मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई विभाग की समीक्षा समान स्वरूप के छोटे उद्योगों की योजनाओं को युक्ति-संगत बनायें- मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने दिये स्किल्स फोर्स बनाने के निर्देश, छोटे उद्योगों से जुड़े उद्यमियों को मिले पूरी सहायता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम जैसे ही अन्य विभागों से जुड़े छोटे-छोटे लघु उद्योगों के विकास की सुविधाजनक योजनाओं को युक्ति-संगत बनाकर एक ही छत के नीचे लाया जाये। उन्होंने निवेशकों के मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के रुख के दृष्टिगत स्किल्स बैंक बनाने के निर्देश भी दिये, जिससे उद्योगों को एक साथ वर्क-फोर्स मिल सके। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा उद्योग आयुक्त एवं एमएसएमई विभाग के सचिव नवनीत मोहन कोठारी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हाल ही में राजधानी भोपाल के निकट रायसेन जिले में स्थित औद्योगिक केंद्र मंडीदीप गए थे, तब उन्हें उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी दी थी। उद्यामियों ने यह भी बताया था कि उन्होंने मंडीदीप में कुछ आंतरिक सड़क मार्गों का निर्माण अपनी ओर से करवाया है। इस संदर्भ में आज मंत्रालय में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग और सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों के लिए औद्योगिक संस्थानों में भूमि विकास के साथ ही सीवरेज व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को दिलवाना सुनिश्चित किया जाए। उद्योग से जुड़ी समस्याओं को तत्परता से हल करने के लिए उद्योग से जुड़े सभी विभाग को ही मार्ग निकालना है। इसके लिए उद्योग विभाग नेतृत्वकारी भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न व्यापार मेले अर्थ व्यवस्था की गति को रफ्तार प्रदान करते हैं। ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेलों की तर्ज पर अन्य नगरों में भी व्यापार मेले और उत्सव आयोजित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य प्रमुख निर्देश     उद्यमियों को आवश्यक अनुमतियां प्रदान करने के लिए भी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग द्वारा निरंतर समीक्षा की जाए। छोटे उद्योगों और छोटे उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी साप्ताहिक रूप से समीक्षा बैठक करें।     जिन जिलों में पावरलूम सेक्टर में विकास की संभावना है वहां आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवायें।     विभिन्न विभागों के समान स्वरूप के छोटे छोटे लघु उद्यमों को एक ही छत के नीचे लाया जाए। विभाग विशेष द्वारा दी जा रही सब्सिडी और सुविधाएं देने में भी एकरूपता की नीति लागू कर सकते हैं।     विभाग सभी योजनाओं को एक जैसा बनाएं। स्किल्स बैंक बनाएं जिसमें सभी ट्रेड के हुनरमंद या प्रशिक्षित फोर्स को समाहित करें, उद्योगों को वर्कर फोर्स उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ग्वालियर और उज्जैन व्यापार मेलों से हुआ साढ़े चार हजार करोड़ से अधिक का व्यापार बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताया गया कि इस वर्ष ग्वालियर व्यापार मेले में 1800 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ। उज्जैयिनी विक्रम व्यापार मेले में 2765.25 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ। महिला उद्यमी सम्मेलन भोपाल में 700 से अधिक महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। लघु उद्योग भारती देवास इंडस्ट्रियल कानक्लेव में भी एमएसएमई विभाग ने भूमिका निभाई। पावरलूम के साथ ही गारमेंट्स ,टैक्सटाइल, फार्मा फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष कार्य प्रारंभ किया गया है। एमएसएमई सेक्टर में कुल 850 इकाइयों को 275 करोड़ रुपए की अनुदान राशि गत अगस्त माह में प्रदान की गई है। