सीधी में पुलिस लाइन में एक साथ पांच घरों में चोरों का धावा, दो थाना प्रभारियों सहित पांच घरों में चोरी, नाइट गस्त पर खड़े हुए सवाल

कटनी  जिले के लोग जिस पुलिस महकमें से सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं, आज वो पुलिस महकमे के अधिकारी और कर्मचारी अपने आप को खुद असुरक्षित महसूस कर रहें होंगे। आखिर ऐसा असुरक्षा का भाव उत्पन्न हो भी तो क्यों ना। सोमवार मंगलवार की दरमियानी रात को चोरों ने पुलिस व्यवस्था को सीधे तौर पर खुलेआम चुनौती देते हुए भारी सुरक्षा और पुलिस की मौजूदगी वाले झिंझरी पुलिस लाइन में एक, दो नहीं बल्कि पांच मकानों के ताले एक के बाद एक चटका कर वहां से लाखों रुपए का माल पार कर दिया। चोरों ने जिन पांच घरों को निशाना बनाया उनमें से दो घर कटनी जिले में पदस्थ रहे पूर्व थाना प्रभारी सहित एक उपनिरीक्षक एवं दो अन्य पुलिस कर्मियों के हैं। इस घटना ने एक बार फिर पूरे जिले को पुलिस व्यवस्था के लिए सोचने पर मजबूर कर दिया है। वारदात ने पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग की पोल खोलकर रख दी है। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मौजूद पुलिस लाइन में इस तरह चोरी हो जाना कोई आम बात नहीं है। इस घटना ने जिले में बढ़ते चोरों के हौसले और लचर होती पुलिस व्यवस्था की सारी सच्चाई बयां कर दी है। वारदात से जुड़े तथ्यों के विषय में कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहा है। इन मकानों को बनाया निशाना विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक विगत रात्रि चोरों ने बहोरीबंद थाने में पदस्थ पूर्व थाना प्रभारी अर्चना जाट, महिला थाना प्रभारी मधु पटेल, उप निरीक्षक सतीश पटेल, विकास कुमार प्रजापति, गौरव गिरी, अजीत सिंह के सूने मकान का ताला तोड़कर भारी मात्रा में रूपए पैसे और गहने चोरी किए हैं। बताया जाता है कि बिलहरी चौकी में पदस्थ एक आरक्षक की बाइक भी कर लेकर चंपत हो गए हैं। पांच मकानों से कुल कितना माल चोर लेकर गायब हुए और किस तरह घटना हुई इसके विषय में माधव नगर एवं झिंझरी पुलिस कुछ भी बताने से बच रही है। साधी चुप्पी पुलिस लाइन में हुई चोरी में कितना माल चोरों ने पार किया इस विषय में अब तक पुलिस के द्वारा कोई जानकारी प्रदान नहीं की जा सकी है। घटना की जानकारी लगते ही माधव नगर थाना प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर एवं झिंझरी चौकी प्रभारी प्रियंका राजपूत डॉग स्कॉट के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए कार्यवाही करने में जुटे हुए हैं। नाइट गस्त कटघरे में पुलिस लाइन में हुई चोरी की घटना ने पुलिस के द्वारा की जाने वाली नाइट पेट्रोलिंग की सच्चाई खोल कर रख दी है। आपको बता दें कि सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हर रात अलग-अलग अधिकारियों को विशेष तौर पर नाइट पेट्रोलिंग के लिए टीम के साथ तैनात किया जाता है। गत रात्रि किस तरह नाइट पेट्रोलिंग पुलिस ने की वह तो घटना ने खुद उजागर कर दिया है। recent visitors 81

एएसपी की वर्दी पहनकर युवती न्यू मार्केट पहुंची तो उसका सामना टीटी नगर थाने की महिला एसआई से हो गया

