सिर्फ महारानी एलिजाबेथ को हासिल है ये गौरव, पीएम मोदी को नाइजीरिया सरकार ने सम्मान में दी अबुजा शहर की चाबी भेंट

अबुजा. नाइजीरिया सरकार के मंत्री ने पीएम मोदी को सम्मान स्वरूप अबुजा शहर की चाबी भेंट की। दरअसल यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। नाइजीरिया की सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने शीर्ष सम्मान द ग्रांड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर से सम्मानित करने का एलान किया है। पीएम मोदी से पहले सिर्फ ब्रिटेन की पूर्व महारानी क्वीन एलिजाबेथ को ही इस सम्मान से सम्मानित किया गया था। वहीं नाइजीरिया 17वां देश है, जो अपने शीर्ष सम्मान से पीएम मोदी को सम्मानित कर रहा है। चीन और नीदरलैंड के बाद नाइजीरिया, भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है। नाइजीरिया में कई गुजराती और सिंधी परिवार बसे हुए हैं। भारत के लिए अहम क्यों है नाइजीरिया नाइजीरिया में तेल और गैस के विशाल भंडार हैं, इस वजह से नाइजीरिया अफ्रीका के अहम देशों में से एक है। भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से भी नाइजीरिया अहम है। भारत ने नाइजीरिया के ऊर्जा, खनन, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश किया हुआ है और भारत की करीब 150 कंपनियां काम कर रही हैं, जिनका नाइजीरिया में करीब 27 अरब डॉलर का निवेश है। अपनी यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण में, मोदी राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर 19 से 21 नवंबर तक गुयाना का दौरा करेंगे। यह 50 वर्षों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली गुयाना यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी की यह पश्चिम अफ्रीकी देश नाइजीरिया की पहली यात्रा है। वे नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। नाइजीरिया से वे ब्राजील जाएंगे। ब्राजील में, वे ट्रोइका सदस्य के रूप में 19वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 18-19 नवंबर को रियो डी जेनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले नेताओं में शामिल होंगे। एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा कि, 'नाइजीरिया में मराठी समुदाय ने मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने पर खुशी जताई। यह वास्तव में सराहनीय है कि वे अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े हुए हैं।' गौरतलब है कि पिछले महीने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने वाली कई भाषाओं में से एक थी। नाइजीरिया के राष्ट्रपति टीनूबू ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि वह भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। हमारी द्विपक्षीय चर्चा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करना और अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। प्रधानमंत्री मोदी, नाइजीरिया में आपका स्वागत है। नाइजीरिया के राष्ट्रपति के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि 'धन्यवाद, राष्ट्रपति टीनूबू। थोड़ी देर पहले नाइजीरिया पहुंचा हूं। गर्मजोशी से भरे स्वागत के लिए आभारी हूं। मेरी कामना है कि यह यात्रा हमारे देशों के बीच द्विपक्षीय मित्रता को और गहरा बनाए।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में रविवार को अफ्रीकी देश नाइजीरिया पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी के विमान ने नाइजीरिया के अबुजा में लैंडिंग की, जहां नाइजीरिया सरकार के मंत्री न्येसोम एजेनवो वाइक ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। नाइजीरिया सरकार के मंत्री ने पीएम मोदी को सम्मान स्वरूप अबुजा शहर की चाबी भेंट की। दरअसल यह चाबी नाइजीरिया के लोगों द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दिखाए गए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। ""In Nigeria, the Marathi community expressed joy at Marathi being conferred the status of a Classical Language. It is truly commendable how they remain connected to their culture and roots. pic.twitter.com/hVDVykAGi2     — Narendra Modi (@narendramodi) November 16, 2024"" recent visitors 38

अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है: पीएम मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर चुनौती देते हुए कहा कि भारत अब बदल चुका है। आतंकवादी अब अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, विकास और उनकी सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, यह भारत की सुरक्षा में आई मजबूती का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई के 26/11 आतंकवादी हमले की रिपोर्टों का उल्लेख करते हुए कहा, "आज मैंने एक प्रदर्शनी में 26/11 के हमले से जुड़ी रिपोर्टें देखीं। उस समय आतंकवाद भारतवासियों के लिए एक बड़ा खतरा था और लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे।" उन्होंने यह भी कहा कि अब स्थितियां बदल चुकी हैं, "अब आतंकवादी अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं करते।" वोट-बैंक राजनीति से दूर, विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है और वोट-बैंक राजनीति से दूर रही है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है'लोगों के लिए, लोगों द्वारा विकास'। हम केवल जनहित की दिशा में काम कर रहे हैं।" भारत को विकसित बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य भारत को एक समृद्ध और विकसित राष्ट्र बनाना है। भारतीयों ने हमें अपना विश्वास दिया है और हम उस विश्वास को पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं।" उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए फैल रही गलत जानकारी और अफवाहों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार दृढ़ और अडिग है। युवाओं में जोखिम उठाने की क्षमता का विकास प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्वीकार किया कि स्वतंत्रता के बाद भारत में युवाओं में जोखिम उठाने की भावना का अभाव था, लेकिन पिछले 10 वर्षों में यह पूरी तरह से बदल चुका है। उन्होंने कहा, "आज भारत में 1.25 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं और हमारे युवा देश को गर्व महसूस कराने के लिए तत्पर हैं।" रोजगार सृजन में सरकार की योजनाएं प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की स्वच्छता और रोजगार सृजन योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "हमारे देश में शौचालय बनाने का अभियान शुरू किया गया था। यह योजना केवल स्वच्छता सुधारने में नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने में मददगार रही है। यह योजना सम्मान और सुरक्षा प्रदान करती है।" गैस कनेक्शन से लेकर टॉयलेट निर्माण तक प्रधानमंत्री मोदी ने एलपीजी गैस कनेक्शन के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "कभी गैस कनेक्शन सिर्फ एक सपना था। इस पर बहस होती थी। लेकिन हमारी सरकार ने हर घर में गैस कनेक्शन देने का कार्य प्राथमिकता से किया। 2014 में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे आज 30 करोड़ से अधिक गैस कनेक्शन हैं। अब कभी गैस की कमी की बात नहीं सुनाई देती।" प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उनकी सरकार ने देश को मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रौद्योगिकी-सक्षम राष्ट्र बनाने के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। आने वाले समय में इन योजनाओं का और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा। recent visitors 111

PM मोदी फिर 3 देशों के दौरे पर च , 56 साल बाद किसी प्रधानमंत्री की गुयाना यात्रा क्यों अहम

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16-21 नवंबर तक तीन देशों की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील भी जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी के कई नेताओं से मुलाकात की संभावना है। प्रधानमंत्री ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा द्वारा आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 18-19 नवंबर को रियो डी जेनेरियो का दौरा करेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ जी-20 ट्रोइका का हिस्सा है और जी-20 शिखर सम्मेलन की चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भारत का रुख सामने रखेंगे और पिछले दो वर्षों में 'भारत द्वारा आयोजित जी-20 नई दिल्ली लीडर्स डिक्लेरेशन' और 'वायस आफ द ग्लोबल साउथ समिट' के परिणामों पर चर्चा करेंगे। नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 16-17 नवंबर को नाइजीरिया की यात्रा पर जाएंगे। यह 17 वर्षों में भारत के प्रधानमंत्री की नाइजीरिया की पहली यात्रा होगी। इस दो दिवसीय दौरे में वह भारतीय समुदाय की एक सभा को भी संबोधित करेंगे। भारत और नाइजीरिया 2007 से ही रणनीतिक साझेदार हैं, जिनके बीच आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा सहयोग बढ़ रहा है। करीब 200 भारतीय कंपनियों ने नाइजीरिया में 27 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी 19 से 21 नवंबर तक गुयाना की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 1968 के बाद यहां की यह पहली यात्रा होगी। यह दौरा राष्ट्रपति मोहम्मद इरफ़ान अली के निमंत्रण पर हो रहा है। इस यात्रा पर मोदी अली के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। इसके अलावा वह गुयाना के वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे और संसद और प्रवासी भारतीयों की एक सभा को भी संबोधित करेंगे। गुयाना में रहते हुए मोदी जॉर्जटाउन में दूसरे कैरिकॉम-भारत शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे और इस क्षेत्र के साथ भारत के संबंधों को बढ़ाने के लिए कैरिकॉम के सदस्य देशों के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। बता दें कि 2023 में गुयाना के राष्ट्रपति अली मध्य प्रदेश में प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में भारत आए थे और उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया था। बड़ी बात यह है कि गुयाना में करीब 40 फीसदी आबादी भारतीयों की है। औपनिवेशिक काल में भारत और गुयाना दोनों ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा थे। बयान में कहा गया है कि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री भारत और नाइजीरिया के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे तथा द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा करेंगे। मोदी गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर 19-21 नवंबर तक गुयाना की राजकीय यात्रा करेंगे। गुयाना की यह यात्रा 1968 के बाद भारत के प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।   recent visitors 88

