मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज छकतला में करेंगे 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन

अलीराजपुर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 12 दिसम्बर 2024 को अलीराजपुर के प्रथम प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में सोंडवा उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमि-पूजन कर जिले को सौगात देंगे। 1700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना के माध्यम से जिले के 169 ग्रामों की 55 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी एवं पीने के पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल संसाधन विभाग, लोक सेवा यांत्रिकी विभाग सहित कई अन्य विभागों की योजनाओं का भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव छकतला में कृषि विकास केंद्र द्वारा मोटे अनाज (अन्न) के प्रचार-प्रसार एवं जिले में उत्पादन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रदर्शनी, उद्योग विभाग द्वारा डायमंड पोलिसिंग कार्य प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अलीराजपुर प्रवास के दौरान कृष्ण प्रणामी संप्रदाय के कार्यक्रम में भी सम्मिलित होंगे।   recent visitors 52

लेपा में आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलकर ही गांवों का विकास हो सकता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गौपालन को प्रोत्साहन दिया था और गौधन के बगैर खेती का कार्य संभव नहीं है। गौपालन हमारी पुरातन संस्कृति रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को खरगोन जिले की कसरावद तहसील के ग्राम लेपा में निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ग्रामीण प्रौद्योगिकी राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माकड़खेड़ा से पीपलगोन रोड पर टिगरियाव से बम्हनगांव के बीच वेदा नदी पर पुल बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निमाड़ अभ्युदय संस्थान द्वारा आयोजित ग्रामीण प्रौद्योगिकी सम्मेलन की सराहना करते हुए कहा कि तीन दिनों के अमृत मंथन से निकले विचार गांवों में ग्रामीण तकनीक के विकास को प्रोत्साहित करेंगे और इसे गांवों में नियोजित करेंगे। इस संस्थान की संचालक भारती दीदी द्वारा 19 वर्ष पहले शिक्षा का जो पौधा रोपा गया था, वह आज वट वृक्ष बन गया है। ऐसे संस्थान को आगे आकर काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण तकनीक को बढ़ावा देने के पक्षधर रहे हैं। विश्व के 200 से ज्यादा देशों की व्यवस्थाओं में उथल-पुथल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के कारण भारत की पताका और ऊंची होती जा रही है। हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इतना ही नहीं हमारा देश विश्व की सबसे अधिक आबादी और सबसे अधिक युवाओं वाला देश भी है। आज हमारे देश का स्वर्णिम काल है। आर्थिक रूप से संपन्न ब्रिटेन को पीछे छोड़कर भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत सियाराम बाबा ने गीता जयंती के दिन सूर्योदय के समय देह का त्याग किया है। संत सियाराम बाबा का हम सब पर सदैव आशीर्वाद बना रहे, ऐसी कामना करते हैं। इस अवसर पर सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, विधायक सचिन यादव, सचिन बिरला, राजकुमार मेव, बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अनुबाई तंवर, हितानंद शर्मा, संस्थान की अध्यक्ष ललिता देशपांडे, संचालक भारती दीदी, मुंबई के उद्योगपति मौलिक शाह एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 45

CM यादव 14 दिसंबर को करेंगे सरसी आइलैंड रिसोर्ट का उद्घाटन

शहडोल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 दिसंबर को पर्यटन विभाग द्वारा नवनिर्मित सरसी आइलैंड रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे। शहडोल जिले में बाणसागर डैम के बैकवाटर पर निर्मित यह रिसॉर्ट प्रमुख पर्यटन स्थल बांधवगढ़ नेशनल पार्क और मैहर के समीप स्थित है। यहां पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह एक अनूठा अनुभव होगा। इको-सर्किट परियोजना के तहत विकसित यह स्थल क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्यटकों के ठहरने के लिए 10 इको हट्स तैयार प्रमुख सचिव, पर्यटन और संस्कृति विभाग एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि, सरसी आइलैंड रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। यहां तीन बोट क्लब बनाए गए हैं, जो वाटर स्पोर्ट्स के रोमांचक अनुभव का अवसर देंगे। पर्यटकों के ठहरने के लिए 10 इको हट्स तैयार किए गए हैं, जहां से प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया जा सकता है। खाने-पीने के शौकीनों के लिए एक आकर्षक रेस्टोरेंट की व्यवस्था की गई है। 14 दिसंबर को होने वाले इस भव्य उद्घाटन के साथ शहडोल और इसके आसपास का क्षेत्र देशभर के पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण बन जाएगा।   recent visitors 126

मध्य प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ी, प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया, पहली बार बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हुई

 भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सुशासन का मंत्र है- आम आदमी के काम सरलता से हो। पात्रों को योजनाओं का लाभ मिले। मोहन यादव सरकार ने कई नवाचार किए। यही वजह है कि वर्ष में सुशासन के प्रयासों से जनविश्वास जागा है। मुख्यमंत्री ने स्वयं संभागीय मुख्यालयों पर जाकर विकास योजनाओं की समीक्षा की। पहली बार अपर मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को संभागीय प्रभारी बनाकर भेजा तो वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई कर यह संकेत भी दिए कि सुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को मैदान में उतारा तो नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित राजस्व से जुड़े मामलों का निराकरण कराने महाअभियान चलाया। 80 लाख मामलों का हुआ निराकरण ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व से जुड़े प्रकरण बड़ी संख्या में सामने आते हैं। लाखों प्रकरण लंबित थे। इसके निराकरण के लिए पहला महाअभियान 15 जनवरी से 15 मार्च तक चलाया, जिसमें 30 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। दूसरा महाअभियान 18 जुलाई से 31 अगस्त तक चला, जिसमें 50 लाख राजस्व मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 18 लाख 95 हजार 239 नामांतरण प्रकरणों का निराकरण किया। सीमाओं का होगा पुनर्निधारण प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है। नए जिलों की मांग भी है। तहसील के पुनर्गठन के प्रस्ताव भी मिल रहे हैं। कई कस्बे अव्यावहारिक रूप से उन जिलों में शामिल हैं, जिनका मुख्यालय दूर है। इससे जहां आमजन को परेशानी होती है, वहीं, प्रशासनिक नियंत्रण में परेशानी आती है। प्रशासनिक इकाई सुधार आयोग का भी गठन किया गया। अधिकारियों को दिया कड़ा संदेश सामान्यत: जब भी कोई दुर्घटना होती है तो छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर कार्रवाई कर दी जाती है। प्रदेश की मोहन सरकार में पहली बार छोटे नहीं बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी। मुख्यमंत्री ने गुना बस हादसे में 13 लोगों के निधन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन आयुक्त, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाया। इसी तरह ट्रांसपोर्टर की देशव्यापी हड़ताल के दौरान शाजापुर में ट्रक ड्रायवर को औकात दिखाने की बात कहने वाले कलेक्टर को भी हटाया गया। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाना ना पड़े     आमजन को सुविधा देने के लिए जो नवाचार किए गए हैं, वे तो अच्छे हैं पर प्रक्रियाओं का सरलीकरण आवश्यक है। जब तक यह नहीं होगा, आमजन परेशान होते रहेंगे। व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि लोगों को अपना काम कराने के लिए ऑफिसों के चक्कर ही न लगाने पड़ें। संभागों में कमिश्नर तैनात हैं तो उन्हें सशक्त बनाना चाहिए ताकि छोटे-मोटे कामों के लिए मंत्रालय तक प्रकरण ही न पहुंचें। अधिकारों का विकेंद्रीकरण हो और अधिकारी संवेदनशील रहें। – शरद चंद्र बेहार, पूर्व मुख्य सचिव   recent visitors 43

