महाकुंभ में फिर लगी आग, कई पंडाल चपेट में आए; कोई हताहत नहीं

Fire broke out again in Mahakumbh, many pandals got affected; no casualties महाकुंभ के सेक्टर 22 छतनाग झूंसी में बने टेंट सिटी में बृहस्पतिवार को आग लग गई। आग लगने नके कारणों का पता नहीं चल सका है। जब तक लोग कुछ समझ पाते आगे ने विकराल रूप धारण कर लिया। टेंट सिटी के दर्जन भर से अधिक टेंट जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। सूचना पाकर दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुूंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। recent visitors 165

संगम में अखिलेश यादव ने क्यों लगाई 11 डुबकी? खुद बताई वजह, 9वीं सबसे खास

Akhilesh Yadav in Mahakumbh: सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को महाकुंभ पहुंचे और उन्होंने संगम में डुबकी लगाई। स्नान के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और बताया कि उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर संगम में 11 डुबकी लगाई। संगम स्नान से लौटने के बाद अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने 11 डुबकी क्यों लगाई है। आइए जानते हैं सपा प्रमुख की 11 डुबकी का मतलब… अखिलेश यादव ने क्यों लगाई 11 बार डुबकी?सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया हैंडल पर 11 डुबकी लगाने का रहस्य खोला है। उन्होंने बताया कि हर डुबकी अलग-अलग मकसद के लिए लगाई गई है। अखिलेश यादव ने पोस्ट में लिखा, महाकुंभ के पावन अवसर पर ‘संगम’ में:एक डुबकी मां त्रिवेणी को प्रणाम की…एक डुबकी आत्म-ध्यान की…एक डुबकी सर्व कल्याण की…एक डुबकी सबके उत्थान की…एक डुबकी सबके मान की…एक डुबकी सबके सम्मान की…एक डुबकी सर्व समाधान की…एक डुबकी दर्द से निदान की…एक डुबकी प्रेम के आह्वान की…एक डुबकी देश के निर्माण की…एक डुबकी एकता के पैगाम की!!! ‘संगम की तरह मेलजोल का संदेश देना चाहिए’अखिलेश यादव ने पोस्ट कर लिखा, “महाकुंभ की पुण्य-यात्रा! महाकुंभ 144 साल में एक बार आता है, वो भी संगम के किनारे ही मतलब जीवन में एक बार और वो भी नदियों के मिलन स्थल पर, इसलिए इससे ये संकल्प लेना चाहिए कि हमें जो जीवन मिला है वो अलग-अलग दिशाओं से आती हुई धाराओं के मिलन से ही अपना सही अर्थ और मायने पा सकता है। हमें संगम की तरह जीवन भर मेलजोल का सकारात्मक संदेश देना चाहिए। सद्भाव, सौहार्द और सहनशीलता की त्रिवेणी का संगम जब-जब व्यक्ति के अंदर होगा, तब-तब हम सब महाकुंभ का अनुभव करेंगे।” recent visitors 124