प्रधानमंत्री मोदी 23 फरवरी की रात भोपाल में ही रुकेंगे, 24 को सुबह 10 बजे करेंगे समिट का शुभारंभ

भोपाल भोपाल में 24 फरवरी से दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) शुरू होगी। इसका शुभारंभ पीएम नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को सुबह 10 बजे करेंगे। समिट में शामिल होने के लिए अब तक 30 देशों के राजदूत व काउंसलर ने सहमति दे दी है। कई देशों के उद्योगपति भी इसमें शामिल हगि। टूरिज्म, एनर्जी, माइनिंग, आईटी, एमएसएमई-स्टार्टअप और अर्बन के केंद्रीय मंत्री व केंद्रीय सचिव भी मौजूद रहेंगे। मुख्य समिट के बाद विभागों का अलग से शिखर सम्मेलन होगा। इसे लेकर राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 250 एकड़ में डोम, अस्थाई कक्ष, कैंप के साथ लाइव एग्जीबिशन लगेगी। इसमें टेक्सटाइल से जुड़ी सेंट्रल इंडिया फैब्रिक एंड फैशन एक्सपो व ऑटो मोबिलिटी एक्सपो के साथ कला-संस्कृति से जुड़ी विलेज थीम (एमपी लेगेसी पवेलियन) होगी। एक्सपो में मप्र बॉन्ड के कपड़ों के साथ ऑटो की नई गाड़ियों और बाइक की प्रदर्शनी होगी। विलेज थीम में जिन गांवों की कला है, वहीं के लोग उसका प्रदर्शन करेंगे। इतना ही नहीं, दो दिन तक राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का पूरा आयोजन कार्बन फ्री रहेगा। सोलर से बिजली की सप्लाई होगी और जांचने के लिए एक्यूआई भी लगेगा। उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों के भव्य स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर भी बड़ी तैयारी हो रही है। करीब 25 जेट विमानों की पार्किंग वहां की जाएगी। इसके एक तरफ निवेश फ्रेंडली 19 नई नीतियों को एक-एक करके लागू किया जा रहा हैं, वहीं हर बड़े उद्योगपति के साथ वॉलेंटियर के तौर पर एक सीनियर अफसर को तैनात किया जा रहा है। बताया गया है कि समिट में तकरीबन 20 हजार निवेश (छोटे-बड़े) पहुंचने का अनुमान है। पीएम के साथ ये मंत्री भी… मोदी के आने का प्रारंभिक कार्यक्रम तय हो गया है। वे समिट से एक दिन पहले 23 फरवरी को भोपाल पहुंच सकते हैं। रात्रि विश्राम राजभवन में करेंगे। अगले दिन 24 को राजभवन से ही सीधे मानव संग्रहालय पहुंचेंगे। सीएम, मुख्यमंत्रियों के अलावा कुछ उद्योगपति भी उनसे मिल सकते हैं। समिट के उद्घाटन के बाद मोदी दोपहर 12 बजे से पहले भोपाल से रवाना हो जाएंगे। पीएम के अलावा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, पियूष गोयल, नितिन गडकरी, माइनिंग मंत्री जीकिशन रेड्डी को भी निमंत्रण भेजा गया है। इन उद्योगपतियों को निमंत्रण, 1000 विदेशी मेहमान रिलायंस के मुकेश अंबानी, अडानी ग्रुप के गौतम अडानी, टाटा के एन चंद्रशेखरन और नोएल टाटा, विप्रो लिमिटेड के अजीम प्रेमजी, महिंद्रा के आनंद महिंद्रा, भारती एंटरप्राइजेज के सुनील भारती मित्तल, आईटीसी के संजीव पुरी, बजाज फिनसर्व के संजीव बजाज, डॉ. रेड्डी लैब के सतीश रेड्डी की ओर से प्रारंभिक सहमति मिल चुकी है। समिट के लिए अब तक लगभग 10 हजार रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। मेहमानों को खास अनुभव देने के लिए भोपाल के आसपास 40-50 होम स्टे भी होंगे। साथ में एक टेंट सिटी भी डेवलप करने का प्लान है। कई देशों से मप्र में निवेश की उम्मीद कनाडा, जिम्बाब्वे, जर्मनी, मलेशिया, जापान, यूके, मोरोक्को, सेशल्स सहित 30 देशों के प्रतिनिधि आयोजन का हिस्सा बनेंगे। साथ ही टोगो, स्लोवेनिया, पोलैंड, पलाउ, रोमानिया, बुल्गारिया, म्यांमार, श्रीलंका सहित कई देशों के राजनयिक भी आएंगे। कई देशों की निवेश एजेंसी जैसे इन्वेस्ट ओटावा (कनाडा), टीआआईटीआर (ताइवान), एमए ट्रेड (मलेशिया), इटालियन ट्रेड, जेट्रो (जापान) भी आएंगे। साथ ही वर्ल्ड बैंक, वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसीज, पोलैंड डिप्लोमेटिक मिशन, इंटरनेशनल ट्रेड-इंवेस्टमेंट मिनिस्ट्री मलेशिया भी आयोजन का हिस्सा होगा। recent visitors 37