भोपाल भोपाल के एमपी नगर में नकली पुलिसकर्मी पकड़े जाने के बाद अब टीटी नगर पुलिस ने एक नकली महिला एडीशनल एसपी को पकड़ा। एएसपी की वर्दी पहनकर युवती न्यू मार्केट पहुंची थी। यहां पर उसका सामना टीटी नगर थाने की महिला एसआई से हो गया। बातचीत के दौरान महिला एसआई समझ गई कि युवती नकली वर्दी पहने हुए हैं। उसे तुरंत ही थाने ले जाया गया। युवती के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। टीटी नगर पुलिस ने बताया कि रोजाना की तरह थाने के स्टाफ की महिला एसआई थाने के सामने से न्यू मार्केट के भीतर जाने वाले रास्ते पर तैनात थीं। इसी दौरान मस्जिद के पास की दुकानों के पास उन्होंने एडीशनल एसपी की वर्दी मे एक युवती को देखा। महिला एसआई उनके पास पहुंची तथा सैल्यूट कर बात करना शुरू की। इसी दौरान महिला एसआई की नजर महिला अधिकारी की वर्दी पर लगी नेम प्लेट पर पड़ी। उसमें नाम के नीचे अंकों में नंबर लिखे हुए थे। इस तरह के नंबर आरक्षक और प्रधान आरक्षक की नेम प्लेट पर होते हैं, जबकि अधिकारियों की नेम प्लेट पर केवल नाम ही होते हैं। शंका होने पर महिला एसआई ने अपने स्टाफ को इशारा किया तथा युवती से बातचीत करना शुरू कर दिया। इस दौरान महिला अधिकारी समझ गई कि वर्दीधारी युवती झूठ बोल रही है। उसे तुरंत ही थाने लाया गया जहां पर पूछताछ करने पर पता चला कि वह नकली वर्दी पहनकर घूम रही थी। पीएससी में नहीं हुआ चयन, घरवालों के तानों से थी परेशान युवती का नाम शिवानी चौहान बताया गया है, वह इंदौर की रहने वाली है। उसने पीएससी की परीक्षा दी थी। जिसमें उसका चयन नहीं हुआ था, लेकिन घर वालों के तानों से परेशान होकर उसने बोल दिया उसका चयन पुलिस सेवा के लिए हो गया। कई महीनों तक जब उसने नौकरी ज्वाइन नहीं की तो घर वालों ने फिर से पूछना शुरू कर दिया। परेशान होकर शुक्रवार को वह अपनी बुआ के लडक़े के साथ भोपाल आई थी। घर वालों को उसने बताया था कि वह पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग देने के लिए जा रही है। भोपाल पहुंचने पर उसने लालघाटी इलाके में बुआ के बेटे से बोला कि अब तुम यहीं रुके मुझे पुलिस मुख्यालय में ज्वाइनिंग के बाद मीटिंग करना होगी। यहां से वह अकेली चली गई। शाम को जब वह एडीशनल एसपी की वर्दी पहनकर घूम रही थी तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गई।   recent visitors 60

महिला कांस्टेबल ने 9 महीने में खोज निकाले 104 लापता बच्चे, परिवार वाले भी दे रहे दुआ

