साइबर सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश बनेगा आईटी और साइंस का नया हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश की टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश दे रहा है महत्वपूर्ण योगदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव साइबर सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम बनी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय विभागों में हुआ 105 मुख्य सूचना अधिकारियों का पंजीकरण भारत भी अंतरिक्ष विज्ञान क्षेत्र में बन रहा है महाशक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकौशल विज्ञान मेले को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में विज्ञान प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और इन क्षेत्रों से जुड़ी सेवाओं का नया हब बनकर देश में उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मिंग से लेकर फायनेंस तक, मैन्यूफैक्चरिंग से लेकर मेडिसिन तक, एजुकेशन से लेकर कम्यूनिकेशन तक विज्ञान का उपयोग किया जा रहा है। देश की टेक्नोलॉजी में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सुशासन के माध्यम से जन-कल्याण पर जोर दिया जा रहा है इसके लिए राज्य सरकार के विभागों में डिजिटलाइज्ड प्रणाली संचालित है। अनेक नवाचार भी हुए हैं। मध्यप्रदेश में आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में निवेश भी बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश विज्ञान परिषद विद्यार्थियों को स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए मंच प्रदान कर रही है। सेटैलाइट इमेजरी एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली के उपयोग से जन-कल्याण के कई कार्य हो रहे हैं। किसानों के खसरे, नामांकन, बटांकन आदि के कार्य और दस्तावेज पंजीयन साइबर तहसील के माध्यम से हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को जबलपुर में चार दिवसीय महाकौशल विज्ञान मेला और आरोग्य एक्सपो-2024 के समापन समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराष्ट्र भ्रमण पर रहते हुए जबलपुर के आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। डिजीटल नवाचार, सुशासन और जन-कल्याण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में साइबर सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश कम्प्यूटर एमरजेंसी रिस्पांस टीम(MP-CERT) का गठन किया गया है। सभी शासकीय विभाग मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी का पंजीकरण करवा चुके हैं। इस तरह के 105 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां जबलपुर में 17 करोड़ से अधिक लागत से साइंस सेंटर की पहल हुई है वहीं उज्जैन में 230 करोड़ लागत से साइंस सिटी का निर्माण हो रहा है। आईआईटी जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे। वर्ष 2013 में प्रथम तारामंडल प्रारंभ हुआ था जिसे अपग्रेड किया गया है। अत्याधुनिक थ्रीडी 4K तकनीक से विकसित नई व्यवस्था में इस वर्ष 400 सफल शो किए जा चुके हैं। इसी तरह अत्याधुनिक प्लेटोरियम, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन के उपयोग और नल-जल योजनाओं से लेकर सम्पत्ति की प्रक्रिया में नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल हो रहा है। उज्जैन के डोंगला स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वेधशाला के निर्माण से एस्ट्रोनामी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई पहचान मिली है। भारत बन रहा महाशक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत साइकिल और बैलगाड़ी से प्रारंभ हुई अपनी अंतरिक्ष यात्रा को चंद्रमा, मंगल और सूर्य की तरफ बढ़ा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी जैसे सक्षम नेता वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाने में साथ हों तो सफलता मिल ही जाती है। प्रधानमंत्री ने अनुसंधान के मार्ग को प्रशस्त किया है। आज इसरो ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रगति से दुनिया को परिचित करवा दिया है। एक महाशक्ति के रूप में भारत अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री ने जय-जवान- जय किसान का नारा दिया। भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जय विज्ञान का नारा दिया। वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी जी ने जय अनुसंधान के मूल मंत्र पर जोर दिया है। एक समय था जब अनुसंधान को महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था। प्रत्येक अनुसंधान कार्य सफल हो, यह आवश्यक नहीं लेकिन हमारे प्रधानमंत्री मोदी ने वैज्ञानिकों के मनोबल को बढ़ाया है। डोंगला की वेधशाला अब अंतर्राष्ट्रीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा वर्तमान में समय की गणना ग्रीनविच से हो रही है। डोंगला स्थित वेधशाला से शुद्ध समय की गणना संभव होगी। उज्जैन में वैदिक घड़ी की स्थापना की गई है। आने वाले समय में इस तरह के कई टास्क मध्यप्रदेश द्वारा लिए जाएंगे। प्रदेश में नव वैज्ञानिकों के सम्मेलन भी किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर की धरती नवाचारों के लिए जानी जाती है। यहाँ वीरांगना दुर्गावती की स्मृतियां भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महाकौशल विज्ञान मेले के माध्यम से इस सार्थक आयोजन से जुड़े सभी व्यक्तियों को बधाई दी और उनका अभिवादन किया। समापन समारोह में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह, मध्यप्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद के अध्यक्ष अनिल कोठारी, महाकौशल विज्ञान परिषद के अध्यक्ष एस.