छतरपुर पुलिस ने पेट्रोलिंग के दौरान 2 स्थाई वारंटी सहित कुल 24 आरोपियों को किया गिरफ्तार

छतरपुर छतरपुर पुलिस द्वारा फरार स्थाई व गिरफ्तार वारंटी, इनामी आरोपी फरार वांछित आरोपियों की निरंतर गिरफ्तारी की जा रही है। अवैध मादक पदार्थ संग्रह विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त से सख्त कार्यवाही की जा रही है। रात्रि गश्त के दौरान गुंडा एवं निगरानी बदमाशों को भी चेक किया जा रहा है। विगत रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान जिले के नगरीय एवं ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत कार्यवाही की गई। 2 स्थाई वारंटी, गिरफ्तार वारंटी एवं अन्य आरोपी गिरफ्तार किए गए, 26 आरोपियों से नोटिस तामील किए गए। स्थाई वारंटी- थाना गढ़ी मलहरा के वर्ष 2023 के मारपीट के प्रकरण के आरोपी राम सिंह यादव निवासी पिड़पा  थाना सटई के वर्ष 2023 खनिज चोरी प्रकरण के आरोपी राम रतन विश्वकर्मा निवासी झमटुली थाना बमीठा गिरफ्तार वारंटी  थाना सिविल लाइन के वर्ष 2020 के लूट के प्रकरण का आरोपी अरविंद पिता दुर्जन सिंह निवासी बिनौरा एवं वर्ष 2019 की लड़ाई झगड़ा के प्रकरण के आरोपी हीरालाल रजक निवासी रामगढ़ को गिरफ्तार किया गया। थाना मातगुवां के वर्ष 2020 के सड़क दुर्घटना के प्रकरण के वारंटी जितेंद्र राजपूत निवासी ग्राम सिजारीगंज थाना पिपट  थाना किशनगढ़ के वर्ष 2021 के पशु क्रूरता निवारण अधिनियम प्रकरण के आरोपी हनुमत गौंड़ निवासी चपनर टपरिया थाना किशनगढ़  थाना ओरछा रोड पुलिस ने गिरफ्तार बारंटी वर्ष 2023 के मारपीट के प्रकरण के वारंटी लखन पिता भग्गू कुशवाहा निवासी ग्राम कैंडी एवं वर्ष 2023 के बलवा के प्रकरण के वारंटी जीतेन्द्र पटेल निवासी ग्राम कालापानी, वर्ष 2022 के जुआ एक्ट में वारंटी शिवम पिता हरबल परिहार निवासी तिंदनी थाना नौगांव  थाना हरपालपुर पुलिस पुलिस ने गैर इरादतन हत्या प्रकरण के वारंटी भूरा पिता रघुकुल अहिरवार निवासी परेठा, लीलाधर पिता हीरा लाल निवासी सौरा को गिरफ्तार किया। थाना ओरछा रोड पुलिस ने मारपीट एवं एससी/एसटी एक्ट के प्रकरण के आरोपी राजेन्द्र सिंह पिता केशर सिंह बघेल निवासी ग्राम बनपुरा को गिरफ्तार किया। अवैध शराब विक्रेता,संग्रह,परिवहन व सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उक्त सभी वारंटी, आरोपी को न्यायालय पेश किया गया, एवं अन्य आरोपियों को न्यायालय उपस्थित होने हेतु पाबंद किया गया। recent visitors 57

पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए

इंदौर रात्रि गश्त और क्षेत्र में भ्रमण का बोलकर होटल या अपने ठिकानों पर जाने वाले पुलिसकर्मियों की निगरानी शुरू हो गई है। पुलिस आयुक्त ने सभी थानों के चार पहिया वाहनों पर ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) लगाने के निर्देश दिए है। जोन-2 के छह वाहनों पर इसका ट्रायल चल रहा है। डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक जीपीएस का उद्देश्य गश्त को ज्यादा प्रभावी बनाना है। कईं बार पुलिसकर्मी क्षेत्र में भ्रमण करने में लापरवाही करते है। एक स्थान पर घंटों खड़ी रहती है गाड़ी कईं बार एक ही स्थान पर घंटों तक गाड़ी खड़ी रहती है। जीपीएस से डेशबोर्ड पर गाड़ी की लोकेशन देखी जाएगी। गश्त करने वाला पुलिस अधिकारी कहां-कहां गया इसकी पूरी रिपोर्ट अफसरों को मिलेगी। गाड़ी कितने किलोमीटर और कितने समय चली इसका ब्योरा भी मिलेगा। गश्त करने का दावा किया जाता है इससे गड़बड़ी करने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने में सुविधा होगी। डीसीपी के मुताबिक कईं बार वारदात होने पर पुलिसकर्मियों द्वारा विधिवत गश्त करने का दावा किया जाता है। जीपीएस के माध्यम से फ्लैश बैक में जाकर गश्त करने वाले वाहन की लोकेशन निकाल सकते हैं। 6 वाहनों पर प्रयोग शुरू ट्रायल के तौर पर छह वाहनों पर प्रयोग शुरू किया है। इस दौरान कुछ वाहन दूसरे थाना क्षेत्र में जाना पाए गए है। पुलिसकर्मियों द्वारा बताया गया कि वो गश्त के दौरान मुलजिमों को ढूंढने गए थे। पुलिसकर्मियों पर एआई से निगरानी कर रहे डीसीपी डीसीपी के मुताबिक इसके पूर्व जोन-2 में एआई के माध्यम से पुलिसकर्मियों की निगरानी की जा रही है। रात्रि गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों से फोटो सहित लोकेशन ली जाती है। इससे पुलिसकर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित होती है। गश्त में गलत लोकेशन देने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर लिया जाता है। recent visitors 66

