मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्निक महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में बाबा महाकाल की पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया

उज्जैन 12 ज्योतिर्लिंगों में से महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि का महापर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी पत्नी के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का गर्भगृह में पूजन अर्चन कर बाबा का अभिषेक किया इसके बाद आरती करने के बाद महाकाल का आशीर्वाद लिया। दरअसल, हर विशेष काम में बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने वाले सीएम मोहन यादव आज महाशिवरात्रि के पर्व अपनी धर्मपत्नी सीमा यादव के साथ श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने पीले रंग का सोला पहनकर गर्भगृह में प्रवेश किया व बाबा महाकाल को जल अर्पित कर पंचामृत अभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प व भोग अर्पित किया। महाशिवरात्रि पर दर्शन करने पुहंचे सीएम महाशिवरात्रि के त्योहार के दौरान सीएम मोहन यादव ने बाबा का अभिषेक कर उनको वस्त्र धारण करवाए और आरती भी की। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में पहुंचकर बाबा महाकाल का ध्यान भी लगाया। उन्होंने भगवान महादेव के संसार में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग की पूजा अर्चना कर प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की मंगल कामना की। recent visitors 51

मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी:केन्द्रीय मंत्री खट्टर

भोपाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत वर्ष-2047 की कल्पना की है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नियोजित शहरी विकास के लिये केन्द्र सरकार प्रदेश को हरसंभव मदद करेगी। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मंगलवार को नगरीय प्रशासन द्वारा आयोजित अनलॉकिंग लेण्ड वेल्यू विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्री खट्टर ने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के नियोजित विकास को लेकर जो तीन पॉलिसी जारी की गई है, यह प्रदेश सरकार की ओर से उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में शहरों के विकास की बहुत संभावनाएं हैं। शहरों के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार को सघन आबादी वाले शहरों पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने भोपाल, इन्दौर मेट्रो लाईन की चर्चा करते हुए कहा कि मेट्रो लाईन का विस्तार इस तरह से किया जाये कि इसका फायदा समाज के प्रत्येक वर्ग को मिल सके। उन्होंने मेट्रो पॉलिटन सिटी के विकास में एक विस्तृत योजना तैयार करने पर भी जोर दिया। केन्द्रीय मंत्री खट्टर ने बढ़ती शहरी आबादी का आंकलन सही रूप में किये जाने की बात कही। शहरी क्षेत्र के परिवहन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के जरिये पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण और कार्बन क्रेडिट का फायदा देने वाली प्रोत्साहन नीति का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता बताई। शहरी क्षेत्रों के विकास के लिये निवेश को किया जायेगा प्रोत्साहित नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय ने सत्र में कहा कि प्रदेश में नगरीय निकायों में आय के स्रोत बढ़ाये जाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी की गयी इन्टीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी से शहरों का समग्र रूप से विकास हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आवास से जुड़ी नई नीतियों में डेवलपर्स और बिल्डर्स को कई रियायतें दी गयी हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा हुकुमचंद मिल इंदौर की भूमि के रि-डेवलपमेंट के बारे में जानकारी दी। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के शहरों को हरा-भरा बनाया जायेगा। कॉलोनी में ग्रीन एरिये को जगह देने वाले बिल्डर्स और डेवलपर्स को राज्य सरकार की ओर से रियायत दी जायेगी। आज के सत्र में एमपी इंटीग्रेटेड पॉलिसी, पुनर्घनत्वीकण और मध्यप्रदेश हाउसिंग रि-डेवपमेंट पॉलिसी पर चर्चा हुई। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि बिल्डर्स और डेवलपर्स के साथ अब प्रत्येक 3 माह में प्रशासनिक अधिकारी चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के सिंगल विण्डो सिस्टम को और पारदर्शी बनाया जायेगा। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी एवं भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय विशेष रूप से रही। महापौरों से चर्चा केन्द्रीय मंत्री खट्टर और नगरीय विकास मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के नगर निगमों के महापौरों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आदर्श नगर निगम बनाने के लिये स्थानीय निकायों को आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।   recent visitors 80

