कोरोना के बाद AC कोचो का बड़ा चलन, रेलवे ने जारी किया आकड़ा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे के जरिए रोजाना करोड़ों की संख्या में यात्री सफर करते हैं. यात्रियों के लिए रेलवे हजारों की संख्या में ट्रेन चलाता है. भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल व्यवस्था है. सामान्य तौर पर बात की जाए तो अगर कोई कहीं जाना चाहता है और दूर का सफर तय करना चाहता है. तो ऐसे में ज्यादातर लोगों की पहली पसंद ट्रेन होती है. बीते कुछ सालों में ट्रेन में सफर करने वालों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. लेकिन जब पूरी दुनिया की तरह भारत भी कोविड-19 की चपेट में था. तो महामारी के बाद जब चीजें सामान्य हुईं. तो ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बदलाव देखने को मिला. थर्ड एसी में ट्रैवल करने वाले यात्रियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है. हैरान कर देंगे रेलवे के जारी किए गए आंकड़े. कोरोना के बाद बढ़े थर्ड एसी के यात्री साल 2019 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया था. तब से ही लोग साफ सफाई को लेकर सजग रहने लगे. इसके बाद लोगों की जिंदगी में कई आदते पूरी तरह से बदल गईं. वहीं कोरोना महामारी के बाद बात की जाए तो भारतीय रेलवे में सफर करने वालों यात्रियों की संख्या में भी काफी बदलाव हुआ. हाल ही में रेलवे की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में यह बात सामने निकल कर आई कि कोरोना महामारी के बाद ट्रेनों में पहले जो यात्री स्लीपर में सफर करते थे. वह यात्री थर्ड एसी में सफर करने लगे हैं. कोविड के बाद थर्ड एसी पैसेंजर्स की संख्या में तगड़ा उछाल देखने को मिला है. आंकडे कर देंगे हैरान कोरोना महामारी के बाद से लेकर अब तक के 5 सालों में एसी थर्ड से सफर करने वाले मुसाफिरों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिला है. साल 2019-20 में 11 करोड़ यात्री थर्ड एसी से सफर करते थे. यानी कुल यात्रियों का 1.4% ही. वहीं साल 2024-25 की बात की जाए तो इसमें 19% का इजाफा हुआ है. और यात्रियों की संख्या 26 करोड़ हो गई है. साल 2019-20 में जहां थर्ड एसी से भारतीय रेलवे ने 12,370 करोड रुपये का राजस्व कमाया था. तो वहीं साल 2024 25 में यह बढ़कर 30,089 करोड़ हो गया है. यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं. बता दें कोरोना महामारी से पहले यानी 2019-20 तक रेलवे के राजस्व में सबसे ज्यादा योगदान स्लीपर क्लास के यात्रियों में हुआ करता था. लेकिन इस बार थर्ड एसी के यात्रियों का राजस्व सबसे ज्यादा है. recent visitors 56

मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी, प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य.

मुंबई मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा है. रेलवे स्‍टेशन के ऊपर ही मॉल, ऑफिस स्‍पेस और रिटेल शॉप भी होंगी. यह प्रोजेक्‍ट रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ सरकार के लिए मोटा राजस्‍व भी पैदा करेगा. थाणे रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म 10ए के पास 9,000 वर्गमीटर एरिया में इस प्रोजेक्‍ट को डेवलप किया जाएगा. इसके साथ ही 24,280 वर्गमीटर का लीज स्‍पेस भी रहेगा. इस जगह को 60 साल की लीज पर दिया जा सकता है. प्रोजेक्‍ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रहेगा. इस रेलवे स्‍टेशन के पास कनेक्टिविटी का पूरा ख्‍याल रखा गया है, जिसे बस और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा. क्‍या-क्‍या सुविधाएं होंगी रेलवे स्‍टेशन के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही रेलवे की सुविधाएं भी यहां दी जाएंगी. इससे जुड़ा ही बस का डेक बनाया जाएगा, जहां से लोकल बस पकड़ी जा सकेगी. नीचे के 2 फ्लोर पर यह सभी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी. ऊपर के फ्लोर को कॉमर्शियल यूज के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इन फ्लोर पर शॉपिंग और रिटेल शॉप बनाई जाएंगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही बढ़ावा नहीं देगा, बल्कि लोगों को सुविधाएं भी उपलब्‍ध कराएगा. ऊपर के फ्लोर पर फूड कोर्ट और रेस्‍तरां भी बनाए जाएंगे. यहां बच्‍चों के लिए गेमिंग जोन होगा, जबकि ऑफिस के लिए भी बड़ा स्‍पेस तैयार किया जा रहा है. होटल और सर्विस अपार्टमेंट के अलावा इस पर कोचिंग इंस्‍टीट्यूट भी बनाया जाएगा. किन जगहों के लिए होगी कनेक्टिविटी इस स्‍टेशन पर ट्रेन के अलावा अन्‍य साधनों की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस पर 2.24 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो ईस्‍टर्न एक्‍सप्रेसवे को सीधे रेलवे स्‍टेशन से जोड़ेगा. प्‍लेटफॉर्म 10 के पास से बस मूवमेंट के लिए डेक बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को ट्रेन से उतरकर बस पकड़ने के लिए दूर न जाना पड़े. इस प्रोजेक्‍ट को रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और थाणे म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन मिलकर बना रहे हैं. recent visitors 51

