18 फरवरी को MP का बजट 2026-27, फोकस में समावेशी विकास और नई योजनाएं

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में अपना तीसरा बजट पेश करेगी, जिसे वित्त मंत्री और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पेश करेंगे। यह बजट रिकॉर्ड रकम और समावेशी विकास के एजेंडा के साथ तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि राज्य का अनुमानित बजट 4.63 लाख करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है। जो पिछले बजट से करीब 10 फीसदी अधिक होगा। बताते चलें कि एमपी विधानसभा बजट सत्र 16 फरवरी को शुरू होने जा रहा है और 18 फरवरी को एमपी बजट पेश किया जाएगा। बता दें कि कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम मोहन यादव ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ये तो 18 फरवरी को MP Budget 2026-27 में पता चल जाएगा। MP Budget 2026-27 का फोकस क्या या क्या हो सकता है खास?     कृषि और ग्रामीण विकास- किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने वालीे योजनाओं पर     रोजगार सृजन- अनुमान जताया जा रहा है कि लगभग 50 हजार सरकारी नौकरियां निकाली जाएंगी।     युवा और कौशल- तकनीकी कौशल, उद्यमिता और नौकरियों के अन्य अवसरों पर जोर     महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाएं- महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं में वृद्धि की जा सकती है। केंद्रीय बजट 2026-27 – एमपी को क्या मिला? बता दें कि हाल ही पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का असर एमपी के बजट की तैयारियों को प्रभावित कर सकता है। माना जा रहा है कि वित्त आयोग के करों को लेकर नये फॉर्मूले के कारण एमपी को केंद्रीय कर हिस्से से करीब 7,500 करोड़ का नुकसान होने की उम्मीद है। रेलवे और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए एमपी को करीब 15,188 करोड़ का आवंटन किया गया है। नगर निगमों के लिए हरित बॉन्ड प्रोत्साहन में कमी कुछ शहरी वित्तीय प्रोत्साहन में एमपी नगर निकाय लाभ से वंचित रह सकते हैं।  उम्मीदें! विश्लेषकों का कहना है कि MP Budget 2026-27 राज्य की विकास यात्रा को तेज करने वाला बजट हो सकता है। यदि इसमें रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और शिक्षा पर पर्याप्त निवेश होता है, खासकर उस स्थिति में जब राज्य की कर हिस्सेदारी घट चुकी है। तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी रहेगा खास बताया जा रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये अनुपूरक बजट करीब 10 हजार करोड़ का हो सकता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अनुपूरक बटज में न तो किसी नई योजना के लिए प्रावधान होगा और न ही किसी विभाग को नये वाहन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी। ऐसा कोई भी वित्तीय प्रावधान नहीं किया जाएगा। इससे राज्य के राजकोष पर अतिरिक्त बोझ पड़े। recent visitors 31

सरदार सरोवर प्रभावितों के लिए राहत: आवासीय भूखंडों का पंजीकरण अब बिना शुल्क

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय 6 विभागों की 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा। मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे। कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी। 10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।   recent visitors 33

CM मोहन यादव की प्रतिक्रिया: Union Budget भविष्यदर्शी, रेलवे में बड़े सुधार की तैयारी

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के यूनियन बजट को लेकर कहा है कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और राज्यों को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के रिन्यूएशन को इस बजट में आधार बनाया गया है ताकि चालू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सके। समय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जा सके। यह बात सीएम मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ सेंटर में आयोजित लाइव चर्चा में कही। बता दें कि वे यहां केंद्रीय बजट पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि, लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर सीएम ने कहा कि बजट में अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि और लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय स्थिरता और सरकारी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेवा क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर रहा फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण, बहनों को सीधा लाभ और ग्रामीण महिलाओं के लिए 'लखपति दीदी' जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगी। टियर-2 और 3 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो सिटी प्लान मध्यप्रदेश में पहले से चल रहे हैं और प्रधानमंत्री के सहयोग से इन्हें पूरा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्पष्ट होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दी गई राशि से संतुलित विकास होगा और मध्यप्रदेशआर्थिक रूप से समृद्ध बनेगा। कृषि को नहीं किया नजरअंदाज सीएम ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के दौर में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया गया है। कार्बन कैप्चर, हरित पहल और पर्यावरणीय संतुलन के साथ यह बजट भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का यह नया मॉडल देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। बजट से रेलवे में क्रांति मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र को मिले बजट को लेकर कहा की रेलवे में क्रांति आई है। मध्यप्रदेश और देश में रेल पटरी बिछाने की गति आठ गुना तक बढ़ी है। भुसावल-खंडवा रेल खंड से जुड़ी तीन परियोजनाओं को 18,500 करोड़ रुपए की मंजूरी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ना किसानों और राज्य के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल को खुद नहीं पता कि वो क्या कहते हैं- सीएम मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उस पर सवाल उठाना समझ से परे है। राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के मजबूत नेतृत्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी कुछ भी बोल देते हैं। सीएम ने कहा कि राहुल को खुद नहीं पता कि वे क्या कहते हैं।  recent visitors 33