प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में है शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश से लगाव, मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागिता के लिए किया आमंत्रित सेक्टर वाइज समिट का होगा आयोजन, शुरुआत कृषि से भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तेज गति से आगे बढ़ता हुआ राज्य है। विकास के सभी क्षेत्रों में निवेश की नई संभावनाएँ उभरकर सामने आई हैं। प्रदेश के प्रत्येक भू-भाग में विकास और निवेश संभावनाओं को तलाशने के लिये रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन किया। भोपाल में हो रही जीआईएस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, का 8वाँ संस्करण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में नई संभावनाओं से प्रवासी भारतीय परिचित हो रहे हैं। प्रदेश में सभी क्षेत्रों – आईटी, फार्मा, बॉयोटेक समेत विभिन्न सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 18 नई नीतियाँ लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब सेक्टर-वाइज समिट का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत कृषि क्षेत्र से होगी। निवेशकों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों और निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि सभी क्षेत्र निवेश के लिए खुले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवासी भारतीयों के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त करते हुए कहा कि जब लंदन में मध्यप्रदेश के निवासी मेयर बनते हैं, तो यहाँ भी खुशी से आतिशबाजी की जाती हैं। जब जिम्बाब्वे में मध्यप्रदेश का रहने वाले या यहां की जड़ों से जुड़ा हुआ व्यक्ति मुख्यमंत्री के पद को सुशोभित करते हैं, तो यहाँ भी खुशियाँ मनाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह आंतरिक लगाव और मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है, जो दुनिया के किसी भी कोने में अपने लोगों की सफलता पर गर्व महसूस करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में "प्रवासी मध्यप्रदेश समिट" में मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिकों, फ्रेंड्स ऑफ़ एमपी, इंडिया कनेक्ट के सदस्यों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार के नये अवसरों के सृजन में प्रदेश के प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील करते हुए कहा कि वे मध्यप्रदेश में निवेश कर यहाँ के विकास में भागीदार बनें। उन्होंने आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी और प्रदेश को एक वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बाबा महाकाल की भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का सिखाती है सिद्धांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल की भस्म आरती का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की भस्म आरती में पंचामृत से शरीर को निर्मल किया जाता है इसके बाद विधिवत पूजा कर अंत में भस्म से शरीर को ढंका जाता है। भस्म आरती जीवन को सार्थक करने का लघु सिद्धांत भी सिखाती है। उन्होंने महाकाल की भस्म आरती का महत्व समझाते हुए कहा कि भस्म आरती जन्म से मृत्यु तक के दर्शन का लघु रूप है। यह हर क्षण स्मरण कराती है कि जीवन में सर्वश्रेष्ठ कार्य करते जायें और समय पर हर कार्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि उज्जैन आध्यात्मिक नगरी के साथ ही समय (काल) की नगरी भी है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की चर्चा करते हुए कहा कि यह आध्यात्मिक कुंभ है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सांसारिक और आर्थिक महाकुंभ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल भस्म आरती के दुर्लभ दर्शन की वीआर (वर्चुअल रियलिटी) हेडसेट सेवा भी लॉन्च की। (वीआर) वीथि संकुल में उपलब्ध रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समय के सदुपयोग और कर्म पर बल देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में यही उपदेश दिया है कि सभी को अपने कर्मों के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो प्रवासी भारतीय सफलता की ऊंचाइयों पर पहुँचे हैं, उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश करना चाहिए। इससे वे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि हजारों लोगों के जीवन में सुधार लाने का पुण्य भी अर्जित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूके चैप्टर) के आबिद फारूकी और टीम के