रतलाम-महू-खंडवा-अकोला रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी, सर्वे की मंजूरी

 रतलाम मध्यप्रदेश में रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट में एक और लाइन का प्रस्ताव रेलवे ने किया है। इस रूट पर डाली जा रही नई लाइन के साथ ही एक और लाइन डाली जाएगी। इसके सर्वे की मंजूरी रेलवे ने दे दी है।  इंदौर से खंडवा के बीच अब डबल लाइन होगी। इससे इंदौर का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा। मुख्य लाइन का काम पहले से ही चल रहा है। डबल ट्रैक के सर्वे लिए रेलवे ने 2.24 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। 2 हजार करोड़ से ज्यादा लागत मालूम हो, रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के जरिए इंदौर का डेड एंड खत्म हो सकेगा। महाराष्ट्र से सीधा जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव कनेक्ट होंगे। बजट में पिछले साल इस प्रोजेक्ट को 910 करोड़ मिले थे। 2008 में प्रोजेक्ट को विशेष दर्जा मिला है। इसकी लागत 2 हजार करोड़ से ज्यादा है। रेलवे ने पातालपानी से बलवाड़ा तक डायवर्टेड रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर जारी किए हैं। इसमें सबसे प्रमुख दो बड़ी सुरंगें भी हैं। इसके पहले 4 किमी की टनल का टेंडर भी किया जा चुका है। मिलेंगी ज्यादा ट्रेनें वन विभाग की जमीन को छोड़कर कई हिस्सों में काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर से खंडवा तक एक लाइन और डालने की मांग रेलवे से की थी। सर्वे के बाद ही आगे की प्रक्रिया हो सकेगी। डबल लाइन होने से इंदौर को ज्यादा ट्रेनें मिल सकेंगी। 2 हजार करोड़ से अधिक खर्च ज्ञात होता है कि रतलाम-महू-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज परियोजना से इंदौर का डेड एंड समाप्त हो सकेगा। सीधा महाराष्ट्र से जुड़ाव होगा। इससे 13 गांव जुड़ेंगे। पिछले साल बजट में इस परियोजना को 910 करोड़ रुपये मिले थे। 2008 में योजना को विशिष्ट दर्जा दिया गया है। इसका खर्च दो हजार करोड़ से अधिक है। पातालपानी से बलवाड़ा तक विस्तृत रेल लाइन के 468.65 करोड़ के टेंडर रेलवे ने बनाए हैं। इसमें दो सबसे महत्वपूर्ण सुरंगें भी हैं। इससे पहले चार किमी की एक टनल भी टेंडर की गई है। अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग वन विभाग की जमीन के अलावा कई स्थानों पर काम चल रहा है। सांसद शंकर लालवानी ने रेलवे से इंदौर से खंडवा तक एक अतिरिक्त लाइन बनाने की मांग की थी। सर्वे के बाद ही अगले कदम उठाया जा सकेगा। डबल लाइन बनाने से इंदौर अधिक ट्रेनें पा सकेगा। recent visitors 58

भारतीय रेलवे ने कहा है कि मध्य प्रदेश में उत्पादित सभी बिजली को हम खरीदेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश बिजली के मामले में सरपल्स स्टेट है। अब रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में भी मध्य प्रदेश में जबरदस्त काम हो रहा है। मध्य प्रदेश से उत्पादित बिजली को भारतीय रेलवे खरीदेगी। यहां से रेलवे को सबसे सस्ती बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। सस्ती बिजली बनाने का रेकॉर्ड उन्होंने कहा कि साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। सोलर उर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। बाबई में पहला मैन्युफैक्चरिंग जोन नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। भारतीय रेल खरीदेगी बिजली वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में "नेट जीरो" हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें। recent visitors 48

