बीते साल में मुख्यमंत्री यादव ने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई, पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी

भोपाल डॉ. मोहन यादव को ‘मुख्यमंत्री’ मोहन यादव बने एक साल हो गया है। एक दिन बाद उनके मुख्यमंत्री-काल की फर्स्ट एनिवर्सरी है और आज वो बीते एक साल का लेखा जोखा पेश करेंगे। वहीं, मोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेश के मंत्री अपने प्रभार और गृह जिलों में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे और जिलों में आयोजित शिविरों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि भी इन आयोजनों की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वहीं, 26 दिसंबर को पचमढ़ी में चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। पीछे मुड़कर देखने का दिन ये एक साल पुरानी बात है जब मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा सस्पेंस था ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’। केबीसी के अंतिम सवाल से ज्यादा ये सवाल पूछा जा रहा था और सबसे अपने अपने कयास थे। यकीन मानिए..ज़्यादातर मीडिया हाउस ने तो चर्चित छह-आठ नामों के ‘सीएम’ बनने के टेम्पलेट भी बना रखे थे..ताकि जिस भी नाम की घोषणा हो, तुरंत उसे ब्रेक किया जा सके। लेकिन जब नाम की घोषणा हुई तो सारे ‘व्योमकेश बक्षी’ फेल साबित हुए। सारी पड़ताल, सारे अंदाज़े, सारे अनुमान, सारे तुक्के धम्म से जा गिरे और मुख्यमंत्री बना एक ऐसा व्यक्ति..जो विधायकों की पंक्ति में तीसरी कतार में बैठा हुआ था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक साल इस वाकये को एक साल हो चुका है। 13 दिसंबर को डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने एक साल हो जाएगा और बीते साल में उन्होंने अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है, इस बात से कोई इनकार नहीं कर सकता। ‘सबसे पढ़े लिखे राजनेता’ ने अपने पहले ही फैसले में लाउड स्पीकरों की आवाज़ कम कर दी। उस दौर में जब विपक्ष बार बार ये बात कह रहा था कि सरकार की लाड़ली बहना योजना को खत्म करने की मंशा है..उस समय डॉ मोहन यादव ने दृढ़ता से कहा कि ये योजना न सिर्फ जारी रहेगी बल्कि लाड़ली बहनों की राशि में बढ़ोत्तरी और आवास योजना से भी जोड़ा जाएगा। बीआरटीएस कॉरिडोर हटाना उनके बड़े फैसलों में से एक रहा है और ऐसे ही अनगिनत फैसले हैं जो एक साल में लिए गए। अब लंबे समय से मुख्यमंत्री का फोकस प्रदेश में निवेश लाने पर है। इसके लिए लगातार अलग अलग स्तर पर इन्वेस्टर समिट हो रहे हैं और आगामी फरवरी में भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी के आने की भी संभावना है। जारी है उम्मीदों का सफर संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले डॉ. मोहन यादव को जिस समय मुख्यमंत्री पद का दायित्व सौंपा गया..ये वो समय था जब प्रदेश के लोकप्रिय ‘मामा’ को सीएम न बनाए जाने पर लाड़ली बहनें फूट-फूटकर रोई थीं। कई बार ये सवाल भी कहे सुने गए कि आखिर किस आधार पर बड़े और अनुभवी नामों को छोड़कर डॉ मोहन यादव को सीएम बनाया गया। चुनौतियां कई थीं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता को मैच करना और उनके लंबे कार्यकाल के बाद प्रदेश की बागडोर संभालना आसान नहीं था। अगर किसी विरोधी पार्टी के नेता के बाद कुर्सी मिले तो दीगर तुलना होती है। लेकिन अपनी ही पार्टी के बेहद लोकप्रिय दिग्गज नेता की विरासत मिलने पर जिस तरह की तुलना और उम्मीदें होती है..उनका दबाव भी कम नहीं होता। लेकिन पिछले एक साल में सीएम डॉ. मोहन यादव ने खुद को पूरी तरह साबित किया है। अपनी एक मज़बूत पहचान बनाई है और अपने फैसलों से दिल्ली के फैसले को सही साबित किया है। मोहन सरकार का ये एक साल निश्चित तौर पर कई उपलब्धियों से भरा रहा है और मध्य प्रदेश को उम्मीद है कि बीजेपी के संकल्प पत्र के आधार पर वे आगे भी प्रदेश हित के लिए नई रोशनी जुटाते रहेंगे। recent visitors 42

विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्राम पंचायतों को क्रियाशील बनाया जाए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम पंचायतों में किसी भी तरह की कोई समस्या शेष न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विवाद रहित ग्राम पंचायतों को पांच-पांच लाख रुपए मिलेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगामी 26 जनवरी तक ग्राम पंचायतों में आयोजित किया जाएगा मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से उज्जैन दक्षिण विधान सभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा की उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहां है कि जिन ग्राम पंचायत में कोई विवाद नहीं होगा , जिन ग्राम पंचायत में कोई झगड़ा नहीं होगा , एक ग्राम पंचायतों को पांच – पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। इन ग्राम पंचायतों को वृंदावन ग्राम योजना से भी लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को उज्जैन के एनआईसी कक्ष से वीसी द्वारा उज्जैन दक्षिण विधानसभा की ग्राम पंचायतों के सरपंचों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने वीसी में कहा कि मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान आगामी 26 जनवरी 2025 तक चलेगा। इसमें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण जनों को अवगत कराया जाएगा तथा हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सभी पंचायतों को क्रियाशील बनाना है वीसी में उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले की 589 ग्राम पंचायतों में निरंतर कैंप लगाए जा रहे हैं। दक्षिण विधान सभा की सभी पंचायतों में वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा लैकोड़ा ग्राम पंचायत, तालोद ग्राम पंचायत के सरपंच से चर्चा की गई। बताया गया कि तालोद में फतेहाबाद तक की सड़क का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा कि सरपंच , ग्राम पंचायतों में निरंतर भ्रमण करें। हितग्राहियों से चर्चा करें और उनकी समस्याओं को सुनकर , समय सीमा में उनका समाधान करें। वीसी में जानकारी दी गई की ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ग्राम टंकारियापंथ के सरपंच और पटवारी से चर्चा की। ग्राम पंचायत उमरिया खालसा में जैन मुनियों के लिए अतिथि कक्ष भी बनवा दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में अतिथि कक्ष बनवाया जाए। वर्तमान में जो वेब सीरीज बनाई जा रही है उनमें उज्जैन की ग्राम पंचायतों में भी शूटिंग के लिए की जाए। ग्राम पंचायत करोहन के सरपंच से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकोशी यात्रा मार्ग में आने वाली सभी ग्राम पंचायतों को पंचकोशी राशि दिलवाई जाए। मुख्यमंत्री ने वीसी में कहा की सभी पटवारियों को याद रहना चाहिए कि उनके पटवारी हल्के की ग्राम पंचायतों में बंजर भूमि, रकबे की जमीन, आबादी की जमीन कितनी है? उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत में स्थित शासकीय जमीन का रिकॉर्ड निकाला जाए तथा वहां भविष्य को ध्यान में रखते हुए क्या विकास के कार्य किया जा सकते हैं इस पर परियोजनाएं बनाई जाएं। सभी ग्राम पंचायतों में बेरोजगार पुरुष और महिलाओं की सूची बनाई जाए। कितने लोग पढ़े लिखे हैं, कितने अनपढ़ हैं, वहां पर थानों की क्या स्थिति है, इसकी जानकारी अप-टू-डेट रखी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्नत किसानो की जानकारी, महिला पुरुष की शिक्षा, रोजगार संब्ंधि, मेरिट मे आये बच्चो की जानकारी, अस्पताल, स्कूल, जमीन का रकबा, फसलों के सम्बन्धी भी जानकारी भी अपडेट रखने को कहा। मुख्यमंत्री ने वीसी में निर्देश दिए की ग्राम पंचायतों में सामूहिक विवाह के आयोजन कराए जाएं। आगामी वसंत पंचमी पर भव्य स्तर पर सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाए। लोगों को जागरूक किया जाए कि वे शादी और मृत्यु भोज पर अनावश्यक रुपया बर्बाद ना करें, बल्कि इनका उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई लिखाई में करें ।मुख्यमंत्री के द्वारा ग्राम पंचायत पंथपिपलाई, खेमासा के सरपंचों से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की कोई समस्या स्थानीय नागरिकों को नहीं आनी चाहिए। वीसी में जानकारी दी गई की असलाना ग्राम पंचायत में बिजली के तार टूट रहे हैं ,इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत इनकी मरम्मत करवाए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रशासनिक संकुल भवन में 1 वर्ष की उपलब्धि पर आधारित जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदर्शनी की प्रशंसा की।   recent visitors 55

CM मोहन यादव के एक साल कहा- अटल जी का नदी जोड़ो का सपना साकार होगा

