सरकार ने बनाई मंत्री विजय शाह से दूरी, तबादला फाइलों पर लगाया ब्रेक

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट मीटिंग इंदौर में हो रही है। माता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर इंदौर के राजवाड़ा में मोहन कैबिनेट की मीटिंग हो रही है। कैबिनेट की मीटिंग से पहले राजवाड़ा में सीएम मोहन यादव ने मंत्रियों के साथ ग्रुप फोटो खींचवाई है। इस ग्रुप फोटो पर सबकी निगाहें टिकी थी कि विवादित मंत्री विजय शाह इसमें दिखेंगे या नहीं। सरकार की तरफ से जारी तस्वीरों में विजय शाह कही नहीं दिख रहे हैं। वह मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री हैं। कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचे विजय शाह इंदौर के राजवाड़ा में मोहन सरकार की ऐतिहासिक कैबिनेट मीटिंग हो रही है। तमाम मंत्री और सीएम मोहन यादव एक दिन पहले ही इंदौर पहुंच गए हैं। वहीं, मालवा क्षेत्र से आने वाले विजय शाह कैबिनेट की मीटिंग में नहीं पहुंचे हैं। उन पर इसलिए सबकी निगाहें टिकी है कि उन्होंने हाल ही में कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है। सरकार ने बनाई दूरी या खुद नहीं आए मंत्री विजय शाह के कैबिनेट मीटिंग में नहीं पहुंचने को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। क्या विजय शाह खुद ही कैबिनेट की मीटिंग में नहीं आए या फिर सरकार उनसे खुद ही दूरी बना ली। क्योंकि इंदौर में अगर कैबिनेट की मीटिंग में पहुंचते तो सारा ध्यान उन्हीं की ओर चला जाता था। साथ ही मामला और तूल पकड़ सकता था। ऐसे में अटकले हैं कि विजय शाह को इस मीटिंग से दूर रखकर सुरक्षित रास्ता निकाला गया है। ग्रुप फोटो में नहीं दिखे राजवाड़ा में हो रही कैबिनेट मीटिंग को मोहन सरकार ऐतिहासिक बनाने में जुटी है। कैबिनेट मीटिंग से पहले राजवाड़ा के बाहर सीएम मोहन यादव ने अपने सभी मंत्रियों के साथ तस्वीर खींचवाई है। इस तस्वीर में भी विजय शाह नहीं दिखे हैं। इसके बाद ही साफ हो गया कि विजय शाह कैबिनेट की मीटिंग में नहीं आएंगे। दो जिलों के कर्मचारी परेशान मंत्री शाह के कार्यालय में फाइलें शासकीय सेवकों के तबादलों से जुड़ी है, जिन पर मंत्री को अनुशंसा करनी है। मोहन सरकार ने इस तरह से फाइलें रोकने का कोई अभी तक लिखित कारण नहीं बताया है।  जहां सरकार ने मंत्री शाह के विवादों में गिरने के बाद कन्नी काटी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हुई सुनवाई में स्पेशल जांच टीम बनाकर जांच कराने के आदेश दिए है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद असर सूत्रों के मुताबिक आवेदनों के आधार पर कई नस्तियां जिलों व विभाग में तैयार भी हो गई, लेकिन मंत्री की अनुशंसा से पहले अटक गई। हालांकि मंत्री को फाइलें करने में फिलहाल कोई कानूनी अड़चन नहीं है, लेकिन नैतिकता के तौर पर उनके कामकाज करने को लेकर गलत ठहराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अब मंत्री की फाइलों को आगे बढ़ाने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग से राय लेंगे। दोनों जिलों को मिलाकर 1 हजार आवेदन प्रक्रिया में हैं, जिस पर मंत्री की अनुशंसा लग रही है। तबादले की प्रक्रिया 30 मई तक पूरी होनी है । कोर्ट ने मंत्री की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए,  दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि शाह को इस मामले में माफी नहीं मिलेगी। बल्कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्टे ने निर्देश देते हुए कहा कि, इस टीम में तीन IPS अधिकारी होंगे, इनमें एक IG और बाकी दो SP लेवल के अफसर शामिल होंगे। इनमें से एक अधिकारी अनिवार्य रूप से महिला होगी। कोर्ट ने कहा कि ये सभी अफसर मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी नहीं होने चाहिएं। वहीं कोर्ट ने SIT को 28 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। बता दें कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 14 मई को शाह के बयान पर नोटिस लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ इंदौर के महू थाने में FIR दर्ज की गई थी। इसके खिलाफ शाह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। अब अगली सुनवाई 28 मई को होगी। अंडरग्राउंड हैं विजय शाह गौरतलब है कि कर्नल सोफिया कुरैशी का मामला जैसे ही तूल पकड़ा है, उसके बाद से मंत्री विजय शाह अंडरग्राउंड हैं। उनकी कोई गतिविधि सोशल मीडिया पर नहीं दिख रही है। साथ ही मीडिया में भी उनका कोई बयान नहीं आया है। न ही, पार्टी के किसी नेता से सार्वजनिक रूप से उनकी कोई मुलाकात हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने बना दी है एसआईटी वहीं, विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी गठित कर दी है। एसआईटी में तीन आईपीएस अधिकारी हैं। इसका गठन एमपी के डीजीपी ने किया है। एसआईटी अपनी पहली रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को 28 मई को सौंपेगी। इसके बाद कोर्ट आगे का फैसला लेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ सकती है। अभी पार्टी और सरकार वेट एंड वॉच की स्थिति में है। recent visitors 52

