टीआई पर 15 वर्षीय नाबालिग से रेप का आरोप, एसपी ने जांच टीम गठित की, थाना प्रभारी ने खुद के खिलाफ साजिश बताया

रीवा  रीवा में एक महिला ने दो पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि घर की तलाशी लेने के बहाने दो पुलिसकर्मियों ने उसकी नाबालिग बेटी का रेप किया। हालांकि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगा है उनका कहना है कि उन्हें फंसाने की साजिश रची जा रही है। तलाशी के बहाने घर में घुसे: महिला का आरोप रीवा में गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी और वर्तमान में सामान थाना प्रभारी विकास कपीस और एक अन्य पुलिसकर्मी पर एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के साथ रेप का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर मामले की शिकायत की है। आरोप लगाया है कि 12 जून को थाना प्रभारी और एक पुलिसकर्मी तलाशी के बहाने उसके घर में घुसकर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिए हैं। घर में गोला बारूद है, कहकर घुसे: महिला महिला ने आरोप लगाया है कि विकास कपीस जब गढ़ थाने में थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ थे, उस दौरान 12 जून को उन्होंने मेरे परिवार के कई पुरुषों को पकड़कर मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया था। वो अपनी पूरी टीम के साथ रात को मेरे घर आए और बोले कि आप के घर में गोला बारूद है। आपके घर की तलाशी लेनी पड़ेगी। वो जबरदस्ती मेरे घर में घुस गए और मेरी मासूम बेटी के साथ उन्होंने और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया है। शर्म के मारे नहीं की पहले शिकायत महिला ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग बेहद डरे हुए थे। जब हमारे परिवार के पुरुष जेल से छूट कर बाहर आए, उसके बाद 15 दिन तक हम लोगों ने शर्म के यह बात छिपाकर रखी। फिर घर के लोगों को यह बात बताई। तब पूरे परिवार ने तय किया कि हम पुलिस अधीक्षक के पास जाकर शिकायत करेंगे। इसके बाद महिला ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह से की है और कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत फंसाया जा रहा: पुलिस गढ़ थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी विकास कपीस वर्तमान में रीवा के सामान थाना प्रभारी हैं। डेढ़ माह पूर्व ही गढ़ से रीवा सामान थाने ट्रांसफर हुआ है। थाना प्रभारी ने लगाए जा रहे आरोपों को साजिश बताया है। उन्होंने कहा की 12 जून को गढ़ थाना की पुलिस टीम टिकुरी गांव में गई थी। जहां आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी थी। जब पुलिस टीम आरोपियों को गिरफ्तार कर ला रही थी उसी समय महेश साकेत और अन्य गिरफ्तार हुए आरोपी को छुड़ाने की कोशिश करने लगे। पुलिस के साथ हाथापाई भी की गई। जिसके बाद थाना प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। उस दौरान महेश साकेत अपने अन्य साथी छोटेलाल साकेत, विमलेश साकेत और सूर्यभान जायसवाल के साथ गुंडागर्दी करता हुआ मिला। तीन थाने के टीम के एक साथ पहुंचने का बाद भी पुलिस के साथ हाथापाई की गई। पुलिस की वर्दी तक फाड़ दी गई। हमने मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया। यह महिला उन्हीं के परिवार की है जो साजिश के तहत फंसाने का प्रयास कर रही है। इस पूरे मामले को लेकर एसपी विवेक सिंह का कहना है कि महिला ने टीआई और अन्य पर नाबालिग के साथ रेप का आरोप लगाया है। जब मामले को देखा गया तो निकलकर सामने आया कि इस दिन गढ़ थाने की टीम कुछ आरोपियों को पकड़ने गई थी। जहां आरोपियों ने टीआई और पुलिस टीम के साथ मारपीट की थी। एसपी कार्यालय में जो महिला शिकायत लेकर पहुंची है वो आरोपी पक्ष से है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि पुलिस पर दबाव डालने के लिए ऐसा कर रही है। इसलिए अगर शिकायत गलत पाई गई तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत पर जांच कराई जा रही है। recent visitors 87