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की दो महिला हेड कांस्टेबल ने कुछ ऐसा कर दिया, जिसके बाद उनकी चहुंओर वाहवाही हो रही है। दोनों महिला कांस्टेबल सीमा देवी और सुमन हुड्डा ने पिछले नौ महीनों में 104 गुमशुदा बच्चों को ढूंढ निकालने का सराहनीय काम किया है। मार्च से नवंबर के बीच 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत उन्होंने हरियाणा,बिहार और यूपी के दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया और बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा,जिनमें बच्चों की नई तस्वीरें न होना, भाषा की बाधा,अनजान जगहों पर जाना और स्थानीय लोगों से मदद न मिलना शामिल था। इन मुश्किलों के बावजूद,दोनों ने बच्चों को ढूंढ निकाला और उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया। कई मुश्किलें भी आईं दिल्ली पुलिस की बाहरी उत्तरी जिला की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) में तैनात, सीमा और सुमन ने बताया कि 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत मार्च से नवंबर के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। दूर-दराज के इलाकों में उन्हें कई बार नई जगहों और वहां के लोगों से अनजान होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में उन्हें स्थानीय पुलिस की मदद लेनी पड़ी। सीमा देवी ने बताया कि कई बार ऐसा भी हुआ कि जिन नंबरों से बच्चे बात करते थे,वे बंद हो जाते थे। ऐसे में हमने साइबर टीम की मदद से फोन की आखिरी लोकेशन का पता लगाया। एक मामले को याद करते हुए सीमा ने बताया कि बवाना से एक 13 साल की बच्ची लापता हो गई थी। उसके सबसे छोटे भाई ने हमें बताया कि उसने अलग-अलग नंबरों से फोन करके बताया था कि वह ठीक है। हालांकि,अलग-अलग नंबरों से फोन आने के कारण उसे कुछ गड़बड़ होने का शक था। हमने मामले की जांच की और बच्ची को नोएडा के जारचा इलाके में पाया। वह वहां घर का काम कर रही थी। हमने उसे तुरंत वहां से छुड़ाया। फोटो से पहचानने में होती थी समस्या नए इलाकों में,सीमा और सुमन को स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने में समय लगता था,जिसके बाद ही वे घर-घर जाकर तलाशी ले पाती थीं। सीमा ने बताया कि पुरानी तस्वीरें होने के कारण कई मौकों पर बच्चों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। जब परिवारों के पास अपने बच्चों की नई तस्वीरें नहीं होती थीं,तो 4 से 17 साल के इन बच्चों की पहचान उनके माता-पिता को खुद आकर करनी पड़ती थी। मार्च में AHTU में शामिल हुईं सुमन हुड्डा ने कहा कि बच्चों को उनके परिवारों से मिलाकर उन्हें बहुत गर्व और सुकून मिलता है। उन्होंने बताया कि हमारी कोई निश्चित ड्यूटी नहीं होती। जब भी हमें गुमशुदा बच्चों की जानकारी मिलती है,हम तुरंत घर से निकल पड़ते हैं। कई बार तो ऐसा भी होता है कि मैं अपने बच्चों को कई दिनों तक नहीं देख पाती। कई लोग मदद करने से भी कतराते थे सुमन ने बताया कि उन गांवों में गुमशुदा बच्चों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है,जहां जाने के लिए कोई रास्ता ही न हो। उन्होंने बताया कि कई बार तो हमें परिवहन के साधनों के अभाव में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बहुत से लोग हमारी मदद के लिए तैयार रहते हैं,लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें लगता है कि पुलिस की मदद करने से वे कानूनी पचड़े में पड़ सकते हैं। सुमन ने बताया कि कैसे उन्हें अक्सर रेलवे स्टेशनों पर भीख मांगने वालों और फेरी वालों से महत्वपूर्ण सुराग मिलते थे। गुमशुदा बच्चों की तस्वीरें दिखाने पर अक्सर उन्हें देखे जाने की जानकारी मिल जाती थी। उन्होंने कहा कि 13 से 17 साल के बच्चे खास तौर पर सोशल मीडिया पर मिले अजनबियों के बहकावे में आ जाते हैं।पुलिस के मुताबिक,बच्चों के लापता होने की वजहों में प्रेम प्रसंग,नशा,माता-पिता की उचित देखभाल न मिलना और शिक्षा की कमी शामिल हैं। डीसीपी ने कहा- हमें गर्व है सीमा के खुद के दो बच्चे हैं,जिनकी उम्र 16 और 10 साल है। उन्होंने बताया कि जब मैं कुछ दिनों के लिए घर से बाहर होती हूं,तो मेरा छोटा बेटा मुझे बहुत याद करता है। एक मां होने के नाते,उनका मानना है कि माता-पिता को अपने बच्चों से बात करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कर रहे हैं। DCP (बाहरी उत्तरी) निधिन वलसन ने कहा कि हमें 'ऑपरेशन मिलाप' में सीमा और सुमन की ओर से किए गए असाधारण कार्य पर बहुत गर्व है। उनकी यह उपलब्धि बच्चों की तस्करी से निपटने और अपने समुदाय की रक्षा के लिए हमारे संकल्प को और मजबूत करती है।   recent visitors 86