द्वारा मध्यप्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रमोशन फ्रेम का अनावरण किया। मध्यप्रदेश सरकार करेगी पूर्ण सहयोग प्रमुख सचिव, प्रवासी भारतीय विभाग संदीप यादव ने कहा कि नीति-निर्माण से विषयों पर केंद्र सरकार निर्णय लेती है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक, सुविध शाह ने विदेश व्यापार से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और मध्यप्रदेश में व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। प्रवासी भारतीयों और उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश की प्रगति को सराहा फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूएई चैप्टर) के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सशक्त और विकासपरक सोच के कारण मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हांगकांग के लीडिंग इन्वेस्टर और इंडिया कनेक्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट संजय नागरकर ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति की सराहना की। नागरकर ने कहा कि मध्यप्रदेश ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है और लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से यहाँ असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने बताया कि "इंडिया कनेक्ट" ग्रुप ने निकट भविष्य में 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश का संकल्प लिया है। हाल ही में 6 हजार 500 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू भी साइन किया गया है। उन्होंने बताया कि इंडिया कनेक्ट समूह अब बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय के साथ बॉयो केमिस्ट्री में एमओयू करने जा रहा है और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी कार्य करेगा। बंकिंघमशायर (लंदन) की मेयर सुप्रेरणा भारद्वाज, फ्रेंड्स ऑफ एमपी (बॉस्टन चैप्टर) के अध्यक्ष रोहित दीक्षित, कार्यक्रम में फ़िजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ साई, जिम्बाब्वे के राज मोदी, फ्रेंड्स ऑफ एमपी चैप्टर के कई सदस्य और मध्यप्रदेश से जुड़े प्रवासी भारतीयों ने समिट में सहभागिता की। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर केंद्रित लघु फ़िल्मों का प्रदर्शन किया गया। recent visitors 74

ज्यादा धर्म का प्रचार कर सकेगी महाकाल की नगरी, आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी :मंत्री शेखावत

भोपाल  मध्यप्रदेश, खासकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए बड़ी खुशखबरी है। आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी। इस सिटी में साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी जगह मिलेगी। ये सभी गुरुजन यहां आश्रम बनाएंगे। वे इन जगहों पर अन्न क्षेत्र चला सकेंगे, धर्मशाला बना सकेंगे, स्कूल-कॉलेज-अस्पताल बना सकेंगे। खास बात यह है कि इस योजना में आम जनता भी शामिल होकर व्यवस्था में हाथ बंटा सकेगी। यानी कुल मिलाकर महाकाल की नगरी और ज्यादा धर्म का प्रचार के साथ-साथ नर सेवा कर सकेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में की। सीएम यादव ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को फिल्म एंड टूरिज्म सेशन को संबोधित कर रहे थे. इस सेशन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और विख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। सेशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने टूरिज्म सेक्टर को सबसे पहले विकसित करने की कोशिश की। इसके मद्देनजर हमने एविएशन पॉलिसी में बदलाव किया है। टूरिज्म को बढ़ाने के लिए हमारी खुद की विमान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि विमानों की संख्या बढ़ने पर हम कंपनियों को इंसेंटिव देंगे। आज सिंगरौली, जबलपुर, रीवा की एयर कनेक्टिविटी जबरदस्त हो गई है। हमने एयर एंबुलेंस भी शुरू की। जहां-जहां हवाई पट्टी है वहां विमान से और जहां हेलीपैड है वहां हैलीकॉप्टर से मरीजों को पहुंचाया जाता है। आजकल टूरिज्म में हेल्थ टूरिज्म भी आ रहा है। इसके लिए हम कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं। 10 मार्च को 9वें टाइगर रिजर्व का लोकार्पण     सीएम यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई हार्टपेशेंट ईश्वर के दर्शन करने उज्जैन आ रहा है और वह आयुष्मान कार्ड धारी है, तो हम कोशिश करेंगे कि उसके हार्ट का ऑपरेशन वहीं हो जाए।     हम उसके रहने-खाने की व्यवस्था करेंगे और ऑपरेशन करवाकर वापस भिजवा देंगे। राजधानी भोपाल एक ऐसा शहर है, जहां दिन में इंसान तो रात में टाइगर घूमते हैं।     इन दिनों टाइगर ने भी सह अस्तित्व की भावना अपनाकर जीवनशैली बदल ली है। आमतौर पर एक टाइगर को जीने के लिए 45 से 50 किलोमीटर की जरूरत होती है।     