मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित नीति के संबंध में प्रतिनिधि मंडल को किया आश्वस्त

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हाई पॉवर पेसा एवं वनाधिकार टास्क फोर्स ने आज भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को निजी निवेश से वनों के उत्थान नीति के प्रस्ताव पर व्याप्त भ्रम से समिति के अध्यक्ष ने अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वनवासी कल्याण परिषद के प्रतिनिधि मंडल एवं हाई पॉवर टास्क फोर्स के सदस्यों से पेसा कानून एवं वनाधिकार कानून के आलोक में आदिवासियों के हितों की रक्षा करते हुए, वन निवासी और जनजातीय समुदाय के सहयोग से, वनों को सुधारने के लिए सभी स्टेक होल्डर के साथ मिलकर नई नीति पर सभी पहलुओं पर मंथन करते हुए नई नीति प्रस्तावित करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सदस्यों से विस्तृत चर्चा की और आदिवासी समाज के लोगों से भ्रमित न होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन, संस्कृति के अधिकारों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में गिरीश कुबेर, राष्ट्रीय कैंपा सदस्य व टास्क फोर्स विशेष आमंत्रित सदस्य, सुभाष बड़ोले सह क्षेत्र संगठन मंत्री वनवासी कल्याण परिषद भोपाल, कालू सिंह मुजाल्दा आदिवासी मंत्रणा परिषद सदस्य, डॉ. रूपनारायण मांडवे आदिवासी मंत्रणा परिषद सदस्य व मुख्यमंत्री के आदिवासी मामलों के सलाहकार लक्ष्मण सिंह मरकाम, अपर सचिव और टास्क फोर्स सदस्य शामिल हुए।   recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे इससे भी बड़े पैकेज प्राप्त करते हुए जीवन में प्रगति करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि टीआईटी संस्थान में विद्यार्थियों में जो ऊर्जा देखने को मिल रही है, वह उत्साहवर्धक है। यहां किसानों और व्यवसाय से जुड़े परिवारों के बच्चें भी अध्ययन कर रहे हैं और उन्हें विभिन्न संस्थानों में आकर्षक प्लेसमेंट प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि वे इससे भी बड़े पैकेज प्राप्त करते हुए जीवन में प्रगति करेंगे। साथ ही राष्ट्र की सेवा करेंगे। विद्यार्थी अपना उद्योग और व्यवसाय भी स्थापित कर सकते हैं। बाबा महाकाल के साथ महालक्ष्मी की कृपा भी विद्यार्थियों पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी एलन मस्क को जानते होंगे जो कि एक बहुत सफल व्यक्ति होकर वर्तमान में अमेरिका के राष्ट्रपति के सीनियर एडवाइजर है। मेरी कामना है कि भारत के विद्यार्थी भी एलन मस्क जैसे व्यक्तित्व से आगे बढ़कर प्रगति करें और दुनिया में भारत का परचम लहराएं। वर्तमान समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज ताकतवर माने जाने वाले देशों में सम्मान प्राप्त कर रहे हैं और भारत की साख को बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को टीआईटी (टेक्नोक्रेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी) भोपाल में प्लेसमेंट डे कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर टीआईटी के पदाधिकारी गण द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीक स्वरूप कुछ विद्यार्थियों को प्लेसमेंट आदेश भी सौंपे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, अन्य जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में इंस्टिट्यूट के शिक्षक गण, अभिभावक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।   recent visitors 29

मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। प्रदेश खनिजों की प्रचुरता और सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा खनन के क्षेत्र में सतत विकास हो रहा है। इससे न केवल आर्थिक विकास हो रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-भोपाल में खनन एवं खनिज संसाधन के अंतर्गत 3.22 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें 55 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, जो प्रदेश के लिये बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की सक्रिय नीतियों से खनन क्षेत्र निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। राज्य खनन उद्योग में देश का अग्रणी केन्द्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जीआईएस में निवेश करने वाली कम्पनियाँ और उनके क्षेत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खनन क्षेत्र में देश की लीडिंग कम्पनियों ने रुचि दिखाई है। आने वाले समय में अडानी ग्रुप, रीवा, जबलपुर में, गोल्ड क्रेस्ट सीमेंट प्रायवेट लिमिटेड उज्जैन में, ऑरो कोल प्रायवेट लिमिटेड शहडोल में, आदित्य बिड़ला, ईएमआईएल माइंस एण्ड मिन रेस लिमिटेड रीवा में, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, आदित्य बिड़ला ग्रुप रीवा में, स्टॉक्स वर्क्स प्रायवेट लिमिटेड जबलपुर में, सारदा एनर्जी एण्ड मिनरल्स लिमिटेड शहडोल में, जे.के. सीमेंट लिमिटेड शहडोल में, प्राइम-4 इंस्पेक्शन एलएलसी भोपाल में, रेकन केमिकल्स इंदौर में, बिड़ला कॉर्पोरेशन लिमिटेड रीवा में और रामदास वर्मा एण्ड कम्पनी शहडोल में खनिज के क्षेत्र में कार्य करेगी। खनिज संसाधनों में अग्रणी राज्य मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर अयस्क, मैग्नीशियम अयस्क और हीरे के उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान पर है। यह देश का एकमात्र हीरा उत्पादक राज्य है, जो खनन उद्योग में एक विशिष्ट पहचान दिलाता है। प्रदेश रॉक फॉस्फेट में दूसरा, चूना पत्थर (लाइम स्टोन) में तीसरा और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधन थर्मल पॉवर प्लांट, सीमेंट निर्माण, फेरोएलॉय, संगमरमर कटिंग और पॉलिशिंग इकाइयों तथा रिफैक्ट्री उद्योगों के विकास में सहायक है। इससे खनिज उद्योगों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है और मध्यप्रदेश खनन और औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने खनन ब्लॉक नीलामी में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। निवेश अनुकूल नीतियों के कारण वर्ष 2023 में 85 खनन ब्लॉकों की रिकॉर्ड नीलामी कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मध्यप्रदेश को जुलाई-2022 में भारत सरकार द्वारा खनिज नीलामी में सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिये प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। साथ ही लौह-अयस्क, चूना पत्थर और बॉक्साइट के खनिज नीलामी में दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को वर्ष-2024 में दूसरे राज्य खनन मंत्रियों के सम्मेलन में खनन ब्लॉक नीलामी और सक्रिय खनन पहल के सम्मानित किया गया है। यह राज्य की खनन क्षेत्र में उत्कृष्टता और दूरदर्शी नीतियों को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश अनुकूल नीतियाँ बनाते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने खनन के क्षेत्र में सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएँ सुनिश्चित की हैं, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिये आकर्षक अवसर उपलब्ध हों। मजबूत अधोसंरचना विकास के अंतर्गत राज्य में खनन हब सड़क, रेल और बंदरगाह उत्कृष्ट रूप से जुड़े हुए हैं। इससे परिवहन और निर्यात में आसानी होगी। राज्य में प्रशिक्षित श्रमिकों की प्रचुर उपलब्धता है, जो खनन और खनिज आधारित उद्योगों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सरकार पर्यावरण संवेदनशील और सतत खनन प्रथाओं को बढ़ावा दे रही है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग होगा। कॉपर और रणनीतिक खनिज अन्वेषण के लिये एमओयू से सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा जीआईएस-भोपाल में मध्यप्रदेश सरकार, एमपी स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड ने मिलकर नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) फण्ड का उपयोग करने के लिये एक समझौता ज्ञापन एमओयू हुआ। इस पहल से हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड तांबे और अन्य रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण का नेतृत्व करेगा। खनिज निष्कर्षण व्यवहारिक पाया जाता है, तो 51:49 की भागीदारी के साथ एक संयुक्त उद्यम स्थापित किया जायेगा। इससे पहले 5 वर्षों में सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। जीआईएस भोपाल मध्यप्रदेश को खनन क्षेत्र में सिरमौर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।   recent visitors 32