भोपाल सीएम डॉ मोहन यादव ने अपने कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि नगरीय निकाय उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सात में से छह सीटों पर जीत दर्ज की है जिससे पार्टी की नीतियों और जनता के भरोसे की एक बार फिर पुष्टि हुई है। मुख्यमंत्री ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल को प्रदेश की प्रगति और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बीते वर्ष में न सिर्फ मौजूदा चुनौतियों का समाधान किया, बल्कि जनकल्याण और विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की नींव भी रखी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी उपस्थित रहे। सीएम डॉ. मोहन यादव के एक साल पूर्ण, सरकार की उपलब्धियों पर बात की मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अगले पाँच साल में मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक साल पूरे होने पर अपनी बात की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि अटल जी ने देशभर की नदियों को जोड़कर सिंचाई से लेकर बाढ़ जैसी समस्याओं के समाधान का स्वप्न देखा था। उनके इस विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 11 जिलों को जोड़ने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ है। इस परियोजना से मध्य प्रदेश के 10 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी और पेयजल की समस्या का भी समाधान होगा। इस योजना के तहत चंबल बेल्ट में पानी की उपलब्धता से औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर को नदी जोड़ो अभियान का उद्घाटन छतरपुर में करेंगे। इसी के साथ पार्वती-कालीसिंध-चंबल प्रस्ताव (पीकेसी) की 70 हज़ार करोड़ की परियोजना भी शुरु होने जा रही है। ‘हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध’ किसानों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जिनके पास भी बिजली के टेंपरेरी कनेक्शन हैं..ऐसे एक लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे जिससे उन्हें पूरे साल बिजली मिलेगी। सोलर पंप और सस्टेनेबल ऊर्जा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक प्रगति के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को 35% आरक्षण देने और 26 लाख लाड़ली बहनों को गैस रिफलिंग की राशि प्रदान करने की योजना को मुख्यमंत्री ने एक बड़ी उपलब्धि बताया। डॉ. मोहन यादव ने बताया कि युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरी तो दी ही जाएगी, इसी के साथ ढाई लाख नौकरियों के अवसर सृजित किए गए हैं। इसी के साथ युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है और इस दिशा में लगातार काम किए जा रहे हैं। छात्रों के लिए अंकसूची और टीसी को अब डीजी लॉकर के माध्यम से ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके अलावा, रोजगारपरक कोर्स और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज में आने जाने के लिए बस की सुविधा दी है। ‘उज्जैन में साधु संतों को दिए जाएंगे स्थायी भूखंड’ मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए उज्जैन को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और आगामी कुंभ मेले को लेकर सरकार की तैयारियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की तर्ज पर उज्जैन में साधु संतों को स्थायी रूप से बसाने के लिए भूखंड दिए जाएंगे। महेश्वर और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक स्थानों को पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने लिए भी तमाम प्रयास हो रहे हैं। सीएम ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 17 सरकारी और 13 निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। मेडिसिटी की अवधारणा को लागू किया जा रहा है और आयुर्वेदिक कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैंमोहन सरकार के एक साल पूर्ण होने पर प्रदेश में 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक जनकल्याण पर्व भी मनाया जा रहा है।। इसके अलावा, अधोसंरचना विकास के तहत इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन और वंदे मेट्रो प्रोजेक्ट जैसी योजनाएं प्रस्तावित हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया और सरकार के एक साल पूर्ण होने पर 11 दिसंबर से 