जबलपुर: कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली शर्तों पर हाईकोर्ट सख्त, बिजली कंपनी की टेंडर प्रक्रिया पर लगाई रोक

Jabalpur: High Court takes a strict stance on terms favoring companies; stays power company’s tender process. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तवमध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नौ लॉट में आउटसोर्स मैनपावर उपलब्ध कराने के लिए जारी निविदा प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेज, भोपाल सहित पांच कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया था कि निविदा में ऐसी शर्तें निर्धारित की गई हैं, जिन्हें केवल कुछ कंपनियां ही पूरा करती हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि निविदा में तकनीकी मूल्यांकन में प्राप्त अंक महत्वपूर्ण हैं, जबकि मूल्य बोली निर्धारित है। मापदंड तय करने के लिए 50 अंकों का विशेष टेक्नो-कमर्शियल स्कैनिंग सिस्टम बनाया गया है। इसमें 51 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर करने वाली कंपनियों को 35 अंक दिए जाने का प्रावधान है। जिस कंपनी के पास सबसे अधिक मैनपावर सप्लाई का अनुभव होगा, उसे पांच अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश की ऊर्जा कंपनी में दस साल का अनुभव भी अनिवार्य किया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वे पिछले तीन वर्षों से विद्युत वितरण कंपनी के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इस दौरान उन्हें कार्य के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र भी मिले हैं। इसके बावजूद ऐसे प्रतिबंधात्मक मापदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनसे उन्हें निविदा प्रक्रिया से बाहर किए जाने की आशंका है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि देशभर में प्राप्त समान अनुभव को तकनीकी मूल्यांकन में उचित महत्व नहीं दिया गया है। ऐसे में तकनीकी अंकों और बराबरी की स्थिति में अपनाए जाने वाले मापदंडों का निविदा के परिणाम पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने इन मापदंडों को मनमाना, भेदभावपूर्ण और समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत बताया। युगलपीठ ने याचिकाओं की सुनवाई के बाद निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता राम बिहारी गौतम और अधिवक्ता शुभम शुक्ला ने पैरवी की। recent visitors 20