सिंहस्थ में संत-महंत व श्रध्दालुओं का स्नान क्षिप्रा के जल से ही होगा – मुख्यमंत्री डॉ.यादव

प्रदेश की सबसे अलग अनोखी कान्ह डायवर्शन व अन्य एकीकृत परियोजनाओं से क्षिप्रा होगी स्वच्छ, अविरल व प्रवाहमान – मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ-2028 के पहले पूर्ण होंगी सभी परियोजनाएँ – मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ में संत-महंत व श्रध्दालुओं का स्नान क्षिप्रा के जल से ही होगा – मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री ने की सिंहस्थ-2028 की जल आपूर्ति कार्ययोजना एवं प्रगति की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 एवं आने वाले सिंहस्थों में संत-महंत और श्रध्दालु क्षिप्रा के जल से ही स्नान करेंगे। इसके लिए कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी मध्यम परियोजना और हरियाखेड़ी परियोजना के कार्य पूर्ण होने पर ये परियोजनाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन परियोजनाओं से तीन लक्ष्यों को एक साथ प्राप्त किया जाएगा। इन परियोजनाओं से पावन नदी क्षिप्रा स्वच्छ एवं प्रवाहमान होगी और इससे जिले को पेयजल भी निरंतर उपलब्ध होता रहेगा। यह देश-प्रदेश की पहली ऐसी परियोजना हैं, इसके संबंध में केन्द्र सरकार को भी अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की जल आपूर्ति की कार्ययोजना एवं उनकी प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण करवाने के निर्देश दिए। बैठक में क्षिप्रा को स्वच्छ, अविरल, प्रवाहमान बनाने एवं क्षिप्रा नदी से जिले को पेयजल उपलब्ध कराने की कार्ययोजना की विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एकीकृत परियोजनाओं की कार्ययोजना वर्ष 2055 तक की जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए बनाई गई है। कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना के माध्यम से कान्ह नदी का अस्वच्छ पानी को ट्रीटमेंट कर स्वच्छ पानी गंभीर डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जाएगा। सिलारखेड़ी-सेवरखेड़ी बैराज से क्षिप्रा में जल की आपूर्ति निरंतर होती रहेगी, जिससे क्षिप्रा अविरल और प्रवाहमान रहेगी। हरियाखेड़ी परियोजना त्रिवेणी के अपस्ट्रीम में होने के कारण यहां से क्षिप्रा नदी का शुध्द जल प्राप्त होगा, जिससे जिले को निरंतर पेयजल प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि कान्ह डायवर्शन क्लॉज डक्ट परियोजना में क्लोज डक्ट 12 किलोमीटर लंबी टनल एवं 18.15 किलोमीटर क्लोज डक्ट से क्षिप्रा नदी को स्वच्छ करने का कार्य कान्ह नदी के पानी को अलग कर किया जाएगा। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना में बैराज निर्माण, बैलेंसिंग टैंक आदि निर्माण कार्य कर सिलारखेड़ी टैंक से त्रिवेणी घाट पाइपलाइन से ग्रेवेटी के माध्यम से क्षिप्रा में जल की सालभर उपलब्धता होगी, जिससे क्षिप्रा प्रवाहमान एवं अविरल रहेगी। हरियाखेड़ी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट व बैराज परियोजना से जिले को निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध निरंतर होता रहेगा। बैठक में उज्जैन के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, संभागायुक्त संजय गुप्ता, एडीजीपी उमेश जोगा, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जनप्रतिनिधि विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुण्डला आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने स्व. अन्नपूर्णा देवी यादव के देवलोक गमन पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रध्दांजलि दी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार दोपहर गीता कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर समाजसेवी एवं उनकी काकी स्व. श्रीमती अन्नपूर्णा देवी का स्वर्गवास होने पर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रध्दांजलि दी।   recent visitors 40

केन्द्रीय मंत्रि-मंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश के लिये स्वीकृत किये 11 केन्द्रीय विद्यालय