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुल 2168 स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। प्रदेश में कुल साढे चार हजार स्टार्टअप और 70 इनक्यूबेटर स्थापित किए गए हैं। भोपाल में स्टार्टअप केंद्र की स्थापना की गई है। गत दो वर्ष में अधिमान्यता प्राप्त स्टार्टअप की संख्या में 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी में स्थान मिला है। अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स से अनुबंध किया गया है जिससे राज्य शासन ने 2.25 करोड़ निवेश किया है। इससे प्रदेश के तीन स्टार्टअप के लिए 11 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त किया गया है। मध्यप्रदेश में शासकीय भूमि पर निजी विकासक द्वारा 11 क्लस्टर स्वीकृत किए गए। निजी भूमि पर 24 क्लस्टर स्वीकृत हुए हैं जिनमें 2100 से अधिक भू-खण्ड होंगे। प्रदेश के 5 नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 291 भू-खण्ड और 6 औद्योगिक क्षेत्रों का उन्नयन किया जाएगा।   recent visitors 44

रानी दुर्गावती, राष्ट्र प्रेम और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक थीं, उनके सम्मान में हो रही सिंग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि रानी दुर्गावती, राष्ट्र प्रेम और महिला सशक्तिकरण को प्रतीक थीं। उनके सम्मान में संग्रामपुर में मंत्रि-परिषद की बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जन्म वर्षगाँठ के अवसर पर हमने पूरे साल अलग-अलग प्रकार के कार्य करने का निर्णय किया था। मुझे इस बात का संतोष है कि सरकार के गठन के साथ ही जनवरी को पहली कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती और वीरांगना रानी अवंतीबाई के नाम पर जबलपुर में की थी। उसके बाद अ‍ब 5 अक्टूबर को जन्म दिवस के अवसर पर वीरांगना रानी दुर्गावती की पहली राजधानी सिंग्रामपुर में शनिवार को मंत्रि-परिषद की बैठक हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें गौरवान्वित होना चाहिये कि हमारी वीरांगना रानी दुर्गावती ने देश की उस समय की कठिन परिस्थितियों में न केवल सुशासन बल्कि वीरता की भी बड़ी मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के सभी विरोधियों से न केवल डटकर मुकाबला किया बल्कि सुशासन की भी मिसाल पेश की। महिला सशक्तिकरण की दिशा में इससे बड़ा उदाहरण कोई नहीं हो सकता है कि रानी दुर्गावती ने अपने राज्य की रक्षा करते हुए एक प्रकार से बहनों को साथ लेकर सेना का नेतृत्व किया। दुश्मनों से मुकाबला किया, जब मौका मिला तो देश पर अपने आपको कुर्बान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अवसर पर "श्रीअन्न प्रोत्साहन की एक नई योजना" का शुभारंभ भी हो रहा है जिसमें वर्ष 2024-25 में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए मोटे अनाज की फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों की राज्य सरकार मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सभी गतिविधियों के पीछे भाव यह है कि हम अपने अतीत के उन सभी गौरवाशाली महापुरुषों और वीरांगनाओं को याद करें जिनसे हमारा देश और प्रदेश गौरवान्वित हुआ है।     recent visitors 122

रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है

सिंग्रामपुर के लिये 5 अक्टूबर का दिन होगा अभूतपूर्व :मुख्यमंत्री डॉ. यादव रानी दुर्गावती के सिंहासन कक्ष से प्रेरित पहली ओपन-एयर कैबिनेट रानी दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक सिंग्रामपुर में की जा रही है भोपाल राज्य शासन ने मातृ शक्ति को पूर्ण सम्मान देते हुए स्वतंत्रता संग्राम, सुशासन, साहस जैसे क्षेत्रों में राष्ट्र के लिये योगदान देने वाली वीरांगनाओं, शासिकाओं की स्मृति में विविध प्रयास किए जा रहे हैं। पहले इन्दौर में लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह पूर्व मनाई गई। अब दुर्गावती के सम्मान में मंत्रि-परिषद की बैठक दमोह के सिंग्रामपुर में उनकी जयंती पर की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ पूरा मंत्रीमण्डल और उच्च प्रशासनिक अमला 5 अक्टूबर का दिन दमोह के सिंग्रामपुर में बितायेंगे। यहां कैबिनेट बैठक के साथ सभी मंत्रीगण विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।     