मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के 1500 कर्मचारियों को अप्रैल से ही मिलेगा भत्ता, लाभान्वित होंगे

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय के कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन में ही बढ़ा हुआ भत्ता दिया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को सचिवालय (मंत्रालय) भत्ते में वृद्धि के आदेश जारी कर दिए। इससे मंत्रालय के लगभग 1500 कर्मचारी लाभान्वित होंगे। बता दें कि मंत्रालय भत्ता एक जुलाई 2013 के बाद से नहीं बढ़ाया गया था। वाहन एवं विकलांग भत्ता का आदेश जारी करना भूला वित्त विभाग वित्त विभाग ने कैबिनेट निर्णय के बाद बढे हुए भत्ते देने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ते के आदेश जारी करना भूला गया। राज्य सरकार एक अप्रैल 2025 को कैबिनेट बैठक में प्रदेश के कर्मचारियों के गृह भाड़ा भत्ता स्थाई यात्रा भत्ता अनुग्रह भत्ता दोहरा कार्य भत्ता अव्यवसायिक वाहन भत्ता विकलांग भत्ता वृद्धि करने की मंजूरी दी थी। इसके बाद तीन अप्रैल को वित्त विभाग ने वाहन भत्ता 200 से 384 एवं विकलांग भत्ता 350 से 675 करने के आदेश को छोड़कर उक्त अन्य सभी भत्तों का लाभ एक अप्रैल 2025 से प्रदेश के कर्मचारियों को मई के वेतन से देने का आदेश जारी कर दिया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि अप्रैल माह समाप्ति की ओर है 13 साल से जो भत्ते नहीं बढ़ाए गए थे कैबिनेट की मंजूरी के बाद भी वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश जारी न होने पर अप्रैल के वेतन में इनका लाभ मिलना प्रतीत नहीं हो रहा है। महामंत्री तिवारी ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से वाहन भत्ता एवं विकलांग भत्ता देने के आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की है। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने किया था सुंदरकांड मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने सचिवालय भत्ते के आदेश जारी होने पर हनुमानजी महाराज और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने शासन में लंबित मांगों पर कोई निर्णय न होने से थक हारकर मंत्रालय परिसर स्थित मंदिर में हनुमान जी महाराज के चरणों में मांगपत्र रखकर सुंदर कांड पाठ किया था। नायक ने कहा कि हनुमान जी महाराज ने मंत्रालयीन अधिकारियों कर्मचारियों की पीड़ा को सुना और उसके बाद से ही कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के समाचार आना शुरू हुए यानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नतियां जल्दी की जाएंगी। नायक ने कहा कि लंबित भत्तों का पुनरीक्षण हुआ, गृह भाड़ा भत्ता बढ़ा,  सचिवालय भत्ते में वृद्धि के आदेश भी जारी हो गए। मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति का आदेश जारी होने के बाद सभी आदेशों को हनुमान जी महाराज के चरणों में समर्पित किया जाएगा और बाकी मांगों के लिए हनुमान जी से प्रार्थना करने के लिए पुनः सुंदर कांड और हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा। recent visitors 34

भोपाल में आतंकवादियों के खिलाफ मुस्लिम समाज का फूटा गुस्सा, पुतला फूंककर लगाए पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

