विदिशा में बारातियों से भरी गाडी पलटी, 4 लोगों की मौत, 13 घायल; CM ने किया मुआवजे का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शुक्रवार को तड़के बारातियों को ले जा रही एक जीप पलटने से उसमें सवार चार लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य घायल हो गए। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है, जबकि घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर दुख जताया है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। विदिशा जिला कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे लटेरी कस्बे के पास हुआ, जब बारातियों को ले जा रही एक जीप इंदौर से सिरोंज लौट रही थी। उन्होंने बताया कि घायलों में से एक की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर कर दिया गया, जबकि बाकी का इलाज विदिशा और लटेरी के अस्पतालों में चल रहा है। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान नारायण (20), गोकुल (18), बसंती बाई (32) और हजारी (40) के रूप में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा बचाव कार्य में मदद के लिए मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ''विदिशा जिले के लटेरी तहसील क्षेत्र में इंदौर से सिरोंज जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त होने से चार लोगों की आकस्मिक मृत्यु का समाचार अत्यंत ही दुखद है। दु:ख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजनों के साथ मेरी शोक संवेदनाएं हैं। जिला प्रशासन की मदद से दुर्घटना में हुए घायलों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए उचित व्यवस्था की गई है। मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 2-2 लाख रुपये एवं गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों की पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान, घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ तथा शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ।।ॐ शांति।।'' recent visitors 29

CM यादव ने कहा कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से पूरे प्रदेश के साथ हर जिले को आदर्श रूप में लाना

जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में संभाग के अन्य जिलों में कानून-व्यवस्था बनाये रखने, आपराधिक तत्वों पर नियंत्रण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जबलपुर में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से बालाघाट, मंडला, डिंडोरी में नक्सल गतिविधियों के उन्मूलन की समीक्षा कर नक्सल उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि कानून और व्यवस्था की दृष्टि से पूरे प्रदेश के साथ हर जिले को आदर्श रूप में लाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुआं, सट्टा, अवैध मादक पदार्थ व अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर कठोर कार्रवाई करें। धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों, खुले में मांस बिक्री, गौवंश की तस्करी पर भी प्रभावी नियंत्रण और सख्ती से रोकथाम सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों से विवाह कर भूमि व संपत्ति के मालिक बनने की साजिश पर कड़ी निगरानी रखें, सतर्कता दिखायें। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाये रखने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना, एसडीजी पंकज श्रीवास्तव, एडीजी साईं मनोहर सहित संभाग के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 23

जातिगत जनगणना के फैसले को CM Mohan Yadav ने बताया ऐतिहासिक

भोपाल  केंद्र सरकार ने लंबे समय से चली आ रही जातिगत जनगणना करवाने की मांग को मंजूरी दे दी है. सरकार के इस फैसले पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे समय की आवश्यकता बताते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है. मोहन यादव ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैबिनेट का आभार व्यक्त किया. मोहन यादव ने केंद्र के फैसले को बताया ऐतिहासिक डॉ. मोहन यादव ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा, " यह एक महत्वपूर्ण फैसला है. आजादी के बाद देश के किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा यह सबसे बड़ा निर्णय है. देश में पुरानी घटनाओं के सुधार की दृष्टि से ये एक महत्वपूर्ण कदम है. कैबिनेट के इस फैसले से समता, समरसता, सुगमता और सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत होगी." मुख्यमंत्री ने कहा, "दशकों तक कई दलों ने जातिगत जनगणना का विरोध किया. जातिगत जनगणना सिर्फ आंकड़े नहीं होंगे बल्कि देश के गरीब, पिछड़े, कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभाएगा." सीएम ने अभी तक जातीय जनगणना न होने के लिए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया. आजादी के बाद से जातीय जनगणना की चल रही मांग बुधवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट मीटिंग की ब्रीफिंग करते हुए बताया था कि, सरकार ने आगामी जनगणना के साथ जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया है. दरअसल, देश में जातीय जनगणना की मांग आजादी के बाद से ही चल रही है. पिछली जातीय जनगणना ब्रितानिया हुकूमत के दौरान साल 1931 में हुई थी. हालांकि, 1941 की जनगणना में भी जातियों की गणना की गई थी, लेकिन सरकार ने इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए थे. 2011 की जनगणना के समय भी इसकी जोर-शोर से मांग उठी थी. क्या होती है जातीय जनगणना? जातिगत जनगणना का अर्थ है भारत में मौजूद सभी जातियों के लोगों की अलग-अलग गिनती. यानी देश में अब जब भी जनगणना होगी, उसमें लोगों की जाति के आधार पर भी गिनती होगी. हालांकि, इससे पहले भी देश में जातीय गिनती होती आई है लेकिन सिर्फ अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आंकड़ों को गिना और प्रकाशित किया गया. लेकिन अब अगली जनगणना में ओबीसी की भी गिनती की जाएगी और सरकार उनके आंकड़ों को सार्वजनिक भी करेगी. recent visitors 34

रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ

देश की संस्कृति उदार एवं महान है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नवदम्पत्तियों को दी शुभकामनाएं कालापीपल के रामपुरा में मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह में सम्मिलित हुए रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 1247 कन्याओं का विवाह संपन्न हुआ भोपाल हमारी संस्कृति उदार और महान है। दुनिया में ऐसी कोई संस्कृति नहीं है, जिसमें भारत की तरह हर कार्य संस्कार के अनुसार होते हैं। हमारी संस्कृति में जन्म से लेकर मृत्यु तक संस्कार हैं, जिसमें पाणिग्रहण संस्कार भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में संबोधित करते हुए यह बात कही। सामुहिक विवाह में कुल 1247 विवाह हुए, जिसमें 1133 कन्याओं का विवाह हिन्दु रीति रिवाज के साथ तथा 114 निकाह हुए। कार्यक्रम में नवविवाहित दम्पत्तियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की राशि 49 हजार रूपये के चेक प्रदान किए गये। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक प. प्रदीप मिश्रा, संतकल्याणदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतश्यामदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतरामगिरी महाराज, रघुनाथदास महाराज, विष्णुपुरी महाराज, सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी, क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी, शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया, डॉ. रवि पाण्डे एवं अशोक नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियां नए परिवार की सदस्य बनने जा रही है, जहां उसे नए माता-पिता मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बेटी को नए परिवार के सदस्य आदर एवं सम्मान दें। बेटियां भी नए परिवार के सदस्यों का आदर करें। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया आज हमारी संस्कृति की तरफ बड़ी आशा भरी निगाहों से देखती है, वो हमारी संस्कृति को जानना एवं समझना चाहती है। हमारी तो संस्कृति इतनी उदार और महान है कि जो व्यक्ति अपना घर, संसार सब छोड़ देते हैं, उसके चरणों में प्रणाम करके अपना जीवन धन्य मानती है। यह हमारी संस्कृति वह है जो संग्रह करने में विश्वास नहीं करती, अपितु अपनी वस्तु दूसरों को देकर सुख महसूस करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की दिशा क्या होना चाहिए? सरकार की सोच क्या होना चाहिए, सरकार के मनोभाव क्या होना चाहिए, इसका आदर्श उदाहरण हमारे अपनी संस्कृति से आता है। प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हुई है, उन स्थानों पर धार्मिक तीर्थ स्थल बनाएंगे। भगवान परशुराम की जन्म स्थली जानापाव को विकसित किया जायेगा। प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय में एक गीता भवन बनाएंगे, जहां युवाओं को पढ़ने का स्थान उपलब्ध कराने के लिए अच्छी लायब्रेरी बनाई जायेगी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश ना केवल फल-फूल रहा है, बल्कि सुख, आनन्द, वैभव के साथ विकास के समृद्धि के सारे द्वार भी खोल रहा है। देश के दुश्मनों को नेस्तनाबूत करने के लिए देश के खिलाफ काम करने वाले आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने में हमारी सरकार सक्षम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य गरीबों, महिलाओं, किसानों एवं समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए उनका विकास करना एवं बेहतर जीने के संसाधन मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आने वाले वर्षों में किसानों से 2700 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी होगी। वर्तमान में 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को सिंचाई के संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे समृद्धशाली बनें। किसानों के लिए 05 रूपये में बिजली का कनेक्शन देने का निर्णय लिया गया है। शाजापुर जिले में नदी जोड़ो अभियान के तहत पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना से किसान लाभांवित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों को एक-एक खेत को पानी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए 5 लाख रूपये लगते हैं, सरकार 10 प्रतिशत की राशि में यानी की 50 हजार रूपये में सोलर पंप देगी, इससे किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कहा कि सोलर पंप के उपयोग के उपरांत बची हुई बिजली को सरकार भी खरीदेगी, इससे किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों के लिए इन्दौर-उज्जैन संभाग के सभी किसानों को लेकर मन्दसौर के सीतामऊ में 03 मई को मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसमें किसानों के लिए उन्नत खेती, उद्योग आदि की जानकारी उपलब्ध रहेगी। किसानों को फसलों की बेहतर कीमत उपलब्ध कराने के लिए संभागों में कृषि का महाकुम्भ लगाकर किसानों की बेहतरी के लिए काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार गौ-पालन को प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है। सरकार के माध्यम से गौशालाएं संचालित होगी। गौ-शालाओं को 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। सरकार दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न उपाय कर रही है। प्रदेश दूध उत्पादन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर है। सरकार इसे पहले स्थान पर लाने के लिये काम करेगी। अन्तर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने कालापीपल क्षेत्र के रामपुरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संपन्न हुए सामुहिक विवाह सम्मेलन में 1247 कन्याओं के विवाह पर स्थानीय विधायक घनश्याम चन्द्रवंशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सामुहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता का प्रतीक भी है। यहां 114 मुस्लिम कन्याओं का निकाह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकास के क्षेत्र में प्रदेश को नम्बर वन बनाया है। प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों पर माँस का विक्रय बंद कराया, वही धार्मिक स्थलों एवं नगरों में शराब का विक्रय बंद कराकर नशामुक्त क्षेत्र बनाया है। उन्होंने दम्पत्तियों को शुभकामनाएं एवं अशीर्वाद दिया। कार्यक्रम ओएमजी के पर्यवेक्षक प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता ने विश्व रिकार्ड का प्रमाण पत्र भी दिया। उन्होंने यह प्रमाण पत्र सामुहिक विवाह सम्मेलन में बड़ी संख्या में हुए सामुहिक विवाह और कम समय में विवाह संपन्न कराने तथा कई लोगों को एक साथ भोजन कराने पर बने रिकार्ड पर दिया।   recent visitors 24

मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार जिले के उमरबन में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह सम्मेलन में होंगे शामिल मुख्यमंत्री करेंगे 2140.26 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण  मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धार जिले के उमरबन में 30 अप्रैल 2025 (बुधवार) को मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह आयोजन  में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण भी करेंगे, जिनकी अनुमानित लागत 2140.26 करोड़ रुपये है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सवित्री ठाकुर, प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा धार ज़िले के प्रभारी मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय तथा सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन केशरपुरा फाटा, जनपद पंचायत उमरबन में दोपहर 12 बजे से किया जाएगा। सामूहिक विवाह मे बड़ी संख्या में जोड़ों के विवाह सम्पन्न कराए जाएंगे। साथ ही क्षेत्र में अधोसंरचना जैसे सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व पेयजल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े अनेक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया जाएगा।   recent visitors 35