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को करेंगे प्रयागराज का दौरा, महाकुंभ में पवित्र स्नान, जानिए क्या है पूरा शेड्यूल

प्रयागराज  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर का दौरा करेंगे। इस दौरान वह महाकुंभ मेले में भाग लेते हुए संगम पर पवित्र स्नान करेंगे। यह यात्रा धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि महाकुंभ मेला हिंदू धर्म का एक विशाल और पवित्र आयोजन है, जो हर बार करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा खासतौर पर महाकुंभ मेले के धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने और प्रदेश की धार्मिक विरासत को सम्मान देने के लिए होगा। पीएम मोदी पांच फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. वह प्रयागराज एयरपोर्ट से से डीपीएस हैलीपैड पहुंचेंगे, जहां से वह 10.45 पर अरेल घाट जाएंगे. वह अरेल घाट पर नाव के जरिए महाकुंभ पहुंचेंगे. प्रयागराज में संगम पर सुबह 11 बजे वह पवित्र स्नान करेंगे. महाकुंभ मेले में 11 से 11.30 बजे का समय प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित है. पीएम मोदी पवित्र स्नान के बाद 11.45 पर बोट के जरिए अरेल घाट लौटेंगे. यहा ंसे वह डीपीएस हैलीपैड होते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम पूरी तरह से निर्धारित है और उनकी यात्रा में कई प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं। मोदी सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वह हेलीकॉप्टर द्वारा डीपीएस हैलीपैड तक जाएंगे। इसके बाद, वह अरेल घाट के लिए रवाना होंगे, जहां वह नाव के जरिए संगम के पवित्र स्थल तक पहुंचेंगे। संगम, जहां गंगा, यमुन और सरस्वती नदियां मिलती हैं, को हिंदू धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है और यह स्थल महाकुंभ मेले का प्रमुख आकर्षण है। प्रधानमंत्री मोदी का पवित्र स्नान सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक होगा। इस समय को खासतौर पर प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित किया गया है। इस दौरान वह संगम में स्नान करेंगे और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेंगे। महाकुंभ में यह समय प्रधानमंत्री की उपस्थिति के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा। स्नान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी नाव के जरिए अरेल घाट वापस लौटेंगे, जहां से वह डीपीएस हैलीपैड के लिए रवाना होंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री प्रयागराज एयरपोर्ट जाएंगे, और वहां से वह दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे और उनकी यात्रा का शेड्यूल बहुत ही सटीक तरीके से पालन किया जाएगा। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाती है, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति उनके सम्मान को स्पष्ट करता है। साथ ही, यह यात्रा महाकुंभ मेले में श्रद्धालुओं के बीच सरकार के समर्थन और भागीदारी को भी प्रदर्शित करती है। PM मोदी का महाकुंभ में पूरा शेड्यूल     पीएम मोदी 5 फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे     पीएम मोदी वायुयान के विशेष विमान से बमरौली एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे     एयरपोर्ट से पीएम मोदी सीधी डीपीएल हैलीपैड पहुंचेंगे     पीएम मोदी यहां से कार से वीआइपी जेटी जाएंगे     पीएम मोदी 10.45 मिनट पर अरेल घाट जाएंगे।     अरेल घाट से पीएम मोदी क्रूज से संगम में डुबकी लगाने जाएंगे।     संगम में डुबकी के बाद पीएम मोदी गंगा की पूजा व आरती करेंगे।     एक घंटे बाद पीएम मोदी महाकुंभ मेला क्षेत्र से प्रयागराज एयरपोर्ट के लिए लौट जाएंगे। सीएम योगी पहुंचे प्रयागराज पीएम मोदी के अगुवाई के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी वह अखाड़ों, आचार्यवाड़ा, दंडीवाड़ा व खाकचौक के प्रतिनिधियों से भेंट वार्ता भी कर सकते हैं। पीएम के दौरे से पहले सुरक्षा का जायजा लेने सीएम योगी मंगलवार को ही प्रयागराज पहुंच गए हैं।     recent visitors 34