सिंग्रामपुर में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक।     प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में पात्र हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि का अंतरण।     प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में अनुदान राशि का अंतरण।     विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन।     ग्राम हरदुआ जामशा विकासखंड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     सिंगौरगढ़ किला, निदानकुण्ड जल प्रपात, प्राचीन दुर्गा माता मंदिर का भ्रमण।     कैबिनेट स्थल का डिजाईन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को करेगा प्रतिबिंबित रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में, सिंग्रामपुर में एक भव्य ओपन-एयर कैबिनेट बैठक होगी, जो रानी दुर्गावती के सुशासन, उनकी कार्यकुशलता और महिलाओं के सशक्तिकरण से प्रेरित है। इस बैठक का डिज़ाइन रानी दुर्गावती के किले की भव्यता को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें एक किला-नुमा प्रवेश द्वार और शिव मंदिर भी शामिल हैं। यह पहली बार है जब कैबिनेट की बैठक एक खुले क्षेत्र (ओपन एरिया) में आयोजित की जा रही है, जो रानी दुर्गावती के समय की स्थापत्य कला से प्रेरित है। यहां की आर्किटेक्चरल छत और दीवारें रानी के जीवन की संपूर्ण यात्रा को जीवंत रूप से प्रस्तुत करेंगी, जिसमें नारी युद्ध, प्रगतिशील शासन, और महिलाओं के सशक्तिकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया जाएगा। इस आयोजन की डिज़ाइन में शानदार पत्थर की दीवारें, मेहराबदार खिड़कियाँ और एक मध्यकालीन किले की प्रामाणिकता को दर्शाने वाले तत्व शामिल होंगे। सजावट गोंड कला से प्रेरित होगी, जो रानी दुर्गावती के सिंग्रामपुर क्षेत्र के गोंड समुदाय के साथ उनके गहरे संबंध को उजागर करेगी। खाद्य क्षेत्र को एक पारंपरिक गोंड गाँव के आँगन की तर्ज पर सजाया गया है, जहाँ मेहमान पेड़ों के नीचे बैठकर, हटा से लाए गए प्राचीन कांसे के बर्तनों में परोसा गया भोजन का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, मंत्रियों के लिए विशेष कार्यालय गोंड कला और भित्ति चित्रों से प्रेरित होकर बनाए जा रहे हैं, जो कार्य-क्षमता और सांस्कृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करेंगे। सिंग्रामपुर के भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों का स्वागत स्थानीय जनजातीय सांस्कृतिक टीम द्वारा पारंपरिक शैली में किया जाएगा, जो क्षेत्र की अनोखी परंपराओं और जीवंत आत्मा को उजागर करेगा।   recent visitors 60

मध्यप्रदेश सरकार ने 23.4 प्रतिशत बढ़ाया जनजातीय विभाग का बजट

जनजातियों के समग्र विकास के लिये तत्पर मध्यप्रदेश सरकार 23.4 प्रतिशत बढ़ाया गया जनजातीय विभाग का बजट भोपाल समर्थ बनाने की संवेदनशील पहल पर वित्त वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जनजाति (उप योजना) के लिये 40 हजार 804 करोड़ रूपये का बजट पारित किया है। जनजातियों के समग्र विकास के लिये पारित यह बजट वित्त वर्ष 2023-24 की तुलना में 3,856 करोड़ रूपये (करीब 23.4 प्रतिशत) अधिक है। जनजातीय बंधुओं और इनकी पुरा संस्कृति के संरक्षण और समयानुकूल विकास के लिये सरकार द्वारा अनेक नवाचारी कदम उठाये जा रहे हैं। सरकार के प्रयासों से ही जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी, युवा, खिलाड़ी और कलाकार अब विकास की एक नई राह पर चल पड़े हैं। पीएम जन-मन अभियान प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष रूप से पिछड़े एवं कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सर्वांगीण विकास के लिये भी मध्यप्रदेश सरकार अत्यंत संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। मध्यप्रदेश में तीन विशेष पिछड़ी जनजातियां बैगा, भारिया एवं सहरिया निवास करती हैं। पीएम जन-मन