मोहाली में हथियारों की नोक पर लूटपाट करने वाले छह गिरफ्तार, नौ दिन में लूटीं दो कारें पुलिस ने की बरामद

मोहाली हाईवे पर कार चालकों को सेक्स का लालच देकर सुनसान ले जाती और अपनी गैंग के अन्य साथियों के साथ लूटपाट कर लेती थी। मोहाली पुलिस ने इस तरह से करीब 20 कार चालकों को लूटने वाली कश्मीर की शमा खान को उसके 6 साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर थार, आईफोन, सोने का ब्रेसलेट और अन्य सामान जब्त किए है। ये सामान महिला ने पंजाब के गोबिंदगढ़ के कारोबारी से लूटे थे। इन्होंने एक अन्य पीड़ित से आई-20 कार लूटी, पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया है। मोहाली पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा किया कि आरोपियों की पहचान बठिंडा के रहने वाले अर्शदीप सिंह, जसपाल सिंह, सोहाना के विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, चंडीगढ़ सैक्टर-35 के अंगदजोत सिंह और उनकी साथी शमा खान के रूप में हुई है। मूलरूप से कश्मीर की रहने वाली आरोपी शमा खान मोहाली के मटौर में रहती थी। वह लिफ्ट मांगने के बाहने राहगीरों को रोकती थी और बाद में उन्हें सुनसान जगह ले जाकर अपने साथियों को बुला लेती थी। उसके साथी साजिश में फंसे राहगीर से मारपीट कर उसे लूट लेते थे। एक वारदात को आरोपियों ने 26 अक्तूबर व दूसरी को 3 नवम्बर को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दोनों वारदातों में लूटी गई एक थार, एक आई-20 कार, एक ​​स्विफ्ट डिजायर, एक .315 बोर का देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। डी.आई.जी. निलांबरी जगदाले ने बताया कि 3 नवम्बर की सुबह 4 बजे गोबिंदगढ़ का करने वाला कारोबारी दीपक अग्रवाल महिला मित्र के साथ थार में जा रहा था। जैसे ही वह सैक्टर-77 में लाइट प्वाइंट राधा स्वामी डेरा ब्यास के समीप पहुंचा तो एक मारुति कार थार के आगे आकर रुकी। उसमेें से 3-4 युवक उतरे और मारपीट करने लगे। इसके बाद आरोपी उसकी थार, आईफोन और सोने का ब्रेसलेट लेकर फरार हो गए थे। इस वारदात को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं। एयरपोर्ट रोड पर लूटी थी आई-20 कार डी.आई.जी. ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जब उनसे पूछताछ की तो सामने आया कि आरोपियों ने अपनी महिला साथी की मदद लेकर इससे पहले एयरपोर्ट रोड पर एक आई-20 कार लूटी थी। महिला ने पहले कार चालक को लुभा कर उसे सुनसान एरिया में रोका था। वहां योजना के तहत पहले से तैयार बैठे उसके साथियों ने पीड़ित को घेर कर उसकी कार लूट ली थी। इस मामले को लेकर सोहाना थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। जब कोई जाल में फंस जाता तो शमा खान उससे शारीरिक संबंध बनाने के बहाने सुनसान जगह ले जाती। उसके साथी वहां पहले से मौजूद होते थे। आरोपी विक्रम सिंह को सोहाना से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी 10वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा से गिरफ्तार किया है। वह 9वीं पास है और अविवाहित है। आरोपी अंगदजोत सिंह को चंडीगढ़ सेक्टर-36 से गिरफ्तार किया है, जो बीए पास है। आरोपी महिमा खान उर्फ खुशी को मटौर से गिरफ्तार किया गया है। वह अनपढ़ है और अविवाहित है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी खुशी मटौर में किराये पर रहती थी।   फेज-3बी2 में बनाई थी लूटपाट की प्लानिंग पूछताछ में सामने आया है कि अर्शदीप और गुरप्रीत सिंह दोनों बठिंडा के रहने वाले हैं। तीसरा साथी जसपाल भी मूलरूप से बठिंडा का रहने वाला है लेकिन यहां बहन के पास रहता था। अर्शदीप और गुरप्रीत दोनों जसपाल से मिलने आते थे। जसपाल ने आगे विक्रम से उनकी दोस्ती करवाई थी। चारों फेज-3बी2 की मार्केट में अंगद से मिलने आते थे। वहीं उनके संपर्क में खुशी आई। सभी ने वहीं बैठकर लूटपाट की योजना बनाई। इन वारदातों को दिया था अंजाम उक्त गिरोह ने 26 अक्टूबर अलसुबह पहली वारदात को अंजाम दिया था। टीडीआई सिटी सेक्टर-111 के रहने वाले बलजिंदर सिंह से आरोपियों ने उसकी आई-20 कार लूटी थी। बलजिंदर सिंह सुबह 11 बजे अपनी आई-20 कार में मोहाली क्लब अपनी ड्यूटी पर गया था और अलसुबह 4 बजे वह सेक्टर-86/79 कोर्ट कॉम्पलैक्स को जाती सडक़ पर अपनी गाड़ी रोककर बाथरूम करने लगा तो वहां एक स्विफ्ट गाड़ी आई जिसमें एक खुशी (उक्त आरोपी) उतरी और उसने खरड़ जाने का रास्ता पूछा। उसी दौरान कार से दो और व्यक्ति उतरे और उन्होंने बलजिंदर से उसकी कार की चाबी छीन ली और उसकी आई-20 गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में सोहाना थाने में अज्ञात के खिलाफ लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। दूसरी वारदात को आरोपियों ने 3 नवंबर को अंजाम दिया। आरोपियों ने मंडी गोबिंदगढ़ के रहने वाले दीपक अग्रवाल पर हमला कर उसकी थार कार छीन ली थी। दीपक अग्रवाल अपनी महिला मित्र पूजा के साथ थार में सवार था। वह दोनों अपने दोस्त मोहित सेठी के पास मोहाली आ रहे थे। जब वह गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना से लखनौर की तरफ जा रही सडक़ पर पहुंचे तो करीब सवा 3 बजे उनकी गाड़ी को मारूति जेन कार ने आकर घेर लिया। कार में चार व्यक्ति सवार थे और दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर वहां आकर रूके। उन लोगों ने दीपक की थार का साइड वाला शीशा तोड़ा और उसे बाहर निकालकर उसके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। उन्होंने उसकी सोने की चेन, ब्रेसलेट, मोबाइल फोन और 12 हजार कैश निकाला और उसकी थार गाड़ी लेकर फरार हो गए। इस मामले में भी अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सोहाना थाने में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उक्त आरोपियों को गिरफ्तार करने उपरांत दोनों मामलों में नामजद कर लिया है। recent visitors 77