मुस्लिम शायर डॉ. अंजुम बाराबंकवी ने प्रभु श्रीराम पर लिखी ऐसी गजल, तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए पीएम मोदी

भोपाल अयोध्या में भगवान श्रीराम की स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने की खुशी और उत्साह हर तरफ छाया हुआ है। इसी उमंग को साहित्य में भी खूबसूरत अंदाज में परोसा जा रहा है। राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध शायर डॉ अंजुम बाराबंकवी ने भी इस संदर्भ में एक गजल लिखी है। उन्होंने अपनी यह गजल पीएम नरेंद्र मोदी के अवलोकन के लिए भेजी थी। जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय से पीएम मोदी के हस्ताक्षरित पत्र डॉ अंजुम बाराबंकवी के नाम आया है। पीएम मोदी ने शायर की भगवान राम के लिए भावनाओं को सराहनीय बताया है। साथ ही कहा है कि आप जैसे देशवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। यह लिखा चिट्ठी में नेहपूर्ण पत्र के माध्यम से अपने विचारों को मुझसे साझा करने के लिए आभार। अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूर्ण होने पर अपनी प्रसन्नता को 'राम ग़ज़ल' लिखकर अभिव्यक्त करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। 'राम ग़ज़ल' में प्रभु श्री राम के प्रति अपने प्रेम को आपने बहुत सुंदर ढंग से दर्शाया है। कहा भी गया है- 'रामो विग्रहवान् धर्मः' अर्थात् प्रभु श्री राम साक्षात् धर्म के, यानि कर्तव्य के सजीव स्वरूप हैं। हमारी संस्कृति के आधार प्रभु श्री राम से हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, दृढता, साहस, सत्यनिष्ठा और समभाव रखते हुए जीवन में आगे बढ़ने की सीख मिलती है। यह देखना सुखद है कि अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर में उनके दर्शन के लिए देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। आस्था और अध्यात्म के केन्द्रों के रूप में अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी व विन्ध्याचल सहित हमारे विभिन्न पावन स्थल स्थानीय अर्थव्यवस्था व रोजगार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व के भाव के साथ अमृत काल में एक भव्य व विकसित भारत के निर्माण की दिशा में हम अग्रसर हैं। मुझे विश्वास है कि आप जैसे देशवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास राष्ट्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे। यह है डॉ अंजुम बाराबंकवी की राम गजल दूर लगते हैं मगर पास हैं दशरथ नन्दन मेरी हर साँस का विश्वास हैं दशरथ नन्दन दिल के काग़ज़ पे कई बार लिखा है मैंने इक महकता हुआ अहसास हैं दशरथ नन्दन दूसरे लोगों के बारे में नहीं जानता हूँ मेरे जीवन में बहुत ख़ास हैं दशरथ नन्दन और कुछ दिन में समझ जाएगी छोटी दुनिया हम ग़रीबों की बड़ी आस हैं दशरथ नन्दन आप इस तरह समझ लीजिए मेरी अपनी ज़िन्दगी के लिए मधुमास हैं दशरथ नन्दन ये जो दौलत है मेरे सामने मिट्टी भी नहीं मेरी क़िस्मत के मेरे पास हैं दशरथ नन्दन मेरी ये बात भी जो चाहे परख सकता है सच के हर रूप के अक्कास हैं दशरथ नन्दन   recent visitors 34

गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है- किरणसिंहदेव

इस बजट से तय हो गया भारत विश्व का नेतृत्व करेगा :किरण सिंहदेव प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास को मिली एक ऊंची उड़ान-किरण देव गरीब-किसान और मध्यमवर्ग के जीवन को संवारने वाला बजट है-श्री किरणसिंहदेव रायपुर  केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि  श्री नरेंद्र मोदी जी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर देशवासियों को बजट के माध्यम से पूरे देश को एक बड़ी सौगात दी है। यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की अवधारणा से पूरिपूर्ण समावेशी और विकास को एक ऊंची उड़ान देने वाला और क्रांतिकारी बदलाव के साथ एक सुदृढ़ और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने वाला है। इसमें देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मध्यम वर्ग को जहां 12 लाख की सालाना आय को टैक्स मुक्त करते हुए किसानों को 5 लाख रुपए तक के लोन में छूट दी है। कृषि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पीएम धन-धान्य योजना के दायरे को बढ़ा दिया है। इससे खेती-किसानी में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। साथ किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। एक करोड़ 70 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिलेगा। श्री सिंह देव ने कहा श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के पथ पर अग्रसर होते हुए विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है। इस बजट में सबका साथ सबका विकास की अवधाराणा का एक वृहद स्वरूप है। जिसमें समाज के सभी वर्ग और प्रत्येक क्षेत्र के लिए कई बड़ी सौगातें शामिल है। श्री किरणदेव सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने यहां डबल इंजन की सरकार बनाकर प्रदेश को विकास के पथ ला दिया है। केंद्रीय बजट में पीएम मोदी की सरकार ने कई बड़ी सौगात दी है, इससे छत्तीसगढ़ के विकास को और रफ्तार मिलेगी और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में हमारे प्रदेश की बड़ी भूमिका होगी। श्री देव ने कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं के चलते छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में निर्बाध और उत्तरोत्तर तेज गति से विकास कर रहा है। केंद्रीय बजट हुई घोषणाओं से छत्तीसगढ़ के विकास में और तेजी आएगी।  कहा कि  केंद्रीय बजट से किसान, युवा और उद्यमियों सहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ मिलेगा। केंद्रीय बजट में सभी वर्गों और क्षेत्र का ख्याल रखा गया है और एक विकासोन्मुखी का समावेश है। श्री किरण सिंहदेव  ने कहा कि केंद्र सरकार देश के किसानों और मजदूरों की सबसे बड़ी हितैषी है। आज छत्तीसगढ़ में धान के समर्थन मूल्य के अलावा देशभर के किसानों को उनके फसलों का वाजिब दाम और उनकी आय को बढ़ाने के कार्य किसी क्रांति से कम नहीं है। किसानों से मोटे आनाज को केंद्र सरकार तीन गुना अधिक दामों पर खरीद रही है। साथ ही खरीफ और रबी की फसलों में एमएसपी में बढ़ोत्तरी की गई है। इसके अलावा 109 प्रकार की उन्नत किस्म किसानों को प्रदान की गई हैं। खाद्य तेल, तेंदूपत्ता उत्पादन और प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय मिशन योजनाओं से किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की विष्णुदेव साय की सरकार में आदिवासी समाज के लिए केंद्र की सरकार ने अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं। इससे आदिवासी समाज को संबल मिला हैं। आज आदिवासी हर क्षेत्र में सामर्थवान होने के साथ ही आर्थिक रूप से सबल हुए हैं। केंद्रीय बजट से इनके विकास में और तेजी आएगी। केंद्रीय बजट और सरकार की योजनाओं से दलित, वंचित और आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और एक  विकसित राष्ट्र की स्थापना होगी। इस बजट ने बता दिया है कि अब भारत को विश्व का नेतृत्व करने से कोई नहीं रोक सकता।यह बजट देश के लोगो के लिए नई खुशहाली लेकर आयेगा। recent visitors 69

मोदी सरकार की योजना 3 करोड़ महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी’, जानिए क्या है; कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?