भोपाल भोपाल आज बुधवार दोपहर में वक्फ बोर्ड परिसर में पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संपूर्ण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हे और वहां हमारे हिन्दू भाइयों के आस्था केंद्र धार्मिक स्थल भी हैं। कश्मीर का मुसलमान भी इन धार्मिक स्थलों की यात्रा में सदैव हिन्दू भाइयों का सहयोगी रहा है। निर्दोष यात्रियों के कत्लेआम से शेष भारत का मुस्लिम समुदाय भी आहत हुआ है। मध्यप्रदेश में भी लोगों ने आतंकवादियों की इस कायराना हरकत की निंदा की है। भोपाल में जय हिंद सेना ने भारत माता चौराहे पर प्रदर्शन किया, तो मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला जलाया। भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 'आतंकवाद मुर्दाबाद' और 'मोदी जी 56 इंच का सीना दिखाना होगा' जैसे नारे लगाए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। इस कुकृत्य का मुंहतोड़ जवाब आतंकियों को जरूर मिलेगा। पूर्व सीएम कमलनाथ और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी इस हमले की निंदा की है। सीएम बोले- आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुआ कायराना आतंकी हमला घोर निंदनीय है। इस कायराना और अमानवीय कृत्य में कई निर्दोष लोगों की जान गई है। मैं सभी दिवंगतों की पुण्यात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस घृणित कृत्य में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि हमले में सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। गंजबासौदा में संगठन के लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला फूंका गंजबासौदा में बुधवार को पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आतंकवाद और पाकिस्तान का पुतला जलाया है। इस दौरान बरेठ रोड स्थित संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय के पास ABVP के करीब 50-60 पदाधिकारी कार्यकर्ता एकत्रित हुए. अभाविप के जिला संयोजक बोले- आतंकवाद को खत्म करने का समय आ गया प्रदर्शन के दौरान अभाविप के जिला संयोजक शुभम सिंह ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद और उसके समर्थकों को समाप्त करने का समय आ गया है। जब तक आतंक की जड़ प्रहार नहीं किया जाएगा, तब तक देश के निर्दोष नागरिक ऐसी घटनाओं का शिकार होते रहेंगे। ABVP कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ किया प्रदर्शन अभाविप के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया और पाकिस्तान की आतंक समर्थक नीतियों की निंदा की। कार्यक्रम में अभाविप के कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सभी ने एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाई। recent visitors 32

पाकिस्तान और दहशतगर्दों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारत एकजुट: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में इंदौर निवासी सुशील नथानियल की असामयिक मृत्यु पर गहन शोक व्यक्त किया। उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि सुशील नथानियल अलीराजपुर में एलआईसी कार्यालय में पदस्थ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वे स्वयं इंदौर में नथानियल की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। प्रदेश सरकार हमले में घायल नथानियल की बेटी आकांक्षा की मदद के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है। दुख की इस घड़ी में सरकार मृतक के परिवार के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पूरा केंद्रीय नेतृत्व इस मामले पर पल-पल नजर रखे हुए हैं। कश्मीर में पर्यटकों पर हमला पाकिस्तान की कायराना हरकत है। यह घटनाक्रम पूरे देश पर वज्रपात के समान है। पाकिस्तान और उसके हिमायती दहशतगर्दों को इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरा देश एकजुट है।   recent visitors 28

किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ई-लर्निंग के दौर में भी कम नहीं होगी पुस्तकों के अध्ययन की प्रासंगिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीं विश्व पुस्तक दिवस की शुभकामनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पुस्तक दिवस (23 अप्रैल) पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का जीवन में बड़ा महत्व है, पुस्तकें ज्ञान के भंडार के साथ-साथ हमारे लिए अनुभव, संवेदनाओं एवं प्रगति का प्रामाणिक दस्तावेज हैं, जिनके अध्ययन से जीवन को सदैव नई दिशा मिलती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और ई-लर्निंग के दौर में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दूरदर्शिता के अनुसार चिकित्सा और तकनीकी पाठ्यक्रमों की पढ़ाई राष्ट्रभाषा में संचालित करने का अभियान चलाया है। यह नई पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ाव के लिए प्रेरित करेगा। इससे अध्ययन की प्रासंगिकता बनी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया 'एक्स' और मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व पुस्तक दिवस पर पुस्तक मेला काफी प्रासंगिक है, प्रदेशवासी इसका लाभ उठाएं। उन्होंने पुस्तकों के अध्ययन पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ई-लर्निंग के दौर में पुस्तकों के अध्ययन का आनंद सबसे जुदा है। किताबें, बच्चों के सीखने का प्रमुख माध्यम हैं, साथ ही हमारे पुस्तकालयों को भी समृद्ध बनाती हैं।   recent visitors 27

