अफ्रीकी देश डोमिनिका PM मोदी को देगा अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, अवार्ड देने के पीछे की वजह जान लीजिए

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अफ्रीका यात्रा से पहले अफ्रीकी देश डोमिनिका ने पीएम मोदी को देश का सबसे बड़ा सम्मान देने की घोषणा की है। कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण के सम्मान में डोमिनिका पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान करेगा। गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी कर यह ऐलान किया गया है कि डोमिनिका के राष्ट्रमंडल की अध्यक्ष सिल्वेनी बर्टन आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह सम्मेलन 19 से 21 नवंबर तक गुयाना के जॉर्जटाउन में होने वाला है। गौरतलब है कि पीएम मोदी 16 से 21 नवंबर तक के लिए अफ्रीकी देशों के दौरे पर जा रहे हैं। डोमिनिका के प्रधानमंत्री स्केरिट ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ भी की है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी डोमिनिका के सच्चे साथी रहे हैं। खासकर वैश्विक स्वास्थ्य संकट के बीच हमारी जरूरत के समय में। उनके समर्थन के लिए हमारी कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में और हमारे देशों के बीच मजबूत संबंधों के प्रतिबिंब के रूप में उन्हें डोमिनिका का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करना सम्मान की बात है। हम इस साझेदारी को आगे बढ़ाने और अपने साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।” भारत नें भिजवाईं थी वैक्सीन की 70,000 खुराकें कोरोना महामारी के दौरान फरवरी 2021 में भारत ने डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराकें भिजवाईं थी। डोमिनिका ने कहा है कि इससे उन्हें अपने साथ साथ पड़ोसी कैरेबियाई देशों की मदद का भी अवसर मिला। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी में डोमिनिका के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका को भी मान्यता देता है। क्या है ये अवार्ड जानिए कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका ने अपने लिखे पत्र में कहा कि डोमिनिका का राष्ट्रमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार, डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर प्रदान करेगा। यह पुरस्कार कोविड-19 महामारी के दौरान डोमिनिका में उनके योगदान और भारत और डोमिनिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने के लिए उनके समर्पण को मान्यता देता है। यह पुरस्कार गुयाना में आगामी भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन की ओर से प्रदान किया जाएगा। भारत ने दी थी वैक्सीन पत्र में आगे कहा बताया गया कि फरवरी 2021 में, भारत ने उदारतापूर्वक डोमिनिका को एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन की 70,000 खुराक दी थी, जिससे डोमिनिका अपने कैरेबियाई पड़ोसियों को समर्थन देने में सक्षम हुआ था। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलवायु लचीलापन-निर्माण पहल(Climate Resilience Building) में डोमिनिका के लिए भारत के समर्थन को भी स्वीकार करता है। कॉमनवेल्थ ऑफ डोमिनिका के पीएम ने जताया आभार प्रधानमंत्री स्केरिट ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के महत्वपूर्ण समर्थन पर प्रकाश डालते हुए उनकी एकजुटता के लिए डोमिनिका का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पुरस्कार दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे पीएम पुरस्कार की पेशकश को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्षों जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने इन मुद्दों को हल करने में डोमिनिका और कैरिबियन देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की बात को दोहराया भी है। पीएम मोदी डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट के साथ भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जो भारत और कैरिकॉम सदस्य देशों के बीच सहयोग के लिए एक मंच है। प्रधानमंत्री मोदी ने पुरस्कार स्वीकार करते हुए जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग के महत्व को रेखांकित किया है। उन्होंने इन मुद्दों से निपटने में डोमिनिका और कैरेबियाई देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। राष्ट्रपति सिल्वानी बर्टन और प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट दोनों साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और भारत और कैरिकॉम के सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। recent visitors 113

कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। उन्होंने छत्रपति संभाजी नगर में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, "पिछले 10 वर्षों से OBC समाज का प्रधानमंत्री इन्हें बर्दाश्त ही नहीं हो रहा है। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुलेआम बयान देते हैं कि वो आरक्षण को खत्म कर देंगे।" विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने के लिए विकास पर नहीं बटवारे पर भरोसा करती है। कांग्रेस दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को आगे बढ़ने से रोकती है ताकि सत्ता पर पीढ़ी दर पीढ़ी इनका कब्जा बना रहा है इसलिए कांग्रेस शुरू से ही आरक्षण के खिलाफ रही है।'' सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "महाविकास अघाड़ी वालों ने महाराष्ट्र के परेशानियों को बढ़ाने के अलावा कोई काम नहीं किया है। मराठवाड़ा में लंबे समय से पानी का संकट रहा है लेकिन कांग्रेस और अघाड़ी वाले हमेशा हाथ पर हाथ धरे रहें। हमारी सरकार में पहली बार सूखे के खिलाफ ठोस प्रयास शुरू की।'' 20 नवंबर को होंगे महाराष्ट्र में चुनाव महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव प्रचार तेज हो गया है और सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) दोनों ही मतदाताओं को लुभाने के प्रयास कर रहे हैं। मतदान 20 नवंबर को होना है और मतगणना 23 नवंबर को होगी। 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें जीतीं, शिवसेना ने 56 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में एमवीए ने 48 में से 30 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया, जबकि महायुति केवल 17 सीटें जीत सकी। recent visitors 59

शहडोल में बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय कार्यक्रम की तैयारी पूर्ण, PM वर्चुअली संबोधित करेंगे

शहडोल भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुक्रवार 15 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम शहडोल के बाणगंगा मेला मैदान में होना है। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला प्रमुख रूप से शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें 50 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यक्रम स्थल पर टेंट और कुर्सियों की व्यापक व्यवस्था की गई है। बाणगंगा मेला मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने लिया। उन्होंने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को बुलाकर स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर चर्चा की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक भी मौजूद थे और उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 700 से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। जिले में मौजूद 250 बलों के अलावा अन्य जिलों से 336 पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही दो कंपनियों और अनूपपुर एवं उमरिया जिलों से 40-40 बलों की व्यवस्था की गई है। बाहरी जिलों से एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और चार डीएसपी स्तर के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा बल हैलीपैड से लेकर पूरे मार्ग और मंच तक हर जगह तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान यातायात को डायवर्ट कर दिया गया है। डीएसपी यातायात मुकेश दीक्षित ने बताया कि कटनी और अनूपपुर की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बाहरी रास्ते से जाना पड़ेगा। वीआईपी कार्यक्रम के चलते शहर के वाहनों को भी बाहरी मार्ग से निकालने की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन के लिए चार स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाने के लिए बिहार के जमुई का दौरा करेंगे. प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट का अनावरण करेंगे. पीएम इस दौरान 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे. प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत बने 11,000 आवास के गृह प्रवेश समारोह में भाग लेंगे. पीएम आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम-जनमन के तहत शुरू की गई 23 मोबाइल मेडिकल यूनिट और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अतिरिक्त 30 एमएमयू का भी उद्घाटन करेंगे. 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन इसके अलावा प्रधानमंत्री आदिवासी उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और आजीविका में मदद के लिए 300 वन धन विकास केंद्रों का उद्घाटन करेंगे. साथ ही आदिवासी छात्रों के लिए करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन करेंगे. वे मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और जबलपुर में दो आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालयों और श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर और गंगटोक, सिक्किम में दो आदिवासी शोध संस्थानों का भी उद्घाटन करेंगे, ताकि आदिवासी समुदायों के समृद्ध इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण किया जा सके. नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 500 किलोमीटर नई सड़कों और सामुदायिक केंद्रों के रूप में काम करने वाले 100 बहुउद्देश्यीय केंद्रों की आधारशिला रखेंगे. वे जनजातीय बच्चों की शिक्षा के लिए 1,110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 25 अतिरिक्त एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की आधारशिला भी रखेंगे. recent visitors 86

