मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई

मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में मौजूद है निवेश की अपार संभावनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में उद्योपतियों का महत्वपूर्ण स्थान मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश-नीतियां निवेश के लिए फ्रेंडली अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि भारत तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में शामिल हुए 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन और राउण्ड टेबल मीटिंग हुई मुख्यमंत्री ने जीआईएस भोपाल के लिए उद्योगपतियों को दिया आमंत्रण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद है। यहां नर्मदा, ताप्ती आदि नदियों की अपार जल राशि है, निरंतर बिजली उपलब्ध है, वन संपदा है, सड़कों, रेलवे और वायु मार्ग का अच्छा नेटवर्क है और उद्योगों को बड़ी रियायतें हैं। मुख्यमंत्री ने आगामी 24 एवं 25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में झीलों, पहाड़ों और वन संपदा से युक्त सुंदर भोपाल शहर में आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें और इन तारीखों को अविस्मरणीय बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में जीआईएस-2025 के कर्टेन रेजर कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश के चमत्कारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था के बाद अब तीसरी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। इस कार्य में निवेशकों का महत्वपूर्ण योगदान है। भारत प्राकृतिक संसाधनों के साथ मानव संसाधन में भी आगे है। हम उद्योगों को बढ़ाकर ही आगे बढ़ सकते हैं। हमारे प्रधानमंत्री मोदी विश्व भर का भ्रमण कर भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग एवं निवेश नीति निवेशकों के लिए बहुत फ्रेंडली है। हम स्टार्ट-अप्स को विशेष महत्व दे रहे हैं। उद्योगों में विभिन्न प्रकार की रियासतों के साथ ही इस बात का सर्वाधिक ध्यान रखा जाता है कि उनके सारे काम समय से हो जाएं। मध्यप्रदेश में जमीन दिल्ली की तुलना में एक बटे 40 गुना और मुंबई की तुलना में एक बटे 100 गुना सस्ती है। मध्यप्रदेश में सभी सेक्टर में विशेष रूप से टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश की असीमित संभावना है। हम टेक्सटाइल्स पर 200 प्रतिशत इंसेंटिव देते हैं, हमारा कॉटन उच्च गुणवत्ता का है। मेरी जापान यात्रा के दौरान यूनिक्लो कंपनी के मलिक ने भी इस बात का उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक समय लोग उद्योगपतियों से मिलने में झिझक महसूस करते थे, लेकिन हमने उस धारणा को बदला है। हम निरंतर उद्योगपतियों, निवेशकों से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश में छोटे-छोटे स्थान पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई हैं। समाज में उद्योगपतियों का महत्वपूर्ण स्थान है। उद्योगों से रोजगार उत्पन्न होते हैं और रोजगार से लोगों की आजीविका चलती है। वे एक तरह से उद्योगपति समाज के पालक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज दुनिया कह रही है कि हम बुद्ध के रास्ते पर चलकर युद्ध से विमुक्त होंगे। महात्मा बुद्ध हमारे ही देश के थे। भारत ने ही सारे विश्व को शांति और सर्व कल्याण का संदेश दिया है। हम शांति और विकास के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2025 के दिल्ली में इन्वेस्ट एम.पी. कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कहा कि भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कर्टेन रेज़र केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर संभावनाओं से भरपूर, सशक्त और समृद्ध मध्यप्रदेश की एक झलक थी। हमारे निवेश के 3डी मॉडल को आज दुनिया भर के उद्योग जगत ने सराहा है। यह मॉडल निवेशकों की ड्राइव, प्रदेश के डेवलपमेंट और हमारी डिटरमिनेशन का प्रतीक है। हम निवेशकों के साथ एक मजबूत साझेदारी बनाकर मध्यप्रदेश को नवाचार और औद्योगिक क्रांति का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत रहेंगे। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़ते हुए एक इंडस्ट्री रेडी स्टेट बन रहा है। हमने सभी सेक्टर के उद्योगपतियों को आमंत्रित किया है। 