प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

एयर एम्बुलेंस सुविधा का होगा विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्पताल से घर तक पार्थिव देह ले जाने के लिए जिलों में उपलब्ध होंगे शव वाहन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव  प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य समस्याओं का निराकरण किया जाए। कैंसर जैसे रोगों से ग्रस्त नागरिकों को आवश्यक उपचार सुविधाएं प्राथमिकता से दिलवाई जाएं। प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहित किया जाए। पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं जो प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों से घर तक पार्थिक देह ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था जिलों से प्रारंभ होगी जिसका बाद में विकास खण्ड और तहसील स्तर तक विस्तार होगा। प्रदेश में एयर एम्बुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी बनाते हुए गंभीर रोगियों के साथ ही दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल नागरिकों को भी सेवाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। जिला स्तर पर उपलब्ध होंगे शव वाहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने अस्पताल से पोस्ट मॉर्टम एवं मत्यु के अन्य मामलों में पार्थिव देह घर तक ले जाने के लिए शव वाहन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था प्रारंभ में जिला स्तर पर रहेगी। बाद में इस व्यवस्था को विकास खण्ड और तहसील तक विस्तार किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा बनाएंगे प्रभावी मुख्यमत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य है जहां मरीजों के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। इस सुविधा का विस्तार इस तरह किया जाएगा कि किसी भी दुर्घटना स्थल पर भी एयर एम्बुलेंस को पहुंचाया जा सके। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को चिकित्सक और कलेक्टर द्वारा निर्णय लेकर चिकित्सा संस्थानों तक भेजने की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में एयर एम्बुलेंस सेवा में एक हेलीकाप्टर और एक एरोप्लेन उपलब्ध है। गरीब से गरीब नागरिक को इस सुविधा का लाभ देने का प्रयास है। भविष्य की आवश्यकताओं के दृष्टिगत राज्य के विभिन्न जोन निर्धारित कर इस सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पीपीपी मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जा रहे हैं। गत वर्ष नीमच, मंदसौर और सिवनी में कॉलेज प्रारंभ किए गए। इस तरह के अन्य मेडिकल कॉलेज भी प्रारंभ होंगे। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है। गंभीर रोगों की आसानी से जांच और उपचार हो इसके लिए यह व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदेश में नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। अंगदान और देहदान को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में अंगदान की घोषणा करने वालों और देहदान का संकल्प लेने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। अंगदान से एक से अधिक रोगियों को लाभ मिलता है। देहदान से चिकित्सा विद्यार्थियों के लिये शल्य क्रिया की दृष्टि से पार्थिव देह की उपलब्धता संभव होती है। अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों एवं उनके परिजन को महत्वपूर्ण अवसरों पर सम्मानित किया जाए। सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं लेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि विभिन्न सेवानिवृत्त चिकित्सा विशेषज्ञों की सेवाएं विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में नागरिकों के उपचार में प्राप्त की जाएं। ‍नए मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी संचालित है। अनेक स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में स्वास्थ्य संस्थाओं में मानव संसाधन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था, मातृ शिशु संजीवनी कार्यक्रम, अनमोल 2.0 के माध्यम से माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य की शत प्रतिशत ट्रेकिंग और मानीटरिंग और आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन, स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 के क्रियान्वयन, अस्पतालों के निरीक्षण, स्वास्थ्य संस्थाओं के भवनों के निर्माण, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ कुपोषण समाप्ति के लिए संयुक्त प्रयास, स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचार और आम जन को बेस्ट प्रैक्टिसेस से अवगत करवाने, टीकाकरण पल्स पोलियो अभियान, डे-केयर सेंटर के संचालन, मोबाइल मेडिकल यूनिट और नर्सिंग महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित चर्चा एवं समीक्षा की।   recent visitors 25

