मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात

जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जलदूतों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले के सारंगपुर में किया श्रमदान मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में किया जल संरक्षण तथा अधोसंरचनात्मक विकास के विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री ने राजगढ़ जिले को दी 112.10 करोड़ की लागत से 733 विकास कार्यों की सौगात भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजगढ़ जिले के किसानों की समृद्धि, खेती आधारित उद्योग, मिल्क प्रोसेसिंग ईकाई खोलने और फूड इंडस्ट्री पार्क स्थापित करने में राज्य सरकार अनुदान प्रदान करेगी। प्रदेश की माताएं-बहनें भी सशक्त हो रही हैं। अब लाड़ली बहनें ड्रोन दीदी और लखपति दीदी बन रही हैं। माताएं-बहनें ही भारतीय परंपरा में परिवार का आधार हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए नौकरी में 35 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें लोकसभा और विधानसभा में भी 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने धार्मिक नगरों में शराबबंदी का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भगवान कृष्ण के लीला स्थलों को दिव्य और देवस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके लिए उज्जैन में स्थायी सिंहस्थ नगरी बसायी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सारंगपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण को समर्पित राज्य सरकार 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का उपार्जन कर रही है। गौमाता के कल्याण के लिए सरकारी गौशालाओं का अनुदान 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए प्रति गाय किया गया है। जनपद पंचायत, नगर निगम, नगर पालिकाओं में गौशाला खोलने पर भी अनुदान दिया जाएगा। पशुपालन से किसानों की आय बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना की शुरुआत की गई है। इसमें गौपालकों को कम से कम 25 और अधिकतम 200 गाय पालने पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सारंगपुर के कपिलेश्वर महादेव के प्रांगण में बाबा महाकाल के मंदिर जैसी अनुभूति होती है। राजगढ़ एक अनूठा जिला है, जिसका गौरवशाली इतिहास रहा है। आधुनिक भारत के भगीरथ प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया है। राजगढ़ में कभी पलायन एक बड़ी समस्या थी, लेकिन बदलते दौर में स्थिति भी बदली है। राजगढ़ आकांक्षी जिले की श्रेणी में शामिल है। जिले में सारंगपुर, नरसिंहगढ़, ब्यावरा क्षेत्र सब्जियों के साथ अनाज उत्पादन में भी आगे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वसुधैब कुटुम्बकम सनातन संस्कृति का आधार रहा है। लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो यह नया भारत घर में घुसकर मारेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम में कायरता और हत्या करने वाले आतंकियों को धरती के आखिरी छोर तक पीछा कर मार गिराने का संकल्प लिया है। हमारे सैन्य बलों ने सदैव दुश्मनों का मुकाबला कर देश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कालीसिंध नदी के तट पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जलदूतों के साथ श्रमदान भी किया। इस महा अभियान में पानी की एक-एक बूंद सहेजने के लिए प्रदेश में प्राचीन नदियों, तालाब, पोखर और जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौशाला का निरीक्षण करने के बाद गौमाता की पूजा कर गौसेवा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की एवं कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ड्रोन दीदी, जल निगम सहित कई स्टॉल्स और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। राजगढ़ प्रदेश का पहला जिला है, जहां सभी थाने आईएसओ सर्टिफाइड हो चुके हैं। कार्यक्रम में राजगढ़ पुलिस के सर्टिफिकेशन और कार्यशैली पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आपराधिक जीवन छोड़ने वालों के पुनर्वास कार्य के लिए पुलिस की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के लिए 112.10 करोड़ की लागत से विभिन्न 733 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इनमें जल गंगा संवर्धन अभियान के 633 कार्य शामिल हैं। यहां 590 अमृतसरोवर, 10 हजार 500 नए खेत तालाबों का निर्माण कार्य हुआ है। इसके साथ ही 5 करोड़ 70 लाख की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कन्या छात्रावास और नल जल कार्य का लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सारंगपुर में भव्य पुल के निर्माण और 2 करोड़ 4 लाख की लागत से चार स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण की घोषणा की। उन्होंने 44 करोड़ की लागत से सारंगपुर को फोरलेन सिटी से जोड़ने और 38 करोड़ की लागत से एबी रोड लिंक करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के 3 रोगियों के उपचार के लिए 5 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। रोजगार एवं कौशल विकास राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सारंगपुर नगरी भगवान राम के सारंग धनुष के नाम पर पहचानी जाती है। सारंगपुर में वर्ष 1824 में नरसिंहगढ़ के राजा कुंभा ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में पानी की महत्ता को सिद्ध किया है। उन्होंने सारंगपुर को 1500 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं के रोजगार के लिए सारंगपुर में औद्योगिक क्षेत्र और सोलर प्लांट स्थापित करने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में मंत्री नारायण सिंह पंवार, सांसद रोडमल नागर, विधायक मोहन शर्मा, विधायक हजारीलाल दांगी और जनअभियान परिषद के अध्यक्ष मोहन नागर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 31

मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी

भोपाल, इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया से जुड़ी सभी आवश्यक कार्यवाही समय-सीमा में हो पूरी: मुख्यमंत्री डॉ.यादव  सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तावित भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के लिए प्रस्तावित भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रक्रिया को पूर्ण किया जाए औैर इन क्षेत्रों में आर्थिक विकास की संभावनाओं के मद्देनजर कार्य योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि दोनों मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में सुगम यातायात व्यवस्था के लिये विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होगी। इसके लिए योजना से जुड़ी समस्त एजेंसियां समन्वित रूप से कार्य योजना तैयार करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में प्रदेश में प्रस्तावित मेट्रोपॉलिटन एरिया गठन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा, राज्य मंत्री नगरीय विकास श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में भूमि का नियोजित रूप से विकास सुनिश्चित किया जाए। क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए निवेशकों को अभी से प्रोत्साहित करें। इन क्षेत्रों में भविष्य को देखते हुए इकॉनामिक कॉरिडोर, सड़क परिवहन के साथ रेल परिवहन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इससे जुड़ी सभी कार्यवाही निश्चित समय- सीमा में पूरी की जाएं। दो मेट्रोपॉलिटन एरिया देवास-सीहोर जिलों में परस्पर भी जुड़ेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में एक साथ दो महानगरीय क्षेत्रों के गठन की पहल से इन्दौर और भोपाल के मध्य स्थित इलाकों के समग्र विकास में सहयोग मिलेगा। दोनों मेट्रोपॉलिटन एरिया परस्पर जुड़ने से प्रदेश का एक विशाल क्षेत्र समन्वित और एकीकृत विकास का उदाहरण बनेगा। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों को भी क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी दोनों महानगरीय क्षेत्रों के लिए जनप्रतिनिधियों से चर्चा के सत्र सम्पन्न हुए हैं। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इन क्षेत्रों के विकास में अपनी विरासत को संरक्षित रखने और पर्यावरण की दृष्टि से ग्रीन बेल्ट पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इंदौर -भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनने से इकॉनामिक कारिडोर के विजन को पूरा किया जा सकेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में हमें सेमी-अर्बन क्षेत्र से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर प्रारंभिक रूप से प्लानिंग करनी होगी। अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने प्रजेंटेशन द्वारा बताया कि पहला मेट्रोपॉलिटन एरिया इंदौर, उज्जैन, देवास, धार को मिलाकर बनाया जा रहा है। दूसरा मेट्रोपॉलिटन एरिया भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे संबंधित आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए आगामी विधान सभा सत्र से पूर्व तैयारी पूरी की जाएगी।   recent visitors 34

CM बोले ‘हमें सम्मेलन में 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले,क्रियान्वयन से 75,000 नौकरियां पैदा होंगी