में इन विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में बहुउद्देश्यीय केन्द्र, ग्रामीण आवास, ग्रामीण सड़क, समग्र शिक्षा एवं विद्युतीकरण से जुडे कार्य कराये जा रहे हैं। सरकार ने जारी साल के बजट में इन कामों के लिये 1,607 करोड़ रूपये दिये हैं। पीवीटीजी बटालियन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्णय लिया है कि जनजातीय कार्य विभाग की शौर्य संकल्प योजना के अंतर्गत प्रदेश में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह बैगा, भारिया एवं सहरिया के लिये अलग से बटालियन गठित की जायेगी। साथ ही इस समूह के इच्छुक युवाओं को पुलिस, सेना एवं होमगार्ड में भर्ती कराने के लिये आवश्यक प्रशिक्षण दिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के युवाओं को रोजगार एवं सेवा से जोड़ने के लिये पीवीटीजी बटालियन बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजाति पीवीटीजी समूह में आती हैं। इसी प्रकार आर्म्ड फोर्सेस में भर्ती के लिये प्रशिक्षण योजना में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के युवाओं को नेवी, आर्मी, एयरफोर्स, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ, पुलिस, होमगार्ड एवं अन्य निजी सुरक्षा एजेन्सियों में भर्ती कराने के लिये इन्हें प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आहार अनुदान योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पीवीटीजी आहार अनुदान योजना में इन जनजातीय परिवारों की महिला मुखिया को 1,500 रूपये प्रतिमाह पोषण आहार अनुदान राशि दी जाती है। इसके लिये सरकार ने बजट 2024-25 में 450 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं। बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातीय परिवारों के समग्र विकास के लिये मध्यप्रदेश सरकार 2024-25 में 100 करोड़ रूपये अतिरिक्त व्यय करेगी। पीवीटीजी क्षेत्रों में 217 नये आंगनवाड़ी भवन बनाये जा रहे हैं। इसके लिये बजट में 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी की जायेगी स्थापित जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिये राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। जनजातीय विद्यार्थियों को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित कराने के लिये फ्री-कोचिंग दी जायेगी। इसके लिये सरकार प्रदेश के सभी जनजातीय विकासखंडों में रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही है। इस अकादमी के जरिये जनजातीय विद्यार्थियों को जेईई, नीट, क्लेट और यूपीएससी जैसी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की बड़ी परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग देकर इन्हें परीक्षाओं में सफल होने के गुर सिखाए जायेंगे। शासन से स्वीकृति मिलते ही रानी दुर्गावती प्रशिक्षण अकादमी प्रारंभ कर दी जायेंगी। आकांक्षा योजना "एक सराहनीय पहल" वर्तमान में जनजातीय विद्यार्थियों को 'आकांक्षा योजना' के अंतर्गत जेईई, नीट, क्लेट की तैयारी के लिये भोपाल, इंदौर एवं जबलपुर में कोचिंग दी जा रही है। अखिल भारतीय सेवाओं की परीक्षा की तैयारी कराने के लिये निजी कोचिंग संस्थाओं द्वारा विद्यार्थियों को कोचिंग दी जा रही है। अब सभी ट्राइबल ब्लॉकों में जनजातीय विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग का लाभ देने के लिये योजना की संशोधित डीपीआर तैयार कर ली गई है। जनजातीय वर्ग के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की ठोस चिंता करते हुए सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में सीएम राइज स्कूलों के निर्माण के लिये 667 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिये सरकार ने 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालयीन का छात्रवृत्ति के लिये 500 करोड़ रूपये प्रावधान किया हैं। नि:शुल्क कोचिंग के साथ सरकार जनजातीय विद्यार्थियों को टैबलेट भी देगी। टैबलेट के लिये डेटा प्लान भी सरकार नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी। योजना