आदर्श आचार संहिता का पालन व अवकाश घोषित करेंगे कलेक्टर, राजस्थान-नगरीय निकाय उपचुनाव का 9 जनवरी को मतदान

जयपुर। प्रदेश के 9 जिलों के 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर होने वाले उपचुनावों के लिए मतदान दिवस 9 जनवरी 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश के 9 जिलों बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, दौसा, हनुमानगढ़, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर ग्रामीण, सवाई माधोपुर एवं सीकर में 9 नगरीय निकायों के रिक्त पदों पर उप चुनाव माह दिसंबर 2024 एवं जनवरी 2025 में करवाए जा रहे हैं। इन नगरीय निकायों में मतदान 9 जनवरी, 2025 गुरुवार को होगा। अतः मतदान दिवस को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। साथ ही पुनर्मतदान की स्थिति में जहां पुनर्मतदान होगा उस क्षेत्र में पुन‌र्मतदान की तिथि को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए भी संबंधित जिला कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी) को अधिकृत किया गया है। आदेश के अनुसार उपचुनाव वाले क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान चुनाव से संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव समाप्ति तक माननीय मंत्री शासकीय दौरे पर नहीं जाएंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ने या किसी आपात स्थिति के कारण मंत्री यदि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में दौरे पर रहते हैं तो उन्हें इसकी सूचना विभाग के शासन सचिव द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजनी होगी। यदि कोई मंत्री संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर हैं, तो इस दौरान वे किसी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन आदि का प्रयोग वर्जित होगा। साथ ही क्षेत्र के विश्रामगृह, डाक बंगले या अन्य सरकारी आवासों का या इससे संलग्न परिसरों का उपयोग प्रचार कार्यालय के रूप में या चुनाव से संबंधित कोई बैठक करने की दृष्टि से नहीं कर सकेंगे। इन स्थानों को निष्पक्ष तरीके से अन्य दलों या अभ्यर्थियों को भी उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन वे भी उनका चुनाव से संबंधित कार्य में इस्तेमाल नहीं करेंगे। वहीं सरकारी अधिकारी, मंत्रियों के दौरे के समय उनके किसी स्वागत में या प्रोटोकॉल में नहीं जाएंगे‌। यह आदर्श आचार संहिता बोर्ड/निगम के अध्यक्ष जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है, पर भी लागू रहेगी। recent visitors 65

अनियमितता प्रकरणों में समय पर करें गुणवत्ता पूर्वक जांच, राजस्थान-सहकारिता राज्यमंत्री की चेतावनी

जयपुर। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि जिन सहकारी समितियों में अनियमितता सबंधी प्रकरण सामने आए हैं और उनकी जांच सहकारी कानून के तहत धारा 55 या 57 के तहत करवायी जा रही है तो जांच को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। दक ने सोमवार को अपेक्स बैंक सभागार में मुख्यमंत्री कार्यालय एवं सहकारिता मंत्री कार्यालय से प्राप्त विभिन्न शिकायतों के प्रकरणों में विभाग स्तर से की गई कार्यवाही प्रगति की समीक्षा करते हुये कहा कि पत्रों में जो भी शिकायत के बिन्दु हैं, उन पर त्वरित कार्यवाही की जाए तथा लगातार फोलो-अप भी करें ताकि न्यायसंगत कार्यवाही हो सके एवं शिकायत के प्रकरणों में नियमानुसार समयबद्ध राहत को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता से भी संपर्क कर उसका पक्ष सुने एवं रिकार्ड से सत्यापन करके ही जांच रिपोर्ट दें। यदि किसी भी प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा फौरी तौर पर बिना रेकार्ड सत्यापित किये जांच रिपोर्ट दी गई है तो ऐसे अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार श्रीमती मंजू राजपाल ने निर्देश दिये कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद की जा रही है। खरीद केन्द्रों पर खरीद की व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिये प्रतिदिन जिले के इकाई उप-रजिस्ट्रार एवं जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक विजिट करें और जो भी समस्या आ रही है, राजफैड के अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर उसका निराकरण सुनिश्चित करें। श्रीमती राजपाल ने कहा कि कार्मिकों की कार्यालयों में उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिये बायोमीट्रिक उपस्थिति मशीन स्थापित की जायेगी। इसकी शुरूआत सहकार भवन से होगी, उसके बाद इस प्रणाली को सहकारिता विभाग के प्रदेश के सभी कार्यालयों के लिये लागू किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे आमजन को बार-बार सहकारी कार्यालयों में चक्कर नहीं लगाने पडेंगे और उनकी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा। recent visitors 81