प्रधानमंत्री मोदी प्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का करेंगे लोकार्पण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15 नवम्बर को बिहार के जमुई में राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 2 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालयों का वर्चुअली लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी छिंदवाड़ा के बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय एवं जबलपुर के राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2016 को देश के विभिन्न प्रदेशों में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित संग्रहालय के निर्माण की घोषणा की गई थी। बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा शहर में स्थित बादल भोई जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन का निर्माण 40 करोड़ 69 लाख रूपये की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। यहां क्यूरेशन का कार्य जनजातीय कार्य विभाग के अधीन वन्या संस्थान द्वारा किया गया है। इसका निर्माण पुराने जनजातीय संग्रहालय की उपलब्ध भूमि पर ही किया गया है। यह स्थल पेंच-पचमढ़ी मार्ग पर स्थित है। संग्रहालय के आस-पास कई दर्शनीय तथा जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल भी हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय भवन में 6 गैलरी, एक कार्यशाला कक्ष तथा एक लाइब्रेरी के अलावा कार्यालय के लिये समुचित स्थान भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त 800 दर्शकों की क्षमता वाले ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) एवं ट्राइबल कैफेटेरिया का निर्माण भी यहां किया गया है। इसी परिसर में स्थित पुराने जनजातीय संग्रहालय का नवीनीकरण भी किया गया है, जिसमें जनजातीय संस्कृति से संबंधित विभिन्न प्रादर्श रखे हुए हैं। नवीन जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में प्रदेश के 9 मुख्य जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम तथा 16 जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का वर्णन एवं जीवंत चित्रण किया गया है। प्रथम गैलरी रानी दुर्गावती को समर्पित की गई है, जिसमें रानी दुर्गावती के जीवन, उनके शासन और उनके बाहरी आक्रमणकारियों से संघर्ष को प्रदर्शित किया गया है। ब्रिटिश शासन काल में अंग्रेज सरकार द्वारा गोंड राज्यों को अपने अधीन लेने के खिलाफ गोंड राजाओं द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-2 में किया गया है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1927 में इंडियन फारेस्ट एक्ट लागू किया गया था, जिसके विरोध में जनजाति समाज द्वारा किये गये संघर्ष का चित्रण गैलरी-3 में "जंगल सत्याग्रह" के रूप में प्रदर्शित किया गया है। चौथी गैलरी में भील-भिलाला जनजाति, जो गोरिल्ला युद्ध में बेहद पारंगत थी उनका ब्रिटिश सरकार के विरूद्ध किया गया संघर्ष चित्रित किया गया है। इस गैलरी में भीमा नायक, खाज्या नायक और टंट्या भील जैसे वीरों का संघर्ष चित्रित है। गैलरी-5 एवं 6 समय-समय पर पेंटिंग एवं फोटो एग्जीबिशन के लिए आरक्षित की गई हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय, जबलपुर अद्वितीय वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के सम्मान में राज्य सरकार और केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से वर्ष 2021 में जबलपुर में संग्रहालय का निर्माण किया गया। इसका नामकरण राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय किया गया है। एक एकड भूमि पर निर्मित इस संग्रहालय में 14 करोड़ 26 लाख रूपये की लागत से भारतीय सांस्कृतिक निधि (इनटेक, नई दिल्ली) द्वारा संग्रहालय भवन का जीर्णोद्वार एवं क्यूरेशन का कार्य किया गया है। यह संग्रहालय परिसर ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से चार दिन पहले कैद करके रखा गया था। इस ऐतिहासिक महत्व की इमारत को पारम्परिक संरक्षण विधि से उसके मूल स्वरूप में पुन: र्निमित किया गया है, ताकि राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान का प्रतीक यह स्थल भावी पीढियों के लिए प्रेरणा और गर्व का स्थायी स्रोत बना रहे। संग्रहालय की पहली दीर्घा में गोंड जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। दूसरी दीर्घा 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान को समर्पित है। तीसरी दीर्घा को राजा शंकरशाह के दरबार हाल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जिसमें राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान की कहानी को फिल्म के जरिये प्रदर्शित किया गया है। राजा एवं कुंवर के बलिदान के बाद उनकी रानियों के एवं 52वीं रेजीमेंट के विद्रोह को अगली गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। अंतिम गैलरी में थ्री-डी होलोग्राम के माध्यम से राजा एवं कुंवर को श्रृद्धांजलि दी गयी है। जिस परिसर में राजा एवं कुंवर को कैद करके रखा गया था, उस जेल भवन में उनकी प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। जनजातीय समुदाय के लोग इस स्थल को पवित्र मानते हैं और नियमित रूप से यहां श्रृद्धांजलि अर्पित करने आते हैं।   recent visitors 65