26 जनवरी 2025 तक जनकल्याण अभियान और 11 से 26 दिसंबर तक मनाए जाने वाले जनकल्याण पर्व के बारे में भी जानकारी दी। वीडी बोले- ये तुरंत एक्शन लेने वाली सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि, एक साल पहले आज के ही दिन 13 दिसंबर को मोहन यादव जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार के साथ भाजपा के संगठन ने प्रधानमंत्री मोदी जी की नीति और डबल इंजन की सरकार ने दोगुना काम किया है। मध्य प्रदेश की सरकार तुरंत एक्शन करने वाली सरकार है। महिला, किसान, गरीब, युवा इन चार वर्गों पर सरकार ने फोकस किया है। पीएम श्री एम्बुलेंस के माध्यम से सरकार ने संवेदनशीलता प्रदर्शित की है। महिलाओं को 35% आरक्षण देने का काम डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व की संवेदनशील सरकार ने किया। मध्य प्रदेश के समग्र विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्रियल समिट के माध्यम से लोकल उद्योगपतियों को अवसर देने के लिए शुरुआत की गई है। शहरों के समग्र विकास के लिए देश में मध्य प्रदेश कैसे आगे जाएगा उसके लिए मेट्रोपोलिटन सिटी डेवलप करने का प्रयास सरकार ने किया है। आने वाले समय में केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना जो अटल जी का सपना है भी जल्द पूरी होने वाली है। तीन नदियों के जुड़ने से प्रदेश के 11 जिलों को फायदा सीएम यादव ने आगे कहा कि तीन नदियों पार्वती, काली सिंध, चंबल को जोड़ने का मामला राजस्थान में विरोधी विचारधारा की सरकार होने के चलते अटका हुआ था। राजस्थान की कांग्रेस सरकार को यह मंजूर नहीं था। लेकिन अब … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले

योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव योग मार्ग पर सब चले, योग हमारे जीवन की बदलता है दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग मार्ग पर सब चले फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनेगा मुख्यमंत्री ने योग शिविर में भाग लेकर किया योग उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को प्रात: उज्जैन में योग ऋषि स्वामी रामदेव बाबा के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में शामिल होकर योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग मार्ग पर सब चले। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फ्रीगंज का नवीन ब्रिज 21 मी. चौड़ा बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग करने के बाद संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्रीमहाकाल, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में निवास करते हैं। उन्होने कहा कि परमात्मा ने हमें जो मनुष्य देह दी है उसे सम्भालना अवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही योग का बड़ा महत्व रहा है। रामदेव बाबा ने योग को हमारे देश में ही नहीं विदेशों में भी अत्यंत लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसम्बर को ध्यान दिवस मनाया जायेगा, दोनों तिथियां उत्तरायण एवं दक्षिणायान के लिए महत्व रखती है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सम्हालते हुए देश का निरंतर विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का एक वर्ष पूर्ण होने जा रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास जारी है। योग, कुविचार एवं कुरीतियों को खत्म करता है। विधाता ने जन्म दिया है तो सबकी मृत्यु का समय भी नियत किया है, इसलिए हमें अच्छे कार्य करना चाहिए। प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन को एक के बाद एक नई नई सौगाते मिल रहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए होमगार्ड के लिए नवीन जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने होमगार्ड जवानों के सेवा कार्यों की सराहाना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधन के बाद भी बेहतर काम किया जा रहा है। सबकी समस्याओं का समाधान किया जायेगा। इस अवसर पर भारत स्वाभिमान के प्रांतीय प्रभारी राजेन्द्र आर्य, होमगार्ड के जवान, एसडीइआरएफ के जवान, उनके परिजन, सिविल डिफेन्स वालेंटियर, आपदा मित्र, अनेक समाजिक संगठन तथा वरिष्ठ जन उपस्थित थे।   recent visitors 51

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं, योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए, योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है