केन्द्रीय मंत्रि-मंडलीय समिति ने मध्यप्रदेश के लिये स्वीकृत किये 11 केन्द्रीय विद्यालय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का माना आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रि-मंडलीय समिति ने 85 केन्द्रीय विद्यालय (केवी) स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसमें 11 केन्द्रीय विद्यालय मध्यप्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के लिये 11 केन्द्रीय विद्यालय की सौगात देने पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दी गई यह सौगात मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को नई ऊंचाई देगी। मध्यप्रदेश को मिले 11 केन्द्रीय विद्यालयों में अशोक नगर जिला अशोक नगर , नागदा जिला उज्जैन, मैहर जिला सतना, तिरोड़ी जिला बालाघाट, बरघाट जिला सिवनी, निवाड़ी जिला निवाड़ी, खजुराहो जिला छतरपुर, झिनझारी जिला कटनी, सबलगढ़ जिला मुरैना, नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ और सेन्ट्रल अकादमी पुलिस अकादमी कान्हासैया जिला भोपाल हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुसार सभी केन्द्रीय विद्यालयों को पीएमस्कूल के रूप में नामित किया गया है, जो एनईपी-2020 के कार्यान्वयन को रेखांकित करता है और अन्य के लिए अनुकरणीय स्कूल के रूप में कार्य करता है। केन्द्रीय विद्यालय अपने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अभिवन शिक्षण पद्धति और अद्यतन अवसंरचना के कारण उन स्कूलों में से एक है, जिनकी सबसे अधिक मांग है। हर साल केवी के कक्षा 1 में प्रवेश के लिए आवेदन वाले छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और सीबीएसई द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में केन्द्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन सभी शैक्षणिक प्रणालियों में लगातार सर्वश्रेष्ठ रहा है।   recent visitors 74

सीएम 8 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे

भोपाल मोहन सरकार के एक साल पूरे होने पर प्रदेश में जन कल्याण पर्व मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 दिसम्बर को शाम 6 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को जन कल्याण उत्सव के संबंध में निर्देश देंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली बैठक में संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मंत्रियों के अलावा जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शामिल होने के लिए कहा गया है। मुख्यमंत्री जन कल्याण पर्व के दौरान गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को लेकर एक साल में किए गए कार्यक्रमों पर फोकस करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसंबर को भोपाल एवं सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई हैं। किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है। युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया है। गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को और महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है। ये सभी मंत्री पूरे प्रदेश में कार्यक्रमों के संबंध में रूपरेखा तैयार कर उसका क्रियान्वयन कराएंगे। 11 से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है जन कल्याण पर्व जन कल्याण उत्सव प्रदेश के सभी जिलों में 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक मनाया जाना है। मुख्यमंत्री डॉ यादव वीसी के माध्यम से एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी जिलों में महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण सहित विकास से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में अफसरों को निर्देश देंगे।   recent visitors 112

