पीएम मोदी ने कुवैत का निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक किया स्वीकार, जल्द ही जा सकते ही इस ‘ऐतिहासिक’ यात्रा पर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहयोग और साझेदारी को बढ़ाते हुए जल्द ही कुवैत की यात्रा कर सकते हैं। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस प्रमुख पश्चिम एशियाई देश की पहली यात्रा होगी। इस समय खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की अध्यक्षता भी कुवैत के पास ही है। पिछले हफ्ते कुवैत के विदेश मंत्री अब्दुल्ला अली अल-याह्या ने अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने कुवैत नेतृत्व की ओर से प्रधानमंत्री को 'शीघ्रतम अवसर मिलने पर' देश की यात्रा करने का निमंत्रण दिया था। पीएम मोदी ने निमंत्रण को विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लिया था। कुवैत एकमात्र जीसीसी सदस्य देश है जहां पीएम मोदी ने 2014 में पदभार संभालने के बाद से अब तक दौरा नहीं किया है। कोविड महामारी के कारण 2022 में प्रस्तावित यात्रा स्थगित कर दी गई थी। जीसीसी में कुवैत के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान और कतर भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सितंबर में, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से मुलाकात की थी। यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। पिछले सप्ताह, भारत की यात्रा पर आए कुवैत के विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया था कि कुवैत की जीसीसी की वर्तमान अध्यक्षता के अंतर्गत भारत और खाड़ी सहयोग परिषद के बीच घनिष्ठ सहयोग और मजबूत होगा। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र वापसी के लिए समर्थन व्यक्त किया था। उन्होंने कुवैत में रहने वाले दस लाख भारतीयों की देखभाल के लिए कुवैत के नेतृत्व को धन्यवाद दिया। recent visitors 60

प्रधानमंत्री मोदी 13 दिसंबर को प्रयागराज आएंगे, महाकुम्भ से जुड़ी परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

प्रयागराज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महाकुंभ 2025 की तैयारियों का जायजा लेने और परियोजनाओं का लोकार्पण करने 13 दिसंबर को महाकुंभनगर और प्रयागराज आ रहे हैं। यहां पर पीएम मोदी सात हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। साथ ही संगम तट पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके लिए जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए जा रहे है। सीएम योगी करेंगे समीक्षा बता दें कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विमान से एयर रूट रिहर्सल किया गया। उधर, पांच दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री योगी दूसरी बार प्रयागराज पहुंच रहे हैं।11 दिसंबर को वह महाकुंभ से जुड़े कार्यों की एक बार फिर से समीक्षा और निरीक्षण करेंगे। खासतौर पर मुख्यमंत्री बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट कॉरिडोर पहुंचेंगे, जहां 13 को प्रधानमंत्री को भी जाना है। जोर-शोर से चल रही तैयारियां प्रधानमंत्री के प्रयागराज दौरे को लेकर सभी विभाग और अधिकारी पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं। नगर निगम की ओर से स्ट्रीट लाइटिंग और थीमेटिक लाइटिंग का कार्य किया जा रहा है। विद्युत विभाग की ओर से सभी पावर केबल्स को बिछाने का काम भी तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। पीएम की जनसभा के लिए संगम तट पर भव्य पंडाल तैयार हो गया है। साथ ही इसका ले-आउट भी फाइनल हो गया है। विशाल पंडाल में करीब 40 ब्लाक बनाए गए हैं, जिसमें वीआईपी समेत अलग-अलग करीब 20 हजार व्यक्तियों के लिए व्यवस्था की जा रही है, हालांकि भाजपा नेताओं की ओर से दो लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। recent visitors 56

‘चुनौतियों से टकराने का नाम है राजस्थान’, ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में पीएम मोदी शामिल

 जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर में 9 से 11 दिसंबर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन किया।राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "राजस्थान की विकास यात्रा में आज एक और अहम दिन है। देश और दुनिया से बड़ी संख्या में प्रतिनिधी और निवेशक यहां पधारे हैं। यहां उद्योग जगत के भी अनेक साथी मौजूद हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में आप सभी का अभिनंदन है। मैं राजस्थान की भाजपा सरकार को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई दूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज दुनिया का हर एक्सपर्ट, हर इन्वेस्टर भारत को लेकर बहुत ही उत्साहित है। रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए भारत ने जो विकास किया है, वो हर क्षेत्र में नजर आ रहा है। आजादी के बाद, सात दशक में भारत, दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन पाया था, जबकि पिछले 10 वर्ष में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था से दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। पीएम मोदी ने कहा डेमोक्रेटिक रहते हुए मानवता का कल्याण, भारत का मूल चरित्र है। आज भारत की जनता अपने डेमोक्रेटिक हक के माध्यम से भारत में स्थिर सरकार के लिए वोट कर रही है। भारत के इस पुरातन संस्कार को हमारी युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है। आने वाले अनेक वर्षों तक भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में रहने वाला है। भारत में युवाओं का सबसे बड़ा पुल होने के साथ ही सबसे बड़ा स्किल्ड युवा वर्ग भी होगा। इसके लिए सरकार एक के बाद एक कई फैसले ले रही है। recent visitors 60

मुंबई पुलिस को मिले व्हाट्सएप मैसेज से खलबली, पीएम मोदी को बम से उड़ाने की धमकी, जांच शुरू

मुंबई मुंबई पुलिस को आज प्रधानमंत्री मोदी को जान से मारने की धमकी भरा मैसेज मिला। मुंबई ट्रैफिक पुलिस की हेल्पलाइन पर आए इस मैसेज में लिखा गया था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के दो एजेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बम से उड़ाने की साजिश रच रहे हैं। मैसेज मिलते ही मुंबई पुलिस टीम अलर्ट हो गई। धमकी भरे संदेश पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस नंबर से यह मैसेज मिला था हमने उसकी जांच की थी। हमें पता चला कि यह नंबर अजमेर राजस्थान से संबंधित है। संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने के लिए हमारी एक टीम तुरंत राजस्थान के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमारी ट्रैफिक कंट्रोल टीम की हेल्पलाइन पर सुबह तड़के ही धमकी भरा यह मैसेज मिला था। इस मैसेज में आईएसआई के दो एजेंटों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश के बारे में बताया गया था। इस संदेश की मानें तो दोनों एजेंट पीएम मोदी को बम से उड़ाने की साजिश बना रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि धमकी देने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान या फिर शराब के नशे में हो सकता है। इस मामले में अभी जांच चल रही है। हालांकि उक्त व्यक्ति के खिलाफ संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मुंबई पुलिस की हेल्पलाइन पर पहले भी इस तरह की धमकी भरे फोन और मैसेज आ चुके हैं। सलमान खान को भी आ चुके हैं धमकी भरे मैसेज पिछले दस दिनों में मुंबई पुलिस के पास एक्टर सलमान खान को जान से मारने के 2 मैसेज आ चुके हैं। हालिया मैसेज कल आया था, जिसमें कहा गया था कि अगर सलमान खान जिंदा रहना चाहता है तो बिश्नोई समाज के मंदिर में जाकर माफी मांग ले और साथ ही समाज के लिए वहां 5 करोड़ रुपये का दान करे। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो उसे हम जल्दी ही खत्म कर देंगे। विश्नोई गैंग अभी भी एक्टिव है। सलमान खान को लेकर पहले भी बिश्नोई गैंग की तरफ से धमकियां मिल चुकी है। धमकियों को लेकर सीनियर ऑफिसर ने बताया कि धमकियां ज्यादा गंभीर नहीं है लेकिन फिर भी हम इन्हें नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमारी टीम ने एक्टर की सिक्योरिटी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम की टीम मैसेज को ट्रेस करने की कोशिश में लगी हुई है। हम यह भी पता कर रहे हैं कि मैसेज भेजने वाला व्यक्ति सच में बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है या फिर बस ऐसे ही मजाक में उसने मैसेज भेज दिया। recent visitors 57

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर से एक दिसंबर तक ओडिशा में भुवनेश्वर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति में दी गई है। विज्ञप्ति के अनुसार यह सम्मेलन आज शुरू हो रहा है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, तटीय सुरक्षा, नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स सहित राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण घटकों पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह सम्मेलन देश के वरिष्ठ पुलिस पेशेवरों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों और साथ ही भारत में पुलिस के सामने आने वाली विभिन्न परिचालन, ढांचागत और कल्याण संबंधी समस्याओं पर स्वतंत्र रूप से चर्चा तथा बहस करने के लिए एक संवाद-मंच प्रदान करेगा। इसके विचार-विमर्श में आंतरिक सुरक्षा खतरों के अलावा अपराध नियंत्रण और कानून एवं व्यवस्था प्रबंधन से संबंधित चुनौतियों से निपटने में पेशेवर प्रथाओं और प्रक्रियाओं को तैयार करना और साझा करना शामिल होगा। सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, राज्य मंत्री (गृह मामले), राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख सहित अन्य लोग भाग लेंगे।   recent visitors 71