मध्यप्रदेश में अब पुलिस सिर्फ राज्यपाल को ही देगी सलामी, सीएम-मंत्रियों को नहीं

भोपाल मध्यप्रदेश में अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही परंपरा को खत्म करते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पुलिस विभाग के जरिए दी जाने वाली सलामी परेड को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। पुलिस विभाग(MP Police) द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है की, ‘सलामी अंग्रेजों की याद दिलाती है।’ बता दें कि पुलिस विभाग द्वारा जारी इस आदेश का कड़ाई से पालन करवाने के लिए भी फरमान जारी कर दिया गया है। खत्म हुई पुरानी परंपरा मध्य प्रदेश(MP Police) में लंबे समय से पुलिस प्रदेश के सीएम और मंत्रियों के लिए सलामी परेड(MP Police will not Salute CM) करती आ रही थी। अब इस व्यवस्था को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक शैलेश सिंह की ओर से कहा गया है कि सलामी खत्म करने को लेकर जारी हुए इस आदेश का पूरी कड़ाई के साथ पालन कराया जाएगा। क्योंकि इसके तहत पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी पर खास प्रभाग पड़ता है। उन्होंने कहा कि, सलामी प्रथा से अंग्रेजों की याद आती है। इस तरह सलामी लेना असंवैधानिक है, जो उपनिवेशवाद को दर्शाता है। पुलिस विभाग एक अनुशासित विभाग है। इस विभाग में आदेश का उल्लंघन करना गलत प्रभाव डालता है। सिर्फ राज्यपाल को दी जाएगी सलामी बता दें कि जारी आदेश में सलामी परेड की व्यवस्था को सिर्फ सीएम और मंत्रियों के लिए खत्म कर किया गया है। वहीँ प्रदेश के राज्यपाल के लिए यह परंपरा पहले की तरह ही चलती रहेगी। recent visitors 60

इंदौर पुलिस ने कुख्यात बदमाशों का गिराया भाव, सूचना देने पर मिलेंगे एक रुपए का ईनाम

इंदौर शहर में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। अपराधियों पर शिकंजा कसने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अनोखा कदम उठाया है। इंदौर के डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस) ने फरार अपराधियों की सूचना देने वालों के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपए का इनाम घोषित किया है। यह कदम अपराधियों के बढ़ते हौसले को पस्त करने के लिए है और जनता में अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। शहर में लगे पोस्टर पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर और सूचनाएं जारी कर दी हैं, जिनमें फरार आरोपियों के नाम और तस्वीरें शामिल हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अपराधियों के ठिकानों की जानकारी पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। दो अलग घटनाओं के आरोपी फरार इंदौर जिले के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक आरोपी ने चाकू बाजी की घटना को अंजाम दिया था. घटना को अंजाम देने वाले आरोपी सौरभ उर्फ बिट्टू को पुलिस कई जगहों पर तलाश भी रही है, लेकिन वह पुलिस की गिरफ्त से लगातार फरार चल रहा है. इसी तरह दूसरा घटनाक्रम इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र का है. सदर बाजार पुलिस भी एक तबरेज नाम के आरोपी को पिछले काफी सालों से तलाश रही है, लेकिन वह भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है. जिसके चलते डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ इनाम घोषित किया है. एक रुपए का ईनाम पुलिस के मुताबिक थाना सदरबाजार के प्रकरण में फरार आरोपी तबरेज पिता जाहिद अली निवासी मकान नं. 5 गली नं. 1 अंडेवाली गली, जुना रिसाला तथा थाना मल्हारगंज के प्रकरण में फरार अपराधी सौरभ उर्फ बिट्टू पिता सुभाष गौड उम्र 24 वर्ष निवासी 25/3 कृष्ण बाग कालोनी की गिरफ्तारी हेतु 1 रुपए (एक रुपए) का ईनाम घोषित किया गया है। प्रतीक के तौर पर यह ईनाम डीसीपी विनोद कुमार मीना का कहना है कि 1 रुपए का इनाम महज एक प्रतीक है। इससे यह संदेश भी दिया जा रहा है कि अपराधियों का हौसला अब कमजोर पड़ चुका है। वही पुलिस का यह कदम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे हास्यप्रद मान रहे हैं, तो कई इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। डीसीपी ने आरोपियों पर रखा 1 रुपए का इनाम आपको बता दें इसमें बड़ी बात यह है कि डीसीपी विनोद कुमार मीणा ने दोनों फरार आरोपियों पर 1 रुपए का इनाम घोषित किया है. जो चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में डीसीपी विनोद कुमार मीणा का कहना है कि "दोनों ही कुख्यात आरोपी हैं, उन पर अलग-अलग तरह के कई अपरपाधिक प्रकरण दर्ज हैं. पुलिस दोनों आरोपियों को तलाश भी रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा. डीसीपी ने कहा यदि हम दोनों के खिलाफ हजारों रुपए के इनाम घोषित करते तो क्षेत्र में उनका खौफ बढ़ता. recent visitors 55

नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा दोपहिया वाहन चलाने के विरुद्ध अभियान के दूसरे दिन जारी, अनूपपुर पुलिस ने 11 नाबालिग चालकों पर की कार्रवाई

अनूपपुर अनूपपुर जिले में नाबालिग स्कूली छात्रों द्वारा तेज गति और लापरवाही से दोपहिया वाहन चलाने की शिकायतों के मद्देनजर, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान के निर्देश पर कोतवाली पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन, शुक्रवार को, टीआई कोतवाली श्री अरविंद जैन के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।  कार्रवाई का विवरण: टीम ने अमरकंटक रोड स्थित बेथेल मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान 11 दोपहिया वाहनों के नाबालिग चालकों को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। इनमें शामिल वाहन: 1. स्कूटी (एम.पी. 65 जेड ए 1225) 2. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 0996) 3. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 7303) 4. सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (एम.पी. 65 एन 6744) 5. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 4060) 6. टीवीएस रेडऑन (एम.पी. 18 एम बी 8739) 7. बिना नंबर की नई स्कूटी 8. स्कूटी (एम.पी. 65 एस 8713) 9. टीवीएस विक्टर (एम.पी. 18 जी 7005) 10. होंडा एक्सब्लेड (एम.पी. 65 एम इ 4771) 11. स्कूटी (एम.पी. 54 एन 7309) इन वाहनों को ज़ब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।  पिछले दिन की कार्रवाई: गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भारत ज्योति स्कूल के पास चेकिंग के दौरान 6 नाबालिग चालकों के वाहन ज़ब्त किए थे।  स्कूल और अभिभावकों को समझाइश: बेथेल मिशन स्कूल के प्रबंधन और प्राचार्य को थाना बुलाकर नोटिस दिया गया है। उनसे कहा गया कि नाबालिग छात्रों को वाहन चलाने से रोकने के लिए अभिभावकों को जागरूक करें। साथ ही, ज़ब्त वाहनों के 11 नाबालिग चालकों के अभिभावकों को थाना बुलाकर भविष्य में नाबालिगों को वाहन न देने की समझाइश दी गई।  पुलिस अधीक्षक की अपील: पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति न दें। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना गैरकानूनी है।  यह अभियान अनूपपुर पुलिस द्वारा सतत जारी रहेगा। recent visitors 68

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई हेतु पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त बैठक आयोजित