पांढुर्णा में 14 साल के बच्चे को थर्ड डिग्री टॉर्चर, उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा, सुंघाया मिर्च का धुआं

पांढुर्णा  पांढुर्णा जिले से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग दो नाबालिग बच्चों से मारपीट करते नजर आ रहे हैं. ये मामला मोहगांव का बताया जा रहा है. जहां घड़ी चोरी के आरोप में मासूम को रस्सी से उल्टा लटकाकर बेरहमी से मारा जाता है. इतना ही नहीं एक नाबालिग को उल्टा लटकाकर मिर्ची का धुआं भी दिया जाता है. नाबालिगों को सजा देने का वीडियो 1 नवंबर का है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद 3 लोगों को हिरासत में लिया है. वायरल वीडियो से हुआ खुलासा मामले का खुलासा तब हुआ जब रविवार को सोशल मीडिया के जरिए पीड़ित बच्चे के पिता ने उस वीडियो को देखा. वीडियो में कुछ लोग बेटे को उल्टा लटकाकर पीटते दिखाई दे रहे थे. बच्चे से पूछने पर उसने अपने पिता को पूरी आपबीती सुनाई. पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा, ''1 नवंबर की दोपहर में गांव के लड़के ने मुझे दुकान पर बुलाया था. मैं अपने 12 साल के दोस्त के साथ वहां पहुंचा. यहां दो लड़के मिले. दोनों ने हम पर घड़ी चोरी का आरोप लगाया. जब हमने चोरी करने से मना किया तो रस्सी से पैर बांधे और टीन शेड से उल्टा लटकाकर बुरी तरह से पिटाई की.'' आग में मिर्ची डालकर धुआं सुंघाया पीड़ित बच्चे ने बताया कि आरोपियों ने उल्टा लटका कर सिर्फ मारपीट ही नहीं की बल्कि अंगार में मिर्च डालकर तीखा धुआं भी सुंघाया. जिसे स्थानीय भाषा में मिर्च की धूनी देना बोलते हैं. ऐसा करने से दम घुटता है. मासूम के साथ हो रही बेरहमी को कई लोग देख भी रहे थे, लेकिन वह वीडियो बनाने में और हंसने में व्यस्त थे. किसी ने इन आरोपियों को रोकने की जहमत तक नहीं उठाई. वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया पांढुर्णा एसपी सुंदर सिंह कनेश ने बताया, '' वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित बच्चों के पिता ने मोहगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. वीडियो के आधार पर 3 लोगों पर मामला दर्जकर हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. ये भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चों के साथ ऐसी हरकत करने में और कौन-कौन शामिल था.''   recent visitors 99

