MP में 30 मार्च से शुरु होगा जल गंगा संवर्धन अभियान, बोले CM डॉ. मोहन यादव, अभियान बनेगा जन आंदोलन

उज्जैन 'जल गंगा संवर्धन' अभियान का शुभारंभ आगामी 30 मार्च को वर्ष प्रतिपदा के दिन शिप्रा नदी के तट पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन से किया जाएगा। 30 मार्च को अन्य जिलों में भी नदी अथवा जल स्त्रोत के समीप कार्यक्रम का आयोजन कर इस अभियान की शुरुआत की जाएगी। अभियान के व्यापक आगाज हेतु 30 मार्च को प्रत्येक नगरीय निकाय और प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन समुदाय की उपस्थिति में जल संरक्षण और संवर्धन के एक कार्य का क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाएगा। अभियान की अवधि 30 मार्च से 30 जून होगी। अभियान के अंतर्गत जलाशयों की सफाई, पौधरोपण, छोटी नदियों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए कार्य किए जाएंगे। इसकी तैयारियों की समीक्षा बैठक प्रशासनिक संकुल भवन के सभा कक्ष में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह अभियान के नोडल अधिकारी होंगे। उनकी अध्यक्षता में जिला जल गंगा संवर्धन अभियान समिति द्वारा अभियान की आयोजन, क्रियान्वयन तथा मॉनिटरिंग की जाएगी। इस समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जयति सिंह तथा सहभागी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी सदस्य होंगे। 90 दिन से अधिक समय तक चलेगा अभियान पानी दे, गुरुबाणी दे। जल बिन सब सूना है। जो सबको जीवन दे, वो है जल। जल ही जीवन है। इससे हम आज सुरक्षित हैं, इसी से हमारा कल भी सुरक्षित है। जल बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, समाज को भी आगे आना होगा। इसी मंशा के साथ मध्यप्रदेश सरकार 'जल गंगा संवर्धन' महाअभियान प्रारंभ करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच के साथ मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का महाअभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित शिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। 'जल गंगा संवर्धन' अभियान में होंगे कई महत्वपूर्ण कार्य पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किए जाएंगे। अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित करने की संभावनाएं तलाशेंगे। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नये खेत-तालाब बनाए जाएंगे। ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों और देवालयों में कार्य किए जाएंगे। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा। प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे। नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा। नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रत्येक गांव से 2 से 3 महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे। सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोख पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा। नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग 54 जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा। नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर शासकीय नहर के रूप में अंकित किया जाएगा। बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के सफाई कार्य। फ्लशबार की मरम्मत कार्य किए जाएंगे। स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी इसी अभियान के दौरान होंगे। सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जाएंगे।   recent visitors 31

मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के समापन कार्यक्रम 29 से 31 मई तक होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रतीक देवी अहिल्याबाई के सम्मान में महेश्वर में केबिनेट, चित्र प्रदर्शनियां, नाट्य मंचन के बाद अब होगा लाइट एंड साउंड शो मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में लोकमाता की जन्मस्थली में कार्यक्रम के दिए निर्देश महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रारंभ करें महेश्वरी साड़ी बिक्री केन्द्र मंत्रालय में हुई लोकमाता की 300वीं जयंती की आयोजन समिति की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई के कार्यों से नई पीढ़ी को अवगत करवाने के लिए विविध आयोजनों के साथ ही सामान्य ज्ञान स्पर्धा भी आयोजित की जाए। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर गत एक वर्ष में महेश्वर में केबिनेट के आयोजन, बटालियन का नामकरण देवी अहिल्या बाई के नाम पर करने, नाट्य मंचन और चित्र प्रदर्शनी जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियां हुई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्या बाई की महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित जन्मस्थली में भी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। स्कूली पाठ्यक्रम में लोकमाता के जीवन का विवरण शामिल किया गया है। विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण, इंदौर विश्वविद्यालय में देवी अहिल्या शोध पीठ की स्थापना और लोकमाता के अप्रकाशित पत्रों का प्रकाशन भी किया गया है। लोकमाता के जीवन से जुड़े स्थानों महेश्वर, चित्रकूट, ओरछा, इंदौर, जानापाव, उज्जैन, ममलेश्वर, ओंकारेश्वर, गौमुखघाट, अमरकंटक, बड़वानी, मंदसौर, शिवपुरी आदि स्थानों पर लोक गायन, लोक नृत्य और नृत्य नाटिकाएं गत सितम्बर से फरवरी 2025 तक की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार की शाम मंत्रालय में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के आयोजन के लिए गठित समारोह समिति की बैठक में बताया गया कि आगामी 31 मई को लोकमाता पर केन्द्रित स्मारिका का लोकार्पण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 29 से 31 मई तक लोकमाता की 300वीं जयंती के वृहद समापन समारोह के अंतर्गत राजधानी भोपाल सहित विभिन्न स्थानों पर तीन दिवसीय कार्यक्रम होंगे। कई राज्यों में हुए थे लोकमाता के जनकल्याण कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ ही लोकमाता के जनकल्याण के कार्य क्षेत्र में महाराष्ट्र, हरियाणा, उड़ीसा, कर्नाटक, गुजरात, बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और अनेक स्थान रहे हैं। महेश्वरी साड़ी को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर बिक्री केन्द्र प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में महेश्वर साड़ी के निर्माण में महिलाओं को हाथकरघा बुनाई, रंगाई और आकल्पन से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया है। लोकमाता के शासनकाल में महेश्वरी साड़ी की वैश्विक पहचान बनी थी। खरगोन जिले में स्थित ऐतिहासिक महेश्वर किले की दीवारों पर निर्मित कलात्मक आकल्पन को महेश्वरी साड़ियों में उकेरा जाता है। लोकमाता के कृतित्व पर फिल्म का निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर सुशासन, धर्म स्थलों पर सामुदायिक भवनों और धर्मशालाओं के निर्माण और महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कार्य करने वाली प्रशासिका थीं। उनकी 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा समिति गठित कर गतिविधियों का कैलेंडर बनाया गया है। इसके अनुसार देवी अहिल्याबाई के जीवन और अवदान से संबंधित अनेक गतिविधियां सम्पन्न हुई हैं। संस्कृति विभाग द्वारा लोकमाता के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फिल्म का निर्माण भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने लोकमाता के सम्मान में आयोजित कीं बहुआयामी गतिविधियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवस्थलों के प्रबंधन, अन्न क्षेत्रों के संचालन और नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने जैसे कार्य लोकमाता के जन-जन के लिए समर्पित जीवन का प्रतीक हैं। वे वित्त प्रबंधन, स्वदेशी को महत्व, सैन्य रणनीति, नागरिक अनुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में कार्य करती रहीं। उनके कुशल प्रशासन, समाज सुधार और धार्मिक सहिष्णुता के भाव को मध्यप्रदेश सरकार ने पूरा सम्मान देते हुए बहुआयामी गतिविधियां की हैं। लोकमाता की 300वीं जयंती के उपलक्ष में हुए कार्यक्रम उनके जीवन और भारतीय संस्कृति में दिए गए योगदान को उजागर करते हैं। प्रदेश की महिला उद्यमियों और शिल्पियों को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिति के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत सुझावों के अनुरूप लोकमाता के जीवन से जुड़ी विशेषताओं के प्रचार-प्रसार के लिए आगे भी कार्य करेगी। बैठक में प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि देवी अहिल्याबाई द्वारा निर्मित मंदिरों की सूची तैयार की गई है। लोकमाता द्वारा अनेक मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। ऐसे ज्ञात 118 स्थानों में से 90 स्थानों पर 234 चित्रांकन वॉटर कलर द्वारा तैयार करवाए गए। इस कार्य में देश के लब्ध प्रतिष्ठित चित्रकारों द्वारा योगदान दिया गया। चित्र प्रदर्शनी गत दिसम्बर में बैंगलोर में मध्यप्रदेश दिवस, जनवरी में भोपाल में गीता महोत्सव और लोकरंग के साथ ही जनवरी और फरवरी 2025 में