पी. गौतम सहित परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। एक्सपो स्थल पर विज्ञान एवं नवाचारों संबंधी प्रदर्शनी में विभिन्न स्टाल लगाए गये। अतिथियों द्वारा उन्हें पुरस्कृत किया गया।   recent visitors 109

प्रदेश को औद्योगिक हब बनाने मुख्यमंत्री यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश को औद्योगिक हब बनाने के संकल्प को लेकर आगे बढ़ रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 से 30 नवंबर तक यूके और जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह विदेश दौरा मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में आयोजित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ मुंबई, बैंगलुरु, कोयंबटूर और कोलकाता में 4 रोड-शो की अभूतपूर्व सफलता के बाद, यह दौरा अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के बीच मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने का एक अभूतपूर्व प्रयास है। उद्योग वर्ष 2025 के प्रदेश में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 दिवसीय इस विदेश यात्रा में यूके के लंदन, बर्मिंघम तथा जर्मनी के म्यूनिख और स्टटगार्ट का दौरा करेंगे। इन स्थानों पर वे प्रदेश में निवेश और औद्योगिक सहयोग के अवसरों को बढ़ाने के लिये औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों से चर्चा करेंगे। विश्व पटल पर म.प्र. को पहचान दिलाएगी यह यात्रा मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह रणनीतिक विदेश यात्रा मध्यप्रदेश के लिए निवेश आकर्षित कर राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा विश्व पटल पर उद्योग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभायेगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह यात्रा राज्य में निवेशकों का भरोसा मजबूत करेगी और औद्योगिक विकास को गति प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री का यह विदेश दौरा मध्यप्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के विश्वास को सुदृढ़ करेगा और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा, जिससे प्रदेश में एक समृद्ध औद्योगिक वातावरण का निर्माण संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 नवम्बर को भोपाल से मुम्बई होते हुए लंदन के लिये प्रस्थान करेंगे तथा रात 8 बजे लंदन पहुँचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 नवम्बर को वेस्टमिंस्टर स्थित ब्रिटिश संसद का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव किंग्स क्रॉस और पुनर्विकास स्थलों दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंदन में “फ्रेंड्स ऑफ़ मध्यप्रदेश’’ प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित रात्रि-भोज कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमे 400 से अधिक प्रवासी भारतीय सम्मिलित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 26 नवम्बर को ब्रेकफास्ट पर उद्योगपतियों एवं भारत के उच्चायुक्त विक्रम के दोरईस्वामी से संवाद करेंगे। इसके बाद इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में लगभग 120 प्रतिभागियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लंच ब्रेक के बाद राउण्ड टेबल मीटिंग्स में इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं ऑटो, एजुकेशन, रिन्युएबल एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर्स में निवेश पर चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 नवंबर को वारविक यूनिवर्सिटी का भ्रमण करेंगे इसके बाद वारविक मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप के डीन, फैकल्टी मेम्बर्स और शोधार्थियों से संवाद करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव बर्मिंघम हवाई अड्डे से जर्मनी के लिए प्रस्थान कर रात 8:20 बजे म्यूनिख पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जर्मनी दौरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 दिवसीय यूके के दौरे के बाद 28 और 29 नवंबर को जर्मनी प्रवास पर रहेंगे। यात्रा के दौरान म्यूनिख और स्टटगार्ट में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव 28 नवंबर को सुबह बवेरिया राज्य सरकार के नेताओं और म्यूनिख में कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया से चर्चा करेंगे। इसके बाद डॉ. यादव SFC Energy का भ्रमण करेंगे। वे बेयरलोचर ग्रुप द्वारा आयोजित लंच में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश, इंटरैक्टिव सेशन में शामिल होंगे, जिसमें कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया, सीआईआई और इन्वेस्ट इंडिया, इंडो जर्मन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इसमें लगभग 80 प्रतिनिधियों से मध्यप्रदेश में निवेश संबंधी चर्चा होगी। डॉ. यादव इन्टरैक्टिव सेशन के बाद उद्योग प्रतिनिधियों से वन-टू-वन मीटिंग में भी निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "फ्रेंड्स आफॅ एमपी" के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमे लगभग 100 प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव कौंसुल जनरल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 29 नवम्बर को स्टटगार्ट स्थित LAPP Group की फैक्ट्री का दौरा करेंगे और अधिकारियों से निवेश संबंधी चर्चा करेंगे। उद्योग प्रतिनिधियों से “इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटिज इन मध्यप्रदेश’’ विषय पर राउंडटेबल मीटिंग होगी, जिसमें लगभग 20 प्रतिनिधि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्टटगार्ट के स्टेट म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री का भ्रमण भी करेंगे। यह म्यूजियम जर्मनी का एक प्रमुख प्राकृतिक ऐतिहासिक म्यूजियम है, जिसमें प्राचीन जीवाश्म और डायनासोर के अवशेषों का विशाल संग्रह है। म्यूजियम की स्थापना 1791 में हुई थी, इसमें 11 मिलियन से अधिक वस्तुएं संग्रहित है। यह जर्मनी का सबसे बड़ा म्यूजियम है। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव फ्रैंकफर्ट के लिए रवाना होंगे। वे फ्रैंकफर्ट से रात 8 बजे नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस नक्सल उन्मूलन अभियान में पूरे प्राणपण से जुटी हुई है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार मध्यप्रदेश पुलिस नक्सल उन्मूलन अभियान में पूरे प्राणपण से जुटी हुई है। नक्सल विरोधी अभियान अंतर्गत रविवार 17 नवबंर को बालाघाट जिले के थाना रूपझर अंतर्गत चौकी सोनगुड्डा के ग्राम कोद्दापार, कुन्दल जंगल क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हॉकफोर्स और नक्सलियों में मुठभेड़ हुई। पुलिस-नक्सल मुठभेड़ में जवान शिव कुमार शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गये। पुलिस की जवाबी कार्रवाई से नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना 17 नवंबर को कुंदुल जंगल क्षेत्र में हुई नक्सली मुठभेड़ में घायल हुए जवान शिव कुमार शर्मा के स्वास्थ्य का जायजा लेने 18 नवंबर को राज्य शासन के हैलीकॉप्टर से गोंदिया अस्पताल और बालाघाट पहुंचे। इस दौरान एडीजी इंटेलिजेंस योगेश देशमुख तथा आईजी लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह भी साथ रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी दूरभाष पर चिकित्सकों से बातचीत कर घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज देने के निर्देश दिए और राज्य सरकार की ओर से पूरी चिकित्सा वहन करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री का तत्परता से संवेदनशील कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना के तुरंत बाद घायल जवान के इलाज के लिए चिकित्सकों से दूरभाष पर बातचीत की और उन्हें हर संभव उपचार देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि  जवान का पूरा इलाज  राज्य सरकार वहन करेगी और राज्य सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है। सरकार का सुरक्षा बलों के साथ खड़ा होने का संकल्प डीजीपी सुधीर सक्सेना, एडीजी इंटेलीजेंस योगेश देशमुख, और आईजी एलओ अंशुमान सिंह ने बालाघाट में सीआरपीएफ, कोबरा, और हॉकफोर्स के अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा बैठक की। नक्सल विरोधी अभियानों तथा समस्याओं के बारे में विस्तृत चर्चा की। उन्होने विषम परिस्थितियों में रहकर भी साहस तथा समर्पण के साथ कार्य करने वाले इन जवानों की प्रशंसा की तथा मनोबल बढाया। डीजीपी ने कहा कि इस प्रकार के जोखिमपूर्ण ऑपरेशनों में सुरक्षा बलों की सफलता मेहनत और रणनीति का परिणाम है। पिछले पांच वर्षों में सुरक्षा बलों ने 20 प्रमुख नक्सलियों को मार गिराया और 1.52 करोड़ रुपये के 6 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। घायल जवान के उपचार की निगरानी समीक्षा बैठक के बाद डी.जी.पी. सक्सेना गोंदिया स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल पहुंचे, जहां घायल जवान का इलाज चल रहा है। उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा करते हुए जवान के इलाज की प्रक्रिया की जानकारी ली और उन्हें सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। साथ ही, यह भी बताया कि मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से जवान के साथ है और उनका उपचार राज्य सरकार के  द्वारा किया जाएगा। सुरक्षा बलों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता डीजीपी सक्सेना ने घटना के बाद  पुलिस बल के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा जवानों के साथ खड़ी है। डीजीपी ने जवान के परिजन से बात कर जवान शिव कुमार शर्मा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और यह आश्वस्त किया कि सरकार उनका हर संभव समर्थन करेगी।   recent visitors 68