जबकि, बाघिन को 10-15 किमी इलाके की जरूरत होती है। लेकिन, अब इनकी संख्या इतनी बढ़ गई है कि बाघ बाघिन के इलाके में ही जीवन पूरा कर रहा है।     पूरे देश में सबसे ज्यादा टाइगर हमारे पास हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लेपर्ड भी हमारे पास हैं। हमारे पास पहले 7 टाइगर रिजर्व थे।     इसी साल हमने रातापानी में 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया। इसे डॉ विष्णु वाकणकर का नाम दिया। माधव नेशनल पार्क हमारा 9वां टाइगर रिजर्व है। 10 मार्च को उसका लोकार्पण होगा। केंद्रीय मंत्री से कही ये बात     सीएम यादव ने मजेदार अंदाज में केंद्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि मंत्री जी आपके जोधपुर में शायद फर्नीचर अच्छा बनाते हैं।     लेकिन, मजेदार बात है कि जोधपुर में लकड़ी नहीं है और फर्नीचर सबसे अच्छा बनता है। हमारे यहां लकड़ी बहुत है, लेकिन फर्नीचर नहीं बना पाते।     इसलिए आपका और हमारा एमओयू कर लेते हैं। जब आप जल शक्ति मंत्री थे तो आपने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी के बड़े प्रोजेक्ट पर फोकस किया। क्या होगा उज्जैन में     सीएम यादव ने कहा कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। जब कुंभ राशि वृश्चिक राशि में प्रवेश करती है तो कुंभ हो जाता है। हर 12 साल में एक बार ऐसी स्थिति बनती है।     उन्होंने कहा कि उज्जैन में लगभग 3300 हेक्टेयर जमीन में धार्मिक सिटी बसाने की योजना है। उसमें बड़े पैमाने पर साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी रूप से जगह दी जाएगी।     वे आश्रम में अन्न क्षेत्र चला सकते हैं, धर्मशाला बना सकते हैं, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बना सकते हैं। केवल साधु संत ही नहीं आम लोग भी इस तरह की व्यवस्था में मदद कर सकते हैं। पंकज त्रिपाठी ने की एमपी की तारीफ     विख्यात फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश विलक्षण है, यहा अपार संभावनाएं हैं।     राज्य में जितनी खूबसूरती है, उतनी कहीं और नहीं। यहां आकर वापस जाने का मन नहीं करता।     यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म शूटिंग के दौरान अनुभवों को सांझा करते हुए यहां की प्रकृति के बारे में बताया।   recent visitors 51

प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर

खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान निवेश प्रोत्साहन के लिये मध्यप्रदेश में सिंगल विण्डो प्रणाली लागू : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर प्रदेश में 8 फूड पार्क, 5 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क और 2 मसाला पार्क उपलब्ध भोपाल कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आयोजित सीड टू सेल्फ इन लांचिंग इन्वेस्टमेंट अपार्चुनिटी इन एमपी एग्री फूड एण्ड डेयरी सेक्टर पर आयोजित सत्र में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश निवेश के लिये आवश्यक अधोसंरचना के साथ एक लाख हैक्टेयर का लैण्ड बैंक रखने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत टमाटर, मटर, प्याज, लहसुन, मिर्च, गेहूँ और चावल उत्पादन में देश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि कृषि-उद्यानिकी उत्पादन की प्रचुर मात्रा में उत्पादन से किसान को फसल का भरपूर दाम नहीं मिल पाता है। इसलिये आवश्यक है कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाये। इससे फसलों का वैल्यू एडीशन होगा। किसान और उत्पादक इकाई, दोनों लाभान्वित होंगे। इसी तरह भारत पूरी दुनिया में फूड प्रोसेसिंग के लिये वर्ल्ड लीडर बन सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिये बीज और पौध की नवीन किस्म विकसित करवा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि उत्पादन को विदेशों में बेहतर मांग मिल सके, इसके लिये भारत सरकार द्वारा चावल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य कर दी है। साथ ही ऑइल पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दी है। इसका लाभ देश की फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये भरपूर सहयोग का आश्वासन भी दिया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने "इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आये सभी निवेशकों ओर विषय-विशेषज्ञों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण क्षमताओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने देश में अलग पहचान बनायी है। प्रदेश के 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इसे आगामी 5 वर्षों में बढ़ाकर 32 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 400 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 500 