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को देगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। भारत-अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील अभिनन्दनीय है। यह ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को नई गति देगी। इससे देश को प्रगति के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह डील भारत के सशक्त नेतृत्व और विकास में साझा विश्वास को दर्शाता है।  recent visitors 35

केन्द्रीय बजट: डॉ. मोहन यादव का मानना, नई आर्थिक संभावनाओं का मार्गदर्शन करेगा

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट •    डॉ. मोहन यादव  भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।  केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे।  महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं।      सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा।  बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।   (लेखक मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन हैं)   recent visitors 32

राज्य की वित्तीय सेहत पर सवाल? MP सरकार 2026 में दोबारा लेगी ₹5200 करोड़ का कर्ज

  भोपाल मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर 5200 करोड़ का कर्ज लेगी। साल 2026 में सरकार दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 57,100 करोड़ का कर्ज लिया जा चुका हैं। अब यह लोन 62,300 करोड़ रुपए का हो गया है। एमपी सरकार साल 2026 में दूसरी बार कर्ज ले रही हैं। 7 फरवरी को 5200 करोड़ की राशि मिलेगी। जिसकी पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए 7 साल के लिए ब्याज समेत भुगतान की तारीख 4 फरवरी 2033 तारीख की है। 2000 करोड़ का कर्ज 17 साल के लिए लिया जा रहा है, जो 4 फरवरी 2043 तक के लिए है। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज के बढ़ते बोझ तले दबती जा रही है। राज्य सरकार ने एक बार फिर 5200 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का निर्णय लिया है। यह कर्ज इस वित्तीय वर्ष में दूसरी बार लिया जा रहा है।सरकारी जानकारी के अनुसार, इस कर्ज का भुगतान ब्याज सहित 4 फरवरी 2033 तक किया जाएगा। इसमें से 2000 करोड़ रुपये का कर्ज 17 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान 4 फरवरी 2043 तक होगा। वहीं, 2000 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त 22 साल की अवधि के लिए ली गई है, जिसे ब्याज सहित चुकाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज 62,300 करोड़ तक पहुँचा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मध्य प्रदेश सरकार कुल 57,100 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। ताजा 5200 करोड़ रुपये के कर्ज के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 62,300 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। जानिए मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज? वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक लिए गए कर्ज का विवरण इस प्रकार है: 7 जनवरी 2026 – 400 करोड़ 30 दिसंबर 2025 – 3500 करोड़ 2 दिसंबर 2025 – 3000 करोड़ 11 नवंबर 2025 – 4000 करोड़ 28 अक्टूबर 2025 – 5200 करोड़ 30 सितंबर 2025 – 3000 करोड़ 23 सितंबर 2025 – 3000 करोड़ 9 सितंबर 2025 – 4000 करोड़ 26 अगस्त 2025 – 4800 करोड़ 5 अगस्त 2025 – 4000 करोड़ 30 जुलाई 2025 – 4300 करोड़ 8 जुलाई 2025 – 4800 करोड़ 4 जून 2025 – 4500 करोड़ 7 मई 2025 – 5000 करोड़ इस तरह लगातार कर्ज लेने के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। विपक्ष के निशाने पर मोहन सरकार मध्य प्रदेश पर लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों की सही योजना न होने के कारण सरकार बार-बार कर्ज लेने को मजबूर हो रही है।   recent visitors 142

बजट की खूबियों पर सीएम की प्रस्तुति, फंड से 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहर होंगे विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की खूबियां बताएंगे। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा रहेंगे शामिल।  रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। इसमें 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, हर जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ प्राप्त होगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाऐं भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा है कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मध्य प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है, इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। बजट में देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एआई के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, इसका आने वाले दिनों में प्रदेश और देश को तरक्की में बड़ा योगदान होगा। दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बजट के बाद कहा था कि केंद्रीय बजट आने वाले 10 वर्षों में भारत के विकास की दिशा तय करेगा। जिन क्षेत्रों में दुनिया के केवल दो-तीन देशों का दबदबा है, उन रणनीतिक उत्पादों के निर्माण पर बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में पहली बार अलग मालगाड़ी कॉरिडोर बनाने की बात की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और व्यापार बढ़ेगा। खण्डेलवाल ने कहा है यह बजट डर से मुक्त टैक्स व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला बजट है। recent visitors 26