“भारत मंडपम’’ में आज उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप विशेष अतिथि होंगे

भोपाल दिल्ली स्थित “भारत मंडपम’’ में चल रहे 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज 19 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मेले में मध्यप्रदेश मंडप का अवलोकन करेंगे, जिसमें प्रदेश के हस्तशिल्प, हस्तकला और ओडीओपी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप विशेष अतिथि होंगे। मध्यप्रदेश दिवस समारोह में बुंदेलखंड के अखाड़ा लोकनृत्य और महाकौशल के जानकी बैंड की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इससे प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से मेले के आगंतुकों को परिचय करवाया जाएगा।   recent visitors 112

उज्जैन को मिली बड़ी सौगात, सिंहस्थ के पहले पूरा होगा काम, CM मोहन इस दिन करेंगे भूमि पूजन

उज्जैन मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और व्यापक बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को आत्मनिर्भर और सशक्त भारत बनाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के विचार को साकार करने के लिए राज्य सरकार हर नागरिक को सुलभ और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दिशा में 21 नवंबर को प्रदेश एक और इतिहास रचने की ओर अग्रसर होगा, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे। यह कॉलेज प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नए आयाम प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। इससे उज्जैन और आसपास के जिलों के मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। CM मोहन यादव इस दिन करेंगे भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 21 नवंबर को उज्जैन में मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन करेंगे. इस मेडिकल कॉलेज में 550 बेड की क्षमता वाला टीचिंग हॉस्पिटल बनेगा और इसमें 100 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था होगी. मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ-2028 को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता से पूरा करने का भरोसा दिया है. मेडिकल कॉलेज के निर्माण से उज्जैन के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, साथ ही इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं भी बेहतर होंगी. यह कदम उज्जैन के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा. बताया गया है कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एमबीबीएस सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तपोषित मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एमबीबीएस  सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पतालों की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं। 592 करोड़ की लागत से बनेगा मेडिकल कॉलेज उज्जैन मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। इसका निर्माण क्षेत्र 1 लाख 42 हजार 34 वर्ग मीटर में फैला होगा और कुल लागत 592.3 करोड़ रुपये है। इसमें फायर सेफ्टी के लिए आधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी लाइटिंग, सौर ऊर्जा, और ऊर्जा-कुशल एचवीएसी सिस्टम का उपयोग किया जाएगा। वर्षा जल संग्रहण और अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में फुट ओवर ब्रिज, पुस्तकालय भवन, सर्विस ब्लॉक, एमजीपीएस ब्लॉक और ईएसएस ब्लॉक की सुविधाएं भी होंगी। 550 बिस्तरों वाला आधुनिक शिक्षण अस्पताल उज्जैन मेडिकल कॉलेज में 550 बिस्तरों की क्षमता वाला शिक्षण अस्पताल होगा। यह अस्पताल आपातकालीन सेवाएं, फार्मेसी, रेडियोलॉजी, फ्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड, जनरल और सुपर स्पेशलिटी ओपीडी जैसी सेवाओं से सुसज्जित होगा। अस्पताल में 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 1 कैथ लैब, और 2 एंडोस्कोपी यूनिट के साथ-साथ परमाणु चिकित्सा विभाग और 2 रेडियोथेरेपी बंकर (ब्रैकीथेरेपी और सीटी सिम्युलेटर) भी उपलब्ध होंगे। डॉक्टरों, स्टाफ, और जनता के लिए कैफेटेरिया की भी व्यवस्था होगी। निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। 