अनूपपुर जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए पुलिस और खनिज विभाग की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अनूपपुर, श्री मोती उर रहमान ने की। बैठक में संचालक खनि प्रशासन श्रीमती आशालता वैद्य, खनिज निरीक्षक श्रीमती ईशा वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री इसरार मंसूरी, एसडीओपी अनूपपुर श्री सुमित किरकेट्टा और जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।  बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय  – 1 . संयुक्त कार्रवाई: पुलिस और खनिज विभाग आपसी समन्वय के साथ अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए लगातार संयुक्त कार्रवाई करेंगे। सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि अवैध उत्खनन के संभावित घाटों एवं स्थान पर रात्रि में पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी भेजी जाएगी  जो ऐसे स्थान पर सतत निगरानी रख कार्रवाई करेंगे। 2. आदतन आरोपियों पर निगरानी: अवैध रेत चोरी और परिवहन में संलिप्त आदतन आरोपियों की जानकारी साझा कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी। 3. छत्तीसगढ़ से जारी ISTP के दुरुपयोग  की जांच: ई-खनिज पोर्टल से जारी ISTP (इंटर स्टेट ट्रांजिट पास) के दुरुपयोग की जांच होगी। खासतौर पर छत्तीसगढ़  की ISTP का मध्यप्रदेश में अवैध परिवहन के लिए दुरुपयोग पाए जाने पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। 4. अवैध खदानों पर विशेष निगरानी: जिले में बिना स्वीकृति वाली खदानों की निगरानी के लिए विशेष दल गठित किया जाएगा ताकि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लग सके। 5. जिला बदर कार्रवाई: अवैध रेत उत्खनन और परिवहन करने वाले आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। 6. समन्वित जानकारी: पुलिस द्वारा अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के प्रकरण दर्ज करने पर समय पर खनिज विभाग को सूचित किया जाएगा ताकि खनिज विभाग भी आवश्यक कार्रवाई कर सके।    सख्त निर्देश जारी: पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि उनके थाना क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने के लिए विशेष टीम गठित की जाए और प्रतिदिन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।  बैठक में उपस्थित अधिकारी: थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन, थाना प्रभारी जैतहरी प्रकाश कोल , थाना प्रभारी कोतमा सुंदरेश मरावी, थाना प्रभारी बिजुरी विकास सिंह, थाना प्रभारी भालूमाड़ा राकेश सिंह , थाना प्रभारी रामनगर अमर वर्मा, चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरीक्षक अमरलाल यादव, और चौकी प्रभारी फुनगा सुमित कौशिक। पुलिस और खनिज विभाग की इस समन्वित कार्रवाई का उद्देश्य जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पूर्णतः रोक लगाना है। recent visitors 48

वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही

अवैध कटाई में संलिप्त वन माफियाओं को पकड़ने की मुहिम जारी सागौन के अवैध परिवहन का आरोपी गिरफ्तार वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही भोपाल वन विभाग द्वारा सागौन की अवैध कटाई करने वाले वन माफियाओं को गिरफ्तार करने की मुहिम चलायी जा रही है। इसी क्रम में वन मण्डलाधिकारी, उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल नवीन गर्ग ने बताया कि उत्तर बैतूल, सामान्य वन मण्डल के परिक्षेत्र बैतूल सामान्य वन मण्डल में 18 एवं 19 नवम्बर को वन विभाग द्वारा रात्रि गश्त के दौरान खारी बीट में जाँच करने पर सागौन की लकड़ी से भरा अशोक लीलेण्ड मिनी ट्रक जप्त कर वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। वाहन की जाँच करने पर वाहन में रामकुमार वल्द पुरुषोत्तम मेहरा के नाम के ड्रायविंग लायसेंस की छायाप्रति प्राप्त हुई। इसके आधार पर वन मण्डलाधिकारी उत्तर बैतूल नवीन गर्ग सामान्य वन मण्डल के निर्देशन में उप वन मण्डलाधिकारी श्रेयस श्रीवास्तव और परिक्षेत्र अधिकारी ए.एस. बघेल के नेतृत्व में अलग-अलग दल गठित कर विभिन्न स्थलों पर छापामार कार्रवाई की गयी। छापामार कार्रवाई में वाहन मालिक रामकुमार मेहरा निवासी राहुल नगर मण्डीदीप जिला रायसेन को गिरफ्तार कर बयान दर्ज किये गये। आरोपी रामकुमार मेहरा ने बयान में यह बताया कि उसके द्वारा राजू वाड़ीवा निवासी ग्राम पाठई तहसील शाहपुर के साथ में सागौन कटाई कर परिवहन किया गया। वन विभाग द्वारा पूर्व में 27 अक्टूबर को 3 आरोपियों में राजा पिता राजू वाड़ीवा, शेख अफजल और पाढर के सोनू मुईनुद्दीन की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वन विभाग की टीम द्वारा 22 नवम्बर को आरोपी को न्यायालय द्वारा उसके बयान के आधार पर पूछताछ एवं मौका निरीक्षण के लिये 3 दिवस के लिये फॉरेस्ट रिमाण्ड पर भेजा गया है। आरोपी रामकुमार मेहरा को 25 नवम्बर को मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण की विवेचना में आरोपी द्वारा किये गये अपराध के आधार पर 7 दिसम्बर 2024 तक ज्यूडीशियल रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगामी कार्रवाई की जा रही है।   recent visitors 69