विभाग ने दी भावभीनी विदाई, राजस्थान-पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ सेवानिवृत्त

जयपुर। पशुपालन निदेशक डॉ. भवानी सिंह राठौड़ अपने 35 वर्ष 10 महीने की राजकीय सेवा के बाद मंगलवार को सेवानिवृत हो गए। वे डॉ. राठौड़ को विभाग की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। सरल, सहज एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. राठौड़ ने निदेशक के रूप में दो साल विभाग को अपनी सेवाएं दीं। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृति के अवसर पर अपने शुभकामना संदेश में पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि डॉ. राठौड़ ने अपने कार्यकाल के दौरान निष्ठा, परिश्रम और दूरदर्शिता का अनुकरणीय परिचय दिया। उन्होंने नेतृत्व के उच्च मानदंड स्थापित किए और हर व्यक्ति को अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित किया। श्री कुमावत डॉ. राठौड़ को विदाई देने पशुधन भवन पहुंचे। विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि डॉ. भवानी सिंह ने एक कुशल प्रशासक और राज्य सेवा तथा पशु चिकित्सक समुदाय के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व के रूप में काम किया। डॉ. राठौड़ द्वारा विभाग को दी गई सेवाओं के लिए उन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा। डॉ. भवानी सिंह राठौड़ का जन्म बीकानेर जिले में हुआ था। उन्होंने सीकर और बीकानेर जिले में अपनी शिक्षा प्राप्त की। डॉ. राठौड़ ने वर्ष 1989 में बांसवाड़ा जिले के पशु चिकित्सालय तलवाड़ा में प्रभारी अधिकारी के रूप में अपनी सेवा प्रारम्भ की। वर्ष 1996 में सीधी भर्ती से चयनित होकर जिला स्तरीय अधिकारी बने। उन्होंने अतिरिक्त निदेशक उदयपुर, जयपुर, भरतपुर एवं अन्य कई पदों पर रहते हुए विभाग को अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। डॉ. राठौड़ भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के सदस्य भी रहे। अपने सेवा काल दौरान विभिन्न समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य के रूप में पशु चिकित्सा नीति के निर्माण में डॉ. राठौड़ का अमूल्य योगदान रहा। डॉ. राठौड़ की सेवानिवृत्ति के बाद डॉ. आनंद सेजरा को पशुपालन विभाग के निदेशक पद का कार्यभार दिया गया है। recent visitors 72

82 दिनों में 162 परीक्षाओं के होंगे 214 प्रश्न-पत्र, राजस्थान-जनवरी से दिसंबर तक होगी भर्ती परीक्षाएं