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल ही पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का आधार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल गंगा जल संवर्धन अभियान की सफलता के लिए प्रदेश के नागरिकों से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि जल ही पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का आधार है। इस की एक-एक बूंद सहेजने की आवश्यकता है। प्रदेश में 30 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा जल संवर्धन अभियान का सिलसिला जन-सहभागिता से अब जन अभियान बन चुका है। श्योपुर में कलश यात्रा और भूमि पूजन तालाब के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्योपुर की ग्राम पंचायत सोईकलां के ग्राम चिमलका में कलश यात्रा निकाल कर तालाब जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन के साथ श्रमदान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने बताया कि जिले में जल गंगा3 संवर्धन अभियान के अंतर्गत 124 खेत तालाब तथा 12 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। पूर्व से संचालित 1860 कार्यो में से 960 को तीन माह में पूर्ण किया जाएगा। सीईओ जिला पंचायत अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि श्योपुर विकासखण्ड में अभियान के तहत 46 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 24 खेत तालाब, 8 परकोलेशन टेंक, 18 तालाब, 3 कुओं का जीर्णोद्धार, 11 रिचार्ज शाफ्ट, 2 लीज पिट, 38 सोकपिट सहित कुल 150 कार्य लिये गये है। राजगढ़ में जल की एक-एक बूंद सहेजने प्रशासन और नागरिक चला रहे श्रमदान महा-अभियान जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक जल संरचना का जीर्णोद्धार कर उनमें बरसात के एवं सतही पानी को सहेजने की मुहिम जारी है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा निर्देश पर जिले के 25 गांवों में स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के लिए श्रमदान अभियान चलाया गया। इस महाअभियान में महराजपुरा, बटेरिया, दोगडा, पडलिया, चिबडकलां, चाठा, रावतपुरा, डोबी, डालूपुरा, धामनिया, नारायण घटा, मंगलपुरा, भीलाखेडी, महुआबे, माधवपुरा, सुवाडेही, सादलपुर,  लक्ष्मणपुरा, काचरी, कडकपुरा, बावडीखेडा, तुमडियाखेडी, सलेपुर, बरखेडा खुर्रम और पिपलिया पाल में स्थित तालाब, परकोलेशन टेंक, कुएं एवं बावडियों की श्रमदान से साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। अलीराजपुर में जल गंगा गंगा संवर्धन जन-सहभागिता से जल संरक्षण का अभियान कलेक्टर डॉ. अभय अरविंद बेडेकर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर सिंह के निर्देशन में जल गंगा संवर्धन के अंतर्गत जोबट तहसील के ग्राम बड़ा गुड़ा स्थित प्राचीन बावड़ी के जीर्णोद्धार का शुभारंभ हुआ। कलेक्टर डॉ. बेडेकर ने जोबट के ग्राम किला जोबट स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर की प्राचीन बावड़ी का भी निरीक्षण कर इसके भी जीर्णोद्धार के शुभारंभ का निर्देश दिया। कटनी में सीएमसीएलडीपी विद्यार्थियों ने की सिमरार नदी घाट की सफाई कटनी में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के सहयोग में जुटे विद्यार्थियों ने छपरवाह स्थित सिमरार नदी के घाट की सफाई कर नदी मे वर्षा जल के अविरल प्रवाह को सुनिश्चित किया। अभियान में जन भागीदारी के साथ प्राकृतिक एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई का काम 30 मार्च से निरंतर जारी है। नदी और दूसरे जल स्त्रोतों की सफाई में महेश राजपूत, सत्येंद्र प्यासी, सतीश त्रिपाठी, अनामिका पांडेय, रोशनी कुशवाहा, पूजा सेन, प्रेमलता सोंधिया, द्रोपदी पटेल, अर्चना गड़ारी और छन्नूलाल राय शामिल हुए। जल गंगा संवर्धन अभियान के क्रियान्वयन में सीधी प्रदेश में चौथे स्थान पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार सीधी जिले में जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत चिन्हित कार्यों को पूरा करने, पूर्व से प्रचलित कार्यों को पूर्ण कराने और नागरिकों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिये प्रयास निरंतर जारी हैं। मुख्यमंत्री अभियान की नियमित समीक्षा भी कर रहे हैं। अभियान के क्रियान्वयन में अब तक सीधी राजगढ़, सिवनी तथा निवाड़ी जिलों के बाद सीधा चौथे स्थान पर चल रहा है। है। मऊगंज में तालाबों का जीर्णोद्धार जल गंगा जल संवर्धन अभियान के अंतर्गत मऊगंज की ग्राम पंचायत झलवार के पुटपरिहा तालाब में जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत गौरी तथा ग्राम पंचायत रजिगवां में खेत तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत सिरमौर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत बमरहा में परकोलेशन टैंक का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत तड़ौरा में स्टॉपडैम का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत रामनई के महादेव तालाब की साफ-सफाई और गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है।   recent visitors 31

मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में आर्थिक सहायता एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम की स्वीकृति टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना में कन्या तथा कन्या के अभिभावकगरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले होने पर उन बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन कैलेण्डर जारी कर संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की जायेगी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूँटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना "टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास" के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है।   recent visitors 32