आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 10 अक्टूबर को करेंगे सम्पदा 2.0 का शुभारंभ ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज होंगे तैयार : वाणिज्यिक कर मंत्री देवड़ा आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के सम्पदा 2.0 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ आज 10 अक्टूबर 2024 को करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में दोपहर एक बजे शुभारंभ होगा। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवडा ने बताया कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य शासन का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम लागू किये गये है। इस उन्नत सॉफ्टवेयर का पायलेट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन गुना, हरदा, डिण्डौरी और रतलाम जिलों में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। आगामी गुरूवार को इसे प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू किया जायेगा। सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से होगी पहचान सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से पहचान होगी। इसकी विशेषताओं में संपत्ति की जीआईएस मैपिंग, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों का स्वतः प्ररूपण शामिल है। इस प्रणाली में दस्तावेजों का निष्पादन ई-साइन और डिजिटल सिग्नेचर से किया जाएगा, जिससे गवाह लाने की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। कुछ दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अब उप पंजीयक कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी। पंजीयन अधिकारी से संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा, और कई मामलों में किसी भी प्रकार के इंटरैक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। व्यक्ति की पहचान के लिए वीडियो केवाईसी का प्रावधान भी रखा गया है। ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से होगा दस्तावेज का निष्पादन पंजीयन के लिये ई-साइन एंव डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज का निष्पादन होगा। दस्तावेजों की ई-कॉपी डिजी लॉकर, व्हाट्सएप, और ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध होगी। साथ ही ई-स्टाम्प सृजित करने की सुविधा भी होगी। संपत्ति की सर्च प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। सम्पदा 2.0 – विशेष मोबाइल एप सम्पदा 2.0 विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया जा चुका है। यह नवाचार न केवल आम जनता के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेंस की दिशा में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। यह पहल साइबर तहसील और डिजिटल प्रक्रियाओं से प्रदेश के राजस्व संग्रहण को भी सुचारू रूप से संचालित करेगी।   recent visitors 135