CM यादव ने नर्मदापुरम RIC से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 दिसंबर को नर्मदापुरम में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC) से पहले नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल के उद्योगपतियों से उज्जैन से वर्चुअल संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में उद्योगपतियों का स्वागत है। हमारी मंशा है कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले और वर्तमान में संचालित उद्योगों का विस्तार करने में सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं।" मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि उद्योगपतियों को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, "उद्योगपतियों की सहायता से ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। आप सभी आगे आएं, नए उद्योग स्थापित करें और युवाओं को रोजगार देकर प्रदेश के विकास में सहभागी बनें।" स्थानीय उद्योगों को मिलेगी प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उद्योगों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारा प्राथमिक उद्देश्य है कि सबसे पहले स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिले। इसके बाद राज्य, राष्ट्रीय और अंततः अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उद्योगपतियों को अवसर दिया जाएगा। आरआईसी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसे हमने बहुत बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया है।" उद्योगों के विस्तार और निवेश की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री ने वीसी से नर्मदापुरम के कई उद्योगपतियों से चर्चा की। उन्होंने हरदा के राइस मिल मालिकों से अपने उद्योगों का विस्तार करने का आग्रह किया और मूंग दाल मिल के मालिक जसप्रीत सिंह से कहा कि उनके पास अतिरिक्त मूंग हो तो उसे उज्जैन के व्यापारियों को भी उपलब्ध कराएं। उन्होंने एमएसएमई के माध्यम से उद्योग शुरू करने वाली ज्योति अग्रवाल और कैटल फीड इंडस्ट्री के मालिक नरेंद्र सिंह तोमर की सफलता की सराहना की। निर्मल मसाला इंडस्ट्री के राजपूत ने बताया कि उनकी मसाला मिल 42 प्रकार के मसालों का उत्पादन करती है, जो 12 जिलों में वितरित किए जाते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, "आपके मसाले एमडीएच मसालों की तरह प्रसिद्ध हों, ऐसी मेरी शुभकामनाएं हैं।" निवेश और विकास के लिए व्यापक दृष्टिकोण मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम क्षेत्र में कृषि उत्पादन और खाद्य प्र-संस्करण के साथ अन्य सेक्टर में भी अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपने मौजूदा व्यवसायों के साथ नए उद्योग क्षेत्रों में भी निवेश करें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार उद्योगपतियों को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आपके सहयोग से ही क्षेत्रीय विकास के नए आयाम स्थापित होंगे।" ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की ओर समग्र प्रयास मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नर्मदापुरम के बाद जनवरी में शहडोल में भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जायेगी। इन सम्मेलनों की कड़ी 2025 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपने यूके और जर्मनी दौरे का भी उल्लेख किया, जिसके माध्यम से प्रदेश को 78,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। प्रदेश के विकास में उद्योगपतियों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा, "उद्योगपति प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। उनके प्रयासों से ही रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और क्षेत्रीय विकास को गति मिलती है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से हम प्रदेश के सभी उद्योगपतियों को स्थानीय स्तर पर सशक्त करने का प्रयास कर रहे हैं।" आरआईसी नर्मदापुरम में संभावित क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास के नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी उद्योगपतियों को कॉन्क्लेव में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह आयोजन निवेश और विकास के अवसरों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मंच प्रदान करेगा। "लोकतंत्र में सब सेवक मैं भी प्रदेश का सेवक" मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बैतूल के उद्योगपति ने चर्चा में वर्षों से चले आ रहे बाबा महाकालेश्वर की नगरी अवंतिका उज्जैन में मुख्यमंत्री के रात्रि विश्राम न करने के मिथक को तोड़ने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि "लोकतंत्र में सब सेवक होते है, कोई राजा महाराजा नहीं होता, मैं भी प्रदेश का सेवक हूँ"। सेवक तो भगवान की नगरी में ही रुकते है। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने 7 दिसंबर को होने वाली रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। उज्जैन जिले के प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।   recent visitors 62

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हुआ

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की काकी अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का शुक्रवार को निधन हो गया। इंदौर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से शुरू होकर चक्रतीर्थ पहुंचेगी, जहां अन्नपूर्णा यादव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। काकी के निधन की खबर मिलते ही सीएम मोहन यादव उज्जैन पहुंच गए हैं। जानकारी के अनुसार, अन्नपूर्णा शंकरलाल यादव का पिछले एक सप्ताह से इंदौर के अस्पताल में उपचार चल रहा था। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य में सुधार भी बता रहे थे। लेकिन, शुक्रवार सुबह अचानक उनके निधन की खबर मिलने से परिवार और परिजनों में शौक छा गया। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को काकी के निधन की जानकारी लगी तो वे सारे काम छोड़कर उज्जैन पहुंचे। श्री कृष्ण भक्त थी प्यारी मां अन्नपूर्णा अन्नपूर्णा देवी भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त थीं। वह भगवान का पूजन अर्चन और श्रीनाथजी के दर्शन करने रोज मंदिर जाती थी। अंतिम समय तक वह भगवान का भजन व स्मरण करती रही। अन्नपूर्णा जी को उनके बेटे गोविंद यादव और निलेश यादव ही नहीं बल्कि परिवार के नंदलाल यादव, नारायण यादव, डॉ मोहन यादव, कलावती यादव,  डॉली यादव, नंदनी यादव के साथ ही अन्य मित्रगण भी प्यारी मां कहकर ही पुकारते थे। इस मार्ग से निकलेगी अंतिम यात्रा अन्नपूर्णा देवी की अंतिम यात्रा दोपहर 3 बजे निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से प्रारंभ होकर खजूरवाली मस्जिद, बुधवारिया, निकास, कंठाल, सतीगेट, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, दानीगेट से चक्रतीर्थ पहुंचें। जहां चक्रतीर्थ पर अंतिम संस्कार होगा। recent visitors 129