प्रयागराज महाकुंभ में भी संयोजित की गई। आगामी महीनों में लोकमाता से जुड़े स्थानों पर हो रहे आयोजनों में भी यह चित्र प्रदर्शनी जन आकर्षण का केन्द्र रहेगी। विभिन्न आयोजनों में महिला उद्यमियों और शिल्पियों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया है। महिला स्टार्ट-अप पॉलिसी भी बनाई जा रही है। लोकमाता के जीवन ओर कार्यों पर नृत्य नाट्य और लाइट एंड साउंड शो समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि विश्व मांगल्य सभा नागपुर से एक नृत्य नाट्य तैयार करवाया गया जो लोकमाता के जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। इसकी प्रस्तुति प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रारंभ की गई है। विश्व संवाद केन्द्र न्यास, इंदौर ने नर्मदा साहित्य मंथन अहिल्या पर्व के रूप में मनाया। पर्यटन निगम ने महेश्वर किले पर लोकमाता के जीवन पर लाइट और साउंड शो तैयार करवाया गया है। इसे देवी अहिल्याबाई की पुण्यगाथा के नाम से प्रस्तुत किया जाएगा। धर्मपाल शोधपीठ में मोढ़ी लिपि के प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना की है। इस प्राचीन लिपि का कई शताब्दियों तक चलन रहा है। मराठी भाषा लिखने के लिए कभी इसी लिपि का इस्तेमाल होता है। लोकमाता के शासनकाल में भी अनेक पुस्तकों का इस लिपि में प्रकाशन हुआ था, जिनके हिंदी और अंग्रेजी में अनुवाद के लिए मराठी साहित्य अकादमी द्वारा विषय-विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। नर्मदा परिक्रमा पथ पर लोकमाता की मूर्तियों की स्थापना के लिए भी परीक्षण किया जा रहा है।   recent visitors 28

प्रदेश की नदियां, सरोवर और अन्य जल स्त्रोत हमारे जीवन के आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के जल संसाधनों का संरक्षण और पुनर्निमाण आवश्यक है। प्रदेश की नदियां, सरोवर और अन्य जल स्त्रोत हमारे जीवन के आधार हैं। इनके संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रभावी प्रबंधन के लिए सरकार और समाज दोनों सजग रहें, यह आवश्यक है। इस उद्देश्य से प्रदेश में तीन माह अवधि का जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ हो रहा है। प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान संचालित किया जाएगा। इसे सफल बनाने के लिए अधिकतम प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की शाम मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अभियान के संबंध में कलेक्टर्स को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रकाशित पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान को सफ़ल बनाने के लिए कलेक्टर्स और अन्य अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला स्तर पर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी सभी जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ें। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सभी की सहभागिता जल स्रोतों की सफाई और रखरखाव के कार्यों के अच्छे परिणाम दिलवाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान में जिला प्रशासन का अमला और विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी मिलकर कार्य करें। उल्लेखनीय है कि अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, नगरीय विकास एवं आवास, उद्यानिकी, कृषि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, उद्योग, पर्यावरण, स्कूल शिक्षा, संस्कृति, जनसंपर्क, राजस्व, वन विभागों के साथ ही जन अभियान परिषद को प्रमुख सहभागी विभाग बनाया गया है। अभियान की स्थानीय रणनीति के अनुसार जिलों में अन्य विभागों का सहयोग कलेक्टर स्तर पर लिया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से जुड़े स्थान, विशेष रूप से नर्मदा के किनारे स्थित धार्मिक स्थानों में स्वच्छता और नदियों के घाटों की सफाई का कार्य किया जाए। छोटी नदियों और अन्य जल संरचनाओं के सौन्दर्यीकरण और स्वच्छता के कार्य निरंतर किए जाएं। प्रमुख धार्मिक केन्द्रों एवं ग्रामों में स्थित मंदिरों के परिसर में भी श्रृद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। पर्व-त्यौहारों के लिए करें आवश्यक तैयारियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी पर्व त्यौहार पर कानून व्यवस्था की स्थिति सुधर बनाए रखने के निर्देश प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां 30 मार्च को गुड़ी पड़वा, चेटीचंड और वर्ष प्रतिपदा के कार्यक्रम होंगे वहीं चैत्र नवरात्र भी प्रारंभ हो रहे हैं। इसके साथ ही 31 मार्च को ईद भी है। इन सभी पर्व-त्यौहारों के दृष्टिगत जिलों में प्रशासनिक अमला सजग और सक्रिय रहे। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि यदि विद्यार्थियों की कोई परीक्षा नजदीक है तो उस दृष्टि से ध्वनि विस्तारक यंत्रों का निर्धारित मानकों के अनुसार प्रयोग हो। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने विक्रम संवत 2082 के शुभारंभ पर होने वाली गतिविधियों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम संवत, वैदिक गणित काल गणना की प्राचीन भारतीय पद्धति पर भी चर्चा की।   recent visitors 44