रेलवे सुरक्षाकर्मियों ने यात्री को लौटाया, राजस्थान-सिरोही के एसी वेटिंग रूम में मिले दो मोबाइल और नकदी व सामान

सिरोही। सिरोही में आबूरोड रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा शुक्रवार को गत 25 दिसंबर 2024 को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में मिले दो मोबाइल, नकदी और अन्य सामान को संबंधित यात्री को लौटा दिया। खोया सामान पाकर यात्री ने रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों की प्रशंसा की। इस मामले में गत 25 दिसंबर 2024 को रेलवे सुरक्षाबल को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर स्थित एसी वेटिंग रूम में लावारिस हालत में लेडीज पर्स पड़े होने की सूचना मिली। इस पर प्लेटफॉर्म पर तैनात हेड कांस्टेबल अशरफ अली और कांस्टेबल हजारीलाल वहां पहुंचे तथा पर्स को खोलकर देखा तो उसमें सैमसंग कंपनी के दो मोबाइल व 11,245 रुपये की नकदी मिली। रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों द्वारा वहां मौजूद यात्रियों से इस बारे में पूछताछ की गई तो किसी ने भी अपना नहीं होना बताया। इसके बाद संबंधित यात्री से संपर्क किया गया तो उसके सवारी गाड़ी आला अलहजरत एक्सप्रेस में सफर करने एवं एसी वेटिंग रूम में प्रतीक्षा करने के दौरान ये सामान भूलवश छूटने की जानकारी दी गई। शुक्रवार को गांव मवा कहोलन, तहसील अम्ब बस स्टाॅप मावा कहोलन के पास जिला उना मावा काहोला उप्पेरली (126) उना, हिमाचल प्रदेश निवासी रवि कुमार शर्मा पुत्र अशोक कुमार शर्मा रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर उपस्थित हुआ। तस्दीक के बाद रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिहं एवं सहायक उपनिरीक्षक सोहन सिंह द्वारा सामान को संबंधित यात्री को सुपर्द कर दिया गया। यात्री के सामान की कीमत 72 हजार रुपये बताई गई है। रक्तदान कर मनाया जन्मदिन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई ने बताया कि युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष एवं आबूरोड नगर मंडल महामंत्री दीपेश अग्रवाल के जन्मदिन पर रक्तदान करके मनाया। भाजपा हमेशा से ही सेवा वाली राजनीति करती है और रक्तदान से बड़ा सेवा कार्य कोई हो ही नहीं सकता। रक्तवीर एवं महामंत्री दीपेश अग्रवाल ने बताया कि वो हर शुभ प्रसंग पर रक्तदान देने का प्रयत्न करते हैं। इसी क्रम में आज अपने 40वें जन्मदिन और 32वीं बार रक्तदान किया और कहा कि रक्तदान जीवन में बहुत जरूरी है। इससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है और रक्तदान देने से लोग प्रेरित भी होते हैं। इस दौरान मंडल अध्यक्ष मनीष परसाई, पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सम्बरीया, ब्लड बैंक प्रभारी धर्मेंद्र सिंह, महामंत्री राधेश्याम शाक्य, हरेंद्र सिंह एवं मीडिया प्रभारी पुलिन छंगाणी मौजूद रहे। recent visitors 78

दिसम्बर महीने में दूसरी बार डाउन हुई आईआरसीटीसी की साइट, क्या है इसकी वजह

मुंबई ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा देने वाली IRCTC की वेबसाइट एक बार फिर डाउन हो गई है. इस बार आईआरसीटीसी की तरफ से इसे लेकर कोई भी अपडेट नहीं दिया गया है. तमाम लोग सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं कि वो तत्काल टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि IRCTC की वेबसाइट डाउन है. बता दें कि IRCTC की वेबसाइट से लोग सिर्फ टिकट ही बुक नहीं करते हैं, बल्कि अपना स्टेटस और पीएनआर जैसी चीजों के लिए भी यहां जाते हैं. ऐसे में तमाम लोगों को वेबसाइट और ऐप डाउन होने से परेशानी हो रही है. सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस क्योंकि लाखों लोग IRCTC ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में अगर ये डाउन हो जाए तो सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर करने लगते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है. लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी परेशानी बताई और कहा कि तत्काल टिकट बुक कराने के वक्त ही ऐसा क्यों होता है. लोगों ने आईआरसीटीसी को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए. मेंटेनेंस की वजह से डाउन होती है साइट ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप डाउन हुआ हो, इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है. कई बार आईआरसीटीसी की तरफ से पहले से ही जानकारी दी जाती है कि मेंटेनेंस की वजह से आधे या एक घंटे के लिए साइट में दिक्कत आ सकती है. हालांकि इस बार ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई. क्योंकि लोगों ने सोशल मीडिया पर IRCTC को टैग कर सवाल पूछे हैं, ऐसे में जल्द ही इस बार के आउटरेज को लेकर भी जवाब आ सकता है. हालांकि करीब एक घंटे तक ही ये समस्या लोगों को हुई, उसके बाद वेबसाइट ने वापस काम करना शुरू कर दिया. फिलहाल आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर अपना पीएनआर चेक कर सकते हैं या फिर टिकट बुक करा सकते हैं. recent visitors 79