राज्य सरकार प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों की माली हालत सुधारने बड़ा कदम उठाने जा रही, देंगी अंशपूंजी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारत सरकार द्वारा जारी रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत बिजली कंपनियों को राज्यांश 40 प्रतिशत राशि लगभग 6 हजार करोड़ रुपये ऋण के स्थान पर अंशपूंजी/अनुदान के रूप में देने की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार राज्य की विद्युत वितरण कंपनियों को वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, वितरण हानियों में कमी तथा वितरण प्रणाली सुदृढीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण/विकास कार्यों के लिए राज्यांश की राशि ऋण के स्थान पर राज्य शासन द्वारा अंश पूंजी के रूप में प्रदान की जाएगी। योजनांतर्गत बिजली कंपनियों को अद्यतन ऋण के रूप में दिए गए राज्यांश को भी अंश पूंजी में परिवर्तित किया जाएगा। योजनांतर्गत केंद्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि भी राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे प्रदेश में स्थापित होने वाले स्मार्ट मीटर के कार्य में तेजी आएगी। यह राशि 6 हजार करोड़ से अधिक होती है। योजना में 60% राशि केंद्र सरकार देती है। इस फैसले से बिजली कंपनियों को कर्ज और उसके ब्याज का बोझ कम होगा। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।  धान की मिलिंग करने वाले धान मिल मालिकों को राहत देते हुए वर्ष 2023-24 खरीफ में की बकाया प्रोत्साहन राशि और अपग्रेडेशन राशि के भुगतान को मंजूरी दे दी। प्रोत्साहन राशि 300 करोड़ और अपग्रेडेशन राशि 238 करोड़ है। यह भुगतान पिछले एक साल से अटका था। फायदा 1050 धान मिलर्स को मिलेगा। फैसले के मुताबिक, धान मिलर्स को मिलिंग राशि 10 रु./प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन राशि 50 रु. की दर से दी जाएगी। कैबिनेट बैठक के बाद डिपटी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि सेंट्रल पूल में एफसीआई को 20 फीसदी धान की आपूर्ति पर 40 रुपए और सेंट्रल पूल में 40 फीसदी धान देने पर 120 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अपग्रेडेशन राशि राज्य सरकार मिलर्स को देगी। सरकार के इस फैसले से किसानों से खरीदी जा रही धान की मिलिंग में तेजी आएगी साथ ही पीडीसी के तहत गरीबों को बांटे जाने वाले चावल की आपूर्ति भी सुनिश्चित हो सकेगी। गौरतलब है कि पीडीसी के तहत मप्र अपनी जरूरत का चावल राज्य पूल में रख लेगा, इसके अतिरिक्त जितना अतिरिक्त चावल होगा, उसे केंद्र सरकार के फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) को भेज देगा। पीएम ऊषा और रूसा के लिए दी सैद्धांतिक मंजूरी केबिनेट ने केन्द्र सरकार की दो योजनाओं पीएम ऊषा (उच्चतर शिक्षा अभियान) और रूसा (राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) के प्रदेश में स‌ंचालन को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अब प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों को अपग्रेडेशन, रिसर्च, जेंडर इक्वेलिटी और सभी को समान अवसर देने वाले काम करने के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय मदद मिल सकेगी। जन विश्वास विधेयक और सप्लीमेंट्री बजट प्रस्ताव को भी मंजूरी केबिनेट ने मंगलवार को विधानसभा के शीत सत्र में पेश किए जाने वाले राज्य सरकार के सप्लीमेंट्री (अनुपूरक) बजट को भी मंजूरी दे दी है। यह लगभग 15 हजार करोड़ के आसपास हो सकता है। इसके साथ ही ईज ऑफ डूइंग के तहत जन विश्वास विधेयक, नगर पालिक व नगर पालिका संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई। अब नगर निगमों में अध्यक्ष और नगर पालिका व नगर परिषदों में अध्यक्ष को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की अवधि 2 साल से बढ़ाकर 3 साल की जाएगी। इसके साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के लिए तीन चौथाई बहुमत की जरूरत होगी।   recent visitors 42

मुख्यमंत्री यादव ने 1.29 करोड़ लाडली बहनों के खातों में ट्रांसफर की राशि, गीता पाठ का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

भोपाल भोपाल (Bhopal) के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम (Motilal Nehru Stadium) में जन कल्याण पर्व के अंतर्गत महिला सम्मेलन (Women’s Conference) और गीता महोत्सव (Geeta Festival) का आयोजन किया गया। गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सात जार से अधिक लोगों ने भाग लिया। इसमें 3721 आचार्यों ने गीता के तृतीय अध्याय का सस्वर पाठ किया। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (Guinness Book of Records) में दर्ज किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भी उपस्थित रहे। गिनजी बुक ऑफ ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एजुकेटर विश्वनाथ ने विश्व रिकॉर्ड की घोषणा की। जिसके बाद मुख्यमंत्री को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपये की राशि प्रदेश की 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में भेजी। इस राशि का वितरण मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व के शुभारंभ के साथ किया गया। लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गैस रिफलिंग के करीब 350 करोड़ रुपये भी महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राजभोज की इस धरती पर एक साल पहले कला और संस्कृति की धारा आनंद में डुबकी लगा रही थी। आज फिर यहां आनंद का कार्यक्रम हो रहा है। उन्होंने कहा कि पांच हजार साल पहले एक रिकॉर्ड बना था, उस समय गिनीज बुक नहीं थी, लेकिन वह वाणी परमात्मा की दी हुई थी, जो गीता के पवित्र ग्रंथ के रूप में आज भी हमको कर्मवाद की शिक्षा देती है और भक्तिवाद की ओर ले जाती है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है। उन्होंने गीता पाठ के गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड बनने पर सभी को बधाई दी और कहा कि वह कामना करते हैं कि इस तरह के रिकॉर्ड बनाने वाले कार्यक्रम आगे बढ़ते जाएं और आने वाले समय में कोई इससे बड़ा कार्यक्रम करें, जिससे हमारा पूरा मंच और देश आनंद में डूबे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता के तीसरे अध्याय में कर्मवाद और कर्मयोग की जो बात की गई है, वह हमारे जीवन में आदर्श आचार्य संहिता के रूप में प्रकट होती है। हमारी धर्म संस्कृति में सब कुछ है और पूजा पद्धतियों के प्रति कोई विरोध नहीं है, लेकिन हमें धर्म आधारित आचार संहिता का पालन करना चाहिए, जो हमारे परिवारों और रिश्तों को आदर्श रूप में स्थापित करती है। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनाओं को भी बधाई दी और कहा कि आज उनके खाते में बड़ी राशि डालने का कार्य किया गया है। साथ ही, आज सरकार के एक साल पूरे होने पर दो कार्यक्रम भी जुड़े हैं। एक कार्यक्रम 11 से 26 दिसंबर 2024 तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ और लोकार्पण होगा। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों का भी जश्न मनाया जाएगा। जन-कल्याण पर्व के दौरान प्रदेशभर में विभिन्न सरकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी, जो प्रदेश की जनता के लिए लाभकारी साबित होंगी। महिलाओं को सालाना 15 हजार की आर्थिक सहायता दरअसल, लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा साल 2023 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले योजना के तहत 1000 रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इससे महिलाओं को सालाना 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।    अबतक 18 किस्तें जारी हो चुकी है और अब 19वीं किस्त का इंतजार है। आमतौर पर हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी की जाती है, हालांकि त्यौहारों को देखते हुए समय से पहले भी किस्त जारी कर दी जाती है, लेकिन इस बार एक दिन की देरी से जारी हो रही है। क्या नए साल में बढ़ेगी राशि? नए साल से पहले चर्चा ये भी है कि बजट 2025 में मोहन सरकार लाड़ली बहना योजना की राशि में इजाफा कर सकती है। यह कयास हाल ही में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के दौरान सीएम मोहन यादव के उस बयान से लगाए जा रहे है जिसमें उन्होंने कहा था कि योजना की शुरूआत में पात्र लाड़ली बहनों को 1000 रुपये दिए गए। इसके बाद यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये की गई। इस राशि में आगे और भी वृद्धि की जायेगी। अभी सरकार 1,250 रुपये जमा कर रही है, इसे (मासिक सहायता) तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये भी किया जाएगा, यह सरकार की नीति है। सीएम के इसी बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या नए वर्ष में मोहन सरकार लाड़ली बहनों के लिए योजना की राशि में वृद्धि करेगी। recent visitors 75