पीएम मोदी और धीरेंद्र शास्त्री के बीच मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया

नई दिल्ली बीजेपी सांसद अनिल बलूनी के दिल्ली स्थित आवास पर उत्तराखंड का इगास पर्व रात को मनाया गया. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वीवीआईपी लोग शामिल हुए. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. पीएम मोदी और धीरेंद्र शास्त्री के बीच मुलाकात भी हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने हाथ जोड़कर मुस्कराते हुए एक-दूसरे का अभिवादन किया. अनिल बलूनी के आवास पर मनाए गए इस पर्व में बाबा रामदेव, जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधेशानंद जी महाराज, बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री समेत अन्य संत भी पहुंचे थे. इसके अलावा देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. PM मोदी ने उत्तराखंडवासियों को दी बधाई   प्रधानमंत्री मोदी ने भी इगास पर्व के लिए उत्तराखंड के लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा, "दिल्ली में आज मुझे भी उत्तराखंड से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी जी के यहां इस त्योहार में शामिल होने का सौभाग्य मिला. मेरी कामना है कि यह पर्व हर किसी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाए."   अनिल बलूनी ने PM मोदी को कहा शुक्रिया उत्तराखंड के इस पर्व में शामिल होने के लिए गढ़वाल से बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी दिग्गजों का आभार जताया. उन्होंने पीएम का आभार जताते हुए कहा कि हम उत्तराखंडवासियों के लिए आज का दिन बहुत विशेष है. मेरे दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित इगास के कार्यक्रम को आपकी उपस्थिति ने विराट भव्यता ही नहीं दी, बल्कि लगभग लुप्त हो चुके हमारे इस लोकपर्व के आयोजन को नई पहचान भी दी. दीपावली के बाद उत्तराखंड में मनाया जाता है इगास बग्वाल उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में दीपावली के ठीक 11 दिन बाद एक पर्व मनाया जाता है, जिसे इगास बग्वाल कहा जाता है. इगास बग्वाल न सिर्फ उत्तराखंड का पारंपरिक पर्व है, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति का प्रतीक भी है. उत्तराखंड में इगास बग्वाल को मनाने की पीछे एक कहानी काफी प्रचलित है. ऐसा कहा जाता है कि गढ़वाल में भगवान श्रीराम के वनवास के बाद अयोध्या लौटने का समाचार देरी से पहुंचा था और पहाड़ में लोगों ने तभी दीपावली मनाई थी. ये त्योहार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है. इसकी दूसरी पहचान बूढ़ी दीपावली के नाम से भी है. इगास पर्व में मुख्य आकर्षण का केंद्र मशाल होती है. इसमें चीड़ की लकड़ी से बनी मशाल जलाई जाती है. जिसे भैलो कहा जाता है. इस दौरान लोग गीतों और नृत्य का आनंद लेते हैं. recent visitors 105