इंदौर में एक हजार से अधिक साइलेंसर को सड़क पर बिछाया, फिर चलाया रोड रोलर

 इंदौर  पिछले कुछ माह से यातायात प्रबंधन द्वारा मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज करने वाले वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक दो हजार से अधिक मोडिफाइड साइलेंसर जब्त किए जा चुके हैं। बुधवार को यातायात प्रबंधन द्वारा होलकर कॉलेज से लगे सर्विस रोड पर रोड रोलर से एक हजार साइलेंसर नष्ट किए गए। कई वाहन चालक बुलेट (दोपहिया) में मोडिफाइड साइलेंसर लगा लेते है और तेज आवाज निकलते हुए गुजरते हैं, जिससे अन्य वाहन चालक परेशान होते हैं। 143 साइलेंसर जब्त किए जा चुके हैं यातायात प्रबंधन पिछले कुछ माह से बुलेट में लगे मोडिफाइड साइलेंसर को जब्त करने की कार्रवाई कर रहा है। अब तक दो हजार 143 साइलेंसर जब्त किए जा चुके हैं। बुधवार सुबह होलकर साइंस कालेज से लगे लेकर सर्विस रोड पर यातायात प्रबंधन टीम ने कतार में एक हजार से अधिक साइलेंसर बिछाए और फिर रोड रोलर से सभी साइलेंसर को जब्त कर दिया गया। पटाखे जैसी आवाज निकलती है यातायात प्रबंधन एडीसीपी अरविंद तिवारी ने बताया कि कई वाहन चालक अपने वाहन में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा लेते हैं, जिसके बाद पटाखे जैसी तेज आवाज निकालते हैं, जिससे आसपास से निकल रही महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को खासी परेशानी होती है। कई बार दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। पिछले माह करीब 350 साइलेंसर नष्ट किए थे। बुधवार को एक हजार से अधिक साइलेंसर नष्ट किए हैं। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। दुकानों पर नहीं हो रही कार्रवाई इधर, प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे आटो पार्ट्स की दुकानों पर दो से 12 हजार रुपये में अलग-अलग तरह के मोडिफाइड साइलेंसर बिना किसी रोकटोक के बिक रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बता दें कि पिछले वर्ष ही मई माह में यातायात पुलिस ने दो बड़ी कार्रवाई की थी। अलग-अलग आटो पार्ट्स की दुकानों पर कार्रवाई करते हुए मोडिफाइड साइलेंसर को जब्त किए थे। दो दुकानदारों पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यातायात एडीसीपी तिवारी ने बताया कि ऐसी दुकानों की सूची तैयार की जा रही है। लगातार हो रही कार्रवाई यातायात प्रबंधन पुलिस अलग-अलग टीम बनाकर अपने-अपने जोन के मुख्य मार्गों, चौराहों पर तेज/कर्कश ध्वनि निकालने वाले मोडिफाइड साइलेंसर वाहनों के विरुद्ध सघन चेकिंग कर कार्रवाई की जा रही है। इसमें साइलेंसर जब्ती के साथ ही वाहन चालक पर आर्थिक दंड भी लगाया जा रहा है। recent visitors 55

पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किये

जबलपुर अभूतपूर्व कदम उठाते हुए जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने मंगलवार रात को पूरी पुलिस फोर्स को क्राइम ब्रांच से लाइन में ट्रांसफर कर दिया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। वहीं चारो ओर इसी बात को लेकर चर्चा हो रही है कि ऐसा फैसला क्यों लिया गया है। इसे लेकर भी एसपी ने मीडिया से बात करते हुए पूरी तस्वीर स्पष्ट कर दी है। इतने बड़े ट्रांसफर के पीछे उन सभी पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी है। इस कार्रवाई में जो अफसर शामिल हैं उनमें एक एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत कुल 22 पुलिसकर्मियों को ट्रांसफर किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक एसपी को इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। इसे नजर में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। एसपी उपाध्याय ने बताई वजह एसपी उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ट्रांसफर किए गए पुलिसकर्मी चार साल से क्राइम ब्रांच में तैनात थे और यह फैसला एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल है। हालांकि, अचानक आए इस आदेश से विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं, खासकर उन अफसरों में जो लंबे समय से एक ही थाने में तैनात हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं। कई अफसरों पर जबरन वसूली की शिकायतें ट्रांसफर से पुलिस बल में हलचल मच गई है। सही वजह की पुष्टि नहीं हो सकी है, जबकि अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कथित जबरन वसूली और लंबित मामलों की शिकायतें थीं। इस अफसरों में कई ने आम लोगों को भी सताया था जिसके बाद ही यह कदम उठाया गया है। recent visitors 167

संभल हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बड़ा एक्शन, हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर समेत कुल 13 घरों में दबिश दी

संभल यूपी के संभल में 24 नवंबर को हुई हिंसा की घटना में शामिल उपद्रवियों की तलाश में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और एडिशनल एसपी के साथ पुलिस की तीन अलग-अलग टीमों ने सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के आसपास के इलाके में हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के घर समेत कुल 13 घरों में दबिश दी है. पुलिस के इस एक्शन से इलाके में हड़कंप मच गया. दबिश के दौरान पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के घर से स्मैक की 90 से ज्यादा पुड़िया बरामद की. वहीं, दो अलग-अलग घरों में दबिश के दौरान 315 बोर के दो तमंचे और कारतूस बरामद हुए. इस दौरान पुलिस ने एक घर में दबिश के दौरान एक युवक को भी गिरफ्तार किया. दरअसल, शाही जामा मस्जिद में सर्वे को लेकर संभल में हिंसा हुई थी. इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे. उपद्रवियों द्वारा कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. इस घटना के बाद से पुलिस हिंसा में शामिल लोगों पर एक्शन ले रही है. मामले में स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर भी एफआईआर दर्ज की गई है. उनपर लोगों को भड़काने का आरोप है. इस कड़ी में बीते दिन एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एडिशनल एसपी ने स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास से 50 मीटर की दूरी पर संदिग्ध बाइक सवार लोगों को रोककर चेकिंग की. वहीं, दूसरी तरफ सीओ अनुज चौधरी ने पुलिस टीम के साथ RRF, RAF और पीएसी के जवानों को लेकर दीपा सराय स्थित सांसद जियाउर्रहमान बर्क के आवास के आसपास के 13 घरों में ताबड़तोड़ दबिश दी. इस दौरान 2 हिस्ट्रीशीटर बदमाश मुल्ला अशद और मुल्ला आसिम के घर में भी दबिश दी गई. जहां मुल्ला अशद के घर में दबिश के दौरान स्मैक की 93 पुड़िया बरामद हुईं. इसके अलावा दो अलग-अलग घरों में दबिश के दौरान 315 बोर के दो तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए. पुलिस ने घर से तमंचा मिलने के मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. जबकि, कई घरों में दबिश के दौरान पुलिस ने मौके पर मिले कुछ युवकों को हिरासत में भी ले लिया है. उनसे पुलिस की टीमें पूछताछ कर रही हैं. इस एक्शन को लेकर एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि RAF, RRF और पीएसी के साथ 13 घरों में पुलिस की टीमों के द्वारा दबिश दी गई. इस दौरान पुलिस की टीमों के द्वारा कई घर की तलाशी ली गई, जिसमें तीन घरों के अंदर से संदिग्ध चीज मिली. इसमें एक मुल्ला अशद के घर से 93 पुड़िया स्मैक बरामद हुई जबकि ताजवर और मेहबर के घर से 315 बोर के दो तमंचे और जिंदा कारतूस बरामद हुए. दोनों अवैध तमचों को सील कर दिया गया है. वहीं, दबिश के दौरान जो लोग घर में मौजूद मिले उनको पूछताछ के लिए ले जाया गया है. उन लोगों की जिस तरह की भी संलिप्तता मिलेगी उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी. इसके अलावा चेकिंग के दौरान तीन दर्जन बाइक के चलान किए गए हैं और तीन बाइक को सीज किया गया है. हिंसा में शामिल 39 उपद्रवियों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है.   recent visitors 104