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी

मुंबई  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में बीजेपी की चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष के गठबंधन महाविकास आघाडी (एमवीए) पर बड़ा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचार के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। पीएम मोदी ने चिमूर की रैली आई भीड़ को संबोधित करते हुए केहा कि महाराष्ट्र में चुनाव के क्या नतीजे आने वाले हैं, ये आप लोगों ने आज ही दिखा दिया है। ये जनसैलाब बता रहा है कि महाराष्ट्र में महायुति की भारी बहुमत से सरकार बनने जा रही है। पीएम मोदी ने सभा में कांग्रेस के 1984 के विवादित विज्ञापन के मुद्दे को भी उठाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के एक विज्ञापन को कोटा की आवश्यकता पर सवाल उठाया गया था। संकल्प पत्र की तारीफ की पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज महाराष्ट्र बीजेपी को भी बधाई दूंगा, जिसने बहुत ही शानदार संकल्प पत्र जारी किया है। इस संकल्प पत्र में लाड़की बहनों के लिए, हमारे किसान भाई-बहनों के लिए, युवाशक्ति के लिए, महाराष्ट्र के विकास के लिए एक से बढ़कर एक शानदार संकल्प लिए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महायुति के साथ-साथ केंद्र में NDA की सरकार यानी महाराष्ट्र में डबल इंजन की सरकार, यानी विकास की डबल रफ्तार। महाराष्ट्र के लोगों पिछले 2.5 वर्षों में विकास की इस डबल रफ्तार को देखा है। आज महाराष्ट्र देश का वो राज्य है, जहां सबसे ज्यादा विदेशी निवेश हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र का तेज विकास, अघाड़ी वालों के बस की बात नहीं है। अघाड़ी वालों ने केवल विकास पर ब्रेक लगाने में ही पीएचडी की है। कामों को अटकाने, लटकाने और भटकाने में कांग्रेस वाले तो डबल पीएचडी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी तो सबसे पहले कांग्रेस आपका रिजर्वेशन छीन लेगी।' उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस लोगों को जाति के आधार पर बांट रही है। हमें एक रहना होगा ताकि समृद्धि बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस देश में 10 फीसदी आबादी आदिवासियों की है, जबकि कांग्रेस इन्हें जातियों में बांटना चाहती है ताकि उन्हें कमजोर कर सके। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समुदाय बंट गया तो फिर ये लोग उनकी पहचान को ही खत्म कर देंगे। कांग्रेस के युवराज ने विदेश में यह बात कही थी। हमें कांग्रेस की साजिश से बचना है और एकजुट रहना होगा। इस तरह बंटोगे तो कटोगे और एक हैं तो सेफ हैं का नारा देने के बाद भाजपा ने एक और गियर चेंज किया है। अब भाजपा ने एकजुटता की बात करते हुए आरक्षण वाला कार्ड चल दिया है कि यदि एकजुटता टूटी तो फिर कोटा ही छिन जाएगा। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र के दलित और आदिवासी समुदाय को लुभाने के लिए भाजपा ने यह फैसला लिया है। इससे पहले हरियाणा में भाजपा को जीत मिल चुकी है और इसके पीछे दलित वर्ग का समर्थन माना जा रहा है। ऐसे में वही रणनीति अब भाजपा महाराष्ट्र में चलने की कोशिश में है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अब लगभग एक सप्ताह का ही चुनाव प्रचार है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की सक्रियता बढ़ गई है और भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि एकता के नारे का असर भी दिख रहा है। इस बीच आरएसएस के कार्यकर्ताओं को भी साथ लेने की कोशिश की गई है। धारा 370 कांग्रेस की देन थी पीएम मोदी ने कहा कि हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा। महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए। जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है। यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया। हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया। कांग्रेस बांटना चाहती है पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं। हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10 फीसदी के आसपास है। कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है। कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए। आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है। एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज जातियों में बंटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी। कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं। इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है। इसलिए मेरा आपसे आग्रह है कि हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे। recent visitors 76

कांग्रेस OBC नाम सुनते ही चिढ़ जाती है… PM मोदी ने क्यों किया आंबेडकर के पंचतीर्थ का जिक्र, किसे दी चुनौती