समाधान ऑनलाइन में लंबित समस्याओं का हुआ समाधान

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था की जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में आए विभिन्न प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले 20 अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए समाधान ऑनलाइन में लंबित समस्याओं का हुआ समाधान 20 शासकीय सेवकों के विरूद्ध निलंबन और नोटिस जारी करने की कार्रवाई भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में आए विभिन्न प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले 20 अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल प्रदाय में अव्यवस्था के दोषी ठेकेदार को अर्थदंड से दंडित किया गया। शुक्रवार को समाधान ऑनलाइन में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों में से ऐसे प्रकरणों का समाधान किया गया जिनका लंबे समय से समाधान लंबित था। मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी समाधान ऑनलाइन में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स और अन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान ऑनलाइन में शुक्रवार को पेयजल व्यवस्था से संबंधित 3 प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों को दंडित करने का निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस भी जिले से नागरिकों के लिए पेयजल की व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें प्राप्त होंगी वहां संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे। पेयजल समस्या से संबंधित एक प्रकरण में सीहोर जिले के भंवर सिंह पटेल ने ग्राम पंचायत बरखेड़ी में पानी न पहुंच पाने की शिकायत की थी। इस प्रकरण में अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार फर्म मेसर्स विश्वा पर 37 हजार 469 की शास्ति अधिरोपित की गई है। नल जल योजना के क्रियान्वयन में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर कर घरेलू नल कनेक्शनों में जलापूर्ति प्रारंभ करवा दी गई है। इसी तरह मऊगंज के शिकायतकर्ता सुनील कुमार साहू की शिकायत पर डेढ़ वर्ष से पाइप लाइन के टूट जाने से जल प्रदाय में आ रही दिक्कत को दूर कर दिया गया है। इस मामले में भी संबंधित ठेकेदार केएनके कंपनी को तत्काल कार्य करवाने के निर्देश दिए गए। इस प्रकरण में परियोजना इकाई में पदस्थ फील्ड इंजीनियर की सेवाएं समाप्त की गई है। शिकायत का निराकरण समय पर न करने के लिए उत्तरदायी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कार्पोरेशन के उपयंत्री, परियोजना प्रबंधक और सहायक परियोजना प्रबंधक को नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जिलों में नल-जल योजना के क्रियान्वयन में विलंब करने वालों के विरूद्ध सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिले की श्रीमती दुर्गाबाई विश्वकर्मा द्वारा कूप निर्माण के लिए समय पर कार्रवाई न करने के मामले में जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और सहायक यंत्री की दो-दो वेतनवृद्धि रोकने संबंधी कारण बताओ नोटिस जारी किए गया है। साथ ही गंभीर लापरवाही के दोषी ग्राम रोजगार सहायक को सेवा समाप्ति के लिए नोटिस जारी किया गया। इस प्रकरण में सचिव ग्राम पंचायत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिकायतकर्ता को कूप निर्माण के लिए 72 हजार 372 रूपए का भुगतान करवा दिया गया है। विवाह योजना, छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्राकृतिक आपदा पर मुआवजा राशि के प्रकरण भी हुए हल समाधान ऑनलाइन में खंडवा जिले के दिनेश कलमे ने नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना में राशि मिलने में हुई देर की शिकायत की थी। समाधान ऑनलाइन में यह मामले आने के बाद गत 21 मार्च को कलमे दंपति को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान हो गया है। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक, जिला कोषालय अधिकारी और नि:शक्त कल्याण शाखा के प्रभारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। साथ ही सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जनपद पंचायत खालवा को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले की सुमोनिका द्वारा छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान समय पर न किए जाने की शिकायत पर अप्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस प्रकरण में पोर्टल संचालन करने वाले अधिकारियों को भविष्य में गंभीरतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही यह चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की शिकायत नहीं आना चाहिए वरना सख्त कार्रवाई होगी। इस प्रकरण में शिकायतकर्ता को छात्रवृत्ति की राशि 22 हजार 748 रूपए का भुगतान पोर्टल के माध्यम से कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विदिशा के रोहित रैकवार द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में की गई शिकायत का पर समाधान किया गया। आवेदक को दस हजार रूपए की राशि प्रदान कर दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इस योजना में देश में अग्रणी है। इस नाते योजना के क्रियान्वयन की श्रेष्ठ स्थिति को बनाए रखने के लिए प्रत्येक आवेदक का प्रकरण यथासमय स्वीकृत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा जिले के घनानंद द्विवेदी के आवेदन पर 20 हजार रूपए की राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में आकाशीय बिजली गिरने से आवेदक द्वारा पशुधन की हानि के फलस्वरूप मुआवजा राशि का आवेदन लगभग सात महीने पहले किया गया था। इस प्रकरण में विलंब के लिए नायब नाजिर को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही लापरवाही के दोषी तहसीलदार को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है।         रमेश जाटव को मकान की किस्त, राकेश रिछारिया को आयुष्मान योजना की राशि और आशाराम लोधी को गौ-संवर्धन योजना में मिला लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर के रमेश जाटव की आवास योजना की राशि न मिलने के संबंध में कलेक्टर ग्वालियर को परीक्षण कर दोषी कर्मचारियों को दंडित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर द्वारा सीएम हेल्पलाइन में गलत जानकारी दर्ज करने के दोषी सीएमओ को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। आवेदक जाटव को आवास योजना की तीसरी किस्त की राशि का भुगतान हो गया है। इसी तरह छतरपुर के राकेश कुमार रिछारिया को समाधान ऑनलाइन के माध्यम से आयुष्मान भारत योजना में 26 हजार 747 रूपए की राशि का भुगतान हो गया है। आवेदक ने 5 माह पूर्व उपचार करवाया था लेकिन अस्पताल द्वारा अनुबंध का उल्लघंन कर … Read more

राजभवन में कर्मयोगी बने कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ

कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत : राज्यपाल पटेल प्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ बढ़ रहा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजभवन में "कर्मयोगी बने" कार्यशाला का हुआ शुभारम्भ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश इतिहास के ऐसे पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां से साफ दिख रहा है कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। कर्मयोगी भाव, भावनाओं के साथ विकसित भारत के लिए प्रतिबद्ध प्रयास समय की जरूरत है। कर्मयोग दैनिक जीवन में उच्चतर उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने का वह रास्ता है जो व्यक्तिगत उन्नति के साथ समाज सुधार और सेवा का प्रभावी साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश राष्ट्र नीति के संकल्प पथ पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी विभिन्न भाषाए, बोलियां, मनोभाव और मूकभाव सभी संस्कृति के वह आभूषण है, जिन पर हमें गर्व है। प्रदेश में अन्य भाषाओं तमिल, तेलुगू आदि पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के लिए राष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए कमेटी बनाई जाएगी। यह बातें राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज राजभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। कार्यशाला का आयोजन राजभवन मध्यप्रदेश द्वारा उच्च शिक्षा विभाग, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग और यूनाइटेड कॉन्शियसनेस के सहयोग से किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता और अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने छिंदवाड़ा के पारंपरिक