राज्यपाल अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि माता-पिता, बड़े-बुजुर्गों का सम्मान हमारी महान संस्कृति की धरोहर है। उनके प्रति आदर और संस्कार घर से ही विकसित होते है। उन्होंने रामायण में उल्लेखित माता-पिता और बुजुर्गों के सम्मान पर आधारित प्रसंगों का जिक्र भी किया। राज्यपाल पटेल अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के अवसर पर प्रशासनिक अकादमी में आयोजित कार्यकम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग की विषय पर आधारित “वरिष्ठ नागरिकों की देख-भाल, सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, कानूनी सुरक्षा और मानव अधिकार” ‘स्मारिका’ का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों को अपने खान-पान और सेहत का विशेष ध्यान रखना होता है। परिजन बुजुर्गों के प्रति हमेशा संवेदनशीलता और कृतज्ञता का भाव रखे। उन्होंने मानव अधिकारों के संरक्षण के प्रति जनजागरण के प्रयासों के लिए आयोग को साधुवाद दिया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि मानव अधिकार नैसर्गिक अधिकार है। ये अधिकार व्यक्ति का स्वाभिमान, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करते है। इन अधिकारों तक समाज के अंतिम कड़ी के व्यक्ति की सुलभ पहुँच हो, इसकी जिम्मेदारी सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भी है। उन्होंने कहा कि राज्य मानव अधिकार आयोग की भूमिका, मानवाधिकारों के रक्षक और संरक्षक के रूप में है। आयोग वंचित और गरीब वर्ग की आशा और विश्वास के केन्द्र में है। सरकार और समाज का मार्गदर्शक भी है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान, हमारे संस्कारों और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। वरिष्ठ नागरिक, हमारे परिवार और समाज के लिए धरोहर होते है, अनुभव का खजाना होते है। उन्होंने 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार माना। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बुजुर्ग चलते-फिरते इनसाइक्लोपीडिया होते हैं। उनके पास जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान का अनुभव है। बुजुर्ग शारीरिक रूप से कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनका अनुभव अमूल्य है। युवाओं को चाहिए कि वे बुजुर्गों के सान्निध्य में रहें, उनके अनुभव का लाभ लें और उन्हें सम्मान दें। वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति न केवल परिवार की ताकत है, बल्कि समाज की भी अमूल्य धरोहर है। उनकी सेवा और सम्मान ही हमारी संस्कृति का आधार है। यदि हम अपने मूल्यों और परंपराओं का सम्मान करेंगे, तो निश्चित रूप से विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होंगे। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति कृतज्ञता और आदर की भावना ही समाज की खुशहाली की सच्ची राह है। मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष मनोहर ममतानी ने कहा कि भारतीय परिवेश में वृद्धजनों के आर्थिक, सामाजिक और वैधानिक संरक्षण किये जाने की आवश्कता है। उन्होंने कहा कि आयु एक सतत् अपरिर्वतनीय, सार्वभौमिक प्रक्रिया है। जो गर्भाधान से शुरू होकर व्यक्ति की मृत्यु तक होती है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन की महत्वपूर्ण समस्याओं में प्रमुख रूप से शारीरिक दूर्बलता, मानसिक रोग, अकेलेपन की समस्या, आर्थिक असुरक्षा, संयुक्त परिवार का अभाव, मनोंरजन की समस्याओं से बुजुर्गों को बाहर निकालने के लिए समाज को आगे आना होगा। ममतानी ने कहा कि सरकार के साथ-साथ हम लोगों को भी वरिष्ठजनों के सम्मान एवं उनकी सुरक्षा के लिये कार्य करना होगा। कार्यवाहक अध्यक्ष ममतानी ने कहा कि मानव अधिकार आयोग वरिष्ठजनों संरक्षण के लिये संवेदनशीलता से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि मानव अधिकार आयोग के संज्ञान में 1343 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। आयोग द्वारा राज्य सरकार के माध्यम से 1228 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। उन्होंने कहाकि आयोग द्वारा नवाचार के रूप में प्रदेश के 24 जिलों में शिविरों का आयोजन कर मानव अधिकार से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। ममतानी ने आयोग के उद्देश्यों, कार्यों और योजनाओं पर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। आयोग के सदस्य राजीव कुमार टंडन ने स्वागत उद्बोधन दिया। विशिष्ट वक्ता के रूप में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन की श्रीमती सोनाली पोक्षे वायंगणकर ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के संचालक राजेश गुप्ता ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याणार्थ केन्द्र और राज्य सरकार की संचालित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। प्रशासनिक अकादमी में अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस पर आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत विशेष शिविर लगाया गया। जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाये गये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विशेष कैम्प का अवलोकन किया और सहजता से सेवा प्रदाय करने के निर्देश दिये। पुलिस महानिदेशक (शिकायत एवं मानव अधिकार) डी.सी. सागर ने भगवान श्रीराम के पावन ग्रंथ रामचरित मानस के लंका काण्ड में विजय रथ के श्लोक सुनायें। उन्होंने "सौरज धीरज तेहि रथ चाका, सत्य सील दृढ़ ध्वजा पताका, बल विवेक दम परहित घोरे, छमा कृपा समता रजू जोरे" का उदाहरण दिया इस दोहे में बहादुरी, धैर्य, सत्य, शालीनता, द्दढ़ संकल्प, शिक्त, बुद्धिमत्ता, आत्म-नियंत्रण, परोपकार, क्षमा, कृतज्ञता और समानता के 12 गुण निहित हैं जो आदर्श व्यक्ति में होते है। सागर ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुलिस विभाग द्वारा बनाए गए सिटीजन ऐप की कार्य प्रणाली बताई। राज्यपाल पटेल का राज्य मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष ममतानी ने पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मानव अधिकार आयोग के पुलिस महानिरीक्षक अशोक गोयल ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी के महा निदेशक जे.एन. कंसोटिया, न्यायाधीशगण, वरिष्ठजन और आयोग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 38

