मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में आर्थिक सहायता एवं सामूहिक विवाह कार्यक्रम की स्वीकृति टाइगर रिजर्व बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस योजना में कन्या तथा कन्या के अभिभावकगरीबी रेखा के नीचे जीवन निर्वाह करने वाले होने पर उन बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इनका बी.पी.एल. पोर्टल पर सत्यापन अनिवार्य होगा। कन्या विवाह तथा निकाह सम्मेलन कैलेण्डर जारी कर संभागवार वार्षिक चक्रीय रूप से आयोजित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना में प्रति कन्या राशि 55 हजार रूपये में से वधू को राशि रूपये 49 हजार का एकाउन्ट पेयी चेक और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह समारोह आयोजन के लिए संबंधित निकाय को प्रदाय किया जायेगा। सहायता राशि रुपये 49 हजार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से वधू के खाते में एवं शेष 6 हजार रूपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय के लिए प्रदाय की जायेगी। संभागवार जिलों मे आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम 200 जोड़ों की संख्या निर्धारित की जायेगी। योजना में सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलनों में प्राप्त आवेदनों की स्क्रूँटनी पूर्व अनुसार निकाय स्तर पर की जायेगीं। पात्र/अपात्र एवं समग्र पोर्टल पर वर-वधू की आधार ई-केवायसी अनिवार्य होगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के लिये शासन की ओर से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सार्थक बनाने का प्रयास करते हुये आयोजन में जन-प्रतिनिधियों एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर समाज के संपन्न और सक्षम व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त किया जायेगा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 के लिए नवीन योजना "टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास" के लिए 145 करोड़ रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गयी। इस योजना में बफर क्षेत्रों में संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इस नवीन योजना में बफर क्षेत्रो में संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग का निर्माण किया जाएगा। वन्य प्राणियों की सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। चारागाहों एवं जल स्त्रोतों का विकास किया जाएगा। वन्य प्राणियों का उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। नागरिकों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश से 9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर क्षेत्रों में विगत 4 वर्षों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है।   recent visitors 44

ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में नदी, खेत तालाब, पोखर सहित सभी जल स्रोतों के संरक्षण का कार्य चल रहा है। सभी जिलों में जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री अपने-अपने स्तर पर 90 दिन तक चलने वाले इस अभियान का हिस्सा बने और अपना योगदान दें। आगामी 30 जून तक जारी रहने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रदेश में अमृत सरोवरों का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारी सरकार का यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के हो रहे पुनीत कार्यों के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अगली कैबिनेट मीटिंग में लेंगे ट्रांसफर पॉलिसी पर निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगली कैबिनेट मीटिंग तक स्थानांतरण नीति (ट्रांसफर पॉलिसी) को लेकर भी नीतिगत निर्णय लेगी। हम प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के कल्याण के लिए उनके वेतन एवं सभी प्रकार के भत्तों के भुगतान के लिए कार्य कर रही है। लोक सेवकों के हितों के साथ ही राज्य सरकार खाली पदों पर जल्द से जल्द भर्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है। भर्ती अभियान में सभी योग्य उम्मीदवारों को मौका मिले, इसके लिए प्रत्येक विभाग की समीक्षा की जा रही है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की लंबित परीक्षाएं भी शीघ्र कराने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना से बढ़ेंगे रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने बीते सोमवार को ही प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के डेवलपमेंट को गति प्रदान करने के लिए ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। इससे बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी के साथ आईटी सेक्टर पर आधारित एक कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगी। इससे जुड़े विभागों के अधिकारी तैयारियों में जुटे हुए हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर में आईटी के बड़े केंद्र स्थापित हो, इस प्रयोजन से हर संभव प्रयास हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने का संकल्प दोहराते हुए बदलते दौर में सभी क्षेत्रों में समुचित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारियां साझा की हैं।   recent visitors 44