नईदिल्ली लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए सरकार महिलाओं को फाइनेंशियली सपोर्ट करती है. सरकार की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने की योजना में बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है. ये योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है. इस ग्रुप में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं. सेल्फ हेल्प ग्रुपों में बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी, दवाई वाली दीदी शामिल हैं. लखपति दीदी योजना एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है. इसके जरिए देश की सभी दीदियों को स्किल ट्रेनिंग दी जाती है. ताकी वो खुद पैसे कमा सकें. लखपति दीदी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। योजना के जरिए 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बिना ब्याज के लाखों रुपये का लोन दिया जाता है। यह योजना सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी है। जिसमें बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी दीदी और दवाई वाली दीदी जैसी महिलाएं शामिल हैं। लखपति दीदी योजना क्या है? यह एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है। जिसमें महिलाओं को तरह-तरह की ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वे खुद कमाई कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना की शुरुआत लखपति दीदी योजना 15 अगस्त 2023 को शुरू की गई थी। इसका मकसद देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए प्रेरित करना है। योजना के लिए जरूरी शर्तें 1. योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। यदि वेरिफिकेशन के दौरान परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता पाया गया, तो योजना का फायदा नहीं मिलेगा। 2. यह योजना केवल उन महिलाओं के लिए है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये या उससे कम है। यदि परिवार की आय 3 लाख से ज्यादा है, तो वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकतीं। आवेदन कैसे करें? 1. योजना में शामिल होने के लिए महिलाओं को पहले सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से एक बिजनेस प्लान बनाना होगा। 2. यह प्लान सरकार को भेजा जाएगा, जहां अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। 3. अगर आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है, तो महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा और 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इन दो शर्तों को करना होगा पूरा लखपति दीदी योजना के लिए अप्लाई करने के लिए महिलाओं के लिए कुछ टर्म्स और कंडीशन भी दी गई हैं. इस योजना में जो सबसे जरूरी शर्त है कि कोई भी महिला अगर इस योजना के लिए अप्लाई करती है तो उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी करने वाला सदस्य नहीं होना चाहिए. अगर उस महिला के घर में वेरिफिकेशन के दौरान कोई भी सदस्य सरकरी नौकरी वाला मिलता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा. इसके अलावा इस योजना के लिए केवल वही महिला अप्लाई कर सकती है जिसकी फैमिली ईयरली इनकम 3 लाख रुपये या उससे कम है. 3 लाख रुपये से ज्यादा ईयरली इनकम वाली महिलाएं योजना का हिस्सा नहीं बन सकती हैं. ऐसे करें अप्लाई लखपति दीदी योजना में अप्लाई करने के लिए महिलाओं को एक सेल्फ हेल्प ग्रुप के जरिए बिजनेस प्लान तैयार करना होगा. जब उनका बिजनेस प्लान बन जाएगा तो उस प्लान को सरकार को भेजा जाएगा. इसके बाद सरकार के अधिकारी एप्लीकेशन को अच्छी तरह से रिव्यू करेंगे. अगर एप्लीकेशन एक्सेप्ट हो जाता है तो योजना का बेनिफिट दिया जाएगा. इसके साथ 5 लाख रुपये तक का लोन भी दिया जाएगा. क्या है पात्रता? अगर आप भी लखपति दीदी बनना चाहता हैं और योजना का फायदा उठाना चाहती हैं, तो पहले जान लें कि इसके लिए एलिजिबिलीटी क्या होगी। योजना का फायदा वहीं महिलाएं उठा सकती हैं, जो प्रदेश की स्थाई नागरिक हो। इसके अलावा महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वहीं, महिला की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। इसके साथ ही उस महिला को स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होनी चाहिए। जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ पाने के लिए कई तरह के दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसके लिए आधार कार्ड राशन कार्ड बैंक खाता पासबुक, स्वयं सहायता समूह का प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर, इमेल आईडी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। योजना के तहत स्‍वयं सहायता समूहों से जुड़ी उन महिलाओं को चुना जाता है, जिनकी सालाना आमदनी कम होती है। इसके बाद उन्‍हें 1-5 लाख रुपये तक का ब्‍याजमुक्‍त कर्ज दिया जाता है। ऐसे करें आवेदन इसके लिए आपको स्वयं सहायता के कार्यालय जाना होगा। यहां आपकी एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान तैयार होगा। दस्तावेजों के साथ एप्लीकेशन और बिजनेस प्लान स्वयं सहायता कार्यालय में जमा कर दें। यहां आपकी एप्लीकेशन रिव्यू होगी और फिर इसे आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार रिव्यू करेगी। अप्रूव होने के बाद लोन के लिए कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा। आप चाहें तो ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।     recent visitors 63