मंत्रि-परिषद की बैठक सभी तैयारियां पूर्ण राजवाड़ा बनेगा ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी

इंदौर इंदौर का राजवाड़ा 20 मई को ऐतिहासिक निर्णयों का साक्षी बनेगा। राजवाड़ा में मंगलवार को मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक आयोजित हो रही है। कैबिनेट बैठक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती की स्मृति को चिरस्थायी बनाये जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। यह इंदौर के लिये गौरव और ऐतिहासिक क्षण होगा। मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक के लिये राजवाड़ा को आधुनिक और परम्परागत शैली में सजाया गया है। बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। यह पहला अवसर होगा जब प्रदेश मंत्रि-परिषद, ऐतिहासिक विरासत से युक्त इस भव्य स्थल पर एकत्रित होकर जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों पर मंथन करेगा। बैठक को गरिमा और परंपरा का संगम बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। राजवाड़ा को सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक के रूप में सजाया गया है। राजवाड़ा में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर की स्मृति में पारंपरिक शैली और आधुनिक साज-सज्जा की गई है। भवन के भीतर और बाहर मालवी संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रकाश, पुष्प एवं पारंपरिक सजावट का संयोजन इसे एक अलग विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है। लोक माता देवी अहिल्या बाई होलकर को नमन से होगी कैबिनेट की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं समस्त मंत्रीगण द्वारा लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से बैठक का शुभारंभ होगा। इसके बाद वे राजवाड़ा में प्रवेश करेंगे, जहाँ भूतल पर मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण , सुशासन से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। मालवी परंपरा में होगा स्वागत और भोजन आयोजन में आने वाले समस्त अतिथियों के स्वागत-सत्कार की व्यवस्था मालवी परंपरा के अनुरूप की गई है। बैठक के बाद प्रथम तल पर पारंपरिक मालवी भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यंजन विशेष रूप से दाल-बाटी, दही बड़ा, मावा-बाटी आदि परोसे जाएंगे। अस्थायी सचिवालय एवं सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था  राजवाड़ा परिसर में अस्थायी सचिवालय की स्थापना की गई है, जहाँ बैठक के संबंध में सभी प्रशासनिक गतिविधियाँ संचालित होंगी। सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस दल तैनात किया गया है। परिवहन, आवास और सुरक्षा की सभी व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। लाइजनिंग अधिकारियों की नियुक्ति मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग के लिये की गई है। लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन और सुशासन पर आधारित प्रदर्शनी इस ऐतिहासिक बैठक के साथ-साथ विविध प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें एक खंड लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी का होगा। इसमें लोकमाता के त्याग, सेवा , प्रशासनिक दक्षता, धार्मिक सहिष्णुता और समाज कल्याण के विविध दृश्य चित्रों और अन्य माध्यमों के जरिए प्रस्तुत किये गये हैं। अहिल्या दर्शन से प्रेरित राज्य शासन की योजनाओं और कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी  इस खंड में प्रदेश सरकार द्वारा लोकमाता के सिद्धांतों जैसे सुशासन, न्यायप्रियता , महिला सशक्तिकरण, लोकसेवा और जनकल्याण पर आधारित योजनाओं का प्रदर्शन किया गया हैं। साथ ही इंदौर के विकास पर आधारित अन्य चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राजवाड़ा के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना में 11करोड़21 लाख रूपये स्वीकृत किये गये हैं। इस राशि से राजवाड़ा के दरबार हाल के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन का कार्य किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इन कार्यों का भूमि-पूजन किया जाना प्रस्तावित है।   recent visitors 34

हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार अब शहरी विकास को जनभागीदारी के माध्यम से गति देने की तैयारी कर रही है। 'जलगंगा अभियान' की तर्ज पर नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय संस्थाओं को एकजुट कर स्वच्छता, पर्यावरण, पौधरोपण और जल संरक्षण जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों में विकास कार्यों के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी का भाव जागृत करना है। जनशक्ति से जीवित हुए जलस्रोत भिंड जिले के लहरौली गांव में काली पोखर का पुनर्जीवन एक मिसाल बन चुका है, जिसे ग्रामीणों और पोरवाल परिवार के सहयोग से जलगंगा अभियान के अंतर्गत फिर से पीने योग्य बनाया गया। इसी तरह इंदौर नगर निगम ने नागरिक सहभागिता से 411 कुओं, बावड़ियों और 15 तालाबों का पुनरुद्धार किया है। अब सरकार इसी मॉडल को शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बना रही है। विकास कार्यों में साझा निवेश सरकार की योजना के अनुसार, विकास कार्यों में न सिर्फ स्थानीय लोग श्रमदान करेंगे, बल्कि आर्थिक सहयोग भी करेंगे। यह त्रिस्तरीय सहभागिता सांसद, विधायक और पार्षद निधि से भी समर्थित होगी। साथ ही स्थानीय कारोबारी और औद्योगिक इकाइयों को भी इस मुहिम में जोड़ा जाएगा। मोहल्ला समितियों को मिलेगा अधिकार हर मोहल्ले में विकास समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जरूरतों को चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार करेगी। यह प्रस्ताव इंजीनियरों और पार्षदों की मदद से निगम अथवा जिला प्रशासन को भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया से विकास की योजना अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनेगी।   विकास निधियों की राशि सांसद निधि: 5 करोड़ रुपये विधायक निधि: 3.25 करोड़ रुपये महापौर निधि: 5 करोड़ रुपये नगर निगम अध्यक्ष निधि: 2 करोड़ रुपये पार्षद निधि: 25 लाख रुपये   recent visitors 28

पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा

इंदौर  मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक मंगलवार को इंदौर में आयोजित होने वाली है. ये पहला मौका होगा जब कैबिनेट की सुरक्षा के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएंगा. इंदौर के राजवाड़ा पर आयोजित होने वाली इस कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित तमाम मंत्री उपस्थित रहेंगे. ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई चूक न हो इसके लिए इंदौर पुलिस ने व्यापक स्तर पर सिक्योरिटी प्लानिंग की है. मोहन कैबिनेट की सुरक्षा में 1 हजार जवान एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया, '' 20 मई को इंदौर के राजवाड़ा पर कैबिनेट मीटिंग का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ ही मंत्रिमंडल के समस्त मंत्री भी इंदौर आएंगे. कैबिनेट मीटिंग की सुरक्षा व्यवस्था या किसी भी तरह की स्थिति को लेकर इंदौर पुलिस काफी अलर्ट है. राजवाड़ा क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया गया है साथ ही यहां 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जो सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम होंगे.'' पहली बार बॉडी वॉर्न कैमरा का इस्तेमाल एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया, '' कैबिनेट मीटिंग जिस क्षेत्र में होगी, उस क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज के साथ अलग-अलग तरह से निगरानी रखी जाएगी. पहली बार इंदौर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरा के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी. इससे पुलिस को रियल टाइम और लाइव फुटेज कंट्रोल रूम में मिलेंगे और किसी भी स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा.'' क्या होता है बॉडी वॉर्न कैमरा? जैसा की नाम है बॉडी वॉर्न कैमरा इस तरह का कैमरा होता है, जिसे शरीर पर पहना जा सकता है. ये हाथ, चेस्ट, सिर आदि जगहों पर यूनिफॉर्म के साथ फिट किए जा सकते हैं, जिससे लाइव स्ट्रीमिंग भी होती है. आमतौर पर पुलिस के द्वारा बॉडी वॉर्न कैमरे का प्रयोग वाहन चेकिंग सहित अन्य जगहों पर किया जाता है लेकिन पहली बार कैबिनेट बैठक की सुरक्षा में इनका इस्तेमाल हो रहा है. recent visitors 35

कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक

इंदौर मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने 20 मई 2025 को इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा परिसर में एक विशेष कैबिनेट बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह बैठक न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखती है, क्योंकि यह लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती वर्ष के समापन और उनकी विवाह वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है। इसके पहले डॉ. मोहन सरकार दमोह, जबलपुर में डेस्टिनेशन कैबिनेट के सफल आयोजन कर चुकी है। अहिल्याबाई के आदर्शों को आत्मसात करने का सुनहरा अवसर इस कैबिनेट बैठक का मुख्य उद्देश्य लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सुशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के योगदान को याद करते हुए होल्कर साम्राज्य के संस्थापक महाराज मल्हार राव होल्कर का भी पुण्य स्मरण करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि यह आयोजन इंदौर की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करने और मध्य प्रदेश के विकास के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण, जैसे कि "विजन 2047", को प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन इंदौर के ऐतिहासिक महत्व का स्मरण करने और देवी अहिल्याबाई के आदर्शों को प्रचारित करने का बेहतरीन अवसर है। होल्कर साम्राज्य का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व इंदौर का राजवाड़ा, होल्कर साम्राज्य का प्रतीक, मध्य भारत के गौरवशाली अतीत का साक्षी रहा है। यह वह स्थान है जहां होलकर साम्राज्य के शासकों ने अपने दरबार लगाए और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। 20 मई को गणेश हॉल में होने वाली यह बैठक उसी परंपरा को जीवंत करेगी, जहां डॉ मोहन कैबिनेट अपने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेगी। यह पहली बार है जब आज़ादी के कई वर्षों बाद इस ऐतिहासिक स्थल पर डॉ. मोहन कैबिनेट का भव्य दरबार सजेगा। राजवाड़ा : होलकर साम्राज्य की विरासत राजवाड़ा एक महल नहीं बल्कि होलकर साम्राज्य की विरासत है जिस पर आज भी सभी गर्व महसूस करते हैं। यह वह ऐतिहासिक स्थान है जहां से होलकर साम्राज्य ने अपने कई बड़े फैसलों से अपनी दिशा तय की थी। इसका निर्माण 1766 से 1834 के बीच हुआ और इसकी भव्यता आज भी लोगों को आकर्षित करती है। देवी अहिल्याबाई होलकर इसी राजवाड़ा से प्रशासनिक निर्णय लिया करती थी। अंतिम बार 1945 में महाराज यशवंतराव होलकर तृतीय ने अपनी मंत्रिपरिषद के साथ इसी दरबार हॉल में बैठक की थी। वही राजवाड़ा इस बार फिर डॉ. मोहन यादव के निर्णायक फैसलों का साक्षी बनने जा रहा है। लोकमाता की उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब मोहन सरकार यहां बैठक कर, न सिर्फ राजवाड़े के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित कर रही है बल्कि सुशासन के संकल्पों के नए मानदंड प्रदेश में स्थापित कर रहे हैं। कैबिनेट बैठक में देखने को मिलेगी मालवा संस्कृति की झलक इस आयोजन को मालवा की संस्कृति के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिसमें मंत्रियों का स्वागत मालवी पगड़ी पहनाकर किया जाएगा । बैठक के बाद दरबार हाल में सभी मंत्रियों और अधिकारियों के लिए पारंपरिक मालवी भोजन परोसा जाएगा, जिसमें दाल-बाफले, दाल-बाटी-चूरमा, मावा बाटी, दही, लड्डू, केसर श्रीखंड, मैंगो रबड़ी और छाछ जैसे व्यंजन शामिल होंगे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय की उम्मीद है, जिसमें "विजन 2047" के तहत मध्यप्रदेश के दीर्घकालिक विकास की कई योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, निवेश संवर्धन, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से संबंधित नीतियों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कैबिनेट बैठक में जिला विकास सलाहकार समिति का प्रस्ताव भी आएगा। कैबिनेट बैठक में अनेक कल्याणकारी प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है जिसमें नए रोजगार के अवसर सृजित करने, कर्मचारियों के पदोन्नति संबंधी प्रस्ताव भी पास हो सकते हैं। कैबिनेट बैठक में सरकार मेट्रोपॉलिटन रीजन एक्ट 2025 भी लेकर आएगी जिससे इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। इस बड़ी पहल के साथ मध्यप्रदेश देश का 13वां राज्य बन जाएगा, जहां मेट्रोपॉलिटन रीजन विकसित किए जाएंगे। लोकमाता के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें : मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्या बाई माता होल्कर का 300वां जयंती वर्ष पूरे हर्षोल्लास से मना रही है। तिथि अनुसार लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जयंती वर्ष, विवाह वर्षगांठ (20 मई) और महाराजा श्रीमंत मल्हार राव जी होल्कर की पुण्य-तिथि, ये तीनों सुयोग एक ही समय पर आ रहे हैं, जो इस आयोजन को और भी अधिक विशेष बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन, स्वावलंबन,आत्म-निर्भरता और महिला कल्याण की मिसाल लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के पुण्य सम्मान में मध्यप्रदेश सरकार की मंत्रि-परिषद की बैठक 20 मई को इंदौर शहर के राजवाड़ा में होगी। यह पहली बार होगा, जब मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक राजवाड़ा जैसे ऐतिहासिक स्थल पर होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजवाड़ा में होने वाली मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य की जनता के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जयंती वर्ष पर हमें चाहिए कि हम सब उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और अपने महापुरुषों का स्मरण करते हुए समाज को एक नई प्रेरणा दें और अपने देश व प्रदेश के विकास के लिए सक्रिय होकर सहभागी बनें। 20 से 31 मई तक प्रदेश भर में होंगे विविध आयोजन मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि 20 मई से 31 मई तक पूरे प्रदेश में अलग-अलग सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 मई को इंदौर में एक मंचीय कार्यक्रम होगा, जिसमें लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर के जीवन के विविध पहलुओं को एक लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अद्भुत प्रस्तुति नागपुर, महाराष्ट्र से आये सुघड़ कलाकारों द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की जन्म जयंती को और अधिक स्मरणीय बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 मई को राजधानी भोपाल में भी एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इंदौर के राजबाड़ा में होने वाली मोहन कैबिनेट की बैठक एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगी। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक निर्णयों के लिए, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ भविष्य के विकास के लिए … Read more

