश्वर मंदिर में आगंतुक श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उज्जैन शहर में चारो ओर से आने वाले मार्गो के चयनित स्थानों पर अस्थाई रूप से वाहन पार्किंग की व्यवस्था, बसो की व्यवस्था, अस्थाई हाॅस्पिटल, पेयजल, सेंट्रलाईज्ड पी.ए. सिस्टम आदि की व्यवस्था की जाना है। आगंतुक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति द्वारा अस्थाई रूप से मंदिर परिक्षेत्र के चारो ओर चयनित स्थानों पर पूछताछ एवं खोया-पाया केन्द्र स्थापित किए जाऐगें। आगन्तुक श्रद्धालु सरलता से अपने पदवेश व्यवस्थित रूप से रख कर दर्शन उपरांत पुनः सरलता से प्राप्त कर सके, इस हेतु पूर्व वर्षानुसार चिन्हित निर्धारित स्थानों पर अस्थाई जूता स्टेण्ड का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन विकास प्राधिकरण उज्जैन के माध्यम से किया जाना हैं। महाशिवरात्रि पर्व 2025 के उपलक्ष्य पर सम्पूर्ण मंदिर आंतरिक एवं एवं बाह्य परिक्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में फ्लेक्स एवं दिशा सूचक बोर्ड की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की जावेगी। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए चयनित स्थानों पर नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित किए जाना है।आगन्तुक दर्शनार्थियों को लड्डू प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा विभिन्न स्थानों पर लड्डू प्रसाद काउण्टर पहले से अधिक संख्या में स्थापित किये जायेगे। बैठक में दीनदयाल रसोई योजना के संचालन के अंतर्गत उज्जैन शहर में निवासरत गरीब, भिक्षुक, असहाय, निःशक्तजन एवं ऐसे व्यक्ति जो स्वयं भोजन का प्रबंध करने में असमर्थ है, को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर जी का निःशुल्क भोग/भोजन प्रसाद उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा शहर के 06 स्थानों पर स्थापित भोजन केन्द्र में 500 व्यक्ति प्रति भोजन केन्द्र पर कुल 3000 व्यक्तियों के लिए भोजन पहुंचाया जाएगा। पूर्व में भी श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दीन दयाल रसोई योजना के अंतर्गत सेवाएं दी जाती रही है, जिन्हे पुनः प्रारंभ किया गया।  श्री महाकालेश्वर मंदिर में दान एवं भेंट के माध्यम से प्राप्त स्वर्ण एवं रजत सामग्री का त्वरीत मूल्यांकन कर सामग्री पर क्यू.आर. कोडिंग की जावेगी।पं. श्री सूर्यनारायण व्यास अतिथि निवास एवं जे.के. सीमेंट द्वारा नवनिर्मित अतिथि निवास में लाईट चली जाने पर आरक्षित कक्षो में 01 पंखा एवं 01 टयूब लाईट चालु रहे इस हेतु प्रचलित निर्माण कार्यो के अंतर्गत ही डी.जी. सेट (जनरेटर) स्थापित करवाए जाएंगे, साथ ही दोनो अतिथि निवास में 01 पेन्ट्री संचालित करने का निर्णय लिया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा त्रिवेणी संग्रहालय के सम्मुख श्री महाकाल अतिथि निवास का निर्माण कराया गया है, जिसमें वर्तमान में बेसमेंट में पार्किंग एवं ग्राउण्ड फ्लोर पर 09 कक्ष निर्मित है, जो कि वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त नहीं है। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए श्री महाकाल अतिथि निवास के ऊपर 04 फ्लोर (जी+04) का निर्माण कराए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह निर्माण दानदाता के माध्यम से या मंदिर प्रबंध समिति स्वयं करेगी।  मंदिर समिति के वाहन बोलेरो, टाटा मेजिक लोडिंग वाहन एवं मारूति वेन लगभग 15 से 20 वर्ष पुराने होने के कारण वर्तमान में उपयोग में नहीं लिए जा सकते है, जिन्हे आर.टी.ओ. के माध्यम समिति बनाकर अपलेखित (हटाने) किए जाने का निर्णय लिया गया। recent visitors 54