AIIMS की बदहाली पर फिर बरसे राहुल गांधी, दिल्ली CM-केंद्र को लिखी चिट्ठी, कहा- मरीजों के परिजनों को मिले सुविधा

congress lop rahul gandhi writes letter delhi cm atishi union health minister aiims bad condition patient दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सियासी हलचल काफी तेज हो गई है. राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं. कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित AIIMS के हालात और मरीजों तथा उनके परिवारों को उचित सुविधा दिलाने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है. पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को लेकर लगातार सक्रिय हैं. पिछले हफ्ते AIIMS का दौरा करने के बाद आज सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने लंबे पोस्ट में AIIMS के बदहाली को लेकर पत्र लिखा है. राहुल ने पोस्ट कर बताया, “देशभर से दिल्ली स्थित AIIMS आने वाले मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री (आतिशी) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री (जेपी नड्डा) को पत्र लिखा है.” AIIMS की बदहाल स्थितिः राहुल गांधीउन्होंने आगे लिखा, “पिछले दिनों मैंने देखा कि दिल्ली में ठिठुरती ठंड में कई लोग मेट्रो स्टेशन के नीचे सोने को मजबूर हैं, जहां न तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही शौचालय की. आसपास कूड़े-कचरे का बड़ा सा ढेर भी लगा रहता है. इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का AIIMS आना यह दिखाता है कि लोग जहां रहते हैं वहां उन्हें सस्ती और अच्छी क्वालिटी की स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.” दिल्ली और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सुविधा मुहैया कराने को लेकर राहुल गांधी ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे पत्र का संज्ञान लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री इस संकट के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाएंगे. साथ ही यह भी उम्मीद है कि केंद्र सरकार अगामी बजट में पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने के लिए ठोस पहल करेगी और उसके लिए जरूरी संसाधनों को आगे बढ़ाएगी.” AIIMS के बाहर नरक जैसी स्थितिः राहुलइससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते शनिवार को आरोप लगाया कि यहां AIIMS के बाहर मरीज और उनके परिजन ‘नरक’ जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं. इस बदहाली के लिए केंद्र और दिल्ली की सरकार दोनों ही जिम्मेदार हैं. राहुल ने पिछले दिनों AIIMS के बाहर मौजूद कई मरीजों के परिजनों से मुलाकात की थी और हालचाल के साथ ही उनकी तकलीफों के बारे जाना था. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे करने वाली केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से इस मानवीय संकट पर आंखें क्यों मूंद ली गई हैं? दिल दहला देने वाला नजाराः राहुल गांधीकांग्रेस नेता ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था पूरी तरह से तबाह हो चुकी है, और AIIMS में सस्ते और सटीक इलाज की उम्मीद में मरीज भारी कीमत चुका रहे हैं. कुछ दिनों पहले दिल्ली के AIIMS के बाहर पहुंच कर मरीजों और सुविधाओं का हाल जानने पहुंचा लेकिन वहां का नजारा दिल दहला देने वाला था.” ठंड और गंदगी पर निराशा जताते हुए राहुल ने कहा, “देश के अलग-अलग कोनों से आए मरीज और उनके परिवार, जो इलाज की आस में यहां दिल्ली पहुंचे हैं, सड़कों और सबवे में ठंड और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं.” उनके मुताबिक, कैंसर से लेकर हर्ट की परेशानी हर परिवार के पास ऐसी एक दर्दनाक कहानी है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों की नाकामी यहां पर साफ दिखाई देती है. recent visitors 165