महिला मित्र के साथ माता टेकरी आए युवक से मारपीट, युवती के भाई को गिरफ्तार

इंदौर इंदौर से मुस्लिम महिला दोस्त के साथ देवास माता टेकरी से दर्शन कर लौट रहे युवक के साथ लड़की के भाई सहित अन्य लड़कों ने जमकर मारपीट की। उसे पहले शिप्रा ब्रिज के पास रोका। यहां मारपीट कर उसे नकाब पहनाकर देवास तरफ ले गए।  युवक विवेक लोधवाल द्वारा देवास की औद्योगिक थाना पुलिस को की गई शिकायत बताया गया कि वो बाइक से अपनी दोस्त अलीशा खान के साथ देवास में माता टेकरी के दर्शन के लिए गया था। वापस लौटते वक्त क्षिप्रा ब्रिज पर अलीशा के भाई साहिल खान और उसके दोस्त सैफ अली ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद दोनों उससे आईडी कार्ड मांगने लगे। इस पर विवेक ने बताया कि उसके पास आईडी कार्ड नहीं है। इसके बाद वो दोनों नाम पूछने लगा, जब युवक ने अपना नाम विवेक बताया तो उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसके मुंह पर एक काला कपड़ा भी ढंक दिया। बाइक पर बैठाकर दूसरी जगह ले गए इसके बाद विवेक को बाइक पर बैठाकर दूसरी जगह ले गए। वहां अरबाज और आसिफ भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर उसके साथ जमकर मारपीट की और धमकी दी कि अगली बार अलीशा के साथ दिखा तो जान से मार देंगे। मारपीट के बाद आरोपित विवेक को वापस क्षिप्रा ब्रिज पर छोड़ गए। विवेक ने घर पहुंचकर घटना की जानकारी परिवार को दी। अलीशा कहां गई उसे नहीं पता विवेक द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार घटना के वक्त अलीशा अपनी मां को फोन कर भाई से बात करवा रही थी, लेकिन साहिल ने उसका फोन छीन लिया। घटना के बाद अलीशा को वो कहां ले गए उसे नहीं पता है। जानकारी के मुताबिक अलीशा के विवेक के साथ घूमने पर उसका भाई बहुत नाराज हो गया था। इसके बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर विवेक को जमकर पीटा। इससे विवेक की पीठ पर लाल निशान उभर आए। उन्होंने धमकी दी कि अगली बार बहन के साथ मत दिखना वरना मार दिया जाएगा। मकान में ताला लगाकर तीन आरोपित फरार देवास के औद्योगिक थाना टीआई शशिकांत चौरसिया ने बताया घटना के बाद फरियादी युवक इंदौर चला गया था, बाद में रात में थाने आया। जांच में पता चला है कि युवक का अपहरण करने के बाद उसे देवास के मल्हार क्षेत्र में लाया गया था, यहां भी मारपीट की गई। आरोपित साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। तीन अन्य आरोपितों के मकान में ताला लगा है, ये परिवार सहित फरार हो गए हैं, इनकी तलाश में टीम लगी है। recent visitors 93