400 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने भागीदारी की जिसमें नई दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों के निवेशक शामिल हुए। साथ ही 40 देशों के राजनयिक और व्यापारिक प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त, काउंसलर, मुख्य सचिव आर्थिक व व्यापारिक विशेषज्ञ आदि शामिल हुए। आयोजन में 15 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों से वन– टू–वन मीटिंग की गई जिसमे से जागृत कोटेचा (सीईओ, पेप्सिको भारत और दक्षिण एशिया), पुनित डालमिया (चेयरमैन, डालमिया भारत), माधवकृष्ण सिंघानिया (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, जेके सीमेंट), विनीत मित्तल (चेयरमैन, अवाडा ग्रुप), जीन-मार्क लेक्लरक्यू (सीईओ, सॉफलेट माल्ट), रिकान्त पिट्टी (संस्थापक, ईज माय ट्रिप), विनय व्यास (सीईओ, फ्यूजन एक्स एनर्जी), अनिल चालमालासेटी (ग्रुप सीईओ और एमडी, ग्रीनको ग्रुप), विनीत आर्य (वाइस चेयरमैन, जेबीएम समूह), राहुल मित्तल (चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, RITES) और सुअनुसूया रे (वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट अफेयर्स, ऐबी-इनवेव इंडिया) शामिल थे। अनेक देशों ने दिखाई मध्यप्रदेश में निवेश की रुचि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के कर्टन-रेज़र कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों ने मध्यप्रदेश को संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य बताते हुए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। ऑस्ट्रेलिया के राजदूत ने शिक्षा, कृषि और कौशल विकास में सहयोग को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि मैक्सिको के राजदूत ने प्रदेश की नीतियों की सराहना करते हुए निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक रुख प्रकट किया। अलबानिया के राजदूत ने शहरी नियोजन के क्षेत्र में अपनी रुचि व्यक्त की, वहीं जिम्बाब्वे के राजदूत ने कृषि क्षेत्र में साझेदारी को लेकर उत्साह दिखाया। स्लोवेनिया के राजदूत ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। विभिन्न देशों की रुचि इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक नीतियों, सुदृढ़ अधोसंरचना और निवेश-अनुकूल वातावरण के कारण वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा स्थान बन रहा है। मध्यप्रदेश: रणनीतिक निवेश गंतव्य के रूप में उद्योग जगत की पहली पसंद : सिंघानिया सीआईआई नॉर्दर्न रीजन के चेयरमैन और जेके सीमेंट के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ … Read more

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समय निकट, उद्योग की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने समन्वयकिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का समय निकट है। विभिन्न देशों के वाणिज्यिक दूतावासों के माध्यम से प्रदेश में व्यापार और उद्योग की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आवश्यक समन्वयकिया जा रहा है। इस क्रम में विश्व स्तरीय आयोजन की सफलता के लिए विभिन्न देशों के राजदूतों के साथ नई दिल्ली में विचार-विमर्श के लिए बैठक रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा, महिला, किसान और गरीबों का जीवन बेहतर हो, इस उद्देश्य से कृषि के साथ उद्योगों को भी प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस क्रम में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में विभिन्न नीतियों को अनुमोदन दिया गया है। उद्योग संबंधी इन नीतियों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे, नीतियों में राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार कमजोर से कमजोर व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।   recent visitors 31

बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्थापित की लोकतांत्रिक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राज्य सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे 10 लाख आवास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा साहेब आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से स्थापित की लोकतांत्रिक व्यवस्था : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी का संघर्ष पूर्ण जीवन प्रत्येक युवा के लिए प्रेरणा स्त्रोत संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास की जयंती पर दी बधाई और शुभकामनाएं हिंदी भवन में आयोजित समारोह को किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास की जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि राज्य सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबको आगे बढ़ने का मौका मिले, सबकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो, गरीबों की गरीबी दूर हो, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान मिले, किसानों का मान बढ़ें और सभी लोग बराबरी से रहें, राज्य सरकार इस उद्देश्य से हर वर्ग के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर रही है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दी गई लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री बनें। उनसे यह प्रेरणा मिलती है कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और समानता का अधिकार दिया। जन-जन को इन सब अधिकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर हिंदी भवन में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और संत रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। नवयुवक अहिरवार समाज सुधार संघ भोपाल एवं चर्मकार विकास संघ भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मारिका