PM मोदी ने चिमूर में कहा- हमने 370 को खत्म किया, कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह जोड़ा

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में दोनों गठबंधन कोई भी कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के चिमूर में जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.  उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अघाड़ी वाले देश को पीछे करने का, देश को कमजोर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते. उन्होंने कहा कि ये लोग वो काम कर रहे हैं जो पाकिस्तान चाहता है. धारा 370 को लेकर साधा निशाना PM मोदी ने कहा, "हमने 370 को खत्म किया.कश्मीर को भारत और भारत के संविधान से पूरी तरह जोड़ा.लेकिन कांग्रेस और उसके साथी कश्मीर में फिर से 370 लागू करने के लिए प्रस्ताव पास कर रहे हैं.ये लोग वो काम कर रहे हैं जो पाकिस्तान चाहता है." उन्होंने आगे कहा, "हमारा जम्मू-कश्मीर दशकों तक अलगाववाद और आतंकवाद में जलता रहा.महाराष्ट्र के कितने ही वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते करते जम्मू-कश्मीर की धरती पर शहीद हो गए.जिस कानून की आड़ में, जिस धारा की आड़ में ये सब हुआ, वो धारा थी 370. ये धारा 370 कांग्रेस की देन थी. 'नक्सलवाद पर लगाई लगाम' कांग्रेस और उसके साथियों ने आपको सिर्फ और सिर्फ खूनी खेल दिए हैं. ये हमारी सरकार है जिसने नक्सलवाद पर लगाम लगाई है. आज ये पूरा क्षेत्र खुलकर सांस ले पा रहा है. अब चिमूर और गढ़ चिरौली के क्षेत्र में नए अवसर बन रहे हैं. इस क्षेत्र में नक्सलवाद फिर से हावी न हो जाए, इसके लिए आपको कांग्रेस और उसके साथियों को यहां फटकने भी नहीं देना है. उन्होंने आगे कहा, "हमारे चंद्रपुर के इस क्षेत्र ने भी दशकों तक नक्सलवाद की आग को झेला है. यहां नक्सलवाद के कुचक्र में कितने ही युवाओं का जीवन बर्बाद हो गया. हिंसा का खूनी खेल चलता रहा, औधोगिक संभावनाओं ने यहां दम तोड़ दिया. 'आदिवासी समुदाय को बंटाना चाहती है कांग्रेस' PM मोदी ने कहा,  "भाजपा और महायुति सरकार  'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र को लेकर काम कर रही है. मैं गरीब के जीवन की मुश्किलों को समझता हूं, इसलिए आपका जीवन आसान बनाने के लिए मैं दिनरात काम करता हूं." PM मोदी ने आगे कहा, "आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं. हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10% के आसपास है. कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए." 'किसानों को बनाना है समृद्ध' PM मोदी ने कहा,  "हमें महाराष्ट्र को समृद्ध बनाने के लिए हमारे किसानों को समृद्ध बनाना है. आज यहां किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा मिल रहा है. महायुति सरकार साथ में नमो शेतकरी योजना का डबल फायदा भी दे रही है." आरक्षण से चिढ़ती है कांग्रेस PM मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "अगर आप एक नहीं रहे, आपकी एकजुटता टूटी, तो सबसे पहले कांग्रेस आपका आरक्षण छीन लेगी. कांग्रेस के शाही परिवार की हमेशा से मानसिकता रही है कि वो इस देश वे राज करने के लिए ही पैदा हुआ है. आजादी के बाद इसलिए ही कांग्रेस ने दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को आगे नहीं बढ़ने दिया. कांग्रेस आरक्षण से चिढ़ती है. 'हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे' PM मोदी ने कहा, "आज मैं आपको कांग्रेस और उसके साथियों की एक बड़ी साजिश से भी सावधान कर रहा हूं. हमारे देश में आदिवासी समाज की जनसंख्या करीब 10% के आसपास है.कांग्रेस अब आदिवासी समाज को जातियों में बांटकर कमजोर करना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि हमारे आदिवासी भाई ST के रूप में अपनी पहचान खो दें, उनकी ताकत से उनकी जो पहचान बनी है वो बिखर जाए." उन्होंने आगे कहा, "आपकी एकता टूट जाए, ये कांग्रेस का खतरनाक खेल है. आदिवासी समाज जातियों में बटेगा, तो उसकी पहचान और ताकत खत्म हो जाएगी.कांग्रेस के शहजादे विदेश में जाकर खुद ये ऐलान कर चुके हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि हमें कांग्रेस के इस षड्यंत्र का शिकार नहीं होना है, हमें एकजुट रहना है. इसलिए मेरा आपसे आग्रह है: हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे."   recent visitors 71

विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है, पीएम मोदी ने की सराहना

नई दिल्ली कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 31 अक्टूबर, 2024 को समाप्त हुए विशेष अभियान 4.0 के कार्यान्वयन चरण के सफल समापन की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 2021-24 तक चलाए गए विशेष अभियानों ने स्क्रैप के निपटान के जरिए 2,364 करोड़ रुपये का राजस्व पैदा किया है। पीएम मोदी ने भी इन नतीजों की सराहना की है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 स्वच्छता को संस्थागत बनाने और सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान था और इसने कई बेहतरीन प्रथाएं और उपलब्धियां देखी हैं। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर, स्वच्छता और लंबित मामलों को कम करने के लिए 'विशेष अभियान 4.0' में संतृप्ति दृष्टिकोण को अपनाया गया और देश के दूरदराज के हिस्सों में 5.97 लाख से अधिक कार्यालयों को कवर किया गया। जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए भी जानकारी दी, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, विशेष अभियान 4.0, जो कि अपने प्रकार का भारत का सबसे बड़ा अभियान है, ने कई महत्वपूर्ण परिणाम हासिल किए हैं। 2021 से कबाड़ को हटाकर राज्य कोष में लगभग 2,364 करोड़ रुपये जोड़े गए हैं।" पीएम मोदी ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "सही प्रबंधन और सक्रिय कदमों पर ध्यान देकर इस प्रयास ने बेहतरीन नतीजे हासिल किए हैं। यह दिखाता है कि मिलकर किए गए प्रयास स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जिससे साफ-सफाई और आर्थिक बचत दोनों को बढ़ावा मिलता है।" जितेंद्र सिंह ने बताया कि विशेष अभियान 4.0 ने 2-31 अक्टूबर, 2024 की अवधि में 650 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया। विशेष अभियान 4.0 के तहत 5.97 लाख से अधिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और इसके परिणामस्वरूप कार्यालय उपयोग के लिए 190 लाख वर्ग फुट जगह खाली हुई। हर साल के साथ विशेष अभियान का आकार और पैमाना बढ़ता जा रहा है। विशेष अभियान 4.0 की समीक्षा कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों और केन्द्र सरकार के सचिवों द्वारा की गई और इन्होंने कार्यान्वयन के मामले में नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान किया गया। पोर्टल पर मंत्रालयों द्वारा रिपोर्ट किये गए अभियान के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के परिणाम निम्नलिखित हैं: स्वच्छता अभियान स्थल (लाख में)- 5.97 अर्जित राजस्व (करोड़ रुपए में)- 650.10 मुक्त स्थान (लाख वर्ग फीट)- 190 रिकॉर्ड प्रबंधन फाइलों की समीक्षा की गई (भौतिक फाइलें + ई-फाइलें) (लाखों में)- 45.10 रिकॉर्ड प्रबंधन (भौतिक फाइलें हटाई गईं + ई-फाइलें बंद की गईं) (लाखों में)- 25.19 लोक शिकायतें + निपटाई गई अपीलें (लाखों में)- 5.55 recent visitors 73