बुनकरों द्वारा तैयार उत्तरीय परिधान और पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में उप कुलपति जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रोफेसर शांतिधुलीपुड़ी पंडित, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष भरत शरण सिंह, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत बरबड़े भी मंचासीन थे। कर्मयोगी कार्य संस्कृति को बनायें सशक्त राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हमारे देश ने ज्ञान, विज्ञान, अर्थव्यवस्था सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। दुनिया में भारत की नई पहचान और साख बनी है। हमारा देश ऐसे मोड़ पर है, जहां से एकजुट और एकमत प्रयासों से राष्ट्र विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि 4-5 दशक पूर्व आज के विकसित राष्ट्रों में भी ऐसे ही मोड़ आए थे। नागरिकों के कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित प्रयासों से राष्ट्र का स्वरूप बदल दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि विकसित भारत निर्माण के लिए कर्मयोगी, भावी पीढ़ी का निर्माण शिक्षकों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में कर्मयोगी बनने के लिए काम की प्रकृति चाहें जो भी हो, व्यक्तिगत लाभ की इच्छा, परिणाम, सफलता और असफलता किसी की भी चिंता किए बिना लगातार कार्य करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कर्मयोग पथ के अभ्यासी को शुरु-शुरु में परिणामों की चिंता, समाज की अपेक्षाएं, मान्यताएं और दैनिक जीवन की व्यस्तताओं में समय की कमी आदि की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ये सभी चुनौतियां सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समय प्रबंधन और कर्तव्य पालन, ध्यान, साधना तथा चिंतन के नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से दूर हो जाती है। राज्यपाल पटेल ने शिक्षा के तीर्थ स्थलों के प्रमुखों अपेक्षा की है कि वे कर्मयोग के सिद्धांतों पर शिक्षण, शोध कार्य के साथ ही विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर स्वैच्छिक सेवा गतिविधियों को और अधिक प्रोत्साहित करें। व्यक्तिगत-व्यावसायिक जीवन में स्थिर भाव से कार्य की संस्कृति के द्वारा शैक्षणिक समुदाय के भीतर करुणा, सहानुभूति और पारस्परिक सहयोग को मजबूत बनायें। कर्मयोग के अभ्यास के लिए प्रेरक वातावरण निर्माण के कार्य करे। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि कार्य शाला का चिंतन कर्मयोग के वैचारिक, व्यवहारिक आयामों को प्रकाशित करेंगे। निःस्वार्थ कर्तव्य पालक कर्म योगियों के निर्माण का मंच बनेगा। कार्य शाला कर्मवाद के पुर्नजागरण की पहल: डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मयोगी कार्य शाला का आयोजन अद्भुत है। कार्यक्रम का भाव और भावना अभूतपूर्व है। सौभाग्य की बात है कि 5 हजार वर्ष पूर्व प्रदेश की धरती से शिक्षित कर्मयोगी के कर्मवाद का पुनर्जागरण प्रदेश से ही हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर्मयोगी ऋषि परंपरा का अक्षरक्ष: प्रतिरूप है। प्रधानमंत्री जी के मनोभावों के आधार पर सुशासन के दृष्टिगत होने वाले सभी सुशासन के प्रयोगों को अंतिम कड़ी तक पहुँचाने का प्रयास मिशन कर्मयोगी है। निष्काम भाव, अहंकार से मुक्त बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के लिए निरंतर कार्य करना ही कर्मयोग है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की विशालता अद्भुत है, जो अतिरंजित बातों को भी सुन लेती है। सही, अच्छी बातों को सद्भावना के साथ लेकर आगे चलती है। इसी लिए आज दुनिया भारतीय दर्शन से प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति का दायरा असीमित है, जिसमें सारे ब्रह्मांड के कल्याण का चिंतन है। भारत के तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जैसे ज्ञान के केंद्र सम्पूर्ण मानवता के लिए कार्य करते थे। भारत ने कभी दूसरे देशों पर आक्रमण नहीं किया। कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करना : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कर्मयोगी बने कार्य शाला दूरगामी पहल है। कार्य शाला का चिंतन शिक्षा जगत में आमूल चूल परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि कर्मयोग का चिंतन लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। समय और परंपराओं का अनुपालन मात्र राष्ट्र जीवन के लिए पर्याप्त नहीं है। राष्ट्र की आवश्यकता लक्ष्य पूर्ति के लिए निरंतर कार्य करते रहना है। कर्मयोग का चिंतन इसी अवधारणा पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों का सर्वश्रेष्ठ पालन आवश्यक है। नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाए : बाला सुब्रह्मण्यम मानव संसाधन क्षमता निर्माण आयोग, मिशन कर्मयोगी के सदस्य प्रोफेसर बाला सुब्रह्मण्यम ने कहा कि न्यू इंडिया के लिए टीम इंडिया जरूरी है। टीम इंडिया के लिए कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाना होगा। जरूरी है कि कर्मचारी विकसित भारत के भविष्य के लिए तैयार रहे। इसके लिए जीवन की सीख के द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाना होगा। क्षमता वृद्धि के लिए नियमों के चिंतन से भूमिका की चिंता की ओर जाना होगा। इसके लिए विकास का संकल्प, … Read more

प्यासे खेत को जब पानी मिलेगा तो सोने के समान होगी खेती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अलीराजपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पाणिग्रहण संस्कार, 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण है।  अलीराजपुर में 1369 नव दम्पतियों को मुख्मयंत्री कन्या विवाह योजना में 7 करोड़ 52 लाख रूपये की राशि कन्यादान के रूप में दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी वर (दूल्हों) से कहा कि हम बेटियों के रूप में अपने घर की रौनक आपको सौंप रहे हैं, इनका ख्याल रखना अब आपका दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को अलीराजपुर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर के कलेक्टर को निर्देशित किया कि 220 केवी ग्रिड, ककराना घाट एवं कन्या खेल परिसर का प्रपोजल भेजे, जिससे अविलंब स्वीकृत किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प वर्षा कर सामूहिक विवाह सम्मेलन में शामिल नव-दंपत्तियों के परिजन का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर की प्राकृतिक छटा देखते ही बनती है। उन्होंने कहा कि नर्मदा मैया के किनारे बांध बनाने से अलीराजपुर क्षेत्र में सिंचित भूमि का रकबा बढ़ा है और आर्थिक समृद्धि आई है। आर्थिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिसम्बर 2024 में अलीराजपुर जिले को मिली लगभग 2000 करोड़ रुपए की सोंडवा उद्वहन परियोजना से 169 गाँवों को सिंचाई के लिए जल प्राप्त होगा। प्यासे खेत को जब पानी मिलेगा तो सोने के समान फसल प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। सरकार सभी कृषकों का गेहूं खरीदेगी। उन्होंने कहा कि गेहूं के लिए 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस के रूप में दिया जा रहा है। साथ ही दूध की खरीदी पर भी 5 रुपए प्रति लीटर बोनस दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश का दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना है, जिससे कृषकों को आय का नया साधन मिले। विकास को समावेशी बनाने के लिए जिला विकास समिति का होगा गठन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही जिला विकास समिति का गठन किया जाएगा। इससे जिले के गणमान्य नागरिक, व्यवसायियों के सुझावों को प्राप्त कर जिले की समावेशी विकास की प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाएगा। हीरा परिष्कृत करने में जिले के हुनरमंद नागरिकों को रोजगार के अवसर मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अलीराजपुर जिला उद्योग विभाग के माध्यम गुजरात की जगह अलीराजपुर में हीरा परिष्कृत करने का कार्य किया जाएगा। इससे अलीराजपुर के हुनरमंद नागरिक जिले में ही रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ही एकमात्र राज्य है जहां खदान से हीरा प्राप्त होता है। प्रयास किए जा रहे है अलीराजपुर में ही हीरा परिष्कृत करने का कार्य हो। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योग के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पक्के घर बनाने, फलिया-फलिया (मजरे-टोले) तक पानी एवं बिजली पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक बहनों को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना से 1250 रुपए प्रतिमाह खातों में अंतरित किए जा रहे हैं। किसान सम्मान निधि के माध्यम से कृषकों की सहायता की जा रही है। नए उद्योग स्थापित किया जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कार्यक्रम स्थल पर ढोल मांदल की थाप पर उत्साह पूर्ण ढंग से जनजातीय नृत्य के द्वारा नृतक दलों ने पुष्प वर्षा के बीच भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया। मंत्री नागर सिंह चौहान एवं सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ, मुख्यमंत्री डॉ. यादव की हस्त निर्मित तस्वीर एवं जनजातीय संस्कृति को परिलक्षित करती हुई पेंटिंग, तीर कमान एवं जैकेट भेंट कर स्वागत किया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरी बाई खरत, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनिता इंदर सिंह चौहान, संतोष मकू परवाल सहित 1369 नव दंपत्तियों के साथ पधारे परिजन एवं बडी संख्या में आमजन उपस्थित थे।   recent visitors 67