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई

केन्द्रीय गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की बैठक हुई मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैठक में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवम सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों तथा आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल के उपमुख्यमंत्रियों/ गृहमंत्रियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिदृश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्यों के साथ वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सघन अभियान, हिंसक घटनाओं की सघन जांच और अभियोजन, राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय और राज्यों की इंटेलिजेंस क्षमता निर्माण जैसे सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की। विकास के मुद्दों जैसे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने, मोबाइल टावरों के उन्नयन, वित्तीय समावेशन और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के संबंध में भी बैठक में विचार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि नक्सलवाद व वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध केंद्र और राज्य सरकारों का समन्वय निश्चित रूप से इसे जड़ से समाप्त करने के प्रयासों को बल प्रदान करेगा। नक्सल गतिविधियां नियंत्रण के लिए प्रदेश में अब तक की गई कार्रवाई मध्यप्रदेश में नक्सल गतिविधियां सर्वप्रथम वर्ष 1990 में बालाघाट जिलें में परिलक्षित हुई प्रदेश के 3 जिलें बालाघाट, मंडला तथा डिंडोरी नक्सल प्रभावित है, जिनमें बालाघाट अति नक्सल प्रभावित है।     मंडला तथा डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।     नक्सलियों द्वारा बालाघाट में पहली बड़ी हिंसक वारदात वर्ष 1991 में लांजी थाना क्षेत्र में की थी, जिसमें पुलिस वाहन को माईन्स ब्लास्ट से क्षति हुई थी। घटना में 09 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     दूसरी बड़ी घटना बालाघाट के रूपझर थाना के ग्राम नांरगी क्षेत्र में की थी जिसमें माईन्स विस्फोट के द्वारा पुलिस वाहन को क्षति हुई थी। इस घटना में 16 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।     नक्सलियों द्वारा वर्ष 1999 में प्रदेश के तत्कालीन परिवहन मंत्री लिखिराम कांवरे की हत्या की गई थी।     प्रदेश शासन द्वारा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में विशिष्ट बल "हॉक फोर्स" का गठन किया गया।     गठन के पश्चात हॉकफोर्स द्वारा नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया। नक्सल संगठन द्वारा प्रभाव क्षेत्र में विस्तार के लिए वर्ष 2016 में एमएमसी जोन (मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है।     सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सल संगठन विस्तार में अभी तक असफल रहा।     बस्तर में सुरक्षा बलों की लगातार कार्यवाही से नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में कमी के चलते उनके प्रदेश की ओर आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस हेतु अनेकों नवीन कैम्पों का निर्माण शीघ्र किया जायेगा।     इस पर नियंत्रण हेतु सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ तथा महाराष्ट्र पुलिस के साथ सीमा क्षेत्रों में संयुक्त कैम्प स्थापित किए गए है।     विगत 5 वर्षों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा विभिन्न मुठभेड़ों में 20 हार्डकोर नक्सलियों को मारा गया है, जिन पर घोषित संयुक्त इनाम 3.31 करोड़ रूपये था।     इसी दौरान मुठभेड़ों में 6 नक्सली गिरफ्तार भी किए गए जिन पर घोषित संयुक्त ईनाम 85 लाख रूपये था।     विगत 8 माह में 3 मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए है तथा एक महिला नक्सली गिरफ्तार हुई है।     विगत 2 वर्षों में डीव्हीसीएम (डीव्हिजनल कमेटी मेम्बर) स्तर के 3 नक्सलियों को मुठभेड़ों में मारा गया। इनसे 3 ए.के.-47 रायफल तथा बीजीएल शैल (Barrel Grenade Launcher Shell) बरामद हुए।     वर्ष 2023 में उत्तर बस्तर डीवीजन का एसजेडसीएम अशोक रेडडी उर्फ बलदेव गिरफ्तार किया गया, जिस पर संयुक्त रूप से 82 लाख रूपये का ईनाम घोषित था।     हॉक-फोर्स तथा विशेष आसूचना शाखा में प्रतिनियुक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा वर्ष 2022 में नवीन भत्ते स्वीकृत किए, जिसके फलस्वरूप इसमें पदस्थ पुलिस कर्मियों के मनोबल में आशातीत वृद्धि हुई है।     नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 262 पुलिसकर्मियों को क्रम पूर्व पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 52 पुलिस कर्मचारियों को विगत 8 माह में क्रम पूर्व पदोन्नति प्रदान की गई है।     मुठभेड़ों में सूझबूझ तथा साहस का प्रदर्शन करने के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों को 37 वीरता पदक प्राप्त हुए हैं।     नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने तथा आत्मसर्मपण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 में नवीन "मध्यप्रदेश नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023" लागू की गई। इन प्रावधानों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को संगठन में उसके द्वारा धारित पद नाम एवं धारित हथियार के अनुसार घोषित ईनामी राशि, मकान निर्माण हेतु 1.5 लाख, जीवन यापन हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख, अचल सम्पत्ति के लिए 20 लाख, विवाह हेतु प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपये एवं आयुष्मान भारत व खाद्यान्न सहायता का लाभ दिया जायेगा।     नक्सल समस्या के निवारण के लिए राज्य सरकार द्वारा बहुआयामी रणनीति के अनुसार काम किया जा रहा है, जिसमें एक ओर रणनीतिक अभियान संचालित किए जा रहे है वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न विकास योजनाओं के द्वारा क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए अधोसंरचना विकास कार्य भी किए जा रहे है।     आमजन की आवागमन सुगमता हेतु केंद्र सरकार के सहयोग से नवीन सड़कों, पुल तथा पुलियों का निर्माण किया गया है। अनेक सडकों का निर्माण प्रगति पर है।     संचार सुगमता हेतु अनेक मोबाईल टॉवर स्थापित किए गए हैं तथा कई का निर्माण प्रगति पर है।     विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित ग्रामों में सड़क, पुलियां तथा विद्युतीकरण किया गया है।     क्षेत्र में निवासरत आमजन में सदभावना वृद्धि हेतु पुलिस चौकियों तथा सुरक्षा कैम्पों के द्वारा जनमैत्री अभियान" में स्थानीय निवासियों को आधारकार्ड, आयुष्मान भारत योजना, अंत्योदय योजना सहित अन्य योजनाओं में लाभ दिलाया जा रहा है।     क्षेत्र के निवासियों में सुरक्षा की भावना की वृद्धि तथा नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण के … Read more

