आधे घंटे रही कार्रवाई स्थगित, राजस्थान विधानसभा में हंगामा करतीं कांग्रेस विधायक की तबीयत बिगड़ी

जयपुर. विधानसभा में कांग्रेस के हंगामे और नारेबाजी के बीच कांग्रेस विधायक रमीला खड़िया की तबीयत बिगड़ गई। इस बीच स्पीकर ने आधे घंटे के लिए सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी और सदन में डॉक्टर को बुलाया गया। गौरतलब है कि सोमवार से धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर का निलंबन रद्द करने पर अड़े हैं और कानून मंत्री जोगाराम पटेल का इस्तीफा भी मांग रहे हैं। विपक्ष की नारेबाजी पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा है कि पहले निलंबित विधायक को बाहर भेजिए और प्रश्नकाल चलने दीजिए फिर बात सुनी जाएगी। विधानसभा में गतिरोध दूर करने के लिए कल संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने एक बार नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ विधायकों से चर्चा की थी लेकिन बात नहीं बनी। गतिरोध दूर नहीं होने के कारण धरना जारी है। recent visitors 104

प्रश्नकाल में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने लगाए आरोप, राजस्थान-मिड डे मील में कांग्रेस राज में करोड़ों का घोटाला

जयपुर. विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने भाजपा विधायक ललित मीणा के सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस के राज में मिड डे मील में करोड़ों रुपयों का घोटाला हुआ है। बच्चों के मुंह से दूध और मिड डे मील छीना गया है, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले हालांकि ईडी जांच कर रही है। जरूरत पड़ी तो हम भी जांच करवा सकते हैं। दिलावर बोले कि जांच करवाने पर जो दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कानून हमें अनुमति देगा तो हम भी जांच करेंगे और यदि उसमें सरकारी कर्मचारी शामिल हैं तो उन्हें निलंबित करेंगे। दिलावर ने कहा कि मिड डे मील में बहुत सारे घपले हुए हैं। कांग्रेस ने 9 महीने का मिड डे मील देकर फर्जी अंगूठे लगवाए। बच्चों के अंगूठे क्यों लगाए गए? इससे साफ है जाहिर है कि इसमें करोड़ों का घोटाला हुआ है। विधायक ललित मीणा ने सवाल किया था कि शाहबाद तहसील में कोविड के दौरान दूध का परिवहन किया गया और फर्जी अंगूठे लगाए गए। recent visitors 137

टोंक में 321MM पानी बरसा, राजस्थान के शाहपुरा-भीलवाड़ा और बूंदी में मूसलाधार बारिश

जयपुर. राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश ने बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं। बीते 24 घंटों में टोंक जिले में सबसे ज्यादा 321 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा शाहपुरा में 213, बूंदी में 226, भीलवाड़ा में 206, अजमेर में 155, बारां में 185 और बूंदी में 190 एमएम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश भागों में आज आद्रता की मात्रा 75 से 100 प्रतिशत तक है, जिससे आने वाले 24 घंटों में तेज बारिश के आसार बन रहे हैं। राजस्थान की लाइफ लाइन माने जाने वाले सबसे बड़े बीसलपुर बांध में भी पानी की जोरदार आवक शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग के अनुसार बीसलपुर में फिलहाल करीब 50 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड पानी की आवक हो रही है। भारी बारिश के चलते प्रदेश के अन्य बांधों में भी जबरदस्त आवक हो रही है। तेज आवक के चलते कोटा बैराज, कालीसिंध और पांचना बांध के गेट खोल दिए गए हैं। कालीसिंघ के 4, कोटा बैराज के 3 और पांचना बांध का एक गेट खोल दिया गया है। recent visitors 158

बागी की नियुक्ति में भाजपा की की दिखी गुटबाजी, राजपुर के सवाई माधोपुर क्रिकेट एसोसिएशन का डीडी कुमावत बनाया अध्यक्ष

