राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी

भोपाल  राज्य सरकार मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों के गाड़ियों के शौक पर नकेल कसने जा रही है. प्रदेश में कई अधिकारियों की सेवा में एक से ज्यादा गाड़ियां लगी हुई हैं. वहीं कई अधिकारियों द्वारा नियमों से बाहर जाकर लग्जरी गाड़ियांं में सफर किया जा रहा है. इसको लेकर मिली शिकायतों के बाद अब राज्य सरकार ने अधिकारियों के सरकारी गाड़ियों के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. तय किया गया है कि सरकारी अधिकारी अब एक से ज्यादा गाड़ी उपयोग नहीं कर सकेंगे. साथ ही राज्य शासन अधिकारियों की गाड़ियों का रिकॉर्ड भी बुला रही है. मनमर्जी को लेकर बुलाई प्रदेश भर से रिपोर्ट प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के लिए गाड़ियों की पात्रता के संबंध में पहले से नियम तय हैं. नियम है कि 7600 ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी साढ़े 6 लाख रुपए कीमत तक के टैक्सी कोटे के वाहन उपयोग कर सकते हैं. इसी तरह 8700 ग्रेड पे के अधिकारी 8 लाख रुपए कीमत तक के वाहन और 9 हजार या उससे ज्यादा ग्रेड पे पाने वाले अधिकारी 10 लाख रुपए कीमत तक के वाहन टैक्सी कोटे में ले सकते हैं. लेकिन इन नियमों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा है. सरकारी अधिकारी एक ही गाड़ी रख सकेंगे राज्य सरकार को इसको लेकर कई शिकायतें मिल चुकी हैं. जिसमें कहा गया है कि अधिकारियों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर लग्जरी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है. उधर राज्य सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वाहनों में नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. निर्माण एजेंसियों को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें सबसे ज्यादा शिकायतें निर्माण एजेंसियों पीडब्ल्यूडी, नगरीय निकाय, जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास को लेकर मिली हैं. इसको देखते हुए संभाग स्तर तक से गाड़ियों के उपयोग और उनको हुए भुगतान की जानकारी मंगवाई है. जल संसाधन विभाग ने गाड़ियों के उपयोग को लेकर गाइडलाइन जारी की है. जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा के मुताबिक, ''विभाग के सभी अधिकारियों को गाड़ियों को लेकर नई निर्देश दिए गए हैं. अब प्रावधान किया गया है कि टैक्सी कोटे की गाड़ियों का मालिक प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों का रिश्तेदार नहीं होना चाहिए. यदि ऐसा पाया गया तो भुगतान होने वाली राशि से दोगुनी राशि वसूल की जाएगी. साथ ही किराए की गाड़ी सरकारी ड्राइवर द्वारा नहीं चलाई जाएगी.'' recent visitors 35

लोक निर्माण विभाग अगले पंद्रह दिन में 200 करोड़ रुपए के काम करेगा, वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे

भोपाल शहर में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट और वित्तवर्ष की अंतिम तिमाही ने लोक निर्माण विभाग के बजट को खर्च करने की रफ्तार बढ़ा दी है। अगले पंद्रह दिन में विभाग 200 करोड़ रुपए के काम देगा। इनके वर्कऑर्डर तैयार किए जा रहे हैं।  शहर की सड़कों के चौड़ीकरण और चौराहा विकास के लिए ये राशि खर्च की जाएगी। गौरतलब है कि करीब 65 करोड़ रुपए जीआइएस के नाम पर पहले ही सड़कें पर पीडब्ल्यूडी खर्च कर रहा है। 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर चल रहा काम पीडब्ल्यूडी की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में इस समय 126 छोटी-बड़ी सड़कों पर काम चल रहा है। इनमें से 32 सड़कों को निर्माण के दौरान ही चौड़ीकरण का काम शुरू किया जाएगा। 17 सड़कों ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जबकि 15 सड़कों शहरी क्षेत्र की है। मौजूदा रॉयल मार्केट से करोद फाटक तक बन रही सड़क में भी एक अतिरिक्त लेन इस बजट से जोड़ी जाएंगी। 22 चौराहे होंगे विकसित विभाग बावड़िया से लेकर गुलमोहर, शाहपुरा, अरेरा कॉलोनी, करोद, बैरागढ़, नीलबड़- रातीबढ़- कलखेड़ा तक नए चौराहा विकसित करेगा। यहां बीते डेढ़ साल के दौरान बनी सड़कों के चौराहे बनाने बाकी हैं। अभी कोलार सिक्सलेन के चौराहा पर ही काम बाकी है। ऐसे में इन्हें विकसित करने व सौंदर्यीकरण पर बजट खर्च होगा। – निवेशकों के स्वागत पर 125 करोड़ खर्च होंगे ठ्ठ नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के पास 12 करोड़ का है बजट – तीन की करोड़ की लागत से दीवारों पर बनेंगे रंग-बिरंगे चित्र – लाइटिंग पर करीब पौने 4 करोड़ रुपए होंगे खर्च – 92 लाख की लागत से लैंप पोस्ट और पार्कों में लाइटिंग – पूरे भोपाल शहर में 1400 कमरे पहले ही हो गए बुक – मेहमानों के लिए इंदौर से बुलाए गए खास खानसामे – भोपाल पुलिस के सभी जवानों की छुट्टियां हुई रह – भोपाल के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे करीब 3 हजार जवान सीएम के सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा भोपाल. ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) के आयोजन से संबंधित तैयारियों का मुख्यमंत्री के सचिव सिबि चक्रवर्ती, संभाग आयुक्त संजीव ङ्क्षसह, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम ङ्क्षसह और निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायण ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेट हेंगर से लेकर राजा भोज विमानतल तक के मार्गों, सेंट्रल वर्ज, साइड वर्ज, फुटपाथ, पार्क और फाउंटेन आदि के सौंदर्यीकरण कार्यों का अवलोकन किया। इस मौके पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तैयारियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बजट के अनुसार काम पूरे कर रहे जीआइएस के तहत हम विभाग की सड़कों का सुधार कर रहे हैं। अभी कुछ काम दिए जा रहे हैं। हम तय बजट के अनुसार काम पूरा कर रहे हैं। -संजय मस्के, सीई पीडब्ल्यूडी भोपाल केपिटल जोन recent visitors 28