ह्वाट्सऐप ग्रुप के जरिए ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी, अब तक 7 करोड़ की धोखाधड़ी, 3 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मंडला पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्यों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को फर्जी ऐप पर ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करता था। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि गिरोह ने 16 राज्यों में लगभग 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। घटना का विवरण चौकी अंजनिया, थाना बम्हनी बंजर में एक आवेदक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए प्रेरित किया गया। फर्जी ऐप के जरिए आवेदक के पिता के रिटायरमेंट फंड से 17 लाख रुपये बालाजी ट्रांसपोर्ट के नाम पर एक खाते में जमा कराए गए। ऐप पर प्रारंभ में निवेश को बढ़ता दिखाया गया, लेकिन बाद में अकाउंट में पैसा माइनस दिखने लगा। इस धोखाधड़ी का अहसास होने पर आवेदक ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस की कार्रवाई मंडला पुलिस की साइबर सेल ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और जेमिस/समन्वय पोर्टल का उपयोग कर ठगों की गतिविधियों का पता लगाया। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर विशेष टीम गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर, राजकोट और मेहसाणा में रवाना हुई। वहां की स्थानीय पुलिस और मुखबिरों की सहायता से टीम ने गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया: 1. विशाल झाला (27 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 2. लक्ष्मण ठाकौर (47 वर्ष): निवासी गांधीनगर, गुजरात 3. नीरव पोपट (43 वर्ष): निवासी अहमदाबाद, गुजरात गिरोह की कार्यप्रणाली गिरोह व्हाट्सएप ग्रुप पर लोगों को जोड़कर फर्जी ऐप के जरिए आकर्षक मुनाफा दिखाता था। निवेशकों को आईपीओ खरीदने का झांसा देकर उनके बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे। ये ठग फर्जी बैंक अकाउंट और चेकबुक का इस्तेमाल करते थे, जिन पर पहले से हस्ताक्षर ले लिए जाते थे। गिरोह बड़े शहरों में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी करता था। देशव्यापी नेटवर्क यह गिरोह 16 राज्यों—दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सक्रिय था।  सफलता में शामिल पुलिस टीम इस जटिल और गंभीर मामले को सुलझाने में चौकी अंजनिया के प्रभारी उपनिरीक्षक लाखन सिंह राजपूत के नेतृत्व में विशेष टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में सउनि. अशोक चौधरी, प्र.आर. भूपेन्द्र धुर्वे, आरक्षक सुनील सिंह, कीर्ति कुमार, विलेन्द्र नायक, अंचल बघेल और साइबर सेल मंडला की विशेष भूमिका रही। पुलिस का संदेश मंडला पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट के लिए धनराशि ट्रांसफर करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।किसी भी तरह की धन संबंधी आर्थिक धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर सूचित करें।   recent visitors 129

360° परिप्रेक्ष्य के साथ पुलिसकर्मियों को तैयार करने का सफल प्रयास

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी एवं पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस), भौंरी में आयोजित 15 दिवसीय कार्यवाहक निरीक्षक एवं कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक इण्डक्शन सत्र का समापन समारोह पाँच दिसंबर को संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) दिनेश चंद्र सागर ने की।       कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक पीटीएस, श्रीमती रश्मि पांडे द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रशिक्षण सत्र की विभिन्न गतिविधियों और विषय-वस्तु पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवीन कानून, सायबर अपराध, महिला सुरक्षा, किशोर न्याय, विवेचना की सावधानियां, और कार्य में 360° दृष्टिकोण रखने का गहन प्रशिक्षण दिया गया। सं‍विधान के दायरे में रहते हुए करें उत्कृष्ट कार्य मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र सागर ने अपने संबोधन की शुरुआत संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन करवाते हुए की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को संविधान के दायरे में रहते हुए उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी और जनसेवा के प्रति निष्ठा ही सफलता का आधार है।       एडीजी सागर ने रामायण के "विजय रथ" प्रसंग का उल्लेख करते हुए पुलिसकर्मियों में शौर्य, धैर्य, सत्य, शील, बल, विवेक, आत्मनियंत्रण, क्षमा, कृपा और समता जैसे 12 गुणों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य कवियों की कविताओं का उद्धरण देते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बात कही। स्वास्थ्य और परिवार पर ध्यान देने की सलाह सागर ने पुलिस की व्यस्त नौकरी में स्वास्थ्य, संतुलित आहार, योग और ध्यान के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने फास्ट फूड से बचने और समय का सदुपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, पुलिसकर्मियों को अपने परिवार, विशेषकर बच्चों की पढ़ाई में मदद करने और उनके साथ संवाद बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अन्य मुख्य अंश इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का मंच संचालन निरीक्षक श्रीमती अनीता नागवंशी ने किया, और अंत में सहायक निदेशक (प्रशासन/प्रशिक्षण) नीरज पांडे ने आभार व्यक्त किया।       यह सत्र पुलिसकर्मियों के व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। recent visitors 54