टीकमगढ़ पुलिस ने ₹3000 के ईनामी आरोपी को लिया गया पुलिस अभिरक्षा में

टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिह मण्डलोई के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सीताराम एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जतारा श्री अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन में  फरार आरोपियों की धरपकड़ हेतु अभियान चलाया जा रहा है । अपराध का विवरण पलेरा पुलिस द्वारा फरियादी गुमनाम के द्वारा अपनी नाबालिक लडकी को अज्ञात आरोपी द्वारा बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने संबंधी रिपोर्ट की गई थी जिस पर थाना पलेरा मे अप.क्र. 323/24 धारा 137(2) वीएनएस का पंजीबद्ध कर अपहता की तलाश की गई। उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक टीकमगढ द्वारा  अज्ञात आरोपी के विरुध्द ₹3000  का ईनाम घोषित किया गया था। कार्यवाही थाना पलेरा की पुलिस टीम द्वारा अपहर्ता को दस्तयाब किया जाकर  माननीय न्यायालय मे कथन कराए गए जिसमें पीडिता ने अपने कथनो मे नवालिग आरोपी द्वारा बुरा काम करने संबंधी कथन दिए । प्रकरण मे धारा 64(1),64(2)(एम), 87 वीएनएस 5/6 पोक्सो एक्ट का ईजाफा करते हुए प्रकरण मे आरोपी नावालिग बालक के नाम का ईजाफा करते हुए आरोपी नावालिग बालक की तलाश की गई जिसे दिनांक 20.11.24 को पुलिस अभिरक्षा में लेकर किशोर न्यायालय टीकमगढ पेश किया गया है। उपरोक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी थाना पलेरा निरीक्षक मनीष मिश्रा, उपनिरी. एन.डी. कौदर, प्रआर 296 ग्यासी यादव, प्रआर 132 रमाशंकर कुशवाहा, आर 678 लक्ष्मण पटेल, आर. 702 अजय अहिरवार, आर 463 प्रवेन्द्र पटेल, आर. 334 अनूप अनुरागी, आर. 478 नरेन्द्र पटेल, मआर. 651 नीतू विश्वकर्मा, मआर. 749 मोनिका मुबेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। recent visitors 62

पुलिस फोर्स के जवान को हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा

भोपाल मध्य प्रदेश में बालाघाट जिले के कुंडुल वन क्षेत्र में माओवादी तलाशी अभियान के दौरान हॉक फोर्स का एक जवान घायल हो गया था। जवान की खोपड़ी में गोली लगी थी। अब उसको हमेशा खोपड़ी के अंदर फंसी गोली के साथ रहना होगा। सर्जरी से जा सकती है जान दरअसल, जब हॉक फोर्स और ज्वॉइंट पुलिस फोर्स पर माओवादियों की भारी गोलीबारी हुई तो एक गोली शिवकुमार शर्मा के लग गई। उन्हें तुरंत उस क्षेत्र से निकाला गया और महाराष्ट्र के गोंदिया में एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टर जवान की खोपड़ी की सूजन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने गोली न निकालने की सलाह दी है क्योंकि किसी भी सर्जिकल ट्रीटमेंट से उनकी जान को खतरा हो सकता है। बेहोश पहुंचे थे अस्पताल डॉक्टरों ने कहा, जब शर्मा अस्पताल पहुंचे तो वह बेहोश थे। हॉक फोर्स के कमांडेंट सियाज केएम ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई को बताया, 'गोली गंभीर क्षेत्र में लगी है और इसे निकालने का प्रयास करने से गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। हम उनकी स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।' सीएम मोहन यादव भी रख रहे नजर बालाघाट के एसपी नागेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें ठीक होने में कुछ महीने लगेंगे। सीएम मोहन यादव ने शर्मा की स्थिति के बारे में अपडेट प्राप्त करने के लिए डॉक्टरों से बात की और जवान और उनके परिवार को सभी आवश्यक सहायता देने का वादा किया। उन्होंने कहा कि राज्य जवान के चिकित्सा खर्च को वहन करेगा। खुफिया रिपोर्ट के आधार पर हुई थी कार्रवाई खुफिया रिपोर्टों के बाद बीएनएस डिवीजन में माओवादियों की मौजूदगी का संकेत मिलने के बाद हुई मुठभेड़ में शर्मा घायल हो गए थे। हॉक फोर्स की टीम ने सोनगुड्डा चौकी के पास तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही टीम आगे बढ़ी, उनका 12 से 15 हथियारबंद माओवादियों से आमना-सामना हो गया, जिन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। इससे सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। हमले के बाद, इसमें शामिल माओवादियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। recent visitors 94

जब असली पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी पुलिसवाला, नकली वर्दी, थाने के बाहर तस्वीरें और वसूली…