सीएम मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर रहेंगे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

नौरोजाबाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री बस स्टैंड पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, जो नगर के नागरिकों के लिए गौरव का विषय होगा। इसके बाद रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। विकास कार्यों को मिलेगी गति मुख्यमंत्री के आगमन से नौरोजाबाद में विकास की नई धारा बहेगी। उनके इस दौरे में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा, जिससे नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। सीएम यादव के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाया जा सके। दौरे को लेकर तैयारियां जारी मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस दौरे से नौरोजाबाद को कई विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा और नगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इसी संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि 17 फरवरी को मुख्यमंत्री यादव आएंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। सीएम यादव नौरोजाबाद में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे।   recent visitors 30

एमपी टूरिज्म बोर्ड और वी रियल संस्था के बीच हुआ एमओयू,विदेशी पर्यटकों की संख्या में होगी वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को एमपी टूरिज्म बोर्ड और फिनलैंड की संस्था वी रियल के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संग्रहालयों पर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वर्चुअल टूर तैयार करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवंत अनुभूति देने वाले इन वर्चुअल टूर के माध्यम से अब पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रूचि रखने वाले व्यक्ति, अपने देश में रहते हुए मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों और एतिहासिक धरोहरों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने में मदद मिलेगी और विश्व के विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविर्ता का शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को प्रदर्शित करती कॉफी टेबल बुक भेंट की। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फिनलैंड की कंपनी वी-रियल द्वारा इतिहास, संस्कृति, और धरोहर का उन्नत तकनीक के माध्यम से वीडियो निर्माण कर संरक्षित और पुनर्जीवित किया जाता है। कंपनी इस वर्चुअल टूर को अपने प्लेट फार्म पर उपलब्ध कराती है, जो वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक संस्थाओं सहित टूर और ट्रैवल संस्थानों सहित आम नागरिकों के लिए उपलब्ध रहते हैं। आज हुए इस एमओयू से मध्यप्रदेश के इतिहास और संस्कृति की अद्यतन जानकारी वर्चुअल स्वरूप में वैश्विक स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होगी। एमओयू हस्ताक्षर अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुबिदिशा मुखर्जी, वी रियल संस्था के सीईओ जोहानेस स्वॉर्डस्टॉर्म सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 35