पीएम मोदी ने गोंदिया सड़क हादसे पर जताया दुख, स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा

नई दिल्ली महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। साथ ही उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों और घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है। पीएम मोदी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता कर रहा है। गोंदिया में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसे में एक बस पलट जाने के कारण 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा गोंदिया-कोहमारा राज्य महामार्ग पर ग्राम खजरी के पास हुआ। पीएम मोदी के कार्यालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार को पोस्ट किया, ''महाराष्ट्र के गोंदिया में बस दुर्घटना में लोगों की मृत्यु से व्यथित हूं। उन लोगों के प्रति संवेदना जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है।'' पोस्ट में आगे बताया गया, ''हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। '' इससे पहले महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे पर दुख जताया और पीड़ितों को 10 लाख रुपये की तत्काल सहायता देने की घोषणा की। गोंदिया सड़क हादसे पर प्रदेश के कार्यवाहक डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि गोंदिया जिले में सड़क अर्जुनी के पास एक शिवशाही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और कुछ यात्रियों की मृत्यु हो गई। मैं दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार का दुख साझा करते हैं। इस घटना में घायल हुए लोगों का अगर किसी निजी अस्पताल में इलाज कराना भी पड़े तो उन्हें तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है। मैंने गोंदिया के कलेक्टर से भी कहा है कि यदि आवश्यकता हो तो उन्हें नागपुर स्थानांतरित करने की व्यवस्था करें। मैं ईश्वर से इस घटना में घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।" recent visitors 98