पुलिसकर्मियों को जुआ खेलते वीडियो वायरल

गुना  जिले में एक एसआई का जुआ खेलते हुए वीडियो वायरल हो रहा है। एक तरफ तो पुलिस जुए को क्राइम मानती है और लोगों की धरपकड़ करती है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस का खुद ही ताश खेलते हुए वीडियो वायरल हुआ है। सब इंस्पेक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक सब इंस्पेक्टर वर्दी में जुआ खेलते नजर आ रहे है। इस वीडियो में अन्य लोग भी ताश के पत्तों का खेल खेलते दिख रहे हैं। यह मामला पुलिस विभाग के लिए एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। वर्दी में ताश खेलते वीडियो वायरल पुलिस वाले पर यह काफी बड़ी परेशानी खड़ी करने वाला सवाल है। ड्यूटी के समय इस तरह की गतिविधियों में लिप्त होना कहां तक सही माना जाता है। वीडियो में सब इंस्पेक्टर स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि जे गेम खेंच से भी अच्छा गेम है, जा से दिमाग विकसित होता है। इसलिए खेलने आता हूं मैं। उनके सामने एक बायरलेस सेट रखा हुआ है। वह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ जुआ खेलने में व्यस्त हैं। यह तस्वीर न केवल पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करती है बल्कि समाज में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाती है। ड्यूटी के वक्त जुआ का खेल सबसे बड़ा सवाल यह है कि ड्यूटी टाइम में ताश के पत्ते जैसे बदनाम खेल खेलना कितना उचित है? पुलिसकर्मियों का मुख्य कार्य नागरिकों की सुरक्षा करना और कानून का पालन कराना है। ऐसे में इस प्रकार की गतिविधियां उनके पेशेवर आचरण पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। इस वीडियो के वायरल होने से स्थानीय समुदाय में पुलिस के प्रति विश्वास में कमी आ सकती है। यह घटना न केवल पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन की कमी को दर्शाती है बल्कि यह भी दिखाती है कि किस प्रकार कुछ पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिनसे पूरा पुलिस प्रशासन बदनाम होता है। recent visitors 54

इंदौर में ट्रैफिक के साथ सुरक्षा के खास इंतजाम, प्रमुख मार्गों पर 300 से ज्यादा जवान ट्रैफिक रात में भी संभाल रहे

इंदौर प्रदेश में पांच दिनी दीपोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को धनतेरस से हो रहा है। पहले दिन बाजारों में जमकर खरीदी होगी और लोग अपनी पसंदीदा चीजें खरीदेंगे। शाम को भगवान धनवंतरि की पूजा होगी और सभी के आरोग्य की कामना की जाएगी। इस दौरान प्रदेश के सभी शहरों के बाजार में खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ेगी। इसे देखते हुए पुलिस महकमे ने सभी शहरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं। ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी। प्रमुख बाजारों में पुलिस बल के साथ ही अग्मिशमन वाहन भी तैनात किए जाएंगे। इंदौर में ट्रैफिक के साथ सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक धनतेरस पर प्रदेश के बाजार में 1000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होगा। वाहन, सोना चांदी, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, बर्तन और कपड़ों की खरीदी को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। 