सरकार का भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में निर्णायक कदम, एक्ट तैयार

भोपाल भोपाल और इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित करने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया गया। अब मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 का प्रस्ताव मंगलवार को इंदौर के राजवाड़ा में होने वाली कैबिनेट बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर इस अधिनियम के तहत भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में लगभग 9600 वर्ग किलोमीटर और इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में 9336 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल किया जाएगा। भोपाल रीजन में रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और सीहोर जिलों के हिस्सों को जोड़ा जाएगा। दक्षिण में ओबेदुल्लागंज से लेकर उत्तर में श्यामपुर तक इसका विस्तार होगा। यह योजना 35 लाख की वर्तमान आबादी और 60 लाख की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जानकारी के अनुसार 14 माह में रीजनल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार होगा। 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार करना है। इसके लिए 18 विभागों से आंकड़े मंगवाए गए हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और लागत अनुमान हेतु टेंडर जारी किए जाएंगे। एकीकृत विकास दृष्टिकोण पर फोकस होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें हॉस्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार, पर्यटन और अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन में उज्जैन, देवास और धार होंगे शामिल इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना 75 लाख की संभावित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसमें उज्जैन, देवास और धार जिलों के शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्र शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक सौंदर्य, वन क्षेत्र और पर्यटन की संभावनाओं का विशेष ध्यान रखते हुए योजना तैयार की जाए। मप्र बनेगा देश का 13वां मेट्रोपॉलिटन एक्ट लागू करने वाला राज्य देश के 12 राज्यों में पहले ही मेट्रोपॉलिटन रीजन अधिनियम लागू हो चुका है। इनमें मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, विशाखापत्तनम, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, श्रीनगर-जम्मू, गुवाहाटी और हरियाणा के शहर शामिल हैं। मध्यप्रदेश 13वां राज्य होगा जो यह अधिनियम लागू करेगा। मुख्यमंत्री अध्यक्ष, नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए गठित की जाने वाली उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे, जबकि नगरीय विकास मंत्री उपाध्यक्ष की भूमिका में रहेंगे। समिति में मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के प्रमुख सचिव, नगर निगम कमिश्नर, मेट्रो रेल के एमडी, रेलवे के प्रतिनिधि, टीएंडसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) और अन्य नामित विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे।   recent visitors 29