प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 8 जनवरी को ओडिशा जाएंगे

भुवनेश्वर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाले सम्मेलन का समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। पहली बार आयोजन की जिम्मा संभाल रही ओडिशा सरकार ने 50 देशों से 3,500 प्रवासीओं आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है । राज्य सरकार के अनुमान के अनुसार, तीन दिवसीय सम्मेलन में कुल उपस्थिति लगभग 7,500 होगी, जिसमें स्थानीय भागीदारी भी शामिल है। गृह विभाग के अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में दैनिक पंजीकरण की संख्या 150 से अधिक हो गई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह संख्या केवल 40-50 अनुरोध प्रति दिन थी। क्या है पूरा कार्यक्रम? इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू शामिल होंगी। सम्मेलन की शुरुआत 8 जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस के साथ होगी। इसके अगले दिन, 9 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार समारोह के साथ होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस आयोजन को सुशोभित करेंगी और समापन भाषण देंगी। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय से 2003 में आरंभ हुआ यह सम्मेलन को नई दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, हैदराबाद, जयपुर, चेन्नई, वाराणसी, बेंगलुरु और इंदौर जैसे शहरों में आयोजन किया जा चुका है। 2021 में कोविड महामारी के दौरान एक वर्चुअल मोड का सम्मेलन भी हुआ था। ग्रैंड वेलकम की है तैयारी भुवनेश्वर पहली बार 2025 के प्रवासी भारतीय दिवस संस्करण की मेज़बानी कर रहा है। शहर की नगर पालिका और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने सम्मेलन के साथ-साथ कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की योजना बनाई है। इनमें रात का फ्ली मार्केट, आदिवासी मेला, खाद्य महोत्सव, राजरानी संगीत फेस्टिवल, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव और एकाम्र महोत्सव जैसे प्रमुख आयोजन शामिल हैं। इस विशाल समारोह के आयोजन के लिए राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था। भुवनेश्वर में खास तैयारियां निमंत्रित विशेष अतिथियों के लिए मुंबई से 5 डबल डेकर बसें और 10 प्रीमियम बसें मंगवाई गई हैं। इन बसों के माध्यम से अतिथियों को ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, जिनमें कलिंग युद्ध स्थली, पुरी जगन्नाथ मंदिर, ब्लू फ्लैग समुद्री तट और कोणार्क के विख्यात सूर्य मंदिर सहित कुल 31 प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर जाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) की ओडिशा शाखा के चेयरमैन गगन सारंगी ने बताया कि राज्य के अधिकांश टूर और ट्रैवल पार्टनर्स ने सम्मेलन के दौरान कैब और वेकेशन स्टे की बुकिंग में वृद्धि की पुष्टि की है। पूर्वोदय मिशन का हिस्सा भुवनेश्वर में आयोजित हो रहा यह 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन भारत सरकार की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'पूर्वोदय मिशन' के साथ पूरी तरह संरेखित है। इन योजनाओं का उद्देश्य भारत के पूर्वी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और उनकी निवेश क्षमता को उजागर करना है। ओडिशा की 482 किमी लंबी तटरेखा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के सामने एक महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करती है। recent visitors 90