कैबिनेट का फैसला :पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज होने पर अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा नही जाएगा

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक मई से 30 मई तक तकादले हो सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई। ई- ऑफिस से ही तबादले आवेदन लिए जाएंगे। विभाग अपनी सुविधा अनुसार तबादला नीति बना भी सकेंगे। कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास, आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि परली जलाने पर संबधित किसान की सम्मान निधि एक साल के लिए रुकी जाएगी। पराली जलाने वाले किसानों पर केस दर्ज होने पर उस किसान का अनाज समर्थन मूल्य पर खरीदा नही जाएगा। इन प्रस्तावों पर लगी कैबिनेट की मुहर पराली जलाने के मामले में सरकार ने सख्त निर्णय लिया है। अगर कोई किसान पराली जलाएगा तो किसान सम्मान निधि एक साल के लिए रोक दी जाएगी और अगले साल उपज खरीदी नहीं जाएगी। इससे किसानों को नुकसान से बचना होगा। शासकीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त देने के मुख्यमंत्री के फैसले पर कैबिनेट ने अनुसमर्थन दिया है। अब कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते के बराबर हो गया है। सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर अब 1 मई से 30 मई 2025 के बीच हो सकेंगे। इसके लिए अधिकारी- कर्मचारियों को ऑनलाइन 30 मई तक ई-ऑफिस में ट्रांसफर के लिए अप्लाई करना होगा। 30 मई के बाद तबादले के लिए आवेदन करने वालों का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। विभाग अपने व्यवस्था के अनुसार ट्रांसफर नीति बना सकता है। कैबिनेट ने तबादला नीति में जो प्रस्ताव तय किए हैं उसके अनुसार मंत्री और प्रभारी मंत्री तबादले कर सकेंगे। इसके लिए विभागों में पद वार तबादलों का प्रतिशत भी तय किया गया है। 200 पद के लिए 20 प्रतिशत 201 से 1000 से 15 प्रतिशत 1001 से 2000 तक 10 प्रतिशत 2001 से अधिक पर 5 प्रतिशत तबादले होंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि ग्रीन एनर्जी पर फोकस मोहन सरकार ने किया है।  इसलिए एमपी और यूपी सरकार की बिजली डिमांड को ध्यान रखते हुए प्लान तैयार किया गया है। एमपी में बरसात में बिजली की डिमांड कम हो जाती है जबकि यूपी में बरसात के दौरान डिमांड बढ़ जाती है। आगे मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने तय किया है कि तीन हजार मेगावाट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। एक हजार मेगावाट कंपोजिट प्लान में रहेगी जबकि 2 हजार मेगावाट यूपी को दी जा सकेगी। यह प्लांट चंबल में लगाया जाएगा। केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन योजना (यूपीएस) के लिए छह अधिकारियों की कमेटी बनी है। यह कमेटी कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक रूप पेंशन स्कीम का प्रस्ताव तैयार करेगी। इस कमेटी में अशोक बर्णवाल, मनीष रस्तोगी, लोकेश जाटव, तन्वी सुंद्रियाल, अजय कटेसरिया, जेके शर्मा इस कमेटी में शामिल हैं। कमेटी भारत की गाइडलाइन का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के आधार पर यह कमेटी बनाई गई है।     विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार अब केंद्र सरकार के समान शासकीय कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी।     इससे राज्य सरकार पर 3.50 हजार करोड़ वित्तीय भार आएगा। कैबिनेट की बैठक में ग्रीन एनर्जी को लेकर भी निर्णय लिया गया।     मप्र और उत्तर प्रदेश अपनी अपनी डिमांड के अनुरूप ग्रीन एनर्जी बिजली का उपयोग करेंगे। ग्रीन एनर्जी संयंत्र मध्य प्रदेश में लगेगा और इससे उत्तर प्रदेश को भी बिजली मिलेगी।     मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की बिजली मांग की अवधि एक दूसरे की पूरक होने के कारण मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में पूरक आधार पर विद्युत प्रदाय के लिए मध्य प्रदेश में 2000 मेगावाट सौर पार्क व 1000 मेगावाट कंपोजिट ऊर्जा भंडारण परियोजना स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया।     इस परियोजना से दोनों राज्यों द्वारा पृथक-पृथक छः महीनों के लिए बिजली ली जाएगी। इसके अलावा पेंशन योजना के लिए कमेटी गठित की गई। यूनीफाइड पेंशन योजना देने पर यह कमेटी विचार करेगी।     recent visitors 31