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार

प्रधानमंत्री मोदी के जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को समर्पित 23 वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को दी बधाई प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत करेगा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का स्वप्न साकार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनकल्याण और राष्ट्र सेवा में समर्पित अपने 23 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रशासनिक जीवन से पहले का जीवन भी देखा है। एक प्रचारक के रूप में उन्होंने 50 साल जीवन जिया, वह भी आदर्श था। उनके नवाचार और उनके काम करने के तरीके उस समय भी कुशल संगठनकर्ता का प्रमाण थे। गुजरात में जो सुशासन स्थापित किया, वह गजब है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं गुजरात गया हूँ और पुन: जाऊंगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में तीन बार मुख्यमंत्री के रूप में सरकार बनाई और गुजरात को कहां से कहां पहुंचा दिया। निश्चित ही यह अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के एक कारगर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ यह 23 साल सभी के सामने है। परमात्मा करे, कि वे इसी तरह देश का नेतृत्व करते रहें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने विकास के अनूठे प्रकल्प संचालित किए और बहु-आयामी उपलब्धियां हासिल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की प्रत्येक वर्ग के उत्थान और कल्याण की इस यात्रा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत को गौरवान्वित होने का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की अविरल यात्रा से 2047 तक भारत विकसित देशों की पंक्ति में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। महिला सशक्तिकरण में अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं सबल बनाने की अभिनव पहल की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का मत है कि “बेटा-बेटी एक समान’’ के मूलमंत्र को प्राथमिकता देना चाहिए। कन्या का जन्म, उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत 22 जरवरी 2015 में पानीपत हरियाणा में की थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने से बेटा-बेटी लिंगानुपात की विसंगति को रोकने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उद्यमियों के बुलंद हौसले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख से देश के उद्योग जगत में एक नये उत्साह का संचार हुआ। भारत में उद्यमशील ऊर्जा की कमी नहीं है, युवा उत्साहित और ऊर्जावान, परंतु उन्हें प्रोत्साहित और पल्लवित करने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने चाहा कि भारतीय, नौकरी चाहने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की “मेक इन इंडिया की पहल’’, भारत में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए 4 स्तंभों पर आधारित है, न सिर्फ मेन्यूफेक्चरिंग में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी। इसी का परिणाम है कि औद्योगिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार हुई तेज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सर्वाधिक तेज़ी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक समय है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को तेज रफ्तार से विकास के पथ पर ले आई। भारत की विकास दर ने देश को दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। खुशहाल भारत के लिए मजबूत किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि को तेजी से बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। किसान हमेशा से हमारे देश के विकास का आधार रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाकर देश के इस आधार को और सशक्त बनाने प्रयास किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित कर उपज को बढ़ाएगी। इस योजना का विजन यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक खेत को सिंचाई के साधन उपलब्ध कराए जाएं। किसानों को सिंचाई के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है ताकि पानी की ‘प्रत्येक बूंद के बदले अधिक पैदावार’ मिले। प्रधानमंत्री का मानना है कि किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की महान शक्तियों में से एक होगा।   recent visitors 112

मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री

मध्यप्रदेश सहित नक्सल प्रभावित राज्य संयुक्त अभियान चलाकर करेंगे नक्सलियों का खात्मा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध- मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार ने विगत दो वर्ष में जो कदम उठाए हैं वह पिछले तीन दशक में नहीं उठाए गए। मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना आदि राज्य संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलवादियों का खात्मा करने के लिए संकल्प बद्ध हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को नई दिल्ली में सम्पन्न नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में प्राप्त मार्गदर्शन अनुसार राज्यों द्वारा पूर्ण तालमेल के साथ कार्य किया जाएगा। विकास के मुद्दों दूरसंचार, सड़क संपर्क में वृद्धि, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बढ़ाकर समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने संयुक्त टास्क फोर्स में वृद्धि पर भी बल देते हुए कहा कि नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों में कोई कमी नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में आयोजित वामपंथी उग्रवाद और नक्सलवाद पर हुई बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह केन्द्र सरकार कार्य कर रही है उसी तरह केन्द्रीय गृह मंत्री शाह भी सक्रियता से रणनीतिपूर्वक कार्य कर रहे हैं। गृह मंत्री शाह ने नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ ठोस रणनीति बनाई है। यही कारण है कि अब कार्रवाई का इंतजार नहीं करना पड़ता है और ठोस कार्रवाई हो जाती है। ऐसी कार्यवाही का परिणाम भी आता है। लगातार देश के अलग-अलग राज्यों में नक्सलवादी गतिविधियां आखिरी चरणों में पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज की बैठक में जैसा केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा है कि हमें कानून के शासन को स्थापित करना है और कुशासन का अंत करना है। मुझे इस बात का संतोष है कि केन्द्र सरकार ने इस बात को माना है कि हमारी नीति जीरो टॉलरेन्स की है। इस लक्ष्य के आधार पर हम यह कहेंगे कि नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो और विकास के सभी प्रकार के आयाम स्थापित हों। खास तौर पर सुरक्षा, सड़क संपर्क, पर्यावरण, दूरसंचार और अन्य गतिविधियों का संचालन जिससे सामान्य जीवन में विश्वास बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कठोर कार्रवाई के साथ ही पुनर्वास की दृष्टि से भी कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे नक्सलवादी, नक्सल गतिविधियाँ छोड़ कर अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं और विकास में कदम से कदम मिलाना चाहते हैं, वे समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह के मार्गदर्शन में हम इस दिशा में काम करेंगे। यह भी प्रयास रहेगा कि नक्सली गतिविधियों से अव्यवस्था न हो। कानून को अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं मिलेगी।   recent visitors 47

दुर्गाबाई व्योम को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिलाई भाजपा की सदस्यता

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 33 में पद्मश्री से सम्मानित गोंड कलाकार दुर्गाबाई व्योम के निवास पर जाकर उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति और समृद्धि में भागीदार बनने के लिए सभी भाजपा से जुड़ना चाहते हैं। वीडी शर्मा ने भी दिलाई महिलाओं को सदस्यता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भोपाल के वार्ड क्रमांक 3 में बूथ क्रमांक 2 और 3 पर भजन और कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लिया और कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को भाजपा की सदस्यता दिलाई। मध्य प्रदेश के पार्टी मामलों के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने भांडेर और सांवेर विधानसभा क्षेत्रों में नए भाजपा सदस्यों को शामिल किया। कौन हैं दुर्गाबाई व्योम वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के छोटे से गांव बुरबासपुर की रहने वाली हैं। कमाल की बात ये है कि वह कभी स्कूल नहीं गईं। अपनी कलाकारी के दम पर उन्होंने देशभर में अपनी खास पहचान बनाई। आदिवासी कला को एक नई ऊंचाई देने के लिए उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 6 साल की उम्र से कर रहीं चित्रकारी चार भाई-बहनों के साथ पलीं दुर्गाबाई के पिता चमरू सिंह की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस वजह से वह कभी स्कूल भी नहीं जा पाईं। हालांकि उनको चित्रकारी से लगाव था, इसलिए वह बचपन से ही चित्रकारी करती रहती थीं। छह साल की उम्र से शुरु हुआ चित्रकारी का यह सफर अनवरत अब तक जारी है। कला में लोककथाओं का जिक्र उनके चित्रों में गोंड समुदाय से जुड़ी लोककथाओं की झलक देखने को मिलती है। इस कलाकारी का श्रेय वह अपनी दादी और मां को देती हैं। इसे डिगना कला कहा जाता है, जिसे गोंड समुदाय में शादियों और खेती से जुड़े त्योहारों पर घर की दीवारों पर उकेरा जाता है। recent visitors 71