भोपाल. बिहार के जमुई की तरह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी नकली पुलिस अधिकारी गिरफ्तार हुआ है. आरोपी दुकानदारों और ड्राइवरों से वसूली करता पाया गया. पुलिस की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने बताया कि आरोपी नकली पुलिसवाला बनकर भोपाल कोर्ट के पास रंगदारी कर रहा था. उससे तंग आकर दुकानदारों ने एमपी नगर थाने में उसकी शिकायत की. पुलिस ने इस शिकायत पर कार्रवाई की तो आरोपी का पूरा राज खुल गया. पुलिस को आरोपी के पास से कई तरह की वर्दियां भी मिली हैं. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार शख्स का नाम आनंद सेन है. वह भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में रहता है. आनंद मूल रूप से दतिया जिले का रहने वाला है. उस पर किसी को शक न हो इसलिए वह छोटे दुकानदारों और ड्राइवरों को निशाने पर लेता था. उसे लगता था कि ये लोग उसके रोब में आ जाएंगे और शिकायत नहीं करेंगे. इस तरह वह कई दिनों से लोगों से रुपये ऐंठ रहा था. इस बीच 18 नवंबर को कुछ लोगों ने एमपी नगर थाने में युवक की शिकायत की. लोगों ने बताया कि कोर्ट चौराहे पर एक शख्स संदिग्ध लग रहा है. वह पुलिस की वर्दी में अवैध वसूली कर रहा है. वसूली करता मिला आरोपी ये शिकायत मिलते ही एमपी नगर थाने की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने जब आरोपी आनंद से पूछताछ करनी शुरू की तो वह उस पर ही रौब झाड़ने लगा. उसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जब उससे विभाग से जुड़े सवाल किए तो वह घबरा गया. उसने पूछताछ में स्वीकार कर लिया कि वह नकली पुलिसवाला है. उसने बताया कि वह पैसे कमाने की लालच में ये काम करने लगा. इस पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले आई. पुलिस उसके बैंक खातों की जांच कर रही है. फर्जी आईपीएस बनकर घूम रहा था बिहार का शख्स गौरतलब है कि इसी साल 20 सितंबर को जमुई जिले की सिकंदरा पुलिस ने फर्जी आईपीएस को गिरफ्तार किया था. उसका नाम मिथिलेश था. पुलिस की पूछताछ में मिथिलेश ने बताया था कि उसने दो लाख रुपये देकर पुलिस की नौकरी हासिल की थी. उसने बताया था कि खैरा के किसी मनोज सिंह ने उसे पुलिस में नौकरी देकर वर्दी पहनाई थी. recent visitors 62

छतरपुर पुलिस ने फरार इनामी बदमाश एवं फरार वारंटी को तलाश कर गिरफ्तार किया जा रहा

छतरपुर माह सितंबर में थाना गुलगंज क्षेत्र के बिजावर रोड बक्सवाहा हार से भैंसे चोरी संबंधी रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता के तहत चोरी का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोपियों से संबंधित जानकारी एकत्र की गई। आरोपी फरार हो गए थे जिनकी तलाश हर संभावित स्थानों में की जा रही थी। थाना गुलगंज पुलिस ने पशु चोरी के अपराध में फरार 4 आरोपी 1. प्रकाश यादव निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना पिपट 2. पुष्पेंद्र यादव निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना पिपट 3. रज्जू यादव निवासी ग्राम किशनगढ़ थाना पिपट 4. भज्जू राजपूत निवासी ग्राम भारतपुरा थाना बिजावर को गिरफ्तार किया गया। आरोपी प्रकाश यादव एवं पुष्पेंद्र यादव के विरुद्ध पूर्व से मारपीट संबंधी चार-चार अपराध दर्ज हैं। आरोपियों को न्यायालय पेश कर जेल दाखिल किया गया। उक्त  कार्यवाही में एसडीओपी बड़ा मलहरा श्री रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गुलगंज उनि. गुरूदत्त शेषा , उनि डीपी व्यास, प्रआर. कैलाश राजपूत ,प्रआऱ प्रवेश तिवारी , रूपेश, राजाराम , आर. भरत कुमार बेदी , आर. सतीष , कृष्ण प्रताप सिंह , मुकेश, राहुल, शीलेन्द्र, कैलाश, घनश्याम, अवनीश की भूमिका रही। recent visitors 57