जीआईएस भोपाल से एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को और अधिक ऊचाईयाँ मिलेगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीआईएस भोपाल से एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं को और अधिक ऊचाईयाँ मिलेगी। इससे राज्य के युवाओं के उद्यमी बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए पीएम-मुद्रा, पीएम-विश्वकर्मा और एमएसएमई क्रेडिट गारंटी योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ पहले ही लांच की है। जीआईएस भोपाल में कई एमएसएमई कंपनियों से 21 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव आए। इनसे राज्य में 1.3 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, साथ ऐसे युवाओं को उद्यमी बनने के अवसर मिलेंगे जो अब तक नौकरी की तलाश में थे। व्यापक बैठकें और तकनीकी नवाचार जीआईएस भोपाल में 600 से अधिक बी-2-जी बैठकें और 5 हजार से अधिक बी-2-बी बैठकें आयोजित की गईं। इनमें उद्योगपतियों, निवेशकों और एमएसएमई कंपनियों ने भाग लिया। पहली बार एआई-आधारित बिजनेस मैच-मेकिंग टूल का उपयोग किया गया, जिससे सही साझेदारों को जोड़ने में सहायता मिली। इन बैठकों ने मध्यप्रदेश को एक वैश्विक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एमएसएमई क्षेत्र में राज्य सरकार की विशेष पहल मध्यप्रदेश सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। हाल ही में कैबिनेट में नई एमएसएमई पॉलिसी मंजूर की गई। नई एमएसएमई नीति में अविकसित भूमि का लघु, मध्यम और सूक्ष्म इकाइयों को आवंटन, फ्लैट आधारित उद्योग लगाने की अनुमति, औद्योगिक क्षेत्रों का विकास और रख-रखाव उद्योग संघों के माध्यम से, 53 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य, जिससे 86 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। नई नीति में औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-बिडिंग प्रणाली लागू की गई। प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों को आसान वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नई योजनाएं शुरू की गई हैं। टैक्स इंसेंटिव, लैंड अलॉटमेंट और 'ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस' में सुधार को ध्यान में रखकर एमएसएमई उद्यमियों की मदद के लिए नीति बनाई गई है। सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ावा देने के लिए एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ऑटोमेशन को अपनाने की दिशा में पहल की जा रही है। नई पॉलिसी में राज्य सरकार एमएसएमई के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुँचाने के लिए विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रमुख निवेशक कंपनियां जीआईएस-भोपाल में कई एमएसएमई कंपनियों ने राज्य में निवेश के लिए रुचि दिखाई, जिनमें प्रमुख रूप से वकी प्राइवेट लिमिटेड (इंदौर), भगवती तीरथ पॉलि कंटेनर्स इंडस्ट्री, इवेट लिमिटेड (भोपाल), आहाराम मिल्स प्राइवेट लिमिटेड (नीमच), डीटवी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (इंदौर) और ईजीटेक एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (भोपाल) शामिल हैं। भविष्य की संभावनाएं राज्य सरकार ने 2025 तक एमएसएमई क्षेत्र में और अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, एमएसएमई सेक्टर के लिए समर्पित इनक्यूबेशन सेंटर्स और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए 'मेड इन एमपी' अभियान को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल से मध्यप्रदेश को एमएसएमई के लिए एक प्रमुख इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने में मदद मिलेगी और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।   recent visitors 33