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के धुले में कहा-दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर में आर्टिकल 370 की वापसी नहीं करा सकती

धुले जम्मू-कश्मीर विधानसभा में अनुच्छेद 370 को लेकर मचे कोहराम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के धुले में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में केवल बाबा साहेब अंबेडकर का ही संविधान चलेगा। दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर में आर्टिकल 370 की वापसी नहीं करा सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और इंडी ब्लॉक वालों को जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का मौका मिला, वो कश्मीर को लेकर फिर से नई साजिशें करने लगे हैं। दो- तीन दिन पहले आपने टीवी में देखा होगा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में क्या कुछ हुआ। कांग्रेस-एनसी गठबंधन ने वहां फिर से आर्टिकल 370 लागू करने का प्रस्ताव पारित किया है। क्या ये देश स्वीकार करेगा। कश्मीर को तोड़ने का कांग्रेस का ये कारनामा आपको मंजूर है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि आर्टिकल 370 के समर्थन में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बैनर लहराए गए। जब भाजपा के विधायकों ने जी जान से उसका विरोध किया, उन्हें उठा-उठाकर के सदन के बाहर फेंक दिया गया। कांग्रेस और उनके सहयोगी की ये घिनौनी सच्चाई पूरे देश और महाराष्ट्र को समझनी होगी। कांग्रेस-एनसी गठबंधन एक तरफ जम्मू-कश्मीर से भारत के संविधान हटाने का प्रस्ताव पास करता है। कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में बाबा साहेब का संविधान नहीं चाहती है। कांग्रेस गठबंधन महाराष्ट्र में आकर संविधान की झूठी किताब लहराती है। पीएम मोदी ने कहा कांग्रेस और महाविकास अघाड़ी वालों से कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान के एजेंडे को देश में बढ़ावा देने की कोशिश मत करो। कश्मीर को लेकर अलगावादियों की भाषा मत बोलो। याद रखो तुम्हारे मंसूबे कामयाब नहीं होंगे और जब तक मोदी पर जनता जर्नादन का आशीर्वाद है, कांग्रेस वाले कश्मीर में कुछ नहीं कर पाएंगे। कश्मीर पर केवल बाबा साहेब अंबेडकर का ही संविधान चलेगा। ये मोदी का फैसला है, दुनिया की कोई भी ताकत कश्मीर में आर्टिकल 370 की वापसी नहीं करा सकती है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय बाबा साहेब दलितों और वंचितों के लिए आरक्षण चाहते थे। लेकिन, नेहरू जी इस बात पर अड़े थे किसी भी कीमत पर दलितों, पिछड़ों और वंचितों को आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। बहुत मुश्किल से बाबा साहेब दलितों और आदिवासियों के लिए आरक्षण का प्रावधान कर पाए थे। नेहरू जी के बाद इंदिरा जी आईं और उन्होंने भी आरक्षण के खिलाफ ऐसा ही रवैया जारी रखा था। ये लोग चाहते थे कि एससी, एसटी,ओबीसी हमेशा कमजोर रहे। इंदिरा जी के बाद राजीव गांधी ने भी ओबीसी आरक्षण का खुलकर विरोध किया था। ये लोग जानते थे कि एससी,एसटी और ओबीसी मजबूत हो गए तो उनकी राजनीति की दुकान का शटर गिर जाएगा। राजीव गांधी के बाद अब इस परिवार की चौथी पीढ़ी, इनका युवराज इसी खतरनाक भावना के साथ काम कर रहे हैं। कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा है, किसी भी तरह एससी, एसटी समाज की एकता को तोड़ें, ओबीसी समाज की एकता को चकनाचूर कर दें। कांग्रेस चाहती है कि एससी समाज अलग-अलग जातियों में बिखरा रहे, ताकि एससी समाज की सामूहिक शक्ति कमजोर पड़ जाए। कांग्रेस ओबीसी और एसटी समाज को भी अलग-अलग जातियों में बांटने की कोशिश कर रही है। recent visitors 131