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। देश के कुल जैविक उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत है। प्रदेश का रियावन लहसुन और सुंदरजा आम विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान रखता है। हमारी सरकार ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेष निवेश योजनाओं को लागू करते हुए ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पहल के तहत 52 जिलों की विशिष्ट फसलें चिन्हित की हैं। राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी नवीन निवेश नीतियों को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है। साथ ही इन नीतियों के निर्धारण के लिये निवेशकों के सुझाव भी राज्य सरकार द्वारा खुले मन से आमंत्रित किये गये हैं। निवेश प्रोत्साहन के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली रखी गयी है, जिसमें भूमि का आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियां कम से कम समय में मिल सकेंगी। किसानों की आय, रोजगार, निवेश तथा निर्यात में वृद्धि राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि फसल को खेत से बाजार तक पहुंचाने और उसे वाजिब दाम उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा करने की आवश्यकता है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी के महत्व और उनके निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राज्य के कृषि, खाद्य प्र-संस्करण एवं डेयरी क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नवाचार, तकनीकी प्रगति एवं सरकारी नीतियों के महत्व पर रोशनी डाली। प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। राज्य की सशक्त अधोसंरचना के अंतर्गत 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 कृषि प्र-संस्करण क्लस्टर एवं एक लॉजिस्टिक पार्क निवेशकों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियाँ शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिनी योजनाओं से लेकर उन्नत फ्रोजन लॉजिस्टिक अधोसंरचना तक के अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय, रोजगार एवं निर्यात में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उद्यानिकी के समग्र विकास एवं वैश्विक स्तर पर वृद्धि करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से विशेष फसल आधारित क्लस्टर का चयन किया गया है। जैसे निमाड़ में मिर्च, गुना-राजगढ़ में धनिया, बुंदेलखण्ड में अदरक, बघेलखण्ड में हल्दी, बुरहानपुर में केला, मटर, जबलपुर, देवास और इंदौर में आलू के क्लस्टर चयनित किये गये हैं। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें प्रदेश सरकार आनुपातिक राशि का निवेश करेगी। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना अंतर्गत 930 करोड़ रुपये की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। केन्द्रीय सचिव कृषि सुब्रत गुप्ता ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे घरों में फूड प्रोसेसिंग का लगातार उपयोग होता है। बदलते परिवेश में रेडी-टू-फूड और रेडी-टू-ईट फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे भारत दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करने के लिये 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नये उद्यमी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने मध्यप्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वह सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जिनकी आवश्यकता नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिये होती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में प्रथम, फल उत्पादन में द्वितीय और दुग्ध उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। प्रदेश में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। परिवहन के लिये 700 रेलवे स्टेशन, 60 फ्लाइट्स तथा 9 इनलैण्ड पोर्ट स्थित हैं। मध्यप्रदेश में कृषि विपणन के लिये कृषि उपज मण्डियों की सुदृढ़ श्रंखला … Read more

मध्य प्रदेश 2047 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में

