मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया : मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में विकसित मध्यप्रदेश को बनाने के लिए बजट पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों अन्नदाता किसानों युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए समर्पित है। मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2025-26 के लिए 19 हजार 50 करोड रुपए का प्रावधान किया है, यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार तथा श्रेष्ठ स्टार शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीण सड़कों का विस्तार हर घर जल का लक्ष्य रोजगार के अवसर और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के लिए ग्रामीण विकास से संबंधित महत्वपूर्ण योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना के लिए 4 हजार 400 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री पटेल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को वैकल्पिक सकारात्मक उपयोग की ओर हम आगे बढ़ाएंगे। इसके लिए 4 हजार 50 करोड रुपए का बजट का प्रावधान है, पी.एम.जन-मन आवास योजना जिसमें कि हम देश में नंबर वन है और उनके लिए 1100 करोड़ और पीएम जन-मन सड़क योजना के लिए 1 हजार 56 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अति पिछड़ी जनजाति समूह बैग भारिया, और सहरिया के लिए ऐतिहासिक कार्य हुआ है और उनको विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए यह बजट सहायक होगा। मंत्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के लक्षित कार्यक्रम प्रधानमंत्री पोषण निर्माण के लिए 960 करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 800 करोड़ और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी तथा जमीन के अंदर जल भराव की योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 274 करोड रुपए इस बजट में आवंटित किए गए हैं। मंत्री पटेल ने पशुपालन मछली पालन तथा खाद्य प्रसंस्करण को लेकर कहा कि हम उत्पादन में नंबर वन हैं, लेकिन दूसरे चरण में जो औद्योगिककरण है, प्रोसेसिंग करके हम वैल्यू एडिशन के आधार पर दूसरे आयाम भी हासिल करेंगे, जो हमारे अर्थव्यवस्था को बढ़ाएगा और रोजगार का सृजन भी करेगा। इसके लिए भी 100 करोड रुपए का प्रावधान सराहनीय है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत के सर्वांगीण विकास के लिए सुव्यवस्थित ई पंचायत के लायक व्यवस्थित भवन दे सके, संसाधन दे सकें उसकी तरफ हम अग्रसर हैं। अटल ग्राम सेवा सदन के माध्यम से, अटल सामुदायिक भवनों के माध्यम से गतिविधियों का वो केंद्र बने और प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करेगा, जिसके लिए 6 हजार 7 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करता हूं। हमने स्टांप ड्यूटी का सदुपयोग किया है इस क्रम में पंचायत का वित्तीय सामर्थ बढ़ाने की दृष्टि से ग्राम स्वराज अभियान में कुल 238 करोड़ तथा अतिरिक्त स्तंभ शुल्क वसूली अनुदान में 2 हजार 41 करोड़ का प्रावधान सरकार के दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह राशि बढ़ोतरी हमें काम करने में और सुविधा प्रदान करेगी। मंत्री पटेल ने कहा कि संबल गरीब आदमी के लिए आपदा में सबसे बड़ा सहारा है और हमारी सरकार इस लक्ष्य के लिए समर्पित है इसलिए संबल योजना के अंतर्गत 700 करोड रुपए की यह राशि उन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है।   recent visitors 25