राज्यपाल पटेल को ध्वज लगाया, राजभवन में सशस्त्र झंडा दिवस मना

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल को राजभवन में सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर ध्वज लगाया गया। राज्यपाल पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के अतिरिक्त संचालक, सेवानिवृत्त कर्नल संजय प्रधान ने ध्वज लगाया। राज्यपाल पटेल ने इस अवसर पर सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि प्रदान की। राज्यपाल पटेल ने नागरिकों से अपील की है कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर अपनी क्षमता से बढ़कर अशंदान के भाव और भावनाओं के साथ अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेना के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता के प्रदार्शन में सहभागी बनें।   recent visitors 66

हमारा प्रयास कोई गौमाता सड़कों पर न रहे: मंत्री पटेल

हमारा प्रयास कोई गौमाता सड़कों पर न रहे: मंत्री पटेल गौ माता के लिए भोजन और पानी, सुरक्षा का प्रबंध करना है प्राथमिकता गौ अभ्यारण्य के लिए चिन्हित भूमि का किया निरीक्षण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम एवं भिण्ड जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को भिण्ड जिले के ग्राम पाण्डरी में गौ-अभ्यारण्य के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। मंत्री पटेल ने कहा कि गौ-अभ्यारण्य के लिए भूमि पर्याप्त और सुन्दर है। सुरक्षा की दृष्टि से इसमें तार फेंसिंग की जरूरत है, जिससे गौ-वंश खेतों में न जा सके। गौ-माता के लिए पर्याप्त भोजन और पानी के प्रबंध किए जाएं। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास होना चाहिए कि सड़क पर कोई गौ-माता नहीं रहे। मंत्री पटेल ने कहा कि गौ-शाला के लिए दो रास्ते एवं दो द्वार बनाए जाएं। उन्होंने गौ-अभ्यारण्य की तार फेंसिंग में लगने वाले समय, पानी की व्यवस्था की जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, विधायक भिण्ड नरेन्द्र सिंह कुशवाह, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत जगदीश कुमार गोमे सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।   recent visitors 55

प्रदेश में सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा: : मंत्री प्रहलाद पटेल