भोपाल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। "एन विज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047" शीर्षक वाली रिपोर्ट, आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, सीआईआई के महानिदेशक,चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्य प्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है। रिपोर्ट व्यापक डेटा विश्लेषण और हितधारक परामर्श पर आधारित है, जिसमें उद्योग के नेताओं, नीति निर्माताओं और अकादमिक विशेषज्ञों के इनपुट शामिल हैं। यह मध्य प्रदेश की पूर्ण आर्थिक क्षमता को उजागर करने, सतत विकास, रोजगार सृजन और बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में कार्य करता है। इसके अलावा, रिपोर्ट इस बात पर ज़ोर देती है कि मध्य प्रदेश (एमपी) को अपने महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखना होगा। जबकि कृषि क्षेत्र वर्तमान में मप्र की अर्थव्यवस्था में 43% योगदान देता है, दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक 7.2% से बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, रिपोर्ट क्षैतिज (क्रॉस-सेक्टोरल) और ऊर्ध्वाधर (सेक्टर-विशिष्ट) दृष्टिकोणों में वर्गीकृत रणनीतिक हस्तक्षेपों की रूपरेखा तैयार करती है। क्षैतिज हस्तक्षेप इस प्रकार हैं: सबसे पहले, राज्य सरकार को परिवहन बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर, अधिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करके, एयर कार्गो हब का विस्तार करके और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करके बुनियादी ढांचे के विकास को आगे बढ़ाना जारी रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त, राज्य को क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्क और स्मार्ट सिटी बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को एकीकृत करने के लिए पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक पार्क बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। दूसरे, विशेष रूप से कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगार लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके लिए, राज्य सरकार को और अधिक कौशल पार्क स्थापित करने चाहिए और कौशल अंतराल को दूर करने के लिए कौशल विकास में उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए। तीसरा व्यवसाय करने में आसानी में सुधार से संबंधित है जो व्यवसाय के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। चौथा एमएसएमई को बढ़ाने से संबंधित है। यह सर्वविदित है कि एमपी एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र का दावा करता है और जहां तक ​​छोटे पैमाने के उद्यमों की संख्या का सवाल है, दस शीर्ष राज्यों में से सातवें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है। उपरोक्त के अलावा, चार गेम-चेंजिंग हस्तक्षेप हैं जो राज्य को वैश्विक मानचित्र पर लाएंगे। इनमें निर्यात को बढ़ावा देने, गहन तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने, हरित संक्रमण को सुविधाजनक बनाने और संस्थागत तंत्र को मजबूत करने से संबंधित उपाय शामिल हैं। बाद को आर्थिक सुधारों के व्यापक स्पेक्ट्रम को संबोधित करने के लिए एक आर्थिक सलाहकार परिषद बनाकर लागू किया जा सकता है। क्षैतिज हस्तक्षेपों के अलावा, रिपोर्ट ऊर्ध्वाधर हस्तक्षेपों को भी कवर करती है जिसमें कृषि व्यवसाय और खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल, चिकित्सा उपकरण और स्वास्थ्य देखभाल, पेट्रोकेमिकल्स और प्राकृतिक गैस, पर्यटन, आईटी और आईटीईएस, रक्षा और एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उच्च प्रभाव और उभरते क्षेत्रों के लिए क्षेत्र विशिष्ट रणनीतियां शामिल हैं। बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है और औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए संरचनात्मक सुधार को आगे बढ़ाना राज्य में निवेशक आकर्षण में सुधार की कुंजी होगी। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।   recent visitors 244

भोपाल और इंदौर बनेंगे महानगर, मेट्रो का विस्तार होगा: CM मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन का सेशन शुरू हो गया है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भोपाल-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। उन्होंने भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर को मुंबई और बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। पहले उद्योगों को जोड़ेंगे। फिर 25 साल बाद सब जोड़ देंगे। मंगलवार को सीएम मोहन यादव GIS के दूसरे दिन के सेशन में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल खट्टर की तारीफ की। वहीं उन्होंने कहा कि अधिकारी बोल रहे थे भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट नहीं हो सकती है। मैंने कहा कि भोपाल में ही करना है। इंदौर में तो हो ही सकती है लेकिन भोपाल में भी GIS करना है। सीएम मोहन ने कहा कि इंदौर को मुंबई बनाना है, बाकी शहरों को इंदौर बनाना है। इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन शहर बनाना है। पहले उद्योगों से जोड़ेंगे, फिर 25 साल में सब जोड़ देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मानव संग्रहालय में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन यह बात कहीं. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में उन्होंने समिट के दूसरे दिन के सेशन की शुरुआत की. कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री भी मौजूद थे. इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छोटे छोटे शहरों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की कल्पना पर शुरुआती दौर में ताज्जुब किया गया था, लेकिन इससे मिलने वाले परिणामों से उद्योगपति, निवेशक, अधिकारी सभी आश्चर्यचकित हैं. क्या बोले सीएम मोहन यादव? • प्रदेश में संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत उज्जैन से हुई, जिसके बाद पूरा साल हर महीने (चुनाव की अवधि छोड़कर) किसी एक संभाग में इसका आयोजन किया गया. • इस दौरान उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, जबलपुर, शहडोल, नर्मदापुरम जैसे छोटे स्थानों पर भी यह आयोजन किए गए. • शुरुआत में छोटे शहरों की कॉन्क्लेव को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया गया था. लेकिन बाद में इसके बेहतर परिणाम नजर आए. इससे निवेशकों और उद्योगपतियों का कॉन्फिडेंस बढ़ा है. • इंदौर की बजाए भोपाल में ग्लोबल इंवेस्टर समिट की बात पर आश्चर्य किया गया. लेकिन हमें अब इंदौर को मुंबई और दिल्ली जैसा विकसित करना है और प्रदेश के बाकी शहरों को इंदौर की तरह विकास देना है. • इंदौर को धार(पीथमपुर), देवास, उज्जैन(मक्सी, नागदा, शाजापुर) जैसे औद्योगिक शहरों के साथ जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनायेंगे. • करीब 8000 किलोमीटर के इस दायरे में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. • कानूनी पेचीदगियों से हटकर यह क्षेत्र इंडस्ट्रियल बेल्ट के रूप में विकसित किया जाएगा. • भोपाल के औद्योगिक विकास के लिए इसके साथ विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम जिलों को जोड़कर मेट्रो पॉलिटियन नगर बनाया जाएगा. • इन सभी क्षेत्रों में बिजली, पानी, रेलवे, सीवेज और स्वच्छता की व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी. • अगले 25 सालों में इस औद्योगिक कल्पना को आकार दे दिया जाएगा. • ग्लोबल इंवेस्टर समिट के बाद शहरी और नगरीय विकास की धारणा के साथ अलग अलग एक एक विषय के आधार पर कॉन्क्लेव की जाएंगी. सीएम ने की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रोपॉलिटन सिटी की अवधारणा लागू की जा रही है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के तहत इंदौर, देवास, धार, पीथमपुर, उज्जैन सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर विकसित किया जाएगा। जहां सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी में भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, विदिशा और सीहोर के साथ नर्मदापुरम के कुछ क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिससे यह एक सुसंगठित और विकसित शहरी क्षेत्र बन सके। ‘अनलॉकिंग लैंड वैल्यू एंड सिटीज’ विषय पर आयोजित GIS सत्र में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। इस सत्र में इंटीग्रेटेड टाउन पॉलिसी और ईवी (EV) पॉलिसी पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र की शुरुआत नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की। उन्होंने घोषणा की कि मेट्रो के आसपास अर्बन ग्रोथ सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही इंदौर में 30% और भोपाल में 31% एफएआर (FAR) बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। दिनभर होंगी अलग-अलग बैठकें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 25 फरवरी (मंगलवार) को भी दिनभर कई बैठकें होंगी। सुबह 9:30 बजे प्रवासी मध्य प्रदेश समिट होगी। सुबह 10:30 बजे समिट हाल वन में टूरिज्म समिट, समित हाल 2 में सुबह 11:30 बजे माइनिंग समिट, दोपहर 2 बजे से एमएसएमई और स्टार्टअप समिट, दोपहर 2:00 बजे से अर्बन डेवलपमेंट समिट होगी। कनाडा, पोलैंड और मल्टीनेशनल इन्वेस्टर्स के साथ दिनभर राउंड टेबल बैठकें होंगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव 11:15 बजे से 12:30 बजे तक निवेशकों के साथ 121 मीटिंग करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे से सीएम मोहन इन्वेस्टर्स के साथ सेकंड राउंड की मीटिंग करेंगे। GIS का समापन आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समापन होगा। जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। वे शाम 4 बजे भोपाल पहुंचेंगे। अमित शाह एमपी पवेलियन और एक्सपीरियंस जोन देखेंगे। शाम 4:30 बजे समापन सत्र के लिए मुख्य हॉल जाएंगे। जहां मुख्य सचिव अनुराग जैन समारोह में फॉरवर्ड मध्य प्रदेश का प्रेजेंटेशन देंगे। प्रमुख उद्योगपतियों के संबोधन के बाद शाम 5 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव का समापन भाषण होगा। इसके बाद शाम 6 बजे मीडिया ब्रीफिंग होगी। recent visitors 47