जयपुर. भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर के पद ग्रहण के समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा था कि सबको साथ लेकर चलो, इन्हें एक करो। राजे का इशारा सीधे-सीधे भाजपा में चल रही गुटबाजी को लेकर था, जिसका शिकार वे खुद भी हुई थीं। इसी गुटबाजी का एक उदाहरण हाल ही में सवाई माधोपुर में देखने को मिला, जब जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पद पर जयपुर ग्रामीण के बागी नेता को एसोसिएशन का अध्यक्ष बना दिया गया। भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी का ही परिणाम रहा कि विधानसभा चुनाव में पार्टी को वह जीत नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद भाजपा ने की थी। बहरहाल सरकार तो बन गई परंतु नए मुख्यमंत्री के चयन के बाद यह गुटबाजी और परवान चढ़ गई, जिसका खामियाजा भाजपा को लोकसभा चुनावों में 11 सीटें गंवाकर भुगतना पड़ा। अब एक बार फिर से प्रदेश में 5 सीटों पर उपचुनाव होने हैं। जानकार और खुद पार्टी के नेता इस गुटबाजी को लेकर खुलकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। गुटबाजी के बीच सभी नेता अपने चहेतों को कहीं ना कहीं एडजस्ट करने की जुगत मे लगे हुए हैं। हाल ही  मे सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव संपन्न हुए, जिसमें जयपुर ग्रामीण के भाजपा के बागी नेता डीडी कुमावत को सवाई माधोपुर से जिला क्रिकेट संघ का अध्यक्ष बना दिया गया। सूत्रों के अनुसार कुमावत के गॉड फादर कैबिनेट मंत्री उन्हें राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में लाने के लिए बेताब हैं, जबकि सवाई माधोपुर से भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी जो कि विधायक भी हैं, को दरकिनार कर दिया गया। गुटबाजी का आलम यह है कि अपने गृह जिले में भी नेताजी की नहीं चल पाई। जबकि खेलों को राजनीति से दूर रखने और पारदर्शी बनाने की बात भी खुद भाजपा के ही मंत्री करते दिखाई देते हैं। अब गुटबाजी के चलते भाजपा किस प्रकार उपचुनाव और फिर पंचायत के चुनावों का सामना करेगी यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री पूरा दम लगा कर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता को साधने की मेहनत कर रहे हैं परंतु गुटबाजी के चलते उनके सभी प्रयास विफल होते दिखाई दे रहे हैं। recent visitors 96

ऊर्जा के चार संयुक्त उपक्रमों को मंजूरी, राजस्थान के सीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक

जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजनाओं के विकास एवं संचालन के लिए संयुक्त उपक्रम, अक्षय एवं ताप विद्युत परियोजनाओं तथा विद्युत प्रसारण परियोजनाओं के लिए संयुक्त उपक्रम, इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट, संस्कृत शिक्षा विभाग में पदनाम परिवर्तन एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में सूपर स्पेशियलिटी शिक्षकों की कमी दूर करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए मंत्रिमंडल में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने बताया कि मेट्रो रेल नीति 2017 के अनुसार केंद्र सरकार और राज्य के बीच संयुक्त उद्यम (जेवी) कंपनी के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। यह संयुक्त उद्यम राजस्थान में वर्तमान में चल रही एवं भविष्य की मेट्रो रेल परियोजनाओं के विकास, परिचालन एवं क्रियान्वयन के लिए होगा। दिल्ली मेट्रो, कोच्चि मेट्रो, बैंगलुरू मेट्रो, उत्तर प्रदेश मेट्रो, नोएडा मेट्रो, मध्य प्रदेश मेट्रो, नागपुर मेट्रो आदि लगभग सभी राज्यों में भी सफलता पूर्वक जेवी का यही मॉडल अपनाया गया है। मेट्रो रेल नीति-2017 के अनुसार इस जेवी को भारत सरकार से मेट्रो परियोजना लागत में वित्तीय सहयोग (अंशपूंजी एवं ऋण के रूप में) प्राप्त हो सकेगा। साथ ही, राज्य की मेट्रो परियोजनाओं के लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग प्राप्त हो सकेगा। अक्षय, तापीय ऊर्जा एवं प्रसारण परियोजनाओं के लिए ज्वाइंट वेंचर संसदीय कार्य मंत्री  जोगाराम पटेल ने बताया कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। बीते 10 मार्च 2024 को राज्य सरकार और विभिन्न केन्द्रीय पीएसयू के बीच हुए एमओयू की अनुपालना में मंत्रिमंडल की बैठक में आज भारत सरकार की विभिन्न पीएसयू के साथ ज्वाइंट वेंचर कंपनियों के गठन के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इन परियोजनाओं में राज्य सरकार की कंपनियों की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत और केन्द्रीय पीएसयू कंपनियों की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत रहेगी। इन जेवी कंपनियों में राज्य सरकार की कंपनियों की शेयर हॉल्डिंग के लिए वर्तमान परिसंपत्तियों से अंश पूंजी की व्यवस्था की जाएगी। कोल इंडिया लिमिटेड और आरवीयूएनएल के बीच संयुक्त उपक्रम उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड ने बताया कि कोल इंडिया लिमिटेड और आरवीयूएनएल के बीच दो अलग अलग जेवी की स्थापना की जाएगी। इसमें एक तापीय परियोजना एवं दूसरी अक्षय ऊर्जा परियोजना होगी। इन जेवी से बिजली की बेस लोड और पीक लोड डिमांड पूरी होगी। साथ ही बिजली उत्पादन में प्रदेश के वित्तीय भार में कमी आएगी। पहली परियोजना के अंतर्गत कालीसिंध तापीय परियोजना झालावाड़ परिसर में 800 मेगावाट की इकाई या किसी अन्य पीटहैड ग्रीनफील्ड कोयला परियोजना की स्थापना की जाएगी। दूसरी जेवी के तहत दो हजार से ढाई हजार मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना, पंप स्टोरेज परियोजना और पवन ऊर्जा परियोजना की स्थापना की जाएगी। इन परियोजनाओं से 17 हजार 200 से 24 हजार 400 करोड़ रूपये का प्रदेश में निवेश होगा। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी एवं आरवीयूएनएल के मध्य संयुक्त उपक्रम उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि अक्षय ऊर्जा परियोजना की स्थापना के लिए एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी एवं आरवीयूएनएल के मध्य ज्वाइंट वेंचर बनाई जाएगी। यह उपक्रम 25 हजार मेगावाट की सोलर/विंड/हाइब्रिड एनर्जी सहित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करेगा। इसके माध्यम से प्रदेश में एक लाख करोड़ रूपये का निवेश होगा। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन एवं राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के मध्य ज्वाइंट वेंचर कंपनी कर्नल राठौड़ ने बताया कि विद्युत प्रसारण परियोजनाओं की स्थापना के लिए पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड एवं राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के मध्य ज्वाइंट वेंचर कंपनी की स्थापना की जाएगी। इससे राजस्थान में बढ़ती विद्युत लोड मांग की पूर्ति के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का विकास हो सकेगा। यह जेवी ठव्व्ड (निर्माण, स्वामित्व, संचालन एवं रखरखाव) आधार पर ट्रांसमिशन सिस्टम का संचालन करेगी और अपने द्वारा बनाई गई संपूर्ण ट्रांसमिशन क्षमता राजस्थान डिस्कॉम को उपलब्ध करवाएगी। इस जेवी के माध्यम से प्रदेश में 10 हजार करोड़ का निवेश होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट बनाया जाएगा संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2024-25 के लेखानुदान में प्रसारण निगम में केन्द्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट इनविट लाने की घोषणा की गई है। इसकी अनुपालना में राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड इनविट का गठन करेगा तथा इसे सेबी में पंजीकृत किया जाएगा। आरवीपीएन को इनविट के माध्यम से अपनी परिचालन ट्रांसमिशन परिसंपति के मुद्रीकरण के लिए अधिकृत करने का प्रस्ताव आज अनुमोदित किया गया है। आरजीएचएस में क्लेम सेटलमेंट में आएगी स्पष्टता कर्नल राठौड़ ने बताया कि जिन राज्य कर्मचारी एवं पेंशनरों ने आरजीएचएस के अलावा निजी मेडिकल इंश्योरेंस भी ले रखा है, उन्हें अब केन्द्र सरकार/सीजीएचएस के प्रावधानों से क्लेम का भुगतान किया जाएगा। पहले क्लेम का सेटलमेंट मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया जाएगा तथा इसके उपरांत शेष राशि का क्लेम आरजीएचएस के पेटे से सेटल किया जाएगा। इस निर्णय से आरजीएचएस और निजी मेडिकल इंश्योरेंस दोनों में पंजीकृत कर्मचारियों एवं पेंशनरों के क्लेम सेटलमेंट के संदर्भ में स्पष्टता आएगी। चिकित्सा शिक्षा में सुपर स्पेशियलिटी शिक्षकों की कमी होगी दूर उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजस्थान चिकित्सा सेवा (कॉलेज शिक्षा) नियम 1962 के नियम 7 के उपनियम 1 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अंतर्गत राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में 1 अप्रेल 2020 या इसके पश्चात सुपर स्पेशियलिटी एवं सब स्पेशियलिटी में नये शुरू होने वाले विभाग में राजस्थान चिकित्सा सेवा (कॉलेज शिक्षा) नियम 1962 के नियम 24 के उपनियम 1 में वर्णित प्रक्रिया के बाद भी आचार्य, सह आचार्य के पद रिक्त रहते हैं तो इन्हें विशेष भर्ती से भरा जा सकेगा। इस निर्णय से राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग द्वारा निर्धारित मापदण्डों की पूर्ति हेतु चिकित्सा शिक्षकों की कमी दूर होगी और सुपर स्पेशियलिटी में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। संस्कृत शिक्षा में 2 हजार 827 भर्तियों का रास्ता साफ,  शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों का पदनाम परिवर्तन उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा विभाग में शारीरिक शिक्षा अनुदेशक ग्रेड 2 एवं  शारीरिक शिक्षा अनुदेशक ग्रेड 3 का पदनाम अब शिक्षा विभाग की तर्ज पर वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक व शारीरिक शिक्षा अध्यापक किया गया। … Read more

राहुल गांधी बताएं-हिंदू-मुसलमान या हैं ईसाई, राजस्थान के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष CP जोशी ने जाति पर पूछा सवाल