जयपुर। नव वर्ष 2025 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा जनवरी से दिसंबर माह तक 162 परीक्षाओं के 214 प्रश्न-पत्रों की परीक्षाओं का आयोजन 82 दिनों में करवाया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रमानुसार हर 5 वें दिन परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ-साथ ही नियमित रूप से साक्षात्कार आयोजन एवं विभिन्न भर्तियों के परिणाम जारी करने का कार्य भी किया जाएगा। आयोग द्वारा घोषित प्रस्तावित भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर निम्नानुसार है— 1. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024    19/01/2025, 2. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024    02/02/2025, 3. लाइब्रेरियन ग्रेड-।। (स्कूल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    16.02.2025, 4. आरओ ग्रेड-द्वितीय, ईओ ग्रेड-चतुर्थ प्रतियोगी परीक्षा-2024—    23.3.2025, 5. एग्रीकल्चर ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024— 20.04.2025 6. पीटीआई एंड लाइब्रेरियन (संस्कृत कॉलेज एजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा-2024    4 से 6 मई 2025, 7. जियोलोजिस्ट (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024,    7.5.2025, 8. असिस्टेंट माइनिंग इंजिनियर (माइंस एंड जियोलोजी डिपार्टमेंट) प्रतियोगी परीक्षा- 2024, 07.05.2025, 9. सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12 से 16 मई 2025 10. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 18/2024-25    12 से 16 मई 2025, 11. पब्लिक रिलेशन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17 /05/ 2025, 12. असिस्टेंट प्रोसेक्यूशन ऑफिसर (मुख्य) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 /06/ 2025, 13. राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (मुख्य) परीक्षा-2024,    17 एवं 18 जून 2025, 14. असिस्टेंट प्रोफेसर (मेडिकल ऐजुकेशन) प्रतियोगी परीक्षा: वि.सं 23/2024-25    23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 15. लेक्चरर एंड कोच- (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 23 जून सेे 6 जुलाई 2025, 16. टेक्निकल असिस्टेंट (जियोफिजिक्स) प्रतियोगी परीक्षा-2024 , 7.07.2025, 17. बायोकेमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7.07.2025, 18. जूनियर केमिस्ट प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025, 19. असिस्टेंट टेस्टिंग ऑफिसर (पीडब्ल्यूडी) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 8.07.2025 20. असिस्टेट डायरेक्टर (साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 9.07.2025, 21. रिसर्च असिस्टेंट (मूल्यांकन विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024,    10.07.2025 22. डिप्टी जेलर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13.07.2025, 23. असिस्टेंट फिशरीज डवलेपमेंट ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 29.07.2025, 24. ग्रुप इंस्ट्रक्टर/सर्वेयर/असिस्टेंट अप्रेंटशिप प्रतियोगी परीक्षा-2024,    29.07.2025, 25. वाइस प्रिंसीपल/सुपरीटेंडेंट आइटीआई प्रतियोगी परीक्षा-2024, 30 जुलाई सेे 1 अगस्त 2025, 26. एनालिस्ट कम प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 17/08/2025, 27. सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 7 से 12 सितंबर 2025, 28.प्रोटेक्शन ऑफिसर प्रतियोगी परीक्षा-2024, 13/09/2025, 29. सहायक अभियंता (प्रारंभिक) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2024, 28/09/2025, 30. सहायक सांख्यिकी अधिकारी (आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 12/10/2025 31. सहायक कृषि अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024, 12 से 19 अक्टूबर 2025, 32. सांख्यिकी अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     33. कृषि अनुसंधान अधिकारी एवं सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी (कृषि विभाग) परीक्षा-2024,     34. सब इंस्पेक्टर (टेलीकॉम) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 09/11/2025, 35. असिस्टेंट प्रोफेसर (कॉलेज शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024, 1 से 12 दिसंबर, 15 से 19 दिसंबर एवं 22 से 24 दिसंबर 2025।                            