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा संचालन के संबंध में ली बैठक

बस सेवा संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक यात्रियों की आवश्यकता और इंटर सिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन सुनिश्चित करें  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा संचालन के संबंध में ली बैठक आईटी के सभी लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा के संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों की आवश्यकता और इंटरसिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखते हुए बसों का संचालन किया जाए। टिकट बुकिंग, बस ट्रैकिंग जैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के समस्त लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा निर्धारित करें तथा जल्द से जल्द प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा का संचालन आरंभ करना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो बस ऑपरेटर परमिट में उल्लेखित नियम शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नवीन यात्री बस सेवा आरंभ करने और इसकी संगठनात्मक संरचना, दायित्व तथा संचालन के संबंध में समत्व भवन में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। बैठक में अन्य राज्यों में संचालित व्यवस्था की जानकारी भी दी गई। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बस सेवा संचालन में लगे स्टॉफ के प्रशिक्षण के लिए संभाग स्तर पर बनेंगे ट्रेनिंग सेंटर बैठक में जानकारी दी गई की शहरी, ग्रामीण परिवहन सेवा के साथ-साथ अंतर शहरी अन्तर्राज्यीय नवीन यात्री परिवहन सेवा का प्रबंधन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। क्षेत्रीय स्तर पर कंपनियां होंगी और जिला स्तर पर निगरानी के लिए भी परिवहन समितियां का गठन होगा। राज्य स्तरीय और संभाग स्तरीय कार्यालय में कंट्रोल एवं कमांड सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नोटिफाईड रूटस पर निविदा प्रक्रिया से ऑपरेटर का चयन तथा अनुबंध होगा। कंपनी, अनुबंधित ऑपरेटर्स को परमिट और संचालन में सहयोग प्रदान करेगी। यात्री बस सेवा संचालन में लगे स्टाफ के प्रशिक्षण के लिए संभाग स्तर पर ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। अद्यतन आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का होगा उपयोग यात्रियों की सुविधा और बेहतर बस सेवा संचालन के लिए अद्यतन आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का उपयोग किया जाएगा। यात्रियों के लिए ई-टिकट, मोबाइल एप, बस ट्रैकिंग, ऑक्युपेंसी देखने और भुगतान की सरलतम सुविधा उपलब्ध होगी। अनुबंधि ऑपरेटर्स के लिए ऑपरेटर ऐप, वीडियो ऑडिट सॉफ्टवेयर, फील्ड ऑडिट डैशबोर्ड आदि की व्यवस्था होगी। राज्य एवं संभाग स्तरीय कंपनियां ,कंट्रोल कमांड सेंटर सॉफ्टवेयर, बस- ऑटो-टैक्सी-मेट्रो आदि के लिए एक बुकिंग प्लेटफार्म, ऑनलाइन ई-बुकिंग तथा बसों की संपूर्ण मॉनिटरिंग के लिए बोर्ड का उपयोग करेंगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव संजय शुक्ला, मनीष रस्तोगी प्रमुख सचिव, विधि एन.पी. सिंह उपस्थित थे।   recent visitors 26