CM यादव ने डॉ भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वही आज हमारी सबसे बड़ी ताकत

 इंदौर  मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद किया। वहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर करारा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आज तक उनके नाम का इस्तेमाल सिर्फ वोटों के लिए किया है, लेकिन बाबा साहेब जीवित थे, तब उन्हीं के खिलाफ काम किया। मंगलवार को एमपी के इंदौर में बाबा साहेब अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने डॉ भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जो संविधान देश को दिया, वही आज हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मजाकिया अंदाज में कहा- मैं मामा परिवार से आता हूं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को ‘हमारी महारानी यशोदा राजे सिंधिया’ कहकर संबोधित किया और कहा कि उनका उज्जैन और मालवा से आत्मिक जुड़ाव है। उन्होंने मंच से मजाकिया अंदाज़ में कहा कि ‘मैं मामा परिवार से आता हूं, तो अब मुझे शायद सन्यास भी लेना पड़ेगा।’ भावुक अंदाज में वसुंधरा राजे के पूर्वजों की तारीफ की सीएम ने भावुक अंदाज में वसुंधरा राजे के पूर्वजों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ‘आपके पिता श्री ने बाबा साहेब अंबेडकर के बनाए संविधान का सम्मान करते हुए, सबसे पहले अपनी रियासत भारत सरकार को समर्पित कर दी थी। यह भारत के एकीकरण की दिशा में बहुत बड़ा कदम था।’ डॉ मोहन यादव ने कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट और वरिष्ठ समाजसेवी नारायण केसरी का भी मंच से अभिनंदन किया। उन्होंने केसरी जी के 100 वर्ष पूरे होने की कामना करते हुए कहा कि ‘परमात्मा करें, आप आगे भी समाज का मार्गदर्शन करते रहें।’ नेहरू पर सीधा हमला, ‘दाह संस्कार तक की अनुमति नहीं दी गई’ मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘बाबा साहेब जब जीवित थे, तब भी उन्हें उपेक्षा झेलनी पड़ी। उनके राजनीतिक करियर को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया। चुनाव में हराने के लिए खुद प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार में गए। यहां तक कि जब बाबा साहेब का निधन हुआ, तो दिल्ली में उनके दाह संस्कार की अनुमति भी नहीं दी गई। यह देश के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।’ डॉ मोहन ने खुलासा किया कि ‘जिस विमान से बाबा साहेब का पार्थिव शरीर मुंबई ले जाया गया, उसके किराये का बिल भी उनकी पत्नी को थमा दिया गया था। यह कांग्रेस की संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।’ BJP का सम्मान और स्मृति निर्माण की पहल सीएम डॉ मोहन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने अंबेडकर के योगदान को हमेशा सम्मान दिया है। ‘हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने बाबा साहेब की स्मृतियों को सहेजने के लिए गंभीर प्रयास किए। लंदन में जहा बाबा साहेब ने पढ़ाई की थी, उस भवन को स्मारक बनाकर भारत सरकार ने तीर्थ स्थल का दर्जा दिया है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘बीजेपी ने समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य किया है। बाबा साहेब का सपना था एक ऐसे भारत का निर्माण जिसमें जातिवाद नहीं हो, जहां सबको बराबरी का अधिकार हो। बीजेपी उसी रास्ते पर चल रही है।’ recent visitors 30