भर्ती प्रक्रिया सशक्तिकरण की दिशा में आयोग के नवाचार— दोहरे आवेदन एवं डमी कैंडिडेट पर लगेगी आधार सत्यापन से लगाम— राजस्थान लोकसेवा आयोग को राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग से भी अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की अनुमति प्राप्त हो गई है। 27 नवंबर 2024 को जारी की गई अधिसूचना अनुसार आयोग अभ्यर्थियों के द्वारा किए जाने वाले दोहरे आवेदनों की छंटनी, अभ्यर्थियों के सत्यापन, जालसाजी एवं डमी कैंडिडेट की रोकथाम के लिए आधार सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर सकेगा। इससे पूर्व माह सितंबर 2024 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा भी आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की अनुमति आयोग को प्राप्त हो गई थी। भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों यथा- ऑनलाइन आवेदन जांच, साक्षात्कार, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा व नियुक्ति में अभ्यर्थी की पहचान का सत्यापन इसके माध्यम से किया जा सकेगा। गत् समय के दौरान सामने आए डमी अभ्यर्थियों के प्रकरणों को देखते हुए आधार बायोमैट्रिक सत्यापन आयोग की विश्वसनीयता तथा कार्य प्रणाली में मील का पत्थर सिद्ध होगा। प्रवेश-पत्र पर आयोग का वॉटर मार्क, हस्तलेख नमूना, अंगूठा निशानी व क्यूआर कोड भर्ती परीक्षाओं के शुचिता पूर्ण आयोजन एवं डमी अभ्यर्थियों की संभावना को रोकने के लिए आयोग द्वारा अभ्यर्थियों के हस्तलेख का नमूना भी अटेंडेंस शीट पर लिया जाना शुरू किया गया है। इसी प्रकार अटेंडेंस शीट पर अभ्यर्थी की स्पष्ट व बड़ी फोटो प्रिंट की जा रही है ताकि परीक्षा केन्द्र पर वीक्षकों द्वारा अभ्यर्थी की पहचान पूर्णतः सुनिश्चित करते हुए डमी अभ्यर्थियों को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा एडमिट कार्ड टेम्परिंग की संभावनाओं को रोकने के लिए क्यूआर कोड का भी प्रावधान किया गया है। इस क्यूआर कोड को स्केन करते ही अभ्यर्थी की जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है। आयोग द्वारा जारी प्रवेश-पत्र के साथ अटेंडेंस शीट भी संलग्न होती है। इस शीट को परीक्षा केंद्र पर वीक्षक अभ्यर्थी की पहचान कर स्वयं के, केंद्राधीक्षक एवं अभ्यर्थी के हस्ताक्षर करवाकर प्रवेश-पत्र से अलग कर केन्द्र पर जमा करते हैं। परीक्षा संपन्न होने के उपरांत यह अटेंडेंस शीट परीक्षा सामग्री के साथ आयोग को भेजी जाती है।  जालसाजी पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षाओं में जालसाजी व फोटों टेंपरिंग कर आवेदन करने वाले व्यक्तियों पर लगाम के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब वन टाइम रजिस्ट्रेशन के दौरान वेब केम के माध्यम से आवेदक की लाइव फोटो कैप्चर की जा रही है। आयोग की इस कार्यवाही से डमी अभ्यर्थियों पर लगाम के साथ ही आवेदन के दौरान गलत फोटों अपलोड होने का बहाना देने वाले अभ्यर्थियों की भी प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो सकेगी। संशय की स्थिति में आयोग द्वारा परीक्षा दौरान की गई वीडियोग्राफी में उपस्थित अभ्यर्थी का मिलान ओटीआर में कैप्चर की गई फोटो से किया जा सकेगा। आयोग इस हेतु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल करेगा। वीडियोग्राफी:- अभ्यर्थी की उपस्थिति का प्रमाण, की जा रही मूल/डमी अभ्यर्थी की पहचान— राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा भर्ती परीक्षा दौरान सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करते हुए परीक्षा के लिए निर्धारित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी की वीडियोग्राफी करवाई जाती है। इसके लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए निर्धारित किए गए समय के पश्चात् 10 मिनट के भीतर ही परीक्षा कक्ष में अपने स्थान को ग्रहण करने का समय दिया जाता है। 10 मिनट के बाद पूरे परीक्षा केंद्र में प्रत्येक कक्ष में आवंटित स्थान पर बैठे हुए प्रत्येक अभ्यर्थी एवं अनुपस्थित रहे अभ्यर्थियों के रिक्त स्थानों की रोल नंबर … Read more