अकोला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि जिस किसी राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है, वह राज्य पार्टी के ‘शाही परिवार’ के लिए एटीएम बन जाता है। मोदी ने 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के सिलसिले में अकोला में एक चुनाव प्रचार रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम महाराष्ट्र को कांग्रेस का एटीएम नहीं बनने देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस के शाही परिवार को चुनौती देता हूं कि वे साबित करें कि उन्होंने कभी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पंचतीर्थ का दौरा किया है।’’ मोदी ने आंबेडकर के जन्म स्थान महू, ब्रिटेन में अध्ययन के दौरान लंदन में उनके रहने की जगह, नागपुर में उनके बौद्ध धर्म अपनाने से संबंधित दीक्षा भूमि, दिल्ली में उनके ‘महापरिनिर्वाण स्थल’ और मुंबई में ‘चैत्य भूमि’ को दर्शाने के लिए ‘पंचतीर्थ’ शब्द का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लोगों ने ‘एक हैं तो सेफ हैं’ मंत्र का पालन करते हुए कांग्रेस की साजिश विफल कर दी। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को पता है कि जब देश कमजोर होगा, वह सिर्फ तभी मजबूत हो पाएगी। उस पार्टी की नीति एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ खड़ा कर देना है।’’ उन्होंने अकोला में कहा, “कांग्रेस पार्टी जानती है, देश जितना कमजोर होगा, कांग्रेस उतनी मजबूत होगी. इसीलिए अलग-अलग जातियों को लड़ाना, यही कांग्रेस की फितरत है. आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने कभी हमारे दलित समाज को एकजुट नहीं होने दिया, कांग्रेस ने हमारे ST समाज को भी अलग अलग जातियों में बांटकर रखा. OBC नाम सुनते ही कांग्रेस चिढ़ जाती है, OBC समाज की अलग से पहचान न बनें, इसलिए कांग्रेस ने तरह-तरह के खेल खेले हैं.”   recent visitors 71

ट्रंंप 2.0 के साथ समझौतें ‘मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड’ की भावना के अनुरूप होगा

नई दिल्ली  भारत और अमेरिका के बीच बड़े समझौतों की तैयारी है। 20 जनवरी, 2025 को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शपथ लेने के बाद, मोदी सरकार सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में बड़े सौदे कर सकती है। यह 'मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड' की भावना के अनुरूप होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में रोजगार पैदा होंगे, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर होगा और अमेरिकी व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। कोविड महामारी और अमेरिका-चीन संबंधों में खटास के बाद, कई अमेरिकी कंपनियों ने भारत में अपने कारखाने स्थापित किए हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यहां निर्माण क्षेत्र में और अधिक संभावनाएं हैं। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के जानकार एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने बताया कि ट्रंप 2.0 के शुरुआती दौर में ही भारत को कुछ बड़े सौदों को अंतिम रूप देने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छी केमिस्ट्री को देखते हुए यह सही समय होगा। कंज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी (CUTS) के महासचिव प्रदीप मेहता ने भारत-अमेरिका संबंधों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मेहता ने विनिर्माण क्षेत्र में अमेरिका की ताकत का लाभ उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिका भारत में उत्कृष्टता केंद्र और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोल सकेगा। एक्सपर्ट ने क्या सुझाव? मेहता ने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद यह संदेश देना चाहिए कि भारत कोई संरक्षणवादी देश नहीं है जो अमेरिकी उत्पादों पर ऊंची दरें लगाता है। 2020 में, ट्रंप ने आयातित मोटरसाइकिलों, खासकर हार्ले-डेविडसन पर ऊंची दरों को लेकर भारत पर हमला किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत में शायद दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ हैं और हार्ले-डेविडसन को भारत में भारी टैरिफ का भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने मार्च 2017 में अमेरिकी कांग्रेस को अपने संबोधन में पहली बार इस मुद्दे का उल्लेख किया था। 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से भारत को होगा नुकसान? ट्रंप के फिर से अमेरिका का राष्ट्रपति बनने से भारत के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो रही हैं। भारत से जाने वाले सामानों पर ज्यादा टैक्स लग सकता है, खासकर गाड़ियों, कपड़ों और दवाइयों पर। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ट्रंप 'अमेरिका फर्स्ट' नीति में यकीन रखते हैं। लेकिन, एक अच्छी खबर यह है कि ट्रंप समझौता भी कर लेते हैं। भारत, ट्रंप की टीम से बात कर रहा है ताकि उनकी आर्थिक नीतियों को समझा जा सके और कोई रास्ता निकाला जा सके। recent visitors 82