टिकट है तो सफर आसान: भोपाल मंडल का व्यापक टिकट चेकिंग अभियान

 भोपाल भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना,बीना,इटारसी,हरदा,विदिशा,नर्मदापुरम स्टेशनों पर चला अभियान अनियमित एवं बिना टिकट यात्रा करते 1549 यात्री पकड़ कर, रूपये 866985/- का जुर्माना वसूला गया| मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में भोपाल मंडल द्वारा अधिकृत यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने तथा रेल राजस्व में वृद्धि करने हेतु सतत प्रयास किये जा रहे है | इसी क्रम में आज दिनांक 19.12.2024  को  भोपाल मंडल के नौ स्टेशनों जैसे भोपाल,रानी कमलापति,संत हिरदाराम नगर, गुना, बीना, इटारसी, हरदा,विदिशा, नर्मदापुरम स्टेशनों पर एक साथ सुबह 06 बजे से दोपहर 02 बजे तक वाणिज्य विभाग के 10 पर्यवेक्षक ,104 टिकट चेकिंग स्टाफ  के सहयोग से किलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। पर्यवेक्षक टिकट चेकिंग स्टॉफ की निगरानी में चलाये गए इस टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशन के बाहर निकलने वाले रास्ते की घेराबंदी की गई, ताकि कोई भी यात्री बिना जाँच के स्टेशन के बाहर न जा सकें। इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान स्टेशनों  पर आने-जाने वाली कुल 153 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 730 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 468395/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 806 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 396190/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए  13 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 2400/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार सभी नौ स्टेशनों  पर एक साथ चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 1549 मामलों से कुल रुपये 866985/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 1.भोपाल स्टेशन  : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान भोपाल स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 21 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 203 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 137470/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 161 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 81150/- बतौर जुर्माना/किराया वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार भोपाल स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 364 मामलों से कुल रुपये 218620/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 2.इटारसी स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान इटारसी स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 39 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 140 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 105145/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 212 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 106820/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार इटारसी स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 355 मामलों से कुल रुपये 212565/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 3.रानी कमलापति स्टेशन: इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान रानी कमलापति स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 15 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 28 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 10460/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 7 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 3200/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 4 यात्रियों से 700/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार रानी कमलापति स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 39 मामलों से कुल रुपये 14360/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 4.संत हिरदाराम नगर स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 11 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 47 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 30850/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 21 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 9950/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 3 यात्रियों से 600/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार संत हिरदाराम नगर  स्टेशन पर चले इस क़िलाबन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट, अनुचित टिकट, बिना बुक कराए समान लेकर यात्रा करते पाए गए यात्रियों के पकड़े गए कुल 71 मामलों से कुल रुपये 41400/- का रेल राजस्व प्राप्त हुआ। 5.गुना स्टेशन : इस किला बन्दी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान गुना स्टेशन पर आने-जाने वाली कुल 10 गाड़ियों के यात्रियों के टिकट की जांच की गई। जांच के दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले कुल 46 यात्री पकड़े गए, जिनसे रुपये 27405/- बतौर किराया/जुर्माना वसूला किया गया। अनुचित टिकट लेकर यात्रा करने वाले कुल 58 यात्री पाए गए, जिनसे रुपये 28320/- बतौर जुर्माना/किराया वसूल किया गया। बिना बुक कराए सामान लेकर यात्रा कर रहे एवं स्टेशन पर गंदगी फैलाते हुए 1 यात्रियों से 200/- रुपये जुर्माना वसूलने के साथ ही यात्रियों को उचित टिकट लेकर ही यात्रा करने एवं गंदगी ना करने की समझाईश दी गई। इस प्रकार गुना … Read more