300 से ज्यादा जवान संभाल रहे ट्रैफिक इंदौर में दीपावली त्योहार पर बाजारा और सड़कों पर आम दिनों की तुलना में ज्यादा भीड़ है। इसे देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों पर 300 से ज्यादा जवान ट्रैफिक रात में भी संभाल रहे हैं। ट्रैफिक विभाग के अलावा थानों का स्टाॅफ भी इस काम में लगा है। विजय नगर, खजराना, पलासिया, लसुड़िया, रिंग रोड़ सहित अन्य इलाकों में रात को वाहनों की जांच भी हो रही है। इंदौर में प्रमुख मार्गों पर नगर निगम व जनसहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगे है। उसकी मदद से प्रमुख मार्गों पर पुलिस कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है। चार फायर स्टेशनों पर पांच दिन अतिरिक्त स्टाॅफ दीपावली त्योहार के समय पटाखे, बिजली व शार्ट सर्किट के कारण आग लगने की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसे देखते हुए इंदौर के चार प्रमुख फायर ब्रिगेड स्टेशनों पर रात के समय 20 से ज्यादा कर्मचारियों का अतिरिक्त स्टाॅफ रहेगा। इसके अलावा संकरी गलियों के लिए फायर ब्रिगेड ने बुलेट की व्यवस्था भी रखी है, जिस पर सवार होकर फायर ब्रिगेड कर्मी छोटी आग को बुझाने जा सके। खंडवा में ड्रोन और सीसीटीवी से नजर खंडवा के एसपी मनोज कुमार राय ने दीपावली जैसे महापर्व को लेकर पुलिस महकमे को अलर्ट मोड पर किया हुआ है। यहां जिले के पुलिस कप्तान से मिले निर्देशों के बाद एक ओर जहां महिला पुलिस का दल बाजारों में घूम घूम कर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने में लगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर जिले के सभी थानों के साथ ही रिजर्व बल के जवान मिलकर नागरिकों की जान माल की सुरक्षा में 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहकर डटे हुए हैं। यही नहीं, पुलिस कंट्रोल रूम से भी लगातार सीसीटीवी कैमरों की मदद से भीड़ भरे क्षेत्रों के साथ ही पटाखा बाजार और शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन कैमरे की मदद से भी नजर रखी जा रही है। महिला पुलिस बाजारों में मजनूओं पर रख रहीं नजर वहीं, खंडवा नगर में इस समय त्योहारों के चलते की गई सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बताते हुए जिले के आरआई अरविंद कुमार दांगी ने बताया कि बाजार में महिलाओं की सुरक्षा को खास ध्यान रखते हुए एक दुर्गा वाहिनी सेल तैयार किया गया है, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों का चुनाव किया गया है, जो सिविल ड्रेस में बाजारों में घूम-घूम कर महिलाओं की सुरक्षा तो सुनिश्चित करती है। पुलिस बल के साथ ही रिजर्व बल के करीब 70 से अधिक जवानों को भी इस समय त्योहारों के मद्दे नजर ड्यूटी पर लगाया गया है। जवानों का दल लगातार शहर में गश्त कर रहा है, वहीं कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों से बैठकर भी 24 घंटे शहर के चप्पे चप्पे की निगरानी की जा रही है। जबलपुर में धनतेरस पर एक हजार पुलिस कर्मी तैनात जबलपुर में धनतेरस पर्व पर बाजार में सुरक्षा की दृष्टि से एक हजार पुलिसकर्मी व अधिकारी तैनात रहेंगे। बम तथा डॉग स्क्वॉड के द्वारा बाजारों को निरीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा मुख्य बाजार क्षेत्र में चौपहिया वाहन, ऑटो व ई-रिक्शा प्रतिबंधित रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से सादे कपड़ों में भी पुलिस कर्मीयों को तैनात किया जाएगा, जो असामाजिक व अपराधिक तत्वों पर नजर रखेंगे। गंजीपुरा, फुहारा, सराफा, गोरखपुर, रांझी, आधारताल क्षेत्र के मुख्य बाजार में धनतेरस पर्व पर एक हजार पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाजार सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार धनतेरस पर्व पर शहर में 500 करोड़ से अधिक के कारोबार की संभावना है। recent visitors 73