इंदौर के राजबाड़ा पर कैबिनेट बैठक, 14 रास्ते सील, जानिए कहां-कहां लगेगा नो व्हीकल जोन

इंदौर  मध्य प्रदेश में कैबिनेट की बैठक होने वाली है। यह बैठक इंदौर में हो रही है। इस वजह से राजबाड़ा क्षेत्र में सुबह 7 बजे से वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। बैठक राजबाड़ा पैलेस में होगी। इसके साथ ही, भाजपा माता अहिल्याबाई की जयंती के उपलक्ष्य में 19 से 31 मई तक कई कार्यक्रम आयोजित करेगी। माता अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे सीएम 19 मई को राजबाड़ा पर अहिल्या माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विकास कार्यों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। कलेक्टर आशीष सिंह ने तैयारी को लेकर रविवार को बैठक ली। पुलिस ने किया है ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव राजबाड़ा पैलेस में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इस कारण पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। सुबह 7 बजे से बैठक खत्म होने तक राजबाड़ा और उसके आसपास के इलाके में कोई भी गाड़ी नहीं जा सकेगी। ये रास्ते पूरी तरह से बंद रहेंगे:     मृगनयनी से फ्रूट मार्केट की तरफ     नंदलालपुरा से फ्रूट मार्केट की तरफ     फ्रूट मार्केट से महालक्ष्मी मंदिर राजबाड़ा की तरफ     यशवंत रोड गुरुद्वारा से आईसीआईसीआई बैंक राजबाड़ा की तरफ     इमामबाड़ा से गोपाल मंदिर होते हुए राजबाड़ा की तरफ     इमामबाड़ा चौक से रूप रंग ट्रेडर्स सुभाष चौक तक     सुभाष चौक से राजबाड़ा तांगा स्टैंड की तरफ     महेश जोशी टी से राजबाड़ा तांगा स्टैंड     अर्पण नर्सिंग होम से एमजी रोड पुलिस चौकी (गणेश कैप मार्ट) की तरफ     अर्पण मेडिकल स्टोर से पीरगली गणेश कैप मार्ट की तरफ     रामबाग चौराहे से दोना-पत्तल गली तिलक पथ टी की तरफ     नेताजी सुभाष मार्ग पालीवाल धर्मशाला से हेमिल्टन मार्ग होते हुए पोरवाल ड्रेसेस तक     राजबाड़ा तांगा स्टैंड से गणेश कैप मार्ट होते हुए हेमिल्टन रोड तक     एमजी रोड थाना पुलिस चौकी राजबाड़ा बगीचे के सामने से होते हुए अन्ना पान भंडार से महालक्ष्मी मंदिर तक इन रास्तों पर कोई भी गाड़ी नहीं जा सकेगी। सभी बसें संजय सेतु से जवाहर मार्ग की तरफ नहीं जा पाएंगी। राजबाड़ा की तरफ आने वाले लोग जवाहर मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। एयरपोर्ट जाने वाले लोग विजय नगर, सुपर कॉरिडोर मार्ग से जा सकते हैं। गंगवाल बस स्टैंड जाने वाले मृगनयनी, नगर निगम, रामबाग, जिंसी, बड़वाली चौकी मार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। व्यापारी और मेहमान इन जगहों पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर सकते हैं:     पुराना थाना एमजी रोड के बगल में बहुमंजिला पार्किंग     सुभाष चौक बहुमंजिला पार्किंग     संजय सेतु पार्किंग     संजय सेतु के पास नगर निगम पार्किंग   पुलिस ने की नियमों का पालन करने की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि राजबाड़ा क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी, इसलिए लोग दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो वह पुलिस की मदद ले सकता है। नगर निगम की तैयारी नगर निगम ने शहर में साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया है। निगम के कर्मचारी सड़कों और गलियों को साफ कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में कचरा उठाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। निगम ने लोगों से अपील की है कि वे शहर को साफ रखने में मदद करें। बिजली सुचारू रखने को विशेष इंतजाम बिजली विभाग ने शहर में बिजली की आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। विभाग के कर्मचारी बिजली के तारों और खंभों की मरम्मत कर रहे हैं। इसके साथ ही, शहर में नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली की बचत करें। recent visitors 36