‘महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार’, राजस्थान-“सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला” में पहुंचे राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सोमवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित "सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला 2024" में पहुंचे। उन्होंने इस दौरान वहां देशभर से आए महिला स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि यह मेला "एक भारत श्रेष्ठ भारत" का अनुपम उदाहरण है। राज्यपाल श्री बागडे ने मेले में लगे विभिन्न राज्यों के महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद स्टॉल का अवलोकन किया। राज्यपाल ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह राष्ट्र के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। महिला सशक्तिकरण के लिए इस तरह के मेलों को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिला समूहों के उत्पादों को बड़े स्तर पर बाजार मिलता है। उन्होंने वहां प्रदर्शित भारत के विभिन्न प्रांतों के हस्तशिल्प, कारीगरी, वस्त्र उत्पादों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। राज्यपाल को राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) के श्री भास्कर सांवत ने उनकी अगवानी की। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने विभिन्न स्टॉल और उत्पादों के बारे में बताया। recent visitors 177

किसानों को 3,62,451 क्विंटल बीज का किया वितरण, राजस्थान-स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन अध्यक्ष ने ली बैठक

जयपुर। राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल ने कहा कि प्रदेश में अच्छी पैदावार के लिए उच्च गुणवता एवं उन्नत किस्म का बीज जरूरी है। उन्होनें कहा कि निगम इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, जिससे फसलों की उपज के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृृद्धि हो सके। राजन विशाल की अध्यक्षता में सोमवार को दुर्गापुरा स्थित श्याम ऑडिटोरियम में राजस्थान स्टेट सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड की 46वीं वार्षिक साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उन्होनें बताया कि किसानों को  उच्च गुणवतायुक्त बीज उपलब्ध कराने हेतु वर्ष 2015 से खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का जी.ओ.टी. परीक्षण करवाया जा रहा है। इस प्रक्रिया को निरन्तर रखते हुए, वर्ष 2020-21 से रबी फसलों के प्रमाणित बीजों का भी जी.ओ.टी. करवाया जा रहा है। जी.ओ.टी. परीक्षण करवाने से बीजों की आनुवांशिक गुणवता सुनिश्चित हो रही है। राजसीड्स देश की प्रथम संस्था है जो प्रमाणित बीज की जी.ओ.टी. कराकर ही किसानों को बीज उपलब्ध कराती है। उन्होनें बताया कि वर्ष 2023-24 में 3 लाख 69 हजार क्विंटल प्रमाणित एवं सत्य चिन्हित बीज उत्पादन किया गया है। 2024-25 में खरीफ व रबी फसलों में प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत 46 हजार 306 हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की गई है, जिसमें 7.34 लाख क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन संभावित है। जायद 2024 में संकर बाजरा बीजोत्पादन कार्यक्रम अन्तर्गत बीसलपुर बांध क्षेत्र में 483 क्विंटल रॉ-बीज का उत्पादन हुआ है। राजन विशाल ने कहा कि रबी 2023-24 में उत्पादित गेंहू व जौ प्रमाणित व आधार बीज उत्पादन पर देय प्रीमियम राशि में रबी 2022-23 की तुलना में वृृद्धि कर दोनों ही फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन 10 वर्ष तक अधिसूचित किस्मों हेतु 225 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल एवं 10 वर्ष से अधिक अधिसूचित किस्मों हेतु 175 रूपये प्रति क्विंटल से बढाकर 350 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसके कारण रबी 2024-25 में गत वर्ष से लगभग गेंहू में 26 प्रतिशत एवं जौ में 36 प्रतिशत बुवाई क्षेत्र में वृृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, साथ ही छोटी जोत के कृषकों को भी जोडने का कार्य निगम कर रहा है। राजस्थान ऑर्गेनिक फार्मिंग बोर्ड का गठन किया गया है, जो किसानों की ऑर्गेनिक पैदावार को उचित मूल्य दिलवाने व ऑर्गेनिक उत्पादों के विपणन में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि निगम के विधायन केन्द्रों के अधिकाधिक उपयोग के लिए सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से बीज उत्पादक कृषकों से ज्यादा उत्पादन करवाया जायेगा, साथ ही प्रतिबद्ध विक्रेताओं के माध्यम से राजस्थान के सुदूर क्षेत्र के किसानों को भी उन्नत एवं गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध करवाया जायेगा तथा केवीएसएस एवं जीएसएस पर कैम्प ऑफिस स्थापित कर बीज उत्पादक कृषकों से बीज कलेक्शन प्रायोगिक तौर पर करने के निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहा कि राजसीड्स द्वारा खरीफ 2024 में 1 लाख 46 हजार 95 क्विटंल एवं रबी 2024-25 में 2 लाख 16 हजार 356 क्विंटल, इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कुल 3 लाख 62 हजार 451 क्विंटल बीज का वितरण किया गया है। प्रमाणित बीज की उपलब्धता को आम कृषक तक पहुंचाने के लिए बीज वितरण मुख्यतः ग्राम सेवा सहकारी समितियों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के माध्यम से कराया गया है। उन्होनें बताया कि वर्तमान में निगम की 22 इकाईयां एवं 5 बीज विस्तार केन्द्र है। जिनकी कुल भण्डार क्षमता 10 लाख 21 हजार एवं कुल विधायन क्षमता 12.60 लाख क्विंटल है। वर्ष 2023-24 में निगम का सकल कारोबार 23,405.01 लाख रूपये रहा है तथा कर कटौती के पश्चात निगम का लाभ 1606.49 लाख रूपये है।अध्यक्ष ने कहा कि निगम निष्ठा, समर्पण एवं कठिन परिश्रम से बीजों की गुणवता में सुधार करने का प्रयास कर रहा है। निगम सभी बीज उत्पादक बंधुओं का आभारी है, जिन्होनें अधिकाधिक उत्तम गुणवता का बीज उत्पादन कर निगम की प्रगति में सहयोग दिया है। बैठक में आयुक्त उद्यानिकी श्री सुरेश कुमार ओला, राजस्थान स्टेड सीड्स कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक श्रीमती निमिषा गुप्ता, महाप्रबंधक श्री रामलाल मीणा, निगम के निदेशक श्री फतेह सिंह गुर्जर, कैलाश चंद चौधरी, निगम के अंशधारक कृषक एवं निगम के अधिकारीगण मौजूद रहे। recent visitors 130

पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को दी श्रद्धांजलि, राजस्थान-केंद्रीय कृषि मंत्री पहुंचे सिरसा-हरियाणा

जयपुर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने सोमवार को हरियाणा के डबवाली, सिरसा स्थित पैतृक गांव चौटाला पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं इनेलो सुप्रीमो स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला को श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में सम्मिलित होकर केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने शोक संतप्त परिवारजनों एवं समर्थकों से मुलाकात कर उन्हें संबल प्रदान किया। चौटाला का जीवन सेवा और संघर्ष का प्रतीक स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के योगदान को याद करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला का जीवन किसानों, मजदूरों, गांव और गरीबों के हितों के लिए संघर्ष और सेवा का प्रतीक था। उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए अतुलनीय कार्य किए। उनका योगदान देश और समाज में सदैव स्मरणीय रहेगा। परिजनों से मुलाकात केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने स्व. ओमप्रकाश चौटाला के परिजनों से मुलाकात की और दुःख की इस घड़ी में उनको संबल दिया। उन्होंने स्वर्गीय चौटाला के पुत्रों अजय सिंह, अभय सिंह, तथा पोते पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की। विजिटर बुक में व्यक्त किए विचार केंद्रीय मंत्री श्री भागीरथ चौधरी ने चौटाला परिवार के निवास पर विजिटर बुक में स्वर्गीय ओमप्रकाश चौटाला के योगदान को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने लिखा कि स्वर्गीय चौटाला ने अपने जीवनकाल में जो कार्य किए, वे पीढ़ियों तक लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने रहेंगे। recent visitors 61