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित

भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में गढ़े हैं नए कीर्तिमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विज्ञान आधारित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति और नवीनतम तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन से देश को मिली उपलब्धि भारत में वैज्ञानिक व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा विद्यमान है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विद्यार्थियों और युवाओं को किया संबोधित "विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने" की थीम पर विज्ञान भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान मॉडल और नवाचारों पर लगाई प्रदर्शनी का किया अवलोकन मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य, अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में सहयोग के लिए हुआ एम.ओ.यू. मुख्यमंत्री ने प्रौद्योगिकी परिषद के छह पोस्टरों का किया विमोचन मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका "रचना" का किया विमोचन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विज्ञान के आधार पर व्यवस्थित कार्यप्रणाली, जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहन और नवीनतम तकनीकों के उपयोग ने देश को विश्व के शीर्ष राष्ट्रों में गिने जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन से ही यह उपलब्धि संभव हो पाई है। राज्य सरकार शिक्षा सहित शासकीय कार्य प्रणाली और सामान्य व्यवस्थाओं के संचालन में विज्ञान का अधिक से अधिक उपयोग कर आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर "विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाने" की थीम पर भोपाल में विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पूर्व उन्होंने नोबल पुरूस्कार से सम्मानित महान वैज्ञानिक सीवी रमन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन" का विज्ञान भवन में शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेंटर में प्रस्तुत मॉडल तथा विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न सिद्धांत, सरलता से समझाने में सहायक उपकरणों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडल और नवाचारों के संबंध में उनसे चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक पेड़ माँ के नाम के अंतर्गत वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टीकमगढ़ से आए प्रगतिशील कृषक पूरनलाल कुशवाहा से भेंट कर उनके द्वारा सिंचाई के लिए विकसित किए गए पवन और पानी से चलने वाले पंप का अवलोकन कर जानकारी भी प्राप्त की। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, निदेशक विक्रमादित्य शोधपीठ तथा मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फसल बीमा के लिए क्षमता विकास कार्यक्रम, 13वें मध्यप्रदेश कारीगर विज्ञान सम्मेलन, विज्ञान मंथन यात्रा, उद्यमिता विकास कार्यक्रम, विक्रमोत्सव-2025 के अंतर्गत राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन और विज्ञान उत्सव तथा पेटेंट और प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण व केंद्र स्थापना पर विकसित पोस्टरों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद तथा वीआईटी भोपाल के मध्य अकादमिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में परस्पर सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी की पत्रिका "रचना" का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का स्वर्णिम काल चल रहा है। भारत ने विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नए कीर्तिमान गढ़े हैं, जिसमें कोविड के दौर में टीकाकरण और डिजिटल पेमेंट्स जैसे अनेकों नवाचार और व्यवस्थाएं शामिल हैं। कोविड काल में अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश में यही कार्य बड़ी ही निपुणता और प्रतिबद्धता से पूर्ण किया गया। भारत में जिज्ञासा और विज्ञान के आधार पर व्यवस्थाओं के विकास की प्राचीन परंपरा रही है। पश्चिम में दूरबीन के अविष्कार के पहले से भारत में नवग्रह की पूजा की जाती रही है। भारत ने विश्व में सबसे पहले खगोल विज्ञान के अनेकों सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। भगवान श्रीकृष्ण ने 'यत पिंडे-तत् ब्रह्माण्डे' के माध्यम से सृष्टि और मानव शरीर की एकरूपता का संदेश दिया। इसी प्रकार चरैवेति-चरैवेति में समय की निरंतरता का बोध होता है। गुरुत्वाकर्षण का नियम भी प्राचीन भारतीय शास्त्रों में निहित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ब्रह्माण्ड में कई रहस्य बिखरे हुए है, इन्हें खोजना और समस्याओं का हल करना ही विज्ञान है। महान भारतीय वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट (सीवी) रमन ने 28 फरवरी 1928 को रमन प्रभाव की खोज की थी। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय ज्ञान परंपरा और भारत में विकसित खगोल शास्त्र के विभिन्न सिद्धांतों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। महानिदेशक मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद अनिल कोठारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में विज्ञान एवं नवाचार, अनुसंधान और स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राज्य में विज्ञान के प्रति जागरूकता तथा विज्ञान नवाचार में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन ने विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में स्वर्णिम अध्याय लिखा है।   recent visitors 40

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को ऑनलाईन माध्यम से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर संबोधित करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 28 फरवरी को मध्यप्रदेश में "राष्ट्रीय विज्ञान दिवस" मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्टेम एजुकेशन’’ का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विद्यार्थियों के लिए आयोजित वर्कशॉप का अवलोकन कर उनसे संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को ऑनलाईन माध्यम से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर संबोधित करेंगे। प्रदेश में 250 से अधिक स्थानों पर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में वैज्ञानिक, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी तथा नवाचार से संबंधित लोग शामिल होंगे। भारत सरकार द्वारा इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ’’विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व में भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना’’ है। प्रदेश के विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय, वैज्ञानिक संस्थान एवं अन्य संस्थाएं भी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर पूरे राज्य में विज्ञान दिवस समारोह, कार्यशालाएं, वैज्ञानिक-सत्र, संवाद, विज्ञान आधारित प्रतियोगिताएं एवं अनुसंधान टेक्नोलॉजी पर आधारित गतिविधियां संचालित होंगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग संजय दुबे, संचालक हिन्दी ग्रंथ अकादमी, अशोक कडे़ल, निदेशक विक्रमादित्य शोधपीठ संस्थान एवं संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी और महानिदेशक, म.प्र.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. अनिल कोठारी भी उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मुख्य कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल स्थित सभागार में प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ होगा।   recent visitors 29

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “अमर शहीद चंद्रशेखर उद्यान” निर्माण के लिए तीन करोड़ की राशि की स्वीकृत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद उद्यान के लिए राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अलीराजपुर जिले में उनकी जन्मभूमि चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) में "अमर शहीद चंद्रशेखर उद्यान" के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि यह उद्यान अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के योगदान को चिरस्थायी रखने के साथ ही शहर की विरासत में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।   recent visitors 54