और रविदास चालीसा का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आयोजनकर्ताओं ने गजमाला पहनाकर स्वागत कर स्मृति-चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल दक्षिण-पश्चिम के विधायक भगवानदास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, रवींद्र यती और समाज बंधु उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी "सबका साथ-सबका विकास" की अवधारणा के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में सभी को यह अनुभूति है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसमें प्रदेश के सामान्यजन की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर में संत शिरोमणि रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है। उन्होंने उज्जैन स्थित संत रविदास जी के गुरूद्वारे का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल संत रविदास के उज्जैन आगमन की स्मृति को अब भी जीवंत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजकों की मांग पर कहा कि सामाजिक गतिविधियों के संचालन के लिए भोपाल में व्यवस्था की जाएगी। साथ ही सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए 10 लाख आवासों का निर्माण आरंभ करने जा रही है। गाँवों में भी पुन: सर्वे कराकर गरीबके अपने पक्के घर का सपना साकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "मन चंगा तो कठौती में गंगा" का संदेश देने वाले संत रविदास का जीवन इस बात का प्रतीक था कि व्यक्ति के भीतर ही भगवान विद्यमान हैं और भक्ति-साधना से व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। उनका मानना था कि भगवान के दरबार में कोई ऊंच-नीच नहीं है। संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने परिश्रम के आधार पर जीवन संचालित करने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का संदेश दिया। संत रविदास ने बताया कि व्यक्ति के सत्कर्म, सद्भावना, परस्पर विश्वास और प्रेम का भाव ही जीवन में सर्वोपरि है। उनके इन उदात्त विचारों के परिणामस्वरूप ही उन्हें समाज में संत शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया। विधायक भगवानदास सबनानी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।   recent visitors 43

आपको भगवान को देखने कहीं नहीं जाना है, अगर आपका मन पवित्र है कि आपमें ही ईश्वर का वास हो जाता : सीएम यादव

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के हिंदी भवन में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने संत रविदास जी महाराज को नमन करते हुए अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि ने 648 वर्ष पहले अपने जीवन चरित्र के माध्यम से समूचे समाज, भारत और मानवता के लिए एक संदेश दिया कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। उन्होंने बताया कि सच्चे अर्थों में कठौती में गंगा का अर्थ यही है कि आपको भगवान को देखने कहीं नहीं जाना है, अगर आपका मन पवित्र है कि आपमें ही ईश्वर का वास हो जाता है। इसलिए संत शिरोमणि कहलाए रविदास जी उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने कर्म करते हुए अपने धर्म, समाज, देश के लिए स्वाभिमान के जीवन जीते हुए साथ भक्ति की रसधारा बहाई। उनके भक्तों में चित्तौड़ की महारानी मीरा बाई से लेकर बनारस के बड़े-बड़े राजा-महाराजा शामिल रहे। संत रविदास जी महाराज का दर्शन इतना विराट था कि वे जितना धन अर्जित करते थे उसमें से आधा धन वे दान कर देते थे। वे कहते थे कि हमारे साथ केवल हमारा पुण्य, कर्म, सद्भावना, समाज का विश्वास और जीवन का आनंद जाएगा। इसी उदात्त भाव के कारण उन्हें संत शिरोमणि की उपाधि दी गई। इसीलिए सागर में हमारी सरकार 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनवा रही है। हर गरीब को मिलेगा पक्का मकान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास सभी को समान भाव से देखते थे और गरीबों से उन्हें विशेष प्रेम था। इसी प्रकार हमारी सरकार भी प्रदेश के गरीबों, युवाओं के जीवन में बदलाव लाने का काम कर रही है। हर गरीब को हम संपन्नता की ओर ले जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब व्यक्ति भी सम्मान के साथ जी रहा है। सीएम डॉ मोहन यादव ने घोषणा की है कि हर गरीब को पक्का मकान देने के लिए दोबारा सर्वे कराया जाएगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में गरीब वर्ग के लोगों को ढाई-ढाई लाख के मकान दिये जाएंगे। 10 लाख मकान शहरी क्षेत्र में बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति को सामाजिक कार्य के लिए जमीन का आवंटन किया जाएगा।   recent visitors 31