मुख्यमंत्री ने 11 जोड़ो को प्रतीकात्मक रूप से कन्यादान राशि के चेक किये भेंट

झाबुआ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ में एक साथ लगभग दो हजार जोड़ों के सामूहिक विवाह में शामिल होने का आनंद अदभुत और अविस्मरणीय है। उन्होंने नव-विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सभी के मंगलमय और सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य जीवन के 16 संस्कारों में से पाणिग्रहण संस्कार गृहस्थ जीवन में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण संस्कार है। इसमें 7 फेरों से 7 वचनों को पूरा कर सात जन्मों तक बंधन में बंधते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन में शामिल जोड़ों को विवाह और निकाह की बधाई देते हुए सभी के जीवन में खुशियों की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव झाबुआ में सामुहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में 11 जोड़ों को प्रतीकात्मक रूप से 49-49 हजार की राशि के चेक भी प्रदान किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ जिले के निवासियों को सौगात देते हुए कहा कि राणापुर क्षेत्र में पेयजल एवं सिंचाई की समस्या के निराकरण के लिए भांडाखेड़ा बैराज, नागन खेड़ी, गलती, छायण, झालरवा, बुदाशाला और कल्लीपुरा में बैराज बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से संबद्ध झाबुआ में मेडिकल कॉलेज भी बनाया जायेगा। झाबुआ के विकास के लिये सभी कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में सभी वर्गों का विकास समाहित है। किसी भी वर्ग को विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहने दिया जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप सबका साथ लेकर सबका विकास किया जायेगा, जिसमें सबके प्रयास और सबका विश्वास शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के सशक्तिकरण के लिये राशि प्रदान की जा रही है। किसानों का गेहूँ 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से उपार्जित किया जा रहा है। धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 4 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जा रहे हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूटी और लेपटॉप प्रदाय किये जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को प्रतिमाह मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में बेटियों को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है। प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा कि झाबुआ में आयोजित लगभग 2000 जोड़ों के सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर मन आनंदित हो गया हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा कि जिले के लिए सौभाग्य है कि इतना विशाल विवाह समारोह आयोजित हुआ और जिसमें स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकर बहनों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रूप से स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री सुभूरिया ने जनजातीय परम्परा के अनुरूप जनजातीय जैकेट "झूलड़ी" पहनाकर, साफा बांधकर एवं तीर कमान भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्यापूजन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग कुपोषण मुक्त झाबुआ के तहत मोटी आई कैम्पैन, मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन गलसन माला, गुड्डा गुड्डी, तीर कमान, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग के अंतर्गत जिले में उत्पादित टमाटर एवं टमाटर से बने उत्पाद जैसे टमाटर पाउडर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग अन्न फसल एवं जैविक उत्पाद, नगर पालिका परिषद झाबुआ द्वारा वेस्ट टु वेल्थ प्रोजेक्ट अंतर्गत तैयार किये गये डस्टबिन एवं गमले प्रदर्शित किये गये। सम्मेलन में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, सांसद श्रीमती अनिता चौहान, संभागायुक्त इंदौर दीपक सिंह, आईजी अनुराग, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों उपस्थित रहे।   recent visitors 40