प्रदेश में गैंगस्टर ‘लॉरेंस बिश्नोई’ कि बड़ी डिमांड, लोगों ने ‘सलमान-शाहरुख’ को लिया हल्के में, समझें पूरा माजरा
There is a huge demand for gangster ‘Lawrence Bishnoi’ in the state, people took ‘Salman-Shahrukh’ lightly, understand the whole matter सतना। चित्रकूट में गधों का मेला लगा हुआ है। इस मेले में आने वाले गधे और खच्चर के नाम फिल्मी सितारों के नाम पर होते हैं। इस बार मेले में गैंगस्टर लॉरेंस नाम का गधा आया था, जिसकी कीमत सबसे अधिक है। चित्रकूट की मंदाकिनी नदी के किनारे हजारों की संख्या में गधों और खच्चरों का मेला लगा है। जिसकी व्यवस्था सतना जिले के नगर परिषद चित्रकूट द्वारा की जाती है। मेले में देश के कोने-कोने से गधा व्यापारी अपने पशुओं के साथ आए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस मेले में फिल्मी सितारों के नाम से गधों और खच्चरों को खरीदा और बेचा जाता है। इनके नाम शाहरुख, सलमान, कैटरीना, माधुरी होते हैं। गधों के बाजार में इस बार गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई नाम का खच्चर आया है। सबसे महंगा बिका लॉरेंस तीन दिन तक चलने वाले मेले में हर साल करोड़ों रुपए का व्यापार होता है। इस बोली सलमान, शाहरुख 80-85 हजार में बिके वहीं ‘लॉरेंस’ की कीमत 1.25 लाख रुपए लगाई गई है। औरंगजेब ने की थी शुरु आत मुगल शासक औरंगजेब के समय से चले आ रहे गधा बाजार की यह परंपरा काफी पुरानी है। इस मेले की शुरुआत मुगल शासक औरंगजेब द्वारा की गई थी। औरंगजेब द्वारा चित्रकूट के इसी मेले से अपनी सेना के बेड़े में गधों और खच्चरों को शामिल किया गया था। इसलिए इस मेले का ऐतिहासिक महत्व है।अब सुविधाओं का टोटा हालांकि, सुविधाओं के अभाव में यह ऐतिहासिक मेला आज अपना अस्तित्व खोता हुआ नजर आ रहा है। नदी के किनारे गंदगी के बीच लगने वाले इस मेले में व्यापारियों को न तो पीने का स्वच्छ पानी मिल रहा और न ही धूप से बचने के लिए कोई व्यवस्था है। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि तीन दिन चलने वाले इस मेले में सुरक्षा के नाम पर होमगार्ड तक नहीं लगाए जाते। व्यापारियों के जानवर बिकें या न बिकें, ठेकेदार उनसे पैसे वसूलते हैं। धीरे-धीरे व्यापारियों का इस मेले में आना कम होता जा रहा है। recent visitors 150