उज्जैन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह योग ऋषि स्वामी रामदेव महाराज के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज के सानिध्य में नागझिरी चौराहा स्थित होमगार्ड मैदान में निशुल्क (इंटीग्रेटेड) योग शिविर में भाग लेकर योगाभ्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योग मनोयोग से होता है, सहयोग से नहीं। योग के मार्ग पर सभी को चलना चाहिए। योग हमारे जीवन की दिशा बदलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग के बाद संबोधित करते हुए कहा कि उज्जैन के निवासी बड़े भाग्यशाली हैं, जो भगवान श्री महाकाल और भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली में रहते हैं। परमात्मा ने हमें जो यह मनुष्य देह दी है, उसका संरक्षण करना आवश्यक है। हमारे देश में प्राचीन काल से योग का बड़ा महत्व रहा है। बाबा रामदेव ने योग को न केवल भारत में बल्कि विदेशों तक प्रसिद्ध किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसंबर को ध्यान दिवस मनाया जाएगा, जो उत्तरायण और दक्षिणायन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण तिथियां हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के भौतिकवाद के साथ-साथ प्राचीन विरासत को सहेजते हुए विकास की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होमगार्ड के मैदान से सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। प्रदेश के विकास के साथ-साथ उज्जैन का भी निरंतर विकास हो रहा है। योग करने से कुविचार और कुरीतियां समाप्त होती हैं। विधाता ने जन्म दिया है, तो मृत्यु का समय भी निर्धारित किया है। इसलिए हमें अच्छे कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में होमगार्ड के कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने मुख्यमंत्री से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड में नई भर्ती और होमगार्ड के लिए नए स्थान की आवश्यकता की मांग की। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया और जिला प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने होमगार्ड के जवानों के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधनों के बावजूद बेहतर कार्य किया जा रहा है। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।   recent visitors 50

श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

शिक्षा की परंपरा से प्रदेश व उज्जैन का बहुत पुराना नाता है- मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी में अंतराष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए श्रीकृष्ण का जीवन प्रशासनिक दक्षता का श्रेष्ठ उदाहरण है – मुख्यमंत्री डॉ.यादव इस्कॉन का प्रचार रथ संपूर्ण भारतवर्ष में करेगा श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन, जो सदा से ही धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बिन्दु है, आज श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से और अधिक भव्य, दिव्य और ऊर्जामयी लग रही है। अर्जुन को माध्यम बनाकर मुक्ति के तीनों मार्गों – भक्तियोग, ज्ञानयोग और कर्मयोग की गूढ़ता को स्पष्ट रूप से समझाने के लिए मोक्षदा एकादशी के दिन ही कुरूक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप प्रकट किया था और श्रीमद्भगवद्गीता के रूप में ज्ञान का संदेश दिया। वेदों का सार उपनिषदों में है और उपनिषदों का निचोड़ श्रीमदभगवद्गीता में है। इस लिहाज से विश्व की प्राचीनतम और समृद्धतम आध्यात्मिक ज्ञानकोष का क्रैशकोर्स है श्रीमदभगवद्गीता। आजकल धर्म का अर्थ केवल पूजा-पद्धति से जोड़ा जाता है, लेकिन सनातन संस्कृति में धर्म का वास्तविक अर्थ था आदर्श आचरण संहिता। श्रीमद्भगवद्गीता जीवन जीने के उसी आदर्श आचरण का प्रकटीकरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन में अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश व उज्जैन से गहरा नाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद महाराजा उग्रसेन को पुन: राजा बनाया और स्वयं उज्जैन के सांदीपनी आश्रम में आकर 64 कलाओं की शिक्षा प्राप्त की। यह मनुष्य के जीवन में शिक्षा के महत्व को दर्शाती है और शिक्षा की सनातन परंपरा से मध्यप्रदेश व उज्जैन का गहरा नाता जोड़ती है। महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी नारायणी सेना कौरवों को दी और स्वयं पाण्डवों के पक्ष में रहे। भगवान श्रीकृष्ण की नारायणी सेना इतनी अनुशासित थी कि उसके सैनिकों ने युद्ध भूमि से पलायन नहीं किया और अंत तक युद्ध में डटे रहे। भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली श्रीमद्भगवद् गीता से कर्मयोग की शिक्षा प्राप्त होती है। भारत ही नहीं सम्पूर्ण विश्व में लोग गीता की शिक्षा का अनुसरण कर रहे हैं। श्रीमद्भगवद् गीता प्राणियों के जीवन में शांति, सहनशीलता, न्यायोचित, आदर्श जीवन मूल्य, मर्यादा का संदेश देती है। इसी कारण सनातन संस्कृति हजारों वर्ष के बाद भी अपने सम्पूर्ण गौरव के साथ विद्यमान है। गीता के संदेश से मानव मात्र के कल्याण के लिए अपने जीवन का क्षण-क्षण समर्पित कर देने की प्रेरणा मिलती है। चाहे आप छात्र हों, गृहिणी हों, व्यवसायी हों, नौकरीपेशा हों, या अधिकारी हों, चाहे आप हिन्दू हों, बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई या मुस्लिम हों, श्रीमद्भगवद्गीता आपको अपने-अपने क्षेत्र में, अपने-अपने पंथ में रहते हुए बेहतर प्रोफेशनल, बेहतर पिता, बेहतर पुत्र, बेहतर नागरिक और बेहतर नेतृत्वकर्ता बनने का मार्गदर्शन करेगी। इसलिए जीवन में लक्ष्य पाने के लिए हम सभी को श्रीमदभगवद् गीता का दिव्य पाठ करना चाहिए। गीता का ज्ञान सभी के लिए है, गीता साक्षात देववाणी है, गीता दिव्यवाणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भोपाल में भगवत भक्तों ने गीता पाठ कर एक अनूठा विश्व रिकार्ड बनाया है। हम मध्यप्रदेश में गीता जी को पाठ्यक्रम में भी सम्मिलित कर रहे हैं। श्रीमदभगवद गीता पर आधारित स्कूली छात्रों की प्रतियोगिता में 45 लाख से अधिक बच्चों ने भाग लिया व पुरस्कार जीतें। श्रीकृष्ण पाथेय अंतर्गत जहां भगवान कृष्ण के चरण पड़े वहां बनेंगे तीर्थ प्रदेश में कृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अंतर्गत प्रदेश में विद्यमान भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन धूमधाम से किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शैक्षणिक संस्थाओं में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से संबंधित विभिन्न प्रसंगों पर शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अकादमी परिसर में 'श्रीमद्भागवत पुराण' की पहाड़ी शैली में निर्मित चंबा के कलाकार विजय शर्मा की चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने इस्कॉन मंदिर के श्रीमद्भगवद गीता प्रचार रथ को पूजा-अर्चना कर रवाना किया। यह प्रचार रथ संपूर्ण भारत में श्रीमदभगवद् गीता का प्रचार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमदभगवद् गीता एवं मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित छात्रों की प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिए। पुरस्कार वितरण कर मुख्यमंत्री डॉ यादव ने क्रिस मार्टिन से चर्चा कर प्रथम आने पर शुभकामनाएं प्रेषित की। क्रिस मार्टिन ने बताया कि वह ईसाई परिवार से संबंध रखने के बावजूद श्रीमदभगवद् गीता अध्ययन करते हैं एवं उसका सम्मान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश गीता, श्रीराम गीता, श्रीदेवी गीता, श्रीशिव गीता, श्रीयम गीता, भारतीय ज्ञान परंपरा, समय का भारतीयकरण पुस्तकों का विमोचन किया। सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी द्वारा स्वागत भाषण देकर अतिथियों का स्वागत किया गया। राजेश कुशवाह द्वारा कार्यक्रम का आभार माना गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, महामंडलेश्वर स्वामी अनंतपूर्ण गिरी जी महाराज, परम पूज्य भक्तिप्रेम स्वामी महाराज, स्वामी रंगनाथाचार्य महाराज, रामनाथ महाराज उपस्थित थे।   recent visitors 47

एक साल बेमिसाल- मोहन का उद्योग-जाल 