के लिये सरकार ने बजट में 10.42 करोड़ रूपये आरक्षित किये हैं। तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिये कार्यरत हैं पृथक-पृथक विकास प्राधिकरण जनजातीय कार्य विभाग में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों के विकास के लिए योजना बनाने एवं इनका क्रियान्वयन के लिये एजेन्सी भी कार्यरत है। इन विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिये योजना बनाने एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करने के लिये प्रदेश में बैगा, भारिया एवं सहरिया पीवीटीजी के लिये पृथक-पृथक विकास प्राधिकरणों सहित कुल 11 प्राधिकरण कार्यरत हैं। पेसा नियमों से एक करोड़ से अधिक जनजातीय आबादी को मिल रहा लाभ पेसा एक्ट में मध्यप्रदेश में पेसा नियम, नवम्बर 2022 से लागू हैं। यह नियम प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 गावों में लागू है। इन नियमों में प्राप्त अधिकारों का उपयोग जनजातीय वर्ग के हितों के लिये अत्यंत प्रभावशाली साबित हो रहा है। पेसा से जनजातीय वर्ग अपनी क्षेत्रीय परम्पराओं, अपनी संस्कृति और जरूरतों के मुताबिक फैसले लेकर विकास की राह में आगे बढ़ सकेंगे। पेसा नियमों के क्रियान्वयन से जनजातीय समुदाय के एक करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हो रहा है। जनजातीय विद्यार्थियों के लिये सरकार के महती प्रयास कक्षा पहली से आठवीं तक प्री-मेट्रिक राज्य छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 17 लाख 36 हजार 14 विद्यार्थियों को 56 करोड़ 59 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 9वीं और 10वीं केन्द्र प्रवर्तित प्री-मेट्रिक छात्रवृत्ति योजना में वर्ष 2023-24 में 1 लाख 51 हजार 292 विद्यार्थियों को 52 करोड़ 15 लाख रूपये छात्रवृत्ति दी गई। कक्षा 11वीं, 12वीं एवं महाविद्यालय में पढ़ रहे … Read more

दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल, ग्रामीण अंचलो से लिए जायेंगे जनहितकारी निर्णय जिला प्रशासन द‌मोह ने सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति जिला प्रशासन ने कैबिनेट की तैयारियों को दिया अंतिम रूप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए राजधानी भोपाल से परे संभागीय और आंचलिक क्षेत्रों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ कैबिनेट की बैठकें करने की पहल की है। मोहन सरकार की राजधानी के बाहर पहली कैबिनेट बैठक जनवरी 2024 को जबलपुर में हो चुकी है। इसी क्रम में अगली कैबिनेट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होने जा रही है। जिला प्रशासन द‌मोह द्वारा सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का योगदान ऐतिहासिक रहा है। द‌मोह जिले सिंग्रामपुर गाँव के नजदीक सिंगौरगढ़ का किला है। यह क्षेत्र रानी दुर्गावती की राजधानी के रूप में इतिहास में दर्ज है। वीरांगना दुर्गावती के 500वें जन्मशती वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक करने का निर्णय लिया गया है। आगामी 5 अक्टू‌बर को राज्य मंत्री-मंडल के सभी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सिंग्रामपुर पहुंचेंगे, जहाँ प्रदेश के विकास लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जायेंगे। लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा ग्राम सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक साथ लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा बहनों से संवाद भी किया जायेगा। सिंग्रामपुर क्षेत्र का करेंगे भ्रमण सिंग्रामपुर और उसके आस-पास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा भ्रमण भी किया जायेगा। इसमें रानी दुर्गावती के किले का अवलोकन, रानी मंदिर में पूजा-अर्चना और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी मंत्रीगण यहाँ पौध-रोपण भी करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में नागरिको की समस्याओं के निराकरण, सुशासन, विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी काही योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की संभागवार समीक्षा बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली समीक्षा बैठक 17 सितम्बर 2023 को उज्जैन मुख्यालय पर ली। इसी क्रम में अन्य संभागों में भी समीक्षा बैठकें ली जाकर मैदानी स्तर पर प्रशासनिक और योजनाओं के क्रियान्वन की स्थिति को आंका गया। अन्य गतिविधियां दमोह दर्शन पुस्तक का विमोचन।     