सरकार के एक वर्ष पूरा होने पर मोहन सरकार इस अवसर को जन कल्याण पर्व के रूप में मनाएगी

भोपाल  मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में सत्तासीन बीजेपी सरकार का प्रदेश में 1 साल पूरा हो गया है. प्रदेश सरकार के 1 साल पूरे होंने पर प्रदेश में 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाया जाएगा. इस दौराने सभी जिलों में महिला, किसान, युवा व गरीब कल्याण समेत विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मोहन सरकार के 1 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने 11 से 26 दिसंबर के बीच जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. एक पखवाड़े तक मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व के आयोजन के लिए मंत्रियों की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समितियां बनाई गई हैं. कैलाश विजयवर्गीय को बनाया गया युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष रिपोर्ट के मुताबिक मोहन सरकार के एक वर्ष पूरे होने के आयोजन के लिए किसानों के लिए गठित समिति का अध्यक्ष किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना को बनाया गया है, युवाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नियुक्ति किया गया है. निर्मला भूरिया को बनाया गया महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष जन कल्याण पर्व के रूप में मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रम में गरीब कल्याण से जुड़ी समिति का अध्यक्ष पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि महिलाओं से जुड़ी समिति का अध्यक्ष महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया को बनाया गया है. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में लौटी बीजेपी ने मध्य प्रदेश में डा. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया था. बतौर सीएम मोहन यादव ने गत 13 दिसंबर, 2023 को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. 11 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिलों में मनाया जाएगा जन कल्याण पर्व गौरतलब है मोहन सरकार एक वर्षीय उपलब्धि के रूप में मनाए जाने वाले जन कल्याण पर्व 11 दिसंबर से शुरू होगा. इस दौरान राजधानी भोपाल समेत सभी जिलों में गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. वहीं, ग्वालियर में 15 से 19 दिसंबर तक तानसेन समारोह आयोजित होगा. recent visitors 51

6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में 5 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को औद्योगिक विकास और रोजगार के केंद्र में परिवर्तित करने के लिए अपने अभिनव प्रयासों को जारी रखते हुए, 7 दिसंबर 2024 को नर्मदापुरम में 6वीं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए 4 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जिनमें 3 हजार एमएसएमई प्रतिनिधि, 75 प्रमुख निवेशक, और कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया जैसे 5 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। विभिन्न सेक्टोरल सत्रों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन और उद्घाटन करेंगे। इस आरआईसी में निवेशकों को भूमि आवंटन-पत्र भी वितरित किये जायेंगे। निवेशकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग होगी, जिसमें 10 से अधिक प्रमुख निवेशक अपनी योजनाएँ प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा, राउंड टेबल सत्र नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र पर केंद्रित होगा। 'निर्यात कैसे शुरू करें' और 'पर्यटन में निवेश संभावनाएँ' जैसे विषयों पर सेक्टोरल-सत्र भी होंगे। कार्यक्रम की थीम: 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' नर्मदापुरम, जो अपनी धार्मिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है, अब एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। 'नए क्षितिज, नई संभावनाएँ' थीम के अंतर्गत इस कार्यक्रम में कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन और वस्त्र जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदर्शनी कॉन्क्लेव में स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है जिसमें 60 से अधिक स्टॉल लग रहे हैं जिनमें एमएसएमई, पर्यटन, हस्तशिल्प विकास निगम, और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ ओडीओपी उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उक्त स्टॉल न केवल जानकारी प्रदान करेंगे बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में भी महत्पूर्ण भूमिका निभाएंगे। उद्योग और रोजगार के लिए नई राह 'उद्योग वर्ष 2025' अंतर्गत आयोजित इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित सफल कार्यक्रमों की श्रृंखला में नर्मदापुरम का यह आयोजन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस कॉन्क्लेव से नर्मदापुरम क्षेत्र को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के साथ-साथ निवेशकों और सरकार के बीच आपसी सहयोग को और सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।   recent visitors 60