राज्यपाल पटेल ने छात्र छात्राओं को प्रदान किए उपाधियाँ और स्वर्ण पदक

जबलपुर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पशु संपदा ग्रामीण क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्‍वपूर्ण योगदान देते है। पशुपालन के माध्‍यम से आत्‍मनिर्भरता की ओर पहुंचा जा सकता है। उन्‍होंने पंचगव्‍य के उपयोग और महत्‍ता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मूक प्राणी और पशुओं की सेवा पुण्य का कार्य है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति पटेल की अध्यक्षता में आज नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर का सप्तम दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर भारत रत्न नानाजी देशमुख की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा प्रांगण में वृक्षारोपण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सभी विद्यार्थी नानाजी की जीवन यात्रा से प्रेरणा ले और समाज सेवा के भाव को अपने जीवन में आत्मसात करें। उन्होंने संस्कारधानी में नानाजी के आदर्शों पर संचालित प्रदेश के एकमात्र पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कार्यो की सराहना की। विश्वविद्यालय में हो रहे वन्य जीवन संरक्षण तथा रोग निदान अनुसंधान कार्य को अनुकरणीय बताया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि दीक्षांत प्रतिज्ञा को हमेशा याद रखें। शपथ का समाज और राष्ट्र सेवा में पालन करें। उन्होंने सभी दीक्षित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। कन्या छात्रावास का किया निरीक्षण राज्यपाल पटेल ने विश्वविद्यालय प्रांगण स्थित नर्मदा कन्या छात्रावास का भ्रमण कर साफ़ सफाई, पानी, रसोई घर आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आवश्यक निर्देश दिए। राज्यपाल पटेल ने छात्राओं से आत्मीय चर्चा भी की। राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत स्मारिका का लोकार्पण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों के कार्यों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री पटेल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने आज उपाधि प्राप्‍त कर समाज और राष्‍ट्र की प्रगति की शपथ ग्रहण की हैं उनके जीवन का यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्‍होंने कहा कि मूक पशुओं का इलाज कर उनके तकलीफों को समझकर दूर करने का प्रयास करते रहे। कार्यक्रम में कुलगुरू डॉ. मनदीप शर्मा द्वारा विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। दीक्षांत समारोह में जनप्रतिनिधी, विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलगुरु, छात्र छात्राएं व अभिभावकगण उपस्थित रहे।   recent visitors 33

नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में सातवां दीक्षा समारोह आयोजित, राज्यपाल ने 1029 छात्रों को उपाधि प्रदान की

जबलपुर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय का सातवां दीक्षा समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। विवि के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यपाल व विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मंगू भाई पटेल की गरिमामय उपस्थिति में 1029 छात्रों को उपाधि प्रदान की। साथ ही 12 छात्र स्वर्ण पदक से नवाजे गए। समारोह में पशुपालन मंत्री लखन पटेल विशिष्ट अतिथि रहे। दीक्षा भाषण कुलगुरु डॉ बीएन त्रिपाठी शेरे कश्मीर एग्रीकल्चर साइंस व टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मनदीप शर्मा भी मंचासीन थे। तीन पीएचडी योग्यता प्रमाण पत्र शामिल सुबह 11:00 बजे आरंभ सातवें दीक्षा समारोह में शैक्षणिक सत्र 21-22, 22-23 तथा 23-24 के छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। जिसमें बीवीएससी के 678, एमबीएससी के 229, पीएचडी 34, बीएफसी के 76, एमएफएससी के 12, 12 स्वर्ण पदक, तीन पीएचडी योग्यता प्रमाण पत्र शामिल हैं। साथ ही आरवीसी में चयनित पूर्व छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ एसएस तोमर, उपकुलसचिव डॉ रामकिंकर मिश्रा सहित अन्य मंचासीन थे। recent visitors 37

राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध पद्मप्राप्त स्व. जोधाईया बाई बैगा के परिजनों से बैगा आर्ट के संबंध में की चर्चा

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सभी को कार्य ऐसा करना चाहिए, जिससे हमेशा ही सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ मिलें, सभी ऐसा प्रयास करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यकाल के दौरान एक ऐसा कार्य अवश्य करना चाहिए, जिन कार्यों को लोग एवं समाज हमेशा याद रखें। राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय पेंटिंग एवं कलाकृतियों को और अधिक प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, इसके लिए भी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि विशेष प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने उमरिया जिले के ग्राम पंचायत लोढ़ा में विवेकाधीन अनुदान मद से लगभग 5 लाख रुपए लागत से निर्मित आदिवासी कला संकुल भवन (आर्ट सेंटर) का फीता काटकर शुभारंभ किया। राज्यपाल ने सुप्रसिद्ध पद्मतथा नारी शक्ति सम्मान प्राप्त स्व. जोधाईया बाई बैगा के परिजन श्रीमती रिंकू भाई बैगा, दुखिया बाई बैगा एवं अमर बैगा से बैगा पेंटिंग आर्ट एवं बैगा कलाकृतियों के संबंध में चर्चाएं कीं। उन्होंने कहा कि यह हुनर दूसरे जनजातीय व्यक्तियों को भी अवश्य सिखाएं। इस दौरान राज्यपाल ने प्रशासन द्वारा दिए जा रहे सहयोग के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की तथा प्रशासन द्वारा किए गए सहयोग की प्रशंसा भी की। इस दौरान राज्यपाल को प्रशासन द्वारा बैगा पेंटिंग स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई। राज्यपाल पटेल का स्वागत बैगा जनजातीय के लोगों द्वारा पारंपरिक सैला नृत्य एवं कलश यात्रा निकालकर किया गया। राज्यपाल ने कक्षा आठवीं की छात्रा अल्का बैगा एवं शालिनी बैगा से भी चर्चा की तथा उनके शैक्षणिक गतिविधि एवं भविष्य में वह क्या बनना चाहती हैं, के संबंध में जानकारी प्राप्त की। recent visitors 35