नानाजी बन गए मुख्यमंत्री मोहन यादव, नातिन को गोद में लेकर जमकर झूमे

भोपाल मध्यप्रदेश। सीएम डॉ. यादव अब नाना बन गए हैं। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह जानकारी साझा की है। वीडियो में सीएम मोहन यादव अपनी बेटी के बच्चे को प्यार से दुलारते हुए नजर आ रहे हैं। नरेंद्र सलूजा ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने खुशखबरी बताते हुए एक्स हैंडल पर लिखा कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जी नाना बने…बहुत-बहुत बधाई। हालांकि मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया पेज पर यह खुशी शेयर नहीं की है। एक मिनट 20 सेकेंड के इस वीडियो में सीएम बेटी की बच्ची को हाथ में पुचकारते तो कभी दुलारते दिख रहे हैं। नातिन पर खूब स्नेह लुटाते भी दिख रहे हैं। यही नहीं मोहन यादव ने नातिन के जन्म पर बेटी को न्योछावर के रूप में कुछ रुपये भी दिए। डॉ. मोहन यादव की शादी सीमा यादव से हुई है। उनके तीन बच्चे हैं—दो बेटे और एक बेटी। उनके पास एमबीए,एलएलबी और पीएचडी की डिग्री है। उनके परिवार के सदस्य भी व्यापार और कृषि में शामिल हैं। यह बच्ची उनकी बेटी आकांक्षा यादव के घर हुई है। बेटी गायनकोलॉजिस्ट है। उनके बाकी दोनों बेटों की बात करें तो अभिमन्यु यादव डॉक्टर हैं और वैभव यादव ने एलएलबी-एलएलएम किया है। मोहन यादव के पिता पूनमचंद यादव है जिनका पिछले साल निधन हो गया था। मां का नाम लीलाबाई यादव है। एमपी के मुखिया खुद 5 भाई-बहन हैं। recent visitors 45

ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

म.प्र. की देश में केन्द्रीय स्थिति का लाभ उठाएं निवेशक, हितों का ध्यान रखेगी सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव दूरसंचार असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र, प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास में करेंगे पूरा सहयोग ग्वालियर में करीब 350 एकड़ भूमि में बनेगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन टेलीकॉम से जुड़े सभी उपकरण बनेंगे टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कम्पनियां करेंगी निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना एवं क्रियान्वयन के संबंध में बैठक कर निवेशकों से की चर्चा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। दूरसंचार सुविधाओं का विकास एवं विस्तार आज की बड़ी जरूरत है। मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए यहां आने वाले हर उद्यमी, हर निवेशक का स्वागत है। टेलीकम्यूनिकेशन फेसिलिटीज को बेहतर बनाकर हम प्रदेश के हर क्षेत्र व केन्द्रीय दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाना चाहते हैं। मध्यप्रदेश देश का हृदय स्थल है। निवेशक राज्य की देश में केन्द्रीय स्थिति का भरपूर लाभ उठाएं। टेलीकॉम सेक्टर में इन्वेस्ट करने के लिए मध्यप्रदेश आने वाले हर निवेशक के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में प्रदेश में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र (टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन – टीएमजेड) की स्थापना एवं इसके क्रियान्वयन के संबंध में बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों से आत्मीय चर्चा कर सरकार की प्रतिबद्धताओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, जबलपुर जैसे क्षेत्रों में टेलीकॉम सेक्टर के विकास की असीम संभावनाएं हैं। हमारी सरकार टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए निवेशकों को हर संभव सहयोग करेगी। आप बेझिझक निवेश कीजिए, आपके हितों की चिंता सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आगामी 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी कॉन्क्लेव होने जा रही है। इच्छुक निवेशक इसमें अपना प्रस्ताव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के निर्माण के लिए बड़े लैण्ड बैंक की आवश्यकता होगी। निवेशकों से कहा कि कम जमीन में ज्यादा निर्माण इकाईयां स्थापित करने से लागत भी कम होगी और प्रबंधन में भी आसानी होगी। निवेशक इसी दिशा में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निवेशकों ने कहा कि वे विचार-विमर्श कर जल्द ही अपना निर्णय लेंगे और सरकार को अवगत कराएंगे। बैठक में बताया गया कि ग्वालियर जिले में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) बनाया जाना प्रस्तावित है। यह टीएमजेड करीब 350 एकड़ जमीन पर बनेगा। इस टीएमजेड में टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी सभी एसेसरीज (सहायक उपकरण), सिस्टम्स, कम्पोनेंटस, वाइफाई, ऑप्टिकल्स, मोबाइल डिवाइसेस, सिमकार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स सहित टेलीकॉम सेक्टर में नई 6जी टेक्नॉलाजी के लिए अनुसंधान एवं विकास के कार्य भी किए जाएंगे। टेलीकॉम सेक्टर की डिक्सॉन, वॉयकॉन, आईबीएम, निक्सन एवं एरिक्सन जैसे सभी बड़ी कम्पनियां यहां निवेश करने के लिए आएंगी। इससे प्रदेश में टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार होगा और सेवाएं भी बेहतर होंगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला, केन्द्रीय दूरसंचार विभाग के डीडीजी अनिल भारद्वाज, डॉयरेक्टर गणेश चंद्रा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ सुदाम खाड़े सहित टेलीकॉम सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक कम्पनी डिक्सन के अध्यक्ष अतुल बी. लाल, टीईएमए के चेयरमेन प्रो. एन.के. गोयल, तेजस के सीईओ एण्ड एमडी आनंद अथरेया, वीवीडीएन के जितेंद्र सिंह, वीवीडीएन के राजीव जैन, एनआईसीडीसी के विनय मिश्रा, आईसीईए के डॉ. आशीष शुखिया, इरिक्सन के अश्विनी पत्कुर, एमपीआईडीसी के ग्वालियर रीजन के ईडी प्रतुल सिन्हा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों के साथ टेलीकॉम सेक्टर के उत्तरोत्तर विकास के लिए विस्तार से चर्चा की। बताया गया कि केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा मध्यप्रदेश में टेलीकॉम सुविधाओं के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है। निवेशकों ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) द्वारा इस विषय में नेतृत्व करते हुए ग्वालियर में दूरसंचार उत्पादन क्षेत्र की स्थापना के लिए निवेशकों को ग्वालियर आईटी पार्क में उपलब्ध भूमि और ग्वालियर के ही साडा क्षेत्र में उपलब्ध भूमि का अवलोकन कराया गया। उपलब्ध भूमि के सम्पूर्ण क्षेत्र कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर और आसपास के ईको सिस्टम की उपयोगिता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन निवेशकों के प्रतिनिधि मंडल द्वारा किया गया था। गत एक अप्रैल को ही ग्वालियर के साडा क्षेत्र के प्रस्तावित स्थल का दूरसंचार विभाग एवं एमपीआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पुन: मूल्यांकन किया गया। प्रदेश की नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में प्रोत्साहन करने के लिए योजनाबद्ध राजकोषीय और गैर राजकोषीय पेकेज पर भी इस दौरान चर्चा की गई। निवेशकों ने कहा कि हम जितना जल्द हो सके, इस टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में अपना काम प्रारंभ कर लेंगे। साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को दी जाएगी ग्वालियर आईटी पार्क में लगभग 70 एकड़ एवं साडा ग्वालियर क्षेत्र में 300 एकड़ भूमि की मांग निवेशकों द्वारा की गई है। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार साडा ग्वालियर की 271 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक नीति एवं प्रोत्साहन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। साडा ग्वालियर क्षेत्र में औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की कार्यवाही साथ-साथ होने से क्षेत्र का विकास तेजी से होने की संभावना है। साडा के समीपवर्ती क्षेत्र से ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस वे भी बनाया जाना संभावित है। इससे आगरा-दिल्ली की दूरी कम हो जाएगी और लगभग 50 मिनट की अवधि में ग्वालियर से आगरा की दूरी तय की जा सकेगी। इससे कम्पनियों को लॉजिस्टिक का व्यय कम से कम होगा। साडा क्षेत्र से ही ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी शीघ्र प्रारंभ हो रहा है। इससे आगरा-मुम्बई (एबी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। साडा क्षेत्र से दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी निकल रहा है। इससे इस क्षेत्र में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाईयों को भरपूर लाभ होगा। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि जीआईएस के दौरान सरकार ने 18 नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। यह सभी नीतियां मध्यप्रदेश में निवेशकों को आकर्षित … Read more