भोपाल में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1800 करोड़ रुपयों से अधिक का नशीला पदार्थ जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और गुजरात पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की संयुक्त कार्रवाई में नशीले पदार्थ का उत्पादन करने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर लगभग नौ क्विंटल एमडी (मेफेड्रोन) और अन्य सामान जप्त करने के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में राज्य सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ यादव ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के सोशल मीडिया एक्स पर भोपाल के पास नशे की एक फैक्ट्री के खुलासे के संबंध में किए गए पोस्ट बाद सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। डॉ यादव ने संघवी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कल रात लिखा, “नशे के खिलाफ हर कार्रवाई में मध्यप्रदेश सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। आपके स्नेहपूर्ण शब्दों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।” डॉ यादव ने एक अन्य पोस्ट में संघवी की ओर से उन्हें (मुख्यमंत्री डॉ यादव को) लिखे गए पत्र की प्रति पोस्ट करते हुए लिखा है, “प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर नशे के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, जिसमें अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई भी शामिल है। इसी क्रम में गुजरात एटीएस एवं एनसीबी दिल्ली द्वारा की गयी कार्रवाई में मध्यप्रदेश पुलिस ने भी तत्परता के साथ सहयोग किया है। जिसके तहत सभी दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश के मार्ग में बाधा बनने वाली किसी भी अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। माननीय हर्ष संघवी जी आपका हृदय से आभार।” इसके पहले संघवी ने कल शाम सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था, “गुजरात एटीएस तथा एनसीबी दिल्ली द्वारा भोपाल में की गयी संयुक्त कार्रवाई के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के द्वारा सराहनीय मदद की गयी। ऑपरेशन की सफलता में मध्यप्रदेश पुलिस के अमूल्य योगदान के लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूँ। इस ऑपरेशन की आगे की इन्वेस्टीगेशन में भी मध्यप्रदेश पुलिस गुजरात एटीएस की निरंतर मदद कर रही है। इस तरह के विभिन्न राज्यों तथा केंद्रीय एजेंसीज़ के समन्वित प्रयासों से ही नार्कोटिक्स के विरुद्ध की लड़ाई को जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी एवं उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार।’’ संघवी की ओर से मुख्यमंत्री डॉ यादव को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश पुलिस की “सराहनीय मदद” का जिक्र किया गया है। दूसरी ओर भोपाल पुलिस आयुक्त की ओर से सोशल मीडिया के जरिए कहा गया कि मुख्यमंत्री डॉ यादव के निर्देश पर भोपाल पुलिस मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस अभियान के तहत ऑपरेशन अंकुश चलाया गया है, जिसमें अब तक 55 आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर 13 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जप्त किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भोपाल के पास फैक्ट्री के भंडाफोड़ मामले में भोपाल पुलिस के सहयोग से मंदसौर पुलिस एवं गुजरात पुलिस द्वारा एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इसके पहले संघवी ने इस सिलसिले में कल दिन में सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। संघवी ने अपनी पोस्ट में कहा कि गुजरात एटीएस और एनसीबी दिल्ली ने अपने संयुक्त अभियान में ड्रग्स (मादक पदार्थों) के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की है। हाल ही में इन दोनों एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान के तहत भोपाल में एक कारखाने पर छापामार कार्रवाई की, जिसके बाद वहां से लगभग 1814 करोड़ रुपए की एमडी (एक प्रकार का मादक पदार्थ) और उसके निर्माण में उपयोग आने वाला सामान जब्त किया गया। संघवी के पोस्ट के बाद राजधानी भोपाल के विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप में भोपाल पुलिस और राज्य सरकार को लक्ष्य करके अनेक टिप्पणियां की जाने लगीं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया। सोशल मीडिया में कहा गया कि भोपाल के पास इतनी बड़ी फैक्ट्री चलती रही और पुलिस को इसका पता ही नहीं चला। इसके अलावा गुजरात पुलिस कार्रवाई करके भी चली गयी और इसकी भनक तक पुलिस को नहीं लगी। रविवार रात को यहां सूत्रों ने बताया कि भोपाल के पास औद्योगिक क्षेत्र बगरौदा में एक फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई शनिवार को की गयी। इस दौरान दो युवकों को हिरासत में लिया गया और फैक्ट्री स्थल से बड़ी मात्रा में एमडी तरल और ठोस अवस्था में जप्त किया गया। बताया गया है कि इस फैक्ट्री में प्रतिदिन कई किलो एमडी बनायी जा रही थी और यह कार्य कई दिनों से चल रहा था। यह नशीला पदार्थ कहां पर सप्लाई किया जा रहा था, इस बारे में अब तक ठोस जानकारी नहीं आयी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह पदार्थ मध्यप्रदेश के बाहर भेजा जा रहा था। सूत्रों ने इस घटनाक्रम को लेकर हुयी प्रारंभिक छानबीन के हवाले से कहा कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक महाराष्ट्र का और एक अन्य मध्यप्रदेश का ही निवासी है। महाराष्ट्र निवासी आरोपी ड्रग तस्करी के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। इन दोनों ने कथित तौर पर भोपाल के पास बगरौदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री कुछ दिनों पहले किराए पर ली और यहां पर एमडी का उत्पादन किया जाने लगा। इस संबंध में और जानकारी अभी आना शेष है। वहीं संयुक्त दल ने रविवार शाम को स्थानीय पुलिस की मदद से मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।   recent visitors 66