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और अनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ माधवकृष्ण सिंघानिया ने कहा कि प्रदेश की रणनीतिक स्थिति, निवेश अनुकूल नीतियां और सुगम प्रक्रियाएं इसे निवेशकों के लिए आकर्षक स्थल बनाती हैं। उन्होंने बताया कि जेके सीमेंट ने वर्ष 2016 में कटनी में वॉल पुट्टी प्लांट की स्थापना के साथ प्रदेश में अपनी औद्योगिक यात्रा शुरू की थी। इसके बाद उज्जैन और पन्ना में भी संयंत्र स्थापित किए गए। हाल ही में कंपनी ने पन्ना में 3 हजार करोड़ रूपये निवेश करने की घोषणा की है। मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश में उच्चस्तरीय अधोसंरचना, सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रिया और उद्योग-अनुकूल नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। विभिन्न सेक्टर-फोकस्ड नीतियों के माध्यम से सरकार निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुसार सुधार कर रही है, जिससे मध्य प्रदेश एक वास्तविक निवेश-फ्रेंडली राज्य के रूप में उभर रहा है। अवाडा ग्रुप चेयरमैन विनीत मित्तल ने भी अपने अनुभव साझा किये। दो इंटरैक्टिव राउंड टेबल बैठकें हुईं कर्टेन रेजर कार्यक्रम में दिल्ली में दो इंटरैक्टिव राउंड टेबल मीटिंग हुई। पहली इंटरैक्टिव राउंड टेबल प्रमुख दूरसंचार कंपनियों के साथ हुई, जिसमें भारत में दूरसंचार के भविष्य और मध्य प्रदेश में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश सरकार के स्वागत भाषण से हुई। डीपीआईआईपी के प्रमुख सचिव ने प्रस्तावित टेलीकॉम पार्क की जानकारी दी, जो राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय दूरसंचार मंत्रालय, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, रिलायंस जियो, एरिक्सन और नोकिया सहित प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया। चर्चाओं में 5-जी, मेक इन इंडिया, दूरसंचार उपकरण निर्माण, और कौशल विकास जैसे विषयों पर जोर दिया गया। साथ ही ग्वालियर के पास प्रस्तावित टेलीकॉम पार्क, सरकारी सब्सिडी, और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों पर विचार-विमर्श हुआ। दूसरी इंटरैक्टिव राउंड टेबल, प्रमुख राजदूतों और राजनयिकों के साथ हुई। इसमें … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु पर दु:ख व्यक्त किया मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए देने के निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रयागराज महाकुंभ से मंदसौर लौट रही यात्री बस के 3 श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-मुम्बई हाई-वे पर कोटा जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र में यह दुर्घटना हुई। इसमें यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के लिए जिला प्रशासन मंदसौर को निर्देशित किया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजन को यह गहन दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।   recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा-मध्यप्रदेश, ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस में भारत में अग्रणी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ अब व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कई दूरदर्शी सुधार लागू किए हैं। यह पहल राज्य को न केवल देश के भीतर, बल्कि वैश्विक निवेश मानचित्र पर भी प्रमुख स्थान दिला रही है। राज्य सरकार ने व्यापारिक माहौल को अनुकूल बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल प्लेटफॉर्म, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सेवाओं को लागू किया है। इन नवाचारों ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बना दिया है। डिजिटलीकरण का प्रभाव ऑनलाइन पंजीकरण, लाइसेंसिंग और स्वीकृति प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण ने प्रक्रियाओं को त्वरित और पारदर्शी बनाया है। इससे उद्यमियों के लिए समय और लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है। ‘स्टार्ट योर बिजनेस इन 30 डेज़’ पहल इस योजना के तहत उद्योगों को आवश्यक 22 स्वीकृतियाँ सरल प्रक्रिया के तहत प्रदान की जा रही हैं। साथ ही, नए व्यवसायों को तीन वर्षों तक विभिन्न प्रकार की रियायतें दी जा रही हैं, जिससे उद्यमी सशक्त रूप से स्थापित हो सकें। निवेशकों के लिए सुविधा 'इन्वेस्ट एमपी' पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को सभी आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से पूरी करने में सहायता मिलती है। इससे प्रदेश में घरेलू और वैश्विक कंपनियों का विश्वास बढ़ा है। औद्योगिक भूमि आवंटन में पारदर्शिता भूमि आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर निवेशकों को कम समय में औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन में सहायता मिल रही है। राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश का योगदान भारत की "ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग" में सुधार में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। डिपार्टमेंट फ़ॉर प्रमोशन ऑफ़ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड द्वारा सुझाए गए सुधारों को राज्य ने सक्रिय रूप से अपनाया है, जिससे मध्यप्रदेश शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। कुल 2,432 G 2 B और G 2 C प्रक्रियाओं में सुधार कर प्रदेश ने व्यापारिक माहौल को और अधिक अनुकूल बनाया है। राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से मध्यप्रदेश को जोड़ने के बाद निवेश प्रक्रिया और अधिक सरल और सुलभ हो गई है। राज्य के प्रयासों से भारत ने विश्व बैंक की ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस रैंकिंग में 79 अंकों की छलांग लगाई। अब भारत के इस टैंकिंग के टॉप-10 में पहुँचने की उम्मीद है। इस उपलब्धि में मध्यप्रदेश की प्रभावशाली भूमिका रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 राज्य के इन प्रयासों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए 24 और 25 फरवरी 2025 को भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जा रहा है। इस समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्माता भाग लेंगे। समिट में मध्यप्रदेश में उपलब्ध व्यापार और निवेश के असीमित अवसरों की जानकारी दी जाएगी। यह आयोजन राज्य की आर्थिक प्रगति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और सकारात्मक नीतियों से मध्यप्रदेश न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में भी अहम योगदान दे रहा है। recent visitors 51