मुख्यमंत्री ने लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शासकीय परिसम्पत्तियों का विक्रय ही एकमात्र विकल्प नहीं है। परिसम्पत्तियों का शासन के हित में बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों का अभिलेखीकरण कर लें जिससे आवश्यकता अनुसार इनका उन्नयन कर विकसित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासकीय परिसम्पत्तियों को बड़ी विकास परियोजनाओं के साथ भी जोड़ें ताकि शासन को ऐसे सम्पत्तियों का भी लाभ हो। बेहतर होगा कि ऐसे परिसम्पत्तियों को युक्तियुक्तकरण के जरिए समायोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोक परिसंम्पत्ति प्रबंधन विभाग अकेले ही परिसम्पत्तियों के निर्वतन या नीलामी पर निर्णय न ले। राजस्व, धर्मस्व, विधि-विधायी विभाग के साथ समन्वय कर परिसम्पत्तियों के मामलों का समुचित समाधान किया जाये। जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह खण्डवा से वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव लोक परिसम्पत्ति विभाग अनिरूद्ध मुखर्जी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक परिसम्पत्तियों के प्रबंधन में नवाचार किए जाएं। राज्य के बाहर शासन के स्वामित्व वाली परिसम्पत्तियों का प्राथमिकता से प्रबंधन/निर्वतन किया जाए। उन्होंने कहा कि अच्छे लोकेशन में मौजूद शासकीय परिसम्पत्तियों का यथासंभव शासन के हित में ही नियोजन किया जाए। इसके लिए सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर उस पर विधिवत अमल किया जाये। किसी मसले पर कानूनी राय की आवश्यकता है तो विधि एवं विधायी विभाग से अभिमत लेकर ही आगे की कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अच्छी लोकेशन में मौजूद सम्पत्ति पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को देने पर विचार किया जा सकता है। बैठक में बताया गया कि लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन विभाग के गठन से लेकर अब तक 655 लोक परिसम्पित्तयां विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी हैं। इसमें जिलों द्वारा 471 एवं विभिन्न विभागों द्वारा 184 परिसम्पत्तियों को दर्ज किया गया है। कुल दर्ज की गई परिसम्पत्तियों में जिला/विभाग को 505 परिसम्पत्तियां वापस सौंपी गई है और 101 परिसम्पत्तियों का मुद्रीकरण, 48 परिसम्पत्तियों का प्रबंधन किया गया। एक परिसम्पत्ति के प्रबंधन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।   recent visitors 46

मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ, भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण

विज्ञान मंथन यात्रा विद्यार्थियों के लिये उपयोगी सिद्ध होगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने निभाई शिक्षक की भूमिका और भावी वैज्ञानिकों से किया संवाद मैपकॉस्ट की 17वीं विज्ञान मंथन यात्रा 27 अप्रैल तक प्रदेश के 375 भावी वैज्ञानिकों का हुआ चयन, वंदे भारत ट्रेन से होगी यात्रा भावी वैज्ञानिक नई दिल्ली एवं चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित 11 संस्थानों का करेंगे भ्रमण मुख्यमंत्री ने किया विज्ञान मंथन यात्रा का शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार की शाम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (मैपकॉस्ट) की 17वीं "विज्ञान मंथन यात्रा" का मुख्यमंत्री निवास परिसर से शुभारंभ किया। उन्होंने इस यात्रा के लिए चयनित प्रतिभाशाली भावी वैज्ञानिक बच्चों को बधाई देते हुए उनके साथ संवाद भी किया। उन्होंने एक शिक्षक के रूप में बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री निवास परिसर से टेलीस्कोप द्वारा विभिन्न ग्रहों को देखा। उन्होंने विद्यार्थियों से अंतरिक्ष विज्ञान पर विस्तार पूर्वक संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं आप सभी के बीच मुख्यमंत्री या किसी शिक्षक नहीं मित्र के रूप में उपस्थित हूँ। आपके जीवन के लिए यह विज्ञान मंथन यात्रा उपयोगी सिद्ध होगी। पाठ्य पुस्तकों के अध्ययन के साथ विद्यार्थी जब विज्ञान से जुड़े नामी-गिरामी संस्थानों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर वहां की कार्य पद्धति की जानकारी प्राप्त करते हैं तो यह ज्ञान सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि जीवन के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर और प्रकृति का भी समन्वय है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी प्रक्रियाएं जानने और समझने का विषय है। प्राण भी 5 प्रकार के हैं, जो श्वसन प्रणाली, हृदय, वाणी, पाचन प्रणाली, उत्सर्जन और प्रजनन प्रणाली और मांसपेशी के साथ परिसंचरण प्रणाली के रूप में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैपकॉस्ट जैसी संस्थाएं विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध करवाने की दिशा में सार्थक भूमिका निभा रही हैं। अंतरिक्ष विज्ञान पर बच्चों से बातचीत मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बच्चों से प्रश्न किए कि पृथ्वी और चंद्रमा में से परिक्रमा कौन करता है? ग्रह और उपग्रह में क्या अंतर है? गुरुत्वाकर्षण शक्ति क्या है? ग्रहों की परस्पर दूरी का आकलन किस तरह होता है? विद्यार्थियों के सारगर्भित उत्तर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने यात्रा के लिए चयनित विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर की प्रशंसा की। अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के कुलगुरू एवं पदाधिकारी, शिक्षकगण उपस्थित थे। विज्ञान मंथन यात्रा पर जाने वाले विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा। परीक्षा में सफल होने वाले प्रत्येक कक्षा के 20 चयनित विद्यार्थियों को 5 वर्ष तक 12 हजार रुपए प्रति वर्ष की स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी। यात्रा के लिए इस वर्ष कक्षा 10वीं से 12वीं विज्ञान विषय में अध्यनरत पूरे प्रदेश के कुल 375 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यार्थी में से दिल्ली जाने वाले समूह में प्रौद्योगिकी परिषद के आमंत्रण पर नेशनल साइंस सेन्टर, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ प्लांट जीनोमिक रिसर्च, इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीटयूट, राष्ट्रपति भवन और नई दिल्ली के संस्थानों का भ्रमण करेंगे। चंडीगढ़ जाने वाले समूह के विद्यार्थी सेन्ट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रुमेंटस ऑर्गेनाइजेशन, इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फॉर्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, गवर्नमेंट म्युजियम एंड आर्ट गैलरी संस्थानों का भ्रमण और वैज्ञानिकों से साक्षात्कार करेंगे। विद्यार्थी वन्दे भारत ट्रेन से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली पहुँचने पर विज्ञान भारती द्वारा इन सभी भावी वैज्ञानिकों का स्वागत किया जायेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् ने स्कूली छात्र-छात्राओं में प्रदेश की भावी वैज्ञानिकों को तलाशने और उनमें विज्ञान शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने के लिए गत 16 वर्ष से मिशन एक्सीलेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित विद्यार्थियों के दल को किताबी ज्ञान से अलग व्यावहारिक विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया जायेगा। विज्ञान मंथन यात्रा का मुख्य उद्देश्य उन प्रतिभावान विद्यार्थियों को, जिनमें विज्ञान के प्रति अभिरुचि है, उनकी पहचान करना एवं उनके द्वारा चयनित क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चलाये जाने वाले इस कार्यक्रम से चयनित विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को चिन्हित कर अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से आगे बढ़ाए जाने का कार्य किया जा रहा है।   recent visitors 34

जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में स्वास्थ्य, कृषि और आवास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ सम्मानित

जनजातीय बहुल झाबुआ जिले में स्वास्थ्य, कृषि और आवास क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुआ सम्मानित लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए कलेक्टर झाबुआ को मिला पुरस्कार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले को प्राप्त पुरस्कार पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निश्चित ही गर्व का अवसर है, जब सिविल सेवा दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम (एबीपी) श्रेणी के अंतर्गत मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रामा ब्लॉक को पुरस्कृत किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर झाबुआ सुनेहा मीणा को प्राप्त पुरस्कार के लिए बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के माध्यम से झाबुआ जिले के सुदूर और कम विकसित क्षेत्र में नागरिकों के गुणवत्तापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के कार्य में सफलता प्राप्त की गई है। एबीपी के अंतर्गत योजनाओं को एकीकृत कर विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति के प्रयास किए जाते हैं। इस पुरस्कार से अन्य लोक सेवकों को भी कठोर परिश्रम और विकास के संकल्प के माध्यम से कार्य की प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने झाबुआ कलेक्टर के साथ ही समस्त टीम को भी बधाई दी है। झाबुआ में क्या हुआ विशेष एबीपी के अंतर्गत देश के 16 जिलों के लोक सेवकों को उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित किया गया। झाबुआ को प्राइम मिनिटर्स अवार्डस फॉर एक्सिलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन : 2024 की एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। झाबुआ जिले में दूरस्थ क्षेत्रों में विकास को गति मिली है। रामा ब्लॉक में पोषण आहार, किसानों की समृद्धि के लिए प्रयास, पेयजल प्रबंध के अंतर्गत हर घर जल एवं हर वंचित को पक्के मकान का संकल्प साकार हो रहा है। झाबुआ में नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में जनजातीय वर्ग को लाभान्वित करने, किसानों को मृदा कार्ड उपलब्ध करवाने और आवास के क्षेत्र में विशेष प्रयास किए गए।   recent visitors 47