100 एमबीबीएस सीटों की प्रवेश क्षमता उज्जैन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए 100 सीटों की प्रवेश क्षमता होगी। यहां 4 अत्याधुनिक लेक्चर थिएटर (प्रत्येक की क्षमता 180) और 2 परीक्षा हॉल (प्रत्येक की क्षमता 250) होंगे। सेंट्रल लाइब्रेरी, शिक्षण और फैकल्टी क्षेत्र, प्रयोगशाला, कौशल प्रशिक्षण केंद्र, प्रशासनिक भवन, सामान्य कक्ष और मनोरंजन सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए 380 सीटों वाले छात्रावास में स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, डायनिंग हॉल और रसोई की सुविधा भी होगी। यूजी और इंटर्न छात्रों के लिए छात्रावास उज्जैन मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए 329 यूजी और 70 इंटर्न की क्षमता वाले छात्रावास और छात्राओं के लिए 286 यूजी और 58 इंटर्न की क्षमता वाला छात्रावास होगा। इनमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र और डायनिंग सुविधाएं होंगी। 145 विद्यार्थियों की क्षमता वाला आरडीएच छात्रावास जिम, डायनिंग हॉल और स्टिल्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं से युक्त रहेगा। recent visitors 148

मुख्यमंत्री निवास में गुरू नानक जी के प्रकाश पर्व पर गुरूग्रंथ साहब जी का सजाया गया दरबार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आग्रह पर गुरू नानक जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में गुरूग्रंथ साहब जी का भव्य दरबार सजाया गया और लंगर की व्यवस्था की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पगड़ी धारण कर दरबार में प्रवेश करते ही सभी उपस्थित जन ने "जो बोले सो निहाल – सत अकाल" के घोष के साथ पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के लगभग सभी जिलों से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधियों से सजी संगत के बीच बैठकर गुरूवाणी के वचनों का आनंद लिया और कीर्तन में सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिख गुरूओं की वाणी अद्भुत है। उन्होंने संगत और पंगत की बात कही। सिख गुरूओं ने विपरित परिस्थितियों में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने एक मार्ग तय किया कि परमात्मा के बंदों में हम अंतर नहीं कर सकते। यहां किसी पाखंड की जगह नहीं है। इस देश के लिए सभी समान हैं। यही वेद वाक्य है। चारों वेदों का भी निचोड़ यही है कि हम परमेश्वर की सत्ता पर विश्वास रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैं 10 सिख गुरूओं को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने धर्म और आध्यात्म की परम्परा के माध्यम से सनातन संस्कृति बचाई। सिखों का बलिदान कोई भूल नहीं सकता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान स्थित गुरू नानक जी की जन्मस्थली के दर्शन के लिए समाधान निकाला। सिख गुरूओं और 4 साहबजादों का त्याग और बलिदान इतिहास का अमिट हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम में कक्षा 7वीं में इस शहादत का विस्तृत उल्लेख है। इसी तरह उच्च शिक्षा के स्तर पर सिखों की शहादत पर अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारे इतिहास को शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। प्रदेश सरकार सिख समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करेगी। इसी तरह अरेरा कालोनी भोपाल के गुरूद्वारे से जुड़ी व्यवस्थाओं और अन्य गुरूद्वारों के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि यह इस तरह के शानदार कार्यक्रम का प्रथम अवसर है। आज यहां गुरूग्रंथ साहब आसीन हुए। सम्पूर्ण सिख समाज हर्षित है। कार्यक्रम में उज्जैन के सुरेंद्र सिंह अरोरा ने कहा कि प्रदेश में कई ऐतिहासिक गुरूद्वारे हैं जो धरोहर हैं। इनके रख-रखाव के लिए आवश्यक पहल की जाना चाहिए। इंदौर के नरेंद्र सिंह सलूजा ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में सिख बहनों ने अरदास का दायित्व निभाया है। यह एक ऐतिहासिक अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी के हृदय में स्थान बनाया है। सुनेहा बग्गा ने कहा कि सिखों की शहादत की जानकारी शिक्षण संस्थाओं में देने की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब उच्च शिक्षा मंत्री थे, तब सिखों की शहादत का विवरण पाठ्यपुस्तकों में जोड़े जाने का कार्य प्रारंभ हुआ। सुरजीत सिंह टुटेजा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास में 555 वें प्रकाश महोत्सव का अवसर बहुत विशेष है। मुख्यमंत्री को भेंट की गई कृपाण मुख्यमंत्री निवास में आयोजित प्रकाश पर्व में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्य प्रदेश के सिख समाज की ओर से सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कृपाण भी भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु नानक देव जी के 555 वें प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए सिख समाज के प्रतिनिधियों और धर्म प्रेमियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अरदास में भी शामिल हुए। इस अवसर पर सिख समाज की बहनों ने विशेष प्रार्थना (अरदास) की रस्म अदा की। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्ण गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, प्रदेश के विभिन्न नगरों से आए जनप्रतिनिधियों में पूर्व मंत्री हरदीप सिंह डंग, हरजीत सिंह बब्बू, जसपाल अरोरा, इंदरजीत सिंह खनूजा, सुमित पचौरी एवं राजधानी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, सिख समाज के प्रतिनिधि, गुरूद्वारा प्रबंध समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।   recent visitors 155