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा कर सुपात्रों को त्वरित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनकल्याण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य है। योजनाओं के जरिए ही हम इस लक्ष्य के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि प्रदेश का कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। प्रदेश के विकास में हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जरूरतमंद हितग्राहियों को पात्रतानुसार त्वरित लाभ दिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से कहा कि इस वित्तीय वर्ष के तय लक्ष्यों की समय पर पूर्ति की जानी चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रतिदिन समीक्षा की जाए, ताकि कोई भी सुपात्र हितग्राही लाभ पाने से न छूटे। हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सभी विभाग अपने स्तर पर सतत समीक्षा करें। सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा और विलम्ब के समय पर हितग्राहियों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाएं सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से ही जनता को शासन की संवेदनशीलता का अनुभव होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का फुल सैचुरेशन (पूर्ण संतृप्ति) किया जाना है, उसे शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही बैंकों द्वारा वित्तपोषित योजनाओं में हितग्राहीमूलक प्रकरणों को निर्धारित समय से पहले लक्ष्य से भी कहीं ज्यादा संख्या में प्रस्ताव भेजे जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 के बराबर या उससे अधिक वित्तीय प्रावधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी संचालन से ही हम विकास की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार की योजनाएं शासन और जनता के बीच परस्पर विश्वास की द्योतक होती हैं, इसीलिये योजनाओं का शत- प्रतिशत क्रियान्वयन कर सरकार पर जनविश्वास बढाने की दिशा में कार्य करें। यही सुशासन है, यही कल्याणकारी राज्य का मूल लक्ष्य है। बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी विभागीय हितग्राहीमूलक योजनाओं की अद्यतन जानकारी दी और इन योजनाओं के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में भी बताया।   recent visitors 50

अन्नू कपूर ने संस्कृत श्लोक सुनाए और कला यात्रा की जानकारी दी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में अभिनेता अन्नू कपूर ने सौजन्य भेंट की। अन्नू कपूर ने कहा कि वे मध्यप्रदेश से हैं और यहां आकर उन्हें आनंद का अनुभव होता है। विशेष रूप से मालवा अंचल की संस्कृति से वे बहुत प्रभावित हैं। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से उनका आत्मीय लगाव है।  कपूर ने कहा कि मध्य प्रदेश में विरासत से विकास के ध्येय के अनुसार महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मालवा, मध्यप्रदेश के साथ ही राष्ट्र के गौरव हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्नू कपूर द्वारा भारतीय सिने जगत और दूरदर्शन पर अंताक्षरी के माध्यम से राष्ट्र भाषा हिन्दी की सुदीर्घ सेवा के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नू कपूर ने शिव तांडव स्रोत एवं अन्य संस्कृत भाषा की रचनाओं की सैकड़ों मंचों पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी है। भारतीय संस्कृति की प्राचीनतम देव भाषा कई भाषाओं की जननी है। इस नाते अन्नू कपूर का योगदान महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर अभिनेता कपूर ने संस्कृत के कुछ श्लोक भी सुनाए। इस अवसर पर अन्नू कपूर ने अपनी कला यात्रा और मध्यप्रदेश के नगरों -कस्बों से उनके संबंध के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  अन्नू कपूर एवं उनके साथी देव कुमार का पुष्प-गुच्छ से स्वागत किया।   recent visitors 63

अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश को विकसित बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति सहित अनेक नीतियां स्वीकृत युवाओं के लिये रोजगार क्रांति साबित होंगी नीतियां अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे निवेशकों की राह और आसान होगी निर्यात को और बढ़ावा देने के लिए "मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन नीति-2025" की स्वीकृति मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक नीति 2025 की स्वीकृति प्रदेश को फिल्म पर्यटन अनुकूल राज्य बनाने के लिए फिल्म पर्यटन नीति 2025 की स्वीकृति प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्य के रूप मे स्थापित करने के लिए पर्यटन नीति 2025 की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मंत्रि-परिषद के निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने के लिए औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 की स्वीकृति दी गयी है। इसके अंतर्गत 10 सेक्टर विशिष्ट नीतियों यथा कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति, टेक्सटाइल नीति, परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति, एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति, फार्मास्यूटिकल्स नीति, बायोटेक्नोलॉजी नीति, मेडिकल डिवाईसेस नीति, ईव्ही विनिर्माण नीति, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति और हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति को स्वीकृति दी गयी है। औद्योगिक संवर्धन नीति 2025 का उदेश्य मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रूपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रूपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पाँच वर्षों में लगभग 20 लाख नवीन रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है। इसके अंतर्गत वृहद और मेगा स्तर की औद्योगिक इकाई को निवेश प्रोत्साहन सहायता, सामान्य सहायता और अतिरिक्त सहायता के प्रावधान शामिल किये गये है। कृषि, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति में विद्युत टैरिफ प्रतिपूर्ति 1 रूपये प्रति यूनिट 5 वर्षों के लिए प्रदाय की जायेगी। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए प्रोत्साहन, 50% अथवा 5 लाख जो भी कम हो 5 वर्षों के लिए प्रदाय किया जायेगा। इसके साथ ही 75 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाले खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी। टैक्सटाइल नीति के अंतर्गत्‍संयंत्र और मशीनरी के लिए गए टर्मलोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सुविधा 5 वर्षों के लिए अधिकतम, 50 करोड़ रूपये प्रदाय की जायेगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये वित्तीय सहायता प्रदाय की जायेगी। साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टमाईज्ड पैकेज के लिए पात्र होंगी। परिधान, फुटवियर, खिलौने और सहायक उपकरण नीति में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी 5 हजार रूपये प्रति माह 5 वर्षों तक, कुल 10 वर्षों की अवधि में प्रदान किये जायेंगे। प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए 13 हजार रूपये प्रति नए कर्मचारी के लिए 5 वर्षों तक प्रदान किया जायेगा। टर्मलोन पर 5% ब्याज अनुदान, अधिकतम 50 करोड़ रूपये दिया जायेगा। विकास शुल्क में 25% की रियायत देने के साथ स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क सहायता में 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी। विद्युत टैरिफ रियायत के रूप में 1 रूपये प्रति यूनिट, अधिकतम 5 वर्षों के लिए प्रदान की जायेगी। अपेरल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पर 25 प्रतिशत सहायता अधिकतम 50 लाख रूपये प्रदाय की वित्तीय सहायता प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही 75 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन प्रोत्साहन नीति में विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जायेगी। गुणवत्ता प्रमाणन के रूप मे 50% या 10 लाख रूपये की प्रतिपूर्ति, जो भी कम हो की जायेगी। साथ ही 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां कस्टामाईज्ड पैकज के‍लिए पात्र होंगी। नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण नीति में विकास शुल्क में 50% की रियायत दी जायेगी गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 लाख रूपये जो भी कम हो, की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 250 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के‍लिए पात्र होंगी। फार्मास्यूटिकल्स नीति के अंतर्गत्‍गुणवत्ता प्रमाणन लागत का 50% या 1 करोड़ रूपये 5 वर्षों के लिए प्रदान किया जायेगा। अतिरिक्त निवेश पर 2 वर्षों का स्लैक अवधि प्रोत्साहन के रूप में दिया जायेगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। साथ ही 250 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। बायोटेक्नोलॉजी नीति में इन-हाउस आर एंड डी के लिए यंत्र-संयंत्र एवं भवन का 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना में हुए व्यय का 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। बायोटेक्नोलॉजी पार्क निजी औद्योगिक पार्क के समान सुविधा के लिए पात्र होंगे। 250 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी की इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। मेडिकल डिवाइसेस नीति में आर एंड डी सुविधाएं विकसित करने के लिए 50 प्रतिशत ईएफसीआई में सम्मिलित होगा। परीक्षण सुविधा की स्थापना पर 50% पूंजी अनुदान अधिकतम 1 करोड़ रूपये प्रदान किया जायेगा। 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाईयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। ईव्ही विनिर्माण नीति के बैटरी परीक्षण सहित को ईएफसीआई अंतर्गत मान्य किया जायेगा। गुणवत्ता प्रमाणन के लिए 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति या 1 लाख रूपये प्रति मॉडल जो भी कम हो, अधिकतम 10 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे। एमपीआईडीसी द्वारा लगाए गए विकास शुल्क में 25% की रियायत दी जायेगी। 500 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश करने वाली मेगा श्रेणी इकाइयां सीसीआईपी अंतर्गत कस्टामाईज्ड पैकज के लिए पात्र होंगी। हाई वेल्यू-एड विनिर्माता नीति के … Read more