भोपाल मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल भिंड ज‍िले के दो दिवसीय दौरे पर हैं. पहले द‍िन  उन्होंने जिला योजना समिति की बैठक को संबोध‍ित किया. इस दौरान मंत्री ने कहा कि आज की बैठक एक अच्छे वातावरण में संपन्न हुई. कार्य पिछले ढाई साल से पंचायतों में लंब‍ित हैं, उनकी जांच करने के ल‍िए जिला पंचायत के सीईओ को न‍िर्देश द‍िया गया है. सभी मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाया जाएगा. वहीं जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए अपने क्षेत्र में एक-एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. सिंध रतनगढ़ और कनेरा परियोजना को सुचारू रूप से करने के लिए भी निर्देशित किया. इस मौके पर नवीनीकरण ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा, 52 हजार प्रकरण सौर ऊर्जा के लिए चिन्हित किए गए हैं, इसमें 90 प्रत‍िशत की सब्सिडी के साथ किसान आवेदन कर सकेंगे और एक माह में समिति समस्त बिलों का भुगतान कर मुझे सूचित करेगी. मंद‍िरों को अत‍िक्रमण मुक्‍त बनाए वहीं प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जो भूमिहीन मुक्तिधाम है, उनके लिए अलग से जगह देकर मुक्तिधाम बनवााए जाएंगे और जहां पर नदी के किनारे शवों को जलाने की प्रथा है, वहां भी मुक्तिधाम बनवाए जाएंगे. प्रभारी मंत्री ने कड़े शब्दों में कहा क‍ि जहां पर मुक्तिधाम पर अतिक्रमण है, उसको तुरंत अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. साथ ही अभियान चलाकर जिन मंदिरों की जमीनों पर कहीं अतिक्रमण है, तो उनको तुरंत खाली कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि भिंड जिले की जिन पंचायतों में मुक्तिधाम के लिए जमीन नहीं है, उनको जमीन उपलब्ध कराकर मुक्ति धाम का निर्माण किया जाएगा. उमरी टोल प्लाजा को लेकर मंत्री ने कहा कि टोल प्लाजा पर निकासी में परेशानी आ रही है. मेरी अगली मीटिंग तक उमरी प्लाजा पर टोल का कार्य शुरू हो जाएगा. इस मौके पर मंत्री पटेल के अलावा, कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला, भिंड के विधायक नरेंद्र कुशवाह, लहार विधायक अंबरीष शर्मा गुड्डू, जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह मौजूद रहे. recent visitors 68

राज्यपाल ने मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड समारोह में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सम्मानित प्रतिभाएं उत्कृष्ट कार्यों की ध्वज वाहक होती है। उनके उत्कृष्ट कार्य समाज को चुनौतियों का सामना करने का विश्वास और विज़न प्रदान करते है। भावी पीढ़ियां उनके पथ का अनुसरण कर समाज को गतिशील और जीवंत बनाती है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करना वास्तव में समाज को गौरवान्वित करने, स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य है। भावी प्रतिभाओं के पथ प्रदर्शन की नैतिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से समाज की जिम्मेदारी है। राज्यपाल पटेल, प्रेस क्लब भोपाल द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद जी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। अतिथियों का तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल पटेल