देश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पुलिस का अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान तीन दिनों में 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त तथा 167 आरोपी गिरफ्तार देश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू " प्रदेश को अवैध नशामुक्त बनाने का संकल्प" भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा और मध्यप्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता के तहत प्रदेश को अवैध नशामुक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के निर्देशन में 14 नवंबर 2024 से प्रारंभ हुए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर बड़ी चोट पहुंचाई है। अभियान ने आपराधिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का संदेश भी दिया है। तीन दिनों की इस कार्रवाई में पुलिस ने 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस दौरान कुल 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहनों को जब्त किया गया। अभियान के पहले दिन 14 नवंबर को मात्र 8 घंटों में पुलिस ने 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 700 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त किए। प्रमुख स्थानों पर की गई कार्रवाइयों में भोपाल में 8.4 किलोग्राम चरस, खरगोन के चैनपुर में 478 किलोग्राम गांजा, सिवनी के धनौरा में 80 किलोग्राम गांजा, छिंदवाड़ा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में 42.1 किलोग्राम गांजा और नीमच जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में 60 किलोग्राम डोडाचूरा की जब्ती शामिल है। इन कार्रवाइयों में 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 11 वाहनों को जब्त किया गया। अभियान के दूसरे दिन 15 नवंबर को पुलिस ने 144.7 किलोग्राम गांजा, 29 ग्राम स्मैक और 146.53 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की। साथ ही 126 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने न केवल बड़े आपराधिक गिरोहों पर प्रहार किया है, बल्कि छोटे पैमाने पर मादक पदार्थों के वितरण में शामिल अपराधियों पर भी शिकंजा कसा है। अभियान के तीसरे दिन 16 नवंबर को पुलिस ने 161 स्थानों पर छापेमारी की और 952 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ बरामद किए। प्रमुख कार्रवाइयों में खरगोन जिले के विभिन्न स्थानों से 322.43 किलोग्राम गांजा, धार जिले में 200.3 किलोग्राम गांजा, बड़वानी में 157.9 किलोग्राम गांजा और देवास जिले में 105.394 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया। तीसरे दिन की 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही अवैध परिवहन में प्रयुक्त 5 वाहनों को भी जब्त किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी और सख्त कार्रवाई पुलिस ने तीन दिवसीय विशेष अभियान में संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सघन तलाशी ली। अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण में संलिप्त आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ इनसे जुड़े संगठित गिरोहों को भी तोड़ने में सफलता प्राप्त की। अभियान के परिणाम और उद्देश्य पुलिस ने अभियान में अब तक 1,800 किलोग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ जब्त किए हैं, जिसमें 920.673 किलोग्राम गांजा, 37.58 ग्राम स्मैक, 649 ग्राम ब्राउन शुगर, 60 किलोग्राम डोडाचूरा और 61 ग्राम एमडी शामिल हैं। कुल 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 16 वाहन जब्त किए गए। अभियान का उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और वितरण पर रोक लगाना है, साथ ही समाज को इस बुराई के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। अवैध नशामुक्त प्रदेश का निर्माण: एक साझा प्रयास यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अवैध नशामुक्त प्रदेश की परिकल्पना के साथ पुलिस की सतर्कता, दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई न केवल अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को तोड़ने में सफल रही है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को अवैध नशे की लत से बचाने और समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने का काम भी कर रही है। मध्यप्रदेश पुलिस की यह पहल अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहा अभियान  समाज में अवैध नशे के दुष्प्रभावों को समाप्त करने और अपराध मुक्त राज्य के निर्माण की दिशा में मजबूत आधारशिला रखेगा।   recent visitors 96