संकट के साथी एवं दमोह हेल्पलाईन मोबाईल एप की शुभारंभ।     विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण।     दमोह जिले के विज़न डाक्यूमेंट का विमोचन।     दमोह जिले की उपलब्धियों के वीडियो का प्रदर्शन।     70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड योजना का शुभारंभ।     सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में राशि का भुगतान।     विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण।     ग्राम हरदुआ जामशा, विकासखण्ड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     बाढ़ के दौरान बचाव कार्य करने वाली टीम का सम्मान।     स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों से संवाद।   recent visitors 73

राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है

भोपाल मप्र सरकार की डेस्टिनेशन कैबिनेट पॉलिटिक्स का अगला पड़ाव दमोह का सिंग्रामपुर बनने जा रहा है, जहां नवदुर्गा के तीसरे दिन 5 अक्टूबर को डॉ. मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। इस दिन वीरांगना रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती है। राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में मोहर लग सकती है। यहां दुर्गावती के नाम पर संग्रहालय, ऑडिटोरियम, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई की स्थापना और पेयजल और सिंचाई के लिए तालाब निर्माण के प्रस्तावों समेत बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ घट रही दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार रानी दुर्गावती के नाम पर वुमन सेफ्टी से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। सिंग्रामपुर में हिल टॉप एक हेलीपैड का निर्माण किया गया है। रानी दुर्गावती के सम्मान में वुमन सेफ्टी से जुड़ा नया कदम उठा सकती है सरकार तीसरी डेस्टिनेशन कैबिनेट सिंग्रामपुर कैबिनेट मीटिंग मोहन सरकार की तीसरी डेस्टिनेशन केबिनेट होगी। इससे पहले उज्जैन और जबलपुर में भी राज्य सरकार की कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। मोहन यादव अगली कैबिनेट बैठक लोकमाता अहिल्या देवी के 300वें जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनकी राजधानी रहे खरगोन के ऐतिहासिक शहर महेश्वर में करने की घोषणा कर चुके हैं। 31 मई 2025 को होल्कर रियासत की महान शासक अहिल्या देवी की 300वीं जयंती है। शिवराज , कमलनाथ भी कर कर चुके ऐसी कैबिनेट बैठकें कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में तत्कालीन सीएम कमलनाथ भी उज्जैन और जबलपुर में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी अपने कार्यकाल में उज्जैन और पचमढ़ी में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। मोहन सरकार की पिछली दो डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें उज्जैन कैबिनेट- सरकार बनने पर दिसंबर माह में मोहन सरकार की पहली केबिनेट बैठक उज्जैन में हुई थी। इस बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन शहर से जुड़ी विकास योजनाओं को प्रमुखता से मंजूरी दी गई थी। जबलपुर कैबिनेट: यह 3 जनवरी को हुई थी। तब यहां 800 करोड़ की लागत से प्रदेश के सबसे लंबे एलिवेटेड कॉरीडोर, 400 करोड़ से आईटी पार्क और 65 करोड़ की लागत के गारमेंट और फैशन डिजाइन क्लस्टर के विकास को मंजूरी दी गई थी। जबलपुर में नर्मदा के 17 घाटों को हरिद्वार की तरह विकसित करने और रानी दुर्गावती की जीवनी को मप्र के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जबलपुर में 409.53 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण भी किया था। बरगी डेम के प्रभावित 10 ग्राम के 1414 परिवारों को भू-अभिलेख के पट्टे भी दिए थे।   recent visitors 76

कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई

स्वच्छता दिवस कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र मुख्यमंत्री ने नगर निगम के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का अवलोकन किया कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई भोपाल भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुए स्वच्छता कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी, स्वच्छता उपकरण और ट्रिपल-आर ऑन व्हील आकर्षण का केन्द्र रहे। स्वच्छता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम भोपाल के सफाई कार्य में लगे उपकरण, ट्रिपल-आर ऑन व्हील और अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग कर बनाई गई सामग्री का अवलोकन किया। ट्रिपल-आर ऑन व्हील कार्यक्रम स्थल पर ट्रिपल-आर ऑन व्हील पर वस्तुएं प्रदर्शित की गई थी। इस वाहन पर रेखा खरे, विशाखा सिलाई मशीन के साथ बैठी थीं। उन्होंने बताया कि अब तक ट्रिपल-आर अर्थात रि-ड्यूस, रि-यूज और रि-सायकल के तीन केन्द्र भोपाल के बोट क्लब, 10 नम्बर बस स्टॉप और विट्ठल मार्केट पर निंरतर संचालित हो रहे हैं। नगर निगम भोपाल में अब इस सुविधा को वाहन के साथ चलित सेवा बना दिया है। रेखा बताती हैं कि चलित वाहन के जरिये जन-सामान्य को पॉलिथिन के उपयोग न करने की समझाइश दी जायेगी और जन-सामान्य द्वारा दी जाने वाली अनुपयोगी कपड़ों से थैले बनाकर दिये जायेंगे। रेखा बताती हैं कि बेकार इलेक्ट्रिक सामान और वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग कचरे को संग्रहण किये जाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही अन्य बेकार सामग्री से कॉपी-किताबों के कवर और डेकोरेशन की सामग्री तैयार की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसकी प्रशंसा की। सुअरूणा सिंह स्टार्ट-अप कंपनी से बना रही हैं खिलौने प्रदर्शनी स्थल पर सुअरूणा सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि उनकी स्टार्ट-अप कंपनी भोपाल में बच्चों को ईको फ्रेंडली खिलौने उपलब्ध करा रही है। उनकी कंपनी में 20 लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उनके ज्यादातर खिलौने लकड़ी से ही तैयार होते हैं। इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता है। वे बताती हैं कि खिलौनों के माध्यम से बच्चों को अक्षर ज्ञान, भौगोलिक ज्ञान के लिये नक्शे एवं दिमागी कसरत के अनेक खिलौने बनाती हैं। उन्होंने जबलपुर इंजीनियिंग कॉलेज से इंजीनियरिंग की है। सुअरूणा स्वयं का व्यवसाय करना चाहती थीं इसलिये उन्होंने स्टार्ट-अप कंपनी शुरू करने का विचार बनाया और अब सफलतापूर्वक कंपनी का संचालन कर रही हैं। पीएम स्व-निधि से तैयार वस्तुओं का प्रदर्शन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पीएम स्व-निधि योजना से लाभान्वित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने वस्तुओं का प्रदर्शन किया। सुप्रीति राव ने भोपाल की प्राचीन कारीगरी से तैयार जरदोजी़ सामग्री का प्रदर्शन किया। वे बताती हैं कि यह काम सारे हिन्दुस्तान में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि उनके समूह ने 'वन प्रोडक्ट – वन रेलवे स्टेशन' कार्यक्रम में भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर स्टॉल लगाया है। स्टॉल पर प्रदर्शित जरदोजी सामग्री को यात्रियों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। इनके साथ ही अन्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने आर्टिफिशियल ज्वैलरी, फूड आइटम और हैण्डलूम कपड़ों का प्रदर्शन किया। आज प्रदेश में बड़ी संख्या में महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बना रहीं हैं। प्रदर्शनी स्थल पर नारियल जूट से तैयार सामग्री का भी प्रदर्शन किया गया। recent visitors 55