का प्रेस क्लब मध्यप्रदेश के अध्यक्ष नवीन आनंद जोशी ने श्रीफल, स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि हम सब देख समझ रहें है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी लोकतांत्रिक संस्था, आर्थिक शक्ति, वैज्ञानिक कौशल, संस्कृति और विविधता का दुनिया ने लोहा माना है, लेकिन मजबूत राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में आज भी हमारे समक्ष आतंकवाद, विघटनकारी शक्तियों की चुनौतियां है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उच्च मानकों के साथ समाज के वंचित वर्गों के लिए न्याय के प्रयासों और विकास के अवसरों को और अधिक विस्तारित करना भी जरूरी है। उन्होंने अपेक्षा की है कि समावेशी विकास के लिए तुलनात्मक रूप से वंचित और पिछड़े क्षेत्रों के समुदायों का हाथ पकड़ कर समाज के मुख्य धारा में शामिल कराने के प्रयासों का दिशा दर्शन सम्मानित विशिष्ट प्रतिभाएं करें। समारोह समाज में सकारात्मकता को बढ़ाने और उत्कृष्ट कार्यों के लिए समाज विशेषकर युवाओं को प्रेरित प्रोत्साहित करने में सफल होने की मंगल कामना की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि सामाजिक सरोकारों में मीडिया की सहभागिता से वह बहुत अधिक प्रसन्न है, जिन प्रतिभाओं के कार्यों से वे अभिभूत है। उन्हें ऐसी प्रतिभाओं को सम्मानित करने का अवसर मिला है। वह स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे है। उन्होंने सामाजिक सरोकारों में मीडिया की सहभागिता की प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा यूरोप की यात्रा का उल्लेख करते हुए प्रदेश में बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश आने की जानकारी के संदर्भ में कार्यक्रम के दौरान देश भर के विद्वान और विचारकों की मध्यप्रदेश के विकास के संबंध में बौद्धिक और वैचारिक विचारों को साझा किए जाने को प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के प्रयासों की गति को और अधिक बढ़ाने में सहयोगी होने की पहल बताया। राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त वाइस एडमिरल विमल वर्मा, पद्मनृत्य गुरु डॉ. पुरू दाधीच, प्रसिद्ध टीवी एंकर सुमित अवस्थी, वस्त्र उद्योग उद्यमी गौतम कोठारी, फिल्म और नाटक के अभिनेता शरद सक्सेना, शिक्षाविद् डॉ. एस.पी. गौतम, एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही श्रीमती ज्योति रात्रे, रंगमंच कलाकार वरिष्ठ अभिनेता राजीव वर्मा और प्रसिद्ध साहित्यकार लेखक डॉ. रमेश निर्मल को मध्यप्रदेश रत्न अवॉर्ड प्रदान किए। राज्यपाल ने मध्यप्रदेश प्रतिभा अवॉर्ड से भारतीय सेना के मेजर अनिकेत चतुर्वेदी, महर्षि विश्वविद्यालय के प्रमुख ब्रह्मचारी गिरीश वर्मा, ब्यूरो चीफ ए.एन.आई. न्यूज एजेंसी संदीप कुमार सिंह, समाज सेवी शिक्षाविद् जय नारायण चौकसे, कार्यकारी वाइस चेयरमैन आईसेक्ट समूह सिद्धार्थ चतुर्वेदी, उद्योगपति रोहित गोविंद सोमानी, समाज सेवी शिक्षाविद् डॉ. डेविश जैन, सीनियर कॉरेस्पोंडेंट दैनिक समाचार पत्र, पत्रिका दीपेश अवस्थी, युवा प्रतिभावान लेखक दिव्यांश व्यास और सुमेघा दीक्षित को सम्मानित किया। आभार प्रदर्शन प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने किया।   recent visitors 66

दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल

व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट दिव्य शक्तियों का प्रदर्शन- राज्यपाल पटेल  खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल – राज्यपाल पटेल  दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना -राज्यपाल राज्यपाल ने टूर्नामेंट का किया शुभारंभ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि दिव्य शक्तियों के दर्शन और प्रदर्शन का अवसर व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट हैं। खेल के दौरान दिव्यांग जन की दिव्य शक्तियों को प्रदर्शन का अवसर देना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ी अपनी शारीरिक चुनौतियों के साथ कैसे बैटिंग करते है। बॉलिंग करते है। फील्डिंग करते देखना दिव्यता का साक्षात्कार करना है।उन लोगों को जो मामूली शारीरिक मानसिक चुनौतियों से निराश हो जाते है। उन्हें नई प्रेरणा और उत्साह मिलेगा। राज्यपाल पटेल उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर डे एण्ड नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग,सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय श्रीमती सोनाली वायंगणकर पोक्षे, आयुक्त रामाराव भोसले एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। प्रतियोगिता का आयोजन ओल्ड कैंपियन ग्राउंड मे किया गया था। खेलते रहने वाला ही होता है विजेता राज्यपाल पटेल ने कहा कि जीवन की सच्चाई है कि निरंतर प्रयास से ही परिणाम मिलते है। हारना-जीतना उतना मायने नहीं रखता है जितना निरंतर खेलते रहना। निरंतर खेलते रहने वाले ही विजेता होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उत्साह और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि खेल भावना से खेलते रहना ही विजेता बनने का तरीका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब वर्ष 2000 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे। तभी से वे खेल और खिलाड़ियों के उन्नयन के लिए कार्य कर रहें है। देश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रति नया वातावरण निर्मित हुआ है। इसी तरह मोदी ने दिव्यांगजन की शक्तियों को उन्नति और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए है। इसी क्रम में जनवरी माह में युवाओं का सम्मेलन हो रहा है, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से चयनित युवा शामिल होंगे। उन्होंने प्रतियोगिताओं के खिलाड़ियों और उपस्थित युवाओं आह्वान किया कि वह इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर सम्मेलन में शामिल होने का प्रयास करें। राज्यपाल नियत अवधि से कार्यक्रम में आधे घन्टे अधिक रहे राज्यपाल पटेल अस्थिबाधित महिला एवं पुरुष व्हील चेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में नियत अवधि से आधे घन्टे अधिक समय तक उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच में छत्तीसगढ़ की पुरूष टीम की बैटिंग के नियत 10 ओवरों में से छह ओवर तक के खेल का अवलोकन किया। खिलाड़ियों के मनोबल का उत्साह वर्धन किया। इससे पूर्व राज्यपाल पटेल ने क्रिकेट खेलकर खिलाड़ियों में जोश का संचार किया। प्रत्येक टीम के खिलाड़ियो के पास पहुंचकर उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें उत्साहित किया। खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों के जज्बे को सलाम किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने दिखाया है कि जीतता वही है, जिसमें ज़िद और जज्बा होता। उन्होंने प्रतियोगिता आयोजकों को प्रतिवर्ष प्रतियोगिता में कुछ नया करने के प्रयासों की सराहना की। कहा कि सुखद है कि हर वर्ष जो नया किया जाता है वह भी किसी से कम नहीं होता है। यह बड़ी बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया, जिन्होंने दिव्यांग-जनों के लिए संवेदनशीलता के साथ विकास और उन्नयन के कार्य किए है। साथ ही उनकी मानसिक और शारीरिक दिव्यता को उजागर किया है। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल पटेल के पालक भाव से अभिभूत होने की बात कही। राज्यपाल का सामाजिक सरोकारों में आगे रहने को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि सिकल सेल रोग उन्‍मूलन प्रयासों को आंदोलन का रूप राज्यपाल के प्रयासों से ही मिला है। सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन कल्याण प्रयासों को व्यापक स्तर पर संचालित कर रही है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग जन के लिए विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं ग्वालियर में आयोजित की गई। इससे पूर्व ग्वालियर में ही दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। उन्होंने बताया कि पैरा ओलम्पिक में मेडल विजेता दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रदेश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी की संस्थापक श्रीमती दीप्ती पटवा ने प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। बताया कि प्रतियोगिता में आठ राज्यों की दस टीमें शामिल हुई है। प्रतियोगिता में 180 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले रहे है। कार्यक्रम में निर्मला उपाध्याय के संयोजन में दिव्यांग बच्चों ने गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन और मैच की कॉमेन्ट्री विकास ने की।   recent visitors 67

मंत्री पटेल ने भविष्य के प्रयासों में निरंतर सफलता के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव को सेवानिवृत्ति पर विदाई एवं स्वस्थ जीवन के लिये शुभकामनाएं दी। मंत्री पटेल शुक्रवार को एसीएस श्रीवास्तव की सेवानिवृत्ति के अवसर पर विकास भवन ऑडिटोरियम ने आयोजित विदाई समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि श्रीवास्तव द्वारा सेवाकाल में की गई कड़ी मेहनत और समयबद्धता सराहनीय है। उन्होंने श्रीवास्तव के कार्यकाल की विशिष्ट उपलब्धियों का जिक्र किया और भविष्य के प्रयासों में निरंतर सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने अपने कार्य अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हर विषय का गहन अध्ययन कर कार्य को प्रधानता देते हुए अपने शासकीय सेवा का निर्वहन किया। सभी से सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक रवैया रखा। उन्होंने इस अवसर पर समस्त स्टॉफ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में श्रीवास्तव के शासकीय जीवन की यात्रा पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया और अतिरिक्त संचालक पीसी शर्मा द्वारा लिखित और राजू राव द्वारा गाये गीत "मलय सर आप बहुत याद आओगे" को सुनाया गया। विभिन्न अधिकारियों ने श्रीवास्तव के साथ अपने कार्य अनुभव सांझा किए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरआरडीए दीपक आर्य, आयुक्त मनरेगा अवि प्रसाद, डायरेक्टर वाल्मी श्रीमती सरिता बाला, उपसचिव राकेश कुशरे सहित विभागीय अधिकारी/कर्मचारी और अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव के परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम उपरांत संयुक्त आयुक्त अनिल कोचर ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम आयोजन में उपायुक्त राजीव खरे, नरेश रावत और चंद्रभान राही का विशेष सहयोग रहा।   recent visitors 62