पहली बार PM PM के सुरक्षा घेरे में दिखी महिला SPG कमांडर, वायरल हो रही तस्वीर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में कथित तौर पर शामिल एक महिला एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कमांडो की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने ऑनलाइन बहस को जन्म दे दिया है। जहां कुछ लोगों ने दावा किया कि यह पहली बार है जब किसी महिला कमांडो को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में देखा गया है। वहीं, अन्य ने बताया कि यह महिला कमांडो पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में भी देखी जा चुकी हैं। तस्वीर शेयर कर रहे भाजपा सांसद कई भाजपा सांसद इस तस्वीर को शेयर कर रहे हैं। मंडी से सांसद कंगना रनौत ने भी इसे अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है।केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात महिला SPG कमांडो की तस्वीर शेयर करते हुए उनकी बहादुरी और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने लिखा, "भारत की शान, नारी शक्ति की पहचान! SPG में ड्यूटी पर तैनात हमारी साहसी महिला सुरक्षा अधिकारी देश की सेवा और सुरक्षा में नया मानदंड स्थापित कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह नया भारत है, जहां महिलाएं आत्मनिर्भरता और ताकत की मिसाल बन रही हैं।” चिक्काबल्लापुरा से भाजपा के लोकसभा सांसद डॉक्टर के सुधाकर ने भी यही तस्वीर शेयर की है। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री की एसपीजी में महिला कमांडो! अग्निवीर से लेकर लड़ाकू पायलट तक, लड़ाकू पदों से लेकर प्रधानमंत्री की एसपीजी में कमांडो तक, सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और महिलाएं आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही हैं। महिलाओं को और अधिक शक्ति मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद।" पहले भी देखी जा चुकी हैं महिला SPG कमांडो इसके अलावा, कई अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया है कि ऐसा पहली बार है जब पीएम की सुरक्षा में कोई महिला SPG कमांडो तैनात है। ऐसा ही दावा सात साल पहले भी किया गया था जब एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में एक महिला कमांडो को देखा गया था। यानी ये साफ है कि महिला SPG कमांडे पहले भी पीएम मोदी के सुरक्षा घेरे में देखी जा चुकी हैं। जानकारी के अनुसार, एसपीजी ने 2013 से महिला कमांडो को अपने दस्ते में शामिल करना शुरू किया था, जिससे महिलाओं को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भागीदारी का अवसर मिला। कथित तौर पर यह तस्वीर संसद की है, जहां महिला एसपीजी कमांडो तैनात हैं। इन कमांडो को आम तौर पर महिला विजिटर्स की तलाशी लेने के लिए गेट पर तैनात किया जाता है और वे परिसर में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले लोगों की निगरानी करने में भी शामिल होती हैं। इसके अलावा, जब कोई महिला अतिथि प्रधानमंत्री से मिलती है, तो महिला एसपीजी अधिकारी ही सुरक्षा जांच, एस्कॉर्टिंग और प्रधानमंत्री तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। हालांकि जो तस्वीर वायरल हो रही है उसमें दिख रही महिला अधिकारी PM मोदी की सुरक्षा में नहीं राष्ट्रपति मुर्मू की सुरक्षा में तैनता थीं। बताया जा रहा है कि यह फोटो 26 नवंबर को उस वक्त की है जब राष्ट्रपति मुर्मू संसद को संबोधित करने जा रही थीं। 2015 से, महिलाओं को एसपीजी की क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) में भी शामिल किया गया है। यानी अब पीएम के सबसे करीबी सुरक्षा घेरे में भी महिला कमांडो तैनात होती हैं। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान, महिला एसपीजी कमांडो सुरक्षा दल का हिस्सा होती हैं। वर्तमान में, एसपीजी में कथित तौर पर करीब 100 महिला कमांडो हैं। पहली बार 2013 में महिला एसपीजी कमांडो को किसी उच्च-स्तरीय हस्ती की सुरक्षा में तैनात किया गया था। उस समय दो महिला कमांडो को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की सुरक्षा करते देखा गया था। महिला कमांडो की उपस्थिति प्रधानमंत्री की सुरक्षा के प्रति एसपीजी की व्यापक सोच और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाती है। यह कदम न केवल महिलाओं को समान अवसर प्रदान करता है, बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता करता है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप क्या है? स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत का एक बेहद खास और एलीट सुरक्षा बल है, जिसे देश के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, उनके निकट परिजन, और पूर्व प्रधानमंत्रियों को संभावित खतरों से सुरक्षित रखना है। एसपीजी की स्थापना 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी। इसे संसद द्वारा 1988 में पारित एसपीजी अधिनियम के तहत कानूनी मान्यता दी गई। इस अधिनियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रधानमंत्री और उनके परिवार को किसी भी आतंकी, विदेशी या अन्य खतरों से अत्यंत सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। एसपीजी के जवान भारतीय पुलिस सेवा (IPS), सशस्त्र बलों, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) से चुने जाते हैं। चयनित कर्मियों को कठोर ट्रेनिंग और हाई फिजिकल एवं मानसिक फिटनेस के मानदंडों को पूरा करना होता है। एसपीजी कर्मियों को हथियार संचालन, मार्शल आर्ट्स, भीड़ नियंत्रण, ड्राइविंग, और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। एसपीजी अत्याधुनिक हथियारों और संचार तकनीकों से लैस होता है। इसके अलावा, यह टीम बुलेटप्रूफ गाड़ियां, जैमर, और अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करती है। एसपीजी की कार्यप्रणाली अत्यंत गोपनीय होती है। इसके अभियान और रणनीतियां सार्वजनिक नहीं की जातीं। 2019 में, केंद्र सरकार ने एसपीजी अधिनियम में संशोधन किया, जिसके तहत एसपीजी सुरक्षा अब केवल मौजूदा प्रधानमंत्री और उनके परिवार तक सीमित कर दी गई। पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार को यह सुरक्षा केवल पांच साल तक दी जाती है, वह भी विशेष परिस्थितियों में। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तस्वीर वायरल होने के बाद लोगों ने इसे लेकर अपनी राय व्यक्त की। कुछ ने इसे "नारी शक्ति" का उदाहरण बताया, तो कुछ ने महिलाओं की भागीदारी को देश के सुरक्षा तंत्र की प्रगतिशीलता का प्रतीक कहा। एसपीजी, जो प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, देश के सबसे प्रतिष्ठित सुरक्षा दस्तों में से एक मानी जाती है। महिला कमांडो का इसमें योगदान भारत के सुरक्षा तंत्र में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त करता है। recent visitors … Read more