सत्येंद्र जैन मध्य प्रदेश में महाराजा विक्रमादित्य की भाँति परम प्रतापी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यकाल का पहला साल पूर्ण हुआ है।उद्यमशीलता के पर्याय यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्य प्रदेश में निवेश और उद्यमों को संवर्धित करने के लिए सर्वस्व उद्यम अर्पण कर रहे हैं।एक समय वर्ष 2003 में प्रदेश की औद्योगिक विकास दर माइनस में थी।भाजपा की शिवराज सिंह चौहान , उमा भारती और स्वर्गीय बाबूलाल गौर की सरकार के परिश्रम और उद्योग हितैषी नीतियों के माध्यम से आज प्रदेश की औद्योगिक विकास दर लगभग 24 प्रतिशत है।मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश विकास के पथ पर सरपट दौड़ रहा है। आज मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है।आज औद्योगिक क्षेत्र भी सैकड़ों हैं।भाजपा की मोहन सरकार का भविष्य में इस निवेश को 20 लाख करोड़ रुपए तक ले जाने का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गहन अनुसंधान कर मध्य प्रदेश के विकास के रोडमैप को, ब्लू प्रिंट को तैयार किया है।यह भलीभांति अनुभव किया है कि प्रदेश के तीव्र आर्थिक विकास के लिए उद्योगों को,व्यापार वाणिज्य को बढ़ावा देना आवश्यक है।उद्यम क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं।इनका समुचित दोहन कर अर्थव्यवस्था को, औद्योगिक विकास को तीव्र गति प्रदान करेगा।यही कारण है कि उद्यमी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव,प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाने के लिए संकल्पित हैं।प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के लिये यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहली बार संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ ही देश के बड़े महानगरों में रोड-शो किए।विदेशों से भी उद्योगपतियों को आकर्षित कर निवेश लाने की पहल की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के इन प्रयासों से मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त होगा और युवाओं को रोजगार के अधिकतम अवसर मिलेंगे। मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब,मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बनाने और रोजगार के अवसर सृजित करना मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, जबलपुर, सागर और देश के महानगर मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरू और कोलकाता में हुए रोड-शो से 2,76,070 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 3,28,670 रोजगार सृजन होगा। मध्यप्रदेश में निवेश लाने के लिये डॉ मोहन यादव हर जगह जाने को तैयार हैं। चाहे वह देश के अंदर हो या देश के बाहर हो। उनका प्रयास है कि मध्यप्रदेश आर्थिक रूप से सबल हो और देश की अर्थव्यवस्था में महती भूमिका निभाए।आज भारत दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।देश की जीडीपी में योगदान 3.5 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5 प्रतिशत हो गया है। भाजपा की मोहन सरकार देश की पाँच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में 550 बिलियन डॉलर के योगदान की लक्ष्य पूर्ति हेतु संकल्पित है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की यूके और जर्मनी यात्रा के दौरान विभिन्न सत्रों, वन-टू-वन मीटिंग्स और राउंड-टेबल मीटिंग्स में चर्चा के अनुसार लगभग 78,000 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नर्मदापुरम में रि‍जनल इंडस्‍ट्री कॉन्क्लेव से 31,800 करोड से निवेश प्रस्‍ताव मिले जिससे 40 हजार रोजगार मिलेंगे। मोहन सरकार को प्रदेश में औद्योगिक निवेश हेतु लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव उद्यमियों से प्राप्त हुए हैं।वह दिन दूर नहीं जब मध्य प्रदेश का औद्योगिक निवेश वर्तमान में लगभग 4 लाख करोड़ रुपए है,बढ़कर शीघ्र ही दस लाख करोड़ होगा।खनिज क्षेत्र में भी राजस्व वर्तमान में 10 हजार करोड़ रुपए से 50 हजार करोड़ रुपए अर्जित करने के लिए संकल्पित हैं।विभिन्न प्रकार की औद्योगिक सब्सिडी भी उद्योगों को प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के औद्योगिक लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चेतन कश्यप भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं। कुशल प्रशासक महाराजा विक्रमादित्य की भाँति यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः अर्थात परिश्रम से कार्य सिद्ध होते हैं, मनोरथ से नहीं इस मंत्र को आत्मसात कर मध्य प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछा ,समृद्धि और सुख के सहस्रों प्रवेशद्वार खोल रहे हैं।भाजपा सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को एक साल बेमिसाल की हार्दिक बधाई।आप जनकल्याण क्षेत्र में नित नए कीर्तिमान गढ़ते जाएं। इति श्री। recent visitors 37