जयपुर. राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने बीजेपी मुख्यालय पहुंचकर राहुल गांधी की जाति पूछकर एक बार फिर कांग्रेस और गांधी परिवार पर बड़ा हमला बोला है। जोशी ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, सदन में अगर कोई राहुल गांधी से उनकी जाति पूछ लेता है तो वह इतना तिलमिला जाते हैं और वह देश में जातिगत जनगणना कराने की बात कर रहे हैं। सीपी जोशी ने कहा, यह सत्ता पाने के लिए धर्म के आधार पर देश को बांटने की राजनीति करते आए हैं और जब धर्म के आधार पर सत्ता प्राप्ति के रास्ते बंद हो गए, अब इन्होंने जातिगत बंटवारे को हथियार बनाने का प्रयास किया है। फिर चाहे इसमें देश का कितना ही नुकसान क्यों न हो जाए पर इनको सिर्फ सत्ता का सुख नजर आता है। सीपी जोशी यही नहीं रुके, सीपी जोशी ने एक और सवाल के जवाब पर कहा, राहुल गांधी को ईडी से इतना डर क्यों लगता है? अगर उन्होंने कुछ किया ही नहीं है तो फिर डर किस बात का है, वह बात अलग है कि वह पैरोल पर छूटे हुए हैं तो डर लगना स्वाभाविक है। सीपी जोशी बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह की बैठक लेने के लिए बीजेपी मुख्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा, मदन राठौड़ एक अनुभवी आदमी हैं, जो अपना कार्य अच्छी तरीके से जानते हैं। संगठन उनके नेतृत्व में मजबूत होगा और पूरा राजस्थान प्रदेश इकाई मिलकर मदन राठौड़ का स्वागत करेंगे और उनका हर निर्णय में साथ देंगे। recent visitors 172

विधायक भाटी ने विधानसभा में उठाई आवाज, राजस्थान में विकास और स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार

जयपुर. राजस्थान विधानसभा शिव विधायक रवींद्र भाटी ने कहा कि जिस विधानसभा क्षेत्र का मैं प्रतिनिधित्व करता हूं, वह मूलभूत सुविधाओं जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, बिजली, पानी और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। भाटी ने अपने क्षेत्र के निवासियों की कठिनाइयों को उजागर करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीमा पर 55 डिग्री तापमान में भी हमारे लोग अपने अदम्य साहस और संकल्प के बल पर राष्ट्र प्रथम की भावना को जीवित रखते हैं। आजादी के 77 वर्ष बाद भी वे सड़कों, पानी, बिजली, शिक्षा, रोजगार, संचार और परिवहन जैसी सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने सदन में बताया कि वर्तमान समय में उनके क्षेत्र में कई नामी कंपनियां सोलर प्लांट स्थापित कर रही हैं, लेकिन इसका फायदा स्थानीय लोगों को न तो रोजगार के रूप में मिल रहा है और न ही उत्पादित बिजली का उपयोग करने के रूप में। “आखिर क्या कसूर है उन वाशिंदों का जो प्रकृति के प्रतिकूल थपेड़ों के साथ-साथ सरकारी उदासीनता के थपेड़े भी झेल रहे हैं?” भाटी ने भावुक होकर सवाल उठाया। भाटी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि इन कंपनियों का सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड भी उन स्थानीय लोगों तक नहीं पहुंच रहा, जिनकी भूमि, चारागाह और स्वच्छ वायु इन कंपनियों ने छीन ली है। “सूर्य देवता के प्रचंड ताप और लू के थपेड़ों के बीच हमारे लोग प्यासे हैं, शिक्षा के लिए स्कूल नहीं हैं, और जहां हैं, वहां भी एक-एक अध्यापक के भरोसे चल रहे हैं। चिकित्सा सुविधाओं का हाल और भी बुरा है, बिजली का आना त्योहार की तरह हो गया है, और रोजगार के लिए लोग दक्षिणी भारत की ओर पलायन कर रहे हैं,” उन्होंने कहा। भाटी ने सरकार से विनम्र निवेदन किया कि क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और बाहरी कंपनियों द्वारा संचालित प्लांटों में स्थानीय युवाओं को आवश्यक रूप से रोजगार देने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। “मैं सरकार से अपील करता हूं कि वे हमारे क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से लें और इनका समाधान निकालें ताकि शिव क्षेत्र के लोगों के जीवन में सुधार हो सके,” उन्होंने सदन में कहा। उन्होंने अंत में कहा, “मुझे आशा है कि सरकार मेरी बात को गंभीरता से लेकर शिव क्षेत्र के लोगों के लिए उम्मीद की किरण जगाएगी।” भाटी की इस मांग ने सदन में एक नई बहस को जन्म दिया और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है। recent visitors 193