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बुंदेलखंड की धरती शौर्य और साहस के साथ कला और संस्कृति का ऐसा संगम है, जहाँ शस्त्र और शास्त्र के समन्वय की पराकाष्ठा देखने को मिलती है। अद्वितीय वास्तुकला, सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक विरासत की नगरी खजुराहो, भारतीय संस्कृति और कला का अद्वितीय गौरव है। उन्होंने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह ने भारतीय कला और संस्कृति की विविधता में एकता को देश-विदेशों में मजबूत किया है। भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और समृद्धता को प्रदर्शित करने और विस्तारित करने में समारोह का उल्लेखनीय योगदान है। राज्यपाल पटेल खजुराहो में 51वें खजुराहो नृत्य समारोह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के आयोजन में 139 नृत्य कलाकारों ने 24 घंटे, 9 मिनट, 26 सेकंड तक लगातार नृत्य कर, जो गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। इससे हमारी संस्कृति का गौरव बढ़ा है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिये आयोजकों को बधाई दी है। समारोह मे सुप्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना सुमीनाक्षी शेषाद्रि की ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति हुई। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने नृत्य के अधिपति भगवान शिव की स्तुति की। अगली प्रस्तुति पद्मभूषण राधा—राजा रेड्डी के कुचिपुड़ी नृत्य की हुई। इसके बाद ‘जतीस्वरम’ की राग मांडारी और ताल आदि में निबद्ध प्रस्तुति हुई। यह प्रस्तुति बिना किसी गीत और शब्द के विशुद्ध नृत्य का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी गई। कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद कलावार्ता में मंदिर स्थापत्य और नृत्य कला का दार्शनिक और आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद हुआ। कलावार्ता का प्रवर्तन दिल्ली से आये कलाविद आनंदवर्धन ने किया। बाल नृत्य महोत्सव में युवा कलाकारों को भी मिला मंच     युवा कलाकारों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिये पहली बार आयोजित खजुराहो नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन मंच प्रदान किया गया। इसमें युवा कलाकारों ने कथक और भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुतियां दीं।   recent visitors 51