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार को प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे राज्य में 75,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है. मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव  इंदौर में "मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025'' में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि ''हमें इस सम्मेलन में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से लगभग 75,000 नौकरियां पैदा होंगी.'' 500 से अधिक कंपनियों ने लिया कार्यक्रम में भाग मोह यादव ने कहा कि, ''प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया. इस सम्मेलन के दौरान निवेशकों को एकीकृत सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक प्रोत्साहन पोर्टल पेश किया गया. इसके अलावा, राज्य की वैश्विक क्षमता केंद्र नीति, सेमीकंडक्टर नीति, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स, विस्तारित वास्तविकता नीति और ड्रोन नीति के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए.'' 6 शहरों में बन रहा आईटी पार्क मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की कि, ''राज्य सरकार अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी उपक्रमों को बढ़ावा देने के लिए अपनी स्वयं की अंतरिक्ष-तकनीक नीति तैयार करेगी. विभिन्न कंपनियों से राज्य को मिले निवेश प्रस्तावों के आधार पर 6 प्रमुख शहरों में आईटी पार्क विकसित करने का काम शुरू हो चुका है.'' मुख्यमंत्री ने कहा कि, ''आईटी पार्क इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के आधार पर लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश से 3 एकड़ के भूखंड पर विकसित किया जाएगा.'' Tech एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के नये केंद्र खुलेंगे CM ने कहा, ''लोकमाता देवी अहिल्या बाई की पावन नगरी में आयोजित IT सेक्टर का यह महाकुम्भ रोजगार के नये अवसरों के सृजन का माध्यम बनेगा. साथ ही स्टार्टअप एवं नवाचारों को प्रोत्साहन देगा. डिजिटल इंफास्ट्रक्चर के विकास में तेजी लाएगा, ग्लोबल इंवेस्टमेंट को आकर्षित करेगा और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेगा.'' सीएम ने कहा, ''IT सेक्टर की ग्रोथ से प्रदेश में Tech एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट के नये केंद्र खुलेंगे. हम प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय आईटी एजुकेशन एवं डिजिटल स्किल देकर उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाने हेतु संकल्पित हैं.'' इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुए हैं, जिससे देश आगे बढ़ रहा है. अब भारत के पारंपरिक दुश्मन पाकिस्तान के लोग भी कह रहे हैं कि अगर मोदी उनके पीएम होते, तो वे इतनी मुश्किलों में नहीं पड़ते." पिछली कांग्रेस सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "1947 में भारत की आजादी के बाद, प्रशासन चलाने के लिए जिम्मेदार लोगों ने देश की क्षमता, योग्यता और उद्यमशीलता का सही इस्तेमाल नहीं किया. इससे देश को नुकसान हुआ है.'' उद्योगों की स्थापना मंदिर निर्माण के समान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, ''उद्योगों की स्थापना मंदिर निर्माण के समान है. उद्योग ऐसे मंदिर हैं जो ईश्वरीय आशीर्वाद की तरह श्रम की शक्ति से लाखों लोगों को आजीविका और समृद्धि प्रदान करते हैं. आज के तकनीकी युग में छोटे-छोटे देश भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं और युद्धों के कारण पीछे छूट गए देश उद्यमिता के माध्यम से आगे बढ़ रहे हैं.'' डॉ. यादव ने कहा कि, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम एक बदलते भारत को देख रहे हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास कर रहा है. इंदौर ने औद्योगिक विकास में एक मील का पत्थर स्थापित किया है और आईटी क्षेत्र की राजधानी बन गया है. अतुल पंचशील जैसे उद्यमी इंदौर में असाधारण कार्य कर रहे हैं.'' मुख्यमंत्री ने बताया कि, ''मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं. कोरिया जैसे देश, जिनके साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं, भी राज्य में निवेश करने में गहरी रुचि दिखा रहे हैं.'' आज के सम्मेलन में कोरिया और जापान के प्रतिनिधि मौजूद थे. डॉ. यादव ने घोषणा की कि इस सम्मेलन के माध्यम से लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 75,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है. recent visitors 33

हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना अन्तर्गत 2 मई 2025 को प्रदेश में 'लाड़ली लक्ष्मी उत्सव' जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत पर उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इसमें स्थानीय प्रतिनिधि, लाड़ली बालिकाएं, उनके अभिभावक, लाड़ली क्लब की अध्यक्ष और सदस्य सक्रिय रूप से भाग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश सरकार की बेटियों के प्रति समर्पित सोच का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि हर बेटी को सम्मान, शिक्षा और आत्म-निर्भरता के अवसर प्राप्त हों। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव एक नई ऊर्जा और विश्वास का संचार करेगा। उन्होंने प्रत्येक जिला और निकाय स्तर पर कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं, जिससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सशक्तिकरण का वातावरण तैयार हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति साझा संकल्प है। लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का संचालन स्वयं लाड़ली बालिकाओं द्वारा किया जाएगा। इसमें कन्या-पूजन, दीप प्रज्ज्वलन, लाड़ली बालिकाओं के प्रेरक उद्बोधन और 'अपराजिता' कार्यक्रम अन्तर्गत मार्शल आर्ट का प्रदर्शन जैसे विशेष कार्यक्रम शामिल है। इस उत्सव के जरिये जिला, नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायत स्तर पर बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं तथा लाड़ली लक्ष्मी फ्रेंडली पंचायतों का सम्मान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त "एक पेड़ लाड़ली लक्ष्मी के नाम" अभियान में जन-प्रतिनिधियों और बालिकाओं द्वारा पौध-रोपण भी किया जाएगा। साथ ही लाड़ली बालिकाओं को आश्वासन प्रमाण-पत्र वितरित किये जायेंगे। कार्यक्रम में लाड़ली क्लब की सदस्य बालिकाएं अपने अनुभव भी साझा करेंगी।   recent visitors 25

CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 अप्रैल को करेंगे श्रमिक परिवारों को राशि वितरित 30 अप्रैल को अनुग्रह सहायता योजना के 27,523 प्रकरणों में 600 करोड़ रूपये की राशि की जाएगी अंतरित CM यादव 30 अप्रैल को उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे धार जिले के उमरबन में होगा राशि वितरण कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 30 अप्रैल को धार जिले के उमरबन में संबल योजना में अनुग्रह सहायता के 27 हजार 523 प्रकरणों में राशि रूपये 600 करोड़ सिंगल क्लिक से वितरित करेंगे। कार्यक्रम में श्रम व पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रूपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा हेतु सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है एवं इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक निः शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है। प्रदेश सरकार द्वारा योजना प्रारंभ से अब तक 01 करोड 75 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया जारी है। संबल योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से वर्तमान तक कुल 6 लाख 81 हजार से अधिक प्रकरणों में राशि रूपये 6 हजार 432 करोड से अधिक के हितलाभ का वितरण किया जा चुका है।   recent visitors 25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की

वेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वन-ऑन-वन मीटिंग्स का आयोजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को हम ‘विकसित मध्य प्रदेश’ से साकार करेंगे। राज्य में वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बाद अब विभिन्न सेक्टर पर आधारित कॉनक्लेव का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि आईटी और संबंधित सेक्टर पर आधारित टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव- 2025 का केवल निवेश का मंच नहीं है, बल्कि एक विचार-मंथन नीति-निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉनक्लेव के दौरान विभिन्न उद्योपतियों/निवेशकों से वन-ऑन -वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की विकास की यात्रा सतत जारी रहेगी। हम निवेशकों के विश्वास को मजबूती देंगे, नई नीतियाँ लागू करेंगे, आधारभूत संरचना को और सशक्त करेंगे। प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए हम संकल्पित है। उन्होंने कहा कि नवीन जीसीसी नीति 2025, सेमीकंडक्टर नीति 2025, एवीजीसी एक्सआर नीति 2025 और ड्रोन प्रोत्साहन और उपयोग नीति के द्वारा इन क्षेत्रों में निवेशकों को आवश्यक मदद प्रदान करने के प्रावधान है। आज नीतियों के गाइडलाइंस भी जारी की गई है। तकनीकी दक्षता, सुशासन और निवेशकों को एकीकृत सुविधा देने के लिए नए डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, उद्योगपतियों और निवेशकों को एक एकोसिस्टम प्रदान करेगी। निवेशकों को सहयोग देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। राज्य सरकार निवेशकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विजन-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्य प्रदेश अग्रणी भूमिका निभाएगा । इन उद्योपतियों से की वन- ऑन – वन मीटिंग्स पंचशील रियल्टी (आईटी इंफ्रा सेक्टर) के फाउंडर अतुल चोरड़िया, पार्टनर रजत जैन, सोमवेद इंटरप्राइजेज (सेमीकॉन सेक्टर) के सीओओ सोमेश चौधरी, फाउंडर, आनंद द्विवेदी, डायरेक्टर, शुभम अग्रवाल, सीएमओ, योट्टा कंपनी (डेटा सेंटर) के प्रबंध निदेशक सुनील गुप्ता, इन्फोबीन्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के सह संस्थापक अविनाश सेठी, सिद्धार्थ सेठी, केदारा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकॉन सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक कुमार और डायरेक्टर अनुराग कुमार, मीना सर्किट्स (पीसीबी सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञान प्रकाश अग्रवाल, डायरेक्टर अर्चित अग्रवाल और डायरेक्टर शिवम अग्रवाल, डिजिटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) के मैनेजिंग डायरेक्टर आबिद फारूकी साइमा सिद्दीकी, आईआईटी इंदौर दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन कंपनी, इंदौर के प्रोफेसर सुहास एस जोशी, निदेशक, आईआईटी इंदौर प्रो बीके लाड, आदित्य एसजी व्यास सीईओ, वैभव जैन, वरिष्ठ तकनीकी ने इन्क्यूबेशन सेंटर, न्यूमिजो प्राइवेट लिमिटेड (सेमीकंडक्टर सेक्टर) के अनूप दत्ता मैनेजिंग डायरेक्टर, इन्फ़ोचिप्स कंपनी (इंजीनियरिंग-एएसआईसी) के पुलकित दुबे निदेशक – पीईएस, नीलेश रणपुरा, प्लैंक रेड प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर्स) के शिशिर मिगलानी सीईओ,रत्नजीत सिंह,होमा बाइनरी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (डाटा सेंटर)के रविन्द्र वाघानी सीईओ,अरविंद सिंह दरबार, अभय गौड़,एचएलबीएस (सेमीकॉन सेक्टर) के प्रबंध निदेशक मितेश लोकवानी, इन्फिनिटी सॉल्यूशंस से मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत घुले, एल एंड टी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) कंपनी के राजन बोहरा, बिक्री प्रमुख शांतनु दीक्षित, अर्पित सक्सेना, ड्रोनामैप्स (ड्रोन सेक्टर) के उत्कर्ष सिंह को फाउंडर एंड सीईओ, देवांशी दीपक, ग्रोथ एएक्सएल के डायरेक्टर ग्लोबल स्ट्रेटजीज संजीव राव, बूयोंग स्कीकॉर्प (लेदर एंड फुटवेयर) के अमित बाजोरिया सीईओ, सीयू ऊंग़ मून डायरेक्टर, श्रीमती सोनी जैन कंपनी सेक्रेटरी, सन फार्मास्युटिकल(फार्मा) के सीनियर जनरल मैनेजर अनूप कुलकर्णी, सनाथन टेक्सटाइल्स (टेक्सटाइल सेक्टर) के अजय दत्तानी मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरुकृपा के चेयरमैन धर्मेन्दर नरूला से वन ऑन वन चर्चा की।   recent visitors 34

मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश में समतामूलक समाज के निर्माण के लिए गुरू की भूमिका निभाई और देश की आजादी को अमर, अखंड और अक्षुण्ण रखने का आधार बनाया। एक हजार साल की गुलामी के दौर से गुजरे देश में, गुलामी के कारणों को खोजने और उन कारणों का प्रभावी समाधान देने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान है। आरक्षण की व्यवस्था को संवैधानिक आधार प्रदान कर डॉ अंबेडकर ने देश में समानता के भाव का विस्तार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डॉ. अंबेडकर यूथ कॉन्क्लेव में श्यामला हिल्स स्थित राज्य संग्रहालय में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद देवास महेंद्र सिंह सोलंकी, विधायक भगवानदास सबनानी उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को डिक्की के मध्यप्रदेश चैप्टर प्रमुख अनिल सरवैया ने सोशल जस्टिस पत्र की प्रति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मुदित शैजवार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा स्थापित व्यवस्था के परिणामस्वरूप ही देश में सभी वर्गों को प्रगति के समान अवसर मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर सहित अन्य कठिन और संर्घषपूर्ण परिस्थिति में रह रहे परिवारों से आए व्यक्तियों को देश का नेतृत्व करने सहित महत्वपूर्ण पदों से व्यवस्था संचालन के अवसर प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों की महत्ता को स्वीकारते हुए उनकी जन्म स्थली महू पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर नई शिक्षा नीति में डॉ. अंबेडकर को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है और उनके विचारों पर शोध को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि सम्पूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य बाबा साहेब अंबेडकर ने किया। प्रधानमंत्री मोदी उनके विकसित भारत के संकल्प का क्रियान्वयन कर रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान देने का आव्हान किया।   recent visitors 47