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए

लाड़ली बहनों को लघु उद्योगों से जोड़कर आर्थिक लाभ दिलवाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला बाल विकास विभाग की योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में संपन्न बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों और योजनाओं की आज समीक्षा हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया भी उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि लाड़ली बहनों को लघु उद्योग और व्यवसाय की गतिविधियों से जोड़ा जाए। हुनरमंद लाड़ली बहनों को चिन्हित कर लघु उद्योगों से जोड़ा जाएगा तो उनके आर्थिक उन्नयन का मार्ग प्रशस्त होगा। हितग्राही बहनों को यह लाभ दिलवाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य में सीएसआर फंड का उपयोग किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्राप्त जन सहयोग सराहनीय है। बैठक में जनजातीय बहुल क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में भी चर्चा हुई। प्रदेश में 97 हजार 339 आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनसे 81 लाख महिलाएं और बच्चे लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य सहित विभिन्न कार्यक्रम की सतत् मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मन), शाला पूर्व शिक्षा गतिविधि, आंगनवाड़ी सेवाओं के सुचारू संचालन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर शक्ति अभिनंदन अभियान के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। बैठक में बताया गया कि महिलाओं के लिए प्रदेश में शक्ति सदन और सखी निवास संचालित हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश अग्रणी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है । वर्ष 2024 -25 में प्रदेश में 2 लाख 46 हजार 185 हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना शुरू होने से अब तक 1191 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान हितग्राहियों को किया गया है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षति पूर्ति के रूप में प्रोत्साहन राशि प्रदान करना और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना शामिल है। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का क्रियान्वयन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम प्रावधान के अनुक्रम में एक जनवरी 2017 से प्रारंभ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मिशन वात्सल्य के तहत फोस्टर केयर की मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 69