राज्यपाल पटेल पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद व्यक्ति के प्रति अपने कर्तव्यों को भूलना नहीं चाहिए। पालकों का संघर्ष, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में योगदान की स्मृतियां सदैव बनी रहनी चाहिए। याद रहे कि आपकी शिक्षा-दीक्षा में इन सभी का प्रत्यक्ष और परोक्ष त्याग और सहयोग शामिल है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत शपथ सामाजिक दायित्वों का दस्तावेज है। भावी जीवन में इसे संभाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। अपने आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि अतीत की साधना भविष्य के निर्माण पथ पर आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। यहां से भावी जीवन में नए अवसरों को प्राप्त करने और नई चुनौतियों के समाधान खोजने होंगे। जरूरी है कि अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अपडेट करते रहें। जीवन में निरंतर सीखने की भावना जागृत रखें। तेजी से बदलते आज के तकनीकी युग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में निरंतर ज्ञान की खोज समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साहस और धैर्य के साथ प्रयासों से सपने साकार होते हैं। अनुभवों से सीख कर, स्वयं में बदलाव करते हुए आगे बढ़े और अपनी अपार क्षमताओं को पहचानें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ मानसिकता के लिए स्वस्थ शरीर का विकास जरूरी है। विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वस्थ तन-मन के लिए नियमित व्यायाम, मिलेट्स/श्रीअन्न खाने, अधिक पानी पीने और भरपूर नींद लेने के चार मंत्र बताए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक टंट्या मामा, रानी दुर्गावती, रानी कमलापति, रघुनाथ शाह एवं शंकर शाह सहित अन्य विभिन्न महानायकों से प्रेरणा लेना चाहिए। उन्होंने जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया के फैलाव को देखते हुए विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र में सिकल सेल एनीमिया से बचाव के लिए जागरूकता फैलाने तथा रोग की स्क्रीनिंग में सहयोग के लिए प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि शिक्षा के मंदिर में विद्यार्थियों को बौद्धिकता, ज्ञान, विज्ञान और संस्कारों के के साथ समन्वय की सीख भी दें। हर विधा के विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचारों को समझने और अपनाने का अवसर भी मिलना चाहिए। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह में पं. शंभुनाथ विश्वविद्यालय की स्मारिका का लोकार्पण किया। विश्वविद्यालय के प्रतिभावान 45 छात्र-छात्राओं को पदक एवं उपाधि प्रदान की। राज्यपाल पहुंचे धुरवार के नन भईया बैगा के घर राज्यपाल मंगुभाई पटेल शहडोल जिले के प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के नन भईया बैगा के घर ग्राम धुरवार पहुंचे। राज्यपाल की गांव पहुंचने पर नन भईया बैगा एवं ग्रामीणों ने कलश से अगुवाई की। जनजातीय संस्कृति के अनुसार टिमकी तथा नगरिया से लैस नृत्य दल ने परंपरागत तरीके से स्वागत किया। राज्यपाल पटेल ने ग्रामीणों से जन-मन योजना से उनके जीवन में हुए बदलाव के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल को नन भईया बैगा ने घर आगमन पर पारंपरिक भोजन कराया। बैगा परिवार द्वारा फंसई का चावल, इंदरहर की कढ़ी, लहसुन और टमाटर की सिल-बट्टे पर बनी चटनी, कुटकी की खीर, सेमी का साग, पापड़, सलाद, गेंहू रोटी के साथ प्रस्तुत किया गया। परिवार के सह-भोज में सरपंच श्रीमती मीरा बाई बैगा और जन मन योजना के हितग्राही भी शामिल हुए।   recent visitors 57

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता

गांवों का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता: मंत्री पटेल मंत्री पटेल ने प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से की मुलाकात पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गांव का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी पंचायत भवन विहीन 1153 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन स्वीकृत किए गए हैं। मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने जर्जर पंचायत भवनों के संबंध में निर्णय लेने के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि आगामी पंचायत चुनाव तक कोई भी ग्राम पंचायत भवन विहीन न रहे। मंत्री पटेल ने गुरुवार को प्रदेश भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों से निवास पर मुलाकात की।    मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए प्राथमिकताओं को चिन्हित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में शमशान घाट हो और साथ ही गौ-वंश संरक्षण के लिए विशेष उपाय किए जाए। मंत्री पटेल ने पौध-रोपण के दौरान सावधानी और सतर्कता बरतने और नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायतों में कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स बनाने के लिए सुझाव देने के लिए कहा। मंत्री पटेल ने कहा कि सभी पंचायत प्रतिनिधि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष प्रयास करें, इससे पंचायतों को भूमि को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने ग्राम पंचायतों के कार्यक्षेत्र में रेत संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कपिलधारा और सामुदायिक पेयजल परियोजनाओं की लागत को बराबर करने की दिशा में विचार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सुगमता से लाभ मिल सके। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायत सचिवों और जीआरएस के लिए एमआईएस पोर्टल को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने कार्य अनुमोदन में पारदर्शिता लाने पर बल दिया। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतें मजबूत होंगी, तो प्रदेश सशक्त बनेगा। इस अवसर पर सरपंच संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों को मंत्री पटेल के समक्ष रखा।   recent visitors 48