कोर्ट में सजा सुनते ही कठघरे में आ गई पेशाब, फिर बहाना बनाकर फरार हो गया नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी

खंडवा  कोर्ट से बाथरूम का बहाना कर फरार हुआ दुष्कर्म का आरोपी 48 घंटे घंटे बाद खुद ही वापस लौट आया। कोतवाली पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कोर्ट से ले जाते समय मीडिया ने पूछा तो दुष्कर्मी ने बताया कि मैं यहां तारीख पर आया था। वकील को एक लाख रुपये भी दिए थे, फिर भी जेल हो गई। मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था कि 20 साल की सजा होगी। मेरी पत्नी और बच्चे महाराष्ट्र में अकेले थे। मैं उन्हें लेने गया था, लेकर वापस लौट आया। क्या हुआ था दो दिन पहले, खंडवा पुलिस में मच गया था हड़कंप     नाबालिग से दुष्कर्म आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद को न्यायालय ने 20 साल की सजा सुनाई, तो वह बाथरूम जाने का बहाना कर पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। मामला बीते शुक्रवार दोपहर को जिला न्यायालय परिसर का था।     आरोपी हरिराम निवासी पिपलौद जमानत पर था। शुक्रवार को मामले में अंतिम सुनवाई थी। फरारी के बाद पुलिस को जानकारी मिली थी कि उसका परिवार महाराष्ट्र में हैं। पुलिस उसे ढूंढने के लिए महाराष्ट्र पहुंची थी।     हालांकि तब तक आरोपी, वहां नहीं पहुंचा था। पुलिस के हाथ खाली थे, लेकिन सोमवार को वह खुद ही वापस आ गया। इसके साथ ही लापरवाही के आरोपी पुलिसकर्मियों ने भी राहत की सांस ली।     आरोपित को कोर्ट लाने ले जाने में लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच जारी है। सजा सुनते ही उड़े होश आरोपी हरिराम को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद उसके होश उड़ गए। उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाया। एक पुलिसकर्मी उसे लेकर गया और वापस लाया। इस बीच, उसे भागने का मौका नहीं मिला। इस बीच, एक अन्य मामले के आरोपी ने भी पुलिसकर्मी से कहा कि उसे भी बाथरूम जाना है। पुलिसकर्मी हरिराम को वहीं छोड़ दूसरे आरोपी को बाथरूम ले गया। इस दौरान हरिराम कोर्ट रूम के पास से भाग गया। उसके भागने की जानकारी लगते ही हड़कंप मच गया। पुलिस के वायरलेस सेट और पुलिस अधिकारियों के मोबाइल बज उठे। पिपलौद, कोतवाली, खालवा, पंधाना की पुलिस टीम उसे तलाशने लगी लेकिन वह नहीं मिला नहीं। 48 घंटे बाद अब वह खुद ही वापस लौट आया। अब पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के आदेश के मुताबिक जेल भेज दिया है। recent visitors 49