पति बच्चे के साथ हाल में टीवी देख रहा था, पत्नी ने बेडरूम में लगा ली फांसी

भोपाल  कोलार इलाके में एक 30 वर्षीय महिला ने फांसी लगा ली। महिला जब फांसी लगा रही थी, तब उसका पति अपने नौ महीने के बच्चे के साथ हाल में था और टीवी देख रहा था। काफी देर बाद जब पत्नी नहीं दिखाई दी तो उसने कमरे देखा, जहां वह फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। सूचना के बाद पहुंची कोलार थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर खुदकुशी के कारणों की जांच शुरू की है, महिला के पास से सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच कर रहे एएसआइ रुपेंद्र ने बताया कि शैलेंद्र कुमार और निशा सिंह ने तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। शैलेंद्र उत्तरप्रदेश के अमेठी से संबंध रखता है, जबकि निशा अशोका गार्डन में अपने माता-पिता के साथ रहती थी। शादी के बाद दोनों कोलार शिफ्ट हो गए थे। दंपति मिलकर एक ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। निशा ने यह कदम क्यों उठाया, इसको लेकर अब तक कोई कारण सामने नहीं आया है। पुलिस महिला के स्वजनों के बयान दर्ज करेगी। recent visitors 69

पत्नी ने पैसों के लिए पति की हत्या, 800 KM दूर ले जाकर शव जलाया, महिला गिरफ्तार

बेंगलुरु कर्नाटक के कोडागु जिले में तीन सप्ताह पहले एक कॉफी बागान में एक अज्ञात जला हुआ शव मिला था। इस मामले में अब पुलिस को एक भयानक हत्या की साजिश का पता चला है। मिली जानकारी के अनुसार, 54 वर्षीय व्यवसायी रमेश कुछ सप्ताह पहले लापता हो गया था। पुलिस को अब पता चला है कि उसकी पत्नी निहारिका, उसके प्रेमी निखिल और एक अन्य आरोपी अंकुर ने व्यवसायी के पैसों के लिए एक भयानक हत्या की साजिश रची और शव को ठिकाने लगाने के लिए राज्य की सीमा पार की। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस को बरामद हुआ एक शव 8 अक्टूबर को पुलिस को कोडागु के सनटिकोप्पा के पास एक कॉफी बागान में एक जला हुआ शव मिला। जब शव की पहचान करने के प्रयास विफल हो गए, तो पुलिस ने इलाके से गुजरने वाले वाहनों की जांच करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। एक लाल मर्सिडीज बेंज ने उनका ध्यान खींचा। यह कार रमेश के नाम से पंजीकृत पाई गई, जिसकी पत्नी ने हाल ही में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। फिर पुलिस ने तेलंगाना में अपने समकक्षों से संपर्क किया, जहां कार पंजीकृत थी। ऐसे हुआ मामले का खुलासा जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी, पुलिस को रमेश की पत्नी निहारिका पी (29) की भूमिका पर संदेह हुआ। जब उसे हिरासत में लिया गया, तो उसने रमेश की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की और अपने साथियों, पशु चिकित्सक निखिल और अंकुर का नाम बताया। पुलिस ने पाया कि निहारिका का बचपन परेशानियों से भरा रहा। जब वह 16 साल की थी, तब उसके पिता की मृत्यु हो गई और उसकी माँ ने दूसरी शादी कर ली। वह पढ़ाई में अव्वल रही, उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और काम करना शुरू कर दिया। उसने कम उम्र में शादी कर ली, माँ बनी और बाद में अलग हो गई। किसी समय, जब वह हरियाणा में थी, तो वह वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल हो गई और जेल चली गई। अंकुर से उसकी मुलाकात जेल में हुई। ऐसे दिया हत्या को अंजाम जेल से बाहर आने के बाद निहारिका ने रमेश से शादी कर ली। यह उसकी भी दूसरी शादी थी। व्यवसायी ने निहारिका को आलीशान जीवनशैली दी और वह इसकी आदी हो गई। एक समय पर, उसने उससे 8 करोड़ रुपये मांगे। रमेश ने निहारिका की मांग को अस्वीकार कर दिया और इससे निहारिका नाराज हो गई। वह निखिल के साथ रिश्ते में थी और उसके और अंकुर के साथ मिलकर उसने रमेश की हत्या की साजिश रची ताकि उसकी संपत्ति पर कब्जा कर सके। 1 अक्टूबर को हैदराबाद के उप्पल में व्यवसायी की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। आरोपी उसके घर वापस आया, नकदी ली और बेंगलुरु चला गया। ईंधन भरने के बाद, वे उप्पल से 800 किलोमीटर से अधिक दूर कोडागु चले गए। वहां उन्होंने शव को एक कॉफी एस्टेट में ठिकाने लगा दिया। शव को कंबल से ढककर आग लगा दी गई। इसके बाद तीनों हैदराबाद लौट आए और निहारिका ने रमेश की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले को लेकर पुलिस ने क्या कहा? कोडागु के पुलिस प्रमुख रामराजन ने कहा कि यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था क्योंकि सब कुछ पूरी तरह से नष्ट हो गया था। प्रथम दृष्टया, हमने निर्धारित किया कि शिकायत दर्ज होने से 3-4 दिन पहले शव को जला दिया गया था। हमारी अपराध टीम ने क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की। उन्होंने पाया कि शनिवार को, 12 बजे से 2 बजे के बीच क्षेत्र में एक वाहन संदिग्ध रूप से घूम रहा था। हमने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन रात होने के कारण तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं। इसलिए, हमने तुमकुर तक 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। सभी तकनीकी साक्ष्यों के साथ, हम तेलंगाना के एक वाहन का पता लगाने में सक्षम थे जो रमेश नामक एक व्यवसायी का था। उन्होंने कहा, हमारी जांच के आधार पर, हमने कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान 29 वर्षीय निहारिका और 28 वर्षीय पशु चिकित्सक निखिल के रूप में हुई है। निहारिका मुख्य संदिग्ध है; उसने कथित तौर पर कार के मालिक रमेश की हत्या की थी। निहारिका ने निखिल और एक अन्य साथी अंकुर के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा दिया। recent visitors 61